सामग्री पर जाएँ
القرآنal-quran.fr
मेनू
100%
القرآن

الزمر

Az-Zumar

Do Not Lose Heart

Sura39
ص
पद75

Section VIIIThe application · continuation

The Reminder and exclusive obedience

  1. 38
  2. 39

Read the section from its beginning: sura 38

39:1

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। ग्रंथ का अवतरण ईश्वर की ओर से है, जो सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ تَنزِيلُ ٱلۡكِتَٰبِ مِنَ ٱللَّهِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَكِيمِ

39:2

हमने तुम्हारी ओर ग्रंथ को पूर्ण सत्य के साथ उतारा; अतः ईश्वर की आज्ञा का पालन करो, विधान को अनन्य रूप से उसी को समर्पित करते हुए।

إِنَّا أَنزَلۡنَا إِلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ بِٱلۡحَقِّ فَٱعۡبُدِ ٱللَّهَ مُخۡلِصٗا لَّهُ ٱلدِّينَ

39:3

क्या ऐसा नहीं है: निर्मल और अनन्य विधान ईश्वर का ही है।

أَلَا لِلَّهِ ٱلدِّينُ ٱلۡخَالِصُۚ

39:3

और जो उसके अतिरिक्त हिमायती बना लेते हैं: “हम उनकी आज्ञा का पालन केवल इसलिए करते हैं कि वे हमें ईश्वर के अत्यंत निकट पहुँचा दें”;

وَٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُواْ مِن دُونِهِۦ أَوۡلِيَآءَ مَا نَعۡبُدُهُمُۥ إِلَّا لِيُقَرِّبُونَا إِلَى ٱللَّهِ زُلۡفَىٰ

ईश्वर निश्चय ही उनके बीच उस विषय में निर्णय करेगा जिसमें वे मतभेद रखते हैं,

إِنَّ ٱللَّهَ يَحۡكُمُ بَيۡنَهُمُۥ فِي مَا هُمُۥ فِيهِۦ يَخۡتَلِفُونَ

39:3

क्योंकि ईश्वर उसे मार्ग नहीं दिखाता जो झूठा, बड़ा नकारने वाला है।

إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهۡدِي مَنۡ هُوَ كَٰذِبٞ كَفَّارٞ

यदि ईश्वर अपने लिए संतान रखना चाहता, तो वह अपने रचे हुए में से जो उसकी मर्ज़ी होती, उसे चुन लेता;

لَّوۡ أَرَادَ ٱللَّهُ أَن يَتَّخِذَ وَلَدٗا لَّٱصۡطَفَىٰ مِمَّا يَخۡلُقُ مَا يَشَآءُۚ

उसकी महिमा हो —

سُبۡحَٰنَهُۥۖ

वही ईश्वर है, एकमेव, वर्चस्वशाली।

هُوَ ٱللَّهُ ٱلۡوَٰحِدُ ٱلۡقَهَّارُ

उसने आकाशों और धरती को पूर्ण सत्य के साथ रचा;

خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ بِٱلۡحَقِّۖ

39:5

वह रात को दिन पर लपेटता है, और दिन को रात पर लपेटता है;

يُكَوِّرُ ٱلَّيۡلَ عَلَى ٱلنَّهَارِ وَيُكَوِّرُ ٱلنَّهَارَ عَلَى ٱلَّيۡلِۖ

और उसने सूर्य और चंद्रमा को वश में किया,

وَسَخَّرَ ٱلشَّمۡسَ وَٱلۡقَمَرَۖ

प्रत्येक एक नामित अवधि की ओर दौड़ता हुआ।

كُلّٞ يَجۡرِي لِأَجَلٖ مُّسَمًّىۗ

क्या ऐसा नहीं है: वही सर्वशक्तिमान, महान क्षमाकर्ता है।

أَلَا هُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡغَفَّٰرُ

39:6

उसने तुम्हें एक ही स्व से रचा, फिर उसमें से उसका जोड़ीदार निकाला;

خَلَقَكُمُۥ مِن نَّفۡسٖ وَٰحِدَةٖ ثُمَّ جَعَلَ مِنۡهَا زَوۡجَهَا

और उसने तुम्हारे लिए पशुधन में से आठ उतारे, जोड़ों में;

وَأَنزَلَ لَكُمُۥ مِنَ ٱلۡأَنۡعَٰمِ ثَمَٰنِيَةَ أَزۡوَٰجٖۚ

वह तुम्हें तुम्हारी माताओं के पेटों में रचता है, रचना के बाद रचना, तीन अँधेरों में;

يَخۡلُقُكُمُۥ فِي بُطُونِ أُمَّهَٰتِكُمُۥ خَلۡقٗا مِّنۢ بَعۡدِ خَلۡقٖ فِي ظُلُمَٰتٖ ثَلَٰثٖۚ

39:6

यही ईश्वर है, तुम्हारा अभिभावक; उसी का राजत्व है;

ذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمُۥ لَهُ ٱلۡمُلۡكُۖ

उसके सिवा कोई देवता नहीं;

لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ

तो तुम कैसे हटा दिए जाते हो?

