Ghafir غافر
My Guardian Is God ربي الله
The section and its links
Facing those who contest it, then the messenger's community (40-46, then 47-49)
The section begins here
Read with: the suras of the same shelf mark
- 39 Devoting the Law exclusively to Himthe threshold: the Law devoted to God alone
- 41 Their Skins Will Testifythose who turn away; the Aad and the Thamud
- 42 Uphold the Lawthe one Law revealed to all the messengers
- 43 In their footstepsthe footsteps of the fathers, and appearances
- 44 In a blessed nightthe blessed night, and the trial
- 45 A legislated waythe signs, and the legislated way
- 46 Not a novelty among the messengersal-Ahqaf: the Aad, the Occulted who listen
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
حمٓ (Ḥa Mim)।
حم
ग्रंथ का अवतरण ईश्वर की ओर से है, जो सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ, दोष क्षमा करने वाला और पश्चात्ताप स्वीकार करने वाला, सज़ा देने में कठोर, विपुलता का धारक है,
تنزيل الكتب من الله العزيز العليم غافر الذنب وقابل التوب شديد العقاب ذي الطول
उसके सिवा कोई देवता नहीं;
لا اله الا هو
उसी की ओर गंतव्य है।
اليه المصير
ईश्वर के संकेतों पर केवल नकारने वाले ही बहस करते हैं;
ما يجدل في ايت الله الا الذين كفروا
तो देशों में उनकी आवाजाही तुम्हें छल न ले।
فلا يغررك تقلبهم في البلد
इनसे पहले नूह की क़ौम ने झुठलाया, और उनके बाद दलों ने,
كذبت قبلهم قوم نوح والاحزاب من بعدهم
और हर समुदाय ने अपने संदेशवाहक को पकड़ने का इरादा किया,
وهمت كل امه برسولهم لياخذوه
और उन्होंने असत्य के द्वारा बहस की ताकि उससे सत्य को खंडित करें — तब मैंने उन्हें पकड़ लिया:
وجدلوا بالبطل ليدحضوا به الحق فاخذتهم
और तब मेरी सज़ा कैसी रही?
فكيف كان عقاب
इस प्रकार तुम्हारे अभिभावक का बोल नकारने वालों पर सिद्ध हुआ: वे आग वाले हैं।
وكذلك حقت كلمت ربك علي الذين كفروا انهم اصحب النار
जो भवन को वहन करते हैं और जो उसके आसपास हैं, वे अपने अभिभावक की प्रशंसा करते हुए महिमा गाते हैं, उस पर विश्वास करते हैं और विश्वास करने वालों के लिए क्षमा माँगते हैं:
الذين يحملون العرش ومن حوله يسبحون بحمد ربهم ويومنون به ويستغفرون للذين امنوا
“हमारे अभिभावक, आप दया और ज्ञान से हर चीज़ को समेटे हुए हैं; इसलिए उन्हें क्षमा कीजिए जो पलट आते हैं और आपकी राह का अनुसरण करते हैं, और उन्हें भट्ठी के दंड से बचा लीजिए;
ربنا وسعت كل شي رحمه وعلما فاغفر للذين تابوا واتبعوا سبيلك وقهم عذاب الجحيم
हमारे अभिभावक, उन्हें स्थायित्व के उद्यानों में प्रवेश दीजिए जिनका आपने उनसे वादा किया है, और उनके साथ उन्हें भी जो उनके माता-पिता, उनके जोड़ीदारों और उनकी संततियों में से भले रहे;
ربنا وادخلهم جنت عدن التي وعدتهم ومن صلح من ابايهم وازوجهم وذريتهم
क्योंकि आप ही सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान हैं।
انك انت العزيز الحكيم
और उन्हें बुरे कर्मों से बचाइए;
وقهم السيات
और जिसे आप उस दिन बुरे कर्मों से बचाएँ, उस पर आपने दया की है,
ومن تق السيات يوميذ فقد رحمته
और यही विशाल विजय है।”
وذلك هو الفوز العظيم
नकारने वालों को पुकारा जाएगा: “ईश्वर की घिन स्वयं के प्रति तुम्हारी अपनी घिन से अवश्य बड़ी है, जब तुम्हें विश्वास की ओर बुलाया जाता था और तुम नकारते थे।”
ان الذين كفروا ينادون لمقت الله اكبر من مقتكم انفسكم اذ تدعون الي الايمن فتكفرون
वे कहेंगे: “हमारे अभिभावक, आपने हमें दो बार मृत्यु दी और आपने हमें दो बार जीवन दिया; हम अपने दोष मान लेते हैं — तो क्या निकलने की कोई राह है?”
