مريم
Maryam
A Remembrance of Benevolence
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
काफ़. हा. या. ऐन. साद.
كٓهيعٓصٓ
तुम्हारे अभिभावक की दया का स्मरण, अपने आज्ञाकारी ज़करिया पर, जब उसने अपने अभिभावक को छिपी पुकार से पुकारा,
ذِكْرُ رَحْمَتِ رَبِّكَ عَبْدَهُۥ زَكَرِيَّآ إِذْ نَادَىٰ رَبَّهُۥ نِدَآءً خَفِيًّۭا
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मुझमें हड्डी निश्चय ही दुर्बल हो गई है, सिर श्वेतता से दहक उठा है, और आपको पुकारकर, मेरे अभिभावक, मैं कभी अभागा नहीं रहा।
قَالَ رَبِّ إِنِّى وَهَنَ ٱلْعَظْمُ مِنِّى وَٱشْتَعَلَ ٱلرَّأْسُ شَيْبًۭا وَلَمْ أَكُنۢ بِدُعَآئِكَ رَبِّ شَقِيًّۭا
और अपने बाद मुझे अपने परिवार से निश्चय ही डर लगा, और मेरी पत्नी बाँझ है। इसलिए आप अपनी ओर से मुझे एक आश्रयदाता प्रदान कीजिए, जो मेरा उत्तराधिकारी बने और याक़ूब के कुल का उत्तराधिकारी बने,
وَإِنِّى خِفْتُ ٱلْمَوَٰلِىَ مِن وَرَآءِى وَكَانَتِ ٱمْرَأَتِى عَاقِرًۭا فَهَبْ لِى مِن لَّدُنكَ وَلِيًّۭا يَرِثُنِى وَيَرِثُ مِنْ ءَالِ يَعْقُوبَ
और मेरे अभिभावक, उसे स्वीकृत बनाइए।”
وَٱجْعَلْهُ رَبِّ رَضِيًّۭا
“हे ज़करिया, हम तुम्हें निश्चय ही एक बालक का शुभ समाचार देते हैं: उसका गुण यह्या है, जिसके लिए हमने उससे पहले ऐसा कोई नहीं बनाया जो यह गुण साझा करे।”
يَٰزَكَرِيَّآ إِنَّا نُبَشِّرُكَ بِغُلَٰمٍ ٱسْمُهُۥ يَحْيَىٰ لَمْ نَجْعَل لَّهُۥ مِن قَبْلُ سَمِيًّۭا
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरे यहाँ बालक कैसे होगा, जबकि मेरी पत्नी बाँझ है और मैं बुढ़ापे में अत्यंत जर्जरता तक पहुँच चुका हूँ?”
قَالَ رَبِّ أَنَّىٰ يَكُونُ لِى غُلَٰمٌۭ وَكَانَتِ ٱمْرَأَتِى عَاقِرًۭا وَقَدْ بَلَغْتُ مِنَ ٱلْكِبَرِ عِتِيًّۭا
उसने कहा: “ऐसा ही होगा। तुम्हारे अभिभावक ने कहा: यह मेरे लिए सरल है, और मैंने तुम्हें पहले भी रचा है, जबकि तुम कुछ भी नहीं थे।”
قَالَ كَذَٰلِكَ قَالَ رَبُّكَ هُوَ عَلَىَّ هَيِّنٌۭ وَقَدْ خَلَقْتُكَ مِن قَبْلُ وَلَمْ تَكُ شَيْـًۭٔا
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरे लिए एक संकेत निर्धारित कीजिए।”
قَالَ رَبِّ ٱجْعَل لِّىٓ ءَايَةًۭ
उसने कहा: “तुम्हारा संकेत यह है कि तुम लोगों से पूरी तीन रातों तक बात नहीं करोगे।”
قَالَ ءَايَتُكَ أَلَّا تُكَلِّمَ ٱلنَّاسَ ثَلَٰثَ لَيَالٍۢ سَوِيًّۭا
तब वह अपनी क़ौम के पास संपर्क-कक्ष से बाहर आया, और उसने उनसे संकेत में कहा: “सुबह और शाम महिमा गाओ।”
