Al-Anbiya الانبياء
We answered him فاستجبنا له
Summary and links in the frieze
In the frieze Mocked, he hears how God answered each envoy who called on Him, and that he is sent as a benevolence.
Read just before, 22 leads here: If they deny you, Moussa too was denied (22:44); sura 21 tells of Moussa, Ibrahim, Lut and Nuh, and how God saved them. 22
It leads to 20: Moussa and Harun received a remembrance for those who dread (21:48-49); sura 20 sends them to Fir'awn: perhaps he will feel dread. 20
Closes on “A remembrance of your Guardian's benevolence”
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। लोगों का हिसाब निकट आ गया है, जबकि वे लापरवाही में हैं, कतराते हुए।
بِسۡمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ اِ۪قۡتَرَبَ لِلنّ۪اسِ حِسَابُهُمۡ وَهُمۡ فِي غَفۡلَةٖ مُّعۡرِضُونَ
उनके अभिभावक की ओर से ऐसा कोई नया स्मरण उनके पास नहीं आता जिसे वे खेलते हुए न सुनें, उनके मर्म ध्यान से हटे हुए।
مَا يَأۡتِيهِم مِّن ذِكۡرٖ مِّن رَّبِّهِم مُّحۡدَثٍ إِلَّا اَ۪سۡتَمَعُوهُ وَهُمۡ يَلۡعَبُونَ لَاهِيَةٗ قُلُوبُهُمۡۗ
और जिन्होंने अन्याय किया था उन्होंने अपनी गुप्त मंत्रणा छिपाए रखी: “क्या यह तुम्हारे जैसा केवल एक मानव नहीं है?
وَأَسَرُّواْ اُ۬لنَّجۡوَى اَ۬لَّذِينَ ظَلَمُواْ هَلۡ هَٰذَآ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُكُمۡۖ
तो क्या तुम भ्रम के पास जाते हो, जबकि तुम साफ़ देख रहे हो?”
أَفَتَأۡتُونَ اَ۬لسِّحۡرَ وَأَنتُمۡ تُبۡصِرُونَ
कहो: “मेरा अभिभावक आकाश और धरती में कथन को जानता है,
قُل رَّبِّي يَعۡلَمُ اُ۬لۡقَوۡلَ فِي اِ۬لسَّمَآءِ وَاَلۡأَرۡضِۖ
और वही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।”
وَهۡوَ اَ۬لسَّمِيعُ اُ۬لۡعَلِيمُ
बल्कि उन्होंने कहा: “उलझे हुए सपनों का ढेर! बल्कि उसने इसे गढ़ा है! बल्कि वह एक लुभावना वक्ता है!
بَلۡ قَالُوٓاْ أَضۡغَٰثُ أَحۡلَٰمِۢ بَلِ اِ۪فۡتَر۪ىٰهُ بَلۡ هُوَ شَاعِرٞ
वह हमारे पास कोई संकेत ले आए, जैसे पहले वाले भेजे गए थे!”
فَلۡيَأۡتِنَا بِـَٔايَةٖ كَمَآ أُرۡسِلَ اَ۬لۡأَوَّلُونَ
उनसे पहले हमने जिस बस्ती को भी नष्ट किया, उसने विश्वास नहीं किया।
مَآ ءَامَنَتۡ قَبۡلَهُم مِّن قَرۡيَةٍ أَهۡلَكۡنَٰهَآۖ
तो क्या ये विश्वास करेंगे?
أَفَهُمۡ يُؤۡمِنُونَ
और हमने तुमसे पहले केवल पुरुषों को ही भेजा जिन पर हम प्रकट करते थे: इसलिए स्मरण वालों से पूछो, यदि तुम नहीं जानते।
وَمَآ أَرۡسَلۡنَا قَبۡلَكَ إِلَّا رِجَالٗا يُوحَىٰٓ إِلَيۡهِمۡۖ فَسۡـَٔلُوٓاْ أَهۡلَ اَ۬لذِّكۡرِ إِن كُنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ
हमने उन्हें ऐसे शरीर नहीं बनाया जो भोजन नहीं खाते थे,
وَمَا جَعَلۡنَٰهُمۡ جَسَدٗا لَّا يَأۡكُلُونَ اَ۬لطَّعَامَ
और वे शाश्वत नहीं थे।
وَمَا كَانُواْ خَٰلِدِينَ
फिर हमने उनके लिए वादा निभाया: हमने उन्हें उबारा, और जिस पर हमारी मर्ज़ी थी, उसे भी, और हमने अतिवादियों को नष्ट कर दिया।
ثُمَّ صَدَقۡنَٰهُمُ اُ۬لۡوَعۡدَ فَأَنجَيۡنَٰهُمۡ وَمَن نَّشَآءُ وَأَهۡلَكۡنَا اَ۬لۡمُسۡرِفِينَ
हमने निश्चय ही तुम्हारी ओर एक ग्रंथ उतारा है जिसमें तुम्हारा स्मरण है।
لَقَدۡ أَنزَلۡنَآ إِلَيۡكُمۡ كِتَٰبٗا فِيهِ ذِكۡرُكُمۡۖ
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
हमने कितनी बस्तियाँ तोड़ डालीं, जो अन्याय करती थीं, और उनके बाद हमने एक और क़ौम उत्पन्न की!
وَكَمۡ قَصَمۡنَا مِن قَرۡيَةٖ كَانَت ظَّالِمَةٗ وَأَنشَأۡنَا بَعۡدَهَا قَوۡمًا ءَاخَرِينَ
फिर जब उन्होंने हमारी कठोरता को भाँप लिया, तो वे उससे दूर भाग खड़े हुए।
فَلَمَّآ أَحَسُّواْ بَأۡسَنَآ إِذَا هُم مِّنۡهَا يَرۡكُضُونَ
“भागो मत, और उसी में लौटो जिसमें तुम ठाठ-बाट से रहते थे, और अपने आवासों में — शायद तुमसे पूछा जाए!”
لَا تَرۡكُضُواْ وَاَرۡجِعُوٓاْ إِلَىٰ مَآ أُتۡرِفۡتُمۡ فِيهِ وَمَسَٰكِنِكُمۡ لَعَلَّكُمۡ تُسۡـَٔلُونَ
उन्होंने कहा: “हाय हम पर, हम निश्चय ही अन्यायी रहे हैं!”
