يونس
Yunus
The Abode of Peace
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
अलिफ़. लाम. रा.
الر
ये प्रज्ञा से भरे ग्रंथ के संकेत हैं।
تلك ءايت الكتب الحكيم
क्या लोगों के लिए यह आश्चर्य की बात है कि हमने उनमें से एक पुरुष पर प्रकट किया: “लोगों को चेतावनी दो,
اكان للناس عجبا ان اوحينا الى رجل منهم ان انذر الناس
और जिन्होंने विश्वास किया उन्हें शुभ समाचार दो कि उनके अभिभावक के पास उनके लिए सच्चाई का पक्का क़दम है”?
وبشر الذين ءامنوا ان لهم قدم صدق عند ربهم
नकारने वाले कहते हैं: “यह तो अवश्य एक स्पष्ट भ्रम है।”
قال الكفرون ان هذا لسحر مبين
तुम्हारा अभिभावक निश्चय ही ईश्वर है, जिसने आकाशों और धरती को छह दिनों में रचा, फिर भवन पर स्थित हुआ।
ان ربكم الله الذي خلق السموت والارض في ستة ايام ثم استوى على العرش
वह आदेश का संचालन करता है।
يدبر الامر
कोई सिफ़ारिशी नहीं, सिवा उसकी अनुमति के बाद।
ما من شفيع الا من بعد اذنه
यही ईश्वर तुम्हारा अभिभावक है।
ذلكم الله ربكم
तो उसकी आज्ञा का पालन करो।
فاعبدوه
तो क्या तुम स्मरण नहीं करते?
افلا تذكرون
उसी की ओर तुम सबका लौटना है।
اليه مرجعكم جميعا
ईश्वर का वादा, पूर्ण सत्य के साथ,
وعد الله حقا
क्योंकि वह रचना का आरंभ करता है, फिर उसे दोहराता है, ताकि जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए उन्हें निष्पक्षता से प्रतिफल दे।
انه يبدوا الخلق ثم يعيده ليجزي الذين ءامنوا وعملوا الصلحت بالقسط
परंतु जिन्होंने नकारा, उनके लिए खौलते पानी का पेय और पीड़ादायक दंड होगा, इस कारण कि वे नकारते थे।
والذين كفروا لهم شراب من حميم وعذاب اليم بما كانوا يكفرون
वही है जिसने सूर्य को उजाला और चंद्रमा को प्रकाश बनाया, और उसके लिए पड़ाव ठहराए, ताकि तुम वर्षों की संख्या और गणना जान लो।
هو الذي جعل الشمس ضياء والقمر نورا وقدره منازل لتعلموا عدد السنين والحساب
ईश्वर ने इसे केवल पूर्ण सत्य के साथ रचा है।
ما خلق الله ذلك الا بالحق
वह उस क़ौम के लिए संकेतों का विवरण देता है जो जानती है।
يفصل الءايت لقوم يعلمون
रात और दिन की अदला-बदली में, और उसमें जो ईश्वर ने आकाशों में और धरती पर रचा, सावधानी बरतने वाली क़ौम के लिए अवश्य संकेत हैं।
ان في اختلف اليل والنهار وما خلق الله في السموت والارض لءايت لقوم يتقون
निश्चय ही, जो हमसे मिलने की आशा नहीं रखते, जो इहलोक के जीवन से संतुष्ट हो गए और उसी में निश्चिंत हो गए, और जो हमारे संकेतों से लापरवाह हैं — यही वे हैं जिनकी शरण आग होगी, उसके कारण जो वे कमाते थे।
ان الذين لا يرجون لقاءنا ورضوا بالحيوة الدنيا واطمانوا بها والذين هم عن ءايتنا غفلون اوليك ماوىهم النار بما كانوا يكسبون
निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, उनका अभिभावक उनके विश्वास के कारण उन्हें मार्ग दिखाता है।
ان الذين ءامنوا وعملوا الصلحت يهديهم ربهم بايمنهم
उनके नीचे नदियाँ बहेंगी, उपकार के उद्यानों में।
تجري من تحتهم الانهر في جنت النعيم
वहाँ उनकी पुकार होगी: “आपकी महिमा हो, हे ईश्वर!”
