الانفال
Al-Anfal
What Gives You Life
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
वे तुमसे अधिशेष के विषय में पूछते हैं।
يسلونك عن الانفال
कहो: “अधिशेष ईश्वर और संदेशवाहक का है।
قل الانفال لله والرسول
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और जो तुम्हारे बीच है उसे सुधारो,
فاتقوا الله واصلحوا ذات بينكم
और ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानो, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।”
واطيعوا الله ورسوله ان كنتم مومنين
विश्वास करने वाले तो वही हैं जिनके मर्म काँप उठते हैं जब ईश्वर का स्मरण किया जाता है, और जिनका विश्वास बढ़ जाता है जब उन्हें उसके संकेत सुनाए जाते हैं, और जो अपने अभिभावक को मुख़्तार बनाते हैं,
انما المومنون الذين اذا ذكر الله وجلت قلوبهم واذا تليت عليهم ءايته زادتهم ايمنا وعلى ربهم يتوكلون
जो संपर्क बनाए रखते हैं, और जो उसमें से ख़र्च करते हैं जो हमने उन्हें जीविका के रूप में दिया है — वही सच्चे विश्वास करने वाले हैं।
الذين يقيمون الصلوة ومما رزقنهم ينفقون اوليك هم المومنون حقا
उनके लिए उनके अभिभावक के पास श्रेणियाँ हैं, क्षमा है, और उदार जीविका है।
لهم درجت عند ربهم ومغفرة ورزق كريم
जैसे जब तुम्हारे अभिभावक ने तुम्हें तुम्हारे घर से पूर्ण सत्य के साथ निकाला, जबकि विश्वास करने वालों का एक भाग उससे अवश्य अरुचि रखता था, सत्य के विषय में तुमसे बहस करता हुआ, जबकि वह सामने आ चुका था, मानो उन्हें मृत्यु की ओर ले जाया जा रहा हो, और वे नज़र डाल रहे हों।
كما اخرجك ربك من بيتك بالحق وان فريقا من المومنين لكرهون يجدلونك في الحق بعدما تبين كانما يساقون الى الموت وهم ينظرون
और जब ईश्वर तुमसे वादा करता था कि दो समूहों में से एक तुम्हारा होगा, जबकि तुम चाहते थे कि वह वही हो जो निहत्था था।
واذ يعدكم الله احدى الطايفتين انها لكم وتودون ان غير ذات الشوكة تكون لكم
परंतु ईश्वर चाहता था कि अपने बोलों से सत्य को सिद्ध करे और जो नकारते हैं उन्हें अंतिम अवशेष तक काट दे, ताकि सत्य को सिद्ध करे और असत्य को निरर्थक कर दे, भले ही बहिष्कृत इससे घृणा करें।
ويريد الله ان يحق الحق بكلمته ويقطع دابر الكفرين ليحق الحق ويبطل البطل ولو كره المجرمون
जब तुम अपने अभिभावक से सहायता की पुकार कर रहे थे, और उसने तुम्हें उत्तर दिया: “मैं एक हज़ार अभिकर्ताओं से तुम्हें पुष्ट करता हूँ, पंक्ति में।”
اذ تستغيثون ربكم فاستجاب لكم اني ممدكم بالف من المليكة مردفين
और ईश्वर ने उसे केवल एक शुभ समाचार बनाया, और इसलिए कि तुम्हारे मर्मों को उससे चैन मिले।
وما جعله الله الا بشرى ولتطمين به قلوبكم
जबकि सहायता केवल ईश्वर के पास से ही आती है,
وما النصر الا من عند الله
क्योंकि ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
ان الله عزيز حكيم
जब वह ऊँघ को तुम पर छा जाने देता था, अपनी ओर से एक सुरक्षा के रूप में, और आकाश से तुम पर पानी उतारता था, ताकि उससे तुम्हें स्वच्छ करे, तुमसे बहकाने वाले की मलिनता दूर करे, तुम्हारे मर्मों को बाँधे, और उससे तुम्हारे क़दम स्थिर कर दे।
اذ يغشيكم النعاس امنة منه وينزل عليكم من السماء ماء ليطهركم به ويذهب عنكم رجز الشيطن وليربط على قلوبكم ويثبت به الاقدام
