الحشر
Al-Hashr
The First Gathering
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। जो कुछ आकाशों और धरती में है, उसने ईश्वर की महिमा गाई।
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ سَبَّحَ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۖ
और वह सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ
वही है जिसने ग्रंथ वालों में से उन्हें, जिन्होंने नकारा, उनके ठिकानों से निकाला, पहले इकट्ठा किए जाने के लिए।
هُوَ ٱلَّذِي أَخۡرَجَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ مِن دِيَٰرِهِمُۥ لِأَوَّلِ ٱلۡحَشۡرِۚ
तुमने अनुमान नहीं लगाया था कि वे निकल जाएँगे।
مَا ظَنَنتُمُۥ أَن يَخۡرُجُواْۖ
और उन्होंने अनुमान लगाया कि उनके दुर्ग उन्हें ईश्वर की पहुँच से दूर रखेंगे।
وَظَنُّواْ أَنَّهُمُۥ مَانِعَتُهُمُۥ حُصُونُهُمُۥ مِنَ ٱللَّهِ
परंतु ईश्वर उनके पास वहाँ से आया जहाँ से उन्हें अपेक्षा न थी।
فَأَتَىٰهُمُ ٱللَّهُ مِنۡ حَيۡثُ لَمۡ يَحۡتَسِبُواْۖ
और उसने उनके मर्मों में आतंक डाल दिया।
وَقَذَفَ فِي قُلُوبِهِمُ ٱلرُّعۡبَۚ
वे अपने घरों को अपने हाथों से और विश्वास करने वालों के हाथों से ध्वस्त करते थे।
يُخۡرِبُونَ بِيُوتَهُمُۥ بِأَيۡدِيهِمُۥ وَأَيۡدِي ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
अतः इससे सीख लो, हे दृष्टियों वालो।
فَٱعۡتَبِرُواْ يَٰأُوْلِي ٱلۡأَبۡصَٰرِ
और यदि ईश्वर ने उन पर निर्वासन विहित न किया होता, तो वह उन्हें निकट जीवन में दंड देता।
وَلَوۡلَا أَن كَتَبَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمُ ٱلۡجَلَآءَ لَعَذَّبَهُمُۥ فِي ٱلدُّنۡيَاۖ
और उनके लिए अंतिम जीवन में आग का दंड है।
وَلَهُمُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ عَذَابُ ٱلنَّارِ
यह इसलिए कि उन्होंने ईश्वर और उसके संदेशवाहक से अलग खड़े होकर विरोध किया।
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥ شَآقُّواْ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥۖ
और जो ईश्वर से अलग खड़े होकर विरोध करे, तो ईश्वर निश्चय ही सज़ा देने में कठोर है।
وَمَن يُشَآقِّ ٱللَّهَ فَإِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ
कोई भी अच्छा ढंग जिसे तुमने विच्छिन्न किया, या जिसे तुमने उसकी नींवों पर खड़ा छोड़ दिया, वह ईश्वर की अनुमति से है, और अतिक्रमणकारियों को लज्जित करने के लिए।
مَا قَطَعۡتُمُۥ مِن لِّينَةٍ أَوۡ تَرَكۡتُمُوهَا قَآئِمَةً عَلَىٰ أُصُولِهَا فَبِإِذۡنِ ٱللَّهِ وَلِيُخۡزِيَ ٱلۡفَٰسِقِينَ
और जो ईश्वर ने उनकी ओर से अपने संदेशवाहक के पास पहुँचा दिया, उस पर तुमने न घोड़ा दौड़ाया और न सवारी।
وَمَا أَفَآءَ ٱللَّهُ عَلَىٰ رَسُولِهِۦ مِنۡهُمُۥ فَمَا أَوۡجَفۡتُمُۥ عَلَيۡهِۦ مِنۡ خَيۡلٖ وَلَا رِكَابٖ
परंतु ईश्वर अपने संदेशवाहकों को, जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उस पर वर्चस्व देता है।
وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يُسَلِّطُ رُسُلَهُۥ عَلَىٰ مَن يَشَآءُۚ
और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ
जो ईश्वर ने बस्तियों वालों की ओर से अपने संदेशवाहक के पास पहुँचा दिया, वह ईश्वर का है, संदेशवाहक का, निकट संबंधियों का, अनाथों का, दरिद्रों का और राह के मुसाफ़िर का, ताकि वह तुम्हारे धनियों के बीच ही एक से दूसरे के पास घूमता न रहे।
مَّا أَفَآءَ ٱللَّهُ عَلَىٰ رَسُولِهِۦ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡقُرَىٰ فَلِلَّهِ وَلِلرَّسُولِ وَلِذِي ٱلۡقُرۡبَىٰ وَٱلۡيَتَٰمَىٰ وَٱلۡمَسَٰكِينِ وَٱبۡنِ ٱلسَّبِيلِ كَيۡ لَا يَكُونَ دُولَةَۢ بَيۡنَ ٱلۡأَغۡنِيَآءِ مِنكُمُۥۚ
और संदेशवाहक तुम्हें जो दे, उसे ले लो।
وَمَا ءَاتَىٰكُمُ ٱلرَّسُولُ فَخُذُوهُۥ
और जिससे वह तुम्हें मना करे, उससे दूर रहो।
وَمَا نَهَىٰكُمُۥ عَنۡهُۥ فَٱنتَهُواْۚ
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, क्योंकि ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।
وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۖ إِنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ
उन निर्धन प्रवासियों के लिए, जो अपने ठिकानों और अपनी संपत्ति से निकाले गए, जो ईश्वर का अनुग्रह और उसकी प्रसन्नता खोजते हैं, और जो ईश्वर और उसके संदेशवाहक की सहायता करते हैं।
لِلۡفُقَرَآءِ ٱلۡمُهَٰجِرِينَ ٱلَّذِينَ أُخۡرِجُواْ مِن دِيَٰرِهِمُۥ وَأَمۡوَٰلِهِمُۥ يَبۡتَغُونَ فَضۡلٗا مِّنَ ٱللَّهِ وَرِضۡوَٰنٗا وَيَنصُرُونَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥۚ
यही सच्चे हैं।
أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلصَّٰدِقُونَ
और जो उनसे पहले उस ठिकाने में और विश्वास में बस गए, वे उनसे प्रेम करते हैं जिन्होंने उनकी ओर प्रवास किया; वे अपने सीनों में उसकी कोई आवश्यकता नहीं पाते जो उन्हें दिया गया, और वे उन्हें स्वयं पर वरीयता देते हैं, चाहे वे स्वयं तंगी में हों।
وَٱلَّذِينَ تَبَوَّءُو ٱلدَّارَ وَٱلۡإِيمَٰنَ مِن قَبۡلِهِمُۥ يُحِبُّونَ مَنۡ هَاجَرَ إِلَيۡهِمُۥ وَلَا يَجِدُونَ فِي صُدُورِهِمُۥ حَاجَةٗ مِّمَّا أُوتُواْ وَيُؤۡثِرُونَ عَلَىٰ أَنفُسِهِمُۥ وَلَوۡ كَانَ بِهِمُۥ خَصَاصَةٞۚ
और जो अपने स्व के लोभ से बचाया गया, वही सफल होने वाले हैं।
وَمَن يُوقَ شُحَّ نَفۡسِهِۦ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُفۡلِحُونَ
और जो उनके बाद आए, वे कहते हैं: “हमारे अभिभावक, हमें क्षमा कीजिए, और हमारे उन भाइयों को भी जो विश्वास में हमसे आगे निकल गए, और हमारे मर्मों में विश्वास करने वालों के प्रति कोई द्वेष न डालिए,
وَٱلَّذِينَ جَآءُو مِنۢ بَعۡدِهِمُۥ يَقُولُونَ رَبَّنَا ٱغۡفِرۡ لَنَا وَلِإِخۡوَٰنِنَا ٱلَّذِينَ سَبَقُونَا بِٱلۡإِيمَٰنِ وَلَا تَجۡعَلۡ فِي قُلُوبِنَا غِلّٗا لِّلَّذِينَ ءَامَنُواْ