قَالُواْ يَٰوَيۡلَنَآ إِنَّا كُنَّا ظَٰلِمِينَ
यह आर्तनाद तब तक थमा नहीं, जब तक हमने उन्हें एक कटी फ़सल बना न दिया, बुझे हुए।
۞ فَمَا زَالَت تِّلۡكَ دَعۡوۭىٰهُمۡ حَتَّىٰ جَعَلۡنَٰهُمۡ حَصِيدًا خَٰمِدِينَ
हमने आकाश, धरती और जो उनके बीच है उसे खेलते हुए नहीं रचा।
وَمَا خَلَقۡنَا اَ۬لسَّمَآءَ وَاَلۡأَرۡضَ وَمَا بَيۡنَهُمَا لَٰعِبِينَ
यदि हम कोई मनोरंजन अपनाना चाहते, तो उसे अपने ही पास से अपनाते,
لَوۡ أَرَدۡنَآ أَن نَّتَّخِذَ لَهۡوٗا لَّاَتَّخَذۡنَٰهُ مِن لَّدُنَّآ
यदि हमें ऐसा करना ही होता।
إِن كُنَّا فَٰعِلِينَ
बल्कि हम सत्य को असत्य पर फेंकते हैं: वह उसे कुचल देता है, और देखो, वह मिट गया।
بَلۡ نَقۡذِفُ بِالۡحَقِّ عَلَى اَ۬لۡبَٰطِلِ فَيَدۡمَغُهُۥ فَإِذَا هُوَ زَاهِقٞۚ
और हाय तुम पर उसके लिए जो तुम वर्णन करते हो!
وَلَكُمُ اُ۬لۡوَيۡلُ مِمَّا تَصِفُونَ
और उसी के हैं वे सब जो आकाशों और धरती में हैं।
وَلَهُۥ مَن فِي اِ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضِۚ
और जो उसके पास हैं वे घमंड से फूलकर उसकी आज्ञा का पालन करने से इनकार नहीं करते, और हाँफते नहीं।
وَمَنۡ عِندَهُۥ لَا يَسۡتَكۡبِرُونَ عَنۡ عِبَادَتِهِۦ وَلَا يَسۡتَحۡسِرُونَ
वे रात-दिन उसकी महिमा गाते हैं, कभी ढीले पड़े बिना।
يُسَبِّحُونَ اَ۬لَّيۡلَ وَاَلنَّهَارَ لَا يَفۡتُرُونَ
या क्या उन्होंने धरती से ऐसे देवता बना लिए हैं जो स्वयं फैलाव करते हैं?
أَمِ اِ۪تَّخَذُوٓاْ ءَالِهَةٗ مِّنَ اَ۬لۡأَرۡضِ هُمۡ يُنشِرُونَ
यदि आकाशों और धरती में ईश्वर के अतिरिक्त देवता होते, तो दोनों बिगड़ जाते।
لَوۡ كَانَ فِيهِمَآ ءَالِهَةٌ إِلَّا اَ۬للَّهُ لَفَسَدَتَاۚ
इसलिए ईश्वर की महिमा हो, भवन के अभिभावक, उससे ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!
فَسُبۡحَٰنَ اَ۬للَّهِ رَبِّ اِ۬لۡعَرۡشِ عَمَّا يَصِفُونَ
उससे उसके किए के विषय में पूछा नहीं जाता,
لَا يُسۡـَٔلُ عَمَّا يَفۡعَلُ
जबकि उनसे पूछा जाएगा।
وَهُمۡ يُسۡـَٔلُونَ
या क्या उन्होंने उसके अतिरिक्त देवता बना लिए हैं?
أَمِ اِ۪تَّخَذُواْ مِن دُونِهِۦٓ ءَالِهَةٗۖ
कहो: “अपना प्रमाण लाओ!
قُلۡ هَاتُواْ بُرۡهَٰنَكُمۡۖ
यह उसका स्मरण है जो मेरे साथ है, और उसका स्मरण है जो मुझसे पहले हुआ।”
هَٰذَا ذِكۡرُ مَن مَّعِي وَذِكۡرُ مَن قَبۡلِيۗ
पर उनमें से अधिकतर सत्य को नहीं जानते, और वे उससे कतराते हैं।
بَلۡ أَكۡثَرُهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ اَ۬لۡحَقَّۖ فَهُم مُّعۡرِضُونَ
हमने तुमसे पहले कोई संदेशवाहक नहीं भेजा जिस पर हमने यह प्रकट न किया हो: “मेरे सिवा कोई देवता नहीं, इसलिए मेरी आज्ञा का पालन करो।”
وَمَآ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ مِن رَّسُولٍ إِلَّا يُوحَىٰٓ إِلَيۡهِ أَنَّهُۥ لَآ إِلَٰهَ إِلَّآ أَنَا۠ فَاَعۡبُدُونِ
और उन्होंने कहा: “सर्वदयालु ने अपने लिए संतान बना ली है।”
وَقَالُواْ اُ۪تَّخَذَ اَ۬لرَّحۡمَٰنُ وَلَدٗاۗ
उसकी महिमा हो!
سُبۡحَٰنَهُۥۚ
ये तो बल्कि सम्मानित आज्ञाकारी हैं,
بَلۡ عِبَادٞ مُّكۡرَمُونَ
जो उसके कथन से आगे नहीं बढ़ते, और उसके आदेश के अनुसार कार्य करते हैं।
لَا يَسۡبِقُونَهُۥ بِالۡقَوۡلِ وَهُم بِأَمۡرِهِۦ يَعۡمَلُونَ
वह जानता है जो उनके सामने है और जो उनके पीछे है,
يَعۡلَمُ مَا بَيۡنَ أَيۡدِيهِمۡ وَمَا خَلۡفَهُمۡ
और वे केवल उसी के लिए मध्यस्थता करते हैं जिसे वह स्वीकार करता है, जबकि वे, उसका भय रखते हुए, आशंका से भरे हैं।
وَلَا يَشۡفَعُونَ إِلَّا لِمَنِ اِ۪رۡتَضَىٰ وَهُم مِّنۡ خَشۡيَتِهِۦ مُشۡفِقُونَ
और उनमें से जो कोई कहता: “मैं उसके अतिरिक्त एक देवता हूँ”, उसे हम जहन्नम का प्रतिफल देते —
۞ وَمَن يَقُلۡ مِنۡهُمۡ إِنِّيَ إِلَٰهٞ مِّن دُونِهِۦ فَذَٰلِكَ نَجۡزِيهِ جَهَنَّمَۚ
इसी प्रकार हम अन्यायियों को प्रतिफल देते हैं।
كَذَٰلِكَ نَجۡزِي اِ۬لظَّٰلِمِينَ
क्या जिन्होंने नकारा उन्होंने नहीं देखा कि आकाश और धरती एक ठोस पिंड थे, और हमने उन्हें पृथक कर दिया?