जब तुम्हारा अभिभावक अभिकर्ताओं पर प्रकट करता था: “मैं तुम्हारे साथ हूँ; तो जिन्होंने विश्वास किया उन्हें स्थिर करो।
اذ يوحي ربك الى المليكة اني معكم فثبتوا الذين ءامنوا
मैं नकारने वालों के मर्मों में आतंक डालूँगा।
سالقي في قلوب الذين كفروا الرعب
तो बंदियों को और आगे कई गुना करो, और उनके बीच उन्हें कई गुना करो जिनका विनिमय-मूल्य सबसे बड़ा है।”
فاضربوا فوق الاعناق واضربوا منهم كل بنان
यह इसलिए कि वे ईश्वर और उसके संदेशवाहक से नाता तोड़कर विरोध में खड़े हुए।
ذلك بانهم شاقوا الله ورسوله
और जो कोई ईश्वर और उसके संदेशवाहक से नाता तोड़कर विरोध में खड़ा होता है — ईश्वर निश्चय ही सज़ा देने में कठोर है।
ومن يشاقق الله ورسوله فان الله شديد العقاب
यह तुम्हारे लिए है: तो इसे चखो!
ذلكم فذوقوه
और नकारने वालों के लिए आग का दंड निर्धारित है।
وان للكفرين عذاب النار
हे विश्वास करने वालो! जब तुम नकारने वालों से उनकी पूरी चढ़ाई में मिलो, तो उन्हें पीठ न दिखाओ।
يايها الذين ءامنوا اذا لقيتم الذين كفروا زحفا فلا تولوهم الادبار
और जो कोई उस दिन उन्हें पीठ दिखाता है — लड़ाई की चाल के लिए या किसी वाहिनी की ओर जुटने के सिवा — वह ईश्वर के क्रोध का पात्र बनता है, और उसकी शरण जहन्नम होगी।
ومن يولهم يوميذ دبره الا متحرفا لقتال او متحيزا الى فية فقد باء بغضب من الله وماوىه جهنم
और कितना भयानक गंतव्य!
وبيس المصير
तो उन्हें तुमने नहीं मारा,
فلم تقتلوهم
बल्कि ईश्वर ने उन्हें मारा।
ولكن الله قتلهم
और तुमने नहीं फेंका, जब तुमने फेंका, बल्कि ईश्वर ने फेंका,
وما رميت اذ رميت ولكن الله رمى
ताकि वह विश्वास करने वालों को अपनी ओर से एक सुंदर ढंग से परखे,
وليبلي المومنين منه بلاء حسنا
क्योंकि ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
ان الله سميع عليم
यह तुम्हारे लिए है! और ईश्वर नकारने वालों की चाल को कमज़ोर करता है।
ذلكم وان الله موهن كيد الكفرين
यदि तुम उद्घाटन चाहते थे, तो उद्घाटन तुम्हारे पास आ चुका है;
ان تستفتحوا فقد جاءكم الفتح
और यदि तुम बाज़ आ जाओ, तो यह तुम्हारे लिए बेहतर होगा;
وان تنتهوا فهو خير لكم
परंतु यदि तुम पुनरावृत्ति करोगे, तो हम भी पुनरावृत्ति करेंगे,
وان تعودوا نعد
और तुम्हारी वाहिनी तुम्हारे किसी काम न आएगी, भले ही वह बहुत बड़ी हो;
ولن تغني عنكم فيتكم شيا ولو كثرت
क्योंकि ईश्वर विश्वास करने वालों के साथ है।
وان الله مع المومنين
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानो,
يايها الذين ءامنوا اطيعوا الله ورسوله
और उससे पीठ न फेरो, जबकि तुम सुनते हो।
ولا تولوا عنه وانتم تسمعون
और उनके समान न हो जाओ जो कहते हैं: “हमने सुन लिया”, जबकि वे सुनते नहीं।
ولا تكونوا كالذين قالوا سمعنا وهم لا يسمعون
ईश्वर के पास चलने-फिरने वालों में सबसे बुरे निश्चय ही वे हैं जो बहरे हैं, गूँगे हैं, जो बुद्धि से काम नहीं लेते।
ان شر الدواب عند الله الصم البكم الذين لا يعقلون
और यदि ईश्वर उनमें कोई अच्छाई जानता, तो वह उन्हें ज़रूर सुनवा देता;
ولو علم الله فيهم خيرا لاسمعهم
और यदि वह उन्हें सुनवा भी देता, तो वे कतराते हुए पीठ फेर लेते।
ولو اسمعهم لتولوا وهم معرضون
