فصلت
Fussilat
Their Skins Will Testify
بسم الله الرحمن الرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
हा. मीम.
حم
सर्वदयालु, दयालु की ओर से एक अवतरण: एक ग्रंथ जिसके संकेत विस्तृत किए गए हैं, एक त्रुटिहीन पाठ उस क़ौम के लिए जो जानती है, शुभ समाचार देने वाला और चेतावनी देने वाला,
تنزيل من الرحمن الرحيم كتب فصلت ءايته قرءانا عربيا لقوم يعلمون بشيرا ونذيرا
परंतु उनमें से अधिकतर कतरा जाते हैं, इसलिए वे सुनते नहीं।
فاعرض اكثرهم فهم لا يسمعون
और वे कहते हैं: “हमारे मर्म उससे आवरणों में हैं जिसकी ओर तुम हमें बुलाते हो, और हमारे कानों में बहरापन है, और हमारे और तुम्हारे बीच एक पर्दा है। तो तुम कर्म करो, क्योंकि हम भी कर्म करते हैं।”
وقالوا قلوبنا في اكنة مما تدعونا اليه وفي ءاذاننا وقر ومن بيننا وبينك حجاب فاعمل اننا عملون
कहो: “मैं तुम्हारे ही जैसा केवल एक मानव हूँ; मुझ पर प्रकट किया जाता है कि तुम्हारा देवता एकमात्र देवता है। तो उसकी ओर सीधे डटे रहो और उससे क्षमा माँगो।”
قل انما انا بشر مثلكم يوحى الى انما الهكم اله وحد فاستقيموا اليه واستغفروه
और हाय साझी ठहराने वालों पर, जो शुद्ध उदारता नहीं देते और अंतिम जीवन को नकारते हैं!
وويل للمشركين الذين لا يوتون الزكوة وهم بالءاخرة هم كفرون
जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, उनके लिए निश्चय ही एक ऐसा पुरस्कार है जिसका उन पर एहसान नहीं जताया जाएगा।
ان الذين ءامنوا وعملوا الصلحت لهم اجر غير ممنون
कहो: “क्या तुम सचमुच उसे नकारते हो जिसने धरती को दो दिनों में रचा, और उसके लिए प्रतिद्वंद्वी ठहराते हो?”
قل اينكم لتكفرون بالذي خلق الارض في يومين وتجعلون له اندادا
यही सभी प्राणियों का अभिभावक है।
ذلك رب العلمين
और उसने उसमें उसके ऊपर दृढ़ खूँटे रखे, उसे आशीष दी और उसमें उसकी रसदें निर्धारित कीं, चार समान दिनों में, पूछने वालों के लिए।
وجعل فيها روسي من فوقها وبرك فيها وقدر فيها اقوتها في اربعة ايام سواء للسايلين
फिर वह आकाश की ओर अग्रसर हुआ, जो धुआँ था, और उससे तथा धरती से कहा: “तुम दोनों आओ, स्वेच्छा से या बलपूर्वक।”
ثم استوى الى السماء وهي دخان فقال لها وللارض ايتيا طوعا او كرها
उन दोनों ने कहा: “हम बात मानने वाली होकर आती हैं।”
قالتا اتينا طايعين
उसने उन्हें सात आकाशों में पूर्ण किया, दो दिनों में, और हर आकाश के मन में उसका आदेश प्रकट किया।
فقضىهن سبع سموات في يومين واوحى في كل سماء امرها
और हमने निकटतम आकाश को दीपों से सजाया,
وزينا السماء الدنيا بمصبيح
और उसे सुरक्षित रखा।
وحفظا
यही सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ द्वारा निर्धारित माप है।
ذلك تقدير العزيز العليم
यदि वे कतरा जाएँ, तो कहो: “मैं तुम्हें आद और समूद के वज्र जैसे वज्र की चेतावनी देता हूँ”, जब उनके पास उनके आगे से और उनके पीछे से संदेशवाहक आए: “केवल ईश्वर की आज्ञा का पालन करो।”
فان اعرضوا فقل انذرتكم صعقة مثل صعقة عاد وثمود اذ جاءتهم الرسل من بين ايديهم ومن خلفهم الا تعبدوا الا الله
उन्होंने कहा: “यदि हमारे अभिभावक की मर्ज़ी होती, तो वह अभिकर्ताओं को उतारता। इसलिए हम निश्चय ही उसे नकारते हैं जिसके साथ तुम भेजे गए हो।”
قالوا لو شاء ربنا لانزل مليكة فانا بما ارسلتم به كفرون
रही आद की बात, तो वे धरती पर बिना हक़ घमंड से फूल गए और उन्होंने कहा: “हमसे बल में बढ़कर कौन है?”