قالوا ربنا امتنا اثنتين واحييتنا اثنتين فاعترفنا بذنوبنا فهل الي خروج من سبيل
यह इसलिए कि जब अकेले ईश्वर को पुकारा जाता था तो तुम नकारते थे, और यदि उसके साथ किसी को साझी ठहराया जाता तो तुम विश्वास करते थे;
ذلكم بانه اذا دعي الله وحده كفرتم وان يشرك به تومنوا
इसलिए निर्णय ईश्वर का है, जो परम-उच्च, महान है।
فالحكم لله العلي الكبير
वही है जो तुम्हें अपने संकेत दिखाता है और तुम्हारे लिए आकाश से जीविका उतारता है;
هو الذي يريكم ايته وينزل لكم من السما رزقا
परंतु केवल वही स्मरण करता है जो उसका आसरा लेता है।
وما يتذكر الا من ينيب
तो ईश्वर को पुकारो, विधान को अनन्य रूप से उसी को समर्पित करते हुए, भले ही नकारने वाले इससे घृणा करें।
فادعوا الله مخلصين له الدين ولو كره الكفرون
वह श्रेणियों में ऊँचा करने वाला है, भवन का धारक;
رفيع الدرجت ذو العرش
वह अपने आज्ञाकारियों में से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उस पर अपने आदेश का प्रवाह डालता है, ताकि मिलन के दिन की चेतावनी दे, उस दिन की जब वे खुले में होंगे,
يلقي الروح من امره علي من يشا من عباده لينذر يوم التلاق يوم هم برزون
उनमें से कुछ भी ईश्वर से छिपा नहीं है।
لا يخفي علي الله منهم شي
आज राजत्व किसका है?
لمن الملك اليوم
ईश्वर का, जो एकमेव, वर्चस्वशाली है।
لله الوحد القهار
आज हर स्व को उसकी कमाई के अनुसार प्रतिफल दिया जाएगा;
اليوم تجزي كل نفس بما كسبت
आज कोई अन्याय नहीं;
لا ظلم اليوم
क्योंकि ईश्वर हिसाब में शीघ्र है।
ان الله سريع الحساب
और उन्हें आसन्न के दिन की चेतावनी दो, जब मर्म गलों तक होंगे, घुटन में दबे हुए,
وانذرهم يوم الازفه اذ القلوب لدي الحناجر كظمين
अन्यायियों के लिए न कोई गर्मजोशी वाला मित्र होगा, न कोई मध्यस्थ जिसकी बात मानी जाए।
ما للظلمين من حميم ولا شفيع يطاع
वह आँखों की धोखेबाज़ी को जानता है और उसे भी जो सीने छिपाते हैं।
يعلم خاينه الاعين وما تخفي الصدور
ईश्वर सत्य के साथ फ़ैसला करता है,
والله يقضي بالحق
जबकि वे जिन्हें उसके अतिरिक्त पुकारते हैं किसी बात का फ़ैसला नहीं करते;
والذين يدعون من دونه لا يقضون بشي
क्योंकि ईश्वर सुनने वाला, दृष्टिवान है।
ان الله هو السميع البصير
क्या उन्होंने धरती में घूमकर नज़र नहीं डाली कि उनसे पहले वालों का परिणाम कैसा रहा?
