القصص
Al-Qasas
The Story
Section VThe example · exposition
“These are the signs of the explicit Scripture”: Moussa facing the power of Fir'awn
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
ता. सीन. मीम.
طسم
ये स्पष्ट ग्रंथ के संकेत हैं।
تلك ايت الكتب المبين
हम तुम्हें पूर्ण सत्य के साथ मूसा और फ़िरऔन की सूचना का एक भाग सुनाते हैं, उस क़ौम के लिए जो विश्वास करती है।
نتلوا عليك من نبا موسي وفرعون بالحق لقوم يومنون
फ़िरऔन धरती पर ऊँचा उठा और उसने वहाँ के निवासियों को गुटों में बाँट दिया; वह उनमें से एक समूह को कमज़ोर करता था, उनके बेटों का गला रेतते हुए और उनकी स्त्रियों की लज्जा पर आघात करते हुए,
ان فرعون علا في الارض وجعل اهلها شيعا يستضعف طايفه منهم يذبح ابناهم ويستحي نساهم
क्योंकि वह बिगाड़ने वालों में से था।
انه كان من المفسدين
और हम चाहते थे कि जो धरती पर कमज़ोर किए गए थे उन पर कृपा करें, उन्हें मार्गदर्शक बनाएँ, उन्हें उत्तराधिकारी बनाएँ, उन्हें धरती पर दृढ़ता से स्थापित करें, और उनके द्वारा फ़िरऔन, हामान और उनकी सेनाओं को वह दिखाएँ जिससे वे आशंकित थे।
ونريد ان نمن علي الذين استضعفوا في الارض ونجعلهم ايمه ونجعلهم الورثين ونمكن لهم في الارض ونري فرعون وهمن وجنودهما منهم ما كانوا يحذرون
और हमने मूसा की माँ के मन में प्रकट किया: “उसकी देखभाल का ज़िम्मा लो; और जब तुम्हें उसके लिए डर लगे, उसे लहर में डाल दो, डर और दुख के बिना,
واوحينا الي ام موسي ان ارضعيه فاذا خفت عليه فالقيه في اليم ولا تخافي ولا تحزني
क्योंकि हम उसे तुम्हारे पास वापस पहुँचाएँगे और उसे भेजे गए जनों में से एक बनाएँगे।”
انا رادوه اليك وجاعلوه من المرسلين
फ़िरऔन के कुल ने उसे निकाल लिया, ताकि अंततः वह उनके लिए शत्रु और दुख का कारण बने,
فالتقطه ال فرعون ليكون لهم عدوا وحزنا
क्योंकि फ़िरऔन, हामान और उनकी सेनाएँ भूल करने वाली थीं।
ان فرعون وهمن وجنودهما كانوا خطين
और फ़िरऔन की पत्नी ने कहा: “मेरी और तुम्हारी आँखों का ठहराव; उसे मार मत डालो;
وقالت امرات فرعون قرت عين لي ولك لا تقتلوه
संभव है कि वह हमारे काम आए, या हम उसे संतान के रूप में अपना लें।” उन्हें आभास नहीं था।
عسي ان ينفعنا او نتخذه ولدا وهم لا يشعرون
और मूसा की माँ की चेतना रिक्त हो गई; यदि हमने उसके मर्म को बाँधा न होता तो वह उसे अवश्य सामने ले आती, ताकि वह विश्वास करने वालों में से हो।
واصبح فواد ام موسي فرغا ان كادت لتبدي به لولا ان ربطنا علي قلبها لتكون من المومنين
और उसने उसकी बहन से कहा: “उसके पीछे-पीछे जाओ।” उसने उसे दूर से स्पष्ट देखा, और उन्हें आभास नहीं था।
وقالت لاخته قصيه فبصرت به عن جنب وهم لا يشعرون
और हमने उस पर पहले से किसी और की हर देखभाल वर्जित कर दी थी; तब उसने कहा: “क्या तुम चाहते हो कि मैं तुम्हें एक ऐसे परिवार का पता दूँ जो तुम्हारे लिए उसकी देखभाल करेगा, और उसके प्रति निष्कपट होगा?”
