الانفال
Al-Anfal
What Gives You Life
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। वे तुमसे अधिशेष के विषय में पूछते हैं।
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ يَسۡـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلۡأَنفَالِۖ
कहो: “अधिशेष ईश्वर और संदेशवाहक का है।
قُلِ ٱلۡأَنفَالُ لِلَّهِ وَٱلرَّسُولِۖ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और जो तुम्हारे बीच है उसे सुधारो,
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَصۡلِحُواْ ذَاتَ بَيۡنِكُمُۥۖ
और ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानो, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।”
وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ إِن كُنتُمُۥ مُؤۡمِنِينَ
विश्वास करने वाले तो वही हैं जिनके मर्म काँप उठते हैं जब ईश्वर का स्मरण किया जाता है, और जिनका विश्वास बढ़ जाता है जब उन्हें उसके संकेत सुनाए जाते हैं, और जो अपने अभिभावक को मुख़्तार बनाते हैं,
إِنَّمَا ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِرَ ٱللَّهُ وَجِلَتۡ قُلُوبُهُمُۥ وَإِذَا تُلِيَتۡ عَلَيۡهِمُۥ ءَايَٰتُهُۥ زَادَتۡهُمُۥ إِيمَٰنٗا وَعَلَىٰ رَبِّهِمُۥ يَتَوَكَّلُونَ
जो संपर्क बनाए रखते हैं, और जो उसमें से ख़र्च करते हैं जो हमने उन्हें जीविका के रूप में दिया है — वही सच्चे विश्वास करने वाले हैं।
ٱلَّذِينَ يُقِيمُونَ ٱلصَّلَوٰةَ وَمِمَّا رَزَقۡنَٰهُمُۥ يُنفِقُونَ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ حَقّٗاۚ
उनके लिए उनके अभिभावक के पास श्रेणियाँ हैं, क्षमा है, और उदार जीविका है।
لَّهُمُۥ دَرَجَٰتٌ عِندَ رَبِّهِمُۥ وَمَغۡفِرَةٞ وَرِزۡقٞ كَرِيمٞ
जैसे जब तुम्हारे अभिभावक ने तुम्हें तुम्हारे घर से पूर्ण सत्य के साथ निकाला, जबकि विश्वास करने वालों का एक भाग उससे अवश्य अरुचि रखता था, सत्य के विषय में तुमसे बहस करता हुआ, जबकि वह सामने आ चुका था, मानो उन्हें मृत्यु की ओर ले जाया जा रहा हो, और वे नज़र डाल रहे हों।
كَمَا أَخۡرَجَكَ رَبُّكَ مِنۢ بَيۡتِكَ بِٱلۡحَقِّ وَإِنَّ فَرِيقٗا مِّنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ لَكَٰرِهُونَ يُجَٰدِلُونَكَ فِي ٱلۡحَقِّ بَعۡدَ مَا تَبَيَّنَ كَأَنَّمَا يُسَاقُونَ إِلَى ٱلۡمَوۡتِ وَهُمُۥ يَنظُرُونَ
और जब ईश्वर तुमसे वादा करता था कि दो समूहों में से एक तुम्हारा होगा, जबकि तुम चाहते थे कि वह वही हो जो निहत्था था।
وَإِذۡ يَعِدُكُمُ ٱللَّهُ إِحۡدَى ٱلطَّآئِفَتَيۡنِ أَنَّهَا لَكُمُۥ وَتَوَدُّونَ أَنَّ غَيۡرَ ذَاتِ ٱلشَّوۡكَةِ تَكُونُ لَكُمُۥ
परंतु ईश्वर चाहता था कि अपने बोलों से सत्य को सिद्ध करे और जो नकारते हैं उन्हें अंतिम अवशेष तक काट दे, ताकि सत्य को सिद्ध करे और असत्य को निरर्थक कर दे, भले ही बहिष्कृत इससे घृणा करें।
وَيُرِيدُ ٱللَّهُ أَن يُحِقَّ ٱلۡحَقَّ بِكَلِمَٰتِهِۦ وَيَقۡطَعَ دَابِرَ ٱلۡكَٰفِرِينَ لِيُحِقَّ ٱلۡحَقَّ وَيُبۡطِلَ ٱلۡبَٰطِلَ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡمُجۡرِمُونَ
जब तुम अपने अभिभावक से सहायता की पुकार कर रहे थे, और उसने तुम्हें उत्तर दिया: “मैं एक हज़ार अभिकर्ताओं से तुम्हें पुष्ट करता हूँ, पंक्ति में।”
إِذۡ تَسۡتَغِيثُونَ رَبَّكُمُۥ فَٱسۡتَجَابَ لَكُمُۥ أَنِّي مُمِدُّكُمُۥ بِأَلۡفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ مُرۡدِفِينَ
और ईश्वर ने उसे केवल एक शुभ समाचार बनाया, और इसलिए कि तुम्हारे मर्मों को उससे चैन मिले।
وَمَا جَعَلَهُ ٱللَّهُ إِلَّا بُشۡرَىٰ وَلِتَطۡمَئِنَّ بِهِۦ قُلُوبُكُمُۥۚ
जबकि सहायता केवल ईश्वर के पास से ही आती है,
وَمَا ٱلنَّصۡرُ إِلَّا مِنۡ عِندِ ٱللَّهِۚ
क्योंकि ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
إِنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٌ
जब वह ऊँघ को तुम पर छा जाने देता था, अपनी ओर से एक सुरक्षा के रूप में, और आकाश से तुम पर पानी उतारता था, ताकि उससे तुम्हें स्वच्छ करे, तुमसे बहकाने वाले की मलिनता दूर करे, तुम्हारे मर्मों को बाँधे, और उससे तुम्हारे क़दम स्थिर कर दे।
إِذۡ يَغۡشَىٰكُمُ ٱلنُّعَاسُ أَمَنَةٗ مِّنۡهُۥ وَيُنزِلُ عَلَيۡكُمُۥ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ لِّيُطَهِّرَكُمُۥ بِهِۦ وَيُذۡهِبَ عَنكُمُۥ رِجۡزَ ٱلشَّيۡطَٰنِ وَلِيَرۡبِطَ عَلَىٰ قُلُوبِكُمُۥ وَيُثَبِّتَ بِهِ ٱلۡأَقۡدَامَ
जब तुम्हारा अभिभावक अभिकर्ताओं पर प्रकट करता था: “मैं तुम्हारे साथ हूँ; तो जिन्होंने विश्वास किया उन्हें स्थिर करो।
إِذۡ يُوحِي رَبُّكَ إِلَى ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ أَنِّي مَعَكُمُۥ فَثَبِّتُواْ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْۚ
मैं नकारने वालों के मर्मों में आतंक डालूँगा।
سَأُلۡقِي فِي قُلُوبِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ ٱلرُّعۡبَ
तो बंदियों को और आगे कई गुना करो, और उनके बीच उन्हें कई गुना करो जिनका विनिमय-मूल्य सबसे बड़ा है।”
فَٱضۡرِبُواْ فَوۡقَ ٱلۡأَعۡنَاقِ وَٱضۡرِبُواْ مِنۡهُمُۥ كُلَّ بَنَانٖ
यह इसलिए कि वे ईश्वर और उसके संदेशवाहक से नाता तोड़कर विरोध में खड़े हुए।
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥ شَآقُّواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥۚ
और जो कोई ईश्वर और उसके संदेशवाहक से नाता तोड़कर विरोध में खड़ा होता है — ईश्वर निश्चय ही सज़ा देने में कठोर है।
وَمَن يُشَاقِقِ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ فَإِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ
यह तुम्हारे लिए है: तो इसे चखो!