فَأَنَّىٰ تُصۡرَفُونَ

39:7

यदि तुम नकारो, तो ईश्वर निश्चय ही धनी है, उसे तुम्हारी कोई आवश्यकता नहीं;

إِن تَكۡفُرُواْ فَإِنَّ ٱللَّهَ غَنِيٌّ عَنكُمُۥۖ

39:7

और वह अपने आज्ञाकारियों के लिए नकार को स्वीकार नहीं करता;

وَلَا يَرۡضَىٰ لِعِبَادِهِ ٱلۡكُفۡرَۖ

39:7

परंतु यदि तुम कृतज्ञ हो, तो वह उसे तुम्हारे लिए स्वीकार करता है।

وَإِن تَشۡكُرُواْ يَرۡضَهُۥ لَكُمُۥۗ

और कोई बोझ वहन करने वाला किसी दूसरे का बोझ वहन नहीं करेगा;

وَلَا تَزِرُ وَازِرَةٞ وِزۡرَ أُخۡرَىٰۚ

फिर तुम्हारा लौटना तुम्हारे अभिभावक की ओर ही है, और वह तुम्हें सूचित करेगा कि तुम क्या करते थे,

ثُمَّ إِلَىٰ رَبِّكُمُۥ مَرۡجِعُكُمُۥ فَيُنَبِّئُكُمُۥ بِمَا كُنتُمُۥ تَعۡمَلُونَۚ

39:7

क्योंकि वह सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।

إِنَّهُۥ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ

39:8

और जब मनुष्य को कोई हानि छूती है, तो वह अपने अभिभावक को पुकारता है, उसका आसरा लेते हुए;

۞ وَإِذَا مَسَّ ٱلۡإِنسَٰنَ ضُرّٞ دَعَا رَبَّهُۥ مُنِيبًا إِلَيۡهِۦ

39:8

फिर जब वह उसे अपनी ओर से कोई उपकार उपलब्ध कराता है, तो वह उसे भूल जाता है जिसे वह पहले पुकारता था, और ईश्वर के लिए प्रतिद्वंद्वी ठहराता है, उसकी राह से दूर भटकाने के लिए।

ثُمَّ إِذَا خَوَّلَهُۥ نِعۡمَةٗ مِّنۡهُۥ نَسِيَ مَا كَانَ يَدۡعُواْ إِلَيۡهِۦ مِن قَبۡلُ وَجَعَلَ لِلَّهِ أَندَادٗا لِّيَضِلَّ عَن سَبِيلِهِۦۚ

39:8

कहो: “अपने नकार का थोड़ा उपभोग कर लो, तुम निश्चय ही आग वालों में से हो।”

قُلۡ تَمَتَّعۡ بِكُفۡرِكَ قَلِيلًا إِنَّكَ مِنۡ أَصۡحَٰبِ ٱلنَّارِ

39:9

वह जो रात के प्रहरों में समर्पित रहता है, माथा टेके हुए और खड़ा हुआ, अंतिम जीवन के प्रति सजग और अपने अभिभावक की दया की आशा रखते हुए —

أَمَنۡ هُوَ قَٰنِتٌ ءَانَآءَ ٱلَّيۡلِ سَاجِدٗا وَقَآئِمٗا يَحۡذَرُ ٱلۡأٓخِرَةَ وَيَرۡجُواْ رَحۡمَةَ رَبِّهِۦۗ

कहो: “क्या जो जानते हैं वे उनके बराबर हैं जो नहीं जानते?”

قُلۡ هَلۡ يَسۡتَوِي ٱلَّذِينَ يَعۡلَمُونَ وَٱلَّذِينَ لَا يَعۡلَمُونَۗ

केवल मेधा रखने वाले ही स्मरण करते हैं।

إِنَّمَا يَتَذَكَّرُ أُوْلُواْ ٱلۡأَلۡبَٰبِ

कहो: “हे मेरे विश्वास करने वाले आज्ञाकारियो, अपने अभिभावक के प्रति सावधान रहो;

قُلۡ يَٰعِبَادِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱتَّقُواْ رَبَّكُمُۥۚ

इस निकट जीवन में भलाई करने वालों के लिए कुछ सुंदर है;

لِلَّذِينَ أَحۡسَنُواْ فِي هَٰذِهِ ٱلدُّنۡيَا حَسَنَةٞۗ

और ईश्वर की धरती विस्तृत है;

وَأَرۡضُ ٱللَّهِ وَٰسِعَةٌۗ

धैर्य रखने वाले ही निष्ठापूर्वक अपना पुरस्कार पाएँगे, बिना हिसाब के।”

إِنَّمَا يُوَفَّى ٱلصَّٰبِرُونَ أَجۡرَهُمُۥ بِغَيۡرِ حِسَابٖ

39:11–12

कहो: “मुझे आदेश दिया गया है कि मैं ईश्वर की आज्ञा का पालन करूँ, विधान को अनन्य रूप से उसी को समर्पित करते हुए, और मुझे आदेश दिया गया है कि मैं उसके प्रति खरों में सबसे पहला बनूँ।”

قُلۡ إِنِّي أُمِرۡتُ أَنۡ أَعۡبُدَ ٱللَّهَ مُخۡلِصٗا لَّهُ ٱلدِّينَ وَأُمِرۡتُ لِأَنۡ أَكُونَ أَوَّلَ ٱلۡمُسۡلِمِينَ

कहो: “यदि मैं अपने अभिभावक की अवज्ञा करूँ, तो मैं निश्चय ही एक विशाल दिन के दंड से डरता हूँ।”

قُلۡ إِنِّيَ أَخَافُ إِنۡ عَصَيۡتُ رَبِّي عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ

39:14

कहो: “मैं ईश्वर की ही आज्ञा का पालन करता हूँ, अपने विधान को अनन्य रूप से उसी को समर्पित करते हुए;

قُلِ ٱللَّهَ أَعۡبُدُ مُخۡلِصٗا لَّهُۥ دِينِي

39:15

तो तुम उसके अतिरिक्त जिसकी तुम्हारी मर्ज़ी हो, उसकी आज्ञा का पालन करो।”

فَٱعۡبُدُواْ مَا شِئۡتُمُۥ مِن دُونِهِۦۗ

39:15

कहो: “घाटा उठाने वाले वही हैं जिन्होंने पेशी के दिन अपने स्व और अपने परिवार को घाटे में डाल दिया होगा;

