الاحقاف
Al-Ahqaf
No Novelty Among the Messengers
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
हा. मीम.
حمٓ
ग्रंथ का अवतरण ईश्वर की ओर से है, जो सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
تَنزِيلُ ٱلْكِتَٰبِ مِنَ ٱللَّهِ ٱلْعَزِيزِ ٱلْحَكِيمِ
हमने आकाशों और धरती, और जो उनके बीच है, उन्हें केवल पूर्ण सत्य के साथ और नामित अवधि के लिए रचा है।
مَا خَلَقْنَا ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَآ إِلَّا بِٱلْحَقِّ وَأَجَلٍۢ مُّسَمًّۭى
और जो नकारते हैं वे उससे कतराते हैं जिसकी उन्हें चेतावनी दी गई है।
وَٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ عَمَّآ أُنذِرُوا۟ مُعْرِضُونَ
कहो: “क्या तुम देखते हो जिसे तुम ईश्वर के अतिरिक्त पुकारते हो? मुझे दिखाओ उन्होंने धरती में से क्या रचा है, या आकाशों में उनका कोई हिस्सा है?
قُلْ أَرَءَيْتُم مَّا تَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ أَرُونِى مَاذَا خَلَقُوا۟ مِنَ ٱلْأَرْضِ أَمْ لَهُمْ شِرْكٌۭ فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ
इससे पहले का कोई ग्रंथ मेरे पास लाओ, या ज्ञान की कोई पदछाप, यदि तुम सच्चे हो।”
ٱئْتُونِى بِكِتَٰبٍۢ مِّن قَبْلِ هَٰذَآ أَوْ أَثَٰرَةٍۢ مِّنْ عِلْمٍ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ
और उससे अधिक भटका हुआ कौन है जो ईश्वर के अतिरिक्त उसे पुकारता है जो पेशी के दिन तक उसे उत्तर नहीं देगा, जबकि वे उनके पुकारने से लापरवाह हैं?
وَمَنْ أَضَلُّ مِمَّن يَدْعُوا۟ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَن لَّا يَسْتَجِيبُ لَهُۥٓ إِلَىٰ يَوْمِ ٱلْقِيَٰمَةِ وَهُمْ عَن دُعَآئِهِمْ غَٰفِلُونَ
और जब लोग इकट्ठा किए जाएँगे, तो वे उनके शत्रु होंगे, और वे उनकी आज्ञाकारिता को नकारेंगे।
وَإِذَا حُشِرَ ٱلنَّاسُ كَانُوا۟ لَهُمْ أَعْدَآءًۭ وَكَانُوا۟ بِعِبَادَتِهِمْ كَٰفِرِينَ
और जब उन्हें हमारे संकेत स्पष्ट सुनाए जाते हैं, तो जो नकारते हैं वे सत्य के विषय में, जब वह उन्हें मिल जाता है, कहते हैं: “यह स्पष्ट भ्रम है।”
وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ ءَايَٰتُنَا بَيِّنَٰتٍۢ قَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ لِلْحَقِّ لَمَّا جَآءَهُمْ هَٰذَا سِحْرٌۭ مُّبِينٌ
या फिर वे कहेंगे: “उसने इसे गढ़ लिया है”?