وحرمنا عليه المراضع من قبل فقالت هل ادلكم علي اهل بيت يكفلونه لكم وهم له نصحون
इस प्रकार हमने उसे उसकी माँ के पास वापस पहुँचाया, ताकि उसकी आँखें ठहर जाएँ, वह दुखी न हो, और वह जान ले कि ईश्वर का वादा सच है —
فرددنه الي امه كي تقر عينها ولا تحزن ولتعلم ان وعد الله حق
परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।
ولكن اكثرهم لا يعلمون
जब वह अपनी पूर्ण परिपक्वता को पहुँचा और स्थिर हो गया, हमने उसे निर्णय और ज्ञान दिया —
ولما بلغ اشده واستوي اتينه حكما وعلما
इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को प्रतिफल देते हैं।
وكذلك نجزي المحسنين
और वह राजधानी के निवासियों के अनवधान के क्षण में उसमें प्रविष्ट हुआ, और उसने वहाँ दो पुरुषों को लड़ते पाया: एक उसके अपने पक्ष का, दूसरा उसके शत्रुओं का।
ودخل المدينه علي حين غفله من اهلها فوجد فيها رجلين يقتتلان هذا من شيعته وهذا من عدوه
उसके पक्ष वाले ने शत्रुओं वाले के विरुद्ध उसे बचाव के लिए पुकारा; मूसा ने उसे मुक्के से मारा और उसका अंत कर दिया।
فاستغثه الذي من شيعته علي الذي من عدوه فوكزه موسي فقضي عليه
उसने कहा: “यह बहकाने वाले का काम है;
قال هذا من عمل الشيطن
वह निश्चय ही शत्रु है, स्पष्ट भटकाने वाला।”
انه عدو مضل مبين
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मैंने निश्चय ही अपने पर अन्याय किया है; मुझे क्षमा कर दीजिए।”
قال رب اني ظلمت نفسي فاغفر لي
उसने उसे क्षमा कर दिया,
فغفر له
क्योंकि वही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
انه هو الغفور الرحيم
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, उस उपकार के कारण जो आपने मुझ पर किया, मैं कभी बहिष्कृतों का समर्थक नहीं बनूँगा।”
قال رب بما انعمت علي فلن اكون ظهيرا للمجرمين
उसने स्वयं को राजधानी में पाया, डरा हुआ, चौकन्ना; और देखो, जिसने कल उससे सहायता माँगी थी, वह फिर उसे बचाव के लिए पुकार रहा था।
فاصبح في المدينه خايفا يترقب فاذا الذي استنصره بالامس يستصرخه
मूसा ने उससे कहा: “तुम अवश्य एक स्पष्ट दिशाहीन व्यक्ति हो।”
قال له موسي انك لغوي مبين
फिर, जब उसने उसे धर दबोचना चाहा जो उन दोनों का शत्रु था, उसने कहा: “हे मूसा, क्या तुम मुझे मार डालना चाहते हो जैसे तुमने कल एक स्व को मार डाला?
فلما ان اراد ان يبطش بالذي هو عدو لهما قال يموسي اتريد ان تقتلني كما قتلت نفسا بالامس
तुम तो केवल धरती पर अत्याचारी बनना चाहते हो, और तुम सुधार करने वालों में से होना नहीं चाहते।”
ان تريد الا ان تكون جبارا في الارض وما تريد ان تكون من المصلحين
और एक पुरुष राजधानी के दूर छोर से तेज़ क़दमों से आया।
وجا رجل من اقصا المدينه يسعي
उसने कहा: “हे मूसा, दरबार तुम्हें मार डालने के लिए तुम्हारे विरुद्ध मंत्रणा कर रहा है; निकल जाओ, मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए निष्कपट सलाहकार हूँ।”
قال يموسي ان الملا ياتمرون بك ليقتلوك فاخرج اني لك من النصحين
वह वहाँ से निकला, डरा हुआ, चौकन्ना,
فخرج منها خايفا يترقب
और उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मुझे अन्यायी क़ौम से उबार लीजिए।”
قال رب نجني من القوم الظلمين
जब वह मदयन की ओर बढ़ा, उसने कहा: “संभव है कि मेरा अभिभावक मुझे ठीक राह पर मार्ग दिखाए।”
ولما توجه تلقا مدين قال عسي ربي ان يهديني سوا السبيل
जब वह मदयन के पानी पर पहुँचा, उसने वहाँ पानी पिलाते पुरुषों का एक समुदाय पाया, और उनसे अलग दो स्त्रियाँ पाईं जो अपने झुंड को रोके हुए थीं।
ولما ورد ما مدين وجد عليه امه من الناس يسقون ووجد من دونهم امراتين تذودان
उसने कहा: “तुम दोनों की क्या स्थिति है?”