فَخَرَجَ عَلَىٰ قَوْمِهِۦ مِنَ ٱلْمِحْرَابِ فَأَوْحَىٰٓ إِلَيْهِمْ أَن سَبِّحُوا۟ بُكْرَةًۭ وَعَشِيًّۭا
“हे यह्या, ग्रंथ को बल से थामो।”
يَٰيَحْيَىٰ خُذِ ٱلْكِتَٰبَ بِقُوَّةٍۢ
और हमने उसे निर्णय दिया, जबकि वह अभी बहुत छोटा बालक था,
وَءَاتَيْنَٰهُ ٱلْحُكْمَ صَبِيًّۭا
और अपनी ओर से कोमलता तथा शुद्धता भी;
وَحَنَانًۭا مِّن لَّدُنَّا وَزَكَوٰةًۭ
और वह सावधान रहता था।
وَكَانَ تَقِيًّۭا
और अपने माता-पिता के प्रति सद्गुणी था, वह न अत्याचारी था न अवज्ञाकारी।
وَبَرًّۢا بِوَٰلِدَيْهِ وَلَمْ يَكُن جَبَّارًا عَصِيًّۭا
और शांति हो उस पर जिस दिन वह जन्मा, जिस दिन वह मरेगा, और जिस दिन वह जीवित उठाया जाएगा।
وَسَلَٰمٌ عَلَيْهِ يَوْمَ وُلِدَ وَيَوْمَ يَمُوتُ وَيَوْمَ يُبْعَثُ حَيًّۭا
और ग्रंथ में मरयम का उल्लेख करो, जब वह अपने परिवार से अलग होकर पूर्व की ओर एक स्थान में चली गई और उसने उनसे अलग एक परदा डाल लिया।
وَٱذْكُرْ فِى ٱلْكِتَٰبِ مَرْيَمَ إِذِ ٱنتَبَذَتْ مِنْ أَهْلِهَا مَكَانًۭا شَرْقِيًّۭا فَٱتَّخَذَتْ مِن دُونِهِمْ حِجَابًۭا
तब हमने उसकी ओर अपना प्रवाह भेजा, जो उसके सामने एक पूर्ण मानव के रूप में आया।
فَأَرْسَلْنَآ إِلَيْهَا رُوحَنَا فَتَمَثَّلَ لَهَا بَشَرًۭا سَوِيًّۭا
उसने कहा: “मैं निश्चय ही तुम्हारे विरुद्ध स्वयं को सर्वदयालु की छत्रछाया में रखती हूँ! यदि तुम सावधान रहते हो…”
قَالَتْ إِنِّىٓ أَعُوذُ بِٱلرَّحْمَٰنِ مِنكَ إِن كُنتَ تَقِيًّۭا
उसने कहा: “मैं तो बस तुम्हारे अभिभावक का संदेशवाहक हूँ, ताकि वह तुम्हें एक शुद्ध बालक प्रदान करे।”
قَالَ إِنَّمَآ أَنَا۠ رَسُولُ رَبِّكِ لِأَهَبَ لَكِ غُلَٰمًۭا زَكِيًّۭا
उसने कहा: “मेरे यहाँ बालक कैसे होगा, जबकि किसी मानव ने मुझे छुआ नहीं और मैं व्यभिचारिणी नहीं रही?”
قَالَتْ أَنَّىٰ يَكُونُ لِى غُلَٰمٌۭ وَلَمْ يَمْسَسْنِى بَشَرٌۭ وَلَمْ أَكُ بَغِيًّۭا
उसने कहा: “ऐसा ही होगा। तुम्हारे अभिभावक ने कहा: यह मेरे लिए सरल है।
قَالَ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ هُوَ عَلَىَّ هَيِّنٌۭ
और हम उसे लोगों के लिए एक संकेत और अपनी ओर से एक दया बनाएँगे।
وَلِنَجْعَلَهُۥٓ ءَايَةًۭ لِّلنَّاسِ وَرَحْمَةًۭ مِّنَّا
यह एक पहले से तय मामला है।”
وَكَانَ أَمْرًۭا مَّقْضِيًّۭا
उसने उसे वहन किया, फिर उसके साथ एक दूर के स्थान पर अलग चली गई।
فَحَمَلَتْهُ فَٱنتَبَذَتْ بِهِۦ مَكَانًۭا قَصِيًّۭا
प्रसव की पीड़ाएँ उसे खजूर के तने की ओर ले गईं। उसने कहा: “काश मैं इससे पहले मर गई होती, और भुला दी गई वस्तु होती, सदा के लिए भुला दी गई!”
