الكافرون
Al-Kafirun
To Each His Law
Sura109
عم
पद6
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। कहो: “हे नकारने वालो! मैं उसकी आज्ञा का पालन नहीं करता जिसकी तुम आज्ञा का पालन करते हो, और तुम, तुम उसके आज्ञाकारी नहीं हो जिसकी मैं आज्ञा का पालन करता हूँ।
بِسْمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحْمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ قُلْ يَٰٓأَيُّهَا اَ۬لْكَٰفِرُونَ لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُۖ
और मैं, मैं उसका आज्ञाकारी नहीं हूँ जिसकी तुमने आज्ञा का पालन किया, और तुम, तुम उसके आज्ञाकारी नहीं हो जिसकी मैं आज्ञा का पालन करता हूँ।
وَلَآ أَنَا عَابِدٞ مَّا عَبَدتُّمْ وَلَآ أَنتُمْ عَٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُۖ
तुम्हारे लिए तुम्हारा विधान, और मेरे लिए मेरा विधान।”
لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِيَ دِينِۖ