Az-Zukhruf الزخرف
In their footsteps على آثارهم
The section and its links
Facing those who contest it, then the messenger's community (40-46, then 47-49)
Read the section from its beginning: sura 40
Read with: the suras of the same shelf mark
- 39 Devoting the Law exclusively to Himthe threshold: the Law devoted to God alone
- 40 My Guardian Is Godthose who argue; the believing man of Fir'awn's clan
- 41 Their Skins Will Testifythose who turn away; the Aad and the Thamud
- 42 Uphold the Lawthe one Law revealed to all the messengers
- 44 In a blessed nightthe blessed night, and the trial
- 45 A legislated waythe signs, and the legislated way
- 46 Not a novelty among the messengersal-Ahqaf: the Aad, the Occulted who listen
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। حمٓ (Ḥa Mim)।
بِسۡمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ حۭمٓۚ
स्पष्ट ग्रंथ की शपथ! हमने निश्चय ही उसे एक त्रुटिहीन पाठ बनाया है, शायद तुम बुद्धि से काम लो।
وَاَلۡكِتَٰبِ اِ۬لۡمُبِينِ إِنَّا جَعَلۡنَٰهُ قُرۡءَٰنًا عَرَبِيّٗا لَّعَلَّكُمۡ تَعۡقِلُونَ
और वह हमारे पास ग्रंथ की मूल-प्रति में अवश्य ऊँचा, प्रज्ञावान है।
وَإِنَّهُۥ فِي أُمِّ اِ۬لۡكِتَٰبِ لَدَيۡنَا لَعَلِيٌّ حَكِيمٌ
क्या हम तुम्हारे लिए स्मरण के पृष्ठ कई गुना करना छोड़ दें, इसलिए कि तुम अतिवादी क़ौम हो?
أَفَنَضۡرِبُ عَنكُمُ اُ۬لذِّكۡرَ صَفۡحًا أَن كُنتُمۡ قَوۡمٗا مُّسۡرِفِينَ
पहले वालों के बीच हमने कितने ही सूचनादाता भेजे!
وَكَمۡ أَرۡسَلۡنَا مِن نَّبِيّٖ فِي اِ۬لۡأَوَّلِينَ
और उनके पास कोई सूचनादाता नहीं आता था जिसका वे मज़ाक़ न उड़ाते।
وَمَا يَاتِيهِم مِّن نَّبِيٍّ إِلَّا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ
तब हमने उन्हें नष्ट कर दिया जो जकड़ में उनसे अधिक भयंकर थे,
فَأَهۡلَكۡنَا أَشَدَّ مِنۡهُم بَطۡشٗا
और पहले वालों का उदाहरण बीत चुका है।
وَمَضَىٰ مَثَلُ اُ۬لۡأَوَّلِينَ
और यदि तुम उनसे पूछो: “आकाशों और धरती को किसने रचा?”, तो वे अवश्य कहेंगे: “सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ ने उन्हें रचा है।”
وَلَئِن سَأَلۡتَهُم مَّنۡ خَلَقَ اَ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضَ لَيَقُولُنَّ خَلَقَهُنَّ اَ۬لۡعَزِيزُ اُ۬لۡعَلِيمُ
वही जिसने तुम्हारे लिए धरती को एक सुव्यवस्थित विस्तार बनाया, और उसमें तुम्हारे लिए राहें रखीं, शायद तुम मार्गदर्शन पाओ;
اُ۬لَّذِي جَعَل لَّكُمُ اُ۬لۡأَرۡضَ مِهَٰدٗا وَجَعَل لَّكُمۡ فِيهَا سُبُلٗا لَّعَلَّكُمۡ تَهۡتَدُونَ
और जिसने आकाश से माप के साथ पानी उतारा, जिससे हमने एक मृत भूभाग को फैलाया —