فَأَجَآءَهَا ٱلْمَخَاضُ إِلَىٰ جِذْعِ ٱلنَّخْلَةِ قَالَتْ يَٰلَيْتَنِى مِتُّ قَبْلَ هَٰذَا وَكُنتُ نَسْيًۭا مَّنسِيًّۭا
तब उसने उसे उसके नीचे से पुकारा: “दुखी न हो! तुम्हारे अभिभावक ने तुम्हारे नीचे एक जलधारा रख दी है।
فَنَادَىٰهَا مِن تَحْتِهَآ أَلَّا تَحْزَنِى قَدْ جَعَلَ رَبُّكِ تَحْتَكِ سَرِيًّۭا
और खजूर के तने को अपनी ओर हिलाओ: वह तुम पर ताज़ा, ठीक पकी हुई खजूरें गिराएगा।
وَهُزِّىٓ إِلَيْكِ بِجِذْعِ ٱلنَّخْلَةِ تُسَٰقِطْ عَلَيْكِ رُطَبًۭا جَنِيًّۭا
तो खाओ, पियो, और तुम्हारी आँखें ठहर जाएँ।
فَكُلِى وَٱشْرَبِى وَقَرِّى عَيْنًۭا
फिर यदि तुम मानवों में से किसी को देखो, तो कहो: ‘मैंने सर्वदयालु के लिए संयम का संकल्प किया है; इसलिए आज मैं किसी मनुष्य से बात नहीं करूँगी।’”
فَإِمَّا تَرَيِنَّ مِنَ ٱلْبَشَرِ أَحَدًۭا فَقُولِىٓ إِنِّى نَذَرْتُ لِلرَّحْمَٰنِ صَوْمًۭا فَلَنْ أُكَلِّمَ ٱلْيَوْمَ إِنسِيًّۭا
फिर वह उसे वहन किए हुए उसके साथ अपनी क़ौम के पास आई।
فَأَتَتْ بِهِۦ قَوْمَهَا تَحْمِلُهُۥ
उन्होंने कहा: “हे मरयम, तुम निश्चय ही एक भयावह बात कर बैठी हो!
قَالُوا۟ يَٰمَرْيَمُ لَقَدْ جِئْتِ شَيْـًۭٔا فَرِيًّۭا
हे हारून की बहन, तुम्हारा पिता बुरा मनुष्य नहीं था, और न तुम्हारी माता व्यभिचारिणी स्त्री थी।”
يَٰٓأُخْتَ هَٰرُونَ مَا كَانَ أَبُوكِ ٱمْرَأَ سَوْءٍۢ وَمَا كَانَتْ أُمُّكِ بَغِيًّۭا
तब उसने उसकी ओर संकेत किया।
فَأَشَارَتْ إِلَيْهِ
उन्होंने कहा: “हम पालने में पड़े एक नन्हे बालक से कैसे बात करें?”
قَالُوا۟ كَيْفَ نُكَلِّمُ مَن كَانَ فِى ٱلْمَهْدِ صَبِيًّۭا
बालक ने कहा: “मैं निश्चय ही ईश्वर का आज्ञाकारी हूँ। उसने मुझे ग्रंथ दिया और मुझे सूचनादाता बनाया; उसने मुझे जहाँ कहीं मैं रहूँ, आशीषित बनाया, और जब तक मैं जीवित हूँ, संपर्क और शुद्ध उदारता की अनुशंसा की, तथा अपनी माता के प्रति सद्गुण का भी।
قَالَ إِنِّى عَبْدُ ٱللَّهِ ءَاتَىٰنِىَ ٱلْكِتَٰبَ وَجَعَلَنِى نَبِيًّۭا وَجَعَلَنِى مُبَارَكًا أَيْنَ مَا كُنتُ وَأَوْصَٰنِى بِٱلصَّلَوٰةِ وَٱلزَّكَوٰةِ مَا دُمْتُ حَيًّۭا وَبَرًّۢا بِوَٰلِدَتِى
और उसने मुझे न अत्याचारी बनाया न अभागा।
وَلَمْ يَجْعَلْنِى جَبَّارًۭا شَقِيًّۭا
और शांति हो मुझ पर जिस दिन मैं जन्मा, जिस दिन मैं मरूँगा, और जिस दिन मैं जीवित उठाया जाऊँगा।”
وَٱلسَّلَٰمُ عَلَىَّ يَوْمَ وُلِدتُّ وَيَوْمَ أَمُوتُ وَيَوْمَ أُبْعَثُ حَيًّۭا
यह है ईसा, मरयम का पुत्र —
ذَٰلِكَ عِيسَى ٱبْنُ مَرْيَمَ
सत्य का कथन, जिसके विषय में वे वाद-प्रतिवाद करते हैं।
قَوْلَ ٱلْحَقِّ ٱلَّذِى فِيهِ يَمْتَرُونَ
ईश्वर के लिए उचित नहीं कि वह अपने लिए कोई संतान बनाए।
مَا كَانَ لِلَّهِ أَن يَتَّخِذَ مِن وَلَدٍۢ
उसकी महिमा हो!
سُبْحَٰنَهُۥٓ
जब वह किसी चीज़ को तय करता है, तो उससे केवल इतना कहता है: “हो जा”,
إِذَا قَضَىٰٓ أَمْرًۭا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُۥ كُن
और वह हो जाती है।
فَيَكُونُ
और ईश्वर निश्चय ही मेरा अभिभावक और तुम्हारा अभिभावक है; इसलिए उसकी आज्ञा का पालन करो।
وَإِنَّ ٱللَّهَ رَبِّى وَرَبُّكُمْ فَٱعْبُدُوهُ
यही सीधा पथ है।
هَٰذَا صِرَٰطٌۭ مُّسْتَقِيمٌۭ
परंतु दलों ने आपस में मतभेद किया।
فَٱخْتَلَفَ ٱلْأَحْزَابُ مِنۢ بَيْنِهِمْ
तो हाय नकारने वालों पर, जब वे एक विशाल दिन के साक्षी होंगे!