اولم يسيروا في الارض فينظروا كيف كان عقبه الذين كانوا من قبلهم
वे उनसे बल में और धरती पर अवशेषों में बढ़कर थे, और ईश्वर ने उन्हें उनके दोषों के कारण पकड़ लिया;
كانوا هم اشد منهم قوه واثارا في الارض فاخذهم الله بذنوبهم
और ईश्वर के विरुद्ध उनके लिए कोई बचाने वाला न था।
وما كان لهم من الله من واق
यह इसलिए कि उनके संदेशवाहक उनके पास स्पष्ट प्रमाण लाते थे, परंतु वे नकारते थे; तब ईश्वर ने उन्हें पकड़ लिया,
ذلك بانهم كانت تاتيهم رسلهم بالبينت فكفروا فاخذهم الله
क्योंकि वह बलवान है, सज़ा देने में कठोर।
انه قوي شديد العقاب
हमने निश्चय ही मूसा को अपने संकेतों और एक स्पष्ट अधिकार के साथ भेजा, फ़िरऔन, हामान और क़ारून की ओर; उन्होंने कहा: “एक भ्रमकार, एक बड़ा झूठा।”
ولقد ارسلنا موسي بايتنا وسلطن مبين الي فرعون وهمن وقرون فقالوا سحر كذاب
फिर जब वह उनके पास हमारी ओर से सत्य लेकर आया, तो उन्होंने कहा: “उनके बेटों को मार डालो जिन्होंने उसके साथ विश्वास किया, और उनकी स्त्रियों की लज्जा पर आघात करो”;
فلما جاهم بالحق من عندنا قالوا اقتلوا ابنا الذين امنوا معه واستحيوا نساهم
परंतु नकारने वालों की चाल भटकाव में ही है।
وما كيد الكفرين الا في ضلل
और फ़िरऔन ने कहा: “मुझे छोड़ दो, मैं मूसा को मार डालूँ, और वह अपने अभिभावक को पुकार ले, क्योंकि मुझे डर है कि वह तुम्हारा विधान बदल देगा और धरती में बिगाड़ को खुले में ला देगा।”
وقال فرعون ذروني اقتل موسي وليدع ربه اني اخاف ان يبدل دينكم او ان يظهر في الارض الفساد
और मूसा ने कहा: “मैं निश्चय ही स्वयं को अपने अभिभावक और तुम्हारे अभिभावक की छत्रछाया में रखता हूँ, हर उस घमंडी से जो हिसाब के दिन पर विश्वास नहीं करता।”
وقال موسي اني عذت بربي وربكم من كل متكبر لا يومن بيوم الحساب
और फ़िरऔन के कुल के एक विश्वास करने वाले पुरुष ने, जो अपना विश्वास दबाए रखता था, कहा: “क्या तुम एक पुरुष को इसलिए मार डालोगे कि वह कहता है: ‘मेरा अभिभावक ईश्वर है’, जबकि वह तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण लाया है? यदि वह झूठा है, तो उसका झूठ उसी पर पड़ता है; और यदि वह सच्चा है, तो जो वह तुमसे वादा करता है उसका एक भाग तुम पर आ पड़ेगा,
وقال رجل مومن من ال فرعون يكتم ايمنه اتقتلون رجلا ان يقول ربي الله وقد جاكم بالبينت من ربكم وان يك كذبا فعليه كذبه وان يك صادقا يصبكم بعض الذي يعدكم
क्योंकि ईश्वर उसे मार्ग नहीं दिखाता जो अतिवादी, बड़ा झूठा है।
ان الله لا يهدي من هو مسرف كذاب
हे मेरी क़ौम, आज राजत्व तुम्हारा है, तुम धरती पर प्रबल हो; परंतु यदि ईश्वर की कठोरता हम पर आ जाए तो उससे हमारी सहायता कौन करेगा?”
يقوم لكم الملك اليوم ظهرين في الارض فمن ينصرنا من باس الله ان جانا
फ़िरऔन ने कहा: “मैं तुम्हें केवल वही दिखाता हूँ जो मैं देखता हूँ, और मैं तुम्हें केवल सुबुद्धि की राह की ओर मार्ग दिखाता हूँ।”
قال فرعون ما اريكم الا ما اري وما اهديكم الا سبيل الرشاد
और जिसने विश्वास किया था उसने कहा: “हे मेरी क़ौम, मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए दलों के दिन जैसे एक दिन से डरता हूँ, नूह की क़ौम, आद, समूद और उनके बाद आने वालों के चलन जैसे;
وقال الذي امن يقوم اني اخاف عليكم مثل يوم الاحزاب مثل داب قوم نوح وعاد وثمود والذين من بعدهم
और ईश्वर आज्ञाकारियों के लिए कोई अन्याय नहीं चाहता।”
وما الله يريد ظلما للعباد
“हे मेरी क़ौम, मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए उस दिन से डरता हूँ जब एक-दूसरे को हाँक लगाई जाएगी, उस दिन जब तुम पीठ फेरकर भागोगे, जबकि ईश्वर से तुम्हारे लिए कोई बचाव न होगा;
ويقوم اني اخاف عليكم يوم التناد يوم تولون مدبرين ما لكم من الله من عاصم
और जिसे ईश्वर भटका दे, उसके लिए कोई मार्ग दिखाने वाला नहीं रहता।
ومن يضلل الله فما له من هاد
यूसुफ़ निश्चय ही पहले तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाणों के साथ आया, और जो वह तुम्हारे पास लाया उसके विषय में तुम दुविधा में ही रहे, यहाँ तक कि जब वह नष्ट हो गया, तो तुमने कहा: ‘ईश्वर उसके बाद कोई संदेशवाहक नहीं उठाएगा’;
ولقد جاكم يوسف من قبل بالبينت فما زلتم في شك مما جاكم به حتي اذا هلك قلتم لن يبعث الله من بعده رسولا
इसी प्रकार ईश्वर उसे भटकाता है जो अतिवादी, संदेह से भरा है —
كذلك يضل الله من هو مسرف مرتاب
जो ईश्वर के संकेतों पर बहस करते हैं, जबकि उनके पास कोई अधिकार नहीं आया;
الذين يجدلون في ايت الله بغير سلطن اتيهم
यह ईश्वर के पास और विश्वास करने वालों के पास एक बड़ी घिनौनी बात है।
كبر مقتا عند الله وعند الذين امنوا
इसी प्रकार ईश्वर हर घमंडी अत्याचारी के मर्म पर मुहर लगा देता है।”
كذلك يطبع الله علي كل قلب متكبر جبار
और फ़िरऔन ने कहा: “हे हामान, मेरे लिए एक अटारी बनाओ, शायद मैं साधनों तक पहुँच जाऊँ, आकाशों के साधनों तक, और मूसा के देवता की झलक पा लूँ; मैं अनुमान लगाता हूँ कि वह अवश्य झूठा है।”
وقال فرعون يهمن ابن لي صرحا لعلي ابلغ الاسبب اسبب السموت فاطلع الي اله موسي واني لاظنه كذبا
इसी प्रकार फ़िरऔन की आँखों में उसके कर्म की बुराई सुंदर बना दी गई, और उसके लिए राह रोक दी गई;
وكذلك زين لفرعون سو عمله وصد عن السبيل
फ़िरऔन की चाल विनाश में ही थी।
وما كيد فرعون الا في تباب
और जिसने विश्वास किया था उसने कहा: “हे मेरी क़ौम, मेरा अनुसरण करो, मैं तुम्हें सुबुद्धि की राह की ओर मार्ग दिखाऊँगा;
وقال الذي امن يقوم اتبعون اهدكم سبيل الرشاد
हे मेरी क़ौम, यह निकट जीवन केवल उपभोग है,
يقوم انما هذه الحيوه الدنيا متع
जबकि अंतिम जीवन निश्चय ही स्थिरता का ठिकाना है।
وان الاخره هي دار القرار
जो कोई बुरा कर्म करता है उसे केवल उसके समकक्ष का प्रतिफल दिया जाता है,
من عمل سييه فلا يجزي الا مثلها
और जो कोई भला कर्म करता है, पुरुष हो या स्त्री, विश्वास करने वाला होते हुए, वे उद्यान में प्रवेश कराए जाएँगे, जहाँ उन्हें बिना हिसाब जीविका दी जाएगी।
ومن عمل صلحا من ذكر او انثي وهو مومن فاوليك يدخلون الجنه يرزقون فيها بغير حساب
हे मेरी क़ौम, मुझे क्या हुआ कि मैं तुम्हें उद्धार की ओर बुलाता हूँ जबकि तुम मुझे आग की ओर बुलाते हो?
