البقرة
Al-Baqara
Guidance for Those Who Guard Themselves
بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
अलिफ़. लाम. मीम.
الم
यह ग्रंथ है: इसमें कोई संदेह नहीं,
ذلك ٱلكتب لا ريب
इसमें मार्गदर्शन है उनके लिए जो सावधान रहते हैं, जो विश्वास करते हैं भले ही वह उनकी इंद्रियों से परे हो, संपर्क बनाए रखते हैं, और उसमें से ख़र्च करते हैं जो हमने उन्हें जीविका के रूप में दिया है,
فيه هدى للمتقين ٱلذين يؤمنون بٱلغيب ويقيمون ٱلصلوة ومما رزقنهم ينفقون
और जो उस पर विश्वास करते हैं जो तुम पर उतारा गया और जो तुमसे पहले उतारा गया, और जिन्हें अंतिम जीवन का यक़ीन है — वही अपने अभिभावक की ओर से मार्गदर्शन पर हैं,
وٱلذين يؤمنون بمآ أنزل إليك ومآ أنزل من قبلك وبٱلءاخرة هم يوقنون أولئك على هدى من ربهم
और वही सफल होने वाले हैं।
وأولئك هم ٱلمفلحون
जो नकारते हैं, उनके लिए निश्चय ही बराबर है कि तुम उन्हें चेतावनी दो या न दो: वे विश्वास नहीं करते।
إن ٱلذين كفروا سوآء عليهم ءأنذرتهم أم لم تنذرهم لا يؤمنون
ईश्वर ने उनके मर्मों और उनके श्रवण पर मुहर लगा दी है,
ختم ٱلله على قلوبهم وعلى سمعهم
और उनकी दृष्टियों पर आवरण है जो उन्हें ढके हुए है;
وعلى أبصرهم غشوة
और उनके लिए विशाल दंड होगा।
ولهم عذاب عظيم
और लोगों में कुछ ऐसे हैं जो कहते हैं: “हम ईश्वर पर और अंतिम दिन पर विश्वास करते हैं”, जबकि वे विश्वास करने वाले नहीं हैं।
ومن ٱلناس من يقول ءامنا بٱلله وبٱليوم ٱلءاخر وما هم بمؤمنين
वे ईश्वर को और उन्हें छलना चाहते हैं जिन्होंने विश्वास किया,
يخدعون ٱلله وٱلذين ءامنوا
किंतु वे केवल स्वयं को छलते हैं, और उन्हें इसका आभास नहीं।
وما يخدعون إلآ أنفسهم وما يشعرون
उनके मर्मों में एक रोग है,
في قلوبهم مرض
और ईश्वर ने उनका रोग बढ़ा दिया है;
فزادهم ٱلله مرضا
और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा, इसलिए कि वे झूठ बोलते थे।
ولهم عذاب أليم بما كانوا يكذبون
और जब उनसे कहा जाता है: “धरती पर बिगाड़ न फैलाओ”, तो वे कहते हैं: “हम तो केवल सुधार करने वाले हैं।”
وإذا قيل لهم لا تفسدوا في ٱلأرض قالوا إنما نحن مصلحون
क्या ऐसा नहीं है: वही निश्चय ही बिगाड़ने वाले हैं; किंतु उन्हें इसका आभास नहीं।
ألآ إنهم هم ٱلمفسدون ولكن لا يشعرون
और जब उनसे कहा जाता है: “विश्वास करो जैसे लोगों ने विश्वास किया”, तो वे कहते हैं: “क्या हम वैसे विश्वास करें जैसे मूर्खों ने विश्वास किया?”