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर और संदेशवाहक को उत्तर दो, जब वह तुम्हें उसकी ओर बुलाए जो तुम्हें जीवन देता है,
يايها الذين ءامنوا استجيبوا لله وللرسول اذا دعاكم لما يحييكم
और जान लो कि ईश्वर मनुष्य और उसके मर्म के बीच आड़ बन जाता है, और यह कि उसी की ओर तुम इकट्ठा किए जाओगे।
واعلموا ان الله يحول بين المرء وقلبه وانه اليه تحشرون
और उस परीक्षा से सावधान रहो जो केवल तुममें से उन्हीं पर नहीं आएगी जिन्होंने अन्याय किया,
واتقوا فتنة لا تصيبن الذين ظلموا منكم خاصة
और जान लो कि ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।
واعلموا ان الله شديد العقاب
और स्मरण करो जब तुम थोड़े थे, धरती पर कमज़ोरी में सिमटे हुए, डरते हुए कि लोग तुम्हें उचक न ले जाएँ; तब उसने तुम्हें शरण दी, अपनी सहायता से तुम्हें सुदृढ़ किया, और तुम्हें अच्छी चीज़ों की जीविका दी — शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
واذكروا اذ انتم قليل مستضعفون في الارض تخافون ان يتخطفكم الناس فاوىكم وايدكم بنصره ورزقكم من الطيبت لعلكم تشكرون
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर और संदेशवाहक के साथ विश्वासघात न करो, और अपनी धरोहरों के साथ विश्वासघात न करो, जबकि तुम जानते हो।
يايها الذين ءامنوا لا تخونوا الله والرسول وتخونوا امنتكم وانتم تعلمون
और जान लो कि तुम्हारी संपत्ति और तुम्हारी संतान केवल एक परीक्षा हैं, और ईश्वर के पास विशाल पुरस्कार है।
واعلموا انما امولكم واولدكم فتنة وان الله عنده اجر عظيم
हे विश्वास करने वालो! यदि तुम ईश्वर के प्रति सावधान रहोगे, तो वह तुम्हें एक विवेक देगा, तुम्हारे बुरे कर्म ढक देगा, और तुम्हें क्षमा कर देगा।
يايها الذين ءامنوا ان تتقوا الله يجعل لكم فرقانا ويكفر عنكم سياتكم ويغفر لكم
और ईश्वर विशाल अनुग्रह का धारक है।
والله ذو الفضل العظيم
और जब नकारने वाले तुम्हारे विरुद्ध षड्यंत्र कर रहे थे, तुम्हें जकड़ने, मार डालने, या निकाल देने के लिए।
واذ يمكر بك الذين كفروا ليثبتوك او يقتلوك او يخرجوك
और वे षड्यंत्र कर रहे थे, और ईश्वर षड्यंत्र कर रहा था,
ويمكرون ويمكر الله
और ईश्वर षड्यंत्र करने वालों में सबसे बेहतर है।
والله خير المكرين
और जब उन्हें हमारे संकेत सुनाए जाते हैं, तो वे कहते हैं: “हमने सुन लिया है; यदि हम चाहें तो हम भी ऐसा ही कह दें;
واذا تتلى عليهم ءايتنا قالوا قد سمعنا لو نشاء لقلنا مثل هذا
ये तो केवल प्राचीनों की दंतकथाएँ हैं।”
ان هذا الا اسطير الاولين
और जब वे कहते थे: “हे ईश्वर! यदि यह वास्तव में आपकी ओर से सत्य है, तो हम पर आकाश से पत्थर बरसाइए, या हमारे पास पीड़ादायक दंड ले आइए।”
واذ قالوا اللهم ان كان هذا هو الحق من عندك فامطر علينا حجارة من السماء او ايتنا بعذاب اليم
परंतु ईश्वर को यह शोभा नहीं देता था कि जब तक तुम उनके बीच थे वह उन्हें दंड दे,
وما كان الله ليعذبهم وانت فيهم
और ईश्वर को यह शोभा नहीं देता था कि जब तक वे क्षमा माँगते रहे वह उन्हें दंड दे।
وما كان الله معذبهم وهم يستغفرون
और उनके पास क्या है कि ईश्वर उन्हें दंड न दे, जबकि वे माथा टेकने के अलंघनीय स्थान को रोके हुए हैं, जबकि वे उसके हिमायती भी नहीं?
