الضحى
Ad-Duha
The Morning Brightness
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। पूर्वाह्न की उजास की शपथ! रात की जब वह शांत हो जाती है! तुम्हारे अभिभावक ने तुम्हें त्यागा नहीं और तुमसे घृणा नहीं की।
بِسۡمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ وَاَلضُّحۭيٰ وَاَلَّيۡلِ إِذَا سَجۭيٰ مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلۭيٰ
और अंतिम जीवन तुम्हारे लिए पहले से कहीं बेहतर होगा।
وَلَلۡأٓخِرَةُ خَيۡرٞ لَّكَ مِنَ اَ۬لۡأُولۭيٰ
और तुम्हारा अभिभावक तुम्हें निश्चय ही अपनी देन देगा, और तुम संतुष्ट हो जाओगे।
وَلَسَوۡفَ يُعۡطِيكَ رَبُّكَ فَتَرۡضۭيٰٓ
क्या उसने तुम्हें अनाथ नहीं पाया, फिर शरण नहीं दी? क्या उसने तुम्हें भटका हुआ नहीं पाया, फिर मार्ग नहीं दिखाया? क्या उसने तुम्हें अभावग्रस्त नहीं पाया, फिर धनी नहीं किया?
أَلَمۡ يَجِدۡكَ يَتِيمٗا فَـَٔاوۭيٰ وَوَجَدَكَ ضَآلّٗا فَهَدۭيٰ وَوَجَدَكَ عَآئِلٗا فَأَغۡنۭيٰ
तो रहा अनाथ, उसे मत दबाओ।
فَأَمَّا اَ۬لۡيَتِيمَ فَلَا تَقۡهَرۡ
और रहा माँगने वाला, उसे मत झिड़को।
وَأَمَّا اَ۬لسَّآئِلَ فَلَا تَنۡهَرۡ
और रहा तुम्हारे अभिभावक का उपकार, उसकी चर्चा करो।
وَأَمَّا بِنِعۡمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثۡ