الانبياء
Al-Anbiya
We Answered Him
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
लोगों का हिसाब निकट आ गया है, जबकि वे लापरवाही में हैं, कतराते हुए।
اقترب للناس حسابهم وهم في غفله معرضون
उनके अभिभावक की ओर से ऐसा कोई नया स्मरण उनके पास नहीं आता जिसे वे खेलते हुए न सुनें, उनके मर्म ध्यान से हटे हुए।
ما ياتيهم من ذكر من ربهم محدث الا استمعوه وهم يلعبون لاهيه قلوبهم
और जिन्होंने अन्याय किया था उन्होंने अपनी गुप्त मंत्रणा छिपाए रखी: “क्या यह तुम्हारे जैसा केवल एक मानव नहीं है?
واسروا النجوي الذين ظلموا هل هذا الا بشر مثلكم
तो क्या तुम भ्रम के पास जाते हो, जबकि तुम साफ़ देख रहे हो?”
افتاتون السحر وانتم تبصرون
कहो: “मेरा अभिभावक आकाश और धरती में कथन को जानता है,
قال ربي يعلم القول في السما والارض
और वही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।”
وهو السميع العليم
बल्कि उन्होंने कहा: “उलझे हुए सपनों का ढेर! बल्कि उसने इसे गढ़ा है! बल्कि वह एक लुभावना वक्ता है!
بل قالوا اضغث احلم بل افتريه بل هو شاعر
वह हमारे पास कोई संकेत ले आए, जैसे पहले वाले भेजे गए थे!”
فلياتنا بايه كما ارسل الاولون
उनसे पहले हमने जिस बस्ती को भी नष्ट किया, उसने विश्वास नहीं किया।
ما امنت قبلهم من قريه اهلكنها
तो क्या ये विश्वास करेंगे?
افهم يومنون
और हमने तुमसे पहले केवल पुरुषों को ही भेजा जिन पर हम प्रकट करते थे: इसलिए स्मरण वालों से पूछो, यदि तुम नहीं जानते।
وما ارسلنا قبلك الا رجالا نوحي اليهم فسلوا اهل الذكر ان كنتم لا تعلمون
हमने उन्हें ऐसे शरीर नहीं बनाया जो भोजन नहीं खाते थे,
وما جعلنهم جسدا لا ياكلون الطعام
और वे शाश्वत नहीं थे।
وما كانوا خلدين
फिर हमने उनके लिए वादा निभाया: हमने उन्हें उबारा, और जिस पर हमारी मर्ज़ी थी, उसे भी, और हमने अतिवादियों को नष्ट कर दिया।
ثم صدقنهم الوعد فانجينهم ومن نشا واهلكنا المسرفين
हमने निश्चय ही तुम्हारी ओर एक ग्रंथ उतारा है जिसमें तुम्हारा स्मरण है।
لقد انزلنا اليكم كتبا فيه ذكركم
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
افلا تعقلون
हमने कितनी बस्तियाँ तोड़ डालीं, जो अन्याय करती थीं, और उनके बाद हमने एक और क़ौम उत्पन्न की!
وكم قصمنا من قريه كانت ظالمه وانشانا بعدها قوما اخرين
फिर जब उन्होंने हमारी कठोरता को भाँप लिया, तो वे उससे दूर भाग खड़े हुए।
فلما احسوا باسنا اذا هم منها يركضون
“भागो मत, और उसी में लौटो जिसमें तुम ठाठ-बाट से रहते थे, और अपने आवासों में — शायद तुमसे पूछा जाए!”
لا تركضوا وارجعوا الي ما اترفتم فيه ومسكنكم لعلكم تسلون
उन्होंने कहा: “हाय हम पर, हम निश्चय ही अन्यायी रहे हैं!”