قال ما خطبكما
उन दोनों ने कहा: “हम तभी पानी पिलाती हैं जब चरवाहे चले जाते हैं; और हमारे पिता अत्यंत वृद्ध हैं।”
قالتا لا نسقي حتي يصدر الرعا وابونا شيخ كبير
उसने उनके लिए पानी पिलाया, फिर छाया में चला गया और उसने कहा: “मेरे अभिभावक, आप मेरी ओर जो भी अच्छाई उतारें, मैं निश्चय ही उसका बहुत ज़रूरतमंद हूँ।”
فسقي لهما ثم تولي الي الظل فقال رب اني لما انزلت الي من خير فقير
उन दोनों में से एक संकोच भरी लज्जा के साथ चलती हुई उसके पास आई।
فجاته احديهما تمشي علي استحيا
उसने कहा: “मेरे पिता तुम्हें बुलाते हैं, ताकि हमारे लिए पानी पिलाने पर तुम्हारे पुरस्कार का प्रतिफल तुम्हें दें।”
قالت ان ابي يدعوك ليجزيك اجر ما سقيت لنا
जब वह उसके पास आया और उसने उसे अपना वृत्तांत बताया, तो उसने कहा: “डरो मत, तुम अन्यायी क़ौम से बच निकले हो।”
فلما جاه وقص عليه القصص قال لا تخف نجوت من القوم الظلمين
उनमें से एक ने कहा: “हे मेरे पिता, इसे काम पर रख लो;
قالت احديهما يابت استجره
क्योंकि सबसे बेहतर जिसे तुम काम पर रख सकते हो वह है जो बलवान और भरोसेमंद हो।”
ان خير من استجرت القوي الامين
उसने कहा: “मैं चाहता हूँ कि अपनी इन दो बेटियों में से एक के साथ तुम्हारा विवाह कर दूँ, इस शर्त पर कि तुम आठ साल तक मेरी सेवा करो;
قال اني اريد ان انكحك احدي ابنتي هتين علي ان تاجرني ثمني حجج
और यदि तुम दस पूरे करो, तो वह तुम्हारी ओर से होगा;
فان اتممت عشرا فمن عندك
और मैं तुम पर कोई दबाव डालना नहीं चाहता —
وما اريد ان اشق عليك
तुम मुझे, यदि ईश्वर की मर्ज़ी हो, भलों में से पाओगे।”
ستجدني ان شا الله من الصلحين
उसने कहा: “यह तय रहा, तुम्हारे और मेरे बीच;
قال ذلك بيني وبينك
दोनों अवधियों में से जो भी मैं पूरी करूँ, मेरे विरुद्ध कोई वैर न हो;
ايما الاجلين قضيت فلا عدون علي
और जो हम कहते हैं उस पर ईश्वर मुख़्तार है।”
والله علي ما نقول وكيل
जब मूसा ने अवधि पूरी कर ली और वह अपने परिवार के साथ चल पड़ा, तो उसने पर्वत की बगल से एक आग देखी।
فلما قضي موسي الاجل وسار باهله انس من جانب الطور نارا
उसने अपने परिवार से कहा: “यहीं ठहरो, क्योंकि मैंने एक आग देखी है; शायद मैं तुम्हारे लिए उसकी कोई ख़बर, या एक सुलगता कोयला ले आऊँ, शायद तुम ताप सको।”
قال لاهله امكثوا اني انست نارا لعلي اتيكم منها بخبر او جذوه من النار لعلكم تصطلون
जब वह वहाँ पहुँचा, उसे घाटी के दाहिने किनारे से, आशीषित स्थान में, वृक्ष की ओर से पुकारा गया: “हे मूसा, मैं ही निश्चय ही ईश्वर हूँ, सभी प्राणियों का अभिभावक! और अपनी लाठी फेंक दो।”
فلما اتيها نودي من شطي الواد الايمن في البقعه المبركه من الشجره ان يموسي اني انا الله رب العلمين وان الق عصاك
जब उसने उसे थरथराते देखा मानो वह कोई प्रच्छन्न हो, तो वह पीठ फेरकर भागा और पीछे मुड़कर नहीं आया।
فلما راها تهتز كانها جان ولي مدبرا ولم يعقب
“हे मूसा, सामने आओ और डरो मत;
يموسي اقبل ولا تخف
क्योंकि तुम सुरक्षित रहने वालों में से हो।
انك من الامنين
अपना हाथ अपने सीने के खुले भाग में डालो, वह श्वेत निकलेगा, किसी बुराई के बिना;
اسلك يدك في جيبك تخرج بيضا من غير سو
और अपना पंख अपनी ओर समेट लो, आदर-भाव के प्रतिकार में।
واضمم اليك جناحك من الرهب
ये हैं तुम्हारे अभिभावक की ओर से फ़िरऔन और उसके दरबार के लिए दो प्रमाण;
فذنك برهنان من ربك الي فرعون وملايه
क्योंकि वे अतिक्रमणकारियों की क़ौम थे।”
انهم كانوا قوما فسقين