ذَٰلِكُمُۥ فَذُوقُوهُۥ
और नकारने वालों के लिए आग का दंड निर्धारित है।
وَأَنَّ لِلۡكَٰفِرِينَ عَذَابَ ٱلنَّارِ
हे विश्वास करने वालो! जब तुम नकारने वालों से उनकी पूरी चढ़ाई में मिलो, तो उन्हें पीठ न दिखाओ।
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ إِذَا لَقِيتُمُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ زَحۡفٗا فَلَا تُوَلُّوهُمُ ٱلۡأَدۡبَارَ
और जो कोई उस दिन उन्हें पीठ दिखाता है — लड़ाई की चाल के लिए या किसी वाहिनी की ओर जुटने के सिवा — वह ईश्वर के क्रोध का पात्र बनता है, और उसकी शरण जहन्नम होगी।
وَمَن يُوَلِّهِمُۥ يَوۡمَئِذٖ دُبُرَهُۥ إِلَّا مُتَحَرِّفٗا لِّقِتَالٍ أَوۡ مُتَحَيِّزًا إِلَىٰ فِئَةٖ فَقَدۡ بَآءَ بِغَضَبٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَمَأۡوَىٰهُۥ جَهَنَّمُۖ
और कितना भयानक गंतव्य!
وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ
तो उन्हें तुमने नहीं मारा,
فَلَمۡ تَقۡتُلُوهُمُۥ
बल्कि ईश्वर ने उन्हें मारा।
وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ قَتَلَهُمُۥۚ
और तुमने नहीं फेंका, जब तुमने फेंका, बल्कि ईश्वर ने फेंका,
وَمَا رَمَيۡتَ إِذۡ رَمَيۡتَ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ رَمَىٰ
ताकि वह विश्वास करने वालों को अपनी ओर से एक सुंदर ढंग से परखे,
وَلِيُبۡلِيَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ مِنۡهُۥ بَلَآءً حَسَنًاۚ
क्योंकि ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
إِنَّ ٱللَّهَ سَمِيعٌ عَلِيمٞ
यह तुम्हारे लिए है! और ईश्वर नकारने वालों की चाल को कमज़ोर करता है।
ذَٰلِكُمُۥ وَأَنَّ ٱللَّهَ مُوَهِّنٞ كَيۡدَ ٱلۡكَٰفِرِينَ
यदि तुम उद्घाटन चाहते थे, तो उद्घाटन तुम्हारे पास आ चुका है;
إِن تَسۡتَفۡتِحُواْ فَقَدۡ جَآءَكُمُ ٱلۡفَتۡحُۖ
और यदि तुम बाज़ आ जाओ, तो यह तुम्हारे लिए बेहतर होगा;
وَإِن تَنتَهُواْ فَهُوَ خَيۡرٞ لَّكُمُۥۖ
परंतु यदि तुम पुनरावृत्ति करोगे, तो हम भी पुनरावृत्ति करेंगे,
وَإِن تَعُودُواْ نَعُدۡ
और तुम्हारी वाहिनी तुम्हारे किसी काम न आएगी, भले ही वह बहुत बड़ी हो;
وَلَن تُغۡنِيَ عَنكُمُۥ فِئَتُكُمُۥ شَيۡـٔٗا وَلَوۡ كَثُرَتۡ
क्योंकि ईश्वर विश्वास करने वालों के साथ है।
وَإِنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानो,
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ أَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ
और उससे पीठ न फेरो, जबकि तुम सुनते हो।
وَلَا تَوَلَّوۡاْ عَنۡهُۥ وَأَنتُمُۥ تَسۡمَعُونَ
और उनके समान न हो जाओ जो कहते हैं: “हमने सुन लिया”, जबकि वे सुनते नहीं।
وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ قَالُواْ سَمِعۡنَا وَهُمُۥ لَا يَسۡمَعُونَ
ईश्वर के पास चलने-फिरने वालों में सबसे बुरे निश्चय ही वे हैं जो बहरे हैं, गूँगे हैं, जो बुद्धि से काम नहीं लेते।
۞ إِنَّ شَرَّ ٱلدَّوَآبِّ عِندَ ٱللَّهِ ٱلصُّمُّ ٱلۡبُكۡمُ ٱلَّذِينَ لَا يَعۡقِلُونَ
और यदि ईश्वर उनमें कोई अच्छाई जानता, तो वह उन्हें ज़रूर सुनवा देता;
وَلَوۡ عَلِمَ ٱللَّهُ فِيهِمُۥ خَيۡرٗا لَّأَسۡمَعَهُمُۥۖ
और यदि वह उन्हें सुनवा भी देता, तो वे कतराते हुए पीठ फेर लेते।
وَلَوۡ أَسۡمَعَهُمُۥ لَتَوَلَّواْ وَّهُمُۥ مُعۡرِضُونَ
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर और संदेशवाहक को उत्तर दो, जब वह तुम्हें उसकी ओर बुलाए जो तुम्हें जीवन देता है,
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱسۡتَجِيبُواْ لِلَّهِ وَلِلرَّسُولِ إِذَا دَعَاكُمُۥ لِمَا يُحۡيِيكُمُۥۖ
और जान लो कि ईश्वर मनुष्य और उसके मर्म के बीच आड़ बन जाता है, और यह कि उसी की ओर तुम इकट्ठा किए जाओगे।