وما لهم الا يعذبهم الله وهم يصدون عن المسجد الحرام وما كانوا اولياءه
उसके हिमायती तो केवल वे हैं जो सावधान रहते हैं,
ان اولياوه الا المتقون
परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।
ولكن اكثرهم لا يعلمون
और घर के पास उनका संपर्क बस एक कोलाहल और एक अवरोध था।
وما كان صلاتهم عند البيت الا مكاء وتصدية
तो दंड चखो, नकारने के कारण।
فذوقوا العذاب بما كنتم تكفرون
जो नकारते हैं वे निश्चय ही अपनी संपत्ति इसलिए ख़र्च करते हैं कि ईश्वर की राह रोकें।
ان الذين كفروا ينفقون امولهم ليصدوا عن سبيل الله
तो वे उसे ख़र्च करेंगे, फिर वह उनके लिए संताप बन जाएगा, फिर वे पराजित होंगे।
فسينفقونها ثم تكون عليهم حسرة ثم يغلبون
और जो नकारते हैं वे जहन्नम की ओर इकट्ठा किए जाएँगे, ताकि ईश्वर अधम को अच्छे से अलग करे, अधम को परत पर परत रखे, उसे एक ढेर बना दे, और उसे जहन्नम में डाल दे।
والذين كفروا الى جهنم يحشرون ليميز الله الخبيث من الطيب ويجعل الخبيث بعضه على بعض فيركمه جميعا فيجعله في جهنم
वही घाटा उठाने वाले हैं।
اوليك هم الخسرون
नकारने वालों से कहो: यदि वे बाज़ आ जाएँ, तो जो बीत चुका है वह उन्हें क्षमा कर दिया जाएगा;
قل للذين كفروا ان ينتهوا يغفر لهم ما قد سلف
परंतु यदि वे पुनरावृत्ति करें, तो पहले वालों का नियम पहले ही पूरा हो चुका है।
وان يعودوا فقد مضت سنت الاولين
और उनसे लड़ो जब तक कोई परीक्षा न रह जाए, और विधान पूरा का पूरा ईश्वर के लिए हो जाए।
وقتلوهم حتى لا تكون فتنة ويكون الدين كله لله
परंतु यदि वे बाज़ आ जाएँ, तो ईश्वर निश्चय ही उस पर दृष्टि रखता है जो वे करते हैं।
فان انتهوا فان الله بما يعملون بصير
और यदि वे पीठ फेरें, तो जान लो कि ईश्वर तुम्हारा हिमायती है।
وان تولوا فاعلموا ان الله مولىكم
कितना उत्तम हिमायती,
نعم المولى
और कितना उत्तम सहायक!