وَاَلَّذِي نَزَّلَ مِنَ اَ۬لسَّمَآءِ مَآءَۢ بِقَدَرٖ فَأَنشَرۡنَا بِهِۦ بَلۡدَةٗ مَّيۡتٗاۚ
इसी प्रकार तुम निकाले जाओगे;
كَذَٰلِكَ تُخۡرَجُونَ
और जिसने सारे जोड़े रचे, और तुम्हारे लिए जलयानों और पशुधन में से वह बनाया जिस पर तुम सवार होते हो, ताकि तुम उनकी पीठ पर जम जाओ, फिर उन पर जम जाने के बाद अपने अभिभावक के उपकार का स्मरण करो, और कहो: “महिमा हो उसकी जिसने हमारे लिए इसे वश में किया, जबकि हम स्वयं इसका सामर्थ्य नहीं रखते थे; और हम अवश्य अपने अभिभावक की ओर ही पलटेंगे।”
۞ وَاَلَّذِي خَلَقَ اَ۬لۡأَزۡوَٰجَ كُلَّهَا وَجَعَل لَّكُم مِّنَ اَ۬لۡفُلۡكِ وَاَلۡأَنۡعَٰم مَّا تَرۡكَبُونَ لِتَسۡتَوُۥاْ عَلَىٰ ظُهُورِهِۦ ثُمَّ تَذۡكُرُواْ نِعۡمَةَ رَبِّكُمۡ إِذَا اَ۪سۡتَوَيۡتُمۡ عَلَيۡهِ وَتَقُولُواْ سُبۡحَٰنَ اَ۬لَّذِي سَخَّر لَّنَا هَٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُۥ مُقۡرِنِينَ وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ
और उन्होंने उसके आज्ञाकारियों में से उसके लिए एक भाग ठहरा दिया।
وَجَعَلُواْ لَهُۥ مِنۡ عِبَادِهِۦ جُزۡءًاۚ
मनुष्य अवश्य स्पष्ट रूप से बड़ा नकारने वाला है।
إِنَّ اَ۬لۡإِنسَٰنَ لَكَفُورٞ مُّبِينٌ
या फिर क्या उसने जो रचता है उसमें से बेटियाँ ले ली हैं, और तुम्हारे लिए बेटे रख छोड़े हैं?
أَمِ اِ۪تَّخَذَ مِمَّا يَخۡلُقُ بَنَاتٖ وَأَصۡفَىٰكُم بِالۡبَنِينَ
और जब उनमें से किसी को उस बात का शुभ समाचार मिलता है जिसे वह स्वयं सर्वदयालु के लिए उदाहरण के रूप में कई गुना करता है, तो उसका चेहरा स्याह पड़ा रहता है और वह खिन्नता से भरा होता है।
وَإِذَا بُشِّرَ أَحَدُهُم بِمَا ضَرَبَ لِلرَّحۡمَٰنِ مَثَلٗا ظَلَّ وَجۡهُهُۥ مُسۡوَدّٗا وَهۡوَ كَظِيمٌ
क्या फिर वह जिसे आभूषण में पाला जाता है और जो झगड़े में स्पष्टता नहीं रखता?
أَوَ مَن يَنشَؤُاْ فِي اِ۬لۡحِلۡيَةِ وَهۡوَ فِي اِ۬لۡخِصَامِ غَيۡرُ مُبِينٖ
और अभिकर्ता, जो सर्वदयालु के आज्ञाकारी हैं, उन्होंने उन्हें स्त्रीरूप बना दिया है।
وَجَعَلُواْ اُ۬لۡمَلَٰٓئِكَةَ اَ۬لَّذِينَ هُمۡ عِبَٰدُ اُ۬لرَّحۡمَٰنِ إِنَٰثًاۚ
क्या वे उनकी रचना के समय उपस्थित थे?
أَشَهِدُواْ خَلۡقَهُمۡۚ
उनका साक्ष्य लिख लिया जाएगा, और उनसे प्रश्न किए जाएँगे।
سَتُكۡتَبُ شَهَٰدَتُهُمۡ وَيُسۡـَٔلُونَ
और वे कहते हैं: “यदि सर्वदयालु की मर्ज़ी होती, तो हम उनकी आज्ञा का पालन न करते।”
وَقَالُواْ لَوۡ شَآءَ اَ۬لرَّحۡمَٰنُ مَا عَبَدۡنَٰهُمۗ
उन्हें इसका कोई ज्ञान नहीं;
مَّا لَهُم بِذَٰلِكَ مِنۡ عِلۡمٍۖ
वे केवल अटकल लगाते हैं।
إِنۡ هُمۡ إِلَّا يَخۡرُصُونَ
या फिर क्या हमने उन्हें इससे पहले कोई ग्रंथ दिया था जिसे वे दृढ़ता से थामे रहते?
