Ar-Rahman الرحمن
Which then of the blessings? فبأيّ آلاء ربّكما
Summary and links in the frieze
In the frieze With the Occulted, he is set before every blessing and every threat, then asked which one he denies.
Read just before, 56 leads here: It is a noble Recitation, a descent from the Guardian of all beings (56:77-80); the next sura opens: the All-Benevolent taught the Recitation. 56
It leads to 54: When the sky splits open, still to come (55:37); the next sura opens on an accomplished fact: the moon has split. 54
Closes on “By the glorious Recitation”
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। सर्वदयालु ने पाठ सिखाया।
بِسۡمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ اِ۬لرَّحۡمَٰنُ عَلَّمَ اَ۬لۡقُرۡءَانَ
उसने मनुष्य को रचा, उसे स्पष्ट अभिव्यक्ति सिखाई।
خَلَقَ اَ۬لۡإِنسَٰنَ عَلَّمَهُ اُ۬لۡبَيَانَ
सूर्य और चंद्रमा, एक सटीक गणना के अनुसार।
اَ۬لشَّمۡسُ وَاَلۡقَمَرُ بِحُسۡبَانٖ
और बिना तने का पौधा और वृक्ष माथा टेकते हैं।
وَاَلنَّجۡمُ وَاَلشَّجَرُ يَسۡجُدَانِ
और आकाश को उसने ऊँचा किया, और उसने तराज़ू रखा, ताकि तुम तराज़ू में मर्यादाहीनता में न पड़ो: तौल को निष्पक्षता के साथ बनाए रखो और तराज़ू में घाटा न करो।
وَاَلسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ اَ۬لۡمِيزَانَ أَلَّا تَطۡغَوۡاْ فِي اِ۬لۡمِيزَانِ وَأَقِيمُواْ اُ۬لۡوَزۡنَ بِالۡقِسۡطِ وَلَا تُخۡسِرُواْ اُ۬لۡمِيزَانَ
और धरती को उसने रचनाओं के लिए रखा; उसमें स्वाद हैं, ढके हुए गुच्छों वाला खजूर, भूसी वाला दाना, और सुगंधित पौधा।
وَاَلۡأَرۡضَ وَضَعَهَا لِلۡأَنَامِ فِيهَا فَٰكِهَةٞ وَاَلنَّخۡلُ ذَاتُ اُ۬لۡأَكۡمَامِ وَاَلۡحَبُّ ذُو اُ۬لۡعَصۡفِ وَاَلرَّيۡحَانُ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उसने मनुष्य को मृद्भांड जैसी खनकती मिट्टी से रचा, और उसने प्रच्छन्नों को आग की शुद्ध ज्वाला से रचा।
خَلَقَ اَ۬لۡإِنسَٰنَ مِن صَلۡصَٰلٖ كَاَلۡفَخّ۪ارِ وَخَلَقَ اَ۬لۡجَآنَّ مِن مَّارِجٖ مِّن نّ۪ارٖ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
दोनों उदय-स्थानों का अभिभावक और दोनों अस्त-स्थानों का अभिभावक।
رَبُّ اُ۬لۡمَشۡرِقَيۡنِ وَرَبُّ اُ۬لۡمَغۡرِبَيۡنِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उसने दो समुद्रों का संगम कराया, जो मिलते हैं; उनके बीच एक अवरोध है: वे एक-दूसरे की सीमा में नहीं घुसते।
مَرَجَ اَ۬لۡبَحۡرَيۡنِ يَلۡتَقِيَانِ بَيۡنَهُمَا بَرۡزَخٞ لَّا يَبۡغِيَانِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उन दोनों से मोती और मूँगा निकाले जाते हैं।
يُخۡرَجُ مِنۡهُمَا اَ۬للُّولُؤُ وَاَلۡمَرۡجَانُ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
और उसी के हैं समुद्र में ऊँचे उठे जलयान, खड़े किए गए दिशासूचकों के समान।
وَلَهُ اُ۬لۡجَوَارِ اِ۬لۡمُنشَـَٔاتُ فِي اِ۬لۡبَحۡرِ كَاَلۡأَعۡلَٰمِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उस पर जो कुछ है सब नश्वर है, और केवल तुम्हारे अभिभावक की दिशा शेष रहती है, जो प्रताप और गरिमा वाली है।
كُلُّ مَنۡ عَلَيۡهَا فَانٖ وَيَبۡقَىٰ وَجۡهُ رَبِّكَ ذُو اُ۬لۡجَلَٰلِ وَاَلۡإِكۡرَامِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
जो आकाशों में और धरती पर हैं, वे उससे माँगते हैं; हर दिन वह किसी कार्य में लगा रहता है।
يَسۡـَٔلُهُۥ مَن فِي اِ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضِۚ كُلَّ يَوۡمٍ هُوَ فِي شَانٖ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
वह स्वयं तुम्हारे लिए जुट जाएगा, हे उत्तरदायित्व वहन करने वाले दो प्राणियो।
سَنَفۡرُغُ لَكُمۡ أَيُّهَ اَ۬لثَّقَلَانِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
हे प्रच्छन्नों और मनुष्यों की सभा, यदि तुम आकाशों और धरती के छोरों को भेद सकते हो, तो भेद दो।
يَٰمَعۡشَرَ اَ۬لۡجِنِّ وَاَلۡإِنسِ إِنِ اِ۪سۡتَطَعۡتُمۡ أَن تَنفُذُواْ مِنۡ أَقۡط۪ارِ اِ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَاَلۡأَرۡضِ فَاَنفُذُواْۚ
तुम उन्हें केवल किसी अधिकार के साथ ही भेद सकोगे।
لَا تَنفُذُونَ إِلَّا بِسُلۡطَٰنٖ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तुम दोनों पर आग की एक लपट और पिघला हुआ ताँबा भेजा जाएगा, और तुम अपनी सहायता नहीं कर सकोगे।