قُلۡ إِنَّ ٱلۡخَٰسِرِينَ ٱلَّذِينَ خَسِرُواْ أَنفُسَهُمُۥ وَأَهۡلِيهِمُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۗ

क्या ऐसा नहीं है: यही तो स्पष्ट घाटा है।”

أَلَا ذَٰلِكَ هُوَ ٱلۡخُسۡرَانُ ٱلۡمُبِينُ

39:16

उनके ऊपर आग के चँदोवे होंगे, और उनके नीचे भी वैसे ही;

لَهُمُۥ مِن فَوۡقِهِمُۥ ظُلَلٞ مِّنَ ٱلنَّارِ وَمِن تَحۡتِهِمُۥ ظُلَلٞۚ

इसी से ईश्वर अपने आज्ञाकारियों को डराता है:

ذَٰلِكَ يُخَوِّفُ ٱللَّهُ بِهِۦ عِبَادَهُۥۚ

“हे मेरे आज्ञाकारियो, मेरे प्रति सावधान रहो!”

يَٰعِبَادِ فَٱتَّقُونِ

39:17

और जो मर्यादाहीन की आज्ञा का पालन करने से बचते हैं, और ईश्वर का आसरा लेते हैं, उनके लिए शुभ समाचार है।

وَٱلَّذِينَ ٱجۡتَنَبُواْ ٱلطَّٰغُوتَ أَن يَعۡبُدُوهَا وَأَنَابُواْ إِلَى ٱللَّهِ لَهُمُ ٱلۡبُشۡرَىٰۚ

39:18

अतः मेरे उन आज्ञाकारियों को शुभ समाचार दो जो कथन पर कान लगाते हैं और उसके सबसे सुंदर का अनुसरण करते हैं;

فَبَشِّرۡ عِبَادِ ٱلَّذِينَ يَسۡتَمِعُونَ ٱلۡقَوۡلَ فَيَتَّبِعُونَ أَحۡسَنَهُۥۚ

वही हैं जिन्हें ईश्वर ने मार्ग दिखाया,

أُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ هَدَىٰهُمُ ٱللَّهُۖ

और वही मेधा रखने वाले हैं।

وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُۥ أُوْلُواْ ٱلۡأَلۡبَٰبِ

जिस पर दंड का बोल सिद्ध हो चुका — क्या तुम उसे उबारोगे जो आग में है?

أَفَمَنۡ حَقَّ عَلَيۡهِۦ كَلِمَةُ ٱلۡعَذَابِ أَفَأَنتَ تُنقِذُ مَن فِي ٱلنَّارِ

39:20

परंतु जिन्होंने अपने अभिभावक के प्रति सावधानी बरती, उनके लिए ऊँचे कक्ष हैं, जिनके ऊपर और कक्ष खड़े किए गए हैं, जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं;

لَٰكِنِ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ رَبَّهُمُۥ لَهُمُۥ غُرَفٞ مِّن فَوۡقِهَا غُرَفٞ مَّبۡنِيَّةٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ

ईश्वर का वादा —

وَعۡدَ ٱللَّهِ

ईश्वर अपने वादे को भंग नहीं करता।

لَا يُخۡلِفُ ٱللَّهُ ٱلۡمِيعَادَ

क्या तुमने नहीं देखा कि ईश्वर आकाश से एक पानी उतारता है, जिसे वह धरती में स्रोतों के रूप में प्रविष्ट कराता है, फिर उससे विविध रंगों की एक खेती निकालता है; फिर वह सूख जाती है, और तुम उसे पीली पड़ी देखते हो; फिर वह उसे चूरा बना देता है?

أَلَمۡ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَسَلَكَهُۥ يَنَٰبِيعَ فِي ٱلۡأَرۡضِ ثُمَّ يُخۡرِجُ بِهِۦ زَرۡعٗا مُّخۡتَلِفًا أَلۡوَٰنُهُۥ ثُمَّ يَهِيجُ فَتَرَىٰهُۥ مُصۡفَرّٗا ثُمَّ يَجۡعَلُهُۥ حُطَٰمًاۚ

इसमें अवश्य मेधा रखने वालों के लिए एक स्मरण है।

إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَذِكۡرَىٰ لِأُوْلِي ٱلۡأَلۡبَٰبِ

39:22

वह जिसके सीने को ईश्वर ने ईश्वर के प्रति खरेपन के लिए खोल दिया, और जो इस प्रकार अपने अभिभावक की ओर से एक प्रकाश पर है —

أَفَمَن شَرَحَ ٱللَّهُ صَدۡرَهُۥ لِلۡإِسۡلَٰمِ فَهُوَ عَلَىٰ نُورٖ مِّن رَّبِّهِۦۚ

39:22

तो हाय उन पर जिनके मर्म ईश्वर के स्मरण के विरुद्ध कठोर हो गए हैं!

فَوَيۡلٞ لِّلۡقَٰسِيَةِ قُلُوبُهُمُۥ مِن ذِكۡرِ ٱللَّهِۚ

वही स्पष्ट भटकाव में हैं।

أُوْلَٰٓئِكَ فِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ

39:23

ईश्वर ने सबसे सुंदर वार्ता उतारा, एक ऐसा ग्रंथ जिसके अंश एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं, द्विपदियों में,

ٱللَّهُ نَزَّلَ أَحۡسَنَ ٱلۡحَدِيثِ كِتَٰبٗا مُّتَشَٰبِهٗا مَّثَانِيَ

39:23

जिससे उनकी त्वचाएँ काँप उठती हैं जो अपने अभिभावक से भय रखते हैं; फिर उनकी त्वचाएँ और उनके मर्म ईश्वर के स्मरण पर नरम पड़ जाते हैं;