أَمْ يَقُولُونَ ٱفْتَرَىٰهُ
कहो: “यदि मैंने इसे गढ़ लिया है, तो ईश्वर के सामने तुम मेरे लिए कुछ नहीं रखते।
قُلْ إِنِ ٱفْتَرَيْتُهُۥ فَلَا تَمْلِكُونَ لِى مِنَ ٱللَّهِ شَيْـًٔا
तुम जिसमें लगे रहते हो उसे वह सबसे अच्छा जानता है।
هُوَ أَعْلَمُ بِمَا تُفِيضُونَ فِيهِ
मेरे और तुम्हारे बीच साक्षी के रूप में वही पर्याप्त है।
كَفَىٰ بِهِۦ شَهِيدًۢا بَيْنِى وَبَيْنَكُمْ
और वही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।”
وَهُوَ ٱلْغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ
कहो: “मैं संदेशवाहकों में कोई नई बात नहीं हूँ, और मुझे अंदाज़ा नहीं कि मेरे साथ और तुम्हारे साथ क्या किया जाएगा।
قُلْ مَا كُنتُ بِدْعًۭا مِّنَ ٱلرُّسُلِ وَمَآ أَدْرِى مَا يُفْعَلُ بِى وَلَا بِكُمْ
मैं केवल उसका अनुसरण करता हूँ जो मेरी ओर प्रकट किया जाता है।
إِنْ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَىٰٓ إِلَىَّ
और मैं केवल एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला हूँ।”
وَمَآ أَنَا۠ إِلَّا نَذِيرٌۭ مُّبِينٌۭ
कहो: “क्या तुम देखते हो: यदि यह ईश्वर की ओर से है और तुम इसे नकारो, जबकि इसराईल की संतान के एक साक्षी ने इसके अनुरूप होने का साक्ष्य दिया और विश्वास किया, और तुम घमंड से फूलते हो...
قُلْ أَرَءَيْتُمْ إِن كَانَ مِنْ عِندِ ٱللَّهِ وَكَفَرْتُم بِهِۦ وَشَهِدَ شَاهِدٌۭ مِّنۢ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ عَلَىٰ مِثْلِهِۦ فَـَٔامَنَ وَٱسْتَكْبَرْتُمْ
ईश्वर अन्यायी क़ौम को निश्चय ही मार्ग नहीं दिखाता।”
إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَ
और जो नकारते हैं वे उनसे कहते हैं जो विश्वास करते हैं: “यदि यह कोई अच्छाई होती, तो वे इसमें हमसे आगे न निकलते।”
وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ لِلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَوْ كَانَ خَيْرًۭا مَّا سَبَقُونَآ إِلَيْهِ
और चूँकि उन्होंने उससे मार्गदर्शन नहीं पाया, वे कहेंगे: “यह पुराना स्वांग है।”
وَإِذْ لَمْ يَهْتَدُوا۟ بِهِۦ فَسَيَقُولُونَ هَٰذَآ إِفْكٌۭ قَدِيمٌۭ
और इससे पहले, मूसा का ग्रंथ, संदर्भ और दया के रूप में।
وَمِن قَبْلِهِۦ كِتَٰبُ مُوسَىٰٓ إِمَامًۭا وَرَحْمَةًۭ
और यह पुष्टि करने वाला ग्रंथ है, त्रुटिहीन भाषा में, ताकि तुम उन्हें चेतावनी दो जिन्होंने अन्याय किया, और भलाई करने वालों के लिए एक शुभ समाचार।
وَهَٰذَا كِتَٰبٌۭ مُّصَدِّقٌۭ لِّسَانًا عَرَبِيًّۭا لِّيُنذِرَ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ وَبُشْرَىٰ لِلْمُحْسِنِينَ
निश्चय ही, जो कहते हैं: “हमारा अभिभावक ईश्वर है”, फिर सीधे डटे रहते हैं, उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