أَمۡ ءَاتَيۡنَٰهُمۡ كِتَٰبٗا مِّن قَبۡلِهِۦ فَهُم بِهِۦ مُسۡتَمۡسِكُونَ
बल्कि वे कहते हैं: “हमने निश्चय ही अपने पूर्वजों को एक राह पर पाया है, और हम उन्हीं के पदचिह्नों पर मार्गदर्शन पा रहे हैं।”
بَلۡ قَالُواْ إِنَّا وَجَدۡنَا ءَابَآءَنَا عَلَىٰ أُمَّةٖ وَإِنَّا عَلَىٰ ءَاثٰ۪رِهِم مُّهۡتَدُونَ
इसी प्रकार हमने तुमसे पहले किसी बस्ती में कभी कोई चेतावनी देने वाला नहीं भेजा, जिसके संपन्नों ने यह न कहा हो: “हमने निश्चय ही अपने पूर्वजों को एक राह पर पाया है, और हम उन्हीं के पदचिह्नों पर ढल रहे हैं।”
وَكَذَٰلِكَ مَا أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ فِي قَرۡيَةٖ مِّن نَّذِيرٍ إِلَّا قَالَ مُتۡرَفُوهَا إِنَّا وَجَدۡنَا ءَابَآءَنَا عَلَىٰ أُمَّةٖ وَإِنَّا عَلَىٰ ءَاثٰ۪رِهِم مُّقۡتَدُونَ
उसने कहा: “और यदि मैं तुम्हारे पास उससे बेहतर मार्ग दिखाने वाला कुछ ले आऊँ जिस पर तुमने अपने पूर्वजों को पाया?”
۞ قُلۡ أَوَلَوۡ جِيتُكُم بِأَهۡدَىٰ مِمَّا وَجَدتُّمۡ عَلَيۡهِ ءَابَآءَكُمۡۖ
उन्होंने कहा: “जिसके साथ तुम भेजे गए हो, हम उसे निश्चय ही नकारते हैं।”
قَالُواْ إِنَّا بِمَا أُرۡسِلۡتُم بِهِۦ كَٰفِرُونَ
तब हमने उनसे प्रतिशोध लिया; तो नज़र डालो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा रहा।
فَاَنتَقَمۡنَا مِنۡهُمۡۖ فَاَنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ اُ۬لۡمُكَذِّبِينَ
और जब इब्राहीम ने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “जिसकी तुम आज्ञा का पालन करते हो उससे मैं निश्चय ही बरी हूँ, सिवा उसके जिसने मुझे मूलतः रचा, क्योंकि वही मुझे मार्ग दिखाएगा।” —
وَإِذۡ قَالَ إِبۡرَٰهِيمُ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ إِنَّنِي بَرَآءٞ مِّمَّا تَعۡبُدُونَ إِلَّا اَ۬لَّذِي فَطَرَنِي فَإِنَّهُۥ سَيَهۡدِينِ
और उसने उसे अपनी संतति के भीतर एक स्थायी बोल बना दिया, शायद वे लौटें।
وَجَعَلَهَا كَلِمَةَۢ بَاقِيَةٗ فِي عَقِبِهِۦ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ
परंतु मैंने इन्हें और इनके पूर्वजों को उपभोग दिया, यहाँ तक कि उनके पास सत्य और एक स्पष्ट संदेशवाहक आ गया।
بَلۡ مَتَّعۡتُ هَٰؤُلَآءِ وَءَابَآءَهُمۡ حَتَّىٰ جَآءَهُمُ اُ۬لۡحَقُّ وَرَسُولٞ مُّبِينٞ
और जब सत्य उनके पास आया, उन्होंने कहा: “यह एक भ्रम है, और हम इसे निश्चय ही नकारते हैं।”
وَلَمَّا جَآءَهُمُ اُ۬لۡحَقُّ قَالُواْ هَٰذَا سِحۡرٞ وَإِنَّا بِهِۦ كَٰفِرُونَ
और उन्होंने कहा: “यह पाठ दोनों बस्तियों में से किसी एक महत्वपूर्ण व्यक्ति पर क्यों न उतारा गया!”
وَقَالُواْ لَوۡلَا نُزِّلَ هَٰذَا اَ۬لۡقُرۡءَانُ عَلَىٰ رَجُلٖ مِّنَ اَ۬لۡقَرۡيَتَيۡنِ عَظِيمٍ
क्या वही तुम्हारे अभिभावक की दया बाँटते हैं?