قالوا يويلنا انا كنا ظلمين
यह आर्तनाद तब तक थमा नहीं, जब तक हमने उन्हें एक कटी फ़सल बना न दिया, बुझे हुए।
فما زالت تلك دعويهم حتي جعلنهم حصيدا خمدين
हमने आकाश, धरती और जो उनके बीच है उसे खेलते हुए नहीं रचा।
وما خلقنا السما والارض وما بينهما لعبين
यदि हम कोई मनोरंजन अपनाना चाहते, तो उसे अपने ही पास से अपनाते,
لو اردنا ان نتخذ لهوا لاتخذنه من لدنا
यदि हमें ऐसा करना ही होता।
ان كنا فعلين
बल्कि हम सत्य को असत्य पर फेंकते हैं: वह उसे कुचल देता है, और देखो, वह मिट गया।
بل نقذف بالحق علي البطل فيدمغه فاذا هو زاهق
और हाय तुम पर उसके लिए जो तुम वर्णन करते हो!
ولكم الويل مما تصفون
और उसी के हैं वे सब जो आकाशों और धरती में हैं।
وله من في السموت والارض
और जो उसके पास हैं वे घमंड से फूलकर उसकी आज्ञा का पालन करने से इनकार नहीं करते, और हाँफते नहीं।
ومن عنده لا يستكبرون عن عبادته ولا يستحسرون
वे रात-दिन उसकी महिमा गाते हैं, कभी ढीले पड़े बिना।
يسبحون اليل والنهار لا يفترون
या क्या उन्होंने धरती से ऐसे देवता बना लिए हैं जो स्वयं फैलाव करते हैं?
ام اتخذوا الهه من الارض هم ينشرون
यदि आकाशों और धरती में ईश्वर के अतिरिक्त देवता होते, तो दोनों बिगड़ जाते।
لو كان فيهما الهه الا الله لفسدتا
इसलिए ईश्वर की महिमा हो, भवन के अभिभावक, उससे ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!
فسبحن الله رب العرش عما يصفون
उससे उसके किए के विषय में पूछा नहीं जाता,
لا يسل عما يفعل
जबकि उनसे पूछा जाएगा।
وهم يسلون
या क्या उन्होंने उसके अतिरिक्त देवता बना लिए हैं?
ام اتخذوا من دونه الهه
कहो: “अपना प्रमाण लाओ!
قل هاتوا برهنكم
यह उसका स्मरण है जो मेरे साथ है, और उसका स्मरण है जो मुझसे पहले हुआ।”
هذا ذكر من معي وذكر من قبلي
पर उनमें से अधिकतर सत्य को नहीं जानते, और वे उससे कतराते हैं।
بل اكثرهم لا يعلمون الحق فهم معرضون
हमने तुमसे पहले कोई संदेशवाहक नहीं भेजा जिस पर हमने यह प्रकट न किया हो: “मेरे सिवा कोई देवता नहीं, इसलिए मेरी आज्ञा का पालन करो।”
وما ارسلنا من قبلك من رسول الا نوحي اليه انه لا اله الا انا فاعبدون
और उन्होंने कहा: “सर्वदयालु ने अपने लिए संतान बना ली है।”
وقالوا اتخذ الرحمن ولدا
उसकी महिमा हो!
سبحنه
ये तो बल्कि सम्मानित आज्ञाकारी हैं,
بل عباد مكرمون
जो उसके कथन से आगे नहीं बढ़ते, और उसके आदेश के अनुसार कार्य करते हैं।
لا يسبقونه بالقول وهم بامره يعملون
वह जानता है जो उनके सामने है और जो उनके पीछे है,
يعلم ما بين ايديهم وما خلفهم
और वे केवल उसी के लिए मध्यस्थता करते हैं जिसे वह स्वीकार करता है, जबकि वे, उसका भय रखते हुए, आशंका से भरे हैं।
ولا يشفعون الا لمن ارتضي وهم من خشيته مشفقون
और उनमें से जो कोई कहे: “मैं उसके अतिरिक्त एक देवता हूँ”, उसे हम जहन्नम का प्रतिफल देंगे —
ومن يقل منهم اني اله من دونه فذلك نجزيه جهنم
इसी प्रकार हम अन्यायियों को प्रतिफल देते हैं।
كذلك نجزي الظلمين
क्या जिन्होंने नकारा उन्होंने नहीं देखा कि आकाश और धरती एक ठोस पिंड थे, और हमने उन्हें पृथक कर दिया?