وَٱعۡلَمُواْ أَنَّ ٱللَّهَ يَحُولُ بَيۡنَ ٱلۡمَرۡءِ وَقَلۡبِهِۦ وَأَنَّهُۥ إِلَيۡهِۦ تُحۡشَرُونَ
और उस परीक्षा से सावधान रहो जो केवल तुममें से उन्हीं पर नहीं आएगी जिन्होंने अन्याय किया,
وَٱتَّقُواْ فِتۡنَةٗ لَّا تُصِيبَنَّ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ مِنكُمُۥ خَآصَّةٗۖ
और जान लो कि ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।
وَٱعۡلَمُواْ أَنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ
और स्मरण करो जब तुम थोड़े थे, धरती पर कमज़ोरी में सिमटे हुए, डरते हुए कि लोग तुम्हें उचक न ले जाएँ; तब उसने तुम्हें शरण दी, अपनी सहायता से तुम्हें सुदृढ़ किया, और तुम्हें अच्छी चीज़ों की जीविका दी — शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
وَٱذۡكُرُواْ إِذۡ أَنتُمُۥ قَلِيلٞ مُّسۡتَضۡعَفُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ تَخَافُونَ أَن يَتَخَطَّفَكُمُ ٱلنَّاسُ فَـَٔاوَىٰكُمُۥ وَأَيَّدَكُمُۥ بِنَصۡرِهِۦ وَرَزَقَكُمُۥ مِنَ ٱلطَّيِّبَٰتِ لَعَلَّكُمُۥ تَشۡكُرُونَ
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर और संदेशवाहक के साथ विश्वासघात न करो, और अपनी धरोहरों के साथ विश्वासघात न करो, जबकि तुम जानते हो।
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَخُونُواْ ٱللَّهَ وَٱلرَّسُولَ وَتَخُونُواْ أَمَٰنَٰتِكُمُۥ وَأَنتُمُۥ تَعۡلَمُونَ
और जान लो कि तुम्हारी संपत्ति और तुम्हारी संतान केवल एक परीक्षा हैं, और ईश्वर के पास विशाल पुरस्कार है।
وَٱعۡلَمُواْ أَنَّمَا أَمۡوَٰلُكُمُۥ وَأَوۡلَٰدُكُمُۥ فِتۡنَةٞ وَأَنَّ ٱللَّهَ عِندَهُۥ أَجۡرٌ عَظِيمٞ
हे विश्वास करने वालो! यदि तुम ईश्वर के प्रति सावधान रहोगे, तो वह तुम्हें एक विवेक देगा, तुम्हारे बुरे कर्म ढक देगा, और तुम्हें क्षमा कर देगा।
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ إِن تَتَّقُواْ ٱللَّهَ يَجۡعَل لَّكُمُۥ فُرۡقَانٗا وَيُكَفِّرۡ عَنكُمُۥ سَيِّـَٔاتِكُمُۥ وَيَغۡفِرۡ لَكُمُۥۗ
और ईश्वर विशाल अनुग्रह का धारक है।
وَٱللَّهُ ذُو ٱلۡفَضۡلِ ٱلۡعَظِيمِ
और जब नकारने वाले तुम्हारे विरुद्ध षड्यंत्र कर रहे थे, तुम्हें जकड़ने, मार डालने, या निकाल देने के लिए।
وَإِذۡ يَمۡكُرُ بِكَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لِيُثۡبِتُوكَ أَوۡ يَقۡتُلُوكَ أَوۡ يُخۡرِجُوكَۚ
और वे षड्यंत्र कर रहे थे, और ईश्वर षड्यंत्र कर रहा था,
وَيَمۡكُرُونَ وَيَمۡكُرُ ٱللَّهُۖ
और ईश्वर षड्यंत्र करने वालों में सबसे बेहतर है।
وَٱللَّهُ خَيۡرُ ٱلۡمَٰكِرِينَ
और जब उन्हें हमारे संकेत सुनाए जाते हैं, तो वे कहते हैं: “हमने सुन लिया है; यदि हम चाहें तो हम भी ऐसा ही कह दें;
وَإِذَا تُتۡلَىٰ عَلَيۡهِمُۥ ءَايَٰتُنَا قَالُواْ قَدۡ سَمِعۡنَا لَوۡ نَشَآءُ لَقُلۡنَا مِثۡلَ هَٰذَا
ये तो केवल प्राचीनों की दंतकथाएँ हैं।”
إِنۡ هَٰذَا إِلَّا أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ
और जब वे कहते थे: “हे ईश्वर! यदि यह वास्तव में आपकी ओर से सत्य है, तो हम पर आकाश से पत्थर बरसाइए, या हमारे पास पीड़ादायक दंड ले आइए।”
وَإِذۡ قَالُواْ ٱللَّهُمَّ إِن كَانَ هَٰذَا هُوَ ٱلۡحَقَّ مِنۡ عِندِكَ فَأَمۡطِرۡ عَلَيۡنَا حِجَارَةٗ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ اَ۬وِ ٱئۡتِنَا بِعَذَابٍ أَلِيمٖ
परंतु ईश्वर को यह शोभा नहीं देता था कि जब तक तुम उनके बीच थे वह उन्हें दंड दे,
وَمَا كَانَ ٱللَّهُ لِيُعَذِّبَهُمُۥ وَأَنتَ فِيهِمُۥۚ
और ईश्वर को यह शोभा नहीं देता था कि जब तक वे क्षमा माँगते रहे वह उन्हें दंड दे।
وَمَا كَانَ ٱللَّهُ مُعَذِّبَهُمُۥ وَهُمُۥ يَسۡتَغۡفِرُونَ
और उनके पास क्या है कि ईश्वर उन्हें दंड न दे, जबकि वे माथा टेकने के अलंघनीय स्थान को रोके हुए हैं, जबकि वे उसके हिमायती भी नहीं?