ونعم النصير
और जान लो कि जो कुछ तुम लूट के माल में लेते हो, उसका पाँचवाँ भाग ईश्वर, संदेशवाहक, निकटजनों, अनाथों, दरिद्रों और राह के मुसाफ़िर का है — यदि तुम ईश्वर पर और उस पर विश्वास करते हो जो हमने अपने आज्ञाकारी पर विवेक के दिन उतारा, उस दिन जब दोनों टुकड़ियाँ मिलीं।
واعلموا انما غنمتم من شىء فان لله خمسه وللرسول ولذي القربى واليتمى والمسكين وابن السبيل ان كنتم ءامنتم بالله وما انزلنا على عبدنا يوم الفرقان يوم التقى الجمعان
और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
والله على كل شىء قدير
जब तुम निकटतम किनारे पर थे, और वे दूरतम किनारे पर थे, और घुड़सवार तुमसे नीचे थे।
اذ انتم بالعدوة الدنيا وهم بالعدوة القصوى والركب اسفل منكم
और यदि तुमने आपस में वादे का समय ठहराया होता, तो तुम उस वादे के समय पर मतभेद करते;
ولو تواعدتم لاختلفتم في الميعد
परंतु इसलिए कि ईश्वर उस आदेश को पूर्ण करे जो किया जा चुका था, ताकि जिसे नष्ट होना था वह स्पष्ट प्रमाण पर नष्ट हो, और जिसे जीना था वह स्पष्ट प्रमाण पर जिए।
ولكن ليقضي الله امرا كان مفعولا ليهلك من هلك عن بينة ويحيى من حى عن بينة
और ईश्वर अवश्य सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وان الله لسميع عليم
जब ईश्वर उन्हें तुम्हें तुम्हारी नींद में दिखाता था, थोड़े —
اذ يريكهم الله في منامك قليلا
और यदि वह उन्हें तुम्हें बहुत दिखाता, तो तुम ज़रूर हिम्मत हार जाते, और तुम ज़रूर मामले के विषय में खींचतान में पड़ जाते;
ولو ارىكهم كثيرا لفشلتم ولتنزعتم في الامر
परंतु ईश्वर ने सब कुछ अक्षुण्ण रखा,
ولكن الله سلم
क्योंकि वह सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।
انه عليم بذات الصدور
और जब वह तुम्हें उन्हें दिखाता था, जब तुम मिले, तुम्हारी आँखों में थोड़े, और तुम्हें उनकी आँखों में थोड़े दिखाता था, ताकि ईश्वर उस आदेश को पूर्ण करे जो किया जा चुका था।
واذ يريكموهم اذ التقيتم في اعينكم قليلا ويقللكم في اعينهم ليقضي الله امرا كان مفعولا
और ईश्वर की ओर ही सब मामले लौटते हैं।
والى الله ترجع الامور
हे विश्वास करने वालो! जब तुम किसी वाहिनी से मिलो, तो डटे रहो, और ईश्वर का बहुत स्मरण करो — शायद तुम सफल हो जाओ।
يايها الذين ءامنوا اذا لقيتم فية فاثبتوا واذكروا الله كثيرا لعلكم تفلحون
और ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानो,
واطيعوا الله ورسوله
और आपस में खींचतान में न पड़ो, नहीं तो तुम हिम्मत हार जाओगे और तुम्हारा वेग चला जाएगा;
ولا تنزعوا فتفشلوا وتذهب ريحكم
और धैर्य रखो,
واصبروا
क्योंकि ईश्वर धैर्य रखने वालों के साथ है।
ان الله مع الصبرين
और उनके समान न हो जाओ जो अपने ठिकानों से उन्माद और लोगों के सामने दिखावे के साथ निकले, और जो ईश्वर की राह रोकते हैं।
ولا تكونوا كالذين خرجوا من ديرهم بطرا ورياء الناس ويصدون عن سبيل الله
ईश्वर उसे पूरी तरह घेरे हुए है जो वे करते हैं।
والله بما يعملون محيط
और जब बहकाने वाले ने उनके कर्म उन्हें सुंदर कर दिखाए, और कहा: “आज लोगों में से कोई तुम्हें पराजित नहीं कर सकता, और मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए शरण देने वाला पड़ोसी हूँ”;
واذ زين لهم الشيطن اعملهم وقال لا غالب لكم اليوم من الناس واني جار لكم
परंतु जब दोनों वाहिनियों ने एक-दूसरे को देखा, तो वह एड़ियों के बल पीछे हट गया, और उसने कहा: “मैं निश्चय ही तुमसे बरी हूँ; मैं वह देखता हूँ जो तुम नहीं देखते; मैं ईश्वर से डरता हूँ।”
فلما تراءت الفيتان نكص على عقبيه وقال اني بريء منكم اني ارى ما لا ترون اني اخاف الله
ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।
والله شديد العقاب
जब पाखंडी, और वे जिनके मर्मों में रोग है, कहते थे: “इन्हें इनके विधान ने छल लिया है।”
اذ يقول المنفقون والذين في قلوبهم مرض غر هولاء دينهم
परंतु जो कोई ईश्वर को मुख़्तार बनाता है — ईश्वर निश्चय ही सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
ومن يتوكل على الله فان الله عزيز حكيم
और यदि तुम देखते, जब अभिकर्ता उन्हें, जिन्होंने नकारा, निष्ठा से सँभाले रखते हैं,
ولو ترى اذ يتوفى الذين كفروا
उन्हें अपनी पकड़ में कई गुना करते हुए, चाहे वे सामने से आएँ या पीठ फेरकर भागें: “दहन का दंड चखो!”
المليكة يضربون وجوههم وادبرهم وذوقوا عذاب الحريق
यह उसके लिए है जो तुम्हारे हाथों ने आगे बढ़ाया; और ईश्वर बाध्य आज्ञाकारियों पर ज़रा भी अन्याय नहीं करता।
ذلك بما قدمت ايديكم وان الله ليس بظلم للعبيد
फ़िरऔन के कुल के आचरण के समान,
كداب ءال فرعون
और उनके जो उनसे पहले थे, जिन्होंने ईश्वर के संकेतों को नकारा; तब ईश्वर ने उन्हें उनके दोषों के कारण पकड़ा,
والذين من قبلهم كفروا بايت الله فاخذهم الله بذنوبهم
क्योंकि ईश्वर बलवान है, सज़ा देने में कठोर है।
ان الله قوي شديد العقاب
यह इसलिए कि ईश्वर किसी क़ौम को दिया हुआ उपकार कभी नहीं बदलता, जब तक वह क़ौम स्वयं उसे न बदल दे जो उसके अपने भीतर है; और ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
ذلك بان الله لم يك مغيرا نعمة انعمها على قوم حتى يغيروا ما بانفسهم وان الله سميع عليم
फ़िरऔन के कुल के आचरण के समान,
كداب ءال فرعون
और उनके जो उनसे पहले थे, जिन्होंने अपने अभिभावक के संकेतों को झुठलाया; तब हमने उन्हें उनके दोषों के कारण नष्ट कर दिया,
والذين من قبلهم كذبوا بايت ربهم فاهلكنهم بذنوبهم
और हमने फ़िरऔन के कुल को डुबो दिया।
واغرقنا ءال فرعون
और वे सब अन्यायी थे।
وكل كانوا ظلمين
ईश्वर के पास चलने-फिरने वालों में सबसे बुरे निश्चय ही वे हैं जिन्होंने नकारा और फिर विश्वास नहीं करते — जिनसे तुमने संधि की, और जो हर बार अपनी संधि तोड़ देते हैं, और जो सावधान नहीं रहते।
ان شر الدواب عند الله الذين كفروا فهم لا يومنون الذين عهدت منهم ثم ينقضون عهدهم في كل مرة وهم لا يتقون
तो यदि तुम उन्हें युद्ध में पकड़ लो, तो उनके द्वारा उन्हें तितर-बितर कर दो जो उनके पीछे हैं, शायद वे स्मरण करें।
فاما تثقفنهم في الحرب فشرد بهم من خلفهم لعلهم يذكرون
और यदि तुम्हें किसी क़ौम से विश्वासघात का डर हो, तो उनके प्रति बराबरी के साथ संधि रद्द कर दो,
واما تخافن من قوم خيانة فانبذ اليهم على سواء
क्योंकि ईश्वर विश्वासघातियों से प्रेम नहीं करता।
ان الله لا يحب الخاينين
और यह कदापि न समझो कि नकारने वाले आगे निकल गए,
ولا يحسبن الذين كفروا سبقوا
क्योंकि वे उसे असमर्थ नहीं कर सकते।
انهم لا يعجزون
और उनके मुक़ाबले के लिए जितना तुमसे हो सके तैयार करो — बल और लड़ाई के लिए तैयार रखे गए घोड़े,
واعدوا لهم ما استطعتم من قوة ومن رباط الخيل
ताकि उससे ईश्वर के शत्रु और तुम्हारे शत्रु में, और उनके अतिरिक्त अन्य में, जिन्हें तुम नहीं जानते, आदर जगे:
ترهبون به عدو الله وعدوكم وءاخرين من دونهم لا تعلمونهم
ईश्वर, वही उन्हें जानता है।
الله يعلمهم
और जो कुछ तुम ईश्वर की राह में ख़र्च करोगे वह तुम्हें पूरा-पूरा दिया जाएगा, और तुम पर अन्याय नहीं किया जाएगा।