فاما عاد فاستكبروا في الارض بغير الحق وقالوا من اشد منا قوة
क्या वे नहीं देखते थे कि ईश्वर, जिसने उन्हें रचा, उनसे बल में बढ़कर है?
اولم يروا ان الله الذي خلقهم هو اشد منهم قوة
और वे हमारे संकेतों को हठपूर्वक अस्वीकार करते थे।
وكانوا بايتنا يجحدون
हमने उन पर अशुभ दिनों में एक हिमशीतल आँधी भेजी, ताकि उन्हें इहलोक के जीवन में अपमान का दंड चखाएँ;
فارسلنا عليهم ريحا صرصرا في ايام نحسات لنذيقهم عذاب الخزي في الحيوة الدنيا
और अंतिम जीवन का दंड और भी अधिक अपमानजनक है, और उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
ولعذاب الءاخرة اخزى وهم لا ينصرون
और रहे समूद, तो हमने उन्हें मार्ग दिखाया, परंतु उन्होंने मार्गदर्शन की अपेक्षा अंधेपन से अधिक प्रेम किया; अपमानजनक दंड के वज्र ने उन्हें उसके कारण पकड़ लिया जो वे कमाते थे।
واما ثمود فهدينهم فاستحبوا العمى على الهدى فاخذتهم صعقة العذاب الهون بما كانوا يكسبون
और हमने उन्हें उबारा जो विश्वास करते थे और सावधानी बरतते थे।
ونجينا الذين ءامنوا وكانوا يتقون
और जिस दिन हम ईश्वर के शत्रुओं को आग की ओर इकट्ठा करेंगे, वे पंक्तियों में बाँटे जाएँगे,
ويوم يحشر اعداء الله الى النار فهم يوزعون
यहाँ तक कि जब वे वहाँ पहुँच जाएँगे, तो उनके श्रवण, उनकी दृष्टियाँ और उनकी त्वचाएँ उनके विरुद्ध उस पर साक्ष्य देंगी जो वे करते थे।
حتى اذا ما جاءوها شهد عليهم سمعهم وابصرهم وجلودهم بما كانوا يعملون
और वे अपनी त्वचाओं से कहेंगे: “तुमने हमारे विरुद्ध साक्ष्य क्यों दिया?”
وقالوا لجلودهم لم شهدتم علينا
वे कहेंगी: “ईश्वर ने, जो हर चीज़ से उच्चारण कराता है, हमसे उच्चारण कराया। उसी ने तुम्हें पहली बार रचा, और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।”
قالوا انطقنا الله الذي انطق كل شىء وهو خلقكم اول مرة واليه ترجعون
तुम इस बात से ओट नहीं लेते थे कि तुम्हारे श्रवण, तुम्हारी दृष्टियाँ और तुम्हारी त्वचाएँ तुम्हारे विरुद्ध साक्ष्य देंगी;
وما كنتم تستترون ان يشهد عليكم سمعكم ولا ابصركم ولا جلودكم
परंतु तुम अनुमान लगाते थे कि ईश्वर उसका बड़ा हिस्सा नहीं जानता जो तुम करते थे।
ولكن ظننتم ان الله لا يعلم كثيرا مما تعملون
और यही तुम्हारा अनुमान है जो तुमने अपने अभिभावक के विषय में लगाया; इसने तुम्हें गिरा दिया, और तुम घाटा उठाने वालों में से हो गए।
وذلكم ظنكم الذي ظننتم بربكم اردىكم فاصبحتم من الخسرين
यदि वे धैर्य रखें, तो आग उनका निवास है;