دعوىهم فيها سبحنك اللهم
और वहाँ उनका अभिवादन होगा: “शांति”।
وتحيتهم فيها سلم
और अंत में उनकी पुकार होगी: “प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है।”
وءاخر دعوىهم ان الحمد لله رب العلمين
और यदि ईश्वर लोगों के लिए बुराई को शीघ्र कर देता जैसे वे अच्छाई को शीघ्र करना चाहते हैं, तो उनकी अवधि उनके लिए पहले ही पूरी कर दी गई होती।
ولو يعجل الله للناس الشر استعجالهم بالخير لقضي اليهم اجلهم
तो हम उन्हें, जो हमसे मिलने की आशा नहीं रखते, उनकी मर्यादाहीनता में छोड़ देते हैं, जहाँ वे टटोलते फिरते हैं।
فنذر الذين لا يرجون لقاءنا في طغينهم يعمهون
और जब मनुष्य को हानि पहुँचती है, तो वह हमें पुकारता है, करवट के बल लेटा हुआ, बैठा हुआ, या खड़ा हुआ;
واذا مس الانسن الضر دعانا لجنبه او قاعدا او قايما
फिर जब हम उसकी हानि दूर कर देते हैं, तो वह आगे निकल जाता है, जैसे उसने हमें कभी उस हानि के विषय में पुकारा ही न हो जो उसे पहुँची थी।
فلما كشفنا عنه ضره مر كان لم يدعنا الى ضر مسه
इसी प्रकार अतिवादियों के लिए वे कर्म सुंदर बनाए गए जो वे करते थे।
كذلك زين للمسرفين ما كانوا يعملون
हमने निश्चय ही तुमसे पहले की पीढ़ियों को नष्ट कर दिया, जब उन्होंने अन्याय किया, जबकि उनके संदेशवाहक उनके पास स्पष्ट प्रमाणों के साथ आए थे;
ولقد اهلكنا القرون من قبلكم لما ظلموا وجاءتهم رسلهم بالبينت
परंतु वे विश्वास करने को तैयार न थीं।
وما كانوا ليومنوا
इसी प्रकार हम बहिष्कृतों की क़ौम को प्रतिफल देते हैं।
كذلك نجزي القوم المجرمين
फिर हमने उनके बाद तुम्हें धरती पर उत्तराधिकारी बनाया, यह नज़र डालने के लिए कि तुम कैसे कर्म करते हो।
ثم جعلنكم خليف في الارض من بعدهم لننظر كيف تعملون
और जब उन्हें हमारे संकेत सुनाए जाते हैं, पूरी तरह स्पष्ट, तो जो हमसे मिलने की आशा नहीं रखते वे कहते हैं: “इसके सिवा कोई और पाठ ले आओ, या इसे बदल दो।”
واذا تتلى عليهم ءاياتنا بينت قال الذين لا يرجون لقاءنا ايت بقرءان غير هذا او بدله
कहो: “मेरे लिए उचित नहीं कि मैं इसे अपनी ओर से बदलूँ;
قل ما يكون لي ان ابدله من تلقاي نفسي
मैं तो केवल उसी का अनुसरण करता हूँ जो मुझ पर प्रकट किया जाता है।
ان اتبع الا ما يوحى الى
यदि मैं अपने अभिभावक की अवज्ञा करूँ, तो मुझे निश्चय ही एक विशाल दिन के दंड का डर है।”
اني اخاف ان عصيت ربي عذاب يوم عظيم
कहो: “यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो मैं इसे तुम्हें सुनाता नहीं, और न वह तुम्हें इसका अंदाज़ा दिलाता।
قل لو شاء الله ما تلوته عليكم ولا ادرىكم به
फिर भी मैं इससे पहले तुम्हारे बीच एक पूरा जीवन बिता चुका हूँ।
فقد لبثت فيكم عمرا من قبله
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?”
افلا تعقلون
तो उससे बढ़कर अन्यायी कौन है जो ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़ता है, या उसके संकेतों को झुठलाता है?
فمن اظلم ممن افترى على الله كذبا او كذب بايته
बहिष्कृत निश्चय ही सफल नहीं होते।
انه لا يفلح المجرمون
और वे ईश्वर के अतिरिक्त उसकी आज्ञा का पालन करते हैं जो न उन्हें हानि पहुँचाता है न लाभ, और कहते हैं: “ये ईश्वर के पास हमारे सिफ़ारिशी हैं।”
ويعبدون من دون الله ما لا يضرهم ولا ينفعهم ويقولون هولاء شفعونا عند الله
कहो: “क्या तुम ईश्वर को उसकी सूचना देते हो जो वह न आकाशों में जानता है न धरती पर?”
قل اتنبون الله بما لا يعلم في السموت ولا في الارض
उसकी महिमा हो, और वह उससे कहीं ऊपर है जिसे वे उसके साथ साझी ठहराते हैं।
سبحنه وتعلى عما يشركون
लोग केवल एक समुदाय थे, फिर उनमें मतभेद हुआ।
وما كان الناس الا امة وحدة فاختلفوا
और यदि तुम्हारे अभिभावक का पहले का बोल न होता, तो उनके बीच उस विषय में फ़ैसला कर दिया गया होता जिसमें वे मतभेद करते हैं।
ولولا كلمة سبقت من ربك لقضي بينهم فيما فيه يختلفون
और वे कहते हैं: “उस पर उसके अभिभावक की ओर से कोई संकेत क्यों नहीं उतारा गया!”
ويقولون لولا انزل عليه ءاية من ربه
कहो: “जो इंद्रियों से परे है वह केवल ईश्वर का है।
فقل انما الغيب لله
तो प्रतीक्षा करो,
فانتظروا
क्योंकि मैं भी तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ।”
اني معكم من المنتظرين
और जब हम लोगों को उन पर पड़ी हानि के बाद दया का स्वाद चखाते हैं, तो तभी वे हमारे संकेतों के विरुद्ध षड्यंत्र करने लगते हैं।
واذا اذقنا الناس رحمة من بعد ضراء مستهم اذا لهم مكر في ءاياتنا
कहो: “षड्यंत्र में ईश्वर कहीं अधिक फुर्तीला है।”
قل الله اسرع مكرا
हमारे भेजे गए जन निश्चय ही लिखकर दर्ज करते हैं जो तुम षड्यंत्र करते हो।
ان رسلنا يكتبون ما تمكرون
वही है जो तुम्हें थल और समुद्र में विचरण कराता है,
هو الذي يسيركم في البر والبحر
