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القرآن

الطارق

At-Tariq

The Night Comer

अध्याय 86 · 17 पद

86:1–4

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। आकाश और रात्रि-आगंतुक की शपथ! और तुम्हें क्या अंदाज़ा दिलाए कि रात्रि-आगंतुक क्या है? भेदती चमक वाला तारा। ऐसा कोई स्व नहीं जिस पर कोई रक्षक न हो।

بِسْمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحْمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ وَالسَّمَآءِ وَالطَّارِقِ وَمَآ أَدْر۪يٰكَ مَا اَ۬لطَّارِقُ اُ۬لنَّجْمُ اُ۬لثَّاقِبُ إِن كُلُّ نَفْسٖ لَّمَا عَلَيْهَا حَافِظٞۖ

तो मनुष्य नज़र डाले कि वह किस चीज़ से रचा गया है।

فَلْيَنظُرِ اِ۬لِانسَٰنُ مِمَّ خُلِقَۖ

86:6–7

वह एक उछलते पानी से रचा गया है, जो कमर और वक्ष के बीच से निकलता है।

خُلِقَ مِن مَّآءٖ دَافِقٖ يَخْرُجُ مِنۢ بَيْنِ اِ۬لصُّلْبِ وَالتَّرَآئِبِۖ

वह उसे लौटाने का सामर्थ्य अवश्य रखता है, उस दिन जब रहस्य परखे जाएँगे; तब उसके पास न बल होगा न सहायता।

إِنَّهُۥ عَلَىٰ رَجْعِهِۦ لَقَادِرٞ يَوْمَ تُبْلَى اَ۬لسَّرَآئِرُ فَمَا لَهُۥ مِن قُوَّةٖ وَلَا نَاصِرٖۖ

86:11–14

लौटाने वाले आकाश की शपथ! और फटने वाली धरती की! यह अवश्य अलग करने वाला कथन है, और यह कोई खिलवाड़ नहीं।

وَالسَّمَآءِ ذَاتِ اِ۬لرَّجْعِ وَالَارْضِ ذَاتِ اِ۬لصَّدْعِ إِنَّهُۥ لَقَوْلٞ فَصْلٞ وَمَا هُوَ بِالْهَزْلِۖ

वे निश्चय ही एक चाल चलते हैं, और मैं एक चाल चलता हूँ।

إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْداٗ وَأَكِيدُ كَيْداٗۖ

86:17

तो नकारने वालों को अवकाश दो, उन्हें थोड़ा अवकाश दो।

فَمَهِّلِ اِ۬لْكٰ۪فِرِينَ أَمْهِلْهُمْ رُوَيْداٗۖ

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