ويقوم ما لي ادعوكم الي النجوه وتدعونني الي النار
तुम मुझे बुलाते हो कि मैं ईश्वर को नकारूँ और उसके साथ उसे साझी ठहराऊँ जिसका मुझे कोई ज्ञान नहीं, जबकि मैं तुम्हें सर्वशक्तिमान, महान क्षमाकर्ता की ओर बुलाता हूँ;
تدعونني لاكفر بالله واشرك به ما ليس لي به علم وانا ادعوكم الي العزيز الغفر
अनिवार्य रूप से, जिसकी ओर तुम मुझे बुलाते हो उसके लिए न निकट जीवन में कोई बुलावा है न अंतिम जीवन में; ईश्वर की ओर ही हम वापस लाए जाएँगे, और अतिवादी आग वाले हैं।
لا جرم انما تدعونني اليه ليس له دعوه في الدنيا ولا في الاخره وان مردنا الي الله وان المسرفين هم اصحب النار
तुम शीघ्र ही स्मरण करोगे जो मैं तुमसे कहता हूँ;
فستذكرون ما اقول لكم
और मैं अपना मामला ईश्वर को सौंपता हूँ;
وافوض امري الي الله
क्योंकि ईश्वर आज्ञाकारियों पर दृष्टि रखता है।”
ان الله بصير بالعباد
तब ईश्वर ने उसे उन अनिष्टों से बचा लिया जिनका उन्होंने षड्यंत्र किया था,
فوقيه الله سيات ما مكروا
और बुरा दंड फ़िरऔन के कुल के विरुद्ध चरितार्थ हुआ:
وحاق بال فرعون سو العذاب
आग, जिसके सामने वे सुबह और शाम पेश किए जाते हैं,
النار يعرضون عليها غدوا وعشيا
और जिस दिन वह घड़ी आ खड़ी होगी: “फ़िरऔन के कुल, सबसे कठोर दंड में प्रवेश करो।”
ويوم تقوم الساعه ادخلوا ال فرعون اشد العذاب
और जब वे आग में विवाद करेंगे, तो निर्बल उनसे कहेंगे जो घमंड से फूलते थे: “हम निश्चय ही तुम्हारे अनुयायी थे; तो क्या तुम आग के एक अंश के विरुद्ध हमारे काम आ सकते हो?”
واذ يتحاجون في النار فيقول الضعفوا للذين استكبروا انا كنا لكم تبعا فهل انتم مغنون عنا نصيبا من النار
जो घमंड से फूलते थे वे कहेंगे: “हम निश्चय ही सब इसमें हैं; ईश्वर आज्ञाकारियों के बीच निर्णय कर चुका है।”
قال الذين استكبروا انا كل فيها ان الله قد حكم بين العباد
और जो आग में हैं वे जहन्नम के प्रभारियों से कहेंगे: “अपने अभिभावक को पुकारो, कि वह हमारे लिए, केवल एक दिन के लिए ही सही, दंड हल्का कर दे।”
وقال الذين في النار لخزنه جهنم ادعوا ربكم يخفف عنا يوما من العذاب
वे कहेंगे: “क्या तुम्हारे संदेशवाहक तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण नहीं लाते थे?” वे कहेंगे: “क्यों नहीं।” वे कहेंगे: “तो पुकारो।”
قالوا اولم تك تاتيكم رسلكم بالبينت قالوا بلي قالوا فادعوا
परंतु नकारने वालों की पुकार भटकाव में ही है।
وما دعوا الكفرين الا في ضلل
