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Sura100

Al-Adiyat العاديات

Those that cross the limits والعاديات

عم

11 पदSection XIIThe application · continuation

The section and its links

The immense Information, the Day, then the “Say” suras (78, then 79-114)

Read the section from its beginning: sura 78

What was shown before: The immense Information is set out in 78. 78

100:1–8

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। उनकी शपथ जो सीमाएँ पार करती हैं, हाँफती हुई, जो टकराकर चिंगारी जलाती हैं, जो भोर में धावा बोलती हैं, और इस तरह धूल उड़ाती हैं, और उसके साथ एक जमावड़े के बीच में जा घुसती हैं! मनुष्य अपने अभिभावक के प्रति अवश्य विद्रोही एहसान-फ़रामोशी करता है, और वह स्वयं इसका अवश्य साक्षी है, और अच्छाई के प्रेम में वह अवश्य तीव्र है।

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلۡعَٰدِيَٰتِ ضَبۡحٗا فَٱلۡمُورِيَٰتِ قَدۡحٗا فَٱلۡمُغِيرَٰتِ صُبۡحٗا فَأَثَرۡنَ بِهِۦ نَقۡعٗا فَوَسَطۡنَ بِهِۦ جَمۡعًا إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٞ وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٞ وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلۡخَيۡرِ لَشَدِيدٌ

100:9–11

तो क्या वह नहीं जानता कि जब वह उलट-पुलट कर दिया जाएगा जो क़ब्रों में है, और निकाल लिया जाएगा जो सीनों में है, तब उनका अभिभावक उस दिन उनके विषय में अवश्य पूरी ख़बर रखने वाला होगा?

۞ أَفَلَا يَعۡلَمُ إِذَا بُعۡثِرَ مَا فِي ٱلۡقُبُورِ وَحُصِّلَ مَا فِي ٱلصُّدُورِ إِنَّ رَبَّهُمُۥ بِهِمُۥ يَوۡمَئِذٖ لَّخَبِيرُۢ

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