وَمَا لَهُمُۥ أَلَّا يُعَذِّبَهُمُ ٱللَّهُ وَهُمُۥ يَصُدُّونَ عَنِ ٱلۡمَسۡجِدِ ٱلۡحَرَامِ وَمَا كَانُواْ أَوۡلِيَآءَهُۥۚ
उसके हिमायती तो केवल वे हैं जो सावधान रहते हैं,
إِنۡ أَوۡلِيَآؤُهُۥ إِلَّا ٱلۡمُتَّقُونَ
परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।
وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمُۥ لَا يَعۡلَمُونَ
और घर के पास उनका संपर्क बस एक कोलाहल और एक अवरोध था।
وَمَا كَانَ صَلَاتُهُمُۥ عِندَ ٱلۡبَيۡتِ إِلَّا مُكَآءٗ وَتَصۡدِيَةٗۚ
तो दंड चखो, नकारने के कारण।
فَذُوقُواْ ٱلۡعَذَابَ بِمَا كُنتُمُۥ تَكۡفُرُونَ
जो नकारते हैं वे निश्चय ही अपनी संपत्ति इसलिए ख़र्च करते हैं कि ईश्वर की राह रोकें।
إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يُنفِقُونَ أَمۡوَٰلَهُمُۥ لِيَصُدُّواْ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِۚ
तो वे उसे ख़र्च करेंगे, फिर वह उनके लिए संताप बन जाएगा, फिर वे पराजित होंगे।
فَسَيُنفِقُونَهَا ثُمَّ تَكُونُ عَلَيۡهِمُۥ حَسۡرَةٗ ثُمَّ يُغۡلَبُونَۗ
और जो नकारते हैं वे जहन्नम की ओर इकट्ठा किए जाएँगे, ताकि ईश्वर अधम को अच्छे से अलग करे, अधम को परत पर परत रखे, उसे एक ढेर बना दे, और उसे जहन्नम में डाल दे।
وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ إِلَىٰ جَهَنَّمَ يُحۡشَرُونَ لِيَمِيزَ ٱللَّهُ ٱلۡخَبِيثَ مِنَ ٱلطَّيِّبِ وَيَجۡعَلَ ٱلۡخَبِيثَ بَعۡضَهُۥ عَلَىٰ بَعۡضٖ فَيَرۡكُمَهُۥ جَمِيعٗا فَيَجۡعَلَهُۥ فِي جَهَنَّمَۚ
वही घाटा उठाने वाले हैं।
أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ
नकारने वालों से कहो: यदि वे बाज़ आ जाएँ, तो जो बीत चुका है वह उन्हें क्षमा कर दिया जाएगा;
قُل لِّلَّذِينَ كَفَرُواْ إِن يَنتَهُواْ يُغۡفَرۡ لَهُمُۥ مَا قَدۡ سَلَفَ
परंतु यदि वे पुनरावृत्ति करें, तो पहले वालों का नियम पहले ही पूरा हो चुका है।
وَإِن يَعُودُواْ فَقَدۡ مَضَتۡ سُنَّتُ ٱلۡأَوَّلِينَ
और उनसे लड़ो जब तक कोई परीक्षा न रह जाए, और विधान पूरा का पूरा ईश्वर के लिए हो जाए।
وَقَٰتِلُوهُمُۥ حَتَّىٰ لَا تَكُونَ فِتۡنَةٞ وَيَكُونَ ٱلدِّينُ كُلُّهُۥ لِلَّهِۚ
परंतु यदि वे बाज़ आ जाएँ, तो ईश्वर निश्चय ही उस पर दृष्टि रखता है जो वे करते हैं।
فَإِنِ ٱنتَهَوۡاْ فَإِنَّ ٱللَّهَ بِمَا يَعۡمَلُونَ بَصِيرٞ
और यदि वे पीठ फेरें, तो जान लो कि ईश्वर तुम्हारा सबसे निकट का ज़ामिन है।
وَإِن تَوَلَّوۡاْ فَٱعۡلَمُواْ أَنَّ ٱللَّهَ مَوۡلَىٰكُمُۥۚ
कितना उत्तम ज़ामिन,
نِعۡمَ ٱلۡمَوۡلَىٰ
और कितना उत्तम सहायक!
وَنِعۡمَ ٱلنَّصِيرُ
और जान लो कि जो कुछ तुम लूट के माल में लेते हो, उसका पाँचवाँ भाग ईश्वर, संदेशवाहक, निकटजनों, अनाथों, दरिद्रों और राह के मुसाफ़िर का है — यदि तुम ईश्वर पर और उस पर विश्वास करते हो जो हमने अपने आज्ञाकारी पर विवेक के दिन उतारा, उस दिन जब दोनों टुकड़ियाँ मिलीं।
۞ وَٱعۡلَمُواْ أَنَّمَا غَنِمۡتُمُۥ مِن شَيۡءٖ فَأَنَّ لِلَّهِ خُمُسَهُۥ وَلِلرَّسُولِ وَلِذِي ٱلۡقُرۡبَىٰ وَٱلۡيَتَٰمَىٰ وَٱلۡمَسَٰكِينِ وَٱبۡنِ ٱلسَّبِيلِ إِن كُنتُمُۥ ءَامَنتُمُۥ بِٱللَّهِ وَمَا أَنزَلۡنَا عَلَىٰ عَبۡدِنَا يَوۡمَ ٱلۡفُرۡقَانِ يَوۡمَ ٱلۡتَقَى ٱلۡجَمۡعَانِۗ
और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ
जब तुम निकटतम किनारे पर थे, और वे दूरतम किनारे पर थे, और घुड़सवार तुमसे नीचे थे।
إِذۡ أَنتُمُۥ بِٱلۡعِدۡوَةِ ٱلدُّنۡيَا وَهُمُۥ بِٱلۡعِدۡوَةِ ٱلۡقُصۡوَىٰ وَٱلرَّكۡبُ أَسۡفَلَ مِنكُمُۥۚ
और यदि तुमने आपस में वादे का समय ठहराया होता, तो तुम उस वादे के समय पर मतभेद करते;
وَلَوۡ تَوَاعَدتُّمُۥ لَٱخۡتَلَفۡتُمُۥ فِي ٱلۡمِيعَٰدِ
परंतु इसलिए कि ईश्वर उस आदेश को पूर्ण करे जो किया जा चुका था, ताकि जिसे नष्ट होना था वह स्पष्ट प्रमाण पर नष्ट हो, और जिसे जीना था वह स्पष्ट प्रमाण पर जिए।
وَلَٰكِن لِّيَقۡضِيَ ٱللَّهُ أَمۡرٗا كَانَ مَفۡعُولٗا لِّيَهۡلِكَ مَنۡ هَلَكَ عَنۢ بَيِّنَةٖ وَيَحۡيَىٰ مَنۡ حَيَّ عَنۢ بَيِّنَةٖۗ
और ईश्वर अवश्य सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وَإِنَّ ٱللَّهَ لَسَمِيعٌ عَلِيمٌ
जब ईश्वर उन्हें तुम्हें तुम्हारी नींद में दिखाता था, थोड़े —
إِذۡ يُرِيكَهُمُ ٱللَّهُ فِي مَنَامِكَ قَلِيلٗاۖ
और यदि वह उन्हें तुम्हें बहुत दिखाता, तो तुम ज़रूर हिम्मत हार जाते, और तुम ज़रूर मामले के विषय में खींचतान में पड़ जाते;
وَلَوۡ أَرَىٰكَهُمُۥ كَثِيرٗا لَّفَشِلۡتُمُۥ وَلَتَنَٰزَعۡتُمُۥ فِي ٱلۡأَمۡرِ
परंतु ईश्वर ने सब कुछ अक्षुण्ण रखा,
وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ سَلَّمَۚ
क्योंकि वह सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।
إِنَّهُۥ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ
और जब वह तुम्हें उन्हें दिखाता था, जब तुम मिले, तुम्हारी आँखों में थोड़े, और तुम्हें उनकी आँखों में थोड़े दिखाता था, ताकि ईश्वर उस आदेश को पूर्ण करे जो किया जा चुका था।
وَإِذۡ يُرِيكُمُوهُمُۥ إِذِ ٱلۡتَقَيۡتُمُۥ فِي أَعۡيُنِكُمُۥ قَلِيلٗا وَيُقَلِّلُكُمُۥ فِي أَعۡيُنِهِمُۥ لِيَقۡضِيَ ٱللَّهُ أَمۡرٗا كَانَ مَفۡعُولٗاۗ
और ईश्वर की ओर ही सब मामले लौटते हैं।
وَإِلَى ٱللَّهِ تُرۡجَعُ ٱلۡأُمُورُ
हे विश्वास करने वालो! जब तुम किसी वाहिनी से मिलो, तो डटे रहो, और ईश्वर का बहुत स्मरण करो — शायद तुम सफल हो जाओ।
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ إِذَا لَقِيتُمُۥ فِئَةٗ فَٱثۡبُتُواْ وَٱذۡكُرُواْ ٱللَّهَ كَثِيرٗا لَّعَلَّكُمُۥ تُفۡلِحُونَ
और ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानो,
وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ
और आपस में खींचतान में न पड़ो, नहीं तो तुम हिम्मत हार जाओगे और तुम्हारा वेग चला जाएगा;
وَلَا تَنَٰزَعُواْ فَتَفۡشَلُواْ وَتَذۡهَبَ رِيحُكُمُۥۖ
और धैर्य रखो,
وَٱصۡبِرُواْۚ
क्योंकि ईश्वर धैर्य रखने वालों के साथ है।
إِنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلصَّٰبِرِينَ
और उनके समान न हो जाओ जो अपने ठिकानों से उन्माद और लोगों के सामने दिखावे के साथ निकले, और जो ईश्वर की राह रोकते हैं।
وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ خَرَجُواْ مِن دِيَٰرِهِمُۥ بَطَرٗا وَرِئَآءَ ٱلنَّاسِ وَيَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِۚ
ईश्वर उसे पूरी तरह घेरे हुए है जो वे करते हैं।
وَٱللَّهُ بِمَا يَعۡمَلُونَ مُحِيطٞ
और जब बहकाने वाले ने उनके कर्म उन्हें सुंदर कर दिखाए, और कहा: “आज लोगों में से कोई तुम्हें पराजित नहीं कर सकता, और मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए शरण देने वाला पड़ोसी हूँ”;
وَإِذۡ زَيَّنَ لَهُمُ ٱلشَّيۡطَٰنُ أَعۡمَٰلَهُمُۥ وَقَالَ لَا غَالِبَ لَكُمُ ٱلۡيَوۡمَ مِنَ ٱلنَّاسِ وَإِنِّي جَارٞ لَّكُمُۥۖ
परंतु जब दोनों वाहिनियों ने एक-दूसरे को देखा, तो वह एड़ियों के बल पीछे हट गया, और उसने कहा: “मैं निश्चय ही तुमसे बरी हूँ; मैं वह देखता हूँ जो तुम नहीं देखते; मैं ईश्वर से डरता हूँ।”
فَلَمَّا تَرَآءَتِ ٱلۡفِئَتَانِ نَكَصَ عَلَىٰ عَقِبَيۡهِۦ وَقَالَ إِنِّي بَرِيٓءٞ مِّنكُمُۥ إِنِّيَ أَرَىٰ مَا لَا تَرَوۡنَ إِنِّيَ أَخَافُ ٱللَّهَۚ
ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।
وَٱللَّهُ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ
जब पाखंडी, और वे जिनके मर्मों में रोग है, कहते थे: “इन्हें इनके विधान ने छल लिया है।”
إِذۡ يَقُولُ ٱلۡمُنَٰفِقُونَ وَٱلَّذِينَ فِي قُلُوبِهِمُۥ مَرَضٌ غَرَّ هَٰؤُلَآءِ دِينُهُمُۥۗ
परंतु जो कोई ईश्वर को मुख़्तार बनाता है — ईश्वर निश्चय ही सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وَمَن يَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱللَّهِ فَإِنَّ ٱللَّهَ عَزِيزٌ حَكِيمٞ
और यदि तुम देखते, जब अभिकर्ता उन्हें, जिन्होंने नकारा, निष्ठा से सँभाले रखते हैं,
وَلَوۡ تَرَىٰ إِذۡ يَتَوَفَّى ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ
उन्हें अपनी पकड़ में कई गुना करते हुए, चाहे वे सामने से आएँ या पीठ फेरकर भागें: “दहन का दंड चखो!”
ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ يَضۡرِبُونَ وُجُوهَهُمُۥ وَأَدۡبَٰرَهُمُۥ وَذُوقُواْ عَذَابَ ٱلۡحَرِيقِ
यह उसके लिए है जो तुम्हारे हाथों ने आगे बढ़ाया; और ईश्वर बाध्य आज्ञाकारियों पर ज़रा भी अन्याय नहीं करता।
ذَٰلِكَ بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيكُمُۥ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَيۡسَ بِظَلَّٰمٖ لِّلۡعَبِيدِ
फ़िरऔन के कुल के आचरण के समान,
كَدَأۡبِ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ
और उनके जो उनसे पहले थे, जिन्होंने ईश्वर के संकेतों को नकारा; तब ईश्वर ने उन्हें उनके दोषों के कारण पकड़ा,
وَٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمُۥۚ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ فَأَخَذَهُمُ ٱللَّهُ بِذُنُوبِهِمُۥۚ
क्योंकि ईश्वर बलवान है, सज़ा देने में कठोर है।
إِنَّ ٱللَّهَ قَوِيّٞ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ
यह इसलिए कि ईश्वर किसी क़ौम को दिया हुआ उपकार कभी नहीं बदलता, जब तक वह क़ौम स्वयं उसे न बदल दे जो उसके अपने भीतर है; और ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ لَمۡ يَكُ مُغَيِّرٗا نِّعۡمَةً أَنۡعَمَهَا عَلَىٰ قَوۡمٍ حَتَّىٰ يُغَيِّرُواْ مَا بِأَنفُسِهِمُۥ وَأَنَّ ٱللَّهَ سَمِيعٌ عَلِيمٞ
फ़िरऔन के कुल के आचरण के समान,
كَدَأۡبِ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ
और उनके जो उनसे पहले थे, जिन्होंने अपने अभिभावक के संकेतों को झुठलाया; तब हमने उन्हें उनके दोषों के कारण नष्ट कर दिया,
وَٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمُۥۚ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِ رَبِّهِمُۥ فَأَهۡلَكۡنَٰهُمُۥ بِذُنُوبِهِمُۥ
और हमने फ़िरऔन के कुल को डुबो दिया।
وَأَغۡرَقۡنَا ءَالَ فِرۡعَوۡنَۚ
और वे सब अन्यायी थे।
وَكُلّٞ كَانُواْ ظَٰلِمِينَ
ईश्वर के पास चलने-फिरने वालों में सबसे बुरे निश्चय ही वे हैं जिन्होंने नकारा और फिर विश्वास नहीं करते — जिनसे तुमने संधि की, और जो हर बार अपनी संधि तोड़ देते हैं, और जो सावधान नहीं रहते।
إِنَّ شَرَّ ٱلدَّوَآبِّ عِندَ ٱللَّهِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فَهُمُۥ لَا يُؤۡمِنُونَ ٱلَّذِينَ عَٰهَدتَّ مِنۡهُمُۥ ثُمَّ يَنقُضُونَ عَهۡدَهُمُۥ فِي كُلِّ مَرَّةٖ وَهُمُۥ لَا يَتَّقُونَ
तो यदि तुम उन्हें युद्ध में पकड़ लो, तो उनके द्वारा उन्हें तितर-बितर कर दो जो उनके पीछे हैं, शायद वे स्मरण करें।
فَإِمَّا تَثۡقَفَنَّهُمُۥ فِي ٱلۡحَرۡبِ فَشَرِّدۡ بِهِمُۥ مَنۡ خَلۡفَهُمُۥ لَعَلَّهُمُۥ يَذَّكَّرُونَ
और यदि तुम्हें किसी क़ौम से विश्वासघात का डर हो, तो उनके प्रति बराबरी के साथ संधि रद्द कर दो,
وَإِمَّا تَخَافَنَّ مِن قَوۡمٍ خِيَانَةٗ فَٱنۢبِذۡ إِلَيۡهِمُۥ عَلَىٰ سَوَآءٍۚ
क्योंकि ईश्वर विश्वासघातियों से प्रेम नहीं करता।
إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ ٱلۡخَآئِنِينَ
और यह कदापि न समझो कि नकारने वाले आगे निकल गए,
وَلَا تَحۡسِبَنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ سَبَقُواْۚ
क्योंकि वे उसे असमर्थ नहीं कर सकते।
إِنَّهُمُۥ لَا يُعۡجِزُونَ
और उनके मुक़ाबले के लिए जितना तुमसे हो सके तैयार करो — बल और लड़ाई के लिए तैयार रखे गए घोड़े,
وَأَعِدُّواْ لَهُمُۥ مَا ٱسۡتَطَعۡتُمُۥ مِن قُوَّةٖ وَمِن رِّبَاطِ ٱلۡخَيۡلِ
ताकि उससे ईश्वर के शत्रु और तुम्हारे शत्रु में, और उनके अतिरिक्त अन्य में, जिन्हें तुम नहीं जानते, आदर जगे:
تُرۡهِبُونَ بِهِۦ عَدُوَّ ٱللَّهِ وَعَدُوَّكُمُۥ وَءَاخَرِينَ مِن دُونِهِمُۥ لَا تَعۡلَمُونَهُمُ
ईश्वर, वही उन्हें जानता है।