हम अवश्य अपने संदेशवाहकों की और विश्वास करने वालों की सहायता करते हैं, निकट जीवन में और उस दिन जब साक्षी खड़े होंगे, उस दिन जब अन्यायियों का बहाना उन्हें लाभ न देगा; उनके लिए धिक्कार होगा, और उनके लिए बुरा ठिकाना होगा।
انا لننصر رسلنا والذين امنوا في الحيوه الدنيا ويوم يقوم الاشهد يوم لا ينفع الظلمين معذرتهم ولهم اللعنه ولهم سو الدار
हमने निश्चय ही मूसा को मार्गदर्शन दिया, और इसराईल की संतान को ग्रंथ का वारिस बनाया, मार्गदर्शन और स्मरण मेधा रखने वालों के लिए।
ولقد اتينا موسي الهدي واورثنا بني اسريل الكتب هدي وذكري لاولي الالبب
तो धैर्य रखो, क्योंकि ईश्वर का वादा सत्य है;
فاصبر ان وعد الله حق
और अपने दोष के लिए क्षमा माँगो, और प्रशंसा के साथ अपने अभिभावक की महिमा गाओ, शाम और भोर को।
واستغفر لذنبك وسبح بحمد ربك بالعشي والابكر
जो ईश्वर के संकेतों पर बहस करते हैं जबकि उनके पास कोई अधिकार नहीं आया, उनके सीनों में केवल एक घमंड है जिस तक वे कभी नहीं पहुँचेंगे;
ان الذين يجدلون في ايت الله بغير سلطن اتيهم ان في صدورهم الا كبر ما هم ببلغيه
इसलिए ईश्वर की छत्रछाया चाहो,
فاستعذ بالله
क्योंकि वही सुनने वाला, दृष्टिवान है।
انه هو السميع البصير
आकाशों और धरती की रचना अवश्य लोगों की रचना से बड़ी है,
لخلق السموت والارض اكبر من خلق الناس
परंतु अधिकतर लोग नहीं जानते।
ولكن اكثر الناس لا يعلمون
अंधा और दृष्टिवान बराबर नहीं हैं, और न ही वे जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए और वह जो बुरा करता है;
وما يستوي الاعمي والبصير والذين امنوا وعملوا الصلحت ولا المسي
वे बहुत थोड़ा स्मरण करते हैं।
قليلا ما تتذكرون
वह घड़ी अवश्य आने वाली है, उसके विषय में कोई संदेह नहीं,
ان الساعه لاتيه لا ريب فيها
परंतु अधिकतर लोग विश्वास नहीं करते।
ولكن اكثر الناس لا يومنون
और तुम्हारे अभिभावक ने कहा: “मुझे पुकारो, मैं तुम्हें उत्तर दूँगा;
وقال ربكم ادعوني استجب لكم
क्योंकि जो मेरी आज्ञाकारिता के सामने घमंड से फूलते हैं वे शीघ्र जहन्नम में प्रवेश करेंगे, नतमस्तक होकर।”
ان الذين يستكبرون عن عبادتي سيدخلون جهنم داخرين
ईश्वर वह है जिसने तुम्हारे लिए रात बनाई ताकि तुम उसमें विश्राम करो, और दिन को, ताकि तुम उसमें साफ़ देखो;
الله الذي جعل لكم اليل لتسكنوا فيه والنهار مبصرا
ईश्वर लोगों पर अवश्य अनुग्रह रखता है,
ان الله لذو فضل علي الناس
परंतु अधिकतर लोग कृतज्ञ नहीं हैं।
ولكن اكثر الناس لا يشكرون
यही ईश्वर तुम्हारा अभिभावक है,
ذلكم الله ربكم
हर चीज़ का रचयिता;
خلق كل شي
उसके सिवा कोई देवता नहीं;
لا اله الا هو
तो तुम कैसे उलटे फेरे जा रहे हो?
فاني توفكون
इसी प्रकार वे उलटे फेरे जाते हैं जो ईश्वर के संकेतों को हठपूर्वक अस्वीकार करते थे।
كذلك يوفك الذين كانوا بايت الله يجحدون
ईश्वर वह है जिसने तुम्हारे लिए धरती को स्थिर स्थान और आकाश को एक निर्माण बनाया, जिसने तुम्हें रूप दिया और तुम्हारे रूप सुंदर बनाए, और तुम्हें अच्छी चीज़ों की जीविका दी;
الله الذي جعل لكم الارض قرارا والسما بنا وصوركم فاحسن صوركم ورزقكم من الطيبت
यही ईश्वर तुम्हारा अभिभावक है;
ذلكم الله ربكم
आशीषमय है ईश्वर, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है।
فتبارك الله رب العلمين
वह जीवित है;
هو الحي
उसके सिवा कोई देवता नहीं;
لا اله الا هو
तो उसे पुकारो, विधान को अनन्य रूप से उसी को समर्पित करते हुए;
فادعوه مخلصين له الدين
प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है।
الحمد لله رب العلمين
कहो: “मुझे निश्चय ही मना किया गया है कि मैं उनकी आज्ञा का पालन करूँ जिन्हें तुम ईश्वर के अतिरिक्त पुकारते हो, जब मेरे पास मेरे अभिभावक की ओर से स्पष्ट प्रमाण आ चुके हैं; और मुझे आदेश दिया गया है कि मैं सभी प्राणियों के अभिभावक के प्रति खरा रहूँ।”
قل اني نهيت ان اعبد الذين تدعون من دون الله لما جاني البينت من ربي وامرت ان اسلم لرب العلمين
वही है जिसने तुम्हें मिट्टी से रचा, फिर एक बूँद से, फिर एक चिपकाव से, फिर वह तुम्हें शिशु के रूप में निकालता है, फिर तुम्हें अपनी पूर्ण परिपक्वता तक पहुँचने देता है, फिर वृद्ध हो जाने देता है —
هو الذي خلقكم من تراب ثم من نطفه ثم من علقه ثم يخرجكم طفلا ثم لتبلغوا اشدكم ثم لتكونوا شيوخا
और तुममें से कुछ पहले ही निष्ठापूर्वक सँभाल लिए जाते हैं — ताकि तुम एक नामित अवधि तक पहुँचो, और शायद तुम बुद्धि से काम लो।
ومنكم من يتوفي من قبل ولتبلغوا اجلا مسمي ولعلكم تعقلون
वही जीवन देता है और मृत्यु देता है;
هو الذي يحي ويميت
और जब वह किसी चीज़ को तय करता है, तो उससे केवल इतना कहता है: “हो जा”,
فاذا قضي امرا فانما يقول له كن
और वह हो जाती है।
فيكون
क्या तुमने उन्हें नहीं देखा जो ईश्वर के संकेतों पर बहस करते हैं, वे कैसे हटाए जाते हैं?
الم تر الي الذين يجدلون في ايت الله اني يصرفون
जिन्होंने ग्रंथ को और उसे झुठलाया जिसके साथ हमने अपने संदेशवाहक भेजे, वे शीघ्र जान लेंगे, जब उनकी गर्दनों में तौक़ होंगे, और ज़ंजीरें भी,
الذين كذبوا بالكتب وبما ارسلنا به رسلنا فسوف يعلمون اذ الاغلل في اعنقهم والسلسل
वे खौलते पानी में घसीटे जाएँगे, फिर आग में सुलगाए जाएँगे।
يسحبون في الحميم ثم في النار يسجرون
फिर उनसे कहा जाएगा: “कहाँ हैं वे जिन्हें तुम ईश्वर के अतिरिक्त साझी ठहराते थे?”
ثم قيل لهم اين ما كنتم تشركون من دون الله
वे कहेंगे: “वे हमसे दूर भटक गए; सच तो यह है कि हम पहले किसी चीज़ को नहीं पुकारते थे।”
قالوا ضلوا عنا بل لم نكن ندعوا من قبل شيا
इसी प्रकार ईश्वर नकारने वालों को भटकाता है।
كذلك يضل الله الكفرين
यह इसलिए है कि तुम धरती पर बिना हक़ के हर्षित होते थे, और इतराते थे;
ذلكم بما كنتم تفرحون في الارض بغير الحق وبما كنتم تمرحون
जहन्नम के द्वारों से प्रवेश करो, वहाँ सदा रहने के लिए:
ادخلوا ابوب جهنم خلدين فيها
घमंडियों का निवास कितना निकृष्ट है!