यहाँ तक कि जब तुम जलयान में होते हो और वह उन्हें लेकर अच्छी हवा में चलता है, और वे उससे प्रसन्न होते हैं, तभी तेज़ आँधी उस पर टूट पड़ती है, हर ओर से लहर उनके पास आती है, और वे अनुमान लगाते हैं कि वे घिर गए हैं — तब वे ईश्वर को पुकारते हैं, विधान को अनन्य रूप से उसी को समर्पित करते हुए: “यदि आपने हमें इससे उबार लिया, तो हम अवश्य कृतज्ञ होने वालों में होंगे।”
حتى اذا كنتم في الفلك وجرين بهم بريح طيبة وفرحوا بها جاءتها ريح عاصف وجاءهم الموج من كل مكان وظنوا انهم احيط بهم دعوا الله مخلصين له الدين لين انجيتنا من هذه لنكونن من الشكرين
परंतु जैसे ही उसने उन्हें उबार लिया, तभी वे धरती पर बिना हक़ के ज़्यादती करने लगते हैं।
فلما انجىهم اذا هم يبغون في الارض بغير الحق
हे लोगो! तुम्हारी ज़्यादती केवल तुम्हारे अपने ऊपर ही पड़ती है,
يايها الناس انما بغيكم على انفسكم
इहलोक के जीवन का उपभोग;
متع الحيوة الدنيا
फिर तुम्हारा लौटना हमारी ही ओर होगा, और हम तुम्हें सूचित करेंगे कि तुम क्या करते थे।
ثم الينا مرجعكم فننبيكم بما كنتم تعملون
इहलोक के जीवन का उदाहरण उस पानी का है जिसे हम आकाश से उतारते हैं, और जो मिल जाता है
انما مثل الحيوة الدنيا كماء انزلنه من السماء فاختلط
धरती की वनस्पति से, जिसे लोग और पशुधन खाते हैं,
به نبات الارض مما ياكل الناس والانعم
यहाँ तक कि जब धरती ने अपना सुनहरापन धारण कर लिया और सुंदर हो गई, और उस धरती वाले अनुमान लगाते हैं कि वे उस पर सामर्थ्य रखते हैं, तब हमारा आदेश रात या दिन में उस तक आ पहुँचता है, और हम उसे कटी हुई धरती बना देते हैं, मानो कल उसने समृद्धि जानी ही न थी।
حتى اذا اخذت الارض زخرفها وازينت وظن اهلها انهم قدرون عليها اتىها امرنا ليلا او نهارا فجعلنها حصيدا كان لم تغن بالامس
इसी प्रकार हम सोच-विचार करने वाली क़ौम के लिए संकेतों का विवरण देते हैं।
كذلك نفصل الءايت لقوم يتفكرون
ईश्वर शांति के ठिकाने की ओर बुलाता है, और वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे सीधे पथ की ओर मार्ग दिखाता है।
والله يدعوا الى دار السلم ويهدي من يشاء الى صرط مستقيم
भलाई करने वालों के लिए सबसे सुंदर है, और उससे भी अधिक;
للذين احسنوا الحسنى وزيادة
न काली धूल, न अपमान उनके चेहरों को ढकेंगे।
ولا يرهق وجوههم قتر ولا ذلة
यही उद्यान वाले हैं,
اوليك اصحب الجنة
वे उसमें सदा रहते हैं।
هم فيها خلدون
और जिन्होंने बुरे कर्म कमाए, बुरे कर्म का प्रतिफल उसका समकक्ष होगा, और अपमान उन्हें ढक लेगा; ईश्वर के विरुद्ध उनका कोई बचाव नहीं होगा — मानो उनके चेहरे रात के अँधेरे के किसी टुकड़े से ढक दिए गए हों।
والذين كسبوا السيات جزاء سيية بمثلها وترهقهم ذلة ما لهم من الله من عاصم كانما اغشيت وجوههم قطعا من اليل مظلما
यही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।
اوليك اصحب النار هم فيها خلدون
और जिस दिन हम उन सबको इकट्ठा करेंगे, फिर जिन्होंने साझी ठहराया उनसे कहेंगे: “अपने स्थान पर रहो, तुम और तुम्हारे साझीदार” — फिर हम उन्हें एक-दूसरे से अलग कर देंगे,
ويوم نحشرهم جميعا ثم نقول للذين اشركوا مكانكم انتم وشركاوكم فزيلنا بينهم
और उनके साझीदार कहेंगे: “तुम हमारी आज्ञा का पालन नहीं करते थे।”
وقال شركاوهم ما كنتم ايانا تعبدون
ईश्वर हमारे और तुम्हारे बीच साक्षी के रूप में पर्याप्त है: हम तुम्हारी आज्ञाकारिता से अवश्य लापरवाह थे।
فكفى بالله شهيدا بيننا وبينكم ان كنا عن عبادتكم لغفلين
वहाँ हर स्व वह सुनाएगा जो उसने पहले किया था,
هنالك تبلوا كل نفس ما اسلفت
और वे ईश्वर की ओर वापस लाए जाएँगे, जो उनका वास्तविक, सबसे निकट का ज़ामिन है,
وردوا الى الله مولىهم الحق
और जो वे गढ़ते थे वह उनसे दूर भटक गया होगा।
وضل عنهم ما كانوا يفترون
कहो: “तुम्हें आकाश और धरती से जीविका कौन देता है?
قل من يرزقكم من السماء والارض
या श्रवण और दृष्टियों का मालिक कौन है, कौन जीवित को मृत से निकालता है और मृत को जीवित से निकालता है, और कौन आदेश का संचालन करता है?”
امن يملك السمع والابصر ومن يخرج الحى من الميت ويخرج الميت من الحى ومن يدبر الامر
वे कहेंगे: “ईश्वर।”
فسيقولون الله
तब कहो: “तो क्या तुम सावधान नहीं रहते?”
فقل افلا تتقون
यही ईश्वर तुम्हारा वास्तविक अभिभावक है।
فذلكم الله ربكم الحق
सत्य के बाद भटकाव के सिवा और क्या है?
فماذا بعد الحق الا الضلل
तो तुम कैसे फेर दिए जाते हो?
فانى تصرفون
इसी प्रकार तुम्हारे अभिभावक का बोल अतिक्रमणकारियों पर सत्य सिद्ध हुआ: वे विश्वास नहीं करते।
كذلك حقت كلمت ربك على الذين فسقوا انهم لا يومنون
कहो: “क्या तुम्हारे साझीदारों में कोई है जो रचना का आरंभ करे, फिर उसे दोहराए?”
قل هل من شركايكم من يبدوا الخلق ثم يعيده
कहो: “ईश्वर रचना का आरंभ करता है, फिर उसे दोहराता है।
قل الله يبدوا الخلق ثم يعيده
तो तुम कैसे उलटे फेरे जा रहे हो?”
فانى توفكون
कहो: “क्या तुम्हारे साझीदारों में कोई है जो सत्य की ओर मार्ग दिखाए?”
