المنافقون
Al-Munafiqun
The Hypocrites
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। जब पाखंडी तुम्हारे पास आते हैं, तो कहते हैं: “हम साक्ष्य देते हैं कि तुम अवश्य ईश्वर के संदेशवाहक हो।”
بِسْمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحْمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ إِذَا جَآءَكَ اَ۬لْمُنَٰفِقُونَ قَالُواْ نَشْهَدُ إِنَّكَ لَرَسُولُ اُ۬للَّهِۖ
और ईश्वर जानता है कि तुम अवश्य उसके संदेशवाहक हो।
وَاللَّهُ يَعْلَمُ إِنَّكَ لَرَسُولُهُۥۖ
और ईश्वर साक्ष्य देता है कि पाखंडी अवश्य झूठे हैं।
وَاللَّهُ يَشْهَدُ إِنَّ اَ۬لْمُنَٰفِقِينَ لَكَٰذِبُونَۖ
उन्होंने अपनी शपथों को ढाल बना लिया, और ईश्वर की राह रोकी।
اَ۪تَّخَذُوٓاْ أَيْمَٰنَهُمْ جُنَّةٗ فَصَدُّواْ عَن سَبِيلِ اِ۬للَّهِۖ
कितना बुरा है वह जो वे करते थे!
إِنَّهُمْ سَآءَ مَا كَانُواْ يَعْمَلُونَۖ
यह इसलिए कि उन्होंने विश्वास किया, फिर नकारा; तब उनके मर्मों पर एक छाप लगा दी गई, इसलिए वे समझते नहीं।
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥٓ ءَامَنُواْ ثُمَّ كَفَرُواْ فَطُبِعَ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ فَهُمْ لَا يَفْقَهُونَۖ
और जब तुम उन्हें देखते हो, तो उनकी आकृतियाँ तुम्हें चकाचौंध कर देती हैं,
وَإِذَا رَأَيْتَهُمْ تُعْجِبُكَ أَجْسَامُهُمْۖ
और यदि वे कुछ कहते हैं, तो तुम उनका कथन सुनते हो; वे टिकाए हुए लकड़ी के लट्ठों जैसे हैं।
وَإِنْ يَّقُولُواْ تَسْمَعْ لِقَوْلِهِمْ كَأَنَّهُمْ خُشُبٞ مُّسَنَّدَةٞۖ
वे हर चीख़ को अपने ही विरुद्ध समझते हैं।
يَحْسِبُونَ كُلَّ صَيْحَةٍ عَلَيْهِمْۖ
यही शत्रु हैं।
هُمُ اُ۬لْعَدُوُّۖ
उनसे चौकन्ने रहो।
فَاحْذَرْهُمْۖ
ईश्वर उनसे लड़े!
قَٰتَلَهُمُ اُ۬للَّهُۖ
तो वे कैसे उलटे फेरे जा रहे हैं?
أَنّ۪ىٰ يُوفَكُونَۖ
और जब उनसे कहा जाता है: “आओ, ईश्वर का संदेशवाहक तुम्हारे लिए क्षमा माँगे”, तो वे सिर घुमा लेते हैं, और तुम उन्हें पीछे हटते देखते हो, घमंड से फूले हुए।
وَإِذَا قِيلَ لَهُمْ تَعَالَوْاْ يَسْتَغْفِرْ لَكُمْ رَسُولُ اُ۬للَّهِ لَوَوْاْ رُءُوسَهُمْ وَرَأَيْتَهُمْ يَصُدُّونَ وَهُم مُّسْتَكْبِرُونَۖ
उनके लिए बराबर है, चाहे तुम उनके लिए क्षमा माँगो या न माँगो।
سَوَآءٌ عَلَيْهِمُۥٓ أَسْتَغْفَرْتَ لَهُمُۥٓ أَمْ لَمْ تَسْتَغْفِرْ لَهُمْۖ
ईश्वर उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा,
لَنْ يَّغْفِرَ اَ۬للَّهُ لَهُمُۥٓۖ
क्योंकि ईश्वर अतिक्रमणकारियों की क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।
إِنَّ اَ۬للَّهَ لَا يَهْدِے اِ۬لْقَوْمَ اَ۬لْفَٰسِقِينَۖ
यही हैं जो कहते हैं: “जो ईश्वर के संदेशवाहक के पास हैं, उन पर कुछ ख़र्च मत करो, जब तक कि वे बिखर न जाएँ।”
هُمُ اُ۬لذِينَ يَقُولُونَ لَا تُنفِقُواْ عَلَىٰ مَنْ عِندَ رَسُولِ اِ۬للَّهِ حَتَّىٰ يَنفَضُّواْۖ
जबकि आकाशों और धरती के भंडार ईश्वर के हैं,
وَلِلهِ خَزَآئِنُ اُ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَالَارْضِۖ
परंतु पाखंडी समझते नहीं।
وَلَٰكِنَّ اَ۬لْمُنَٰفِقِينَ لَا يَفْقَهُونَۖ
वे कहते हैं: “यदि हम राजधानी लौटे, तो सबसे शक्तिशाली वहाँ से सबसे अपमानित को अवश्य निकाल देगा।”
يَقُولُونَ لَئِن رَّجَعْنَآ إِلَى اَ۬لْمَدِينَةِ لَيُخْرِجَنَّ اَ۬لَاعَزُّ مِنْهَا اَ۬لَاذَلَّۖ
जबकि शक्ति ईश्वर की है, उसके संदेशवाहक की, और विश्वास करने वालों की,
وَلِلهِ اِ۬لْعِزَّةُ وَلِرَسُولِهِۦ وَلِلْمُومِنِينَۖ
परंतु पाखंडी जानते नहीं।
وَلَٰكِنَّ اَ۬لْمُنَٰفِقِينَ لَا يَعْلَمُونَۖ
हे विश्वास करने वालो! तुम्हारी संपत्ति और तुम्हारे बच्चे तुम्हारा ध्यान ईश्वर के स्मरण से न हटाएँ।
۞ يَٰٓأَيُّهَا اَ۬لذِينَ ءَامَنُواْ لَا تُلْهِكُمُۥٓ أَمْوَٰلُكُمْ وَلَآ أَوْلَٰدُكُمْ عَن ذِكْرِ اِ۬للَّهِۖ
और जो ऐसा करे, वही घाटा उठाने वाले हैं।
وَمَنْ يَّفْعَلْ ذَٰلِكَ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ اُ۬لْخَٰسِرُونَۖ
और उसमें से ख़र्च करो जिससे हमने तुम्हें जीविका दी है, इससे पहले कि तुममें से किसी के पास मृत्यु आ जाए और वह तब कहे: “मेरे अभिभावक, काश आप मुझे एक निकट अवधि तक टाल देते, तो मैं दान करता और मैं भले जनों में से होता।”
وَأَنفِقُواْ مِن مَّا رَزَقْنَٰكُم مِّن قَبْلِ أَنْ يَّاتِيَ أَحَدَكُمُ اُ۬لْمَوْتُ فَيَقُولَ رَبِّ لَوْلَآ أَخَّرْتَنِےٓ إِلَىٰٓ أَجَلٖ قَرِيبٖ فَأَصَّدَّقَ وَأَكُن مِّنَ اَ۬لصَّٰلِحِينَۖ
परंतु ईश्वर किसी स्व को कभी नहीं टालेगा जिसकी अवधि आ गई।
وَلَنْ يُّوَ۬خِّرَ اَ۬للَّهُ نَفْساً اِذَا جَآءَ اجَلُهَاۖ
और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।
وَاللَّهُ خَبِيرُۢ بِمَا تَعْمَلُونَۖ