التين
At-Tin
The Fig
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। अंजीर और ज़ैतून की शपथ! और सिनाई पर्वत की! और इस सुरक्षित देश की! हमने मनुष्य को निश्चय ही सबसे सुंदर बनावट में रचा, फिर हमने उसे निम्नतम से भी निम्न तक वापस पहुँचा दिया, सिवा उनके जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए: उनके लिए एक पुरस्कार है जो उन्हें जताया नहीं जाएगा।
بِسْمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحْمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ وَالتِّينِ وَالزَّيْتُونِ وَطُورِ سِينِينَ وَهَٰذَا اَ۬لْبَلَدِ اِ۬لَامِينِ لَقَدْ خَلَقْنَا اَ۬لِانسَٰنَ فِےٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٖ ثُمَّ رَدَدْنَٰهُ أَسْفَلَ سَٰفِلِينَ إِلَّا اَ۬لذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ اُ۬لصَّٰلِحَٰتِ فَلَهُمُۥٓ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٖۖ
तो इसके बाद तुम्हें चुकौती को झुठलाने पर क्या विवश करता है?
فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدِّينِۖ
क्या ईश्वर निर्णय करने वालों में सबसे अधिक संतुलित नहीं है?
أَلَيْسَ اَ۬للَّهُ بِأَحْكَمِ اِ۬لْحَٰكِمِينَۖ