أَهُمۡ يَقۡسِمُونَ رَحۡمَتَ رَبِّكَۚ
हमीं ने निकट जीवन में उनके बीच उनके जीवन-साधन बाँटे हैं, और हमने एक को दूसरे से श्रेणियों में ऊँचा किया है, ताकि वे एक-दूसरे को अपनी सेवा में लें;
نَحۡنُ قَسَمۡنَا بَيۡنَهُم مَّعِيشَتَهُمۡ فِي اِ۬لۡحَيَوٰةِ اِ۬لدُّنۡيۭاۚ وَرَفَعۡنَا بَعۡضَهُمۡ فَوۡقَ بَعۡضٖ دَرَجَٰتٖ لِّيَتَّخِذَ بَعۡضُهُم بَعۡضٗا سُخۡرِيّٗاۗ
और तुम्हारे अभिभावक की दया उससे बेहतर है जो वे बटोरते हैं।
وَرَحۡمَتُ رَبِّكَ خَيۡرٞ مِّمَّا يَجۡمَعُونَ
और यदि यह न होता कि लोग एक ही समुदाय बन जाएँगे, तो हम सर्वदयालु को नकारने वालों के लिए उनके घरों की छतें चाँदी की बनाते, और सीढ़ियाँ जिन पर वे चढ़ते हैं, और उनके घरों के लिए द्वार, और दीवान जिन पर वे टेक लगाते हैं, और सुनहरी सजावट।
وَلَوۡلَا أَن يَكُونَ اَ۬لنَّاسُ أُمَّةٗ وَٰحِدَةٗ لَّجَعَلۡنَا لِمَن يَكۡفُرُ بِالرَّحۡمَٰنِ لِبُيُوتِهِمۡ سَقۡفٗا مِّن فِضَّةٖ وَمَعَارِجَ عَلَيۡهَا يَظۡهَرُونَ وَلِبُيُوتِهِمۡ أَبۡوَٰبٗا وَسُرُرًا عَلَيۡهَا يَتَّكِـُٔونَ وَزُخۡرُفٗاۚ
और यह सब निकट जीवन का उपभोग मात्र है;
وَإِن كُلُّ ذَٰلِكَ لَمَا مَتَٰعُ اُ۬لۡحَيَوٰةِ اِ۬لدُّنۡيۭاۚ
जबकि तुम्हारे अभिभावक के पास अंतिम जीवन सावधानी बरतने वालों के लिए है।
وَاَلۡأٓخِرَةُ عِندَ رَبِّكَ لِلۡمُتَّقِينَ
और जो कोई सर्वदयालु के स्मरण की ओर से अपनी दृष्टि धुँधली होने देता है, हम उसके लिए एक बहकाने वाला तैनात कर देते हैं जो उसका सहचर बन जाता है;
وَمَن يَعۡشُ عَن ذِكۡرِ اِ۬لرَّحۡمَٰن نُّقَيِّضۡ لَهُۥ شَيۡطَٰنٗا فَهۡوَ لَهُۥ قَرِينٞ
और ये अवश्य उन्हें राह से रोकते हैं, जबकि वे समझते हैं कि वे मार्गदर्शन पाने वालों में से हैं;
وَإِنَّهُمۡ لَيَصُدُّونَهُمۡ عَنِ اِ۬لسَّبِيلِ وَيَحۡسِبُونَ أَنَّهُم مُّهۡتَدُونَ
यहाँ तक कि जब वे दोनों हमारे पास आते हैं, तो वह कहता है: “काश, मेरे और तुम्हारे बीच दो उदय-स्थानों की दूरी होती!”
حَتَّىٰ إِذَا جَآءَنَا قَالَ يَٰلَيۡتَ بَيۡنِي وَبَيۡنَكَ بُعۡدَ اَ۬لۡمَشۡرِقَيۡنِ
कितना निकृष्ट सहचर!
فَبِيسَ اَ۬لۡقَرِينُ
और आज, चूँकि तुम अन्यायी रहे, तुम्हें यह लाभ न देगा कि तुम दंड में साझीदार हो।
وَلَن يَنفَعَكُمُ اُ۬لۡيَوۡمَ إِذ ظَّلَمۡتُمۡ أَنَّكُمۡ فِي اِ۬لۡعَذَابِ مُشۡتَرِكُونَ
क्या तुम बहरों को सुनवाओगे, या अंधों को और उन्हें जो स्पष्ट भटकाव में हैं मार्ग दिखाओगे?