فبيس مثوي المتكبرين
तो धैर्य रखो, क्योंकि ईश्वर का वादा सत्य है;
فاصبر ان وعد الله حق
चाहे हम तुम्हें उसका एक भाग दिखा दें जिसका हम उनसे वादा करते हैं, चाहे हम तुम्हें निष्ठापूर्वक सँभाल लें, हमारी ही ओर वे लौटाए जाएँगे।
فاما نرينك بعض الذي نعدهم او نتوفينك فالينا يرجعون
हमने निश्चय ही तुमसे पहले संदेशवाहक भेजे; उनमें से कुछ वे हैं जिनकी कथा हमने तुम्हें बताई, और कुछ वे जिनकी कथा हमने तुम्हें नहीं बताई;
ولقد ارسلنا رسلا من قبلك منهم من قصصنا عليك ومنهم من لم نقصص عليك
और किसी संदेशवाहक के लिए उचित नहीं कि वह कोई संकेत ले आए, ईश्वर की अनुमति के सिवा;
وما كان لرسول ان ياتي بايه الا باذن الله
और जब ईश्वर का आदेश आता है, तो पूर्ण सत्य के साथ फ़ैसला किया जाता है, और असत्य के कारीगर तब वहाँ घाटा उठाते हैं।
فاذا جا امر الله قضي بالحق وخسر هنالك المبطلون
ईश्वर वह है जिसने तुम्हारे लिए पशुधन बनाया, ताकि तुम उनमें से कुछ पर सवारी करो और कुछ को खाओ;
الله الذي جعل لكم الانعم لتركبوا منها ومنها تاكلون
और उनमें तुम्हारे लिए उपयोगिताएँ हैं,
ولكم فيها منفع
और ताकि तुम उन पर उस आवश्यकता तक पहुँचो जो तुम्हारे सीनों में है,
ولتبلغوا عليها حاجه في صدوركم
और उन पर तथा जलयानों पर तुम ढोए जाते हो।
وعليها وعلي الفلك تحملون
और वह तुम्हें अपने संकेत दिखाता है;
ويريكم ايته
तो ईश्वर के संकेतों में से तुम किसे अमान्य ठहराते हो?
فاي ايت الله تنكرون
क्या उन्होंने धरती में घूमकर नज़र नहीं डाली कि उनसे पहले वालों का परिणाम कैसा रहा?
افلم يسيروا في الارض فينظروا كيف كان عقبه الذين من قبلهم
वे उनसे अधिक संख्या में थे और धरती पर बल में और अवशेषों में बढ़कर थे; परंतु जो वे कमाते थे वह उनके किसी काम न आया।
كانوا اكثر منهم واشد قوه واثارا في الارض فما اغني عنهم ما كانوا يكسبون
फिर जब उनके संदेशवाहक उनके पास स्पष्ट प्रमाण लाए, तो वे उस ज्ञान पर हर्षित हुए जो उनके पास था;
فلما جاتهم رسلهم بالبينت فرحوا بما عندهم من العلم
और जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे वह उनके विरुद्ध चरितार्थ हुआ।
وحاق بهم ما كانوا به يستهزون
फिर जब उन्होंने हमारी कठोरता देखी, तो उन्होंने कहा: “हम केवल ईश्वर पर विश्वास करते हैं, और जिसे हम उसका साझी ठहराते थे उसे नकारते हैं।”
فلما راوا باسنا قالوا امنا بالله وحده وكفرنا بما كنا به مشركين
परंतु उनके विश्वास ने उन्हें लाभ नहीं दिया, जब उन्होंने हमारी कठोरता देख ली —
فلم يك ينفعهم ايمنهم لما راوا باسنا
यही ईश्वर की रीति है, जो उसके आज्ञाकारियों के बीच पहले ही बीत चुकी है;
سنت الله التي قد خلت في عباده
और नकारने वाले वहाँ घाटा उठाने वाले रहे।
وخسر هنالك الكفرون