فَوَيْلٌۭ لِّلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِن مَّشْهَدِ يَوْمٍ عَظِيمٍ
वे कितना अच्छा सुनेंगे और कितना साफ़ देखेंगे, जिस दिन वे हमारे पास आएँगे!
أَسْمِعْ بِهِمْ وَأَبْصِرْ يَوْمَ يَأْتُونَنَا
परंतु अन्यायी आज स्पष्ट भटकाव में हैं।
لَٰكِنِ ٱلظَّٰلِمُونَ ٱلْيَوْمَ فِى ضَلَٰلٍۢ مُّبِينٍۢ
और उन्हें संताप के दिन की चेतावनी दो, जब मामले का फ़ैसला कर दिया जाएगा, जबकि वे लापरवाही में हैं और विश्वास नहीं करते,
وَأَنذِرْهُمْ يَوْمَ ٱلْحَسْرَةِ إِذْ قُضِىَ ٱلْأَمْرُ وَهُمْ فِى غَفْلَةٍۢ وَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ
क्योंकि हम ही धरती के और उन सबके उत्तराधिकारी होंगे जो उस पर हैं,
إِنَّا نَحْنُ نَرِثُ ٱلْأَرْضَ وَمَنْ عَلَيْهَا
और वे हमारी ही ओर लौटाए जाएँगे।
وَإِلَيْنَا يُرْجَعُونَ
और ग्रंथ में इब्राहीम का उल्लेख करो: वह एक सच्चा मनुष्य था, एक सूचनादाता, जब उसने अपने पिता से कहा: “हे मेरे पिता, तुम उसकी आज्ञा का पालन क्यों करते हो जो न सुनता है न साफ़ देखता है, और तुम्हारे कुछ काम नहीं आता?
وَٱذْكُرْ فِى ٱلْكِتَٰبِ إِبْرَٰهِيمَ إِنَّهُۥ كَانَ صِدِّيقًۭا نَّبِيًّا إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ يَٰٓأَبَتِ لِمَ تَعْبُدُ مَا لَا يَسْمَعُ وَلَا يُبْصِرُ وَلَا يُغْنِى عَنكَ شَيْـًۭٔا
हे मेरे पिता, मेरे पास निश्चय ही वह ज्ञान आया है जो तुम्हें नहीं मिला; इसलिए मेरे पीछे चलो, मैं तुम्हें एक समतल पथ पर मार्ग दिखाऊँगा।
يَٰٓأَبَتِ إِنِّى قَدْ جَآءَنِى مِنَ ٱلْعِلْمِ مَا لَمْ يَأْتِكَ فَٱتَّبِعْنِىٓ أَهْدِكَ صِرَٰطًۭا سَوِيًّۭا
हे मेरे पिता, बहकाने वाले की आज्ञा का पालन न करो,
يَٰٓأَبَتِ لَا تَعْبُدِ ٱلشَّيْطَٰنَ
क्योंकि बहकाने वाला सर्वदयालु का अवज्ञाकारी है।
إِنَّ ٱلشَّيْطَٰنَ كَانَ لِلرَّحْمَٰنِ عَصِيًّۭا
हे मेरे पिता, मुझे डर है कि सर्वदयालु का कोई दंड तुम्हें आ लगे, और तुम बहकाने वाले के हिमायती बन जाओ।”
يَٰٓأَبَتِ إِنِّىٓ أَخَافُ أَن يَمَسَّكَ عَذَابٌۭ مِّنَ ٱلرَّحْمَٰنِ فَتَكُونَ لِلشَّيْطَٰنِ وَلِيًّۭا
उसके पिता ने कहा: “हे इब्राहीम, क्या तुम मेरे देवताओं से विमुख हो रहे हो?