أَوَلَمۡ يَرَ اَ۬لَّذِينَ كَفَرُوٓاْ أَنَّ اَ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضَ كَانَتَا رَتۡقٗا فَفَتَقۡنَٰهُمَاۖ
और हमने पानी से हर जीवित वस्तु बनाई।
وَجَعَلۡنَا مِنَ اَ۬لۡمَآءِ كُلَّ شَيۡءٍ حَيٍّۚ
तो क्या वे विश्वास नहीं करेंगे?
أَفَلَا يُؤۡمِنُونَ
और हमने धरती पर दृढ़ खूँटे रखे, ताकि वह उनके साथ डगमगा न जाए,
وَجَعَلۡنَا فِي اِ۬لۡأَرۡضِ رَوَٰسِيَ أَن تَمِيدَ بِهِمۡ
और हमने उसमें गलियारे, राहें रखीं, शायद वे मार्गदर्शन पाएँ।
وَجَعَلۡنَا فِيهَا فِجَاجٗا سُبُلٗا لَّعَلَّهُمۡ يَهۡتَدُونَ
और हमने आकाश को एक रक्षित छत बनाया,
وَجَعَلۡنَا اَ۬لسَّمَآءَ سَقۡفٗا مَّحۡفُوظٗاۖ
जबकि वे उसके संकेतों से कतराते हैं।
وَهُمۡ عَنۡ ءَايَٰتِهَا مُعۡرِضُونَ
वही है जिसने रात और दिन, सूर्य और चंद्रमा को रचा:
وَهۡوَ اَ۬لَّذِي خَلَقَ اَ۬لَّيۡلَ وَاَلنَّهَارَ وَاَلشَّمۡسَ وَاَلۡقَمَرَۖ
प्रत्येक एक कक्षा में तैरता है।
كُلّٞ فِي فَلَكٖ يَسۡبَحُونَ
हमने तुमसे पहले किसी मानव को शाश्वतता नहीं दी।
وَمَا جَعَلۡنَا لِبَشَرٖ مِّن قَبۡلِكَ اَ۬لۡخُلۡدَۖ
तो यदि तुम मर जाते, तो क्या वे ही शाश्वत होते?
أَفَإِيْن مُّتَّ فَهُمُ اُ۬لۡخَٰلِدُونَ
हर स्व मृत्यु का स्वाद चखेगा,
كُلُّ نَفۡسٖ ذَآئِقَةُ اُ۬لۡمَوۡتِۗ
और हम तुम्हें परखते हैं, बुराई और अच्छाई से, परीक्षा के रूप में;
وَنَبۡلُوكُم بِالشَّرِّ وَاَلۡخَيۡرِ فِتۡنَةٗۖ
और हमारी ही ओर तुम लौटाए जाओगे।
وَإِلَيۡنَا تُرۡجَعُونَ
और जब जिन्होंने नकारा तुम्हें देखते हैं, तो वे तुम्हें केवल मज़ाक़ का पात्र बनाते हैं:
وَإِذَا رَء۪اكَ اَ۬لَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِن يَتَّخِذُونَكَ إِلَّا هُزُؤًا
“क्या यही है जो तुम्हारे देवताओं का उल्लेख करता है?” — जबकि वे स्वयं सर्वदयालु के स्मरण को नकारते हैं।
أَهَٰذَا اَ۬لَّذِي يَذۡكُرُ ءَالِهَتَكُمۡ وَهُم بِذِكۡرِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ هُمۡ كَٰفِرُونَ
मनुष्य जल्दबाज़ी से रचा गया है।
خُلِقَ اَ۬لۡإِنسَٰنُ مِنۡ عَجَلٖۚ
मैं तुम्हें अपने संकेत दिखाऊँगा; इसलिए उन्हें जल्दी करवाने को मुझसे न कहो।
سَأُوْرِيكُمۡ ءَايَٰتِي فَلَا تَسۡتَعۡجِلُونِ
और वे कहते हैं: “यह वादा कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?”
وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا اَ۬لۡوَعۡدُ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
काश नकारने वाले जानते, उस क्षण को जब वे आग को न अपने चेहरों से दूर रोक सकेंगे न अपनी पीठों से, और उनकी सहायता नहीं की जाएगी...
لَوۡ يَعۡلَمُ اُ۬لَّذِينَ كَفَرُواْ حِينَ لَا يَكُفُّونَ عَن وُجُوهِهِمِ اِ۬لنَّارَ وَلَا عَن ظُهُورِهِمۡ وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ
बल्कि वह उन पर अचानक आ पड़ेगी और उन्हें स्तब्ध कर देगी; वे उसे पलट नहीं सकेंगे, और उन्हें कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।
بَلۡ تَأۡتِيهِم بَغۡتَةٗ فَتَبۡهَتُهُمۡ فَلَا يَسۡتَطِيعُونَ رَدَّهَا وَلَا هُمۡ يُنظَرُونَ
निश्चय ही तुमसे पहले संदेशवाहकों का मज़ाक़ उड़ाया गया; तब जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे वह उनमें से उपहास करने वालों के विरुद्ध चरितार्थ हुआ।
وَلَقَدِ اِ۟سۡتُهۡزِئَ بِرُسُلٖ مِّن قَبۡلِكَ فَحَاقَ بِالَّذِينَ سَخِرُواْ مِنۡهُم مَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ
कहो: “रात और दिन सर्वदयालु के विरुद्ध तुम्हारी निगरानी कौन करता है?”