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मैंने निश्चय ही उनमें से एक स्व को मार डाला है और मुझे डर है कि वे मुझे मार डालेंगे; और मेरा भाई हारून मुझसे अधिक स्पष्ट ज़बान वाला है — उसे मेरे साथ अतिरिक्त बल के रूप में भेजिए जो मुझे सच्चा ठहराए;
قال رب اني قتلت منهم نفسا فاخاف ان يقتلون واخي هرون هو افصح مني لسانا فارسله معي ردا يصدقني
क्योंकि मुझे डर है कि वे मुझे झुठलाएँगे।”
اني اخاف ان يكذبون
उसने कहा: “हम तुम्हारी भुजा को तुम्हारे भाई से सुदृढ़ करेंगे, और तुम दोनों के लिए एक अधिकार ठहराएँगे, ताकि वे तुम तक न पहुँच सकें — हमारे संकेतों के कारण,
قال سنشد عضدك باخيك ونجعل لكما سلطنا فلا يصلون اليكما بايتنا
तुम दोनों, और तुम्हारे पीछे चलने वाले, विजेता होंगे।”
انتما ومن اتبعكما الغلبون
जब मूसा उनके पास हमारे स्पष्ट संकेत लेकर आया, उन्होंने कहा: “यह तो केवल गढ़ा हुआ भ्रम है; हमने अपने पहले पूर्वजों में इसके बारे में कभी नहीं सुना।”
فلما جاهم موسي بايتنا بينت قالوا ما هذا الا سحر مفتري وما سمعنا بهذا في اباينا الاولين
और मूसा ने कहा: “मेरा अभिभावक सबसे अच्छी तरह जानता है कि कौन उसकी ओर से मार्गदर्शन लेकर आता है, और किसके पास उस ठिकाने का परिणाम आएगा,
وقال موسي ربي اعلم بمن جا بالهدي من عنده ومن تكون له عقبه الدار
क्योंकि अन्यायी सफल नहीं होते।”
انه لا يفلح الظلمون
और फ़िरऔन ने कहा: “हे दरबार, मैं तुम्हारे लिए अपने सिवा कोई देवता नहीं जानता। तो मेरे लिए चिकनी मिट्टी पर आग जलाओ, हे हामान, और मेरे लिए एक अवलोकन-मंडप बनाओ, शायद मैं ऊपर चढ़कर मूसा के देवता को देख लूँ; मैं अवश्य अनुमान लगाता हूँ कि वह झूठों में से है।”
وقال فرعون يايها الملا ما علمت لكم من اله غيري فاوقد لي يهمن علي الطين فاجعل لي صرحا لعلي اطلع الي اله موسي واني لاظنه من الكذبين
और वह, और उसकी सेनाएँ, धरती पर बिना किसी हक़ के घमंड से फूल गए, और उन्होंने अनुमान लगाया कि वे कभी हमारी ओर लौटाए नहीं जाएँगे।
واستكبر هو وجنوده في الارض بغير الحق وظنوا انهم الينا لا يرجعون
हमने उसे और उसकी सेनाओं को पकड़ा और उन्हें लहर में फेंक दिया —
فاخذنه وجنوده فنبذنهم في اليم
तो नज़र डालो कि अन्यायियों का परिणाम कैसा रहा।
فانظر كيف كان عقبه الظلمين
और हमने उन्हें ऐसे मार्गदर्शक बनाया जो आग की ओर बुलाते हैं,
وجعلنهم ايمه يدعون الي النار
और पेशी के दिन उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
ويوم القيمه لا ينصرون
और हमने इस निकट जीवन में उनके पीछे एक धिक्कार लगा दिया,
واتبعنهم في هذه الدنيا لعنه
और पेशी के दिन वे विकृत चेहरे वालों में होंगे।
ويوم القيمه هم من المقبوحين
हमने निश्चय ही मूसा को ग्रंथ दिया, पहली पीढ़ियों को नष्ट करने के बाद, लोगों के लिए आलोक के रूप में, मार्गदर्शन और दया, शायद वे स्मरण करें।
ولقد اتينا موسي الكتب من بعد ما اهلكنا القرون الاولي بصاير للناس وهدي ورحمه لعلهم يتذكرون
तुम पश्चिमी बगल पर नहीं थे जब हमने मूसा के लिए आदेश तय किया,
وما كنت بجانب الغربي اذ قضينا الي موسي الامر
तुम साक्षी बनने वालों में नहीं थे।
وما كنت من الشهدين
परंतु हमने पीढ़ियाँ उत्पन्न कीं, और उनके लिए जीवन लंबा हो गया;
ولكنا انشانا قرونا فتطاول عليهم العمر
और तुम मदयन वालों के बीच नहीं रहते थे, उन्हें हमारे संकेत सुनाते हुए,
وما كنت ثاويا في اهل مدين تتلوا عليهم ايتنا
परंतु हमने ही तुम्हें भेजा है।
ولكنا كنا مرسلين
तुम पर्वत की बगल में भी नहीं थे जब हमने उसे पुकारा;
وما كنت بجانب الطور اذ نادينا