وإذا قيل لهم ءامنوا كمآ ءامن ٱلناس قالوا أنؤمن كمآ ءامن ٱلسفهآء
क्या ऐसा नहीं है: वही निश्चय ही मूर्ख हैं; किंतु वे जानते नहीं।
ألآ إنهم هم ٱلسفهآء ولكن لا يعلمون
और जब वे उनसे मिलते हैं जिन्होंने विश्वास किया, तो कहते हैं: “हमने विश्वास किया”;
وإذا لقوا ٱلذين ءامنوا قالوا ءامنا
और जब वे अपने बहकाने वालों के साथ अकेले होते हैं, तो कहते हैं: “हम निश्चय ही तुम्हारे साथ हैं, हम तो केवल मज़ाक़ उड़ा रहे हैं।”
وإذا خلوا إلى شيطينهم قالوا إنا معكم إنما نحن مستهزءون
ईश्वर उनका मज़ाक़ उड़ाता है, और उन्हें उनकी मर्यादाहीनता में बढ़ने देता है, जिसमें वे टटोलते फिरते हैं।
ٱلله يستهزئ بهم ويمدهم في طغينهم يعمهون
यही वे हैं जिन्होंने मार्गदर्शन के बदले भटकाव ख़रीदा; इसलिए उनका व्यापार लाभदायक न रहा, और वे मार्गदर्शन पाने वाले न थे।
أولئك ٱلذين ٱشتروا ٱلضللة بٱلهدى فما ربحت تجرتهم وما كانوا مهتدين
उनका उदाहरण उस व्यक्ति का उदाहरण है जो आग जलाता है; जब वह अपने आसपास को प्रकाशित कर चुका,
مثلهم كمثل ٱلذي ٱستوقد نارا فلمآ أضآءت ما حوله
ईश्वर उनका प्रकाश ले जाता है और उन्हें अँधेरों में छोड़ देता है जहाँ उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता।
ذهب ٱلله بنورهم وتركهم في ظلمت لا يبصرون
बहरे, गूँगे, अंधे, इसलिए वे नहीं लौटते।
صم بكم عمي فهم لا يرجعون
या जैसे आकाश से मूसलाधार वर्षा, जिसमें अँधेरे, गरज और बिजलियाँ हैं:
أو كصيب من ٱلسمآء فيه ظلمت ورعد وبرق
वे वज्रपात के कारण अपनी उँगलियाँ अपने कानों में डालते हैं, मृत्यु से सतर्क होकर।
يجعلون أصبعهم في ءاذانهم من ٱلصوعق حذر ٱلموت
ईश्वर नकारने वालों को पूरी तरह घेरे हुए है।
وٱلله محيط بٱلكفرين
बिजली उनकी दृष्टियाँ उचक ले जाने को है।
يكاد ٱلبرق يخطف أبصرهم
जब भी वह उन्हें प्रकाशित करती है, वे चलते हैं;
كلمآ أضآء لهم مشوا فيه
और जब उन पर अँधेरा छा जाता है, वे ठिठककर खड़े रह जाते हैं।
وإذآ أظلم عليهم قاموا
और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वह उनका श्रवण और उनकी दृष्टियाँ ज़रूर ले जाता,
ولو شآء ٱلله لذهب بسمعهم وأبصرهم
क्योंकि ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
إن ٱلله على كل شىء قدير
हे लोगो! अपने अभिभावक की आज्ञा का पालन करो, जिसने तुम्हें और तुमसे पहले वालों को रचा, शायद तुम सावधान रहो,
يأيها ٱلناس ٱعبدوا ربكم ٱلذي خلقكم وٱلذين من قبلكم لعلكم تتقون
वही जिसने तुम्हारे लिए धरती को बिछौना बनाया, और आकाश को एक निर्मिति, और जिसने आकाश से पानी उतारा, जिससे उसने तुम्हारे लिए जीविका के रूप में फल निकाले।
ٱلذي جعل لكم ٱلأرض فرشا وٱلسمآء بنآء وأنزل من ٱلسمآء مآء فأخرج به من ٱلثمرت رزقا لكم