تَقۡشَعِرُّ مِنۡهُۥ جُلُودُ ٱلَّذِينَ يَخۡشَوۡنَ رَبَّهُمُۥ ثُمَّ تَلِينُ جُلُودُهُمُۥ وَقُلُوبُهُمُۥ إِلَىٰ ذِكۡرِ ٱللَّهِۚ

यही ईश्वर का मार्गदर्शन है, जिससे वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे मार्ग दिखाता है;

ذَٰلِكَ هُدَى ٱللَّهِ يَهۡدِي بِهِۦ مَن يَشَآءُۚ

और जिसे ईश्वर भटका दे, उसके लिए कोई मार्ग दिखाने वाला नहीं रहता।

وَمَن يُضۡلِلِ ٱللَّهُ فَمَا لَهُۥ مِنۡ هَادٍ

39:24

वह जो पेशी के दिन बुरे दंड से अपने चेहरे द्वारा अपना बचाव करता है —

أَفَمَن يَتَّقِي بِوَجۡهِهِۦ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ

और अन्यायियों से कहा जाएगा: “चखो जो तुम कमाते थे।”

وَقِيلَ لِلظَّٰلِمِينَ ذُوقُواْ مَا كُنتُمُۥ تَكۡسِبُونَ

उनसे पहले वालों ने झुठलाया, और दंड उन पर वहाँ से आया जहाँ से उन्हें उसका आभास न था;

كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمُۥ فَأَتَىٰهُمُ ٱلۡعَذَابُ مِنۡ حَيۡثُ لَا يَشۡعُرُونَ

ईश्वर ने उन्हें निकट जीवन में लज्जा चखाई,

فَأَذَاقَهُمُ ٱللَّهُ ٱلۡخِزۡيَ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ

और अंतिम जीवन का दंड अधिक बड़ा है, यदि वे जानते।

وَلَعَذَابُ ٱلۡأٓخِرَةِ أَكۡبَرُۚ لَوۡ كَانُواْ يَعۡلَمُونَ

39:27–28

और हमने निश्चय ही लोगों के लिए इस पाठ में हर प्रकार के उदाहरण कई गुना किए हैं, शायद वे स्मरण करें — एक त्रुटिहीन पाठ, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं, शायद वे सावधान रहें।

وَلَقَدۡ ضَرَبۡنَا لِلنَّاسِ فِي هَٰذَا ٱلۡقُرَانِ مِن كُلِّ مَثَلٖ لَّعَلَّهُمُۥ يَتَذَكَّرُونَ قُرَانًا عَرَبِيًّا غَيۡرَ ذِي عِوَجٖ لَّعَلَّهُمُۥ يَتَّقُونَ

39:29

ईश्वर एक उदाहरण जोड़ता है: एक पुरुष जो आपस में असहमत साझीदारों का है, और एक पुरुष जो अकेले एक ही पुरुष का अपना है —

ضَرَبَ ٱللَّهُ مَثَلٗا رَّجُلٗا فِيهِۦ شُرَكَآءُ مُتَشَٰكِسُونَ وَرَجُلٗا سَٰلِمٗا لِّرَجُلٍ

39:29

क्या वे उदाहरण में बराबर हैं?

هَلۡ يَسۡتَوِيَانِ مَثَلًاۚ

39:29

प्रशंसा ईश्वर के लिए है!

ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِۚ

परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।

بَلۡ أَكۡثَرُهُمُۥ لَا يَعۡلَمُونَ

39:30–31

तुम मरोगे, और वे मरेंगे; फिर पेशी के दिन तुम निश्चय ही अपने अभिभावक के सामने झगड़ोगे।

إِنَّكَ مَيِّتٞ وَإِنَّهُمُۥ مَيِّتُونَ ثُمَّ إِنَّكُمُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ عِندَ رَبِّكُمُۥ تَخۡتَصِمُونَ

तो उससे अधिक अन्यायी कौन है जो ईश्वर पर झूठ बोलता है और सच्चाई के उसके पास आ जाने पर उसे झुठलाता है?

۞ فَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّن كَذَبَ عَلَى ٱللَّهِ وَكَذَّبَ بِٱلصِّدۡقِ إِذۡ جَآءَهُۥۚ

39:32

क्या जहन्नम में नकारने वालों के लिए कोई निवास नहीं है?

أَلَيۡسَ فِي جَهَنَّمَ مَثۡوٗى لِّلۡكَٰفِرِينَ

और जो सच्चाई लेकर आया, और जिसने उसे सच्चा ठहराया, वही सावधानी बरतने वाले हैं।

وَٱلَّذِي جَآءَ بِٱلصِّدۡقِ وَصَدَّقَ بِهِۦ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُتَّقُونَ

उनके अभिभावक के पास उनके लिए वह होगा जो उनकी मर्ज़ी हो;

لَهُمُۥ مَا يَشَآءُونَ عِندَ رَبِّهِمُۥۚ

39:35

यही भलाई करने वालों का प्रतिफल है, ताकि ईश्वर उनके लिए उसका सबसे बुरा ढक दे जो उन्होंने किया, और उन्हें उनके पुरस्कार का प्रतिफल दे उसके सबसे सुंदर के अनुसार जो वे करते थे।

ذَٰلِكَ جَزَآءُ ٱلۡمُحۡسِنِينَ لِيُكَفِّرَ ٱللَّهُ عَنۡهُمُۥ أَسۡوَأَ ٱلَّذِي عَمِلُواْ وَيَجۡزِيَهُمُۥ أَجۡرَهُمُۥ بِأَحۡسَنِ ٱلَّذِي كَانُواْ يَعۡمَلُونَ

39:36

क्या ईश्वर अपने आज्ञाकारी के लिए पर्याप्त नहीं है?