परंतु यह तुम्हारे अभिभावक की ओर से दया है, ताकि तुम उस क़ौम को चेतावनी दो जिसके पास तुमसे पहले कोई चेतावनी देने वाला नहीं आया, इस आशा में कि वे स्मरण करेंगे।
ولكن رحمه من ربك لتنذر قوما ما اتيهم من نذير من قبلك لعلهم يتذكرون
और यदि, जब उन पर कोई विपत्ति आती है उसके कारण जो उनके हाथों ने आगे बढ़ाया, वे यह न कहते: “हमारे अभिभावक, आपने हमारी ओर कोई संदेशवाहक क्यों नहीं भेजा? हम आपके संकेतों का अनुसरण करते और विश्वास करने वालों में से होते” —
ولولا ان تصيبهم مصيبه بما قدمت ايديهم فيقولوا ربنا لولا ارسلت الينا رسولا فنتبع ايتك ونكون من المومنين
जब सत्य हमारी ओर से उनके पास आया, उन्होंने कहा: “उसे उसके समान क्यों नहीं दिया गया जो मूसा को दिया गया!”
فلما جاهم الحق من عندنا قالوا لولا اوتي مثل ما اوتي موسي
क्या उन्होंने उसे नहीं नकारा जो मूसा को पहले दिया गया था?
اولم يكفروا بما اوتي موسي من قبل
उन्होंने कहा: “दो भ्रम जो एक-दूसरे का समर्थन करते हैं!”
قالوا سحران تظهرا
और उन्होंने कहा: “हम निश्चय ही इस सबको नकारते हैं।”
وقالوا انا بكل كفرون
कहो: “तो ईश्वर के पास से कोई ग्रंथ लाओ जो इन दोनों से अधिक मार्गदर्शन देने वाला हो, मैं उसका अनुसरण करूँगा, यदि तुम सच्चे हो।”
قل فاتوا بكتب من عند الله هو اهدي منهما اتبعه ان كنتم صدقين
यदि वे तुम्हें उत्तर नहीं देते, तो जान लो कि वे केवल अपनी भावनाओं का अनुसरण करते हैं —
فان لم يستجيبوا لك فاعلم انما يتبعون اهواهم
और उससे अधिक भटका हुआ कौन है जो ईश्वर के मार्गदर्शन के बिना अपनी भावना का अनुसरण करता है?
ومن اضل ممن اتبع هويه بغير هدي من الله
क्योंकि ईश्वर अन्यायी क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।
ان الله لا يهدي القوم الظلمين
हमने निश्चय ही उन तक कथन बिना विच्छेद के पहुँचाया है, शायद वे स्मरण करें।
ولقد وصلنا لهم القول لعلهم يتذكرون
जिन्हें हमने इससे पहले ग्रंथ दिया वे उस पर विश्वास करते हैं;
الذين اتينهم الكتب من قبله هم به يومنون
और जब वह उन्हें सुनाया जाता है, वे कहते हैं: “हम उस पर विश्वास करते हैं; यह निश्चय ही हमारे अभिभावक की ओर से आया सत्य है; हम उससे पहले ही ईश्वर के प्रति खरे थे।”
واذا يتلي عليهم قالوا امنا به انه الحق من ربنا انا كنا من قبله مسلمين
इन्हें इनका पुरस्कार दो बार मिलेगा, इसलिए कि वे धैर्यवान रहे, बुराई को भलाई से टाला, और उसमें से ख़र्च किया जो हमने उन्हें जीविका में दिया।
اوليك يوتون اجرهم مرتين بما صبروا ويدرون بالحسنه السييه ومما رزقنهم ينفقون
और जब वे व्यर्थ बात सुनते हैं, उससे कतरा जाते हैं और कहते हैं: “हमारे लिए हमारे कर्म, तुम्हारे लिए तुम्हारे; तुम पर शांति हो, हम अज्ञानियों को नहीं खोजते।”
واذا سمعوا اللغو اعرضوا عنه وقالوا لنا اعملنا ولكم اعملكم سلم عليكم لا نبتغي الجهلين
तुम निश्चय ही उसे मार्ग नहीं दिखाते जिससे तुम प्रेम करते हो;
انك لا تهدي من احببت
पर ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे मार्ग दिखाता है,
ولكن الله يهدي من يشا
और वह सबसे अच्छी तरह जानता है उन्हें जो मार्गदर्शन पाते हैं।
وهو اعلم بالمهتدين
और उन्होंने कहा: “यदि हम तुम्हारे साथ मार्गदर्शन का अनुसरण करें, तो हम अपनी धरती से उखाड़ लिए जाएँगे।”
وقالوا ان نتبع الهدي معك نتخطف من ارضنا
क्या हमने उन्हें एक अलंघनीय और सुरक्षित स्थान में दृढ़ता से स्थापित नहीं किया, जहाँ हर चीज़ के फल खिंचे चले आते हैं, स्वयं हमारी ओर से जीविका के रूप में?