इसलिए ईश्वर के प्रतिद्वंद्वी न ठहराओ, जबकि तुम जानते हो।
فلا تجعلوا لله أندادا وأنتم تعلمون
और यदि तुम उसके विषय में संदेह में हो जो हमने अपने आज्ञाकारी पर उतारा है, तो उसके जैसी एक सूरा ले आओ,
وإن كنتم في ريب مما نزلنا على عبدنا فأتوا بسورة من مثله
और ईश्वर के अतिरिक्त अपने साक्षियों को बुलाओ, यदि तुम सच्चे हो।
وٱدعوا شهدآءكم من دون ٱلله إن كنتم صدقين
यदि तुम ऐसा नहीं करते — और तुम कभी नहीं कर पाओगे — तो उस आग से सावधान रहो, जिसका ईंधन लोग और पत्थर हैं,
فإن لم تفعلوا ولن تفعلوا فٱتقوا ٱلنار ٱلتي وقودها ٱلناس وٱلحجارة
जो नकारने वालों के लिए तैयार की गई है।
أعدت للكفرين
और उन्हें शुभ समाचार दो जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए कि उनके लिए ऐसे उद्यान होंगे जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं।
وبشر ٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت أن لهم جنت تجري من تحتها ٱلأنهر
जब भी उन्हें वहाँ जीविका के रूप में कोई फल दिया जाता है, वे कहते हैं: “यह वही है जो हमें पहले दिया गया था”;
كلما رزقوا منها من ثمرة رزقا قالوا هذا ٱلذي رزقنا من قبل
और वह उन्हें मिलता-जुलता लाया जाता है।
وأتوا به متشبها
और वहाँ उनके लिए स्वच्छ किए हुए जोड़ीदार होंगे,
ولهم فيهآ أزوج مطهرة
और वे वहाँ सदा रहते हैं।
وهم فيها خلدون
ईश्वर निश्चय ही कोई उदाहरण कई गुना करने में संकोच नहीं करता, चाहे वह मच्छर का हो या उससे भी अधिक का।
إن ٱلله لا يستحي أن يضرب مثلا ما بعوضة فما فوقها
जहाँ तक उनका प्रश्न है जिन्होंने विश्वास किया, वे जानते हैं कि यह उनके अभिभावक की ओर से सत्य है;
فأما ٱلذين ءامنوا فيعلمون أنه ٱلحق من ربهم
और जहाँ तक उनका प्रश्न है जो नकारते हैं, वे कहते हैं: “इस उदाहरण से ईश्वर ने क्या चाहा है?”
وأما ٱلذين كفروا فيقولون ماذآ أراد ٱلله بهذا مثلا
वह इससे बहुतों को भटकाता है, और इससे बहुतों को मार्ग दिखाता है;
يضل به كثيرا ويهدي به كثيرا
और वह इससे केवल अतिक्रमणकारियों को भटकाता है, जो ईश्वर की संधि को, उसे बाँधने वाली गंभीर प्रतिज्ञा के बाद, तोड़ते हैं, उसे काटते हैं जिसे ईश्वर ने जोड़ने का आदेश दिया है, और धरती पर बिगाड़ फैलाते हैं।
وما يضل به إلا ٱلفسقين ٱلذين ينقضون عهد ٱلله من بعد ميثقه ويقطعون مآ أمر ٱلله به أن يوصل ويفسدون في ٱلأرض
यही घाटा उठाने वाले हैं।
أولئك هم ٱلخسرون
तुम ईश्वर को कैसे नकार सकते हो, जबकि तुम मृत थे और उसने तुम्हें जीवन दिया; फिर वह तुम्हें मृत्यु देगा,
كيف تكفرون بٱلله وكنتم أموتا فأحيكم ثم يميتكم
फिर तुम्हें पुनः जीवन देगा, फिर उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे?