فان يصبروا فالنار مثوى لهم
और यदि वे फिर से स्वीकार किए जाने की माँग करें, तो वे उनमें से न होंगे जिन्हें फिर से स्वीकार किया जाता है।
وان يستعتبوا فما هم من المعتبين
और हमने उनके लिए सहचर तैनात किए, जिन्होंने उनके लिए सुंदर बना दिया जो उनके आगे था और जो उनके पीछे था,
وقيضنا لهم قرناء فزينوا لهم ما بين ايديهم وما خلفهم
और उनके विरुद्ध कथन सिद्ध हो गया, उन समुदायों के बीच जो उनसे पहले बीत चुके, प्रच्छन्नों और मनुष्यों के;
وحق عليهم القول في امم قد خلت من قبلهم من الجن والانس
क्योंकि वे घाटा उठाने वाले थे।
انهم كانوا خسرين
और नकारने वालों ने कहा: “इस पाठ को मत सुनो, और उसके सुनाए जाने के समय व्यर्थ बातें उछालो, शायद तुम विजयी हो जाओ।”
وقال الذين كفروا لا تسمعوا لهذا القرءان والغوا فيه لعلكم تغلبون
हम नकारने वालों को अवश्य एक कठोर दंड चखाएँगे, और उन्हें अवश्य उसके सबसे बुरे के अनुसार प्रतिफल देंगे जो वे करते थे।
فلنذيقن الذين كفروا عذابا شديدا ولنجزينهم اسوا الذي كانوا يعملون
यही ईश्वर के शत्रुओं का प्रतिफल है: आग;
ذلك جزاء اعداء الله النار
उनके लिए वहाँ सदा रहने का ठिकाना है,
لهم فيها دار الخلد
इसके प्रतिफल में कि वे हमारे संकेतों को हठपूर्वक अस्वीकार करते थे।
جزاء بما كانوا بايتنا يجحدون
और नकारने वाले कहेंगे: “हमारे अभिभावक, हमें उन्हें दिखाइए जिन्होंने हमें प्रच्छन्नों और मनुष्यों में से भटकाया, कि हम उन्हें अपने पैरों तले रखें, ताकि वे सबसे नीचे वालों में हों।”
وقال الذين كفروا ربنا ارنا الذين اضلانا من الجن والانس نجعلهما تحت اقدامنا ليكونا من الاسفلين
निश्चय ही, जो कहते हैं: “हमारा अभिभावक ईश्वर है”, फिर सीधे डटे रहते हैं, उन पर अभिकर्ता उतरते हैं: “मत डरो और दुखी मत हो; उस उद्यान का शुभ समाचार पाओ जिसका तुमसे वादा किया जाता था।
ان الذين قالوا ربنا الله ثم استقموا تتنزل عليهم المليكة الا تخافوا ولا تحزنوا وابشروا بالجنة التي كنتم توعدون
हम इहलोक के जीवन में और अंतिम जीवन में तुम्हारे हिमायती हैं;
نحن اولياوكم في الحيوة الدنيا وفي الءاخرة
और वहाँ तुम्हें वह मिलेगा जो तुम्हारे स्व कामना करते हैं, और वहाँ तुम्हें वह मिलेगा जो तुम माँगोगे, अत्यंत क्षमाशील, दयालु की ओर से आतिथ्य के रूप में।”
ولكم فيها ما تشتهي انفسكم ولكم فيها ما تدعون نزلا من غفور رحيم
और उससे सुंदर कथन किसका है जो ईश्वर की ओर बुलाता है, भला कर्म करता है और कहता है: “मैं ईश्वर के प्रति खरों में से हूँ”?