اولم نمكن لهم حرما امنا يجبي اليه ثمرت كل شي رزقا من لدنا
परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।
ولكن اكثرهم لا يعلمون
हमने कितनी बस्तियाँ नष्ट कीं, जो अपने ही अस्तित्व के नशे में थीं!
وكم اهلكنا من قريه بطرت معيشتها
ये हैं उनके आवास, जो उनके बाद फिर आबाद नहीं हुए, बहुत थोड़े के सिवा — और उत्तराधिकारी हम ही थे।
فتلك مسكنهم لم تسكن من بعدهم الا قليلا وكنا نحن الورثين
तुम्हारा अभिभावक बस्तियों को कभी नष्ट नहीं करता, जब तक उनके महानगर में एक संदेशवाहक न उठा ले जो उन्हें हमारे संकेत सुनाए;
وما كان ربك مهلك القري حتي يبعث في امها رسولا يتلوا عليهم ايتنا
हमने बस्तियों को कभी नष्ट नहीं किया, केवल तब जब वहाँ के निवासी अन्यायी थे।
وما كنا مهلكي القري الا واهلها ظلمون
जो कुछ तुम्हें दिया गया है वह केवल निकट जीवन का उपभोग और उसकी शोभा है;
وما اوتيتم من شي فمتع الحيوه الدنيا وزينتها
जो ईश्वर के पास है वह बेहतर और अधिक स्थायी है।
وما عند الله خير وابقي
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
افلا تعقلون
क्या वह जिससे हमने एक सुंदर वादा किया और जो उसे पाएगा, उसके समान है जिसे हमने निकट जीवन का उपभोग कराया, और जो फिर पेशी के दिन लाए गए जनों में से होगा?
افمن وعدنه وعدا حسنا فهو لقيه كمن متعنه متع الحيوه الدنيا ثم هو يوم القيمه من المحضرين
और जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा और कहेगा: “मेरे साझीदार कहाँ हैं, जिनका तुम दावा करते थे?”
ويوم يناديهم فيقول اين شركاي الذين كنتم تزعمون
जिन पर कथन सिद्ध हो चुका होगा वे कहेंगे: “हमारे अभिभावक, ये हैं वे जिन्हें हमने दिशाहीन किया; हमने उन्हें दिशाहीन किया जैसे हम स्वयं दिशाहीन हुए;
قال الذين حق عليهم القول ربنا هولا الذين اغوينا اغوينهم كما غوينا
हम आपके सामने स्वयं को बरी घोषित करते हैं;
تبرانا اليك
वे हमारी आज्ञा का पालन नहीं करते थे।”
ما كانوا ايانا يعبدون
और कहा जाएगा: “अपने साझीदारों को बुलाओ।” वे उन्हें बुलाएँगे, परंतु वे उन्हें उत्तर नहीं देंगे; वे दंड देखेंगे — यदि वे केवल मार्गदर्शन पा लेते...
وقيل ادعوا شركاكم فدعوهم فلم يستجيبوا لهم وراوا العذاب لو انهم كانوا يهتدون
और जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा और कहेगा: “तुमने भेजे गए जनों को क्या उत्तर दिया?”