ثم يحييكم ثم إليه ترجعون
वही है जिसने तुम्हारे लिए वह सब रचा जो धरती पर है,
هو ٱلذي خلق لكم ما في ٱلأرض جميعا
फिर वह आकाश की ओर मुड़ा, और उसने उन्हें सात आकाशों के रूप में गढ़ा;
ثم ٱستوى إلى ٱلسمآء فسوىهن سبع سموت
और वह हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
وهو بكل شىء عليم
और जब तुम्हारे अभिभावक ने अभिकर्ताओं से कहा: “मैं धरती पर एक उत्तराधिकारी रखने वाला हूँ।”
وإذ قال ربك للملئكة إني جاعل في ٱلأرض خليفة
उन्होंने कहा: “क्या आप उसमें ऐसे को रखेंगे जो वहाँ बिगाड़ फैलाएगा और रक्त बहाएगा, जबकि हम आपकी प्रशंसा करते हुए आपकी महिमा गाते हैं और आपकी पवित्रता की घोषणा करते हैं?”
قالوا أتجعل فيها من يفسد فيها ويسفك ٱلدمآء ونحن نسبح بحمدك ونقدس لك
उसने कहा: “मैं निश्चय ही वह जानता हूँ जो तुम नहीं जानते।”
قال إني أعلم ما لا تعلمون
और उसने आदम को सभी गुण सिखाए, फिर उन्हें अभिकर्ताओं के सामने रखा, और कहा: “मुझे इनके गुणों की सूचना दो, यदि तुम सच्चे हो।”
وعلم ءادم ٱلأسمآء كلها ثم عرضهم على ٱلملئكة فقال أنبوني بأسمآء هؤلآء إن كنتم صدقين
उन्होंने कहा: “आपकी महिमा हो! हमें केवल उतना ही ज्ञान है जितना आपने हमें सिखाया; निश्चय ही आप ही सर्वज्ञ, प्रज्ञावान हैं।”
قالوا سبحنك لا علم لنآ إلا ما علمتنآ إنك أنت ٱلعليم ٱلحكيم
उसने कहा: “हे आदम! इन्हें इनके गुणों की सूचना दो।”
قال يادم أنبئهم بأسمآئهم
और जब उसने उन्हें उनके गुणों की सूचना दे दी, तो उसने कहा: “क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि मैं आकाशों और धरती में जो इंद्रियों से परे है उसे जानता हूँ, और जो तुम प्रकट करते हो और जो तुम दबाते थे उसे मैं जानता हूँ?”
فلمآ أنبأهم بأسمآئهم قال ألم أقل لكم إني أعلم غيب ٱلسموت وٱلأرض وأعلم ما تبدون وما كنتم تكتمون
और जब हमने अभिकर्ताओं से कहा: “आदम के सामने माथा टेको”, तो उन्होंने माथा टेका,
وإذ قلنا للملئكة ٱسجدوا لءادم فسجدوا
सिवा इब्लीस के: उसने इनकार किया, घमंड से फूल गया, और नकारने वालों में से हो गया।
إلآ إبليس أبى وٱستكبر وكان من ٱلكفرين
और हमने कहा: “हे आदम! तुम और तुम्हारा जोड़ीदार उद्यान में रहो, और उसमें से भरपूर खाओ, जहाँ से तुम्हारी मर्ज़ी हो,
وقلنا يادم ٱسكن أنت وزوجك ٱلجنة وكلا منها رغدا حيث شئتما
किंतु इस पेड़ के पास न जाना, नहीं तो तुम अन्यायियों में से हो जाओगे।”
ولا تقربا هذه ٱلشجرة فتكونا من ٱلظلمين
किंतु बहकाने वाले ने उन्हें वहाँ से फिसला दिया, और उन्हें उस दशा से निकाल दिया जिसमें वे थे;
فأزلهما ٱلشيطن عنها فأخرجهما مما كانا فيه
और हमने कहा: “नीचे जाओ,
وقلنا ٱهبطوا
एक-दूसरे के शत्रु बनकर,
بعضكم لبعض عدو
और धरती पर तुम्हारे लिए एक ठौर और एक समय तक का उपभोग होगा।”