أَلَيۡسَ ٱللَّهُ بِكَافٍ عَبۡدَهُۥۖ

39:36

और वे तुम्हें उनसे डराना चाहते हैं जो उसके अतिरिक्त हैं;

وَيُخَوِّفُونَكَ بِٱلَّذِينَ مِن دُونِهِۦۚ

और जिसे ईश्वर भटका दे, उसके लिए कोई मार्ग दिखाने वाला नहीं रहता।

وَمَن يُضۡلِلِ ٱللَّهُ فَمَا لَهُۥ مِنۡ هَادٖ

और जिसे ईश्वर मार्ग दिखाए, उसके लिए भटकाने वाला कोई नहीं रहता;

وَمَن يَهۡدِ ٱللَّهُ فَمَا لَهُۥ مِن مُّضِلٍّۗ

39:37

क्या ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रतिशोध वाला नहीं है?

أَلَيۡسَ ٱللَّهُ بِعَزِيزٖ ذِي ٱنتِقَامٖ

और यदि तुम उनसे पूछो कि आकाशों और धरती को किसने रचा, तो वे अवश्य कहेंगे: “ईश्वर”;

وَلَئِن سَأَلۡتَهُمُۥ مَنۡ خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ لَيَقُولُنَّ ٱللَّهُۚ

39:38

कहो: “क्या तुम देखते हो उसे जिसे तुम ईश्वर के अतिरिक्त पुकारते हो? यदि ईश्वर मुझे हानि पहुँचाना चाहे, तो क्या ये उसकी हानि को मुझसे दूर कर सकती हैं? या यदि वह मेरे लिए दया चाहे, तो क्या ये उसे अपने पास रोक सकती हैं?”

قُلۡ أَفَرَءَيۡتُمُۥ مَا تَدۡعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ إِنۡ أَرَادَنِيَ ٱللَّهُ بِضُرٍّ هَلۡ هُنَّ كَٰشِفَٰتُ ضُرِّهِۦ أَوۡ أَرَادَنِي بِرَحۡمَةٍ هَلۡ هُنَّ مُمۡسِكَٰتُ رَحۡمَتِهِۦۚ

39:38

कहो: “ईश्वर मेरे लिए पर्याप्त है;

قُلۡ حَسۡبِيَ ٱللَّهُۖ

39:38

मुख़्तार बनाने वाले उसी को मुख़्तार बनाते हैं।”

عَلَيۡهِۦ يَتَوَكَّلُ ٱلۡمُتَوَكِّلُونَ

39:39

कहो: “हे मेरी क़ौम, अपने स्थान के अनुसार कर्म करो, क्योंकि मैं भी कर्म करता हूँ;

قُلۡ يَٰقَوۡمِ ٱعۡمَلُواْ عَلَىٰ مَكَانَتِكُمُۥ إِنِّي عَٰمِلٞۖ

तुम शीघ्र जान लोगे कि किसके पास वह दंड आएगा जो उसे अपमानित करेगा, और किस पर वह दंड टूट पड़ेगा जो बना रहता है।”

فَسَوۡفَ تَعۡلَمُونَ مَن يَأۡتِيهِۦ عَذَابٞ يُخۡزِيهِۦ وَيَحِلُّ عَلَيۡهِۦ عَذَابٞ مُّقِيمٌ

39:41

हमने तुम पर लोगों के लिए ग्रंथ उतारा है, पूर्ण सत्य के साथ;

إِنَّا أَنزَلۡنَا عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ لِلنَّاسِ بِٱلۡحَقِّۖ

39:41

जो मार्गदर्शन पाता है, वह अपने ही लिए है;

فَمَنِ ٱهۡتَدَىٰ فَلِنَفۡسِهِۦۖ

39:41

और जो भटकता है वह केवल अपने ही विरुद्ध भटकता है;

وَمَن ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيۡهَاۖ

39:41

और तुम उनके लिए मुख़्तार नहीं हो।

وَمَا أَنتَ عَلَيۡهِمُۥ بِوَكِيلٍ

39:42

ईश्वर स्वों को उनकी मृत्यु के समय निष्ठापूर्वक सँभालता है, और उन्हें भी जो अभी नहीं मरे, उनकी नींद में;

ٱللَّهُ يَتَوَفَّى ٱلۡأَنفُسَ حِينَ مَوۡتِهَا وَٱلَّتِي لَمۡ تَمُتۡ فِي مَنَامِهَاۖ

39:42

जिन पर उसने मृत्यु तय की उन्हें वह थामे रखता है, और दूसरों को एक नामित अवधि तक वापस भेज देता है;

فَيُمۡسِكُ ٱلَّتِي قَضَىٰ عَلَيۡهَا ٱلۡمَوۡتَ وَيُرۡسِلُ ٱلۡأُخۡرَىٰ إِلَىٰ أَجَلٖ مُّسَمًّىۚ

इसमें अवश्य एक ऐसी क़ौम के लिए संकेत हैं जो सोच-विचार करती है।

إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يَتَفَكَّرُونَ

या क्या उन्होंने ईश्वर के अतिरिक्त मध्यस्थ बना लिए हैं?

أَمِ ٱتَّخَذُواْ مِن دُونِ ٱللَّهِ شُفَعَآءَۚ

कहो: “भले ही वे किसी चीज़ के मालिक न हों और बुद्धि से काम न लें?”