क्योंकि, हमारे अभिभावक, आप करुणामय, दयालु हैं।”
رَبَّنَا إِنَّكَ رَءُوفٞ رَّحِيمٌ
क्या तुमने उन्हें नहीं देखा जिन्होंने पाखंड किया, जो अपने उन भाइयों से कहते हैं जिन्होंने ग्रंथ वालों में से नकारा: “यदि तुम निकाले गए, तो हम अवश्य तुम्हारे साथ निकलेंगे, और हम तुम्हारे विरुद्ध कभी किसी की बात नहीं मानेंगे; और यदि तुमसे लड़ा गया, तो हम अवश्य तुम्हारी सहायता करेंगे।”
۞ أَلَمۡ تَرَ إِلَى ٱلَّذِينَ نَافَقُواْ يَقُولُونَ لِإِخۡوَٰنِهِمُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ لَئِنۡ أُخۡرِجۡتُمُۥ لَنَخۡرُجَنَّ مَعَكُمُۥ وَلَا نُطِيعُ فِيكُمُۥ أَحَدًا أَبَدٗا وَإِن قُوتِلۡتُمُۥ لَنَنصُرَنَّكُمُۥ
और ईश्वर साक्ष्य देता है कि वे अवश्य झूठे हैं।
وَٱللَّهُ يَشۡهَدُ إِنَّهُمُۥ لَكَٰذِبُونَ
यदि वे निकाले गए, तो वे उनके साथ नहीं निकलेंगे।
لَئِنۡ أُخۡرِجُواْ لَا يَخۡرُجُونَ مَعَهُمُۥ
और यदि उनसे लड़ा गया, तो वे उनकी सहायता नहीं करेंगे।
وَلَئِن قُوتِلُواْ لَا يَنصُرُونَهُمُۥ
और यदि वे उनकी सहायता करें भी, तो अवश्य पीठ फेर लेंगे, फिर उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
وَلَئِن نَّصَرُوهُمُۥ لَيُوَلُّنَّ ٱلۡأَدۡبَٰرَ ثُمَّ لَا يُنصَرُونَ
तुम उनके सीनों में ईश्वर से अधिक आदर जगाते हो।
لَأَنتُمُۥ أَشَدُّ رَهۡبَةٗ فِي صُدُورِهِمُۥ مِنَ ٱللَّهِۚ
यह इसलिए कि वे ऐसी क़ौम हैं जो समझती नहीं।
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥ قَوۡمٞ لَّا يَفۡقَهُونَ
वे तुमसे सब मिलकर केवल क़िलेबंद बस्तियों में ही लड़ेंगे, या दीवारों के पीछे से।
لَا يُقَٰتِلُونَكُمُۥ جَمِيعًا إِلَّا فِي قُرٗى مُّحَصَّنَةٍ أَوۡ مِن وَرَآءِ جِدَٰرِۭۚ
आपस में उनकी हिंसा भयंकर है।
بَأۡسُهُمُۥ بَيۡنَهُمُۥ شَدِيدٞۚ
तुम उन्हें एकजुट समझते हो, जबकि उनके मर्म बँटे हुए हैं।
تَحۡسِبُهُمُۥ جَمِيعٗا وَقُلُوبُهُمُۥ شَتَّىٰۚ
यह इसलिए कि वे ऐसी क़ौम हैं जो बुद्धि से काम नहीं लेती।
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥ قَوۡمٞ لَّا يَعۡقِلُونَ
वे उनके समान हैं जिन्होंने, उनसे कुछ ही पहले,
كَمَثَلِ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمُۥ قَرِيبٗاۖ
अपने व्यवहार के घातक परिणाम चखे।
ذَاقُواْ وَبَالَ أَمۡرِهِمُۥ
और उनके लिए पीड़ादायक दंड है।
وَلَهُمُۥ عَذَابٌ أَلِيمٞ
वे बहकाने वाले के समान हैं जब वह मनुष्य से कहता है: “नकारो!” फिर जब उसने नकार दिया, तो वह कहता है: “मैं निश्चय ही तुमसे बरी हूँ, मैं ईश्वर से डरता हूँ, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है।”
كَمَثَلِ ٱلشَّيۡطَٰنِ إِذۡ قَالَ لِلۡإِنسَٰنِ ٱكۡفُرۡ فَلَمَّا كَفَرَ قَالَ إِنِّي بَرِيٓءٞ مِّنكَ إِنِّيَ أَخَافُ ٱللَّهَ رَبَّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
और उन दोनों का परिणाम यह रहा कि वे आग में हैं, उसमें सदा रहने के लिए।