ويوم يناديهم فيقول ماذا اجبتم المرسلين
उस दिन सूचनाएँ उनके लिए धुँधली हो जाएँगी, और वे आपस में नहीं पूछेंगे।
فعميت عليهم الانبا يوميذ فهم لا يتسالون
जहाँ तक उसकी बात है जिसने पश्चात्ताप किया, विश्वास किया और एक भला कर्म किया, संभव है कि वह सफल होने वालों में से हो।
فاما من تاب وامن وعمل صلحا فعسي ان يكون من المفلحين
तुम्हारा अभिभावक जो उसकी मर्ज़ी हो, रचता है और चुनाव करता है;
وربك يخلق ما يشا ويختار
चुनाव उनके हाथ में नहीं है।
ما كان لهم الخيره
ईश्वर की महिमा हो, वह उससे बहुत ऊपर है जिसे वे उसका साझी ठहराते हैं।
سبحن الله وتعلي عما يشركون
तुम्हारा अभिभावक जानता है जो उनके सीने छिपाए रखते हैं और जो वे उजागर करते हैं।
وربك يعلم ما تكن صدورهم وما يعلنون
वही ईश्वर है; उसके सिवा कोई देवता नहीं;
وهو الله لا اله الا هو
उसी के लिए प्रशंसा है, पहली में भी और अंतिम में भी;
له الحمد في الاولي والاخره
और उसी का निर्णय है,
وله الحكم
और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।
واليه ترجعون
कहो: “क्या तुम देखते हो: यदि ईश्वर तुम्हारे लिए पेशी के दिन तक निरंतर रात कर दे, तो ईश्वर से भिन्न कौन-सा देवता तुम्हारे पास उजाला ले आएगा?
قل اريتم ان جعل الله عليكم اليل سرمدا الي يوم القيمه من اله غير الله ياتيكم بضيا
तो क्या तुम सुनते नहीं?”
افلا تسمعون
कहो: “क्या तुम देखते हो: यदि ईश्वर तुम्हारे लिए पेशी के दिन तक निरंतर दिन कर दे, तो ईश्वर से भिन्न कौन-सा देवता तुम्हारे पास रात ले आएगा जिसमें तुम विश्राम करो?
قل اريتم ان جعل الله عليكم النهار سرمدا الي يوم القيمه من اله غير الله ياتيكم بليل تسكنون فيه
तो क्या तुम स्पष्ट नहीं देखते?”
افلا تبصرون
और उसी ने अपनी दया से तुम्हारे लिए रात और दिन बनाए, ताकि तुम विश्राम करो और उसके अनुग्रह में से खोजो, और शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
ومن رحمته جعل لكم اليل والنهار لتسكنوا فيه ولتبتغوا من فضله ولعلكم تشكرون
और जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा और कहेगा: “मेरे साझीदार कहाँ हैं, जिनका तुम दावा करते थे?”
ويوم يناديهم فيقول اين شركاي الذين كنتم تزعمون
और हम हर समुदाय से एक साक्षी खींच निकालेंगे, और कहेंगे: “अपना प्रमाण लाओ।” तब वे जान लेंगे कि सत्य ईश्वर का है, और जो वे गढ़ते थे वह भटककर उनसे दूर हो जाएगा।
ونزعنا من كل امه شهيدا فقلنا هاتوا برهنكم فعلموا ان الحق لله وضل عنهم ما كانوا يفترون
क़ारून मूसा की क़ौम से था; उसने उन पर ज़्यादतियाँ कीं —
ان قرون كان من قوم موسي فبغي عليهم
और हमने उसे ख़ज़ानों में से इतना कुछ दिया था कि उनकी केवल चाबियाँ ही बल रखने वाले पुरुषों की एक पूरी टोली के लिए अवश्य भारी पड़ती थीं।
واتينه من الكنوز ما ان مفاتحه لتنوا بالعصبه اولي القوه
तब उसकी क़ौम ने उससे कहा: “इतराओ मत, क्योंकि ईश्वर इतराने वालों से प्रेम नहीं करता;
اذ قال له قومه لا تفرح ان الله لا يحب الفرحين
बल्कि जो ईश्वर ने तुम्हें दिया है उसमें अंतिम ठिकाना खोजो,
وابتغ فيما اتيك الله الدار الاخره
पर निकट जीवन का अपना हिस्सा भूलो भी मत;
ولا تنس نصيبك من الدنيا
और भलाई करो जैसे ईश्वर ने तुम्हारे साथ भलाई की,
واحسن كما احسن الله اليك
और धरती पर बिगाड़ मत खोजो;
ولا تبغ الفساد في الارض
क्योंकि ईश्वर बिगाड़ने वालों से प्रेम नहीं करता।”
ان الله لا يحب المفسدين
उसने कहा: “यह मुझे केवल उस ज्ञान के आधार पर दिया गया है जो मेरा अपना है।”
قال انما اوتيته علي علم عندي
क्या वह नहीं जानता था कि ईश्वर ने उससे पहले ऐसी पीढ़ियाँ नष्ट कर दी थीं जो बल में उससे बढ़कर थीं और अधिक जमा करती थीं?