ومن احسن قولا ممن دعا الى الله وعمل صلحا وقال انني من المسلمين
और भलाई तथा बुरा कर्म बराबर नहीं हैं।
ولا تستوي الحسنة ولا السيية
उससे हटाओ जो अधिक सुंदर है; तब वह जिसके और तुम्हारे बीच शत्रुता थी, गर्मजोशी वाले मित्र जैसा हो जाएगा।
ادفع بالتي هي احسن فاذا الذي بينك وبينه عدوة كانه ولي حميم
परंतु यह उन्हीं को मिलता है जो धैर्य रखते हैं,
وما يلقىها الا الذين صبروا
और यह उसी को मिलता है जिसके पास विशाल हिस्सा है।
وما يلقىها الا ذو حظ عظيم
और यदि बहकाने वाले की ओर से कोई कचोट तुम्हें कचोटे, तो ईश्वर की छत्रछाया चाहो;
واما ينزغنك من الشيطن نزغ فاستعذ بالله
क्योंकि वही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
انه هو السميع العليم
और उसके संकेतों में से: रात और दिन, सूर्य और चंद्रमा।
ومن ءايته اليل والنهار والشمس والقمر
न सूर्य के सामने माथा टेको और न चंद्रमा के सामने,
لا تسجدوا للشمس ولا للقمر
बल्कि ईश्वर के सामने माथा टेको जिसने उन्हें रचा, यदि तुम उसी की आज्ञा का पालन करते हो।
واسجدوا لله الذي خلقهن ان كنتم اياه تعبدون
यदि वे घमंड से फूलें, तो जो तुम्हारे अभिभावक के पास हैं वे रात और दिन उसकी महिमा गाते हैं, बिना थके।
فان استكبروا فالذين عند ربك يسبحون له باليل والنهار وهم لا يسمون
और उसके संकेतों में से: तुम धरती को विनीत देखते हो; फिर जब हम उस पर पानी उतारते हैं, तो वह काँप उठती है और फूल जाती है।
ومن ءايته انك ترى الارض خشعة فاذا انزلنا عليها الماء اهتزت وربت
जिसने उसे पुनः जीवन दिया वही अवश्य मृतकों को पुनः जीवन देने वाला है;
ان الذي احياها لمحي الموتى
क्योंकि वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
انه على كل شىء قدير
जो हमारे संकेतों को विकृत करते हैं वे निश्चय ही हमसे छिपे नहीं हैं।
ان الذين يلحدون في ءايتنا لا يخفون علينا
क्या वह जो आग में डाला जाए बेहतर है, या वह जो पेशी के दिन सुरक्षित होकर आए?
افمن يلقى في النار خير ام من ياتي ءامنا يوم القيمة
जैसी तुम्हारी मर्ज़ी हो, वैसा कर्म करो,
اعملوا ما شيتم
क्योंकि तुम जो करते हो उस पर वह दृष्टि रखता है।
انه بما تعملون بصير
जिन्होंने स्मरण को नकारा, जब वह उन तक पहुँचा… और यह अवश्य एक अजेय ग्रंथ है, जिस तक असत्य न आगे से पहुँचता है न पीछे से,
ان الذين كفروا بالذكر لما جاءهم وانه لكتب عزيز لا ياتيه البطل من بين يديه ولا من خلفه
एक प्रज्ञावान, प्रशंसनीय की ओर से एक अवतरण।
تنزيل من حكيم حميد
तुमसे वही कहा जाता है जो तुमसे पहले संदेशवाहकों से पहले ही कहा जा चुका है;
ما يقال لك الا ما قد قيل للرسل من قبلك
तुम्हारा अभिभावक अवश्य क्षमा का धारक है और पीड़ादायक सज़ा का धारक है।
ان ربك لذو مغفرة وذو عقاب اليم
और यदि हम उसे अस्पष्ट पाठ बनाते, तो वे कहते: “उसके संकेत विस्तृत क्यों नहीं किए गए?”
ولو جعلنه قرءانا اعجميا لقالوا لولا فصلت ءايته
अस्पष्ट भी और त्रुटिहीन भी?