يُرۡسَلُ عَلَيۡكُمَا شُوَاظٞ مِّن نّ۪ارٖ وَنُحَاسٖ فَلَا تَنتَصِرَانِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
और जब आकाश फट जाएगा और रंगे हुए चमड़े की तरह गुलाबी हो जाएगा — तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो? — उस दिन न किसी मनुष्य से और न किसी प्रच्छन्न से उसके दोष के विषय में पूछा जाएगा।
فَإِذَا اَ۪نشَقَّتِ اِ۬لسَّمَآءُ فَكَانَتۡ وَرۡدَةٗ كَاَلدِّهَانِ فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ فَيَوۡمَئِذٖ لَّا يُسۡـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦ إِنسٞ وَلَا جَآنّٞ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
बहिष्कृत अपने निशानों से पहचाने जाएँगे, और वे माथे के बालों और पैरों से पकड़ लिए जाएँगे।
۞ يُعۡرَفُ اُ۬لۡمُجۡرِمُونَ بِسِيمٰۭهُمۡ فَيُوخَذُ بِالنَّوَٰصِي وَاَلۡأَقۡدَامِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
यह है जहन्नम जिसे बहिष्कृत झुठलाते थे; वे उसके और चरम तक खौलते पानी के बीच चक्कर लगाएँगे।
هَٰذِهِۦ جَهَنَّمُ اُ۬لَّتِي يُكَذِّب بِّهَا اَ۬لۡمُجۡرِمُونَ يَطُوفُونَ بَيۡنَهَا وَبَيۡنَ حَمِيمٍ ءَانٖ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
और जो अपने अभिभावक के सामने खड़े होने से डरा, उसके लिए दो उद्यान हैं — तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो? — बहुत-सी शाखाओं वाले।
وَلِمَنۡ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِۦ جَنَّتَانِ فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ ذَوَاتَا أَفۡنَانٖ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उन दोनों में दो बहते सोते हैं।
فِيهِمَا عَيۡنَانِ تَجۡرِيَانِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उन दोनों में हर स्वाद का एक जोड़ा है।
فِيهِمَا مِن كُلِّ فَٰكِهَةٖ زَوۡجَانِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
मोटे कमख़ाब के अस्तर वाले बिछौनों पर टेक लगाए हुए, दोनों उद्यानों की तुड़ाई हाथ की पहुँच में।
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ فُرُشِۢ بَطَآئِنُهَا مِنۡ إِسۡتَبۡرَقٖۚ وَجَنَى اَ۬لۡجَنَّتَيۡنِ دَانٖ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उनमें लजीली पलकों वाले प्राणी हैं, जिन्हें उनसे पहले किसी मनुष्य या प्रच्छन्न ने नहीं छुआ।
فِيهِنَّ قَٰصِرَٰتُ اُ۬لطَّرۡفِ لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
मानो वे माणिक और मूँगा हों।
كَأَنَّهُنَّ اَ۬لۡيَاقُوتُ وَاَلۡمَرۡجَانُ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
क्या भलाई का प्रतिफल भलाई के अतिरिक्त कुछ और है?
هَلۡ جَزَآءُ اُ۬لۡإِحۡسَٰنِ إِلَّا اَ۬لۡإِحۡسَٰنُ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
और उन दोनों से इधर दो और उद्यान हैं — तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो? — गहरे हरे रंग के।
وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ مُدۡهَآمَّتَانِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उन दोनों में दो उमड़ते सोते हैं।
فِيهِمَا عَيۡنَان نَّضَّاخَتَانِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उन दोनों में स्वाद, खजूर और अनार हैं।
فِيهِمَا فَٰكِهَةٞ وَنَخۡلٞ وَرُمَّانٞ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
उनमें अच्छे और सुंदर प्राणी हैं।
فِيهِنَّ خَيۡرَٰتٌ حِسَانٞ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
वार्ताकार, तंबुओं में रोके हुए।
۞ حُورٞ مَّقۡصُورَٰتٞ فِي اِ۬لۡخِيَامِ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
जिन्हें उनसे पहले किसी मनुष्य या प्रच्छन्न ने नहीं छुआ।
لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
हरे वस्त्रों और विशिष्ट गलीचों पर टेक लगाए हुए, सुंदर।
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ رَفۡرَفٍ خُضۡرٖ وَعَبۡقَرِيٍّ حِسَانٖ
तो तुम दोनों अपने अभिभावक के उपकारों में से किसे झुठलाते हो?
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
आशीषमय है तुम्हारे अभिभावक का नाम, जो प्रताप और गरिमा वाला है।
تَبَٰرَكَ اَ۪سۡمُ رَبِّكَ ذِي اِ۬لۡجَلَٰلِ وَاَلۡإِكۡرَامِ