قَالَ أَرَاغِبٌ أَنتَ عَنْ ءَالِهَتِى
यदि तुम बाज़ न आए, तो मैं तुम्हें अवश्य निष्कासित कर दूँगा! मुझसे दूर हो जाओ, लंबे समय के लिए।”
يَٰٓإِبْرَٰهِيمُ لَئِن لَّمْ تَنتَهِ لَأَرْجُمَنَّكَ وَٱهْجُرْنِى مَلِيًّۭا
इब्राहीम ने कहा: “तुम पर शांति हो। मैं तुम्हारे लिए अपने अभिभावक से क्षमा माँगूँगा: वह सदा मेरा ध्यान रखने वाला रहा है। मैं तुमसे और उनसे जिन्हें तुम ईश्वर के अतिरिक्त पुकारते हो अलग होता हूँ, और मैं अपने अभिभावक को पुकारता हूँ; संभव है कि अपने अभिभावक को पुकारकर मैं अभागा न रहूँ।”
قَالَ سَلَٰمٌ عَلَيْكَ سَأَسْتَغْفِرُ لَكَ رَبِّىٓ إِنَّهُۥ كَانَ بِى حَفِيًّۭا وَأَعْتَزِلُكُمْ وَمَا تَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَأَدْعُوا۟ رَبِّى عَسَىٰٓ أَلَّآ أَكُونَ بِدُعَآءِ رَبِّى شَقِيًّۭا
जब वह उनसे और उनसे जिनकी वे ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते थे, अलग हो गया, तो हमने उसे इसहाक़ और याक़ूब प्रदान किए,
فَلَمَّا ٱعْتَزَلَهُمْ وَمَا يَعْبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَهَبْنَا لَهُۥٓ إِسْحَٰقَ وَيَعْقُوبَ
और हर एक को हमने सूचनादाता बनाया।
وَكُلًّۭا جَعَلْنَا نَبِيًّۭا
और हमने उन्हें अपनी दया प्रदान की, और उनके लिए एक सच्ची, उच्च वाणी रखी।
وَوَهَبْنَا لَهُم مِّن رَّحْمَتِنَا وَجَعَلْنَا لَهُمْ لِسَانَ صِدْقٍ عَلِيًّۭا
और ग्रंथ में मूसा का उल्लेख करो: वह स्वयं को पूर्णतः ईश्वर के लिए समर्पित करने वाला था, और वह एक संदेशवाहक था, एक सूचनादाता।
وَٱذْكُرْ فِى ٱلْكِتَٰبِ مُوسَىٰٓ إِنَّهُۥ كَانَ مُخْلَصًۭا وَكَانَ رَسُولًۭا نَّبِيًّۭا
और हमने उसे पर्वत की दाहिनी ओर से पुकारा, और हमने उसे एकांत वार्ता में निकट किया।
وَنَٰدَيْنَٰهُ مِن جَانِبِ ٱلطُّورِ ٱلْأَيْمَنِ وَقَرَّبْنَٰهُ نَجِيًّۭا
और हमने अपनी दया से उसे उसका भाई हारून प्रदान किया, एक सूचनादाता।
وَوَهَبْنَا لَهُۥ مِن رَّحْمَتِنَآ أَخَاهُ هَٰرُونَ نَبِيًّۭا
और ग्रंथ में इस्माईल का उल्लेख करो: वह अपने वादे में सच्चा था, और वह एक संदेशवाहक था, एक सूचनादाता। वह अपने परिवार को संपर्क और शुद्ध उदारता का आदेश देता था,
وَٱذْكُرْ فِى ٱلْكِتَٰبِ إِسْمَٰعِيلَ إِنَّهُۥ كَانَ صَادِقَ ٱلْوَعْدِ وَكَانَ رَسُولًۭا نَّبِيًّۭا وَكَانَ يَأْمُرُ أَهْلَهُۥ بِٱلصَّلَوٰةِ وَٱلزَّكَوٰةِ
और वह अपने अभिभावक के पास स्वीकृत था।
وَكَانَ عِندَ رَبِّهِۦ مَرْضِيًّۭا
और ग्रंथ में इदरीस का उल्लेख करो: वह एक सच्चा मनुष्य था, एक सूचनादाता।
وَٱذْكُرْ فِى ٱلْكِتَٰبِ إِدْرِيسَ إِنَّهُۥ كَانَ صِدِّيقًۭا نَّبِيًّۭا
और हमने उसे एक उच्च स्थान तक ऊँचा किया।
وَرَفَعْنَٰهُ مَكَانًا عَلِيًّا
यही हैं वे जिन्हें ईश्वर ने सूचनादाताओं में से उपकारों से भर दिया: आदम की संतति में से, उनमें से जिन्हें हमने नूह के साथ सवार किया, इब्राहीम और इसराईल की संतति में से, और उनमें से जिन्हें हमने मार्गदर्शन दिया और चुना।
أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمَ ٱللَّهُ عَلَيْهِم مِّنَ ٱلنَّبِيِّـۧنَ مِن ذُرِّيَّةِ ءَادَمَ وَمِمَّنْ حَمَلْنَا مَعَ نُوحٍۢ وَمِن ذُرِّيَّةِ إِبْرَٰهِيمَ وَإِسْرَٰٓءِيلَ وَمِمَّنْ هَدَيْنَا وَٱجْتَبَيْنَآ
जब सर्वदयालु के संकेत उन्हें सुनाए जाते थे, तो वे रोते हुए माथा टेके हुए गिर पड़ते थे।
إِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ ءَايَٰتُ ٱلرَّحْمَٰنِ خَرُّوا۟ سُجَّدًۭا وَبُكِيًّۭا