۞ قُلۡ مَن يَكۡلَؤُكُم بِالَّيۡلِ وَاَلنَّه۪ارِ مِنَ اَ۬لرَّحۡمَٰنِۗ
इतना ही नहीं, वे अपने अभिभावक के स्मरण से कतराते हैं।
بَلۡ هُمۡ عَن ذِكۡرِ رَبِّهِم مُّعۡرِضُونَ
या क्या उनके पास ऐसे देवता हैं जो उन्हें हमसे दूर रखते हैं?
أَمۡ لَهُمۡ ءَالِهَةٞ تَمۡنَعُهُم مِّن دُونِنَاۚ
वे अपनी सहायता भी नहीं कर सकते, और हमारी ओर से उन्हें कोई संबल नहीं मिलता।
لَا يَسۡتَطِيعُونَ نَصۡرَ أَنفُسِهِمۡ وَلَا هُم مِّنَّا يُصۡحَبُونَ
बल्कि हमने इन्हें और इनके पूर्वजों को उपभोग दिया, यहाँ तक कि उनके लिए जीवन लंबा खिंच गया।
بَلۡ مَتَّعۡنَا هَٰٓؤُلَآءِ وَءَابَآءَهُمۡ حَتَّىٰ طَالَ عَلَيۡهِمِ اِ۬لۡعُمُرُۗ
क्या वे नहीं देखते कि हम धरती पर आते हैं, उसे उसके छोरों से घटाते हुए?
أَفَلَا يَرَوۡنَ أَنَّا نَأۡتِي اِ۬لۡأَرۡضَ نَنقُصُهَا مِنۡ أَطۡرَافِهَآۚ
तो क्या वे विजेता होंगे?
أَفَهُمُ اُ۬لۡغَٰلِبُونَ
कहो: “मैं तो तुम्हें केवल प्रकटीकरण द्वारा चेतावनी देता हूँ।”
قُلۡ إِنَّمَآ أُنذِرُكُم بِالۡوَحۡيِۚ
पर बहरे पुकार नहीं सुनते जब उन्हें चेतावनी दी जाती है।
وَلَا يَسۡمَعُ اُ۬لصُّمُّ اُ۬لدُّعَآءَ ا۪ذَا مَا يُنذَرُونَ
और यदि तुम्हारे अभिभावक के दंड का एक झोंका उन्हें छू जाता, तो वे अवश्य कहते: “हाय हम पर, हम निश्चय ही अन्यायी रहे हैं!”
وَلَئِن مَّسَّتۡهُمۡ نَفۡحَةٞ مِّنۡ عَذَابِ رَبِّكَ لَيَقُولُنَّ يَٰوَيۡلَنَآ إِنَّا كُنَّا ظَٰلِمِينَ
और हम पेशी के दिन के लिए निष्पक्षता के तराज़ू रखेंगे; किसी स्व पर ज़रा भी अन्याय नहीं होगा,
وَنَضَعُ اُ۬لۡمَوَٰزِينَ اَ۬لۡقِسۡطَ لِيَوۡمِ اِ۬لۡقِيَٰمَةِ فَلَا تُظۡلَمُ نَفۡسٞ شَيۡـٔٗاۖ
और चाहे वह सरसों के दाने का भार होता, हम उसे ले आते; और हम हिसाब रखने वाले के रूप में पर्याप्त हैं।
وَإِن كَانَ مِثۡقَالَ حَبَّةٖ مِّنۡ خَرۡدَلٍ أَتَيۡنَا بِهَاۗ وَكَفَىٰ بِنَا حَٰسِبِينَ
हमने निश्चय ही मूसा और हारून को विवेक दिया, एक उजाला और एक स्मरण, उनके लिए जो सावधानी बरतते हैं, जो अपने अभिभावक का भय रखते हैं भले ही वह उनकी इंद्रियों से परे है, और जो उस घड़ी से आशंकित हैं।
وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسۭيٰ وَهَٰرُونَ اَ۬لۡفُرۡقَانَ وَضِيَآءٗ وَذِكۡرٗا لِّلۡمُتَّقِينَ اَ۬لَّذِينَ يَخۡشَوۡنَ رَبَّهُم بِالۡغَيۡبِ وَهُم مِّنَ اَ۬لسَّاعَةِ مُشۡفِقُونَ
और यह एक आशीषित स्मरण है जिसे हमने उतारा है।
وَهَٰذَا ذِكۡرٞ مُّبَارَكٌ أَنزَلۡنَٰهُۚ
तो क्या तुम इसे अमान्य ठहराते हो?
أَفَأَنتُمۡ لَهُۥ مُنكِرُونَ
हमने निश्चय ही इब्राहीम को उसकी सुबुद्धि पहले से ही दी, और हम उसे भली-भाँति जानते थे।
۞ وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَآ إِبۡرَٰهِيمَ رُشۡدَهُۥ مِن قَبۡلُ وَكُنَّا بِهِۦ عَٰلِمِينَ
जब उसने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “ये प्रतिमाएँ क्या हैं जिनके सामने तुम डटे रहते हो?”
إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَا هَٰذِهِ اِ۬لتَّمَاثِيلُ اُ۬لَّتِيٓ أَنتُمۡ لَهَا عَٰكِفُونَ
उन्होंने कहा: “हमने अपने पूर्वजों को उनकी आज्ञा का पालन करते पाया।”
قَالُواْ وَجَدۡنَآ ءَابَآءَنَا لَهَا عَٰبِدِينَ
उसने कहा: “तुम और तुम्हारे पूर्वज निश्चय ही स्पष्ट भटकाव में थे।”
قَالَ لَقَدۡ كُنتُمۡ أَنتُمۡ وَءَابَآؤُكُمۡ فِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٖ
उन्होंने कहा: “क्या तुम हमारे पास सत्य लेकर आए हो, या खेलने वालों में से हो?”
قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا بِالۡحَقِّ أَمۡ أَنتَ مِنَ اَ۬للَّٰعِبِينَ
उसने कहा: “तुम्हारा अभिभावक तो बल्कि आकाशों और धरती का अभिभावक है, जिसने उन्हें मूलतः रचा,
قَالَ بَل رَّبُّكُمۡ رَبُّ اُ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضِ اِ۬لَّذِي فَطَرَهُنَّ
और इस पर मैं साक्षियों में से हूँ।”
وَأَنَا۠ عَلَىٰ ذَٰلِكُم مِّنَ اَ۬لشَّٰهِدِينَ
और ईश्वर की शपथ, तुम्हारे पीठ फेरकर चले जाने के बाद मैं तुम्हारी मूर्तियों के विरुद्ध अवश्य कोई चाल चलूँगा।
وَتَاَللَّهِ لَأَكِيدَنَّ أَصۡنَٰمَكُم بَعۡدَ أَن تُوَلُّواْ مُدۡبِرِينَ
उसने उन्हें चूर-चूर कर दिया, सिवा एक बड़ी के जो उनकी अपनी थी, शायद वे उसकी ओर लौट आएँ।
فَجَعَلَهُمۡ جُذَٰذًا إِلَّا كَبِيرٗا لَّهُمۡ لَعَلَّهُمۡ إِلَيۡهِ يَرۡجِعُونَ
उन्होंने कहा: “हमारे देवताओं के साथ यह किसने किया? वह अवश्य अन्यायियों में से है!”
قَالُواْ مَن فَعَلَ هَٰذَا بِـَٔالِهَتِنَآ إِنَّهُۥ لَمِنَ اَ۬لظَّٰلِمِينَ
उन्होंने कहा: “हमने एक युवक को उनका उल्लेख करते सुना; उसे इब्राहीम कहा जाता है।”
قَالُواْ سَمِعۡنَا فَتٗى يَذۡكُرُهُمۡ يُقَالُ لَهُۥٓ إِبۡرَٰهِيمُ
उन्होंने कहा: “तो उसे लोगों की आँखों के सामने लाओ, शायद वे साक्ष्य दें।”
قَالُواْ فَأۡتُواْ بِهِۦ عَلَىٰٓ أَعۡيُنِ اِ۬لنّ۪اسِ لَعَلَّهُمۡ يَشۡهَدُونَ
उन्होंने कहा: “क्या तुमने हमारे देवताओं के साथ यह किया है, इब्राहीम?”
قَالُوٓاْ ءَٰا۬نتَ فَعَلۡتَ هَٰذَا بِـَٔالِهَتِنَا يَٰٓإِبۡرَٰهِيمُ
उसने कहा: “बल्कि उनमें से बड़ी ने, इसने, यह किया है; तो उनसे पूछो, यदि वे कुछ उच्चारित कर सकती हैं।”
قَالَ بَلۡ فَعَلَهُۥ كَبِيرُهُمۡ هَٰذَا فَسۡـَٔلُوهُمۡ إِن كَانُواْ يَنطِقُونَ
तब वे अपने ही भीतर लौटे और उन्होंने कहा: “तुम ही, निश्चय ही, अन्यायी हो।”
فَرَجَعُوٓاْ إِلَىٰٓ أَنفُسِهِمۡ فَقَالُوٓاْ إِنَّكُمۡ أَنتُمُ اُ۬لظَّٰلِمُونَ
फिर वे अपने सिरों के बल उलट पड़े:
ثُمَّ نُكِسُواْ عَلَىٰ رُءُوسِهِمۡ
“तुम निश्चय ही जानते हो कि ये कुछ उच्चारित नहीं करतीं!”
لَقَدۡ عَلِمۡتَ مَا هَٰٓؤُلَآءِ يَنطِقُونَ
उसने कहा: “तो क्या तुम ईश्वर के अतिरिक्त उसकी आज्ञा का पालन करते हो जो तुम्हें ज़रा भी लाभ नहीं देता और हानि नहीं पहुँचाता?
قَالَ أَفَتَعۡبُدُونَ مِن دُونِ اِ۬للَّهِ مَا لَا يَنفَعُكُمۡ شَيۡـٔٗا وَلَا يَضُرُّكُمۡۚ
उफ़ है तुम पर, और उस पर जिसकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते हो!
أُفِّ لَكُمۡ وَلِمَا تَعۡبُدُونَ مِن دُونِ اِ۬للَّهِۚ
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?”
أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
उन्होंने कहा: “उसे जला दो, और अपने देवताओं की सहायता करो, यदि तुम्हें कुछ करना है!”
قَالُواْ حَرِّقُوهُ وَاَنصُرُوٓاْ ءَالِهَتَكُمۡ إِن كُنتُمۡ فَٰعِلِينَ
हमने कहा: “हे आग, इब्राहीम के लिए ठंडक और शांति बन जाओ!”