ولكم في ٱلأرض مستقر ومتع إلى حين
फिर आदम ने अपने अभिभावक से कुछ बोल पाए, और वह अनुकंपा के साथ उसकी ओर पलटा,
فتلقى ءادم من ربه كلمت فتاب عليه
क्योंकि वही निरंतर पश्चात्ताप स्वीकार करने वाला, दयालु है।
إنه هو ٱلتواب ٱلرحيم
हमने कहा: “यहाँ से नीचे जाओ, सब के सब;
قلنا ٱهبطوا منها جميعا
फिर यदि मेरी ओर से तुम्हारे पास मार्गदर्शन आए, तो जो मेरे मार्गदर्शन पर चले, उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
فإما يأتينكم مني هدى فمن تبع هداي فلا خوف عليهم ولا هم يحزنون
और जो नकारते हैं और हमारे संकेतों को झुठलाते हैं — वही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।”
وٱلذين كفروا وكذبوا بايتنآ أولئك أصحب ٱلنار هم فيها خلدون
हे इसराईल की संतान! मेरे उपकार का स्मरण करो, वह जिससे मैंने तुम्हें भर दिया, और मेरी संधि को निभाओ, मैं तुम्हारी संधि को निभाऊँगा; और तुम्हें मेरे ही प्रति आदर रखना चाहिए।
يبني إسرءيل ٱذكروا نعمتي ٱلتي أنعمت عليكم وأوفوا بعهدي أوف بعهدكم وإيي فٱرهبون
और उस पर विश्वास करो जो मैंने उतारा है, जो उसकी पुष्टि करता है जो तुम्हारे पास है, और उसे नकारने वालों में पहले मत बनो;
وءامنوا بمآ أنزلت مصدقا لما معكم ولا تكونوا أول كافر به
और मेरे संकेतों के बदले तुच्छ मूल्य न ख़रीदो; और तुम्हें मेरे ही प्रति सावधान रहना चाहिए।
ولا تشتروا بايتي ثمنا قليلا وإيي فٱتقون
और सत्य पर असत्य का आवरण न चढ़ाओ, और सत्य को मत दबाओ, जबकि तुम जानते हो।
ولا تلبسوا ٱلحق بٱلبطل وتكتموا ٱلحق وأنتم تعلمون
और संपर्क बनाए रखो, और शुद्ध उदारता दो,
وأقيموا ٱلصلوة وءاتوا ٱلزكوة
और घुटने टेकने वालों के साथ घुटने टेको।
وٱركعوا مع ٱلركعين
क्या तुम लोगों को सद्गुण का आदेश देते हो, और स्वयं को भूल जाते हो, जबकि तुम ग्रंथ सुनाते हो?
أتأمرون ٱلناس بٱلبر وتنسون أنفسكم وأنتم تتلون ٱلكتب
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
أفلا تعقلون
और धैर्य और संपर्क से मदद माँगो:
وٱستعينوا بٱلصبر وٱلصلوة
यह अवश्य भारी है, सिवा विनीतों के, जो अनुमान लगाते हैं कि वे अपने अभिभावक से मिलेंगे, और यह कि उसी की ओर वे लौटते हैं।
وإنها لكبيرة إلا على ٱلخشعين ٱلذين يظنون أنهم ملقوا ربهم وأنهم إليه رجعون
हे इसराईल की संतान! मेरे उपकार का स्मरण करो, वह जिससे मैंने तुम्हें भर दिया, और यह कि मैंने तुम्हें सभी प्राणियों से ऊपर वरीयता दी।
يبني إسرءيل ٱذكروا نعمتي ٱلتي أنعمت عليكم وأني فضلتكم على ٱلعلمين
और उस दिन से सावधान रहो जब कोई स्व किसी दूसरे स्व के कुछ भी काम नहीं आएगा, जब उससे कोई सिफ़ारिश स्वीकार नहीं की जाएगी, जब उससे कोई प्रतिकर नहीं लिया जाएगा, और जब उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