फिर उनके बाद एक पीढ़ी आई जिसने संपर्क को बिखर जाने दिया और कामनाओं का अनुसरण किया: इसलिए वे दिशाहीनता से मिलेंगे — सिवा उसके जो पश्चात्ताप करता है, विश्वास करता है और भला कर्म करता है; वे उद्यान में प्रविष्ट कराए जाएँगे और उन पर कोई अन्याय नहीं किया जाएगा: स्थायित्व के वे उद्यान जिनका वादा सर्वदयालु ने अपने आज्ञाकारियों से किया है, भले ही वे उनकी इंद्रियों से परे हैं;
فَخَلَفَ مِنۢ بَعْدِهِمْ خَلْفٌ أَضَاعُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَٱتَّبَعُوا۟ ٱلشَّهَوَٰتِ فَسَوْفَ يَلْقَوْنَ غَيًّا إِلَّا مَن تَابَ وَءَامَنَ وَعَمِلَ صَٰلِحًۭا فَأُو۟لَٰٓئِكَ يَدْخُلُونَ ٱلْجَنَّةَ وَلَا يُظْلَمُونَ شَيْـًۭٔا جَنَّٰتِ عَدْنٍ ٱلَّتِى وَعَدَ ٱلرَّحْمَٰنُ عِبَادَهُۥ بِٱلْغَيْبِ
क्योंकि उसका वादा पूरा होकर रहेगा।
إِنَّهُۥ كَانَ وَعْدُهُۥ مَأْتِيًّۭا
वे वहाँ कोई व्यर्थ बात नहीं सुनेंगे,
لَّا يَسْمَعُونَ فِيهَا لَغْوًا
केवल यह: “शांति!”
إِلَّا سَلَٰمًۭا
और वहाँ उनकी जीविका उन्हें सुबह और शाम मिलेगी।
وَلَهُمْ رِزْقُهُمْ فِيهَا بُكْرَةًۭ وَعَشِيًّۭا
यह वह उद्यान है जिसका उत्तराधिकारी हम अपने आज्ञाकारियों में से उसे बनाएँगे जो सावधान रहता था।
تِلْكَ ٱلْجَنَّةُ ٱلَّتِى نُورِثُ مِنْ عِبَادِنَا مَن كَانَ تَقِيًّۭا
“हम केवल तुम्हारे अभिभावक के आदेश से ही उतरते हैं।
وَمَا نَتَنَزَّلُ إِلَّا بِأَمْرِ رَبِّكَ
उसी का है जो हमारे आगे है, जो हमारे पीछे है, और जो इन दोनों के बीच है।
لَهُۥ مَا بَيْنَ أَيْدِينَا وَمَا خَلْفَنَا وَمَا بَيْنَ ذَٰلِكَ
और तुम्हारा अभिभावक भूलने वाला नहीं है।”
وَمَا كَانَ رَبُّكَ نَسِيًّۭا
आकाशों और धरती का और जो उनके बीच है उसका अभिभावक: इसलिए उसकी आज्ञा का पालन करो, और उसकी आज्ञा का पालन करने में दृढ़ रहो।
رَّبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا فَٱعْبُدْهُ وَٱصْطَبِرْ لِعِبَٰدَتِهِۦ
क्या तुम किसी को जानते हो जो उसका गुण साझा करता हो?
هَلْ تَعْلَمُ لَهُۥ سَمِيًّۭا
और मनुष्य कहता है: “क्या मरने के बाद मैं सचमुच जीवित निकाला जाऊँगा?”
وَيَقُولُ ٱلْإِنسَٰنُ أَءِذَا مَا مِتُّ لَسَوْفَ أُخْرَجُ حَيًّا
क्या मनुष्य स्मरण नहीं करता कि हमने उसे पहले रचा, जबकि वह कुछ भी नहीं था?
أَوَلَا يَذْكُرُ ٱلْإِنسَٰنُ أَنَّا خَلَقْنَٰهُ مِن قَبْلُ وَلَمْ يَكُ شَيْـًۭٔا
तुम्हारे अभिभावक की शपथ, हम उन्हें अवश्य इकट्ठा करेंगे, और बहकाने वालों को भी; फिर हम उन्हें अवश्य जहन्नम के चारों ओर घुटनों के बल लाएँगे।
فَوَرَبِّكَ لَنَحْشُرَنَّهُمْ وَٱلشَّيَٰطِينَ ثُمَّ لَنُحْضِرَنَّهُمْ حَوْلَ جَهَنَّمَ جِثِيًّۭا
फिर हम हर गुट में से उन्हें अवश्य खींच निकालेंगे जो सर्वदयालु के प्रति सबसे अधिक उद्दंड थे।
ثُمَّ لَنَنزِعَنَّ مِن كُلِّ شِيعَةٍ أَيُّهُمْ أَشَدُّ عَلَى ٱلرَّحْمَٰنِ عِتِيًّۭا
फिर हम ही सबसे अच्छी तरह जानते हैं कि उसमें जलने के सबसे अधिक योग्य कौन है।
ثُمَّ لَنَحْنُ أَعْلَمُ بِٱلَّذِينَ هُمْ أَوْلَىٰ بِهَا صِلِيًّۭا
और तुममें से कोई नहीं जो वहाँ न पहुँचे: यह तुम्हारे अभिभावक के लिए एक अटल निर्णय है।
وَإِن مِّنكُمْ إِلَّا وَارِدُهَا كَانَ عَلَىٰ رَبِّكَ حَتْمًۭا مَّقْضِيًّۭا
फिर हम उन्हें उबारेंगे जो सावधान रहे, और अन्यायियों को वहाँ घुटनों के बल छोड़ देंगे।
ثُمَّ نُنَجِّى ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوا۟ وَّنَذَرُ ٱلظَّٰلِمِينَ فِيهَا جِثِيًّۭا
और जब उन्हें हमारे स्पष्ट संकेत सुनाए जाते हैं, तो नकारने वाले विश्वास करने वालों से कहते हैं: “दोनों भागों में किसकी स्थिति बेहतर है और किसकी सभा अधिक सुंदर?”
وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ ءَايَٰتُنَا بَيِّنَٰتٍۢ قَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ لِلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ أَىُّ ٱلْفَرِيقَيْنِ خَيْرٌۭ مَّقَامًۭا وَأَحْسَنُ نَدِيًّۭا
उनसे पहले कितनी ही पीढ़ियों को हमने नष्ट कर दिया, जो संपत्ति और रूप-रंग में कहीं अधिक सुंदर थीं!
وَكَمْ أَهْلَكْنَا قَبْلَهُم مِّن قَرْنٍ هُمْ أَحْسَنُ أَثَٰثًۭا وَرِءْيًۭا
कहो: “जो भटकाव में है, सर्वदयालु उसके लिए समय को ख़ूब लंबा कर दे,
قُلْ مَن كَانَ فِى ٱلضَّلَٰلَةِ فَلْيَمْدُدْ لَهُ ٱلرَّحْمَٰنُ مَدًّا
यहाँ तक कि जब वे वह देख लें जिसका उनसे वादा किया जा रहा है — चाहे दंड हो, चाहे वह घड़ी — तो वे जान लें कि किसका स्थान सबसे बुरा है और कौन सेना में सबसे दुर्बल है।”
حَتَّىٰٓ إِذَا رَأَوْا۟ مَا يُوعَدُونَ إِمَّا ٱلْعَذَابَ وَإِمَّا ٱلسَّاعَةَ فَسَيَعْلَمُونَ مَنْ هُوَ شَرٌّۭ مَّكَانًۭا وَأَضْعَفُ جُندًۭا
और ईश्वर उन्हें मार्गदर्शन में बढ़ाता है जिन्होंने मार्गदर्शन पाया।
وَيَزِيدُ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ٱهْتَدَوْا۟ هُدًۭى
और स्थायी और भले कर्म तुम्हारे अभिभावक के पास प्रतिदान में बेहतर और वापसी में बेहतर हैं।
وَٱلْبَٰقِيَٰتُ ٱلصَّٰلِحَٰتُ خَيْرٌ عِندَ رَبِّكَ ثَوَابًۭا وَخَيْرٌۭ مَّرَدًّا
क्या तुमने उसे देखा जिसने हमारे संकेतों को नकारा और कहा: “मुझे अवश्य संपत्ति और संतान दी जाएगी”? क्या उसने उसे भेद लिया जो इंद्रियों से परे है, या सर्वदयालु के पास कोई संधि ले रखी है? कदापि नहीं!
أَفَرَءَيْتَ ٱلَّذِى كَفَرَ بِـَٔايَٰتِنَا وَقَالَ لَأُوتَيَنَّ مَالًۭا وَوَلَدًا أَطَّلَعَ ٱلْغَيْبَ أَمِ ٱتَّخَذَ عِندَ ٱلرَّحْمَٰنِ عَهْدًۭا كَلَّا
वह जो कहता है, हम उसे लिख लेंगे और उसके लिए दंड को लंबा करते जाएँगे।
سَنَكْتُبُ مَا يَقُولُ وَنَمُدُّ لَهُۥ مِنَ ٱلْعَذَابِ مَدًّۭا
और वह जो कहता है उसके उत्तराधिकारी हम होंगे, और वह हमारे पास अकेला आएगा।
وَنَرِثُهُۥ مَا يَقُولُ وَيَأْتِينَا فَرْدًۭا
और उन्होंने ईश्वर के अतिरिक्त देवता बना लिए, कि वे उनके लिए शक्ति बनें। कदापि नहीं!