أَفَأَنتَ تُسۡمِعُ اُ۬لصُّمَّ أَوۡ تَهۡدِي اِ۬لۡعُمۡيَ وَمَن كَانَ فِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٖ
यदि हम तुम्हें ले जाएँ, तो भी हम उनसे निश्चय ही प्रतिशोध लेंगे; या हम तुम्हें वह दिखा दें जिसका हमने उनसे वादा किया है, हमें तो हर हाल में उन पर पूरा वर्चस्व है।
فَإِمَّا نَذۡهَبَنَّ بِكَ فَإِنَّا مِنۡهُم مُّنتَقِمُونَ أَوۡ نُرِيَنَّكَ اَ۬لَّذِي وَعَدۡنَٰهُمۡ فَإِنَّا عَلَيۡهِم مُّقۡتَدِرُونَ
इसलिए जो तुम्हारी ओर प्रकट किया गया है उसे दृढ़ता से थामो;
۞ فَاَسۡتَمۡسِكۡ بِالَّذِي أُوحِيَ إِلَيۡكَۖ
तुम निश्चय ही सीधे पथ पर हो।
إِنَّكَ عَلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ
और वह अवश्य तुम्हारे और तुम्हारी क़ौम के लिए स्मरण है;
وَإِنَّهُۥ لَذِكۡرٞ لَّكَ وَلِقَوۡمِكَۖ
और शीघ्र ही तुमसे प्रश्न किए जाएँगे।
وَسَوۡفَ تُسۡـَٔلُونَ
और हमारे उन संदेशवाहकों से प्रश्न करो जिन्हें हमने तुमसे पहले भेजा:
وَسۡـَٔلۡ مَنۡ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ مِن رُّسۡلِنَا
क्या हमने सर्वदयालु के अतिरिक्त ऐसे देवता स्थापित किए हैं जिनकी आज्ञा का पालन किया जाए?
أَجَعَلۡنَا مِن دُونِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ ءَالِهَةٗ يُعۡبَدُونَ
और हमने निश्चय ही मूसा को अपने संकेतों के साथ फ़िरऔन और उसके दरबार की ओर भेजा; उसने कहा: “मैं सभी प्राणियों के अभिभावक का संदेशवाहक हूँ।”
وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا مُوسۭيٰ بِـَٔايَٰتِنَا إِلَىٰ فِرۡعَوۡنَ وَمَلَإِيْهِۦ فَقَالَ إِنِّي رَسُول رَّبِّ اِ۬لۡعَٰلَمِينَ
परंतु जब वह उनके पास हमारे संकेत लाया, तो देखो, वे उन पर हँस पड़े।
فَلَمَّا جَآءَهُم بِـَٔايَٰتِنَا إِذَا هُم مِّنۡهَا يَضۡحَكُونَ
और हम उन्हें जो भी संकेत दिखाते थे वह अपने जैसे से बड़ा होता था;
وَمَا نُرِيهِم مِّنۡ ءَايَةٍ إِلَّا هِيَ أَكۡبَرُ مِنۡ أُخۡتِهَاۖ
और हमने उन्हें दंड से पकड़ा, शायद वे लौटें।
وَأَخَذۡنَٰهُم بِالۡعَذَابِ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ
और उन्होंने कहा: “हे भ्रमकार, अपने अभिभावक को हमारे लिए उस संधि के आधार पर पुकारो जो उसने तुमसे की है; हम अवश्य मार्गदर्शन पाएँगे।”
وَقَالُواْ يَٰأَيُّهَ اَ۬لسَّاحِرُ اُ۟دۡعُ لَنَا رَبَّكَ بِمَا عَهِدَ عِندَكَ إِنَّنَا لَمُهۡتَدُونَ
परंतु जब हमने उनका दंड हल्का कर दिया, तो देखो, वे मुकर गए।
فَلَمَّا كَشَفۡنَا عَنۡهُمُ اُ۬لۡعَذَابَ إِذَا هُمۡ يَنكُثُونَ
और फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को ऊँचे स्वर में बुलाया, कहते हुए: “हे मेरी क़ौम, क्या मिसर का राजत्व मेरा नहीं है, और ये नदियाँ भी जो मेरे नीचे बहती हैं?
وَنَادَىٰ فِرۡعَوۡنُ فِي قَوۡمِهِۦ قَالَ يَٰقَوۡمِ أَلَيۡسَ لِي مُلۡكُ مِصۡرَ وَهَٰذِهِ اِ۬لۡأَنۡهَٰرُ تَجۡرِي مِن تَحۡتِيَۚ
तो क्या तुम्हें स्पष्ट नहीं दिखता?
أَفَلَا تُبۡصِرُونَ
या फिर क्या मैं उससे बेहतर हूँ, जो तुच्छ है और जो लगभग स्पष्टता से व्यक्त भी नहीं कर पाता?
أَمۡ أَنَا۠ خَيۡرٞ مِّنۡ هَٰذَا اَ۬لَّذِي هُوَ مَهِينٞ وَلَا يَكَادُ يُبِينُ
उस पर सोने के कंगन क्यों न डाले गए, या उसके साथ अभिकर्ता जुलूस बनाकर क्यों न आए!”