اولم يعلم ان الله قد اهلك من قبله من القرون من هو اشد منه قوه واكثر جمعا
और बहिष्कृतों से उनके दोषों के बारे में पूछा नहीं जाएगा।
ولا يسل عن ذنوبهم المجرمون
वह अपनी क़ौम के सामने अपनी पूरी शोभा में निकला।
فخرج علي قومه في زينته
जो निकट जीवन चाहते हैं, उन्होंने कहा: “काश हमारे पास भी वैसा होता जैसा क़ारून को दिया गया! उसके पास अवश्य एक विशाल हिस्सा है।”
قال الذين يريدون الحيوه الدنيا يليت لنا مثل ما اوتي قرون انه لذو حظ عظيم
परंतु जिन्हें ज्ञान दिया गया था उन्होंने कहा: “हाय तुम पर! ईश्वर का प्रतिदान उसके लिए बेहतर है जो विश्वास करता है और भला कर्म करता है;
وقال الذين اوتوا العلم ويلكم ثواب الله خير لمن امن وعمل صلحا
और इसे केवल धैर्य रखने वाले ही पाते हैं।”
ولا يلقيها الا الصبرون
हमने धरती से उसे निगलवा दिया, उसे और उसके ठिकाने को;
فخسفنا به وبداره الارض
उसके पास कोई टुकड़ी नहीं थी जो ईश्वर के अतिरिक्त उसकी सहायता करती,
فما كان له من فيه ينصرونه من دون الله
और वह स्वयं की सहायता करने वालों में से नहीं था।
وما كان من المنتصرين
और जिन्होंने कल उसकी जगह की इच्छा की थी वे कहने लगे: “आह! तो ईश्वर अपने आज्ञाकारियों में से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए जीविका फैला देता है, और नापकर देता है!
واصبح الذين تمنوا مكانه بالامس يقولون ويكان الله يبسط الرزق لمن يشا من عباده ويقدر
यदि ईश्वर ने हम पर कृपा न की होती, तो वह हमें भी निगलवा देता।
لولا ان من الله علينا لخسف بنا
आह! तो नकारने वाले कभी सफल नहीं होते।”
ويكانه لا يفلح الكفرون
वह अंतिम ठिकाना हम उनके लिए रखते हैं जो धरती पर न दूसरों से ऊँचा उठना चाहते हैं, न बिगाड़ चाहते हैं;
تلك الدار الاخره نجعلها للذين لا يريدون علوا في الارض ولا فسادا
और परिणाम सावधानी बरतने वालों के हिस्से आता है।
والعقبه للمتقين
जो कोई भलाई लेकर आता है उसे उससे बेहतर मिलेगा;
من جا بالحسنه فله خير منها
और जो कोई बुराई लेकर आता है — जिन्होंने बुराई की है उन्हें उसी के अनुसार प्रतिफल मिलेगा जो वे करते थे।
ومن جا بالسييه فلا يجزي الذين عملوا السيات الا ما كانوا يعملون
जिसने तुम पर पाठ को अनिवार्य किया है वह तुम्हें अवश्य पहले से ठहरे वादे के समय की ओर वापस ले जाएगा।
ان الذي فرض عليك القران لرادك الي معاد
कहो: “मेरा अभिभावक सबसे अच्छी तरह जानता है कि कौन मार्गदर्शन लेकर आता है और कौन स्पष्ट भटकाव में है।”
قل ربي اعلم من جا بالهدي ومن هو في ضلل مبين
तुम आशा नहीं रखते थे कि ग्रंथ तुम्हारी ओर पहुँचाया जाएगा; यह केवल तुम्हारे अभिभावक की दया से है —
وما كنت ترجوا ان يلقي اليك الكتب الا رحمه من ربك
इसलिए कभी नकारने वालों का समर्थक न बनना।
فلا تكونن ظهيرا للكفرين
और वे तुम्हें ईश्वर के संकेतों की राह से न रोकें, इसके बाद कि वे तुम पर उतारे गए;
ولا يصدنك عن ايت الله بعد اذ انزلت اليك
और अपने अभिभावक की ओर बुलाओ,
وادع الي ربك
और कभी साझी ठहराने वालों में से न होना।
ولا تكونن من المشركين
और ईश्वर के साथ किसी और देवता को मत पुकारो;
ولا تدع مع الله الها اخر
उसके सिवा कोई देवता नहीं।
لا اله الا هو
हर चीज़ नष्ट हो जाती है, उसकी दिशा के सिवा।
كل شي هالك الا وجهه
उसी का निर्णय है,
له الحكم
और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।
واليه ترجعون