قل هل من شركايكم من يهدي الى الحق
कहो: “ईश्वर सत्य की ओर मार्ग दिखाता है।
قل الله يهدي للحق
तो क्या जो सत्य की ओर मार्ग दिखाता है वह अनुसरण के अधिक योग्य है, या वह जो स्वयं तभी मार्गदर्शन पाता है जब उसे मार्ग दिखाया जाए?
افمن يهدي الى الحق احق ان يتبع امن لا يهدي الا ان يهدى
तुम्हें क्या हुआ है? तुम कैसे निर्णय करते हो?”
فما لكم كيف تحكمون
उनमें से अधिकतर केवल एक अनुमान का अनुसरण करते हैं;
وما يتبع اكثرهم الا ظنا
जबकि अनुमान सत्य के सामने किसी काम का नहीं,
ان الظن لا يغني من الحق شيا
क्योंकि ईश्वर उसके विषय में सर्वज्ञ है जो वे करते हैं।
ان الله عليم بما يفعلون
यह पाठ ऐसा न था कि ईश्वर के अतिरिक्त किसी के द्वारा गढ़ा जा सके;
وما كان هذا القرءان ان يفترى من دون الله
बल्कि यह उसकी पुष्टि करता है जो इससे पहले है, और संहिता का विवरण देता है — इसमें कोई संदेह नहीं — सभी प्राणियों के अभिभावक की ओर से।
ولكن تصديق الذي بين يديه وتفصيل الكتب لا ريب فيه من رب العلمين
या वे कहेंगे: “उसने इसे गढ़ लिया है”?
ام يقولون افترىه
कहो: “तो इसके समान एक सूरा ले आओ,
قل فاتوا بسورة مثله
और ईश्वर के अतिरिक्त जिसे बुला सको बुला लो, यदि तुम सच्चे हो।”
وادعوا من استطعتم من دون الله ان كنتم صدقين
बल्कि उन्होंने उसे झुठलाया जिसे वे ज्ञान से घेर नहीं सके, और जिसका पूर्वकथन अभी उन तक नहीं पहुँचा था।
بل كذبوا بما لم يحيطوا بعلمه ولما ياتهم تاويله
इसी प्रकार उन्होंने झुठलाया जो उनसे पहले थे।
كذلك كذب الذين من قبلهم
तो नज़र डालो कि अन्यायियों का परिणाम कैसा रहा।
فانظر كيف كان عقبة الظلمين
और उनमें से कुछ हैं जो इस पर विश्वास करते हैं, और कुछ हैं जो इस पर विश्वास नहीं करते;
ومنهم من يومن به ومنهم من لا يومن به
तुम्हारा अभिभावक बिगाड़ने वालों को सबसे अच्छी तरह जानता है।
وربك اعلم بالمفسدين
और यदि वे तुम्हें झुठलाएँ, तो कहो: “मेरे लिए मेरा कर्म, तुम्हारे लिए तुम्हारा; तुम उससे बरी हो जो मैं करता हूँ, और मैं उससे बरी हूँ जो तुम करते हो।”
وان كذبوك فقل لي عملي ولكم عملكم انتم بريون مما اعمل وانا بريء مما تعملون
और उनमें से कुछ हैं जो तुम्हें सुनते हैं —
ومنهم من يستمعون اليك
परंतु क्या तुम बहरों को सुना सकोगे, चाहे वे बुद्धि से काम न लें?
افانت تسمع الصم ولو كانوا لا يعقلون
और उनमें से कुछ हैं जो तुम पर नज़र डालते हैं —
ومنهم من ينظر اليك
परंतु क्या तुम अंधों को मार्ग दिखा सकोगे, चाहे वे साफ़ न देखें?
افانت تهدي العمي ولو كانوا لا يبصرون
ईश्वर निश्चय ही लोगों पर किसी भी प्रकार अन्याय नहीं करता;
ان الله لا يظلم الناس شيا
लोग ही अपने आप पर अन्याय करते हैं।
ولكن الناس انفسهم يظلمون
और जिस दिन वह उन्हें इकट्ठा करेगा, मानो उन्होंने दिन की एक घड़ी भर ही बिताई हो, वे आपस में एक-दूसरे को पहचानेंगे।
ويوم يحشرهم كان لم يلبثوا الا ساعة من النهار يتعارفون بينهم
घाटा उठाने वाले हैं वे, जिन्होंने ईश्वर से मिलने को झुठलाया, और वे मार्गदर्शन नहीं पाते थे।
قد خسر الذين كذبوا بلقاء الله وما كانوا مهتدين
और चाहे हम तुम्हें उसका कुछ भाग दिखा दें जिसका हम उनसे वादा करते हैं, चाहे हम तुम्हें निष्ठा से सँभाले रखें, हमारी ही ओर उनका लौटना होगा;
واما نرينك بعض الذي نعدهم او نتوفينك فالينا مرجعهم
ईश्वर फिर उसका साक्षी है जो वे करते हैं।
ثم الله شهيد على ما يفعلون
और हर समुदाय के लिए एक संदेशवाहक।
ولكل امة رسول
और जब उनका संदेशवाहक आया, तो उनके बीच निष्पक्षता से फ़ैसला किया गया, बिना इसके कि उन पर अन्याय किया जाए।
فاذا جاء رسولهم قضي بينهم بالقسط وهم لا يظلمون
और वे कहते हैं: “यह वादा कब है, यदि तुम सच्चे हो?”
ويقولون متى هذا الوعد ان كنتم صدقين
कहो: “मैं अपने लिए न हानि का मालिक हूँ, न लाभ का, सिवा उसके जो ईश्वर की मर्ज़ी हो।
قل لا املك لنفسي ضرا ولا نفعا الا ما شاء الله
हर समुदाय के लिए एक अवधि।
لكل امة اجل
जब उनकी अवधि आ जाती है, तो वे उसे एक घड़ी भी पीछे नहीं कर सकते,
اذا جاء اجلهم فلا يستخرون ساعة
और न आगे कर सकते हैं।”
ولا يستقدمون
कहो: “क्या तुमने देखा? यदि उसका दंड तुम पर रात में या दिन में आ पड़े, तो बहिष्कृत उसमें से क्या जल्दी माँगना चाहेंगे?
قل ارءيتم ان اتىكم عذابه بيتا او نهارا ماذا يستعجل منه المجرمون
तो क्या केवल तभी, जब वह आ पड़ेगा, तुम उस पर विश्वास करोगे?
اثم اذا ما وقع ءامنتم به
अब?! जबकि तुम उसे जल्दी माँगा करते थे!”
ءالن وقد كنتم به تستعجلون
फिर उनसे, जिन्होंने अन्याय किया, कहा जाएगा: “अनंतकाल के दंड का स्वाद चखो;
ثم قيل للذين ظلموا ذوقوا عذاب الخلد
क्या तुम्हें उसके सिवा किसी और चीज़ का प्रतिफल दिया जा रहा है जो तुम कमाते थे?”
هل تجزون الا بما كنتم تكسبون
और वे तुमसे सूचना माँगते हैं: “क्या यह सत्य है?”
ويستنبونك احق هو
कहो: “हाँ, मेरे अभिभावक की शपथ! यह अवश्य सत्य है, और तुम उसे असमर्थ नहीं कर सकोगे।”
قل اي وربي انه لحق وما انتم بمعجزين
और यदि हर अन्यायी स्व के पास वह सब होता जो कुछ धरती पर है, तो वह उसके बदले अपने को छुड़ा लेता।
ولو ان لكل نفس ظلمت ما في الارض لافتدت به
और वे दंड को देखकर अपना पछतावा गुप्त रखेंगे, और उनके बीच निष्पक्षता से फ़ैसला किया जाएगा, बिना इसके कि उन पर अन्याय किया जाए।
واسروا الندامة لما راوا العذاب وقضي بينهم بالقسط وهم لا يظلمون
क्या ऐसा नहीं है: जो आकाशों में है और जो धरती पर है, वह ईश्वर का है।
الا ان لله ما في السموت والارض
क्या ऐसा नहीं है: ईश्वर का वादा सत्य है;
الا ان وعد الله حق
परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।
ولكن اكثرهم لا يعلمون
वही जीवन देता है और मृत्यु देता है,
هو يحي ويميت
और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।
واليه ترجعون
हे लोगो! तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास एक उपदेश आया है, सीनों में जो है उसके लिए एक उपचार, और विश्वास करने वालों के लिए एक मार्गदर्शन और एक दया।
يايها الناس قد جاءتكم موعظة من ربكم وشفاء لما في الصدور وهدى ورحمة للمومنين
कहो: “ईश्वर के अनुग्रह और उसकी दया से — इसी पर वे प्रसन्न हों!
قل بفضل الله وبرحمته فبذلك فليفرحوا
यह उससे बेहतर है जो वे जमा करते हैं।”
هو خير مما يجمعون
कहो: “क्या तुमने देखा? ईश्वर ने तुम्हारे लिए जो जीविका के रूप में उतारा है, उसमें से तुमने एक वर्जित भाग और एक वैध भाग बना लिया” —
قل ارءيتم ما انزل الله لكم من رزق فجعلتم منه حراما وحللا
कहो: “क्या ईश्वर ने तुम्हें इसकी अनुमति दी है, या तुम ईश्वर के विरुद्ध गढ़ते हो?”
قل ءالله اذن لكم ام على الله تفترون
ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़ने वाले पेशी के दिन क्या अनुमान लगाएँगे?
وما ظن الذين يفترون على الله الكذب يوم القيمة
ईश्वर लोगों पर अवश्य अनुग्रह रखता है,
ان الله لذو فضل على الناس
परंतु उनमें से अधिकतर कृतज्ञ नहीं हैं।
ولكن اكثرهم لا يشكرون
तुम किसी स्थिति में नहीं होते, तुम कोई ऐसा पाठ नहीं सुनाते जो उसमें से हो, तुम कोई कर्म नहीं करते, बिना इसके कि हम तुम पर साक्षी हों, जब तुम उसमें जुट जाते हो।
وما تكون في شان وما تتلوا منه من قرءان ولا تعملون من عمل الا كنا عليكم شهودا اذ تفيضون فيه
तुम्हारे अभिभावक से कुछ भी दूर नहीं, चाहे धरती पर या आकाश में एक कण का भार ही क्यों न हो,
وما يعزب عن ربك من مثقال ذرة في الارض ولا في السماء
उससे छोटा या उससे बड़ा कुछ भी नहीं जो एक स्पष्ट बही में न हो।
ولا اصغر من ذلك ولا اكبر الا في كتب مبين
क्या ऐसा नहीं है: ईश्वर के हिमायती, उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे,
الا ان اولياء الله لا خوف عليهم ولا هم يحزنون
वे जिन्होंने विश्वास किया और जो सावधान रहा करते थे।
الذين ءامنوا وكانوا يتقون
उनके लिए शुभ समाचार है, इहलोक के जीवन में और अंतिम जीवन में।
لهم البشرى في الحيوة الدنيا وفي الءاخرة
ईश्वर के बोलों में कोई परिवर्तन नहीं।
لا تبديل لكلمت الله
यही विशाल विजय है।
ذلك هو الفوز العظيم
और उनका कथन तुम्हें दुखी न करे:
ولا يحزنك قولهم
शक्ति निश्चय ही पूरी की पूरी ईश्वर की है।
ان العزة لله جميعا
वह सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
هو السميع العليم
क्या ऐसा नहीं है: जो कोई आकाशों में है और जो कोई धरती पर है, वह ईश्वर का है;
الا ان لله من في السموت ومن في الارض
तो ईश्वर के अतिरिक्त साझीदारों को पुकारने वाले किसका अनुसरण करते हैं?
وما يتبع الذين يدعون من دون الله شركاء
वे केवल अनुमान का अनुसरण करते हैं,
ان يتبعون الا الظن
और वे केवल अटकल लगाते हैं।
وان هم الا يخرصون
वही है जिसने तुम्हारे लिए रात बनाई ताकि तुम उसमें विश्राम करो, और दिन इसलिए कि उसमें साफ़ देख सको।
هو الذي جعل لكم اليل لتسكنوا فيه والنهار مبصرا
उसमें अवश्य संकेत हैं एक ऐसी क़ौम के लिए जो सुनती है।
ان في ذلك لءايت لقوم يسمعون
वे कहते हैं: “ईश्वर ने अपने लिए संतान बना ली है।”
قالوا اتخذ الله ولدا
उसकी महिमा हो!
سبحنه
वह धनी है।
هو الغني
जो आकाशों में है और जो धरती पर है, वह उसी का है।
له ما في السموت وما في الارض
तुम्हारे पास इसके लिए कोई अधिकार नहीं।
ان عندكم من سلطن بهذا
क्या तुम ईश्वर के विषय में वह कहोगे जो तुम नहीं जानते?
اتقولون على الله ما لا تعلمون
कहो: “जो ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़ते हैं, वे निश्चय ही सफल नहीं होते।”
قل ان الذين يفترون على الله الكذب لا يفلحون
इहलोक में उपभोग,
متع في الدنيا
फिर हमारी ही ओर उनका लौटना होगा; फिर हम उन्हें कठोर दंड का स्वाद चखाएँगे, नकारने के कारण।
ثم الينا مرجعهم ثم نذيقهم العذاب الشديد بما كانوا يكفرون
और उन्हें नूह की सूचना सुनाओ, जब उसने अपनी क़ौम से कहा: “हे मेरी क़ौम! यदि मेरा तुम्हारे बीच ठहरना और ईश्वर के संकेतों का मेरा स्मरण कराना तुम पर भारी पड़ता है, तो मैं ईश्वर को ही मुख़्तार बनाता हूँ।
واتل عليهم نبا نوح اذ قال لقومه يقوم ان كان كبر عليكم مقامي وتذكيري بايت الله فعلى الله توكلت
तो अपनी योजना और अपने साझीदारों को एकत्र करो,
فاجمعوا امركم وشركاءكم
ताकि तुम्हारे लिए तुम्हारी योजना कोई धुँधली चीज़ न रहे,
ثم لا يكن امركم عليكم غمة
फिर उसे मुझ पर कर डालो, और मुझे कोई मोहलत न दो।
ثم اقضوا الى ولا تنظرون
यदि तुम पीठ फेर लो, तो मैंने तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगा;
فان توليتم فما سالتكم من اجر
मेरा पुरस्कार केवल ईश्वर के ज़िम्मे है,
ان اجري الا على الله
और मुझे आदेश दिया गया है कि मैं ईश्वर के प्रति खरों की गिनती में रहूँ।”
وامرت ان اكون من المسلمين
परंतु उन्होंने उसे झुठलाया; हमने उसे उबारा, और उन्हें भी जो उसके साथ जलयान में थे, और हमने उन्हें उत्तराधिकारी बनाया,
فكذبوه فنجينه ومن معه في الفلك وجعلنهم خليف
और हमने उन्हें डुबो दिया जिन्होंने हमारे संकेतों को झुठलाया था।
واغرقنا الذين كذبوا بايتنا
तो नज़र डालो कि उनका परिणाम कैसा रहा जिन्हें चेतावनी दी गई थी।
فانظر كيف كان عقبة المنذرين
फिर, उसके बाद, हमने उनकी क़ौमों की ओर संदेशवाहक उठाए; वे उनके पास स्पष्ट प्रमाण लेकर आए, परंतु वे उस पर विश्वास करने को तैयार न थे जिसे उन्होंने पहले झुठलाया था।
ثم بعثنا من بعده رسلا الى قومهم فجاءوهم بالبينت فما كانوا ليومنوا بما كذبوا به من قبل
इस प्रकार हम सीमाएँ पार करने वालों के मर्मों पर छाप लगा देते हैं।
كذلك نطبع على قلوب المعتدين
फिर, उनके बाद, हमने मूसा और हारून को फ़िरऔन और उसके दरबार की ओर अपने संकेतों के साथ उठाया; परंतु वे घमंड से फूल गए और बहिष्कृतों की क़ौम थे।
ثم بعثنا من بعدهم موسى وهرون الى فرعون وملايه بايتنا فاستكبروا وكانوا قوما مجرمين
जब उनके पास हमारी ओर से सत्य आया, तो उन्होंने कहा: “यह तो अवश्य एक स्पष्ट भ्रम है।”
فلما جاءهم الحق من عندنا قالوا ان هذا لسحر مبين
मूसा ने कहा: “क्या तुम सत्य के विषय में, जब वह तुम्हारे पास आ गया, ऐसा कहते हो?
قال موسى اتقولون للحق لما جاءكم
क्या यह भ्रम है?
اسحر هذا
जबकि भ्रमकार सफल नहीं होते।”
ولا يفلح السحرون
उन्होंने कहा: “क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हमें उससे हटा दो जिस पर हमने अपने पूर्वजों को पाया, और धरती पर बड़ाई तुम दोनों को मिल जाए? हम तुम दोनों पर भरोसा नहीं करेंगे।”
قالوا اجيتنا لتلفتنا عما وجدنا عليه ءاباءنا وتكون لكما الكبرياء في الارض وما نحن لكما بمومنين
और फ़िरऔन ने कहा: “हर ज्ञानी भ्रमकार को मेरे पास ले आओ।”
وقال فرعون ايتوني بكل سحر عليم
जब भ्रमकार आए, तो मूसा ने उनसे कहा: “जो तुम्हें डालना है, डाल दो।”
فلما جاء السحرة قال لهم موسى القوا ما انتم ملقون
जब उन्होंने डाल दिया, तो मूसा ने कहा: “जो तुम लाए हो वही भ्रम है;
فلما القوا قال موسى ما جيتم به السحر
ईश्वर उसे व्यर्थ कर देगा,
ان الله سيبطله
क्योंकि ईश्वर बिगाड़ने वालों के कर्म को भला नहीं बनाता।”
ان الله لا يصلح عمل المفسدين
और ईश्वर अपने बोलों से सत्य को सिद्ध करता है, भले ही बहिष्कृत इससे घृणा करें।
ويحق الله الحق بكلمته ولو كره المجرمون
मूसा पर उसकी क़ौम की एक संतति के सिवा किसी ने भरोसा नहीं किया, फ़िरऔन और उनके दरबार के डर से, कि कहीं वह उन्हें परीक्षा में न डाल दे।
فما ءامن لموسى الا ذرية من قومه على خوف من فرعون وملايهم ان يفتنهم
और फ़िरऔन धरती पर अवश्य ऊँचे स्थान वाला था,
وان فرعون لعال في الارض
और वह अवश्य अतिवादियों की गिनती में था।
وانه لمن المسرفين
और मूसा ने कहा: “हे मेरी क़ौम, यदि तुम ईश्वर पर विश्वास करते हो, तो उसी को मुख़्तार बनाओ, यदि तुम ईश्वर के प्रति खरे हो।”
وقال موسى يقوم ان كنتم ءامنتم بالله فعليه توكلوا ان كنتم مسلمين
उन्होंने कहा: “हम ईश्वर को ही मुख़्तार बनाते हैं।
فقالوا على الله توكلنا
हमारे अभिभावक, हमें अन्यायी क़ौम के लिए परीक्षा न बनाइए,
ربنا لا تجعلنا فتنة للقوم الظلمين
और अपनी दया से हमें नकारने वाली क़ौम से उबारिए।”
ونجنا برحمتك من القوم الكفرين
और हमने मूसा और उसके भाई पर प्रकट किया: “अपनी क़ौम के लिए मिस्र में घर ठहराओ; अपने घरों को एक मिलन-बिंदु बनाओ; और संपर्क बनाए रखो।”
واوحينا الى موسى واخيه ان تبوءا لقومكما بمصر بيوتا واجعلوا بيوتكم قبلة واقيموا الصلوة
और विश्वास करने वालों को शुभ समाचार दो।
وبشر المومنين
और मूसा ने कहा: “हमारे अभिभावक, आपने फ़िरऔन और उसके दरबार को इहलोक के जीवन में शृंगार और संपत्ति दी है,
وقال موسى ربنا انك ءاتيت فرعون وملاه زينة وامولا في الحيوة الدنيا
हमारे अभिभावक, इसलिए कि वे आपकी राह से दूर भटकाएँ।
ربنا ليضلوا عن سبيلك
हमारे अभिभावक, उनकी संपत्ति मिटा दीजिए और उनके मर्मों को कस दीजिए, ताकि वे पीड़ादायक दंड देखने से पहले विश्वास न करें।”
ربنا اطمس على امولهم واشدد على قلوبهم فلا يومنوا حتى يروا العذاب الاليم
उसने कहा: “तुम दोनों की पुकार का उत्तर दिया गया है; तो तुम दोनों सीधे रहो,
قال قد اجيبت دعوتكما فاستقيما
और उनकी राह के पीछे न चलो जो नहीं जानते।”
ولا تتبعان سبيل الذين لا يعلمون
और हमने इसराईल की संतान को समुद्र पार कराया; फ़िरऔन और उसकी सेनाओं ने ज़्यादती और शत्रुता से उनका पीछा किया,
وجوزنا ببني اسرءيل البحر فاتبعهم فرعون وجنوده بغيا وعدوا
यहाँ तक कि जब डूबने ने उसे आ पकड़ा, तो उसने कहा: “मैं विश्वास करता हूँ कि उसके सिवा कोई देवता नहीं जिस पर इसराईल की संतान ने विश्वास किया, और मैं ईश्वर के प्रति खरों की गिनती में हूँ।”
حتى اذا ادركه الغرق قال ءامنت انه لا اله الا الذي ءامنت به بنوا اسرءيل وانا من المسلمين
“अब?! जबकि तुम पहले अवज्ञा कर चुके थे, और बिगाड़ने वालों की गिनती में थे!
ءالن وقد عصيت قبل وكنت من المفسدين
तो आज हम तुम्हें तुम्हारे शरीर के विषय में उबारते हैं, ताकि तुम अपने बाद आने वालों के लिए एक संकेत बनो।”
فاليوم ننجيك ببدنك لتكون لمن خلفك ءاية
परंतु बहुत-से लोग हमारे संकेतों से अवश्य लापरवाह हैं।
وان كثيرا من الناس عن ءايتنا لغفلون
हमने निश्चय ही इसराईल की संतान को सच्चाई के एक ठहराव में ठहराया, और उन्हें अच्छी चीज़ों की जीविका दी; उन्होंने मतभेद तभी किया जब उनके पास ज्ञान आ गया।
ولقد بوانا بني اسرءيل مبوا صدق ورزقنهم من الطيبت فما اختلفوا حتى جاءهم العلم
तुम्हारा अभिभावक निश्चय ही पेशी के दिन उनके बीच फ़ैसला करेगा, उस विषय में जिसमें वे मतभेद करते थे।
ان ربك يقضي بينهم يوم القيمة فيما كانوا فيه يختلفون
यदि तुम उसके विषय में दुविधा में हो जो हमने तुम्हारी ओर उतारा है, तो उनसे पूछो जो तुमसे पहले ग्रंथ पढ़ते हैं।
فان كنت في شك مما انزلنا اليك فسل الذين يقرءون الكتب من قبلك
सत्य निश्चय ही तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास आ चुका है;
لقد جاءك الحق من ربك
इसलिए कभी वाद-प्रतिवाद में पड़ने वालों में से न होना।
فلا تكونن من الممترين
और उनमें से न होना जिन्होंने ईश्वर के संकेतों को झुठलाया, तब तुम घाटा उठाने वालों की गिनती में होगे।
ولا تكونن من الذين كذبوا بايت الله فتكون من الخسرين
जिन पर तुम्हारे अभिभावक का बोल सिद्ध हो चुका है, वे विश्वास नहीं करेंगे, चाहे उनके पास हर संकेत आ जाए, जब तक वे पीड़ादायक दंड न देख लें।
ان الذين حقت عليهم كلمت ربك لا يومنون ولو جاءتهم كل ءاية حتى يروا العذاب الاليم
कोई बस्ती ऐसी क्यों न हुई जिसने विश्वास किया और उसके विश्वास ने उसे लाभ पहुँचाया — सिवा यूनुस की क़ौम के! जब उन्होंने विश्वास किया, तो हमने इहलोक के जीवन में उनसे लज्जा का दंड दूर कर दिया, और हमने उन्हें एक समय तक उपभोग दिया।
فلولا كانت قرية ءامنت فنفعها ايمنها الا قوم يونس لما ءامنوا كشفنا عنهم عذاب الخزي في الحيوة الدنيا ومتعنهم الى حين
और यदि तुम्हारे अभिभावक की मर्ज़ी होती, तो जो भी धरती पर हैं सब विश्वास कर लेते, सबके सब।
ولو شاء ربك لءامن من في الارض كلهم جميعا
क्या तुम ही हो जो लोगों को विश्वास करने वाले बनने पर विवश करोगे?
افانت تكره الناس حتى يكونوا مومنين
किसी स्व के लिए उचित नहीं कि वह विश्वास करे, सिवा ईश्वर की अनुमति के,
وما كان لنفس ان تومن الا باذن الله
और वह उन पर गंदगी डालता है जो बुद्धि से काम नहीं लेते।
ويجعل الرجس على الذين لا يعقلون
कहो: “नज़र डालो उस पर जो आकाशों में और धरती पर है” — परंतु जो क़ौम विश्वास नहीं करती, उसके लिए संकेत और चेतावनियाँ किस काम की?
قل انظروا ماذا في السموت والارض وما تغني الءايت والنذر عن قوم لا يومنون
तो वे किसकी प्रतीक्षा करते हैं, सिवा उनके दिनों जैसे दिनों की जो उनसे पहले बीत गए?
فهل ينتظرون الا مثل ايام الذين خلوا من قبلهم
कहो: “तो प्रतीक्षा करो, क्योंकि मैं तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों की गिनती में हूँ।”
قل فانتظروا اني معكم من المنتظرين
फिर हम अपने संदेशवाहकों को उबारते हैं, और उन्हें जिन्होंने विश्वास किया — इसी प्रकार;
ثم ننجي رسلنا والذين ءامنوا كذلك
विश्वास करने वालों को उबारना हम पर एक कर्तव्य है।
حقا علينا ننج المومنين
कहो: “हे लोगो! यदि तुम मेरे विधान के विषय में दुविधा में हो, तो मैं उनकी आज्ञा का पालन नहीं करता जिनकी आज्ञा का पालन तुम ईश्वर के अतिरिक्त करते हो,
قل يايها الناس ان كنتم في شك من ديني فلا اعبد الذين تعبدون من دون الله
परंतु मैं ईश्वर की आज्ञा का पालन करता हूँ, जो तुम्हें निष्ठा से सँभाले रखेगा।
ولكن اعبد الله الذي يتوفىكم
और मुझे आदेश दिया गया है कि मैं विश्वास करने वालों की गिनती में रहूँ,
وامرت ان اكون من المومنين
और: ‘अपनी दिशा को विधान की ओर बनाए रखो, पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़े हुए,
وان اقم وجهك للدين حنيفا
और कभी साझी ठहराने वालों में से न होना।’”
ولا تكونن من المشركين
और ईश्वर के अतिरिक्त उसे न पुकारो जो न तुम्हें लाभ पहुँचाता है, न तुम्हारी हानि करता है;
ولا تدع من دون الله ما لا ينفعك ولا يضرك
यदि तुमने ऐसा किया, तो तुम तब निश्चय ही अन्यायियों की गिनती में होगे।
فان فعلت فانك اذا من الظلمين
और यदि ईश्वर तुम्हें कोई हानि पहुँचाए, तो उसके सिवा कोई उसे तुमसे दूर करने वाला नहीं;
وان يمسسك الله بضر فلا كاشف له الا هو
और यदि वह तुम्हारे लिए अच्छाई चाहे, तो कोई उसके अनुग्रह को रद्द करने वाला नहीं।
وان يردك بخير فلا راد لفضله
वह उसे अपने आज्ञाकारियों में से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उस तक पहुँचाता है।
يصيب به من يشاء من عباده
वह अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وهو الغفور الرحيم
कहो: “हे लोगो! सत्य तुम्हारे पास तुम्हारे अभिभावक की ओर से आ चुका है;
قل يايها الناس قد جاءكم الحق من ربكم
तो जो कोई मार्गदर्शन पाता है, वह केवल अपने ही लिए मार्गदर्शन पाता है,
فمن اهتدى فانما يهتدي لنفسه
और जो कोई भटकता है, वह केवल अपने ही विरुद्ध भटकता है।
ومن ضل فانما يضل عليها
और मैं तुम्हारे लिए मुख़्तार नहीं हूँ।”
وما انا عليكم بوكيل
और जो तुम पर प्रकट किया जा रहा है उसके पीछे चलो, और धैर्य रखो जब तक ईश्वर निर्णय न करे।
واتبع ما يوحى اليك واصبر حتى يحكم الله
वह निर्णय करने वालों में सबसे बेहतर है।
وهو خير الحكمين