فَلَوۡلَا أُلۡقِيَ عَلَيۡهِ أَسَٰوِرَةٞ مِّن ذَهَبٍ أَوۡ جَآءَ مَعَهُ اُ۬لۡمَلَٰٓئِكَةُ مُقۡتَرِنِينَ
उसने अपनी क़ौम को हल्का कर दिया, और उन्होंने उसकी बात मानी;
فَاَسۡتَخَفَّ قَوۡمَهُۥ فَأَطَاعُوهُۚ
क्योंकि वे अतिक्रमणकारी क़ौम थे।
إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَوۡمٗا فَٰسِقِينَ
और जब उन्होंने हमें कुपित कर दिया, तो हमने उनसे प्रतिशोध लिया: हमने उन सबको डुबो दिया, और उन्हें अतीत के जन तथा बाद की पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण बना दिया।
فَلَمَّا ءَاسَفُونَا اَ۪نتَقَمۡنَا مِنۡهُمۡ فَأَغۡرَقۡنَٰهُمۡ أَجۡمَعِينَ فَجَعَلۡنَٰهُمۡ سَلَفٗا وَمَثَلٗا لِّلۡأٓخِرِينَ
और जब मरयम के बेटे को उदाहरण के रूप में कई गुना किया गया, तो देखो, तुम्हारी क़ौम उस पर बिदक उठी;
وَلَمَّا ضُرِبَ اَ۪بۡنُ مَرۡيَم مَّثَلًا إِذَا قَوۡمُكَ مِنۡهُ يَصِدُّونَ
और उन्होंने कहा: “क्या हमारे देवता बेहतर हैं, या वह?”
وَقَالُواْ ءَاٰ۬لِهَتُنَا خَيۡرٌ أَمۡ هُوَۚ
उन्होंने तुम्हारे लिए यह उदाहरण केवल बहस की रुचि से कई गुना किया।
مَا ضَرَبُوهُ لَكَ إِلَّا جَدَلَۢاۚ
वे तो एक झगड़ालू क़ौम हैं।
بَلۡ هُمۡ قَوۡمٌ خَصِمُونَ
वह तो बस एक आज्ञाकारी है जिसे हमने उपकार से भर दिया, और जिसे हमने इसराईल की संतान के लिए एक उदाहरण बनाया;
إِنۡ هُوَ إِلَّا عَبۡدٌ أَنۡعَمۡنَا عَلَيۡهِ وَجَعَلۡنَٰهُ مَثَلٗا لِّبَنِي إِسۡرَٰٓءِيلَ
और यदि हमारी मर्ज़ी होती, तो तुम्हें अभिकर्ता बना देते जो धरती पर एक-दूसरे के बाद आते।
وَلَوۡ نَشَآءُ لَجَعَلۡنَا مِنكُم مَّلَٰٓئِكَةٗ فِي اِ۬لۡأَرۡضِ يَخۡلُفُونَ
और वह अवश्य घड़ी के लिए एक ज्ञान है; इसलिए उसके विषय में वाद-प्रतिवाद में मत पड़ो,
وَإِنَّهُۥ لَعِلۡمٞ لِّلسَّاعَةِ فَلَا تَمۡتَرُنَّ بِهَا
और मेरा अनुसरण करो: यही सीधा पथ है।
وَاَتَّبِعُونِۦۚ هَٰذَا صِرَٰطٞ مُّسۡتَقِيمٞ
और बहकाने वाला तुम्हें हरगिज़ न रोके;
وَلَا يَصُدَّنَّكُمُ اُ۬لشَّيۡطَٰنُۖ
क्योंकि वह तुम्हारा स्पष्ट शत्रु है।
إِنَّهُۥ لَكُمۡ عَدُوّٞ مُّبِينٞ
और जब ईसा स्पष्ट प्रमाणों के साथ आया, उसने कहा: “मैं तुम्हारे पास प्रज्ञा लाया हूँ, और इसलिए कि जिस विषय में तुम मतभेद रखते हो उसका एक भाग तुम्हारे लिए स्पष्ट कर दूँ;
وَلَمَّا جَآءَ عِيسۭيٰ بِالۡبَيِّنَٰتِ قَالَ قَد جِّيتُكُم بِالۡحِكۡمَةِ وَلِأُبَيِّن لَّكُم بَعۡضَ اَ۬لَّذِي تَخۡتَلِفُونَ فِيهِۖ
इसलिए ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो,
فَاَتَّقُواْ اُ۬للَّهَ وَأَطِيعُونِ
क्योंकि ईश्वर मेरा अभिभावक और तुम्हारा अभिभावक है; इसलिए उसकी आज्ञा का पालन करो:
إِنَّ اَ۬للَّه هُّوَ رَبِّي وَرَبُّكُمۡ فَاَعۡبُدُوهۚ
यही सीधा पथ है।”
هَّٰذَا صِرَٰطٞ مُّسۡتَقِيمٞ
फिर दलों में आपस में मतभेद हो गया;
فَاَخۡتَلَفَ اَ۬لۡأَحۡزَابُ مِنۢ بَيۡنِهِمۡۖ
तो हाय उन पर जिन्होंने अन्याय किया, पीड़ादायक दिन के दंड के कारण!