ٱللَّهُ يَعۡلَمُهُمُۥۚ
और जो कुछ तुम ईश्वर की राह में ख़र्च करोगे वह तुम्हें पूरा-पूरा दिया जाएगा, और तुम पर अन्याय नहीं किया जाएगा।
وَمَا تُنفِقُواْ مِن شَيۡءٖ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ يُوَفَّ إِلَيۡكُمُۥ وَأَنتُمُۥ لَا تُظۡلَمُونَ
और यदि वे सुलह की ओर झुकें, तो तुम भी उसकी ओर झुको, और ईश्वर को मुख़्तार बनाओ,
۞ وَإِن جَنَحُواْ لِلسَّلۡمِ فَٱجۡنَحۡ لَهَا وَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱللَّهِۚ
क्योंकि वही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ
और यदि वे तुम्हें धोखा देना चाहें, तो ईश्वर तुम्हारे लिए पर्याप्त है।
وَإِن يُرِيدُواْ أَن يَخۡدَعُوكَ فَإِنَّ حَسۡبَكَ ٱللَّهُۚ
उसी ने अपनी सहायता से और विश्वास करने वालों से तुम्हें सुदृढ़ किया, और उनके मर्मों में मेल करा दिया।
هُوَ ٱلَّذِي أَيَّدَكَ بِنَصۡرِهِۦ وَبِٱلۡمُؤۡمِنِينَ وَأَلَّفَ بَيۡنَ قُلُوبِهِمُۥۚ
यदि तुम वह सब ख़र्च कर देते जो धरती पर है, तो भी तुम उनके मर्मों में मेल न करा पाते,
لَوۡ أَنفَقۡتَ مَا فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا مَّا أَلَّفۡتَ بَيۡنَ قُلُوبِهِمُۥ
परंतु ईश्वर ने ही उनमें मेल करा दिया,
وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ أَلَّفَ بَيۡنَهُمُۥۚ
क्योंकि वह सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
إِنَّهُۥ عَزِيزٌ حَكِيمٞ
हे सूचनादाता! ईश्वर तुम्हारे लिए पर्याप्त है,
يَٰأَيُّهَا ٱلنَّبِيُّ حَسۡبُكَ ٱللَّهُ
तुम्हारे लिए और विश्वास करने वालों में से उनके लिए जो तुम्हारा अनुसरण करते हैं।
وَمَنِ ٱتَّبَعَكَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
हे सूचनादाता! विश्वास करने वालों को लड़ाई के लिए उकसाओ।
يَٰأَيُّهَا ٱلنَّبِيُّ حَرِّضِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ عَلَى ٱلۡقِتَالِۚ
यदि तुममें बीस धैर्यवान पुरुष हों, तो वे दो सौ को पराजित करेंगे;
إِن يَكُن مِّنكُمُۥ عِشۡرُونَ صَٰبِرُونَ يَغۡلِبُواْ مِاْئَتَيۡنِۚ
और यदि तुममें सौ हों, तो वे नकारने वालों में से एक हज़ार को पराजित करेंगे, क्योंकि वे ऐसी क़ौम हैं जो समझती नहीं।
وَإِن تَكُن مِّنكُمُۥ مِاْئَةٞ يَغۡلِبُواْ أَلۡفٗا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِأَنَّهُمُۥ قَوۡمٞ لَّا يَفۡقَهُونَ
अब ईश्वर ने तुम्हें हल्का कर दिया है और उसने जान लिया कि तुममें कमज़ोरी थी।
ٱلۡـَٰٔنَ خَفَّفَ ٱللَّهُ عَنكُمُۥ وَعَلِمَ أَنَّ فِيكُمُۥ ضُعۡفٗاۚ
तो यदि तुममें सौ धैर्यवान हों, तो वे दो सौ को पराजित करेंगे;
فَإِن تَكُن مِّنكُمُۥ مِاْئَةٞ صَابِرَةٞ يَغۡلِبُواْ مِاْئَتَيۡنِۚ
और यदि तुममें हज़ार हों, तो वे ईश्वर की अनुमति से दो हज़ार को पराजित करेंगे।
وَإِن يَكُن مِّنكُمُۥ أَلۡفٞ يَغۡلِبُواْ أَلۡفَيۡنِ بِإِذۡنِ ٱللَّهِۗ
ईश्वर धैर्य रखने वालों के साथ है।
وَٱللَّهُ مَعَ ٱلصَّٰبِرِينَ
किसी सूचनादाता के लिए उचित नहीं था कि उसके पास बंदी हों, जब तक उसने धरती को पूरी तरह अधीन न कर लिया हो।
مَا كَانَ لِنَبِيٍّ أَن يَكُونَ لَهُۥ أَسۡرَىٰ حَتَّىٰ يُثۡخِنَ فِي ٱلۡأَرۡضِۚ
तुम इहलोक की क्षणभंगुर वस्तुएँ चाहते थे,
تُرِيدُونَ عَرَضَ ٱلدُّنۡيَا
जबकि ईश्वर अंतिम जीवन चाहता है।
وَٱللَّهُ يُرِيدُ ٱلۡأٓخِرَةَۗ
ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وَٱللَّهُ عَزِيزٌ حَكِيمٞ
यदि ईश्वर की ओर से पहले की कोई बही न होती, तो जो तुमने लिया उसके कारण तुम्हें विशाल दंड छू जाता।
لَّوۡلَا كِتَٰبٞ مِّنَ ٱللَّهِ سَبَقَ لَمَسَّكُمُۥ فِيمَا أَخَذۡتُمُۥ عَذَابٌ عَظِيمٞ
तो जो तुमने लूट के माल में लिया है, उसमें से खाओ, जो वैध और अच्छा है,
