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Sura78

An-Naba النبا

The Immense Information النبإ العظيم

عم

40 पदSection XIIThe example · exposition

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The immense Information, the Day, then the “Say” suras (78, then 79-114)

The section begins here

بسم الله الرحمن الرحيم

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

78:1

किस विषय में?

عم

वे विशाल सूचना के विषय में एक-दूसरे से पूछते हैं, उसी के विषय में जिस पर वे मतभेद करते हैं।

يتسالون عن النبا العظيم الذي هم فيه مختلفون

कदापि नहीं! वे शीघ्र ही जान लेंगे। फिर, कदापि नहीं! वे शीघ्र ही जान लेंगे।

كلا سيعلمون ثم كلا سيعلمون

78:6–16

क्या हमने धरती को एक सुव्यवस्थित विस्तार नहीं बनाया, और पहाड़ों को खूँटे? क्या हमने तुम्हें जोड़ों में नहीं रचा, और तुम्हारी नींद को विश्राम नहीं बनाया? क्या हमने रात को वस्त्र नहीं बनाया, और दिन को जीवन-निर्वाह का साधन? क्या हमने तुम्हारे ऊपर सात दृढ़ नहीं बनाए, और एक प्रदीप्त मशाल नहीं रखी? और क्या हमने निचोड़ने वालियों से भरपूर पानी नहीं उतारा, ताकि उसके द्वारा दाना, वनस्पति और गुँथे हुए उद्यान निकालें?

الم نجعل الارض مهدا والجبال اوتادا وخلقنكم ازوجا وجعلنا نومكم سباتا وجعلنا اليل لباسا وجعلنا النهار معاشا وبنينا فوقكم سبعا شدادا وجعلنا سراجا وهاجا وانزلنا من المعصرت ما ثجاجا لنخرج به حبا ونباتا وجنت الفافا

78:17–20

अलगाव का दिन निश्चय ही एक निर्धारित वादे का समय है — वह दिन जब नरसिंगा में फूँका जाएगा, और तुम भीड़ों में आओगे, जब आकाश खोला जाएगा और द्वार बन जाएगा, और जब पहाड़ गति में डाल दिए जाएँगे और मरीचिका बन जाएँगे।

ان يوم الفصل كان ميقتا يوم ينفخ في الصور فتاتون افواجا وفتحت السما فكانت ابوبا وسيرت الجبال فكانت سرابا

78:21–23

जहन्नम निश्चय ही एक निगरानी-चौकी है, उनके पुनरागमन का स्थान जो हर मर्यादा से आगे निकल जाते हैं, जहाँ वे लंबे दौर बिताएँगे।

ان جهنم كانت مرصادا للطغين مابا لبثين فيها احقابا

78:24–26

वे वहाँ न ठंडक चखेंगे और न कोई पेय, सिवा खौलते पानी और दुर्गंधित तरल के — ठीक अनुपात वाला प्रतिफल।

لا يذوقون فيها بردا ولا شرابا الا حميما وغساقا جزا وفاقا

वे किसी हिसाब की आशा नहीं रखते थे, और उन्होंने हमारे संकेतों को डटकर झुठलाया।

انهم كانوا لا يرجون حسابا وكذبوا بايتنا كذابا

78:29

जबकि हमने हर चीज़ को एक बही में गिन रखा है।

وكل شي احصينه كتبا

तो चखो! हम तुम्हारे दंड को केवल बढ़ाएँगे।

فذوقوا فلن نزيدكم الا عذابا

78:31–35

सावधानी बरतने वालों के लिए निश्चय ही एक विजय है: घिरे हुए उद्यान और बेलें, जीवन-शक्ति से भरी संगिनियाँ, उर्वर और एक ही मूल की, और छलकता हुआ प्याला। वे वहाँ न निरर्थकता सुनेंगे और न झूठ —

ان للمتقين مفازا حدايق واعنبا وكواعب اترابا وكاسا دهاقا لا يسمعون فيها لغوا ولا كذبا

तुम्हारे अभिभावक की ओर से एक प्रतिफल, ठीक गणना की गई देन,

جزا من ربك عطا حسابا

आकाशों और धरती, और जो उनके बीच है, उनका अभिभावक,

رب السموت والارض وما بينهما

78:37

सर्वदयालु; वे उसे संबोधित करने का अधिकार नहीं रखते,

الرحمن لا يملكون منه خطابا

78:38

उस दिन जब प्रवाह और अभिकर्ता पंक्ति में खड़े होंगे, जब कोई नहीं बोलेगा सिवा उसके जिसे सर्वदयालु ने अनुमति दी होगी, और जो सही कथन कहेगा।

يوم يقوم الروح والمليكه صفا لا يتكلمون الا من اذن له الرحمن وقال صوابا

यही सत्य का दिन है।

ذلك اليوم الحق

78:39

तो जो चाहे वह अपने अभिभावक की ओर पुनरागमन का एक स्थान बना ले।

فمن شا اتخذ الي ربه مابا

78:40

हमने तुम्हें निश्चय ही एक निकट दंड की चेतावनी दे दी है, उस दिन जब मनुष्य नज़र डालेगा कि उसके हाथों ने क्या आगे बढ़ाया, और नकारने वाला कहेगा: “काश मैं मिट्टी होता!”

انا انذرنكم عذابا قريبا يوم ينظر المر ما قدمت يداه ويقول الكافر يليتني كنت تربا

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