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القرآن

الانشقاق

Al-Inshiqaq

The Sky Splits Open

Sura84
عم
पद25

Section XIIThe application · continuation

The immense Information: the Day, the address to the messenger, the “Say” suras

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Read the section from its beginning: sura 78

84:1–5

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। जब आकाश फट जाएगा, और अपने अभिभावक के लिए कान लगाएगा — और यही उस पर बनता है —, और जब धरती फैला दी जाएगी, और जो उसके भीतर है उसे उगल देगी और ख़ाली हो जाएगी, और अपने अभिभावक के लिए कान लगाएगी — और यही उस पर बनता है।

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتۡ وَأَذِنَتۡ لِرَبِّهَا وَحُقَّتۡ وَإِذَا ٱلۡأَرۡضُ مُدَّتۡ وَأَلۡقَتۡ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتۡ وَأَذِنَتۡ لِرَبِّهَا وَحُقَّتۡ

84:6

हे मनुष्य! तुम निश्चय ही परिश्रम करते हुए अपने अभिभावक की ओर बढ़ रहे हो, और तुम उससे मिलोगे।

يَٰأَيُّهَا ٱلۡإِنسَٰنُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدۡحٗا فَمُلَٰقِيهِۦ

84:7–9

रहा वह जिसकी बही उसके दाएँ हाथ में दी जाएगी, उससे सरल हिसाब लिया जाएगा, और वह प्रसन्न होकर अपने परिवार की ओर पलटेगा।

فَأَمَّا مَنۡ أُوتِيَ كِتَٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ فَسَوۡفَ يُحَاسَبُ حِسَابٗا يَسِيرٗا وَيَنقَلِبُ إِلَىٰ أَهۡلِهِۦ مَسۡرُورٗا

84:10–12

और रहा वह जिसकी बही उसकी पीठ के पीछे दी जाएगी, वह अपने विनाश को पुकारेगा, और उसे दहकते अंगार में जलाया जाएगा।

وَأَمَّا مَنۡ أُوتِيَ كِتَٰبَهُۥ وَرَآءَ ظَهۡرِهِۦ فَسَوۡفَ يَدۡعُواْ ثُبُورٗا وَيُصَلَّيٰ سَعِيرًا

84:13

वह अपने परिवार के बीच प्रसन्न था।

إِنَّهُۥ كَانَ فِي أَهۡلِهِۦ مَسۡرُورًا

84:14–15

उसने अनुमान लगाया था कि वह कभी फिरकर नहीं आएगा। क्यों नहीं!

إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ بَلَىٰۚ

क्योंकि उसका अभिभावक उस पर दृष्टि रखता था।

إِنَّ رَبَّهُۥ كَانَ بِهِۦ بَصِيرٗا

84:16–19

नहीं! मैं शपथ लेता हूँ संध्या की लाली की, रात की और जो कुछ वह समेटती है उसकी, और चंद्रमा की जब वह पूरी तरह पूर्ण हो जाता है! तुम अवश्य क्रमिक अवस्थाओं से गुज़रोगे।

فَلَا أُقۡسِمُ بِٱلشَّفَقِ وَٱلَّيۡلِ وَمَا وَسَقَ وَٱلۡقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ لَتَرۡكَبَنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٖ

उन्हें क्या हुआ है कि वे विश्वास नहीं करते? और जब उनके सामने पाठ पढ़ा जाता है तो माथा नहीं टेकते?

فَمَا لَهُمُۥ لَا يُؤۡمِنُونَ وَإِذَا قُرِئَ عَلَيۡهِمُ ٱلۡقُرَانُ لَا يَسۡجُدُونَۤ۩

बल्कि जिन्होंने नकारा वे झुठलाते हैं, और ईश्वर सबसे अच्छी तरह जानता है जो वे अपने भीतर रखते हैं।

بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يُكَذِّبُونَ وَٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا يُوعُونَ

अतः उन्हें पीड़ादायक दंड का शुभ समाचार दो,

فَبَشِّرۡهُمُۥ بِعَذَابٍ أَلِيمٍ

सिवा उनके जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए; उनके लिए एक पुरस्कार है जो उन्हें जताया नहीं जाएगा।

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَهُمُۥ أَجۡرٌ غَيۡرُ مَمۡنُونِۭ

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