قُلۡ أَوَلَوۡ كَانُواْ لَا يَمۡلِكُونَ شَيۡـٔٗا وَلَا يَعۡقِلُونَ

कहो: “मध्यस्थता पूरी की पूरी ईश्वर की है;

قُل لِّلَّهِ ٱلشَّفَٰعَةُ جَمِيعٗاۖ

आकाशों और धरती का राजत्व उसी का है;

لَّهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ

फिर उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।”

ثُمَّ إِلَيۡهِۦ تُرۡجَعُونَ

39:45

और जब अकेले ईश्वर का स्मरण किया जाता है, तो जो अंतिम जीवन पर विश्वास नहीं करते उनके मर्म अरुचि से सिकुड़ जाते हैं;

وَإِذَا ذُكِرَ ٱللَّهُ وَحۡدَهُ ٱشۡمَأَزَّتۡ قُلُوبُ ٱلَّذِينَ لَا يُؤۡمِنُونَ بِٱلۡأٓخِرَةِۖ

और जब उनका स्मरण किया जाता है जो उसके अतिरिक्त हैं, तो देखो, वे उल्लसित हो उठते हैं।

وَإِذَا ذُكِرَ ٱلَّذِينَ مِن دُونِهِۦ إِذَا هُمُۥ يَسۡتَبۡشِرُونَ

39:46

कहो: “हे ईश्वर, आकाशों और धरती के उद्गम, उसे जानने वाले जो इंद्रियों से परे है और जो साक्ष्य में है, आप ही अपने आज्ञाकारियों के बीच उसका निर्णय करेंगे जिसमें वे मतभेद करते थे।”

قُلِ ٱللَّهُمَّ فَاطِرَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ عَٰلِمَ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ أَنتَ تَحۡكُمُ بَيۡنَ عِبَادِكَ فِي مَا كَانُواْ فِيهِۦ يَخۡتَلِفُونَ

39:47

और यदि अन्यायियों के पास वह सब होता जो धरती पर है, और उसके साथ उतना ही और, तो वे उसे पेशी के दिन बुरे दंड के बदले फिरौती में दे देते;

وَلَوۡ أَنَّ لِلَّذِينَ ظَلَمُواْ مَا فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا وَمِثۡلَهُۥ مَعَهُۥ لَٱفۡتَدَوۡاْ بِهِۦ مِن سُوٓءِ ٱلۡعَذَابِ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ

और ईश्वर की ओर से उनके सामने वह आ जाएगा जिसकी वे गिनती नहीं करते थे।

وَبَدَا لَهُمُۥ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَمۡ يَكُونُواْ يَحۡتَسِبُونَ

और उनके सामने आ जाएँगे उनकी कमाई के बुरे परिणाम,

وَبَدَا لَهُمُۥ سَيِّـَٔاتُ مَا كَسَبُواْ

और जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे वह उनके विरुद्ध चरितार्थ होगा।

وَحَاقَ بِهِمُۥ مَا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ

39:49

जब मनुष्य को हानि छूती है, तो वह हमें पुकारता है; फिर जब हम उसे अपनी ओर से कोई उपकार उपलब्ध कराते हैं, तो वह कहता है: “यह मुझे केवल ज्ञान के कारण दिया गया है।”

فَإِذَا مَسَّ ٱلۡإِنسَٰنَ ضُرّٞ دَعَانَا ثُمَّ إِذَا خَوَّلۡنَٰهُۥ نِعۡمَةٗ مِّنَّا قَالَ إِنَّمَا أُوتِيتُهُۥ عَلَىٰ عِلۡمِۭۚ

39:49

बल्कि यह एक परीक्षा है,

بَلۡ هِيَ فِتۡنَةٞ

परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।

وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمُۥ لَا يَعۡلَمُونَ

उनसे पहले वालों ने भी यही कह दिया था, और जो वे कमाते थे वह उनके किसी काम न आया।

قَدۡ قَالَهَا ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمُۥ فَمَا أَغۡنَىٰ عَنۡهُمُۥ مَا كَانُواْ يَكۡسِبُونَ

उनकी कमाई के बुरे परिणाम उन पर आ पड़े;

فَأَصَابَهُمُۥ سَيِّـَٔاتُ مَا كَسَبُواْۚ

और इनमें से जो अन्यायी हैं, उन पर उनकी कमाई के बुरे परिणाम आ पड़ेंगे, और वे उसे असमर्थ न कर सकेंगे।

وَٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ مِنۡ هَٰؤُلَآءِ سَيُصِيبُهُمُۥ سَيِّـَٔاتُ مَا كَسَبُواْ وَمَا هُمُۥ بِمُعۡجِزِينَ

क्या वे नहीं जानते कि ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए जीविका फैलाता है, और उसे मापता है?

أَوَلَمۡ يَعۡلَمُواْ أَنَّ ٱللَّهَ يَبۡسُطُ ٱلرِّزۡقَ لِمَن يَشَآءُ وَيَقۡدِرُۚ

इसमें अवश्य एक ऐसी क़ौम के लिए संकेत हैं जो विश्वास करती है।

إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ

39:53

कहो: “हे मेरे आज्ञाकारियो, जिन्होंने अपने ऊपर अति की है, ईश्वर की दया के विषय में हिम्मत मत हारो;

۞ قُلۡ يَٰعِبَادِيَ ٱلَّذِينَ أَسۡرَفُواْ عَلَىٰ أَنفُسِهِمُۥ لَا تَقۡنَطُواْ مِن رَّحۡمَةِ ٱللَّهِۚ

39:53

क्योंकि ईश्वर सभी दोष क्षमा करता है;

إِنَّ ٱللَّهَ يَغۡفِرُ ٱلذُّنُوبَ جَمِيعًاۚ

39:53

क्योंकि वही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।”

إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ

39:54

और अपने अभिभावक का आसरा लो, और उसके प्रति खरे बनो, इससे पहले कि तुम पर दंड आए; तब तुम्हारी सहायता नहीं की जाएगी।

وَأَنِيبُواْ إِلَىٰ رَبِّكُمُۥ وَأَسۡلِمُواْ لَهُۥ مِن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَكُمُ ٱلۡعَذَابُ ثُمَّ لَا تُنصَرُونَ

