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القرآن

المنافقون

Al-Munafiqun

The Hypocrites

अध्याय 63 · 11 पद

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

63:1

जब पाखंडी तुम्हारे पास आते हैं, तो कहते हैं: “हम साक्ष्य देते हैं कि तुम अवश्य ईश्वर के संदेशवाहक हो।”

إِذَا جَآءَكَ ٱلْمُنَٰفِقُونَ قَالُوا۟ نَشْهَدُ إِنَّكَ لَرَسُولُ ٱللَّهِ

और ईश्वर जानता है कि तुम अवश्य उसके संदेशवाहक हो।

وَٱللَّهُ يَعْلَمُ إِنَّكَ لَرَسُولُهُۥ

और ईश्वर साक्ष्य देता है कि पाखंडी अवश्य झूठे हैं।

وَٱللَّهُ يَشْهَدُ إِنَّ ٱلْمُنَٰفِقِينَ لَكَٰذِبُونَ

63:2

उन्होंने अपनी शपथों को ढाल बना लिया, और ईश्वर की राह रोकी।

ٱتَّخَذُوٓا۟ أَيْمَٰنَهُمْ جُنَّةًۭ فَصَدُّوا۟ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ

कितना बुरा है वह जो वे करते थे!

إِنَّهُمْ سَآءَ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

63:3

यह इसलिए कि उन्होंने विश्वास किया, फिर नकारा; तब उनके मर्मों पर एक छाप लगा दी गई, इसलिए वे समझते नहीं।

ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ ءَامَنُوا۟ ثُمَّ كَفَرُوا۟ فَطُبِعَ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ فَهُمْ لَا يَفْقَهُونَ

63:4

और जब तुम उन्हें देखते हो, तो उनकी आकृतियाँ तुम्हें चकाचौंध कर देती हैं,

وَإِذَا رَأَيْتَهُمْ تُعْجِبُكَ أَجْسَامُهُمْ

63:4

और यदि वे कुछ कहते हैं, तो तुम उनका कथन सुनते हो; वे टिकाए हुए लकड़ी के लट्ठों जैसे हैं।

وَإِن يَقُولُوا۟ تَسْمَعْ لِقَوْلِهِمْ كَأَنَّهُمْ خُشُبٌۭ مُّسَنَّدَةٌۭ

63:4

वे हर चीख़ को अपने ही विरुद्ध समझते हैं।

يَحْسَبُونَ كُلَّ صَيْحَةٍ عَلَيْهِمْ

63:4

यही शत्रु हैं।

هُمُ ٱلْعَدُوُّ

उनसे चौकन्ने रहो।

فَٱحْذَرْهُمْ

ईश्वर उनसे लड़े!

قَٰتَلَهُمُ ٱللَّهُ

तो वे कैसे उलटे फेरे जा रहे हैं?

أَنَّىٰ يُؤْفَكُونَ

63:5

और जब उनसे कहा जाता है: “आओ, ईश्वर का संदेशवाहक तुम्हारे लिए क्षमा माँगे”, तो वे सिर घुमा लेते हैं, और तुम उन्हें पीछे हटते देखते हो, घमंड से फूले हुए।

وَإِذَا قِيلَ لَهُمْ تَعَالَوْا۟ يَسْتَغْفِرْ لَكُمْ رَسُولُ ٱللَّهِ لَوَّوْا۟ رُءُوسَهُمْ وَرَأَيْتَهُمْ يَصُدُّونَ وَهُم مُّسْتَكْبِرُونَ

उनके लिए बराबर है, चाहे तुम उनके लिए क्षमा माँगो या न माँगो।

سَوَآءٌ عَلَيْهِمْ أَسْتَغْفَرْتَ لَهُمْ أَمْ لَمْ تَسْتَغْفِرْ لَهُمْ

ईश्वर उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगा,

لَن يَغْفِرَ ٱللَّهُ لَهُمْ

63:6

क्योंकि ईश्वर अतिक्रमणकारियों की क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।

إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلْفَٰسِقِينَ

यही हैं जो कहते हैं: “जो ईश्वर के संदेशवाहक के पास हैं, उन पर कुछ ख़र्च मत करो, जब तक कि वे बिखर न जाएँ।”

هُمُ ٱلَّذِينَ يَقُولُونَ لَا تُنفِقُوا۟ عَلَىٰ مَنْ عِندَ رَسُولِ ٱللَّهِ حَتَّىٰ يَنفَضُّوا۟

जबकि आकाशों और धरती के भंडार ईश्वर के हैं,

وَلِلَّهِ خَزَآئِنُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ

परंतु पाखंडी समझते नहीं।

وَلَٰكِنَّ ٱلْمُنَٰفِقِينَ لَا يَفْقَهُونَ

63:8

वे कहते हैं: “यदि हम राजधानी लौटे, तो सबसे शक्तिशाली वहाँ से सबसे अपमानित को अवश्य निकाल देगा।”

يَقُولُونَ لَئِن رَّجَعْنَآ إِلَى ٱلْمَدِينَةِ لَيُخْرِجَنَّ ٱلْأَعَزُّ مِنْهَا ٱلْأَذَلَّ

63:8

जबकि शक्ति ईश्वर की है, उसके संदेशवाहक की, और विश्वास करने वालों की,

وَلِلَّهِ ٱلْعِزَّةُ وَلِرَسُولِهِۦ وَلِلْمُؤْمِنِينَ

परंतु पाखंडी जानते नहीं।

وَلَٰكِنَّ ٱلْمُنَٰفِقِينَ لَا يَعْلَمُونَ

हे विश्वास करने वालो! तुम्हारी संपत्ति और तुम्हारे बच्चे तुम्हारा ध्यान ईश्वर के स्मरण से न हटाएँ।

يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تُلْهِكُمْ أَمْوَٰلُكُمْ وَلَآ أَوْلَٰدُكُمْ عَن ذِكْرِ ٱللَّهِ

और जो ऐसा करे, वही घाटा उठाने वाले हैं।

وَمَن يَفْعَلْ ذَٰلِكَ فَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْخَٰسِرُونَ

63:10

और उसमें से ख़र्च करो जिससे हमने तुम्हें जीविका दी है, इससे पहले कि तुममें से किसी के पास मृत्यु आ जाए और वह तब कहे: “मेरे अभिभावक, काश आप मुझे एक निकट अवधि तक टाल देते, तो मैं दान करता और मैं भले जनों में से होता।”

وَأَنفِقُوا۟ مِن مَّا رَزَقْنَٰكُم مِّن قَبْلِ أَن يَأْتِىَ أَحَدَكُمُ ٱلْمَوْتُ فَيَقُولَ رَبِّ لَوْلَآ أَخَّرْتَنِىٓ إِلَىٰٓ أَجَلٍۢ قَرِيبٍۢ فَأَصَّدَّقَ وَأَكُن مِّنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

63:11

परंतु ईश्वर किसी स्व को कभी नहीं टालेगा जिसकी अवधि आ गई।

وَلَن يُؤَخِّرَ ٱللَّهُ نَفْسًا إِذَا جَآءَ أَجَلُهَا

63:11

और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।

وَٱللَّهُ خَبِيرٌۢ بِمَا تَعْمَلُونَ

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