Al-Bayyina البينة
The Clear Proof البينة
The section and its links
The immense Information, the Day, then the “Say” suras (78, then 79-114)
Read the section from its beginning: sura 78
What was shown before: The immense Information is set out in 78. 78
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। ग्रंथ वालों और साझी ठहराने वालों में से जिन्होंने नकारा, वे तब तक उससे अलग होने वाले न थे जब तक उनके पास स्पष्ट प्रमाण न आ जाए:
بِسْمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحْمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ لَمْ يَكُنِ اِ۬لذِينَ كَفَرُواْ مِنَ اَهْلِ اِ۬لْكِتَٰبِ وَالْمُشْرِكِينَ مُنفَكِّينَ حَتَّىٰ تَاتِيَهُمُ اُ۬لْبَيِّنَةُۖ
ईश्वर की ओर से एक संदेशवाहक, जो शुद्ध किए हुए अभिलेख सुनाता है, जिनमें परिपूर्ण सीधेपन के लेख हैं।
رَسُولٞ مِّنَ اَ۬للَّهِ يَتْلُواْ صُحُفاٗ مُّطَهَّرَةٗ فِيهَا كُتُبٞ قَيِّمَةٞۖ
और जिन्हें ग्रंथ दिया गया था उनमें फूट तभी पड़ी जब उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ चुका था।
وَمَا تَفَرَّقَ اَ۬لذِينَ أُوتُواْ اُ۬لْكِتَٰبَ إِلَّا مِنۢ بَعْدِ مَا جَآءَتْهُمُ اُ۬لْبَيِّنَةُۖ
और उन्हें केवल यही आदेश दिया गया था कि वे ईश्वर की आज्ञा का पालन करें, विधान को अनन्य रूप से उसी को समर्पित करते हुए, पूरी तरह उसी की ओर मुड़े हुए, संपर्क बनाए रखें और शुद्ध उदारता दें।
وَمَآ أُمِرُوٓاْ إِلَّا لِيَعْبُدُواْ اُ۬للَّهَ مُخْلِصِينَ لَهُ اُ۬لدِّينَ حُنَفَآءَ وَيُقِيمُواْ اُ۬لصَّلَوٰةَ وَيُوتُواْ اُ۬لزَّكَوٰةَۖ
और यही सीधेपन का विधान है।
وَذَٰلِكَ دِينُ اُ۬لْقَيِّمَةِۖ
ग्रंथ वालों और साझी ठहराने वालों में से जिन्होंने नकारा वे निश्चय ही जहन्नम की आग में होंगे, उसमें सदा रहने के लिए। यही वे हैं जो अस्तित्व पाए हुओं में सबसे बुरे हैं।
إِنَّ اَ۬لذِينَ كَفَرُواْ مِنَ اَهْلِ اِ۬لْكِتَٰبِ وَالْمُشْرِكِينَ فِے ن۪ارِ جَهَنَّمَ خَٰلِدِينَ فِيهَآۖ أُوْلَٰٓئِكَ هُمْ شَرُّ اُ۬لْبَرِيَٓٔةِۖ
जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, यही वे हैं जो अस्तित्व पाए हुओं में सबसे बेहतर हैं।
إِنَّ اَ۬لذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ اُ۬لصَّٰلِحَٰتِ أُوْلَٰٓئِكَ هُمْ خَيْرُ اُ۬لْبَرِيَٓٔةِۖ
उनका प्रतिफल, उनके अभिभावक के पास, स्थायित्व के उद्यान होंगे जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, उनमें सदा, चिरकाल तक रहने के लिए।
جَزَآؤُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ جَنَّٰتُ عَدْنٖ تَجْرِے مِن تَحْتِهَا اَ۬لَانْهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَداٗۖ
ईश्वर उनसे संतुष्ट है, और वे उससे संतुष्ट हैं।
رَّضِيَ اَ۬للَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُواْ عَنْهُۖ
यह उसके लिए है जो अपने अभिभावक से भय रखता है।
ذَٰلِكَ لِمَنْ خَشِيَ رَبَّهُۥٓۖ