إِنَّ ٱلَّذِينَ قَالُوا۟ رَبُّنَا ٱللَّهُ ثُمَّ ٱسْتَقَٰمُوا۟ فَلَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ
यही उद्यान वाले हैं, उसमें सदा रहते हुए,
أُو۟لَٰٓئِكَ أَصْحَٰبُ ٱلْجَنَّةِ خَٰلِدِينَ فِيهَا
उसके प्रतिफल में जो वे किया करते थे।
جَزَآءًۢ بِمَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ
और हमने मनुष्य को अपने दोनों माता-पिता के प्रति भलाई की अनुशंसा की।
وَوَصَّيْنَا ٱلْإِنسَٰنَ بِوَٰلِدَيْهِ إِحْسَٰنًا
उसकी माता ने उसे पीड़ा में वहन किया और पीड़ा में जन्म दिया।
حَمَلَتْهُ أُمُّهُۥ كُرْهًۭا وَوَضَعَتْهُ كُرْهًۭا
और उसका गर्भ-काल और उसका दूध छुड़ाना तीस महीने का है।
وَحَمْلُهُۥ وَفِصَٰلُهُۥ ثَلَٰثُونَ شَهْرًا
यहाँ तक कि जब वह अपनी पूर्ण परिपक्वता को पहुँचा और चालीस वर्ष का हो गया, तो उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरे मन में यह प्रकट कीजिए कि मैं आपके उस उपकार के प्रति कृतज्ञ रहूँ जिससे आपने मुझे और मेरे माता-पिता को भर दिया, और ऐसा भला कर्म करूँ जिससे आप प्रसन्न हों।
حَتَّىٰٓ إِذَا بَلَغَ أَشُدَّهُۥ وَبَلَغَ أَرْبَعِينَ سَنَةًۭ قَالَ رَبِّ أَوْزِعْنِىٓ أَنْ أَشْكُرَ نِعْمَتَكَ ٱلَّتِىٓ أَنْعَمْتَ عَلَىَّ وَعَلَىٰ وَٰلِدَىَّ وَأَنْ أَعْمَلَ صَٰلِحًۭا تَرْضَىٰهُ
और मेरी संतति को मेरे लिए भली बना दीजिए।
وَأَصْلِحْ لِى فِى ذُرِّيَّتِىٓ
निश्चय ही, मैं आपकी ओर पलट आता हूँ, और मैं उनमें से हूँ जो ईश्वर के प्रति खरे हैं।”
إِنِّى تُبْتُ إِلَيْكَ وَإِنِّى مِنَ ٱلْمُسْلِمِينَ
यही वे हैं जिनके किए हुए में से सबसे सुंदर को हम स्वीकार करते हैं, और जिनके बुरे कर्मों से हम दरगुज़र करते हैं, उद्यान वालों के बीच,
أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ نَتَقَبَّلُ عَنْهُمْ أَحْسَنَ مَا عَمِلُوا۟ وَنَتَجَاوَزُ عَن سَيِّـَٔاتِهِمْ فِىٓ أَصْحَٰبِ ٱلْجَنَّةِ
सच्चा वादा जो उनसे किया जाता था।
وَعْدَ ٱلصِّدْقِ ٱلَّذِى كَانُوا۟ يُوعَدُونَ
और वह जो अपने माता-पिता से कहता है: “उफ़ है तुम दोनों पर! क्या तुम मुझसे वादा करते हो कि मुझे निकाला जाएगा, जबकि मुझसे पहले कितनी ही पीढ़ियाँ बीत चुकी हैं?” — जबकि वे दोनों ईश्वर से सहायता की पुकार करते हैं: “हाय तुम पर, विश्वास करो! ईश्वर का वादा निश्चय ही सत्य है” — और वह कहता है: “ये तो केवल प्राचीनों की दंतकथाएँ हैं।”
وَٱلَّذِى قَالَ لِوَٰلِدَيْهِ أُفٍّۢ لَّكُمَآ أَتَعِدَانِنِىٓ أَنْ أُخْرَجَ وَقَدْ خَلَتِ ٱلْقُرُونُ مِن قَبْلِى وَهُمَا يَسْتَغِيثَانِ ٱللَّهَ وَيْلَكَ ءَامِنْ إِنَّ وَعْدَ ٱللَّهِ حَقٌّۭ فَيَقُولُ مَا هَٰذَآ إِلَّآ أَسَٰطِيرُ ٱلْأَوَّلِينَ
यही वे हैं जिन पर कथन सिद्ध हो गया, उन समुदायों के बीच जो उनसे पहले बीत चुके, प्रच्छन्नों और मनुष्यों में से,
أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ حَقَّ عَلَيْهِمُ ٱلْقَوْلُ فِىٓ أُمَمٍۢ قَدْ خَلَتْ مِن قَبْلِهِم مِّنَ ٱلْجِنِّ وَٱلْإِنسِ
क्योंकि वे घाटा उठाने वाले थे।
إِنَّهُمْ كَانُوا۟ خَٰسِرِينَ
और हर एक के लिए श्रेणियाँ हैं, उसके अनुसार जो उन्होंने किया,
وَلِكُلٍّۢ دَرَجَٰتٌۭ مِّمَّا عَمِلُوا۟
और ताकि वह उन्हें उनके कर्म पूरे-पूरे चुकाए, और उन पर कोई अन्याय न किया जाए।
وَلِيُوَفِّيَهُمْ أَعْمَٰلَهُمْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ
और जिस दिन नकारने वाले आग के सामने रखे जाएँगे: “तुमने अपनी अच्छी वस्तुएँ अपने इहलोक के जीवन में ले लीं और उनका उपभोग कर लिया।
وَيَوْمَ يُعْرَضُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ عَلَى ٱلنَّارِ أَذْهَبْتُمْ طَيِّبَٰتِكُمْ فِى حَيَاتِكُمُ ٱلدُّنْيَا وَٱسْتَمْتَعْتُم بِهَا
तो आज तुम्हें अपमान के दंड का प्रतिफल दिया जाएगा, इसलिए कि तुम धरती पर बिना हक़ के घमंड से फूले रहे, और इसलिए कि तुमने अतिक्रमण किया।”
فَٱلْيَوْمَ تُجْزَوْنَ عَذَابَ ٱلْهُونِ بِمَا كُنتُمْ تَسْتَكْبِرُونَ فِى ٱلْأَرْضِ بِغَيْرِ ٱلْحَقِّ وَبِمَا كُنتُمْ تَفْسُقُونَ
और आद के भाई का स्मरण करो, जब उसने अहक़ाफ़ में अपनी क़ौम को चेतावनी दी — और उससे पहले और उसके बाद भी चेतावनी देने वाले बीत चुके थे: “केवल ईश्वर की आज्ञा का पालन करो,
وَٱذْكُرْ أَخَا عَادٍ إِذْ أَنذَرَ قَوْمَهُۥ بِٱلْأَحْقَافِ وَقَدْ خَلَتِ ٱلنُّذُرُ مِنۢ بَيْنِ يَدَيْهِ وَمِنْ خَلْفِهِۦٓ أَلَّا تَعْبُدُوٓا۟ إِلَّا ٱللَّهَ
क्योंकि मैं तुम्हारे लिए एक विशाल दिन के दंड से डरता हूँ।”
إِنِّىٓ أَخَافُ عَلَيْكُمْ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍۢ
उन्होंने कहा: “क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हमें हमारे देवताओं से उलटा फेर दो? तो वह ले आओ जिसका तुम हमसे वादा करते हो, यदि तुम सच्चों में से हो।”
قَالُوٓا۟ أَجِئْتَنَا لِتَأْفِكَنَا عَنْ ءَالِهَتِنَا فَأْتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ
उसने कहा: “ज्ञान तो केवल ईश्वर के पास है; मैं तुम्हें वह पहुँचाता हूँ जिसके साथ मुझे भेजा गया है, परंतु मैं तुम्हें एक अज्ञानी क़ौम के रूप में देखता हूँ।”
قَالَ إِنَّمَا ٱلْعِلْمُ عِندَ ٱللَّهِ وَأُبَلِّغُكُم مَّآ أُرْسِلْتُ بِهِۦ وَلَٰكِنِّىٓ أَرَىٰكُمْ قَوْمًۭا تَجْهَلُونَ
फिर जब उन्होंने उसे अपनी घाटियों की ओर बढ़ते हुए बादल के रूप में देखा, तो उन्होंने कहा: “यह बादल है जो हमारे लिए वर्षा लाएगा।”