ءاعجمي وعربي
कहो: “वह विश्वास करने वालों के लिए मार्गदर्शन और उपचार है;
قل هو للذين ءامنوا هدى وشفاء
और जो विश्वास नहीं करते उनके कानों में बहरापन है, और वह उनके लिए अंधापन है;
والذين لا يومنون في ءاذانهم وقر وهو عليهم عمى
उन्हें दूर के स्थान से हाँक लगाई जाती है।”
اوليك ينادون من مكان بعيد
हमने निश्चय ही मूसा को ग्रंथ दिया, और उसमें मतभेद किया गया;
ولقد ءاتينا موسى الكتب فاختلف فيه
और यदि तुम्हारे अभिभावक का पहले का बोल न होता, तो उनके बीच फ़ैसला कर दिया गया होता;
ولولا كلمة سبقت من ربك لقضي بينهم
और वे उसके विषय में अवश्य व्याकुल करने वाली दुविधा में हैं।
وانهم لفي شك منه مريب
जो कोई भला कर्म करता है, वह अपने ही लिए है;
من عمل صلحا فلنفسه
और जो कोई बुरा करता है, वह अपने ही विरुद्ध है;
ومن اساء فعليها
और तुम्हारा अभिभावक बाध्य आज्ञाकारियों पर अन्याय करने वाला नहीं है।
وما ربك بظلم للعبيد
उसी की ओर उस घड़ी का ज्ञान वापस ले जाया जाता है;
اليه يرد علم الساعة
कोई फल अपने खोल से नहीं निकलता, कोई मादा न वहन करती है और न जनती है, सिवा उसके ज्ञान के साथ;
وما تخرج من ثمرت من اكمامها وما تحمل من انثى ولا تضع الا بعلمه
और जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा: “मेरे साझीदार कहाँ हैं?”, वे कहेंगे: “हम आपको सूचित करते हैं कि हममें कोई साक्षी नहीं है।”
ويوم يناديهم اين شركاءي قالوا ءاذنك ما منا من شهيد
और वे जिन्हें पहले पुकारते थे वे उनसे दूर भटक जाएँगे, और वे अनुमान लगाएँगे कि उनके लिए कोई पलायन नहीं है।
وضل عنهم ما كانوا يدعون من قبل وظنوا ما لهم من محيص
मनुष्य अच्छाई को बुलाने से नहीं थकता;
لا يسم الانسن من دعاء الخير
परंतु यदि बुराई उसे छू ले, तभी वह निराश, हताश हो जाता है।
وان مسه الشر فيوس قنوط
और यदि हम उसे, उसे छू चुकी हानि के बाद, अपनी ओर से दया चखाएँ, तो वह अवश्य कहेगा: “यह मेरा हक़ है, और मैं अनुमान नहीं लगाता कि वह घड़ी आ खड़ी होगी; और यदि मैं अपने अभिभावक की ओर लौटाया गया, तो मेरे लिए उसके पास अवश्य सबसे सुंदर होगा।”
ولين اذقنه رحمة منا من بعد ضراء مسته ليقولن هذا لي وما اظن الساعة قايمة ولين رجعت الى ربي ان لي عنده للحسنى
हम नकारने वालों को अवश्य सूचित करेंगे कि उन्होंने क्या किया, और उन्हें अवश्य एक कड़ा दंड चखाएँगे।
فلننبين الذين كفروا بما عملوا ولنذيقنهم من عذاب غليظ
और जब हम मनुष्य को उपकारों से भर देते हैं, तो वह कतरा जाता है और अपनी ओर से दूर हट जाता है;
واذا انعمنا على الانسن اعرض ونا بجانبه
और जब बुराई उसे छूती है, तभी वह अंतहीन पुकारों में लग जाता है।
واذا مسه الشر فذو دعاء عريض
कहो: “क्या तुम देखते हो? यदि यह ईश्वर की ओर से हो और तुम इसे नकारो, तो उससे अधिक भटका हुआ कौन है जो दूर की दरार में है?”
قل ارءيتم ان كان من عند الله ثم كفرتم به من اضل ممن هو في شقاق بعيد
हम उन्हें अपने संकेत क्षितिजों में और स्वयं उनमें दिखाएँगे, यहाँ तक कि उन पर स्पष्ट हो जाए कि यही सत्य है।
سنريهم ءايتنا في الءافاق وفي انفسهم حتى يتبين لهم انه الحق
क्या यह पर्याप्त नहीं कि तुम्हारा अभिभावक हर चीज़ पर साक्षी है?
اولم يكف بربك انه على كل شىء شهيد
क्या ऐसा नहीं है: वे अपने अभिभावक से मिलने के विषय में निश्चय ही वाद-प्रतिवाद में हैं;
الا انهم في مرية من لقاء ربهم
क्या ऐसा नहीं है: वह निश्चय ही हर चीज़ को पूरी तरह घेरे हुए है।
الا انه بكل شىء محيط