وما تنفقوا من شىء في سبيل الله يوف اليكم وانتم لا تظلمون
और यदि वे सुलह की ओर झुकें, तो तुम भी उसकी ओर झुको, और ईश्वर को मुख़्तार बनाओ,
وان جنحوا للسلم فاجنح لها وتوكل على الله
क्योंकि वही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
انه هو السميع العليم
और यदि वे तुम्हें धोखा देना चाहें, तो ईश्वर तुम्हारे लिए पर्याप्त है।
وان يريدوا ان يخدعوك فان حسبك الله
उसी ने अपनी सहायता से और विश्वास करने वालों से तुम्हें सुदृढ़ किया, और उनके मर्मों में मेल करा दिया।
هو الذي ايدك بنصره وبالمومنين والف بين قلوبهم
यदि तुम वह सब ख़र्च कर देते जो धरती पर है, तो भी तुम उनके मर्मों में मेल न करा पाते,
لو انفقت ما في الارض جميعا ما الفت بين قلوبهم
परंतु ईश्वर ने ही उनमें मेल करा दिया,
ولكن الله الف بينهم
क्योंकि वह सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
انه عزيز حكيم
हे सूचनादाता! ईश्वर तुम्हारे लिए पर्याप्त है,
يايها النبي حسبك الله
तुम्हारे लिए और विश्वास करने वालों में से उनके लिए जो तुम्हारा अनुसरण करते हैं।
ومن اتبعك من المومنين
हे सूचनादाता! विश्वास करने वालों को लड़ाई के लिए उकसाओ।
يايها النبي حرض المومنين على القتال
यदि तुममें बीस धैर्यवान पुरुष हों, तो वे दो सौ को पराजित करेंगे;
ان يكن منكم عشرون صبرون يغلبوا مايتين
और यदि तुममें सौ हों, तो वे नकारने वालों में से एक हज़ार को पराजित करेंगे, क्योंकि वे ऐसी क़ौम हैं जो समझती नहीं।
وان يكن منكم ماية يغلبوا الفا من الذين كفروا بانهم قوم لا يفقهون
अब ईश्वर ने तुम्हें हल्का कर दिया है और उसने जान लिया कि तुममें कमज़ोरी थी।
الن خفف الله عنكم وعلم ان فيكم ضعفا
तो यदि तुममें सौ धैर्यवान हों, तो वे दो सौ को पराजित करेंगे;
فان يكن منكم ماية صابرة يغلبوا مايتين
और यदि तुममें हज़ार हों, तो वे ईश्वर की अनुमति से दो हज़ार को पराजित करेंगे।
وان يكن منكم الف يغلبوا الفين باذن الله
ईश्वर धैर्य रखने वालों के साथ है।
والله مع الصبرين
किसी सूचनादाता के लिए उचित नहीं था कि उसके पास बंदी हों, जब तक उसने धरती को पूरी तरह अधीन न कर लिया हो।
ما كان لنبي ان يكون له اسرى حتى يثخن في الارض
तुम इहलोक की क्षणभंगुर वस्तुएँ चाहते थे,
تريدون عرض الدنيا
जबकि ईश्वर अंतिम जीवन चाहता है।
والله يريد الءاخرة
ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
والله عزيز حكيم
यदि ईश्वर की ओर से पहले की कोई बही न होती, तो जो तुमने लिया उसके कारण तुम्हें विशाल दंड छू जाता।
لولا كتب من الله سبق لمسكم فيما اخذتم عذاب عظيم
तो जो तुमने लूट के माल में लिया है, उसमें से खाओ, जो वैध और अच्छा है,
فكلوا مما غنمتم حللا طيبا
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