39:55–58

और जो तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम पर उतारा गया है, उसमें से सबसे सुंदर का अनुसरण करो, इससे पहले कि तुम पर अचानक दंड आ जाए, जबकि तुम्हें उसका आभास न हो — कहीं ऐसा न हो कि कोई स्व कहे: “कैसा संताप है उस पर जिसकी मैंने ईश्वर के प्रति उपेक्षा की, और इस पर कि मैं अवश्य उपहास करने वालों में से था!” या वह कहे: “यदि ईश्वर ने मुझे मार्ग दिखाया होता, तो मैं सावधानी बरतने वालों में से होता”; या वह दंड को देखते हुए कहे: “काश मेरे पास एक दूसरा दाँव होता, तो मैं भलाई करने वालों में से होता।”

وَٱتَّبِعُواْ أَحۡسَنَ مَا أُنزِلَ إِلَيۡكُمُۥ مِن رَّبِّكُمُۥ مِن قَبۡلِ أَن يَأۡتِيَكُمُ ٱلۡعَذَابُ بَغۡتَةٗ وَأَنتُمُۥ لَا تَشۡعُرُونَ أَن تَقُولَ نَفۡسٞ يَٰحَسۡرَتَىٰ عَلَىٰ مَا فَرَّطتُ فِي جَنۢبِ ٱللَّهِ وَإِن كُنتُ لَمِنَ ٱلسَّٰخِرِينَ أَوۡ تَقُولَ لَوۡ أَنَّ ٱللَّهَ هَدَىٰنِي لَكُنتُ مِنَ ٱلۡمُتَّقِينَ أَوۡ تَقُولَ حِينَ تَرَى ٱلۡعَذَابَ لَوۡ أَنَّ لِي كَرَّةٗ فَأَكُونَ مِنَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ

39:59

“क्यों नहीं! मेरे संकेत तुम्हारे पास आए, परंतु तुमने उन्हें झुठलाया, तुम घमंड से फूल गए, और तुम नकारने वालों में से रहे।”

بَلَىٰ قَدۡ جَآءَتۡكَ ءَايَٰتِي فَكَذَّبۡتَ بِهَا وَٱسۡتَكۡبَرۡتَ وَكُنتَ مِنَ ٱلۡكَٰفِرِينَ

39:60

और पेशी के दिन तुम उन्हें देखोगे जिन्होंने ईश्वर पर झूठ बोला, काले चेहरों के साथ।

وَيَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ تَرَى ٱلَّذِينَ كَذَبُواْ عَلَى ٱللَّهِ وُجُوهُهُمُۥ مُسۡوَدَّةٌۚ

क्या जहन्नम में घमंडियों के लिए कोई निवास नहीं है?

أَلَيۡسَ فِي جَهَنَّمَ مَثۡوٗى لِّلۡمُتَكَبِّرِينَ

39:61

और ईश्वर उन्हें उबारता है जिन्होंने सावधानी बरती, उनकी विजय के कारण; उन्हें कोई बुराई नहीं छुएगी, और न वे दुखी होंगे।

وَيُنَجِّي ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ بِمَفَازَتِهِمُۥ لَا يَمَسُّهُمُ ٱلسُّوٓءُ وَلَا هُمُۥ يَحۡزَنُونَ

ईश्वर हर चीज़ का रचयिता है;

ٱللَّهُ خَٰلِقُ كُلِّ شَيۡءٖۖ

39:62

और वह हर चीज़ पर मुख़्तार है।

وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ وَكِيلٞ

आकाशों और धरती की ज़िम्मेदारियाँ उसी की हैं;

لَّهُۥ مَقَالِيدُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ

39:63

और जो ईश्वर के संकेतों को नकारते हैं, वही घाटा उठाने वाले हैं।

وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ

39:64

कहो: “तो क्या तुम मुझे आदेश देते हो कि मैं ईश्वर के अतिरिक्त किसी और की आज्ञा का पालन करूँ, हे अज्ञानियो?”

قُلۡ أَفَغَيۡرَ ٱللَّهِ تَأۡمُرُوٓنِّيَ أَعۡبُدُ أَيُّهَا ٱلۡجَٰهِلُونَ

निश्चय ही तुम पर, और तुमसे पहले वालों पर, यह प्रकट किया गया है: “यदि तुम साझी ठहराओ, तो तुम्हारा कर्म अवश्य ढह जाएगा, और तुम अवश्य घाटा उठाने वालों में से होगे।”

وَلَقَدۡ أُوحِيَ إِلَيۡكَ وَإِلَى ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِكَ لَئِنۡ أَشۡرَكۡتَ لَيَحۡبَطَنَّ عَمَلُكَ وَلَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ

बल्कि ईश्वर की आज्ञा का पालन करो, और कृतज्ञों की गिनती में रहो।

بَلِ ٱللَّهَ فَٱعۡبُدۡ وَكُن مِّنَ ٱلشَّٰكِرِينَ

39:67

उन्होंने ईश्वर को उसकी सही माप से नहीं मापा; पूरी धरती पेशी के दिन उसकी मुट्ठी में होगी, और आकाश उसके दाएँ हाथ में तह किए जाएँगे।

وَمَا قَدَرُواْ ٱللَّهَ حَقَّ قَدۡرِهِۦ وَٱلۡأَرۡضُ جَمِيعٗا قَبۡضَتُهُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ وَٱلسَّمَٰوَٰتُ مَطۡوِيَّٰتُۢ بِيَمِينِهِۦۚ

उसकी महिमा हो, और वह उससे बहुत ऊपर है जिसे वे उसका साझी ठहराते हैं।

سُبۡحَٰنَهُۥ وَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يُشۡرِكُونَ

और नरसिंगे में फूँका जाएगा, और जो भी आकाशों में और धरती पर है वज्राहत हो जाएगा, सिवा उसके जिस पर ईश्वर की मर्ज़ी हो;

