At-Tariq الطارق
The Night Comer الطارق
The section and its links
The immense Information, the Day, then the “Say” suras (78, then 79-114)
Read the section from its beginning: sura 78
What was shown before: The immense Information is set out in 78. 78
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
आकाश और रात्रि-आगंतुक की शपथ! और तुम्हें क्या अंदाज़ा दिलाए कि रात्रि-आगंतुक क्या है? भेदती चमक वाला तारा। ऐसा कोई स्व नहीं जिस पर कोई रक्षक न हो।
والسما والطارق وما ادريك ما الطارق النجم الثاقب ان كل نفس لما عليها حافظ
तो मनुष्य नज़र डाले कि वह किस चीज़ से रचा गया है।
فلينظر الانسن مم خلق
वह एक उछलते पानी से रचा गया है, जो कमर और वक्ष के बीच से निकलता है।
خلق من ما دافق يخرج من بين الصلب والترايب
वह उसे लौटाने का सामर्थ्य अवश्य रखता है, उस दिन जब रहस्य परखे जाएँगे; तब उसके पास न बल होगा न सहायता।
انه علي رجعه لقادر يوم تبلي السراير فما له من قوه ولا ناصر
लौटाने वाले आकाश की शपथ! और फटने वाली धरती की! यह अवश्य अलग करने वाला कथन है, और यह कोई खिलवाड़ नहीं।
والسما ذات الرجع والارض ذات الصدع انه لقول فصل وما هو بالهزل
वे निश्चय ही एक चाल चलते हैं, और मैं एक चाल चलता हूँ।
انهم يكيدون كيدا واكيد كيدا
तो नकारने वालों को अवकाश दो, उन्हें थोड़ा अवकाश दो।
فمهل الكفرين امهلهم رويدا