فَوَيۡلٞ لِّلَّذِينَ ظَلَمُواْ مِنۡ عَذَابِ يَوۡمٍ أَلِيمٍ
क्या वे केवल घड़ी की प्रतीक्षा करते हैं कि वह उन पर अचानक आ पड़े, और उन्हें आभास भी न हो?
هَلۡ يَنظُرُونَ إِلَّا اَ۬لسَّاعَةَ أَن تَاتِيَهُم بَغۡتَةٗ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ
उस दिन गहरे मित्र एक-दूसरे के शत्रु होंगे, सिवा सावधानी बरतने वालों के।
۞ اَ۬لۡأَخِلَّآءُ يَوۡمَئِذِۢ بَعۡضُهُمۡ لِبَعۡضٍ عَدُوٌّ إِلَّا اَ۬لۡمُتَّقِينَ
“हे मेरे आज्ञाकारियो, आज तुम पर कोई डर नहीं, और न तुम दुखी होगे,
يَٰعِبَادِي لَا خَوۡفٌ عَلَيۡكُمُ اُ۬لۡيَوۡمَ وَلَا أَنتُمۡ تَحۡزَنُونَ
तुम जिन्होंने हमारे संकेतों पर विश्वास किया और जो ईश्वर के प्रति खरे थे: उद्यान में प्रवेश करो, तुम और तुम्हारे जोड़ीदार, आनंद से भरे हुए।”
اَ۬لَّذِينَ ءَامَنُواْ بِـَٔايَٰتِنَا وَكَانُواْ مُسۡلِمِينَ اَ۟دۡخُلُواْ اُ۬لۡجَنَّةَ أَنتُمۡ وَأَزۡوَٰجُكُمۡ تُحۡبَرُونَ
उनके बीच सोने के थाल और प्याले घुमाए जाएँगे,
يُطَافُ عَلَيۡهِم بِصِحَافٖ مِّن ذَهَبٖ وَأَكۡوَابٖۖ
और वहाँ वह सब होगा जिसकी स्व कामना करता है, और जिससे आँखों को सुख मिलता है;
وَفِيهَا مَا تَشۡتَهِي اِ۬لۡأَنفُسُ وَتَلَذُّ اُ۬لۡأَعۡيُنُۖ
और तुम वहाँ सदा रहोगे।
وَأَنتُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ
और यही वह उद्यान है जिसे तुमने विरासत में पाया है, उसके बदले जो तुम करते थे।
وَتِلۡكَ اَ۬لۡجَنَّةُ اُ۬لَّتِي أُورِثتُّمُوهَا بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ
तुम्हारे लिए वहाँ प्रचुर स्वाद हैं, जिनमें से तुम खाओगे।
لَكُمۡ فِيهَا فَٰكِهَةٞ كَثِيرَةٞ مِّنۡهَا تَاكُلُونَ
बहिष्कृत निश्चय ही जहन्नम के दंड में सदा रहेंगे,
إِنَّ اَ۬لۡمُجۡرِمِينَ فِي عَذَابِ جَهَنَّمَ خَٰلِدُونَ
वह उनके लिए मंद नहीं पड़ेगा, और वे उसमें निराशा में डूबे रहेंगे।
لَا يُفَتَّرُ عَنۡهُمۡ وَهُمۡ فِيهِ مُبۡلِسُونَ
हमने उन पर अन्याय नहीं किया,
وَمَا ظَلَمۡنَٰهُمۡ
बल्कि वे ही अन्यायी थे।
وَلَٰكِن كَانُواْ هُمُ اُ۬لظَّٰلِمِينَ
और वे ऊँचे स्वर में बुलाएँगे: “हे मालिक, तुम्हारा अभिभावक हमारा अंत कर दे!”
