الاعلى
Al-A'la
The Most High
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
अपने अभिभावक के नाम की महिमा गाओ, जो परम-उच्च है, जिसने रचा फिर सँवारा, और जिसने नापा फिर मार्ग दिखाया, और जिसने चरागाह निकाला, फिर उसे गहरे रंग के तिनके बना दिया।
سبح اسم ربك الاعلى الذي خلق فسوى والذي قدر فهدى والذي اخرج المرعى فجعله غثاء احوى
हम तुम्हें पढ़वाएँगे कि तुम भूलोगे नहीं, सिवा उसके जो ईश्वर की मर्ज़ी हो,
سنقريك فلا تنسى الا ما شاء الله
क्योंकि वह जानता है जो ऊँचे स्वर में कहा जाता है और जो छिपा है।
انه يعلم الجهر وما يخفى
और हम तुम्हारे लिए सरलता की ओर राह आसान करेंगे।
ونيسرك لليسرى
तो स्मरण कराओ, यदि स्मरण काम आए।
فذكر ان نفعت الذكرى
वह स्मरण करेगा जो भय रखता है, और उससे दूर रहेगा सबसे अभागा, जो सबसे बड़ी आग में जलेगा, फिर न उसमें मरेगा न जिएगा।
سيذكر من يخشى ويتجنبها الاشقى الذي يصلى النار الكبرى ثم لا يموت فيها ولا يحيى
सफल हुआ वह जो शुद्ध होता है, और अपने अभिभावक के नाम का स्मरण करता है, और संपर्क जोड़ता है।
قد افلح من تزكى وذكر اسم ربه فصلى
परंतु तुम इहलोक के जीवन को चुनते हो, जबकि अंतिम जीवन बेहतर और अधिक स्थायी है।
بل توثرون الحيوة الدنيا والءاخرة خير وابقى
यह अवश्य पहले के अभिलेखों में है, इब्राहीम और मूसा के अभिलेखों में।
ان هذا لفي الصحف الاولى صحف ابرهيم وموسى