الغاشية
Al-Ghashiya
The All-Covering
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
क्या तुम तक ढक लेने वाली की वार्ता पहुँची है?
هل اتىك حديث الغشية
उस दिन कुछ चेहरे विनीत, श्रम में लगे, थके हुए होंगे। उन्हें एक धधकती आग में जलाया जाएगा, एक खौलते सोते से पिलाए जाते हुए।
وجوه يوميذ خشعة عاملة ناصبة تصلى نارا حامية تسقى من عين ءانية
उनका आहार सूखे काँटों के सिवा कुछ न होगा, जो न मोटा करते हैं और न भूख के विरुद्ध किसी काम आते हैं।
ليس لهم طعام الا من ضريع لا يسمن ولا يغني من جوع
उस दिन कुछ चेहरे उपकार में खिले हुए होंगे, अपने प्रयास से संतुष्ट, एक ऊँचे उद्यान में, जहाँ कोई व्यर्थ बात नहीं सुनी जाएगी।
وجوه يوميذ ناعمة لسعيها راضية في جنة عالية لا تسمع فيها لغية
वहाँ एक बहता हुआ सोता है।
فيها عين جارية
वहाँ ऊँचे आसन हैं, रखे हुए प्याले, कतार में लगे तकिए, और बिछे हुए गलीचे।
فيها سرر مرفوعة واكواب موضوعة ونمارق مصفوفة وزرابي مبثوثة
तो क्या वे विशालकाय पशुओं पर नज़र नहीं डालते, कि वे कैसे रचे गए? और आकाश पर, कि वह कैसे ऊँचा किया गया? और पहाड़ों पर, कि वे कैसे खड़े किए गए? और धरती पर, कि वह कैसे समतल बिछाई गई?
افلا ينظرون الى الابل كيف خلقت والى السماء كيف رفعت والى الجبال كيف نصبت والى الارض كيف سطحت
तो स्मरण कराओ, तुम तो केवल स्मरण कराने के लिए हो।
فذكر انما انت مذكر
तुम्हें उन पर विवश करने का कोई अधिकार नहीं।
لست عليهم بمصيطر
सिवा उसके जिसने पीठ फेरी और नकारा: तब ईश्वर उसे सबसे बड़े दंड से दंडित करेगा।
الا من تولى وكفر فيعذبه الله العذاب الاكبر
उनका पुनरागमन हमारी ही ओर है, फिर उनका हिसाब लेना हमारा काम है।
ان الينا ايابهم ثم ان علينا حسابهم