وَنُفِخَ فِي ٱلصُّورِ فَصَعِقَ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ إِلَّا مَن شَآءَ ٱللَّهُۖ

फिर उसमें दूसरी बार फूँका जाएगा, और देखो, वे खड़े हैं, नज़र डालते हुए।

ثُمَّ نُفِخَ فِيهِۦ أُخۡرَىٰ فَإِذَا هُمُۥ قِيَامٞ يَنظُرُونَ

39:69

और धरती अपने अभिभावक के प्रकाश से जगमगा उठेगी; बही रखी जाएगी; सूचनादाता और साक्षी लाए जाएँगे; उनके बीच पूर्ण सत्य के साथ फ़ैसला किया जाएगा, और उन पर अन्याय नहीं किया जाएगा।

وَأَشۡرَقَتِ ٱلۡأَرۡضُ بِنُورِ رَبِّهَا وَوُضِعَ ٱلۡكِتَٰبُ وَجِاْيٓءَ بِٱلنَّبِيِّـۧنَ وَٱلشُّهَدَآءِ وَقُضِيَ بَيۡنَهُمُۥ بِٱلۡحَقِّ وَهُمُۥ لَا يُظۡلَمُونَ

और हर स्व को निष्ठापूर्वक वह दिया जाएगा जो उसने किया, और वह जो वे करते हैं उसे सबसे अच्छी तरह जानता है।

وَوُفِّيَتۡ كُلُّ نَفۡسٖ مَّا عَمِلَتۡ وَهُوَ أَعۡلَمُ بِمَا يَفۡعَلُونَ

39:71

और नकारने वाले जहन्नम की ओर ले जाए जाएँगे, समूह-समूह में,

وَسِيقَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ إِلَىٰ جَهَنَّمَ زُمَرًاۖ

39:71

यहाँ तक कि जब वे वहाँ पहुँच जाएँगे, तो उसके द्वार खुल जाएँगे, और उसके प्रभारी उनसे कहेंगे: “क्या तुम्हीं में से संदेशवाहक तुम्हारे पास नहीं आए, जो तुम्हें तुम्हारे अभिभावक के संकेत सुनाते थे और तुम्हें इस दिन से मिलने की चेतावनी देते थे?”

حَتَّىٰ إِذَا جَآءُوهَا فُتِّحَتۡ أَبۡوَٰبُهَا وَقَالَ لَهُمُۥ خَزَنَتُهَا أَلَمۡ يَأۡتِكُمُۥ رُسُلٞ مِّنكُمُۥ يَتۡلُونَ عَلَيۡكُمُۥ ءَايَٰتِ رَبِّكُمُۥ وَيُنذِرُونَكُمُۥ لِقَآءَ يَوۡمِكُمُۥ هَٰذَاۚ

39:71

वे कहेंगे: “क्यों नहीं!” परंतु दंड का बोल नकारने वालों पर सिद्ध हो चुका होगा।

قَالُواْ بَلَىٰ وَلَٰكِنۡ حَقَّتۡ كَلِمَةُ ٱلۡعَذَابِ عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ

कहा जाएगा: “जहन्नम के द्वारों से प्रवेश करो, वहाँ सदा रहने के लिए।”

قِيلَ ٱدۡخُلُواْ أَبۡوَٰبَ جَهَنَّمَ خَٰلِدِينَ فِيهَاۖ

घमंडियों का निवास कितना निकृष्ट है!

فَبِئۡسَ مَثۡوَى ٱلۡمُتَكَبِّرِينَ

39:73

और जो अपने अभिभावक के प्रति सावधान रहे, वे उद्यान की ओर ले जाए जाएँगे, समूह-समूह में,

وَسِيقَ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ رَبَّهُمُۥ إِلَى ٱلۡجَنَّةِ زُمَرًاۖ

39:73

यहाँ तक कि जब वे वहाँ पहुँच जाएँगे, और उसके द्वार खुले होंगे, तो उसके प्रभारी उनसे कहेंगे: “तुम पर शांति हो, तुम भले रहे — इसमें प्रवेश करो, वहाँ सदा रहने के लिए।”

حَتَّىٰ إِذَا جَآءُوهَا وَفُتِّحَتۡ أَبۡوَٰبُهَا وَقَالَ لَهُمُۥ خَزَنَتُهَا سَلَٰمٌ عَلَيۡكُمُۥ طِبۡتُمُۥ فَٱدۡخُلُوهَا خَٰلِدِينَ

39:74

और वे कहेंगे: “प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जिसने हमसे अपना वादा निभाया, और हमें धरती का वारिस बनाया, हमें उद्यान में जहाँ हमारी मर्ज़ी हो वहाँ स्थापित करते हुए; कर्म करने वालों का पुरस्कार कितना उत्तम है!”

وَقَالُواْ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ ٱلَّذِي صَدَقَنَا وَعۡدَهُۥ وَأَوۡرَثَنَا ٱلۡأَرۡضَ نَتَبَوَّأُ مِنَ ٱلۡجَنَّةِ حَيۡثُ نَشَآءُۖ فَنِعۡمَ أَجۡرُ ٱلۡعَٰمِلِينَ

39:75

और तुम अभिकर्ताओं को भवन के आसपास देखोगे, अपने अभिभावक की प्रशंसा करते हुए महिमा गाते हुए;

وَتَرَى ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ حَآفِّينَ مِنۡ حَوۡلِ ٱلۡعَرۡشِ يُسَبِّحُونَ بِحَمۡدِ رَبِّهِمُۥۚ

39:75

और उनके बीच पूर्ण सत्य के साथ फ़ैसला किया जाएगा,

وَقُضِيَ بَيۡنَهُمُۥ بِٱلۡحَقِّۚ

39:75

और कहा जाएगा: “प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है।”

وَقِيلَ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ

← अध्यायों की अनुक्रमणिका