सामग्री पर जाएँ
القرآنal-quran.fr
मेनू
100%
القرآن
Sura86

At-Tariq الطارق

The Night Comer الطارق

عم

17 पदSection XIIThe application · continuation

The section and its links

The immense Information, the Day, then the “Say” suras (78, then 79-114)

Read the section from its beginning: sura 78

What was shown before: The immense Information is set out in 78. 78

86:1–4

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। आकाश और रात्रि-आगंतुक की शपथ! और तुम्हें क्या अंदाज़ा दिलाए कि रात्रि-आगंतुक क्या है? भेदती चमक वाला तारा। ऐसा कोई स्व नहीं जिस पर कोई रक्षक न हो।

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلسَّمَآءِ وَٱلطَّارِقِ وَمَا أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلطَّارِقُ ٱلنَّجۡمُ ٱلثَّاقِبُ إِن كُلُّ نَفۡسٖ لَّمَا عَلَيۡهَا حَافِظٞ

तो मनुष्य नज़र डाले कि वह किस चीज़ से रचा गया है।

فَلۡيَنظُرِ ٱلۡإِنسَٰنُ مِمَّ خُلِقَ

86:6–7

वह एक उछलते पानी से रचा गया है, जो कमर और वक्ष के बीच से निकलता है।

خُلِقَ مِن مَّآءٖ دَافِقٖ يَخۡرُجُ مِنۢ بَيۡنِ ٱلصُّلۡبِ وَٱلتَّرَآئِبِ

वह उसे लौटाने का सामर्थ्य अवश्य रखता है, उस दिन जब रहस्य परखे जाएँगे; तब उसके पास न बल होगा न सहायता।

إِنَّهُۥ عَلَىٰ رَجۡعِهِۦ لَقَادِرٞ يَوۡمَ تُبۡلَى ٱلسَّرَآئِرُ فَمَا لَهُۥ مِن قُوَّةٖ وَلَا نَاصِرٖ

86:11–14

लौटाने वाले आकाश की शपथ! और फटने वाली धरती की! यह अवश्य अलग करने वाला कथन है, और यह कोई खिलवाड़ नहीं।

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلرَّجۡعِ وَٱلۡأَرۡضِ ذَاتِ ٱلصَّدۡعِ إِنَّهُۥ لَقَوۡلٞ فَصۡلٞ وَمَا هُوَ بِٱلۡهَزۡلِ

वे निश्चय ही एक चाल चलते हैं, और मैं एक चाल चलता हूँ।

إِنَّهُمُۥ يَكِيدُونَ كَيۡدٗا وَأَكِيدُ كَيۡدٗا

86:17

तो नकारने वालों को अवकाश दो, उन्हें थोड़ा अवकाश दो।

فَمَهِّلِ ٱلۡكَٰفِرِينَ أَمۡهِلۡهُمُۥ رُوَيۡدَۢا

← अध्यायों की अनुक्रमणिका