۞ قُلۡنَا يَٰنَارُ كُونِي بَرۡدٗا وَسَلَٰمًا عَلَىٰٓ إِبۡرَٰهِيمَ
और उन्होंने उसके विरुद्ध चाल चलनी चाही, पर हमने उन्हें सबसे बढ़कर घाटा उठाने वाले बना दिया।
وَأَرَادُواْ بِهِۦ كَيۡدٗا فَجَعَلۡنَٰهُمُ اُ۬لۡأَخۡسَرِينَ
और हमने उसे और लूत को उस धरती की ओर उबारा जिसे हमने सभी प्राणियों के लिए आशीष दी।
وَنَجَّيۡنَٰهُ وَلُوطًا إِلَى اَ۬لۡأَرۡضِ اِ۬لَّتِي بَٰرَكۡنَا فِيهَا لِلۡعَٰلَمِينَ
और हमने उसे इसहाक़ प्रदान किया,
وَوَهَبۡنَا لَهُۥٓ إِسۡحَٰقَ
और अतिरिक्त के रूप में याक़ूब।
وَيَعۡقُوبَ نَافِلَةٗۖ
और सबको हमने भला बनाया।
وَكُلّٗا جَعَلۡنَا صَٰلِحِينَ
और हमने उन्हें पथदर्शक बनाया जो हमारे आदेश से मार्ग दिखाते हैं,
وَجَعَلۡنَٰهُمۡ أَى۪مَّةٗ يَهۡدُونَ بِأَمۡرِنَا
और हमने उन पर प्रकट किया कि वे वह करें जो सबसे बेहतर है, संपर्क बनाए रखें और शुद्ध उदारता दें।
وَأَوۡحَيۡنَآ إِلَيۡهِمۡ فِعۡلَ اَ۬لۡخَيۡرَٰتِ وَإِقَامَ اَ۬لصَّلَوٰةِ وَإِيتَآءَ اَ۬لزَّكَوٰةِۖ
और वे हमारे आज्ञाकारी थे।
وَكَانُواْ لَنَا عَٰبِدِينَ
और लूत को हमने निर्णय और ज्ञान दिया,
وَلُوطًا ءَاتَيۡنَٰهُ حُكۡمٗا وَعِلۡمٗا
और हमने उसे उस बस्ती से उबारा जो विकृत आचरण करती थी,
وَنَجَّيۡنَٰهُ مِنَ اَ۬لۡقَرۡيَةِ اِ۬لَّتِي كَانَت تَّعۡمَلُ اُ۬لۡخَبَٰٓئِثَۚ
क्योंकि वे एक बुरी क़ौम थे, अतिक्रमणकारी।
إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَوۡمَ سَوۡءٖ فَٰسِقِينَ
और हमने उसे अपनी दया में प्रवेश दिया,
وَأَدۡخَلۡنَٰهُ فِي رَحۡمَتِنَآۖ
क्योंकि वह भलों में से था।
إِنَّهُۥ مِنَ اَ۬لصَّٰلِحِينَ
और नूह, जब उसने पहले पुकारा: हमने उसे उत्तर दिया, और हमने उसे और उसके परिवार को विशाल संकट से उबारा।
وَنُوحًا إِذۡ نَادَىٰ مِن قَبۡلُ فَاَسۡتَجَبۡنَا لَهُۥ فَنَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥ مِنَ اَ۬لۡكَرۡبِ اِ۬لۡعَظِيمِ
और हमने उस क़ौम के विरुद्ध उसकी सहायता की जिसने हमारे संकेतों को झुठलाया;
وَنَصَرۡنَٰهُ مِنَ اَ۬لۡقَوۡمِ اِ۬لَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَآۚ
क्योंकि वे एक बुरी क़ौम थे, इसलिए हमने उन सबको एक साथ डुबो दिया।
إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَوۡمَ سَوۡءٖ فَأَغۡرَقۡنَٰهُمۡ أَجۡمَعِينَ
और दाऊद और सुलैमान, जब वे उस जुते खेत के विषय में निर्णय करते थे, जिसमें क़ौम की भेड़ें रात में घुस आई थीं,
وَدَاوُۥدَ وَسُلَيۡمَٰنَ إِذۡ يَحۡكُمَانِ فِي اِ۬لۡحَرۡثِ إِذۡ نَفَشَتۡ فِيهِ غَنَمُ اُ۬لۡقَوۡمِ
और हम उनके निर्णय के साक्षी थे।
وَكُنَّا لِحُكۡمِهِمۡ شَٰهِدِينَ
उसकी समझ हमने सुलैमान को दी,
فَفَهَّمۡنَٰهَا سُلَيۡمَٰنَۚ
और दोनों में से हर एक को हमने निर्णय और ज्ञान दिया।
وَكُلًّا ءَاتَيۡنَا حُكۡمٗا وَعِلۡمٗاۚ
और हमने पहाड़ों को दाऊद के साथ महिमा गाने के लिए वशीभूत किया, और पक्षियों को भी;
وَسَخَّرۡنَا مَعَ دَاوُۥدَ اَ۬لۡجِبَالَ يُسَبِّحۡنَ وَاَلطَّيۡرَۚ
और यह हम ही करने वाले थे।
وَكُنَّا فَٰعِلِينَ
और हमने उसे तुम्हारे लिए कवच बनाना सिखाया, ताकि वह तुम्हें तुम्हारी अपनी हिंसा से आड़ दे —
وَعَلَّمۡنَٰهُ صَنۡعَةَ لَبُوسٖ لَّكُمۡ لِيُحۡصِنَكُم مِّنۢ بَأۡسِكُمۡۖ
तो क्या तुम कृतज्ञ होगे?
فَهَلۡ أَنتُمۡ شَٰكِرُونَ
और सुलैमान के लिए तेज़ हवा, जो उसके आदेश से उस धरती की ओर दौड़ती थी जिसे हमने आशीष दी,
وَلِسُلَيۡمَٰنَ اَ۬لرِّيحَ عَاصِفَةٗ تَجۡرِي بِأَمۡرِهِۦٓ إِلَى اَ۬لۡأَرۡضِ اِ۬لَّتِي بَٰرَكۡنَا فِيهَاۚ
और हम हर चीज़ को जानते थे।
وَكُنَّا بِكُلِّ شَيۡءٍ عَٰلِمِينَ
और बहकाने वालों में से कुछ ऐसे थे जो उसके लिए गोता लगाते और इसके अलावा अन्य कार्य भी करते;
وَمِنَ اَ۬لشَّيَٰطِينِ مَن يَغُوصُونَ لَهُۥ وَيَعۡمَلُونَ عَمَلٗا دُونَ ذَٰلِكَۖ
और हम उनके रक्षक थे।
وَكُنَّا لَهُمۡ حَٰفِظِينَ
और अय्यूब, जब उसने अपने अभिभावक को पुकारा: “हानि ने मुझे छू लिया है, और आप दयालुओं में सबसे दयालु हैं!”
