الماعون
Al-Ma'un
Denial in Deeds
Sura107
عم
पद7
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। क्या तुमने उसे देखा जो चुकौती को झुठलाता है? वही है जो अनाथ को धक्का देता है, और दरिद्र को खिलाने के लिए प्रेरित नहीं करता।
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَرَءَيۡتَ ٱلَّذِي يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ فَذَٰلِكَ ٱلَّذِي يَدُعُّ ٱلۡيَتِيمَ وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلۡمِسۡكِينِ
तो हाय उन पर जो संपर्क जोड़ते हैं, परंतु उनका मन अपने संपर्क से अनुपस्थित है, जो दिखावे के लिए करते हैं, और सहायता रोकते हैं।
فَوَيۡلٞ لِّلۡمُصَلِّينَ ٱلَّذِينَ هُمُۥ عَن صَلَاتِهِمُۥ سَاهُونَ ٱلَّذِينَ هُمُۥ يُرَآءُونَ وَيَمۡنَعُونَ ٱلۡمَاعُونَ