واتقوا الله
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
ان الله غفور رحيم
हे सूचनादाता! तुम्हारे हाथों में जो बंदी हैं उनसे कहो: “यदि ईश्वर तुम्हारे मर्मों में कोई अच्छाई जानता है, तो वह तुम्हें उससे बेहतर देगा जो तुमसे लिया गया, और वह तुम्हें क्षमा कर देगा।”
يايها النبي قل لمن في ايديكم من الاسرى ان يعلم الله في قلوبكم خيرا يوتكم خيرا مما اخذ منكم ويغفر لكم
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
والله غفور رحيم
और यदि वे तुम्हारे साथ विश्वासघात करना चाहें, तो वे पहले ही ईश्वर के साथ विश्वासघात कर चुके हैं, और उसने तुम्हें उन पर अधिकार दिया है।
وان يريدوا خيانتك فقد خانوا الله من قبل فامكن منهم
और ईश्वर सर्वज्ञ, प्रज्ञावान है।
والله عليم حكيم
निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास किया, जिन्होंने प्रवास किया, और जिन्होंने अपनी संपत्ति और अपने स्व से ईश्वर की राह में संघर्ष किया, तथा जिन्होंने शरण दी और सहायता की — वही एक-दूसरे के हिमायती हैं।
ان الذين ءامنوا وهاجروا وجهدوا بامولهم وانفسهم في سبيل الله والذين ءاووا ونصروا اوليك بعضهم اولياء بعض
और जिन्होंने विश्वास किया पर प्रवास नहीं किया — तुम पर उनका ज़रा भी उत्तरदायित्व नहीं, जब तक वे प्रवास न करें।
والذين ءامنوا ولم يهاجروا ما لكم من وليتهم من شىء حتى يهاجروا
और यदि वे विधान के नाम पर तुमसे सहायता माँगें, तो सहायता करना तुम पर है, सिवा उस क़ौम के विरुद्ध जिसके और तुम्हारे बीच गंभीर प्रतिज्ञा है।
وان استنصروكم في الدين فعليكم النصر الا على قوم بينكم وبينهم ميثق
और ईश्वर उस पर दृष्टि रखता है जो तुम करते हो।
والله بما تعملون بصير
और जो नकारते हैं वे एक-दूसरे के हिमायती हैं।
والذين كفروا بعضهم اولياء بعض
यदि तुम ऐसा नहीं करते, तो धरती पर एक परीक्षा होगी, और एक बड़ा बिगाड़।
الا تفعلوه تكن فتنة في الارض وفساد كبير
और जिन्होंने विश्वास किया, प्रवास किया और ईश्वर की राह में संघर्ष किया, तथा जिन्होंने शरण दी और सहायता की — वही सच्चे विश्वास करने वाले हैं।
والذين ءامنوا وهاجروا وجهدوا في سبيل الله والذين ءاووا ونصروا اوليك هم المومنون حقا
उनके लिए क्षमा है और उदार जीविका है।
لهم مغفرة ورزق كريم
और जिन्होंने बाद में विश्वास किया, प्रवास किया और तुम्हारे साथ संघर्ष किया — वही तुम्हीं में से हैं।
والذين ءامنوا من بعد وهاجروا وجهدوا معكم فاوليك منكم
और रक्त-संबंध वाले ईश्वर की संहिता के अनुसार एक-दूसरे के अधिक निकट हैं,
واولوا الارحام بعضهم اولى ببعض في كتب الله
क्योंकि ईश्वर हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
ان الله بكل شىء عليم