المرسلات
Al-Mursalat
Those Sent Forth
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
उनकी शपथ जो एक के बाद एक भेजी जाती हैं, उनकी शपथ जो ज़ोर से बिखेरती हैं, उनकी शपथ जो भली-भाँति फैलाती हैं, उनकी शपथ जो स्पष्ट रूप से अलग करती हैं, उनकी शपथ जो स्मरण देती हैं, सफ़ाई के रूप में या चेतावनी के रूप में: तुमसे जो वादा किया गया है वह अवश्य घटित होने वाला है।
والمرسلت عرفا فالعصفت عصفا والنشرت نشرا فالفرقت فرقا فالملقيت ذكرا عذرا او نذرا انما توعدون لوقع
जब तारे मिटा दिए जाएँगे, जब आकाश चीर दिया जाएगा, जब पहाड़ चूर-चूर कर दिए जाएँगे, जब संदेशवाहक अपना वादे का समय पा लेंगे — किस दिन के लिए वे टाले गए थे? अलगाव के दिन के लिए।
فاذا النجوم طمست واذا السما فرجت واذا الجبال نسفت واذا الرسل اقتت لاي يوم اجلت ليوم الفصل
और तुम्हें क्या अंदाज़ा दिलाए कि अलगाव का दिन क्या है?
وما ادريك ما يوم الفصل
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
क्या हमने पहलों को नष्ट नहीं किया?
الم نهلك الاولين
फिर हम बाद वालों को उनके पीछे लगा देंगे।
ثم نتبعهم الاخرين
हम बहिष्कृतों के साथ इसी प्रकार व्यवहार करते हैं।
كذلك نفعل بالمجرمين
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
क्या हमने तुम्हें एक तुच्छ पानी से नहीं रचा? फिर हमने उसे एक सुरक्षित, स्थिर स्थान में रखा, एक ज्ञात माप तक; हमने निर्धारित किया —
الم نخلقكم من ما مهين فجعلنه في قرار مكين الي قدر معلوم فقدرنا
और हम निर्धारित करने में उत्तम हैं!
فنعم القدرون
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
क्या हमने धरती को जीवित और मृत दोनों के लिए एक पात्र नहीं बनाया? और क्या हमने उसमें दृढ़ और ऊँचे खूँटे नहीं रखे, और क्या हमने तुम्हें प्यास बुझाने वाला पानी नहीं पिलाया?
الم نجعل الارض كفاتا احيا واموتا وجعلنا فيها روسي شمخت واسقينكم ما فراتا
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
“उसकी ओर जाओ जिसे तुम झुठलाते थे! जाओ एक तीन शाखाओं वाली छाया की ओर, जो न छाया करती है और न ज्वाला के विरुद्ध किसी काम की है।”
انطلقوا الي ما كنتم به تكذبون انطلقوا الي ظل ذي ثلث شعب لا ظليل ولا يغني من اللهب
वह महलों जैसी बड़ी चिंगारियाँ फेंकती है, मानो वे पीले ऊँट हों।
انها ترمي بشرر كالقصر كانه جملت صفر
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
यह वह दिन है जब वे कुछ नहीं कहेंगे, और जब उन्हें सफ़ाई देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
هذا يوم لا ينطقون ولا يوذن لهم فيعتذرون
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
यह अलगाव का दिन है; हमने तुम्हें और पहलों को एकत्र कर दिया है। यदि तुम्हारे पास कोई चाल है, तो वह चाल मुझ पर चलो!
هذا يوم الفصل جمعنكم والاولين فان كان لكم كيد فكيدون
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
जो सावधान रहे वे निश्चय ही छायाओं और सोतों के बीच होंगे, और अपनी कामनाओं के अनुसार स्वादों के बीच:
ان المتقين في ظلل وعيون وفوكه مما يشتهون
“खाओ और पियो
كلوا واشربوا
सुखपूर्वक, उसके बदले जो तुम करते थे।”
هنيا بما كنتم تعملون
हम भलाई करने वालों को इसी प्रकार प्रतिफल देते हैं।
انا كذلك نجزي المحسنين
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
“खाओ और थोड़ा उपभोग कर लो, क्योंकि तुम बहिष्कृत हो।”
كلوا وتمتعوا قليلا انكم مجرمون
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
और जब उनसे कहा जाता है: “घुटने टेको”, तो वे घुटने नहीं टेकते।
واذا قيل لهم اركعوا لا يركعون
उस दिन हाय झुठलाने वालों पर!
ويل يوميذ للمكذبين
तो इसके बाद वे किस वार्ता पर विश्वास करेंगे?
فباي حديث بعده يومنون