التكوير
At-Takwir
A Self Will Know
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
जब सूर्य लपेट दिया जाएगा, और जब तारे बिखर जाएँगे, और जब पहाड़ गति में डाल दिए जाएँगे, और जब निकट जन उपेक्षित छोड़ दिए जाएँगे, और जब जंगली पशु इकट्ठा किए जाएँगे, और जब समुद्र उबाल पर लाए जाएँगे, और जब स्वों के जोड़े बनाए जाएँगे, और जब ज़िंदा गाड़ी गई बच्ची से पूछा जाएगा कि वह किस दोष के कारण मारी गई, और जब अभिलेख फैलाए जाएँगे, और जब आकाश की खाल उतारी जाएगी, और जब भट्ठी भड़काई जाएगी, और जब उद्यान निकट लाया जाएगा, तब एक स्व जान लेगा कि उसने क्या प्रस्तुत किया।
اذا الشمس كورت واذا النجوم انكدرت واذا الجبال سيرت واذا العشار عطلت واذا الوحوش حشرت واذا البحار سجرت واذا النفوس زوجت واذا الموءدة سيلت باى ذنب قتلت واذا الصحف نشرت واذا السماء كشطت واذا الجحيم سعرت واذا الجنة ازلفت علمت نفس ما احضرت
नहीं! मैं शपथ लेता हूँ पीछे हटने वाले तारों की, जो दौड़ते और छिप जाते हैं, और रात की जब वह विदा लेती है, और भोर की जब वह साँस लेती है: यह अवश्य एक सम्मानित संदेशवाहक का कथन है, जो बल वाला है, भवन वाले के पास भली-भाँति स्थापित है, जिसकी वहाँ बात मानी जाती है, और जो विश्वस्त है।
فلا اقسم بالخنس الجوار الكنس واليل اذا عسعس والصبح اذا تنفس انه لقول رسول كريم ذي قوة عند ذي العرش مكين مطاع ثم امين
और तुम्हारा साथी विक्षिप्त नहीं है।
وما صاحبكم بمجنون
और उसने उसे निश्चय ही स्पष्ट क्षितिज पर देखा है।
ولقد رءاه بالافق المبين
और वह उस विषय में कंजूस नहीं जो इंद्रियों से परे है।
وما هو على الغيب بضنين
और यह किसी निष्कासित बहकाने वाले का कथन नहीं है। तो तुम कहाँ जा रहे हो?
وما هو بقول شيطن رجيم فاين تذهبون
यह तो सभी प्राणियों के लिए केवल एक स्मरण है, तुममें से उसके लिए जिसकी मर्ज़ी सीधा रहने की हो।
ان هو الا ذكر للعلمين لمن شاء منكم ان يستقيم
और तुम तभी चाहोगे जब ईश्वर की मर्ज़ी हो, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है।
وما تشاءون الا ان يشاء الله رب العلمين