فَكُلُواْ مِمَّا غَنِمۡتُمُۥ حَلَٰلٗا طَيِّبٗاۚ
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ
हे सूचनादाता! तुम्हारे हाथों में जो बंदी हैं उनसे कहो: “यदि ईश्वर तुम्हारे मर्मों में कोई अच्छाई जानता है, तो वह तुम्हें उससे बेहतर देगा जो तुमसे लिया गया, और वह तुम्हें क्षमा कर देगा।”
يَٰأَيُّهَا ٱلنَّبِيُّ قُل لِّمَن فِي أَيۡدِيكُمُۥ مِنَ ٱلۡأَسۡرَىٰ إِن يَعۡلَمِ ٱللَّهُ فِي قُلُوبِكُمُۥ خَيۡرٗا يُؤۡتِكُمُۥ خَيۡرٗا مِّمَّا أُخِذَ مِنكُمُۥ وَيَغۡفِرۡ لَكُمُۥۚ
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ
और यदि वे तुम्हारे साथ विश्वासघात करना चाहें, तो वे पहले ही ईश्वर के साथ विश्वासघात कर चुके हैं, और उसने तुम्हें उन पर अधिकार दिया है।
وَإِن يُرِيدُواْ خِيَانَتَكَ فَقَدۡ خَانُواْ ٱللَّهَ مِن قَبۡلُ فَأَمۡكَنَ مِنۡهُمُۥۗ
और ईश्वर सर्वज्ञ, प्रज्ञावान है।
وَٱللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ
निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास किया, जिन्होंने प्रवास किया, और जिन्होंने अपनी संपत्ति और अपने स्व से ईश्वर की राह में संघर्ष किया, तथा जिन्होंने शरण दी और सहायता की — वही एक-दूसरे के हिमायती हैं।
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَهَاجَرُواْ وَجَٰهَدُواْ بِأَمۡوَٰلِهِمُۥ وَأَنفُسِهِمُۥ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ وَٱلَّذِينَ ءَاوَواْ وَّنَصَرُواْ أُوْلَٰٓئِكَ بَعۡضُهُمُۥ أَوۡلِيَآءُ بَعۡضٖۚ
और जिन्होंने विश्वास किया पर प्रवास नहीं किया — उनकी हिमायत का तुम पर कोई उत्तरदायित्व नहीं, जब तक वे प्रवास न करें।
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَلَمۡ يُهَاجِرُواْ مَا لَكُمُۥ مِن وَلَٰيَتِهِمُۥ مِن شَيۡءٍ حَتَّىٰ يُهَاجِرُواْۚ
और यदि वे विधान के नाम पर तुमसे सहायता माँगें, तो सहायता करना तुम पर है, सिवा उस क़ौम के विरुद्ध जिसके और तुम्हारे बीच गंभीर प्रतिज्ञा है।
وَإِنِ ٱسۡتَنصَرُوكُمُۥ فِي ٱلدِّينِ فَعَلَيۡكُمُ ٱلنَّصۡرُ إِلَّا عَلَىٰ قَوۡمِۭ بَيۡنَكُمُۥ وَبَيۡنَهُمُۥ مِيثَٰقٞۗ
और ईश्वर उस पर दृष्टि रखता है जो तुम करते हो।
وَٱللَّهُ بِمَا تَعۡمَلُونَ بَصِيرٞ
और जो नकारते हैं वे एक-दूसरे के हिमायती हैं।
وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بَعۡضُهُمُۥ أَوۡلِيَآءُ بَعۡضٍۚ
यदि तुम ऐसा नहीं करते, तो धरती पर एक परीक्षा होगी, और एक बड़ा बिगाड़।
إِلَّا تَفۡعَلُوهُۥ تَكُن فِتۡنَةٞ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَفَسَادٞ كَبِيرٞ
और जिन्होंने विश्वास किया, प्रवास किया और ईश्वर की राह में संघर्ष किया, तथा जिन्होंने शरण दी और सहायता की — वही सच्चे विश्वास करने वाले हैं।
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَهَاجَرُواْ وَجَٰهَدُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ وَٱلَّذِينَ ءَاوَواْ وَّنَصَرُواْ أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ حَقّٗاۚ
उनके लिए क्षमा है और उदार जीविका है।
لَّهُمُۥ مَغۡفِرَةٞ وَرِزۡقٞ كَرِيمٞ
और जिन्होंने बाद में विश्वास किया, प्रवास किया और तुम्हारे साथ संघर्ष किया — वही तुम्हीं में से हैं।
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مِنۢ بَعۡدُ وَهَاجَرُواْ وَجَٰهَدُواْ مَعَكُمُۥ فَأُوْلَٰٓئِكَ مِنكُمُۥۚ
और रक्त-संबंध वाले ईश्वर की संहिता के अनुसार एक-दूसरे के अधिक निकट हैं,
وَأُوْلُواْ ٱلۡأَرۡحَامِ بَعۡضُهُمُۥ أَوۡلَىٰ بِبَعۡضٖ فِي كِتَٰبِ ٱللَّهِۚ
क्योंकि ईश्वर हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
إِنَّ ٱللَّهَ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمُۢ