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Sura23
كهيعصطه
पद118

Section IVThe application · continuation

The All-Benevolent and His obedient ones

  1. 19
  2. 20
  3. 21
  4. 22
  5. 23
  6. 24
  7. 25

Read the section from its beginning: sura 19

23:1

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। विश्वास करने वाले सफल हो गए,

بِسْمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحْمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ قَدْ أَفْلَحَ اَ۬لْمُؤْمِنُونَۖ

23:2

जो अपने संपर्क में विनीत हैं,

اَ۬لذِينَ هُمْ فِے صَلَاتِهِمْ خَٰشِعُونَۖ

23:3

और जो तुच्छ बातों से कतराते हैं,

وَالذِينَ هُمْ عَنِ اِ۬للَّغْوِ مُعْرِضُونَۖ

23:4

और जो शुद्ध उदारता देते हैं,

وَالذِينَ هُمْ لِلزَّكَوٰةِ فَٰعِلُونَۖ

23:5–6

और जो अपने शील की रक्षा करते हैं, अपने जोड़ीदारों या शपथ से बँधे हुओं को छोड़कर — तब वे दोषारोपित नहीं हैं;

وَالذِينَ هُمْ لِفُرُوجِهِمْ حَٰفِظُونَ إِلَّا عَلَىٰ أَزْوَٰجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَٰنُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَۖ

जो कोई इससे परे कुछ खोजता है, वही सीमाएँ पार करने वाले हैं।

فَمَنِ اِ۪بْتَغَىٰ وَرَآءَ ذَٰلِكَ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ اُ۬لْعَادُونَۖ

23:8

और जो अपनी धरोहरों और अपनी संधि के प्रति सजग हैं,

وَالذِينَ هُمْ لِأَمَٰنَٰتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَٰعُونَۖ

23:9–11

और जो अपने संपर्कों की निरंतर रक्षा करते हैं — वही विरासत पाने वाले हैं, जो फ़िरदौस की विरासत पाएँगे,

وَالذِينَ هُمْ عَلَىٰ صَلَوَٰتِهِمْ يُحَافِظُونَ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ اُ۬لْوَٰرِثُونَ اَ۬لذِينَ يَرِثُونَ اَ۬لْفِرْدَوْسَۖ

उसमें सदा रहते हुए।

هُمْ فِيهَا خَٰلِدُونَۖ

23:12

हमने निश्चय ही मनुष्य को चिकनी मिट्टी के एक सार से रचा,

وَلَقَدْ خَلَقْنَا اَ۬لْإِنسَٰنَ مِن سُلَٰلَةٖ مِّن طِينٖۖ

23:13

फिर हमने उसे एक सुरक्षित और स्थिर स्थान में एक बूँद बनाया,

ثُمَّ جَعَلْنَٰهُ نُطْفَةٗ فِے قَرَارٖ مَّكِينٖۖ

23:14

फिर हमने बूँद से एक चिपकाव रचा, फिर चिपकाव से एक भ्रूण रचा, फिर भ्रूण से हड्डियाँ रचीं, फिर हड्डियों को मांस पहनाया, फिर हमने उसे एक भिन्न रचना के रूप में उत्पन्न किया।

ثُمَّ خَلَقْنَا اَ۬لنُّطْفَةَ عَلَقَةٗ فَخَلَقْنَا اَ۬لْعَلَقَةَ مُضْغَةٗ فَخَلَقْنَا اَ۬لْمُضْغَةَ عِظَٰماٗ فَكَسَوْنَا اَ۬لْعِظَٰمَ لَحْماٗ ثُمَّ أَنشَأْنَٰهُ خَلْقاً ءَاخَرَۖ

23:14

आशीषमय है ईश्वर, रचने वालों में सबसे सुंदर!

فَتَبَٰرَكَ اَ۬للَّهُ أَحْسَنُ اُ۬لْخَٰلِقِينَۖ

फिर, इसके बाद, तुम अवश्य मरने वाले हो,

ثُمَّ إِنَّكُم بَعْدَ ذَٰلِكَ لَمَيِّتُونَۖ

23:16

फिर पेशी के दिन तुम निश्चय ही उठाए जाओगे।

ثُمَّ إِنَّكُمْ يَوْمَ اَ۬لْقِيَٰمَةِ تُبْعَثُونَۖ

हमने निश्चय ही तुम्हारे ऊपर सात रास्ते रचे,

وَلَقَدْ خَلَقْنَا فَوْقَكُمْ سَبْعَ طَرَآئِقَۖ

और हम रचना से कभी लापरवाह नहीं रहे।

وَمَا كُنَّا عَنِ اِ۬لْخَلْقِ غَٰفِلِينَۖ

23:18

और हमने आकाश से एक माप के अनुसार पानी उतारा, और उसे धरती में बसाया —

وَأَنزَلْنَا مِنَ اَ۬لسَّمَآءِ مَآءَۢ بِقَدَرٖ فَأَسْكَنَّٰهُ فِے اِ۬لْأَرْضِۖ

23:18

और हम अवश्य उसे हटा देने में सामर्थ्यवान हैं।

وَإِنَّا عَلَىٰ ذَهَابِۢ بِهِۦ لَقَٰدِرُونَۖ

23:19–20

इस प्रकार हमने उसके द्वारा तुम्हारे लिए खजूरों और अंगूरों के उद्यान उत्पन्न किए, जिनमें तुम्हारे लिए प्रचुर स्वाद हैं और जिनसे तुम खाते हो, और एक पेड़ जो सिनाई पर्वत से निकलता है, जो तेल और खाने वालों के लिए एक मसाले के साथ उगता है।

فَأَنشَأْنَا لَكُم بِهِۦ جَنَّٰتٖ مِّن نَّخِيلٖ وَأَعْنَٰبٖ لَّكُمْ فِيهَا فَوَٰكِهُ كَثِيرَةٞ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ وَشَجَرَةٗ تَخْرُجُ مِن طُورِ سِينَآءَ تَنۢبُتُ بِالدُّهْنِ وَصِبْغٖ لِّلْأٓكِلِينَۖ

और पशुधन में तुम्हारे लिए अवश्य एक सीख है:

وَإِنَّ لَكُمْ فِے اِ۬لْأَنْعَٰمِ لَعِبْرَةٗۖ

23:21

हम तुम्हें वह पिलाते हैं जो उनके पेटों में है,

نَّسْقِيكُم مِّمَّا فِے بُطُونِهَاۖ

और उनमें तुम्हारे लिए बहुत-से लाभ हैं, और तुम उनमें से खाते हो, और उन पर तथा जलयानों पर तुम ढोए जाते हो।

وَلَكُمْ فِيهَا مَنَٰفِعُ كَثِيرَةٞ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ وَعَلَيْهَا وَعَلَى اَ۬لْفُلْكِ تُحْمَلُونَۖ

23:23

हमने निश्चय ही नूह को उसकी क़ौम की ओर भेजा, और उसने कहा: “हे मेरी क़ौम! ईश्वर की आज्ञा का पालन करो: उसके सिवा तुम्हारे लिए कोई और देवता नहीं।

وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا نُوحاً إِلَىٰ قَوْمِهِۦ فَقَالَ يَٰقَوْمِ اِ۟عْبُدُواْ اُ۬للَّهَ مَا لَكُم مِّنْ إِلَٰهٍ غَيْرُهُۥۖ

तो क्या तुम सावधान नहीं रहते?”

أَفَلَا تَتَّقُونَۖ

23:24–25

तब उसकी क़ौम के उस दरबार ने, जो नकारता था, कहा: “यह तो बस तुम्हारे जैसा एक मानव है, जो तुम पर अपनी श्रेष्ठता पाना चाहता है; यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती तो वह अभिकर्ताओं को उतार देता; हमने यह अपने पहले पूर्वजों में नहीं सुना। वह तो बस एक ऐसा पुरुष है जो विक्षिप्तता से ग्रस्त है — तो कुछ समय तक उसके विषय में प्रतीक्षा में रहो।”

۞ فَقَالَ اَ۬لْمَلَؤُاْ اُ۬لذِينَ كَفَرُواْ مِن قَوْمِهِۦ مَا هَٰذَا إِلَّا بَشَرٞ مِّثْلُكُمْ يُرِيدُ أَنْ يَّتَفَضَّلَ عَلَيْكُمْ وَلَوْ شَآءَ اَ۬للَّهُ لَأَنزَلَ مَلَٰٓئِكَةٗ مَّا سَمِعْنَا بِهَٰذَا فِے ءَابَآئِنَا اَ۬لْأَوَّلِينَ إِنْ هُوَ إِلَّا رَجُلُۢ بِهِۦ جِنَّةٞ فَتَرَبَّصُواْ بِهِۦ حَتَّىٰ حِينٖۖ

23:26

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, आप मेरी सहायता कीजिए, क्योंकि उन्होंने मुझे झुठलाया है।”

قَالَ رَبِّ اِ۟نصُرْنِے بِمَا كَذَّبُونِۖ

तब हमने उस पर प्रकट किया: “हमारी आँखों के सामने और हमारे प्रकटीकरण के अनुसार जलयान बनाओ।

فَأَوْحَيْنَا إِلَيْهِ أَنِ اِ۪صْنَعِ اِ۬لْفُلْكَ بِأَعْيُنِنَا وَوَحْيِنَاۖ

23:27

फिर जब हमारा आदेश आ जाए और चूल्हा उबल पड़े, तो उसमें हर चीज़ में से एक जोड़े के दो तत्त्व सवार कर लो, और अपने परिवार को भी, उनमें से उसके सिवा जिस पर पहले का कथन भारी पड़ चुका है;

فَإِذَا جَا أَمْرُنَا وَفَارَ اَ۬لتَّنُّورُ فَاسْلُكْ فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجَيْنِ اِ۪ثْنَيْنِ وَأَهْلَكَ إِلَّا مَن سَبَقَ عَلَيْهِ اِ۬لْقَوْلُ مِنْهُمْۖ

और जिन्होंने अन्याय किया है उनके विषय में मुझे संबोधित मत करो, क्योंकि वे डुबो दिए जाएँगे।

وَلَا تُخَٰطِبْنِے فِے اِ۬لذِينَ ظَلَمُواْ إِنَّهُم مُّغْرَقُونَۖ

और जब तुम और जो तुम्हारे साथ हैं जलयान में स्थिर हो जाओ, तो कहो: ‘प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जिसने हमें अन्यायियों की क़ौम से उबारा।’

فَإِذَا اَ۪سْتَوَيْتَ أَنتَ وَمَن مَّعَكَ عَلَى اَ۬لْفُلْكِ فَقُلِ اِ۬لْحَمْدُ لِلهِ اِ۬لذِے نَجَّيٰنَا مِنَ اَ۬لْقَوْمِ اِ۬لظَّٰلِمِينَۖ

23:29

और कहो: ‘मेरे अभिभावक, आप मुझे एक आशीषित आतिथ्य-स्थान में उतारिए, क्योंकि आप मेज़बानों में सबसे बेहतर हैं।’”

وَقُل رَّبِّ أَنزِلْنِے مُنزَلاٗ مُّبَٰرَكاٗ وَأَنتَ خَيْرُ اُ۬لْمُنزِلِينَۖ

23:30

इसमें अवश्य संकेत हैं,

إِنَّ فِے ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖۖ

23:30

और हम अवश्य परखने वाले थे।

وَإِن كُنَّا لَمُبْتَلِينَۖ

फिर हमने उनके बाद एक और पीढ़ी उत्पन्न की, और उनके बीच उन्हीं में से एक संदेशवाहक भेजा: “ईश्वर की आज्ञा का पालन करो: उसके सिवा तुम्हारे लिए कोई और देवता नहीं।

ثُمَّ أَنشَأْنَا مِنۢ بَعْدِهِمْ قَرْناً ءَاخَرِينَ فَأَرْسَلْنَا فِيهِمْ رَسُولاٗ مِّنْهُمْ أَنُ اُ۟عْبُدُواْ اُ۬للَّهَ مَا لَكُم مِّنْ إِلَٰهٍ غَيْرُهُۥۖ

तो क्या तुम सावधान नहीं रहते?”

أَفَلَا تَتَّقُونَۖ

23:33–38

और उसकी क़ौम के उस दरबार ने, जिसने नकारा और अंतिम जीवन के मिलन को झुठलाया, और जिसे हमने निकट जीवन में ऐश्वर्य दिया था, कहा: “यह तो बस तुम्हारे जैसा एक मानव है, जो उसमें से खाता है जिसमें से तुम खाते हो और उसमें से पीता है जिसमें से तुम पीते हो; और यदि तुम अपने जैसे एक मानव की बात मानोगे, तो तब तुम अवश्य घाटा उठाने वाले होगे। क्या वह तुमसे वादा करता है कि जब तुम मर जाओगे और मिट्टी और हड्डियाँ बन जाओगे, तब तुम निकाले जाओगे? दूर, बहुत दूर, वह जिसका तुमसे वादा किया जा रहा है! हमारे निकट जीवन के सिवा कुछ नहीं, हम मरते हैं और हम जीते हैं, और हम उठाए नहीं जाएँगे! वह तो बस एक ऐसा पुरुष है जिसने ईश्वर पर झूठ गढ़ा है, और हम उस पर भरोसा नहीं करेंगे।”

وَقَالَ اَ۬لْمَلَأُ مِن قَوْمِهِ اِ۬لذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِلِقَآءِ اِ۬لْأٓخِرَةِ وَأَتْرَفْنَٰهُمْ فِے اِ۬لْحَيَوٰةِ اِ۬لدُّنْيَا مَا هَٰذَا إِلَّا بَشَرٞ مِّثْلُكُمْ يَأْكُلُ مِمَّا تَأْكُلُونَ مِنْهُ وَيَشْرَبُ مِمَّا تَشْرَبُونَ وَلَئِنْ أَطَعْتُم بَشَراٗ مِّثْلَكُمْ إِنَّكُمْ إِذاٗ لَّخَٰسِرُونَ أَيَعِدُكُمْ أَنَّكُمْ إِذَا مِتُّمْ وَكُنتُمْ تُرَاباٗ وَعِظَٰماً أَنَّكُم مُّخْرَجُونَ هَيْهَاتَ هَيْهَاتَ لِمَا تُوعَدُونَ إِنْ هِيَ إِلَّا حَيَاتُنَا اَ۬لدُّنْيَا نَمُوتُ وَنَحْيَا وَمَا نَحْنُ بِمَبْعُوثِينَ إِنْ هُوَ إِلَّا رَجُلٌ اِ۪فْتَرَىٰ عَلَى اَ۬للَّهِ كَذِباٗ وَمَا نَحْنُ لَهُۥ بِمُؤْمِنِينَۖ

23:39

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, आप मेरी सहायता कीजिए, क्योंकि उन्होंने मुझे झुठलाया है।”

۞ قَالَ رَبِّ اِ۟نصُرْنِے بِمَا كَذَّبُونِۖ

23:40

उसने कहा: “थोड़ी ही देर और, और वे अवश्य पछतावे से भरे होंगे।”

قَالَ عَمَّا قَلِيلٖ لَّيُصْبِحُنَّ نَٰدِمِينَۖ

तब पूर्ण सत्य के साथ चीख़ ने उन्हें पकड़ लिया, और हमने उन्हें तिनके बना दिया।

فَأَخَذَتْهُمُ اُ۬لصَّيْحَةُ بِالْحَقِّ فَجَعَلْنَٰهُمْ غُثَآءٗۖ

तो दूर हो अन्यायियों की क़ौम!

فَبُعْداٗ لِّلْقَوْمِ اِ۬لظَّٰلِمِينَۖ

23:42

फिर हमने उनके बाद दूसरी पीढ़ियाँ उत्पन्न कीं।

ثُمَّ أَنشَأْنَا مِنۢ بَعْدِهِمْ قُرُوناً ءَاخَرِينَۖ

23:43

कोई समुदाय न अपनी अवधि से आगे निकलता है, न उसे पीछे करता है।

مَا تَسْبِقُ مِنْ أُمَّةٍ أَجَلَهَا وَمَا يَسْتَٰٔخِرُونَۖ

23:44

फिर हमने अपने संदेशवाहक भेजे, एक के बाद एक।

ثُمَّ أَرْسَلْنَا رُسُلَنَا تَتْرَاۖ

23:44

जब-जब कोई संदेशवाहक किसी समुदाय के पास आया, उसने उसे झुठलाया;

كُلَّ مَا جَآءَ ا۟مَّةٗ رَّسُولُهَا كَذَّبُوهُۖ

23:44

तो हमने उन्हें एक-दूसरे के पीछे चलाया, और हमने उन्हें चर्चा के विषय बना दिया।

فَأَتْبَعْنَا بَعْضَهُم بَعْضاٗ وَجَعَلْنَٰهُمْ أَحَادِيثَۖ

23:44

तो दूर हो एक क़ौम जो विश्वास नहीं करती!

فَبُعْداٗ لِّقَوْمٖ لَّا يُؤْمِنُونَۖ

23:45–46

फिर हमने मूसा और उसके भाई हारून को, हमारे संकेतों और एक स्पष्ट अधिकार के साथ, फ़िरऔन और उसके दरबार की ओर भेजा; पर वे घमंड से फूल गए और एक उद्धत क़ौम हो गए,

ثُمَّ أَرْسَلْنَا مُوسَىٰ وَأَخَاهُ هَٰرُونَ بِـَٔايَٰتِنَا وَسُلْطَٰنٖ مُّبِينٍ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ وَمَلَإِيْهِۦ فَاسْتَكْبَرُواْ وَكَانُواْ قَوْماً عَالِينَۖ

23:47

और उन्होंने कहा: “क्या हम अपने जैसे दो मानवों पर भरोसा करें, जबकि उनकी क़ौम हमारी आज्ञा का पालन करती है?”

فَقَالُواْ أَنُؤْمِنُ لِبَشَرَيْنِ مِثْلِنَا وَقَوْمُهُمَا لَنَا عَٰبِدُونَۖ

उन्होंने उन्हें झुठलाया, और इस प्रकार वे नष्ट किए जाने वालों में से हो गए।

فَكَذَّبُوهُمَا فَكَانُواْ مِنَ اَ۬لْمُهْلَكِينَۖ

23:49

हमने निश्चय ही मूसा को ग्रंथ दिया, शायद वे मार्गदर्शन पा जाएँ।

وَلَقَدْ ءَاتَيْنَا مُوسَى اَ۬لْكِتَٰبَ لَعَلَّهُمْ يَهْتَدُونَۖ

23:50

और हमने मरयम के पुत्र और उसकी माता को एक संकेत बनाया,

وَجَعَلْنَا اَ۪بْنَ مَرْيَمَ وَأُمَّهُۥ ءَايَةٗۖ

23:50

और हमने उन्हें एक ऐसी ऊँचाई पर शरण दी जो स्थिरता और सोते के पानी वाली थी।

وَءَاوَيْنَٰهُمَا إِلَىٰ رُبْوَةٖ ذَاتِ قَرَارٖ وَمَعِينٖۖ

23:51

हे संदेशवाहको, अच्छी चीज़ें खाओ और एक भला कर्म करो,

يَٰأَيُّهَا اَ۬لرُّسُلُ كُلُواْ مِنَ اَ۬لطَّيِّبَٰتِ وَاعْمَلُواْ صَٰلِحاًۖ

23:51

क्योंकि जो तुम करते हो उसके विषय में मैं सर्वज्ञ हूँ।

إِنِّے بِمَا تَعْمَلُونَ عَلِيمٞۖ

23:52

और तुम्हारा यह समुदाय निश्चय ही एक ही समुदाय है,

وَأَنَّ هَٰذِهِۦ أُمَّتُكُمْ أُمَّةٗ وَٰحِدَةٗۖ

23:52

और मैं तुम्हारा अभिभावक हूँ: तो मेरे प्रति सावधान रहो।

وَأَنَا رَبُّكُمْ فَاتَّقُونِۖ

23:53

पर उन्होंने अपना मामला आपस में बाँट दिया, टुकड़े-टुकड़े करके,

فَتَقَطَّعُواْ أَمْرَهُم بَيْنَهُمْ زُبُراٗۖ

23:53

हर दल उससे हर्षित होकर जो उसके पास है।

كُلُّ حِزْبِۢ بِمَا لَدَيْهِمْ فَرِحُونَۖ

23:54

तो उन्हें उनके गर्त में छोड़ दो, कुछ समय के लिए।

فَذَرْهُمْ فِے غَمْرَتِهِمْ حَتَّىٰ حِينٍۖ

23:55–56

क्या वे समझते हैं कि उन्हें संपत्ति और पुत्र देकर हम उनके लिए अच्छाई में शीघ्रता कर रहे हैं?

أَيَحْسِبُونَ أَنَّمَا نُمِدُّهُم بِهِۦ مِن مَّالٖ وَبَنِينَ نُسَارِعُ لَهُمْ فِے اِ۬لْخَيْرَٰتِۖ

23:55–56

नहीं, उन्हें इसका आभास नहीं।

بَل لَّا يَشْعُرُونَۖ

23:57–61

जो अपने अभिभावक का भय मानते हुए आशंका से भरे हैं, और जो अपने अभिभावक के संकेतों पर विश्वास करते हैं, और जो अपने अभिभावक के साथ किसी को साझी नहीं ठहराते, और जो देते हैं जो वे देते हैं, उनका मर्म इस कारण काँपता है कि वे अपने अभिभावक की ओर लौटते हैं — वही अच्छाई में शीघ्रता करते हैं,

۞ إِنَّ اَ۬لذِينَ هُم مِّنْ خَشْيَةِ رَبِّهِم مُّشْفِقُونَ وَالذِينَ هُم بِـَٔايَٰتِ رَبِّهِمْ يُؤْمِنُونَ وَالذِينَ هُم بِرَبِّهِمْ لَا يُشْرِكُونَ وَالذِينَ يُؤْتُونَ مَا ءَاتَواْ وَّقُلُوبُهُمْ وَجِلَةٌ أَنَّهُمْ إِلَىٰ رَبِّهِمْ رَٰجِعُونَ أُوْلَٰٓئِكَ يُسَٰرِعُونَ فِے اِ۬لْخَيْرَٰتِۖ

23:57–61

और वही हैं जो उसमें सबसे आगे रहते हैं।

وَهُمْ لَهَا سَٰبِقُونَۖ

23:62

और हम किसी स्व पर केवल उसकी क्षमता ही डालते हैं,

وَلَا نُكَلِّفُ نَفْساً إِلَّا وُسْعَهَاۖ

23:62

और हमारे पास एक बही है जो सत्य का उच्चारण करती है, और उन पर अन्याय नहीं किया जाएगा।

وَلَدَيْنَا كِتَٰبٞ يَنطِقُ بِالْحَقِّ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَۖ

पर इस विषय में उनका मर्म गर्त में है,

بَلْ قُلُوبُهُمْ فِے غَمْرَةٖ مِّنْ هَٰذَاۖ

और इसके अलावा उनके कुछ कर्म हैं

وَلَهُمْ أَعْمَٰلٞ مِّن دُونِ ذَٰلِكَۖ

जिन्हें वे करते रहेंगे —

هُمْ لَهَا عَٰمِلُونَۖ

यहाँ तक कि जब हम उनके ऐश्वर्यशालियों को दंड से पकड़ेंगे: तब देखो, वे व्याकुलता से चीख़ रहे हैं।

حَتَّىٰ إِذَا أَخَذْنَا مُتْرَفِيهِم بِالْعَذَابِ إِذَا هُمْ يَجْـَٔرُونَۖ

आज मत चीख़ो,

لَا تَجْـَٔرُواْ اُ۬لْيَوْمَۖ

क्योंकि हमारी ओर से तुम्हारी सहायता नहीं की जाएगी।

إِنَّكُم مِّنَّا لَا تُنصَرُونَۖ

मेरे संकेत तुम्हें सुनाए जाते थे, और तुम अपनी एड़ियों के बल पीछे हट जाते थे, उनके विषय में घमंड से फूलते हुए,

قَدْ كَانَتْ ءَايَٰتِے تُتْلَىٰ عَلَيْكُمْ فَكُنتُمْ عَلَىٰ أَعْقَٰبِكُمْ تَنكِصُونَ مُسْتَكْبِرِينَ بِهِۦۖ

23:66–67

रात में वार्तालाप करते हुए, तुम अभद्र कथन कहते थे।

سَٰمِراٗ تُهْجِرُونَۖ

क्या उन्होंने उस कथन पर मनन नहीं किया, या उनके पास वह आ गया जो उनके पहले पूर्वजों के पास नहीं आया था?

أَفَلَمْ يَدَّبَّرُواْ اُ۬لْقَوْلَ أَمْ جَآءَهُم مَّا لَمْ يَأْتِ ءَابَآءَهُمُ اُ۬لْأَوَّلِينَۖ

या उन्होंने अपने संदेशवाहक को नहीं पहचाना, यहाँ तक कि वे उसे अमान्य करते हैं?

أَمْ لَمْ يَعْرِفُواْ رَسُولَهُمْ فَهُمْ لَهُۥ مُنكِرُونَۖ

या वे कहते हैं कि वह विक्षिप्तता से ग्रस्त है?

أَمْ يَقُولُونَ بِهِۦ جِنَّةُۢۖ

23:70

नहीं, वह उनके पास सत्य के साथ आया है,

بَلْ جَآءَهُم بِالْحَقِّۖ

23:70

पर उनमें से अधिकतर सत्य से अरुचि रखते हैं।

وَأَكْثَرُهُمْ لِلْحَقِّ كَٰرِهُونَۖ

23:71

और यदि सत्य उनकी भावनाओं का अनुसरण करता, तो आकाशों, धरती और जो उनमें हैं, सब बिगड़ जाते।

وَلَوِ اِ۪تَّبَعَ اَ۬لْحَقُّ أَهْوَآءَهُمْ لَفَسَدَتِ اِ۬لسَّمَٰوَٰتُ وَالْأَرْضُ وَمَن فِيهِنَّۖ

23:71

नहीं, हम उनके पास उनके अपने स्मरण के साथ आए हैं,

بَلْ أَتَيْنَٰهُم بِذِكْرِهِمْۖ

23:71

पर वे अपने स्मरण से कतराते हैं।

فَهُمْ عَن ذِكْرِهِم مُّعْرِضُونَۖ

या तुम उनसे कोई कर माँगते हो?

أَمْ تَسْـَٔلُهُمْ خَرْجاٗۖ

तुम्हारे अभिभावक का कर कहीं बेहतर है,

فَخَرَاجُ رَبِّكَ خَيْرٞۖ

और वह जीविका देने वालों में सबसे बेहतर है।

وَهْوَ خَيْرُ اُ۬لرَّٰزِقِينَۖ

और तुम, तुम अवश्य उन्हें सीधे पथ की ओर बुलाते हो;

وَإِنَّكَ لَتَدْعُوهُمْ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسْتَقِيمٖۖ

पर जो अंतिम जीवन में विश्वास नहीं करते वे अवश्य उस पथ से हट जाते हैं।

وَإِنَّ اَ۬لذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْأٓخِرَةِ عَنِ اِ۬لصِّرَٰطِ لَنَٰكِبُونَۖ

और यदि हम उन पर दया करें और उन्हें उस हानि से राहत दें जो उन्हें पहुँची है, तो वे अपनी मर्यादाहीनता में धँसे रहेंगे, टटोलते हुए।

۞ وَلَوْ رَحِمْنَٰهُمْ وَكَشَفْنَا مَا بِهِم مِّن ضُرّٖ لَّلَجُّواْ فِے طُغْيَٰنِهِمْ يَعْمَهُونَۖ

हमने निश्चय ही उन्हें दंड से पकड़ा, और वे अपने अभिभावक के सामने झुके नहीं, और उन्होंने गिड़गिड़ाया नहीं,

وَلَقَدْ أَخَذْنَٰهُم بِالْعَذَابِ فَمَا اَ۪سْتَكَانُواْ لِرَبِّهِمْ وَمَا يَتَضَرَّعُونَۖ

यहाँ तक कि जब हम उन पर कठोर दंड का एक द्वार खोलेंगे: तब देखो, वे निराश हैं।

حَتَّىٰ إِذَا فَتَحْنَا عَلَيْهِم بَاباٗ ذَا عَذَابٖ شَدِيدٍ إِذَا هُمْ فِيهِ مُبْلِسُونَۖ

और वही है जिसने तुम्हारे लिए श्रवण, दृष्टियाँ और चेतनाएँ उत्पन्न कीं।

وَهْوَ اَ۬لذِے أَنشَأَ لَكُمُ اُ۬لسَّمْعَ وَالْأَبْصَٰرَ وَالْأَفْـِٕدَةَۖ

तुम कितने कम कृतज्ञ हो!

قَلِيلاٗ مَّا تَشْكُرُونَۖ

और वही है जिसने तुम्हें धरती पर बिखेरा, और उसी की ओर तुम इकट्ठा किए जाओगे।

وَهْوَ اَ۬لذِے ذَرَأَكُمْ فِے اِ۬لْأَرْضِ وَإِلَيْهِ تُحْشَرُونَۖ

और वही है जो जीवन देता है और मृत्यु देता है,

وَهْوَ اَ۬لذِے يُحْيِۦ وَيُمِيتُۖ

और रात और दिन की अदला-बदली उसी की है।

وَلَهُ اُ۪خْتِلَٰفُ اُ۬ليْلِ وَالنَّهَارِۖ

तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?

أَفَلَا تَعْقِلُونَۖ

23:81–82

बल्कि उन्होंने वही कहा जो पहले वाले कहते थे; उन्होंने कहा: “जब हम मर जाएँगे और मिट्टी और हड्डियाँ बन जाएँगे, तो क्या हम सचमुच उठाए जाएँगे?

بَلْ قَالُواْ مِثْلَ مَا قَالَ اَ۬لْأَوَّلُونَ قَالُواْ أَٰ۟ذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَاباٗ وَعِظَٰماً إِنَّا لَمَبْعُوثُونَۖ

हमसे और हमारे पूर्वजों से निश्चय ही यह वादा पहले भी किया गया है;

لَقَدْ وُعِدْنَا نَحْنُ وَءَابَآؤُنَا هَٰذَا مِن قَبْلُۖ

ये तो बस प्राचीनों की दंतकथाएँ हैं।”

إِنْ هَٰذَا إِلَّا أَسَٰطِيرُ اُ۬لْأَوَّلِينَۖ

23:84–85

कहो: “धरती और जो उसमें हैं, वे किसके हैं, यदि तुम जानते हो?” वे कहेंगे: “ईश्वर के।”

قُل لِّمَنِ اِ۬لْأَرْضُ وَمَن فِيهَا إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ سَيَقُولُونَ لِلهِۖ

23:84–85

कहो: “तो क्या तुम स्मरण नहीं करते?”

قُلْ أَفَلَا تَذَّكَّرُونَۖ

23:86

कहो: “सात आकाशों का अभिभावक और विशाल भवन का अभिभावक कौन है?”

قُلْ مَن رَّبُّ اُ۬لسَّمَٰوَٰتِ اِ۬لسَّبْعِ وَرَبُّ اُ۬لْعَرْشِ اِ۬لْعَظِيمِۖ

23:87

वे कहेंगे: “ईश्वर का।”

سَيَقُولُونَ لِلهِۖ

23:87

कहो: “तो क्या तुम सावधान नहीं रहते?”

قُلْ أَفَلَا تَتَّقُونَۖ

23:88–89

कहो: “हर चीज़ का सर्वोच्च राजत्व किसके हाथ में है, जो शरण देता है, और जिसके विरुद्ध कोई शरण नहीं पा सकता, यदि तुम जानते हो?” वे कहेंगे: “ईश्वर का।”

قُلْ مَنۢ بِيَدِهِۦ مَلَكُوتُ كُلِّ شَےْءٖ وَهْوَ يُجِيرُ وَلَا يُجَارُ عَلَيْهِ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ سَيَقُولُونَ لِلهِۖ

23:88–89

कहो: “तो फिर तुम भ्रम द्वारा कैसे ठगे जा रहे हो?”

قُلْ فَأَنَّىٰ تُسْحَرُونَۖ

नहीं, हम उनके पास सत्य के साथ आए हैं,

بَلْ أَتَيْنَٰهُم بِالْحَقِّۖ

और वे अवश्य झूठे हैं।

وَإِنَّهُمْ لَكَٰذِبُونَۖ

23:91

ईश्वर ने अपने लिए कोई संतान नहीं बनाई,

مَا اَ۪تَّخَذَ اَ۬للَّهُ مِنْ وَّلَدٖۖ

23:91

और उसके साथ कोई देवता नहीं था —

وَمَا كَانَ مَعَهُۥ مِنْ إِلَٰهٍۖ

23:91

नहीं तो, हर देवता अपनी रची हुई चीज़ के साथ चला जाता, और कुछ दूसरों के ऊपर उठ जाते।

إِذاٗ لَّذَهَبَ كُلُّ إِلَٰهِۢ بِمَا خَلَقَ وَلَعَلَا بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٖۖ

23:91

ईश्वर की महिमा हो, उससे कहीं ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!

سُبْحَٰنَ اَ۬للَّهِ عَمَّا يَصِفُونَۖ

23:92

वह, जो उसे जानता है जो इंद्रियों से परे है और जो साक्ष्य में है,

عَٰلِمُ اُ۬لْغَيْبِ وَالشَّهَٰدَةِۖ

वह उससे बहुत ऊपर है जिसे वे उसका साझी ठहराते हैं।

فَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَۖ

कहो: “मेरे अभिभावक, यदि आप मुझे वह दिखाएँ जिसका उनसे वादा किया जा रहा है, तो, मेरे अभिभावक, मुझे अन्यायियों की क़ौम में मत रखिए।”

۞ قُل رَّبِّ إِمَّا تُرِيَنِّے مَا يُوعَدُونَ رَبِّ فَلَا تَجْعَلْنِے فِے اِ۬لْقَوْمِ اِ۬لظَّٰلِمِينَۖ

और हम अवश्य तुम्हें वह दिखाने में सामर्थ्यवान हैं जिसका हम उनसे वादा करते हैं।

وَإِنَّا عَلَىٰ أَن نُّرِيَكَ مَا نَعِدُهُمْ لَقَٰدِرُونَۖ

23:96

बुराई को उससे हटाओ जो अधिक सुंदर है —

اَ۪دْفَعْ بِالتِے هِيَ أَحْسَنُ اُ۬لسَّيِّئَةَۖ

23:96

जो वे वर्णन करते हैं उसे हम सबसे अच्छी तरह जानते हैं।

نَحْنُ أَعْلَمُ بِمَا يَصِفُونَۖ

23:97–98

और कहो: “मेरे अभिभावक, मैं बहकाने वालों के उकसावों के विरुद्ध स्वयं को आपकी छत्रछाया में रखता हूँ, और मेरे अभिभावक, उनके मेरे पास उपस्थित होने के विरुद्ध भी मैं स्वयं को आपकी छत्रछाया में रखता हूँ।”

وَقُل رَّبِّ أَعُوذُ بِكَ مِنْ هَمَزَٰتِ اِ۬لشَّيَٰطِينِ وَأَعُوذُ بِكَ رَبِّ أَنْ يَّحْضُرُونِۖ

23:99–100

यहाँ तक कि जब उनमें से किसी के पास मृत्यु आती है, तो वह कहता है: “मेरे अभिभावक, मुझे लौटा दीजिए, शायद मैं उसमें जो मैंने छोड़ा है एक भला कर्म कर लूँ।” कदापि नहीं!

حَتَّىٰ إِذَا جَا أَحَدَهُمُ اُ۬لْمَوْتُ قَالَ رَبِّ اِ۪رْجِعُونِ لَعَلِّيَ أَعْمَلُ صَٰلِحاٗ فِيمَا تَرَكْتُ كَلَّاۖ

23:99–100

यह निश्चय ही एक बोल है जो वह कहता है,

إِنَّهَا كَلِمَةٌ هُوَ قَآئِلُهَاۖ

23:99–100

और उनके परे एक अवरोध है, उस दिन तक जब वे उठाए जाएँगे।

وَمِنْ وَّرَآئِهِم بَرْزَخٌ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَۖ

23:101

फिर जब नरसिंगे में फूँका जाएगा, तो उस दिन उनके बीच वंश-संबंध नहीं रहेंगे, और वे एक-दूसरे से पूछताछ नहीं करेंगे।

فَإِذَا نُفِخَ فِے اِ۬لصُّورِ فَلَا أَنسَابَ بَيْنَهُمْ يَوْمَئِذٖ وَلَا يَتَسَآءَلُونَۖ

23:102

जिनके तराज़ू भारी होंगे — वही सफल होने वाले हैं;

فَمَن ثَقُلَتْ مَوَٰزِينُهُۥ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ اُ۬لْمُفْلِحُونَۖ

23:103–104

और जिनके तराज़ू हल्के होंगे — वही हैं जिन्होंने अपने स्व को घाटे में डाल दिया, जहन्नम में सदा रहते हुए; आग उनके चेहरे झुलसा देगी, और वे उसमें मुँह बिगाड़े रहेंगे, होंठ सिकुड़े हुए।

وَمَنْ خَفَّتْ مَوَٰزِينُهُۥ فَأُوْلَٰٓئِكَ اَ۬لذِينَ خَسِرُواْ أَنفُسَهُمْ فِے جَهَنَّمَ خَٰلِدُونَ تَلْفَحُ وُجُوهَهُمُ اُ۬لنَّارُ وَهُمْ فِيهَا كَٰلِحُونَۖ

क्या मेरे संकेत तुम्हें सुनाए नहीं जाते थे, और तुम उन्हें झुठलाते थे?

أَلَمْ تَكُنْ ءَايَٰتِے تُتْلَىٰ عَلَيْكُمْ فَكُنتُم بِهَا تُكَذِّبُونَۖ

वे कहेंगे: “हमारे अभिभावक, हमारी दुर्दशा ने हमें परास्त कर दिया, और हम एक भटकी हुई क़ौम थे।

قَالُواْ رَبَّنَا غَلَبَتْ عَلَيْنَا شِقْوَتُنَا وَكُنَّا قَوْماٗ ضَآلِّينَۖ

हमारे अभिभावक, आप हमें यहाँ से निकाल दीजिए; यदि हम दोबारा वही करें, तो हम निश्चय ही अन्यायी होंगे।”

رَبَّنَا أَخْرِجْنَا مِنْهَا فَإِنْ عُدْنَا فَإِنَّا ظَٰلِمُونَۖ

वह कहेगा: “उसमें पड़े रहो, दुत्कारे हुए, और मुझसे फिर मत बोलो।”

قَالَ اَ۪خْسَـُٔواْ فِيهَا وَلَا تُكَلِّمُونِۖ

23:109–110

मेरे आज्ञाकारियों में से एक भाग था जो कहता था: “हमारे अभिभावक, हम विश्वास करते हैं; आप हमें क्षमा कीजिए और हम पर दया कीजिए, क्योंकि आप दया करने वालों में सबसे बेहतर हैं” — पर तुमने उन्हें उपहास का विषय बना लिया, यहाँ तक कि उन्होंने तुम्हें मेरा स्मरण भुला दिया, और तुम उन पर हँसते थे।

إِنَّهُۥ كَانَ فَرِيقٞ مِّنْ عِبَادِے يَقُولُونَ رَبَّنَا ءَامَنَّا فَاغْفِرْ لَنَا وَارْحَمْنَا وَأَنتَ خَيْرُ اُ۬لرَّٰحِمِينَ فَاتَّخَذتُّمُوهُمْ سُخْرِيّاً حَتَّىٰ أَنسَوْكُمْ ذِكْرِے وَكُنتُم مِّنْهُمْ تَضْحَكُونَۖ

23:111

मैंने निश्चय ही आज उन्हें उनके धैर्य का प्रतिफल दिया है: वही विजयी हैं।

إِنِّے جَزَيْتُهُمُ اُ۬لْيَوْمَ بِمَا صَبَرُواْ أَنَّهُمْ هُمُ اُ۬لْفَآئِزُونَۖ

23:112

वह कहेगा: “तुमने धरती पर कितने वर्ष बिताए?”

قَالَ كَمْ لَبِثْتُمْ فِے اِ۬لْأَرْضِ عَدَدَ سِنِينَۖ

23:113

वे कहेंगे: “हमने एक दिन बिताया,

قَالُواْ لَبِثْنَا يَوْماً

23:113

या एक दिन का कुछ भाग; तो आप गिनने वालों से पूछ लीजिए।”

أَوْ بَعْضَ يَوْمٖۖ فَسْـَٔلِ اِ۬لْعَآدِّينَۖ

23:114

वह कहेगा: “तुमने केवल थोड़ा ही समय बिताया, काश तुम जानते।”

قَالَ إِن لَّبِثْتُمْ إِلَّا قَلِيلاٗ لَّوْ أَنَّكُمْ كُنتُمْ تَعْلَمُونَۖ

23:115

तो क्या तुमने समझा था कि हमने तुम्हें व्यर्थ रचा था, और तुम हमारी ओर लौटोगे नहीं?

۞ أَفَحَسِبْتُمْ أَنَّمَا خَلَقْنَٰكُمْ عَبَثاٗ وَأَنَّكُمْ إِلَيْنَا لَا تُرْجَعُونَۖ

परम-उच्च हो ईश्वर, अधिराज, सत्य!

فَتَعَٰلَى اَ۬للَّهُ اُ۬لْمَلِكُ اُ۬لْحَقُّۖ

उसके सिवा कोई देवता नहीं,

لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ

सम्मानित भवन का अभिभावक।

رَبُّ اُ۬لْعَرْشِ اِ۬لْكَرِيمِۖ

और जो कोई ईश्वर के साथ किसी अन्य देवता को पुकारता है, जिसके विषय में उसके पास कोई प्रमाण नहीं, उसका हिसाब केवल उसके अभिभावक के पास है,

وَمَنْ يَّدْعُ مَعَ اَ۬للَّهِ إِلَٰهاً ءَاخَرَ لَا بُرْهَٰنَ لَهُۥ بِهِۦ فَإِنَّمَا حِسَابُهُۥ عِندَ رَبِّهِۦۖ

23:117

क्योंकि नकारने वाले सफलता नहीं पाते।

إِنَّهُۥ لَا يُفْلِحُ اُ۬لْكَٰفِرُونَۖ

और कहो: “मेरे अभिभावक, आप क्षमा कीजिए और दया कीजिए, क्योंकि आप दया करने वालों में सबसे बेहतर हैं।”

وَقُل رَّبِّ اِ۪غْفِرْ وَارْحَمْ وَأَنتَ خَيْرُ اُ۬لرَّٰحِمِينَۖ

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