الفلق
Al-Falaq
The Evils from Outside
Sura113
عم
पद5
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। कहो: “मैं स्वयं को भेदन के अभिभावक की छत्रछाया में रखता हूँ, उसके रचे हुए के अनिष्ट से, और जब वह पैठ जाए तो अँधेरे के अनिष्ट से, और गाँठों में फूँकने और बार-बार फूँकने वालियों के अनिष्ट से, और जब वह ईर्ष्या करे तो ईर्ष्यालु के अनिष्ट से।”
بِسْمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحْمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ قُلَ اَعُوذُ بِرَبِّ اِ۬لْفَلَقِ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ اِذَا وَقَبَ وَمِن شَرِّ اِ۬لنَّفَّٰثَٰتِ فِے اِ۬لْعُقَدِ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ اِذَا حَسَدَۖ