فَكَانَ عَٰقِبَتَهُمَا أَنَّهُمَا فِي ٱلنَّارِ خَٰلِدَيۡنِ فِيهَاۚ
और यही अन्यायियों का प्रतिफल है।
وَذَٰلِكَ جَزَٰٓؤُاْ ٱلظَّٰلِمِينَ
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और हर स्व नज़र डाले कि उसने कल के लिए क्या आगे बढ़ाया है।
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَلۡتَنظُرۡ نَفۡسٞ مَّا قَدَّمَتۡ لِغَدٖۖ
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ
क्योंकि ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।
إِنَّ ٱللَّهَ خَبِيرُۢ بِمَا تَعۡمَلُونَ
और उन जैसे मत हो जो ईश्वर को भूल गए, और जिन्हें उसने उनका अपना आप भुला दिया।
وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ نَسُواْ ٱللَّهَ فَأَنسَىٰهُمُۥ أَنفُسَهُمُۥۚ
यही अतिक्रमणकारी हैं।
أُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ
आग वाले और उद्यान वाले समान नहीं हैं।
لَا يَسۡتَوِي أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِ وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۚ
उद्यान वाले ही विजयी हैं।
أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِ هُمُ ٱلۡفَآئِزُونَ
यदि हमने इस पाठ को किसी पहाड़ पर उतारा होता, तो तुम उसे विनीत होते और फटते देखते, ईश्वर का भय मानते हुए।
لَوۡ أَنزَلۡنَا هَٰذَا ٱلۡقُرَانَ عَلَىٰ جَبَلٖ لَّرَأَيۡتَهُۥ خَٰشِعٗا مُّتَصَدِّعٗا مِّنۡ خَشۡيَةِ ٱللَّهِۚ
और ये उदाहरण, हम इन्हें लोगों के लिए कई गुना करते हैं, शायद वे सोच-विचार करें।
وَتِلۡكَ ٱلۡأَمۡثَٰلُ نَضۡرِبُهَا لِلنَّاسِ لَعَلَّهُمُۥ يَتَفَكَّرُونَ
वही है, ईश्वर, उसके सिवा कोई देवता नहीं।
هُوَ ٱللَّهُ ٱلَّذِي لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ
वह, जो उसे जानता है जो इंद्रियों से परे है और जो साक्ष्य में है।
عَٰلِمُ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِۖ
वह सर्वदयालु, दयालु है।
هُوَ ٱلرَّحۡمَٰنُ ٱلرَّحِيمُ
वही है, ईश्वर, उसके सिवा कोई देवता नहीं, अधिराज, परम पवित्र, शांति, ज़ामिन, प्रधान, सर्वशक्तिमान, अप्रतिरोध्य, भव्य।
هُوَ ٱللَّهُ ٱلَّذِي لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلۡمَلِكُ ٱلۡقُدُّوسُ ٱلسَّلَٰمُ ٱلۡمُؤۡمِنُ ٱلۡمُهَيۡمِنُ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡجَبَّارُ ٱلۡمُتَكَبِّرُۚ
ईश्वर की महिमा हो, उससे ऊपर जो वे उसके साथ साझी ठहराते हैं।
سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يُشۡرِكُونَ
वही है, ईश्वर, रचयिता, अस्तित्व देने वाला, रूप देने वाला।
هُوَ ٱللَّهُ ٱلۡخَٰلِقُ ٱلۡبَارِئُ ٱلۡمُصَوِّرُۖ
उसी के हैं सबसे सुंदर गुण।
لَهُ ٱلۡأَسۡمَآءُ ٱلۡحُسۡنَىٰۚ
जो कुछ आकाशों और धरती में है, वह उसकी महिमा गाता है।
يُسَبِّحُ لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ
और वह सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