وَٱتَّخَذُوا۟ مِن دُونِ ٱللَّهِ ءَالِهَةًۭ لِّيَكُونُوا۟ لَهُمْ عِزًّۭا كَلَّا
वे उनकी आज्ञा के पालन को नकारेंगे और उनके विरुद्ध खड़े हो जाएँगे।
سَيَكْفُرُونَ بِعِبَادَتِهِمْ وَيَكُونُونَ عَلَيْهِمْ ضِدًّا
क्या तुमने नहीं देखा कि हमने बहकाने वालों को नकारने वालों पर छोड़ रखा है, और वे उन्हें निरंतर उकसाते रहते हैं?
أَلَمْ تَرَ أَنَّآ أَرْسَلْنَا ٱلشَّيَٰطِينَ عَلَى ٱلْكَٰفِرِينَ تَؤُزُّهُمْ أَزًّۭا
इसलिए उनके विरुद्ध जल्दी न करो:
فَلَا تَعْجَلْ عَلَيْهِمْ
हम तो बस उनके लिए एक-एक करके गिनती कर रहे हैं।
إِنَّمَا نَعُدُّ لَهُمْ عَدًّۭا
उस दिन जब हम सावधानी बरतने वालों को सर्वदयालु की ओर प्रतिनिधिमंडल के रूप में इकट्ठा करेंगे, और बहिष्कृतों को जहन्नम की ओर हाँकेंगे, कि वे वहाँ पहुँचें।
يَوْمَ نَحْشُرُ ٱلْمُتَّقِينَ إِلَى ٱلرَّحْمَٰنِ وَفْدًۭا وَنَسُوقُ ٱلْمُجْرِمِينَ إِلَىٰ جَهَنَّمَ وِرْدًۭا
वे किसी सिफ़ारिश के मालिक नहीं होंगे, सिवा उसके जिसने सर्वदयालु के पास कोई संधि ले रखी हो।
لَّا يَمْلِكُونَ ٱلشَّفَٰعَةَ إِلَّا مَنِ ٱتَّخَذَ عِندَ ٱلرَّحْمَٰنِ عَهْدًۭا
और उन्होंने कहा: “सर्वदयालु ने अपने लिए संतान बना ली है।”
وَقَالُوا۟ ٱتَّخَذَ ٱلرَّحْمَٰنُ وَلَدًۭا
तुम निश्चय ही एक भयंकर बात पर उतर आए हो! निकट है कि इसके कारण आकाश फट पड़ें, धरती चिर जाए और पहाड़ ढहकर गिर पड़ें — इसलिए कि उन्होंने सर्वदयालु के लिए संतान ठहराई।
لَّقَدْ جِئْتُمْ شَيْـًٔا إِدًّۭا تَكَادُ ٱلسَّمَٰوَٰتُ يَتَفَطَّرْنَ مِنْهُ وَتَنشَقُّ ٱلْأَرْضُ وَتَخِرُّ ٱلْجِبَالُ هَدًّا أَن دَعَوْا۟ لِلرَّحْمَٰنِ وَلَدًۭا
सर्वदयालु को यह शोभा नहीं देता कि वह अपने लिए संतान बनाए।
وَمَا يَنۢبَغِى لِلرَّحْمَٰنِ أَن يَتَّخِذَ وَلَدًا
आकाशों और धरती में कोई ऐसा नहीं जो सर्वदयालु के पास आज्ञाकारी बनकर न आए।
إِن كُلُّ مَن فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ إِلَّآ ءَاتِى ٱلرَّحْمَٰنِ عَبْدًۭا
उसने उन्हें निश्चय ही गिन रखा है और एक-एक करके गिना है।
لَّقَدْ أَحْصَىٰهُمْ وَعَدَّهُمْ عَدًّۭا
और उनमें से हर एक पेशी के दिन उसके पास अकेला आएगा।
وَكُلُّهُمْ ءَاتِيهِ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ فَرْدًا
जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, उनके लिए सर्वदयालु निश्चय ही स्नेह उत्पन्न करेगा।
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ سَيَجْعَلُ لَهُمُ ٱلرَّحْمَٰنُ وُدًّۭا
हमने इसे तुम्हारी भाषा में केवल इसलिए सरल किया है कि तुम इससे सावधानी बरतने वालों को शुभ समाचार दो और इससे एक हठी क़ौम को चेतावनी दो।
فَإِنَّمَا يَسَّرْنَٰهُ بِلِسَانِكَ لِتُبَشِّرَ بِهِ ٱلْمُتَّقِينَ وَتُنذِرَ بِهِۦ قَوْمًۭا لُّدًّۭا
उनसे पहले कितनी ही पीढ़ियों को हमने नष्ट कर दिया! क्या तुम उनमें से किसी एक को भी भाँप पाते हो, या उनकी हल्की-सी आहट भी सुनते हो?
وَكَمْ أَهْلَكْنَا قَبْلَهُم مِّن قَرْنٍ هَلْ تُحِسُّ مِنْهُم مِّنْ أَحَدٍ أَوْ تَسْمَعُ لَهُمْ رِكْزًۢا