۞ وَأَيُّوبَ إِذۡ نَادَىٰ رَبَّهُۥٓ أَنِّي مَسَّنِيَ اَ۬لضُّرُّ وَأَنتَ أَرۡحَمُ اُ۬لرَّٰحِمِينَ
हमने उसे उत्तर दिया और उस पर जो हानि थी उससे उसे राहत दी,
فَاَسۡتَجَبۡنَا لَهُۥ فَكَشَفۡنَا مَا بِهِۦ مِن ضُرّٖۖ
और हमने उसे उसका परिवार फिर से दे दिया, और उनके साथ उतने ही और, अपनी ओर से दया के कारण, और आज्ञाकारियों के लिए स्मरण के रूप में।
وَءَاتَيۡنَٰهُ أَهۡلَهُۥ وَمِثۡلَهُم مَّعَهُمۡ رَحۡمَةٗ مِّنۡ عِندِنَا وَذِكۡر۪يٰ لِلۡعَٰبِدِينَ
और इस्माईल, और इदरीस, और ज़ुल-किफ़्ल:
وَإِسۡمَٰعِيلَ وَإِدۡرِيسَ وَذَا اَ۬لۡكِفۡلِۖ
हर एक धैर्य रखने वालों में से था।
كُلّٞ مِّنَ اَ۬لصَّٰبِرِينَ
और हमने उन्हें अपनी दया में प्रवेश दिया,
وَأَدۡخَلۡنَٰهُمۡ فِي رَحۡمَتِنَآۖ
क्योंकि वे भलों में से थे।
إِنَّهُم مِّنَ اَ۬لصَّٰلِحِينَ
और ज़ुन्नून, जब वह क्रोध में चल दिया और उसने अनुमान लगाया कि हम उस पर सामर्थ्य नहीं रखेंगे: उसने अँधेरों में पुकारा: “आपके सिवा कोई देवता नहीं! आपकी महिमा हो! मैं निश्चय ही अन्यायियों में से रहा हूँ!”
وَذَا اَ۬لنُّونِ إِذ ذَّهَبَ مُغَٰضِبٗا فَظَنَّ أَن لَّن نَّقۡدِرَ عَلَيۡهِ فَنَادَىٰ فِي اِ۬لظُّلُمَٰتِ أَن لَّآ إِلَٰهَ إِلَّآ أَنتَ سُبۡحَٰنَكَ إِنِّي كُنتُ مِنَ اَ۬لظَّٰلِمِينَ
हमने उसे उत्तर दिया और उसे व्यथा से उबारा;
فَاَسۡتَجَبۡنَا لَهُۥ وَنَجَّيۡنَٰهُ مِنَ اَ۬لۡغَمِّۚ
और इसी प्रकार हम विश्वास करने वालों को उबारते हैं।
وَكَذَٰلِكَ نُـۨجِي اِ۬لۡمُؤۡمِنِينَ
और ज़करिया, जब उसने अपने अभिभावक को पुकारा: “मेरे अभिभावक, मुझे अकेला न छोड़िए, जबकि आप उत्तराधिकारियों में सबसे बेहतर हैं!”
وَزَكَرِيَّآءَ ا۪ذۡ نَادَىٰ رَبَّهُۥ رَبِّ لَا تَذَرۡنِي فَرۡدٗا وَأَنتَ خَيۡرُ اُ۬لۡوَٰرِثِينَ
हमने उसे उत्तर दिया, उसे यह्या प्रदान किया, और उसके लिए उसकी जोड़ीदार को भला बना दिया;
فَاَسۡتَجَبۡنَا لَهُۥ وَوَهَبۡنَا لَهُۥ يَحۡيۭيٰ وَأَصۡلَحۡنَا لَهُۥ زَوۡجَهُۥٓۚ
क्योंकि वे जो सबसे बेहतर है उसकी ओर दौड़ पड़ते थे, लगन और आदर से हमें पुकारते थे, और हमारे प्रति विनीत थे।
إِنَّهُمۡ كَانُواْ يُسَٰرِعُونَ فِي اِ۬لۡخَيۡرَٰتِ وَيَدۡعُونَنَا رَغَبٗا وَرَهَبٗاۖ وَكَانُواْ لَنَا خَٰشِعِينَ
और वह स्त्री, जिसने अपने शील की रक्षा की: हमने उसमें अपने प्रवाह में से फूँका, और उसे और उसके पुत्र को सभी प्राणियों के लिए एक संकेत बनाया।
وَاَلَّتِيٓ أَحۡصَنَتۡ فَرۡجَهَا فَنَفَخۡنَا فِيهَا مِن رُّوحِنَا وَجَعَلۡنَٰهَا وَاَبۡنَهَآ ءَايَةٗ لِّلۡعَٰلَمِينَ
तुम्हारा यह समुदाय निश्चय ही एक ही समुदाय है, और मैं तुम्हारा अभिभावक हूँ: इसलिए मेरी आज्ञा का पालन करो।
إِنَّ هَٰذِهِۦٓ أُمَّتُكُمۡ أُمَّةٗ وَٰحِدَةٗ وَأَنَا۠ رَبُّكُمۡ فَاَعۡبُدُونِ
परंतु उन्होंने आपस में अपना मामला टुकड़ों में बाँट दिया:
وَتَقَطَّعُوٓاْ أَمۡرَهُم بَيۡنَهُمۡۖ
सब हमारी ओर लौटेंगे।
كُلٌّ إِلَيۡنَا رَٰجِعُونَ
जो भले कर्म करता है, विश्वास करने वाला होते हुए, उसके प्रयास को कभी नकारा नहीं जाएगा;
فَمَن يَعۡمَلۡ مِنَ اَ۬لصَّٰلِحَٰتِ وَهۡوَ مُؤۡمِنٞ فَلَا كُفۡرَانَ لِسَعۡيِهِۦ
क्योंकि हम उसके लिए उसे लिख लेते हैं।
وَإِنَّا لَهُۥ كَٰتِبُونَ
और जिस बस्ती को हमने नष्ट किया उसके लिए यह वर्जित है कि वे न लौटें —
وَحَرَٰمٌ عَلَىٰ قَرۡيَةٍ أَهۡلَكۡنَٰهَآ أَنَّهُمۡ لَا يَرۡجِعُونَ
जब तक याजूज और माजूज खोल न दिए जाएँ, हर ऊँचाई से उमड़ते हुए, और सच्चा वादा निकट न आ जाए; तब नकारने वालों की दृष्टियाँ जम जाती हैं: “हाय हम पर! हम इस विषय में लापरवाही में थे; बल्कि हम अन्यायी रहे हैं!”