اولم ير الذين كفروا ان السموت والارض كانتا رتقا ففتقنهما
और हमने पानी से हर जीवित वस्तु बनाई।
وجعلنا من الما كل شي حي
तो क्या वे विश्वास नहीं करेंगे?
افلا يومنون
और हमने धरती पर दृढ़ खूँटे रखे, ताकि वह उनके साथ डगमगा न जाए,
وجعلنا في الارض روسي ان تميد بهم
और हमने उसमें गलियारे, राहें रखीं, शायद वे मार्गदर्शन पाएँ।
وجعلنا فيها فجاجا سبلا لعلهم يهتدون
और हमने आकाश को एक रक्षित छत बनाया,
وجعلنا السما سقفا محفوظا
जबकि वे उसके संकेतों से कतराते हैं।
وهم عن ايتها معرضون
वही है जिसने रात और दिन, सूर्य और चंद्रमा को रचा:
وهو الذي خلق اليل والنهار والشمس والقمر
प्रत्येक एक कक्षा में तैरता है।
كل في فلك يسبحون
हमने तुमसे पहले किसी मानव को शाश्वतता नहीं दी।
وما جعلنا لبشر من قبلك الخلد
तो यदि तुम मर जाओ, तो क्या वे ही शाश्वत होंगे?
افاين مت فهم الخلدون
हर स्व मृत्यु का स्वाद चखेगा,
كل نفس ذايقه الموت
और हम तुम्हें परखते हैं, बुराई और अच्छाई से, परीक्षा के रूप में;
ونبلوكم بالشر والخير فتنه
और हमारी ही ओर तुम लौटाए जाओगे।
والينا ترجعون
और जब जिन्होंने नकारा तुम्हें देखते हैं, तो वे तुम्हें केवल मज़ाक़ का पात्र बनाते हैं:
واذا راك الذين كفروا ان يتخذونك الا هزوا
“क्या यही है जो तुम्हारे देवताओं का उल्लेख करता है?” — जबकि वे स्वयं सर्वदयालु के स्मरण को नकारते हैं।
اهذا الذي يذكر الهتكم وهم بذكر الرحمن هم كفرون
मनुष्य जल्दबाज़ी से रचा गया है।
خلق الانسن من عجل
मैं तुम्हें अपने संकेत दिखाऊँगा; इसलिए उन्हें जल्दी करवाने को मुझसे न कहो।
ساوريكم ايتي فلا تستعجلون
और वे कहते हैं: “यह वादा कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?”
ويقولون متي هذا الوعد ان كنتم صدقين
काश नकारने वाले जानते, उस क्षण को जब वे आग को न अपने चेहरों से दूर रोक सकेंगे न अपनी पीठों से, और उनकी सहायता नहीं की जाएगी...
لو يعلم الذين كفروا حين لا يكفون عن وجوههم النار ولا عن ظهورهم ولا هم ينصرون
बल्कि वह उन पर अचानक आ पड़ेगी और उन्हें स्तब्ध कर देगी; वे उसे पलट नहीं सकेंगे, और उन्हें कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।
بل تاتيهم بغته فتبهتهم فلا يستطيعون ردها ولا هم ينظرون
निश्चय ही तुमसे पहले संदेशवाहकों का मज़ाक़ उड़ाया गया; तब जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे उसने उनमें से उपहास करने वालों को लपेट लिया।
ولقد استهزي برسل من قبلك فحاق بالذين سخروا منهم ما كانوا به يستهزون
कहो: “रात और दिन सर्वदयालु के विरुद्ध तुम्हारी निगरानी कौन करता है?”
قل من يكلوكم باليل والنهار من الرحمن
इतना ही नहीं, वे अपने अभिभावक के स्मरण से कतराते हैं।
بل هم عن ذكر ربهم معرضون
या क्या उनके पास ऐसे देवता हैं जो उन्हें हमसे दूर रखते हैं?
ام لهم الهه تمنعهم من دوننا
वे अपनी सहायता भी नहीं कर सकते, और हमारी ओर से उन्हें कोई संबल नहीं मिलता।
لا يستطيعون نصر انفسهم ولا هم منا يصحبون
बल्कि हमने इन्हें और इनके पूर्वजों को उपभोग दिया, यहाँ तक कि उनके लिए जीवन लंबा खिंच गया।
بل متعنا هولا واباهم حتي طال عليهم العمر
क्या वे नहीं देखते कि हम धरती पर आते हैं, उसे उसके छोरों से घटाते हुए?
افلا يرون انا ناتي الارض ننقصها من اطرافها
तो क्या वे विजेता होंगे?
افهم الغلبون
कहो: “मैं तो तुम्हें केवल प्रकटीकरण द्वारा चेतावनी देता हूँ।”
قل انما انذركم بالوحي
पर बहरे पुकार नहीं सुनते जब उन्हें चेतावनी दी जाती है।
ولا يسمع الصم الدعا اذا ما ينذرون
और यदि तुम्हारे अभिभावक के दंड का एक झोंका उन्हें छू जाए, तो वे अवश्य कहेंगे: “हाय हम पर, हम निश्चय ही अन्यायी रहे हैं!”
ولين مستهم نفحه من عذاب ربك ليقولن يويلنا انا كنا ظلمين
और हम पेशी के दिन के लिए निष्पक्षता के तराज़ू रखेंगे; किसी स्व पर ज़रा भी अन्याय नहीं होगा,
ونضع الموزين القسط ليوم القيمه فلا تظلم نفس شيا
और चाहे वह सरसों के दाने का भार हो, हम उसे ले आएँगे; और हम हिसाब रखने वाले के रूप में पर्याप्त हैं।
وان كان مثقال حبه من خردل اتينا بها وكفي بنا حسبين
हमने निश्चय ही मूसा और हारून को विवेक दिया, एक उजाला और एक स्मरण, उनके लिए जो सावधानी बरतते हैं, जो अपने अभिभावक का भय रखते हैं भले ही वह उनकी इंद्रियों से परे है, और जो उस घड़ी से आशंकित हैं।
ولقد اتينا موسي وهرون الفرقان وضيا وذكرا للمتقين الذين يخشون ربهم بالغيب وهم من الساعه مشفقون
और यह एक आशीषित स्मरण है जिसे हमने उतारा है।
وهذا ذكر مبارك انزلنه
तो क्या तुम इसे अमान्य ठहराते हो?
افانتم له منكرون
हमने निश्चय ही इब्राहीम को उसकी सुबुद्धि पहले से ही दी, और हम उसे भली-भाँति जानते थे।
ولقد اتينا ابرهيم رشده من قبل وكنا به علمين
जब उसने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “ये प्रतिमाएँ क्या हैं जिनके सामने तुम डटे रहते हो?”
اذ قال لابيه وقومه ما هذه التماثيل التي انتم لها عكفون
उन्होंने कहा: “हमने अपने पूर्वजों को उनकी आज्ञा का पालन करते पाया।”
قالوا وجدنا ابانا لها عبدين
उसने कहा: “तुम और तुम्हारे पूर्वज निश्चय ही स्पष्ट भटकाव में थे।”
قال لقد كنتم انتم واباوكم في ضلل مبين
उन्होंने कहा: “क्या तुम हमारे पास सत्य लेकर आए हो, या खेलने वालों में से हो?”
قالوا اجيتنا بالحق ام انت من اللعبين
उसने कहा: “तुम्हारा अभिभावक तो बल्कि आकाशों और धरती का अभिभावक है, जिसने उन्हें मूलतः रचा,
قال بل ربكم رب السموت والارض الذي فطرهن
और इस पर मैं साक्षियों में से हूँ।”
وانا علي ذلكم من الشهدين
और ईश्वर की शपथ, तुम्हारे पीठ फेरकर चले जाने के बाद मैं तुम्हारी मूर्तियों के विरुद्ध अवश्य कोई चाल चलूँगा।
وتالله لاكيدن اصنمكم بعد ان تولوا مدبرين
उसने उन्हें चूर-चूर कर दिया, सिवा एक बड़ी के जो उनकी अपनी थी, शायद वे उसकी ओर लौट आएँ।
فجعلهم جذذا الا كبيرا لهم لعلهم اليه يرجعون
उन्होंने कहा: “हमारे देवताओं के साथ यह किसने किया? वह अवश्य अन्यायियों में से है!”
قالوا من فعل هذا بالهتنا انه لمن الظلمين
उन्होंने कहा: “हमने एक युवक को उनका उल्लेख करते सुना; उसे इब्राहीम कहा जाता है।”
قالوا سمعنا فتي يذكرهم يقال له ابرهيم
उन्होंने कहा: “तो उसे लोगों की आँखों के सामने लाओ, शायद वे साक्ष्य दें।”
قالوا فاتوا به علي اعين الناس لعلهم يشهدون
उन्होंने कहा: “क्या तुमने हमारे देवताओं के साथ यह किया है, इब्राहीम?”
قالوا انت فعلت هذا بالهتنا يابرهيم
उसने कहा: “बल्कि उनमें से बड़ी ने, इसने, यह किया है; तो उनसे पूछो, यदि वे कुछ उच्चारित कर सकती हैं।”
قال بل فعله كبيرهم هذا فسلوهم ان كانوا ينطقون
तब वे अपने ही भीतर लौटे और उन्होंने कहा: “तुम ही, निश्चय ही, अन्यायी हो।”
فرجعوا الي انفسهم فقالوا انكم انتم الظلمون
फिर वे अपने सिरों के बल उलट पड़े:
ثم نكسوا علي روسهم
“तुम निश्चय ही जानते हो कि ये कुछ उच्चारित नहीं करतीं!”
لقد علمت ما هولا ينطقون
उसने कहा: “तो क्या तुम ईश्वर के अतिरिक्त उसकी आज्ञा का पालन करते हो जो तुम्हें ज़रा भी लाभ नहीं देता और हानि नहीं पहुँचाता?
قال افتعبدون من دون الله ما لا ينفعكم شيا ولا يضركم
उफ़ है तुम पर, और उस पर जिसकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते हो!
اف لكم ولما تعبدون من دون الله
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?”
افلا تعقلون
उन्होंने कहा: “उसे जला दो, और अपने देवताओं की सहायता करो, यदि तुम्हें कुछ करना है!”
قالوا حرقوه وانصروا الهتكم ان كنتم فعلين
हमने कहा: “हे आग, इब्राहीम के लिए ठंडक और शांति बन जाओ!”
قلنا ينار كوني بردا وسلما علي ابرهيم
और उन्होंने उसके विरुद्ध चाल चलनी चाही, पर हमने उन्हें सबसे बढ़कर घाटा उठाने वाले बना दिया।
وارادوا به كيدا فجعلنهم الاخسرين
और हमने उसे और लूत को उस धरती की ओर उबारा जिसे हमने सभी प्राणियों के लिए आशीष दी।
ونجينه ولوطا الي الارض التي بركنا فيها للعلمين
और हमने उसे इसहाक़ प्रदान किया,
ووهبنا له اسحق
और अतिरिक्त के रूप में याक़ूब।
ويعقوب نافله
और सबको हमने भला बनाया।
وكلا جعلنا صلحين
और हमने उन्हें पथदर्शक बनाया जो हमारे आदेश से मार्ग दिखाते हैं,
وجعلنهم ايمه يهدون بامرنا
और हमने उन पर प्रकट किया कि वे वह करें जो सबसे बेहतर है, संपर्क बनाए रखें और शुद्ध उदारता दें।
واوحينا اليهم فعل الخيرت واقام الصلوه وايتا الزكوه
और वे हमारे आज्ञाकारी थे।
وكانوا لنا عبدين
और लूत को हमने निर्णय और ज्ञान दिया,
ولوطا اتينه حكما وعلما
और हमने उसे उस बस्ती से उबारा जो विकृत आचरण करती थी,
ونجينه من القريه التي كانت تعمل الخبيث
क्योंकि वे एक बुरी क़ौम थे, अतिक्रमणकारी।
انهم كانوا قوم سو فسقين
और हमने उसे अपनी दया में प्रवेश दिया,
وادخلنه في رحمتنا
क्योंकि वह भलों में से था।
انه من الصلحين
और नूह, जब उसने पहले पुकारा: हमने उसे उत्तर दिया, और हमने उसे और उसके परिवार को विशाल संकट से उबारा।
ونوحا اذ نادي من قبل فاستجبنا له فنجينه واهله من الكرب العظيم
और हमने उस क़ौम के विरुद्ध उसकी सहायता की जिसने हमारे संकेतों को झुठलाया;
ونصرنه من القوم الذين كذبوا بايتنا
क्योंकि वे एक बुरी क़ौम थे, इसलिए हमने उन सबको एक साथ डुबो दिया।
انهم كانوا قوم سو فاغرقنهم اجمعين
और दाऊद और सुलैमान, जब वे उस जुते खेत के विषय में निर्णय करते थे, जिसमें क़ौम की भेड़ें रात में घुस आई थीं,
وداود وسليمن اذ يحكمان في الحرث اذ نفشت فيه غنم القوم
और हम उनके निर्णय के साक्षी थे।
وكنا لحكمهم شهدين
उसकी समझ हमने सुलैमान को दी,
ففهمنها سليمن
और दोनों में से हर एक को हमने निर्णय और ज्ञान दिया।
وكلا اتينا حكما وعلما
और हमने पहाड़ों को दाऊद के साथ महिमा गाने के लिए वशीभूत किया, और पक्षियों को भी;
وسخرنا مع داود الجبال يسبحن والطير
और यह हम ही करने वाले थे।
وكنا فعلين
और हमने उसे तुम्हारे लिए कवच बनाना सिखाया, ताकि वह तुम्हें तुम्हारी अपनी हिंसा से आड़ दे —
وعلمنه صنعه لبوس لكم لتحصنكم من باسكم
तो क्या तुम कृतज्ञ होगे?
فهل انتم شكرون
और सुलैमान के लिए तेज़ हवा, जो उसके आदेश से उस धरती की ओर दौड़ती थी जिसे हमने आशीष दी,
ولسليمن الريح عاصفه تجري بامره الي الارض التي بركنا فيها
और हम हर चीज़ को जानते थे।
وكنا بكل شي علمين
और बहकाने वालों में से कुछ ऐसे थे जो उसके लिए गोता लगाते और इसके अलावा अन्य कार्य भी करते;
ومن الشيطين من يغوصون له ويعملون عملا دون ذلك
और हम उनके रक्षक थे।
وكنا لهم حفظين
और अय्यूब, जब उसने अपने अभिभावक को पुकारा: “हानि ने मुझे छू लिया है, और आप दयालुओं में सबसे दयालु हैं!”
وايوب اذ نادي ربه اني مسني الضر وانت ارحم الرحمين
हमने उसे उत्तर दिया और उस पर जो हानि थी उससे उसे राहत दी,
فاستجبنا له فكشفنا ما به من ضر
और हमने उसे उसका परिवार फिर से दे दिया, और उनके साथ उतने ही और, अपनी ओर से दया के कारण, और आज्ञाकारियों के लिए स्मरण के रूप में।
واتينه اهله ومثلهم معهم رحمه من عندنا وذكري للعبدين
और इस्माईल, और इदरीस, और ज़ुल-किफ़्ल:
واسمعيل وادريس وذا الكفل
हर एक धैर्य रखने वालों में से था।
كل من الصبرين
और हमने उन्हें अपनी दया में प्रवेश दिया,
وادخلنهم في رحمتنا
क्योंकि वे भलों में से थे।
انهم من الصلحين
और ज़ुन्नून, जब वह क्रोध में चल दिया और उसने अनुमान लगाया कि हम उस पर सामर्थ्य नहीं रखेंगे: उसने अँधेरों में पुकारा: “आपके सिवा कोई देवता नहीं! आपकी महिमा हो! मैं निश्चय ही अन्यायियों में से रहा हूँ!”
وذا النون اذ ذهب مغضبا فظن ان لن نقدر عليه فنادي في الظلمت ان لا اله الا انت سبحنك اني كنت من الظلمين
हमने उसे उत्तर दिया और उसे व्यथा से उबारा;
فاستجبنا له ونجينه من الغم
और इसी प्रकार हम विश्वास करने वालों को उबारते हैं।
وكذلك نجي المومنين
और ज़करिया, जब उसने अपने अभिभावक को पुकारा: “मेरे अभिभावक, मुझे अकेला न छोड़िए, जबकि आप उत्तराधिकारियों में सबसे बेहतर हैं!”
وزكريا اذ نادي ربه رب لا تذرني فردا وانت خير الورثين
हमने उसे उत्तर दिया, उसे यह्या प्रदान किया, और उसके लिए उसकी जोड़ीदार को भला बना दिया;
فاستجبنا له ووهبنا له يحيي واصلحنا له زوجه
क्योंकि वे जो सबसे बेहतर है उसकी ओर दौड़ पड़ते थे, लगन और आदर से हमें पुकारते थे, और हमारे प्रति विनीत थे।
انهم كانوا يسرعون في الخيرت ويدعوننا رغبا ورهبا وكانوا لنا خشعين
और मरयम, जिसने अपने शील की रक्षा की: हमने उसमें अपने प्रवाह में से फूँका, और उसे और उसके पुत्र को सभी प्राणियों के लिए एक संकेत बनाया।
والتي احصنت فرجها فنفخنا فيها من روحنا وجعلنها وابنها ايه للعلمين
तुम्हारा यह समुदाय निश्चय ही एक ही समुदाय है, और मैं तुम्हारा अभिभावक हूँ: इसलिए मेरी आज्ञा का पालन करो।
ان هذه امتكم امه وحده وانا ربكم فاعبدون
परंतु उन्होंने आपस में अपना मामला टुकड़ों में बाँट दिया:
وتقطعوا امرهم بينهم
सब हमारी ओर लौटेंगे।
كل الينا رجعون
जो भले कर्म करता है, विश्वास करने वाला होते हुए, उसके प्रयास को कभी नकारा नहीं जाएगा;
فمن يعمل من الصلحت وهو مومن فلا كفران لسعيه
क्योंकि हम उसके लिए उसे लिख लेते हैं।
وانا له كتبون
और जिस बस्ती को हमने नष्ट किया उसके लिए यह वर्जित है कि वे न लौटें —
وحرم علي قريه اهلكنها انهم لا يرجعون
जब तक याजूज और माजूज खोल न दिए जाएँ, हर ऊँचाई से उमड़ते हुए, और सच्चा वादा निकट न आ जाए; तब नकारने वालों की दृष्टियाँ जम जाती हैं: “हाय हम पर! हम इस विषय में लापरवाही में थे; बल्कि हम अन्यायी रहे हैं!”
حتي اذا فتحت ياجوج وماجوج وهم من كل حدب ينسلون واقترب الوعد الحق فاذا هي شخصه ابصر الذين كفروا يويلنا قد كنا في غفله من هذا بل كنا ظلمين
तुम, और जिसकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते हो, निश्चय ही जहन्नम का ईंधन हो; तुम उसमें पहुँचोगे।
انكم وما تعبدون من دون الله حصب جهنم انتم لها وردون
यदि ये देवता होते, तो ये उसमें न पहुँचते;
لو كان هولا الهه ما وردوها
और सब उसमें सदा रहेंगे।
وكل فيها خلدون
वे उसमें घरघराएँगे, और उसमें कुछ नहीं सुनेंगे।
لهم فيها زفير وهم فيها لا يسمعون
जिन्हें हम पहले ही सबसे सुंदर हिस्सा दे चुके हैं, वे उससे निश्चय ही दूर रखे जाएँगे:
ان الذين سبقت لهم منا الحسني اوليك عنها مبعدون
वे उसकी ज़रा भी सनसनाहट नहीं सुनेंगे, और जिसकी उनका स्व कामना करे उसमें सदा रहेंगे।
لا يسمعون حسيسها وهم في ما اشتهت انفسهم خلدون
बड़ा आतंक उन्हें दुखी नहीं करेगा,
لا يحزنهم الفزع الاكبر
और अभिकर्ता उनका स्वागत करेंगे: “यह तुम्हारा दिन है, जिसका तुमसे वादा किया गया था।”
وتتلقيهم المليكه هذا يومكم الذي كنتم توعدون
जिस दिन हम आकाश को तह करेंगे जैसे फ़ाइल अपने भीतर के लेखों पर बंद हो जाती है,
يوم نطوي السما كطي السجل للكتب
उसी प्रकार जैसे हमने पहली रचना का आरंभ किया, हम उसे दोहराएँगे —
كما بدانا اول خلق نعيده
यह हमारे ज़िम्मे एक वादा है:
وعدا علينا
हम इसे करेंगे, निश्चय ही।
انا كنا فعلين
हमने निश्चय ही स्मरण के बाद प्रपत्र में लिखा है कि धरती विरासत में मेरे भले आज्ञाकारियों की होगी।
ولقد كتبنا في الزبور من بعد الذكر ان الارض يرثها عبادي الصلحون
अवश्य इसमें आज्ञाकारियों की एक क़ौम के लिए संप्रेषण है।
ان في هذا لبلغا لقوم عبدين
और हमने तुम्हें सभी प्राणियों के लिए दया के रूप में ही भेजा है।
وما ارسلنك الا رحمه للعلمين
कहो: “मुझ पर केवल यह प्रकट किया जाता है कि तुम्हारा देवता एक ही देवता है।
قل انما يوحي الي انما الهكم اله وحد
तो क्या तुम उसके प्रति खरे होगे?”
فهل انتم مسلمون
यदि वे पीठ फेर लें, तो कहो: “मैंने तुम सबको समान रूप से सूचित किया,
فان تولوا فقل اذنتكم علي سوا
और मुझे कोई अंदाज़ा नहीं कि जिसका तुमसे वादा किया गया है वह निकट है या दूर।
وان ادري اقريب ام بعيد ما توعدون
वह जानता है, निश्चय ही, जो ऊँचे स्वर में कहा जाता है, और वह जानता है जो तुम दबा रखते हो।
انه يعلم الجهر من القول ويعلم ما تكتمون
और मुझे अंदाज़ा नहीं: शायद यह तुम्हारे लिए एक परीक्षा हो, और एक समय तक उपभोग।”
وان ادري لعله فتنه لكم ومتع الي حين
कहो: “मेरे अभिभावक, सत्य के साथ निर्णय कीजिए;
قل رب احكم بالحق
और हमारा अभिभावक सर्वदयालु है, जिससे उसके विरुद्ध सहायता माँगी जाती है जो तुम वर्णन करते हो।”
وربنا الرحمن المستعان علي ما تصفون