فَلَمَّا رَأَوْهُ عَارِضًۭا مُّسْتَقْبِلَ أَوْدِيَتِهِمْ قَالُوا۟ هَٰذَا عَارِضٌۭ مُّمْطِرُنَا
नहीं, यह तो वही है जिसे तुम जल्दी माँग रहे थे,
بَلْ هُوَ مَا ٱسْتَعْجَلْتُم بِهِۦ
एक आँधी जिसमें पीड़ादायक दंड है,
رِيحٌۭ فِيهَا عَذَابٌ أَلِيمٌۭ
जो अपने अभिभावक के आदेश से हर चीज़ को नष्ट कर देती है।
تُدَمِّرُ كُلَّ شَىْءٍۭ بِأَمْرِ رَبِّهَا
और सुबह तुम्हें उनके आवासों के सिवा कुछ दिखाई न देता था।
فَأَصْبَحُوا۟ لَا يُرَىٰٓ إِلَّا مَسَٰكِنُهُمْ
इस प्रकार हम बहिष्कृत क़ौम को प्रतिफल देते हैं।
كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْقَوْمَ ٱلْمُجْرِمِينَ
और हमने उन्हें निश्चय ही उसमें जमाया था जिसमें हमने तुम्हें नहीं जमाया, और हमने उनके लिए श्रवण, दृष्टियाँ और चेतनाएँ रखी थीं,
وَلَقَدْ مَكَّنَّٰهُمْ فِيمَآ إِن مَّكَّنَّٰكُمْ فِيهِ وَجَعَلْنَا لَهُمْ سَمْعًۭا وَأَبْصَٰرًۭا وَأَفْـِٔدَةًۭ
परंतु न उनका श्रवण, न उनकी दृष्टियाँ, न उनकी चेतनाएँ उनके किसी काम आईं, चूँकि वे ईश्वर के संकेतों को हठपूर्वक अस्वीकार करते थे,
فَمَآ أَغْنَىٰ عَنْهُمْ سَمْعُهُمْ وَلَآ أَبْصَٰرُهُمْ وَلَآ أَفْـِٔدَتُهُم مِّن شَىْءٍ إِذْ كَانُوا۟ يَجْحَدُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ
और जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे उसने उन्हें लपेट लिया।
وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَ
और हमने निश्चय ही तुम्हारे आसपास की बस्तियों को नष्ट कर दिया, और हमने संकेतों को विविध रूप में प्रस्तुत किया, शायद वे लौट आएँ।
وَلَقَدْ أَهْلَكْنَا مَا حَوْلَكُم مِّنَ ٱلْقُرَىٰ وَصَرَّفْنَا ٱلْءَايَٰتِ لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ
तो फिर जिन्हें उन्होंने ईश्वर के अतिरिक्त भेंट के रूप में देवता बना लिया था, उन्होंने उनकी सहायता क्यों न की?
فَلَوْلَا نَصَرَهُمُ ٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُوا۟ مِن دُونِ ٱللَّهِ قُرْبَانًا ءَالِهَةًۢ
बल्कि वे उनसे दूर भटक गए,
بَلْ ضَلُّوا۟ عَنْهُمْ
और यही उनका स्वांग है और वही जो वे गढ़ा करते थे।
وَذَٰلِكَ إِفْكُهُمْ وَمَا كَانُوا۟ يَفْتَرُونَ
और जब हमने प्रच्छन्नों का एक समूह तुम्हारी ओर मोड़ा जो पाठ सुन रहे थे; जब वे उसके पास उपस्थित हुए, तो उन्होंने कहा: “चुप रहो।”
وَإِذْ صَرَفْنَآ إِلَيْكَ نَفَرًۭا مِّنَ ٱلْجِنِّ يَسْتَمِعُونَ ٱلْقُرْءَانَ فَلَمَّا حَضَرُوهُ قَالُوٓا۟ أَنصِتُوا۟
फिर जब वह पूरा हो गया, तो वे चेतावनी देने वाले बनकर अपनी क़ौम की ओर चले गए।
فَلَمَّا قُضِىَ وَلَّوْا۟ إِلَىٰ قَوْمِهِم مُّنذِرِينَ
उन्होंने कहा: “हे हमारी क़ौम, हमने मूसा के बाद उतारा गया एक ग्रंथ सुना है, जो उसकी पुष्टि करता है जो उससे पहले है, और सत्य की ओर और एक सीधे रास्ते की ओर मार्गदर्शन करता है।
قَالُوا۟ يَٰقَوْمَنَآ إِنَّا سَمِعْنَا كِتَٰبًا أُنزِلَ مِنۢ بَعْدِ مُوسَىٰ مُصَدِّقًۭا لِّمَا بَيْنَ يَدَيْهِ يَهْدِىٓ إِلَى ٱلْحَقِّ وَإِلَىٰ طَرِيقٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ
हे हमारी क़ौम, ईश्वर के पुकारने वाले को उत्तर दो और उस पर विश्वास करो: वह तुम्हारे कुछ दोष क्षमा करेगा और तुम्हें पीड़ादायक दंड से शरण देगा।
يَٰقَوْمَنَآ أَجِيبُوا۟ دَاعِىَ ٱللَّهِ وَءَامِنُوا۟ بِهِۦ يَغْفِرْ لَكُم مِّن ذُنُوبِكُمْ وَيُجِرْكُم مِّنْ عَذَابٍ أَلِيمٍۢ
और जो कोई ईश्वर के पुकारने वाले को उत्तर नहीं देता, वह धरती पर उसे असमर्थ नहीं कर सकता, और उसके अतिरिक्त उसका कोई हिमायती न होगा।
وَمَن لَّا يُجِبْ دَاعِىَ ٱللَّهِ فَلَيْسَ بِمُعْجِزٍۢ فِى ٱلْأَرْضِ وَلَيْسَ لَهُۥ مِن دُونِهِۦٓ أَوْلِيَآءُ
वही स्पष्ट भटकाव में हैं।”
أُو۟لَٰٓئِكَ فِى ضَلَٰلٍۢ مُّبِينٍ
क्या वे नहीं देखते कि ईश्वर, जिसने आकाशों और धरती को रचा और उनकी रचना से थका नहीं, मृतकों को पुनः जीवन देने का सामर्थ्य रखता है? क्यों नहीं!
أَوَلَمْ يَرَوْا۟ أَنَّ ٱللَّهَ ٱلَّذِى خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَلَمْ يَعْىَ بِخَلْقِهِنَّ بِقَٰدِرٍ عَلَىٰٓ أَن يُحْـِۧىَ ٱلْمَوْتَىٰ بَلَىٰٓ
क्योंकि वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
إِنَّهُۥ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرٌۭ
और जिस दिन नकारने वाले आग के सामने रखे जाएँगे: “क्या यह सत्य नहीं है?”
وَيَوْمَ يُعْرَضُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ عَلَى ٱلنَّارِ أَلَيْسَ هَٰذَا بِٱلْحَقِّ
वे कहेंगे: “क्यों नहीं, हमारे अभिभावक की शपथ!”
قَالُوا۟ بَلَىٰ وَرَبِّنَا
वह कहेगा: “तो दंड चखो, इसलिए कि तुमने नकारा।”
قَالَ فَذُوقُوا۟ ٱلْعَذَابَ بِمَا كُنتُمْ تَكْفُرُونَ
अतः धैर्य रखो, जैसे संदेशवाहकों में से दृढ़ संकल्प वालों ने धैर्य रखा, और जल्दी माँगने का प्रयास मत करो।
فَٱصْبِرْ كَمَا صَبَرَ أُو۟لُوا۟ ٱلْعَزْمِ مِنَ ٱلرُّسُلِ وَلَا تَسْتَعْجِل
उनसे: “मानो जिस दिन वे उसे देखेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है, उन्होंने दिन की केवल एक घड़ी ही बिताई हो” — यह एक संप्रेषण है।
لَّهُمْ كَأَنَّهُمْ يَوْمَ يَرَوْنَ مَا يُوعَدُونَ لَمْ يَلْبَثُوٓا۟ إِلَّا سَاعَةًۭ مِّن نَّهَارٍۭ بَلَٰغٌۭ
तो अतिक्रमणकारी क़ौम के सिवा और कौन नष्ट किया जाएगा?
فَهَلْ يُهْلَكُ إِلَّا ٱلْقَوْمُ ٱلْفَٰسِقُونَ