وَنَادَوۡاْ يَٰمَٰلِكُ لِيَقۡضِ عَلَيۡنَا رَبُّكۖ
वह कहेगा: “तुम निश्चय ही यहीं ठहरने वाले हो।”
قَّالَ إِنَّكُم مَّٰكِثُونَ
हम तुम्हारे पास निश्चय ही सत्य ले आए,
لَقَد جِّينَٰكُم بِالۡحَقِّ
परंतु तुममें से अधिकतर को सत्य से अरुचि है।
وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَكُمۡ لِلۡحَقِّ كَٰرِهُونَ
या फिर क्या उन्होंने कोई योजना पक्की कर ली है? पक्की तो हम करते हैं।
أَمۡ أَبۡرَمُواْ أَمۡرٗا فَإِنَّا مُبۡرِمُونَ
या फिर क्या वे समझते हैं कि हम उनका रहस्य और उनकी गुप्त मंत्रणाएँ नहीं सुनते? क्यों नहीं!
أَمۡ يَحۡسِبُونَ أَنَّا لَا نَسۡمَعُ سِرَّهُمۡ وَنَجۡوۭىٰهُمۚ بَلَىٰ
और हमारे भेजे गए जन उनके पास लिखते जाते हैं।
وَرُسۡلُنَا لَدَيۡهِمۡ يَكۡتُبُونَ
कहो: “यदि सर्वदयालु की कोई संतान होती,
قُلۡ إِن كَانَ لِلرَّحۡمَٰنِ وَلَدٞ
तो मैं आज्ञाकारियों में सबसे पहला होता।”
فَأَنَا۠ أَوَّلُ اُ۬لۡعَٰبِدِينَ
आकाशों और धरती के अभिभावक की महिमा हो, भवन के अभिभावक की, उससे ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!
سُبۡحَٰنَ رَبِّ اِ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضِ رَبِّ اِ۬لۡعَرۡشِ عَمَّا يَصِفُونَ
इसलिए उन्हें छोड़ दो: वे डूबे रहें और खेलते रहें, यहाँ तक कि वे अपने उस दिन से मिलें जिसका उनसे वादा किया गया है।
فَذَرۡهُمۡ يَخُوضُواْ وَيَلۡعَبُواْ حَتَّىٰ يُلَٰقُواْ يَوۡمَهُمُ اُ۬لَّذِي يُوعَدُونَ
वही है जो आकाश में देवता है, और धरती पर देवता है;
وَهۡوَ اَ۬لَّذِي فِي اِ۬لسَّمَا إِلَٰهٞ وَفِي اِ۬لۡأَرۡضِ إِلَٰهٞۚ
और वही प्रज्ञावान, सर्वज्ञ है।
وَهۡوَ اَ۬لۡحَكِيمُ اُ۬لۡعَلِيمُ
और आशीषमय है वह जिसका आकाशों और धरती का, और जो उनके बीच है उसका राजत्व है;
وَتَبَارَكَ اَ۬لَّذِي لَهُۥ مُلۡكُ اُ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا
और उसी के पास घड़ी का ज्ञान है;
وَعِندَهُۥ عِلۡمُ اُ۬لسَّاعَةِ
और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।
وَإِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ
और जिन्हें वे उसके अतिरिक्त पुकारते हैं वे कोई मध्यस्थता नहीं रखते, सिवा उसके जिसने सत्य का साक्ष्य दिया, पूरी जानकारी के साथ।
وَلَا يَمۡلِكُ اُ۬لَّذِينَ يَدۡعُونَ مِن دُونِهِ اِ۬لشَّفَٰعَةَ إِلَّا مَن شَهِدَ بِالۡحَقِّ وَهُمۡ يَعۡلَمُونَ
और यदि तुम उनसे पूछो कि उन्हें किसने रचा, तो वे अवश्य कहेंगे: “ईश्वर।”
وَلَئِن سَأَلۡتَهُم مَّنۡ خَلَقَهُمۡ لَيَقُولُنَّ اَ۬للَّهُۖ
तो वे कैसे उलटे फेरे जा रहे हैं?
فَأَنَّىٰ يُوفَكُونَ
और उसके कथन का भी: “हे मेरे अभिभावक, ये निश्चय ही ऐसी क़ौम हैं जो विश्वास नहीं करती।”
وَقِيلَهُۥ يَٰرَبِّ إِنَّ هَٰؤُلَآءِ قَوۡمٞ لَّا يُومِنُونَ
इसलिए उनकी ओर से पृष्ठ पलट दो, और कहो: “शांति!”
فَاَصۡفَحۡ عَنۡهُمۡ وَقُلۡ سَلَٰمٞۚ
वे शीघ्र जान लेंगे।
فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