حَتَّىٰٓ إِذَا فُتِحَتۡ يَاجُوجُ وَمَاجُوجُ وَهُم مِّن كُلِّ حَدَبٖ يَنسِلُونَ ۞ وَاَقۡتَرَبَ اَ۬لۡوَعۡدُ اُ۬لۡحَقُّ فَإِذَا هِيَ شَٰخِصَةٌ أَبۡصَٰرُ اُ۬لَّذِينَ كَفَرُواْ يَٰوَيۡلَنَا قَدۡ كُنَّا فِي غَفۡلَةٖ مِّنۡ هَٰذَا بَلۡ كُنَّا ظَٰلِمِينَ
तुम, और जिसकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते हो, निश्चय ही जहन्नम का ईंधन हो; तुम उसमें पहुँचोगे।
إِنَّكُمۡ وَمَا تَعۡبُدُونَ مِن دُونِ اِ۬للَّهِ حَصَبُ جَهَنَّمَ أَنتُمۡ لَهَا وَٰرِدُونَ
यदि ये देवता होते, तो ये उसमें न पहुँचते;
لَوۡ كَانَ هَٰٓؤُلَآءِ اَ۬لِهَةٗ مَّا وَرَدُوهَاۖ
और सब उसमें सदा रहेंगे।
وَكُلّٞ فِيهَا خَٰلِدُونَ
वे उसमें घरघराएँगे, और उसमें कुछ नहीं सुनेंगे।
لَهُمۡ فِيهَا زَفِيرٞ وَهُمۡ فِيهَا لَا يَسۡمَعُونَ
जिन्हें हम पहले ही सबसे सुंदर हिस्सा दे चुके हैं, वे उससे निश्चय ही दूर रखे जाएँगे:
إِنَّ اَ۬لَّذِينَ سَبَقَتۡ لَهُم مِّنَّا اَ۬لۡحُسۡنۭيٰٓ أُوْلَٰٓئِكَ عَنۡهَا مُبۡعَدُونَ
वे उसकी ज़रा भी सनसनाहट नहीं सुनेंगे, और जिसकी उनका स्व कामना करे उसमें सदा रहेंगे।
لَا يَسۡمَعُونَ حَسِيسَهَاۖ وَهُمۡ فِي مَا اَ۪شۡتَهَتۡ أَنفُسُهُمۡ خَٰلِدُونَ
बड़ा आतंक उन्हें दुखी नहीं करेगा,
لَا يَحۡزُنُهُمُ اُ۬لۡفَزَعُ اُ۬لۡأَكۡبَرُ
और अभिकर्ता उनका स्वागत करेंगे: “यह तुम्हारा दिन है, जिसका तुमसे वादा किया गया था।”
وَتَتَلَقَّىٰهُمُ اُ۬لۡمَلَٰٓئِكَةُ هَٰذَا يَوۡمُكُمُ اُ۬لَّذِي كُنتُمۡ تُوعَدُونَ
जिस दिन हम आकाश को तह करेंगे जैसे फ़ाइल अपने भीतर के लेखों पर बंद हो जाती है,
يَوۡمَ نَطۡوِي اِ۬لسَّمَآءَ كَطَيِّ اِ۬لسِّجِلِّ لِلۡكِتَٰبِۚ
उसी प्रकार जैसे हमने पहली रचना का आरंभ किया, हम उसे दोहराएँगे —
كَمَا بَدَأۡنَآ أَوَّلَ خَلۡقٖ نُّعِيدُهُۥۚ
यह हमारे ज़िम्मे एक वादा है:
وَعۡدًا عَلَيۡنَآۚ
हम इसे करेंगे, निश्चय ही।
إِنَّا كُنَّا فَٰعِلِينَ
हमने निश्चय ही स्मरण के बाद प्रपत्र में लिखा है कि धरती विरासत में मेरे भले आज्ञाकारियों की होगी।
وَلَقَدۡ كَتَبۡنَا فِي اِ۬لزَّبُورِ مِنۢ بَعۡدِ اِ۬لذِّكۡرِ أَنَّ اَ۬لۡأَرۡضَ يَرِثُهَا عِبَادِيَ اَ۬لصَّٰلِحُونَ
अवश्य इसमें आज्ञाकारियों की एक क़ौम के लिए संप्रेषण है।
إِنَّ فِي هَٰذَا لَبَلَٰغٗا لِّقَوۡمٍ عَٰبِدِينَ
और हमने तुम्हें सभी प्राणियों के लिए दया के रूप में ही भेजा है।
وَمَآ أَرۡسَلۡنَٰكَ إِلَّا رَحۡمَةٗ لِّلۡعَٰلَمِينَ
कहो: “मुझ पर केवल यह प्रकट किया जाता है कि तुम्हारा देवता एक ही देवता है।
قُلۡ إِنَّمَا يُوحَىٰٓ إِلَيَّ أَنَّمَآ إِلَٰهُكُمۡ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞۖ
तो क्या तुम उसके प्रति खरे होगे?”
فَهَلۡ أَنتُم مُّسۡلِمُونَ
यदि वे पीठ फेर लें, तो कहो: “मैंने तुम सबको समान रूप से सूचित किया,
فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَقُلۡ ءَاذَنتُكُمۡ عَلَىٰ سَوَآءٖۖ
और मुझे कोई अंदाज़ा नहीं कि जिसका तुमसे वादा किया गया है वह निकट है या दूर।
وَإِنۡ أَدۡرِيٓ أَقَرِيبٌ أَم بَعِيدٞ مَّا تُوعَدُونَ
वह जानता है, निश्चय ही, जो ऊँचे स्वर में कहा जाता है, और वह जानता है जो तुम दबा रखते हो।
إِنَّهُۥ يَعۡلَمُ اُ۬لۡجَهۡرَ مِنَ اَ۬لۡقَوۡلِ وَيَعۡلَمُ مَا تَكۡتُمُونَ
और मुझे अंदाज़ा नहीं: शायद यह तुम्हारे लिए एक परीक्षा हो, और एक समय तक उपभोग।”
وَإِنۡ أَدۡرِي لَعَلَّهُۥ فِتۡنَةٞ لَّكُمۡ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٖ
कहो: “मेरे अभिभावक, सत्य के साथ निर्णय कीजिए;
قُل رَّبِّ اِ۟حۡكُم بِالۡحَقِّۗ
और हमारा अभिभावक सर्वदयालु है, जिससे उसके विरुद्ध सहायता माँगी जाती है जो तुम वर्णन करते हो।”
وَرَبُّنَا اَ۬لرَّحۡمَٰنُ اُ۬لۡمُسۡتَعَانُ عَلَىٰ مَا تَصِفُونَ