وٱتقوا يوما لا تجزي نفس عن نفس شيا ولا يقبل منها شفعة ولا يؤخذ منها عدل ولا هم ينصرون
और जब हमने तुम्हें फ़िरऔन के कुल से उबारा, जो तुम्हें बुरा दंड देता था, तुम्हारे बेटों का गला काटता था और तुम्हारी स्त्रियों की लाज पर आघात करता था —
وإذ نجينكم من ءال فرعون يسومونكم سوء ٱلعذاب يذبحون أبنآءكم ويستحيون نسآءكم
और उसमें तुम्हारे अभिभावक की ओर से वह था जो विशाल रूप से परखता है।
وفي ذلكم بلآء من ربكم عظيم
और जब हमने तुम्हारे लिए समुद्र को चीरा, और तुम्हें उबारा, और फ़िरऔन के कुल को डुबो दिया, जबकि तुम नज़र डाल रहे थे।
وإذ فرقنا بكم ٱلبحر فأنجينكم وأغرقنآ ءال فرعون وأنتم تنظرون
और जब हमने मूसा के लिए चालीस रातों का वादे का समय तय किया; फिर उसके बाद तुमने बछड़े को अपना लिया, और तुम अन्याय करने वाले थे।
وإذ وعدنا موسى أربعين ليلة ثم ٱتخذتم ٱلعجل من بعده وأنتم ظلمون
फिर इसके बाद हमने तुमसे दरगुज़र किया, शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
ثم عفونا عنكم من بعد ذلك لعلكم تشكرون
और जब हमने मूसा को ग्रंथ दिया
وإذ ءاتينا موسى ٱلكتب
और विवेक, शायद तुम मार्गदर्शन पाओ।
وٱلفرقان لعلكم تهتدون
और जब मूसा ने अपनी क़ौम से कहा: “हे मेरी क़ौम! तुमने बछड़े को अपनाकर निश्चय ही स्वयं पर अन्याय किया है; इसलिए उसकी ओर पलट आओ जिसने तुम्हें अस्तित्व दिया, और आपस में एक-दूसरे को मारो,
وإذ قال موسى لقومه يقوم إنكم ظلمتم أنفسكم بٱتخاذكم ٱلعجل فتوبوا إلى بارئكم فٱقتلوا أنفسكم
यही तुम्हारे लिए उसके निकट, जिसने तुम्हें अस्तित्व दिया, बेहतर है।”
ذلكم خير لكم عند بارئكم
तब वह अनुकंपा के साथ तुम्हारी ओर पलटा,
فتاب عليكم
क्योंकि वही निरंतर पश्चात्ताप स्वीकार करने वाला, दयालु है।
إنه هو ٱلتواب ٱلرحيم
और जब तुमने कहा: “हे मूसा! हम तुम पर तब तक भरोसा नहीं करेंगे जब तक ईश्वर को खुलकर न देख लें”; तब वज्रपात ने तुम्हें पकड़ लिया, जबकि तुम नज़र डाल रहे थे।
وإذ قلتم يموسى لن نؤمن لك حتى نرى ٱلله جهرة فأخذتكم ٱلصعقة وأنتم تنظرون
फिर हमने तुम्हारी मृत्यु के बाद तुम्हें उठाया, शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
ثم بعثنكم من بعد موتكم لعلكم تشكرون
और हमने तुम पर बादल की छाया फैलाई, और तुम पर मन्न और बटेरें उतारीं:
وظللنا عليكم ٱلغمام وأنزلنا عليكم ٱلمن وٱلسلوى
“हमने तुम्हें जो जीविका दी है उसमें से अच्छी चीज़ें खाओ” —
كلوا من طيبت ما رزقنكم
उन्होंने हम पर अन्याय नहीं किया, बल्कि वे स्वयं पर ही अन्याय करते थे।
وما ظلمونا ولكن كانوا أنفسهم يظلمون
और जब हमने कहा: “इस बस्ती में प्रवेश करो, उसमें से जहाँ तुम्हारी मर्ज़ी हो भरपूर खाओ, द्वार से माथा टेके हुए प्रवेश करो, और कहो: हमें बोझमुक्त कीजिए — हम तुम्हारी भूलें क्षमा कर देंगे,
وإذ قلنا ٱدخلوا هذه ٱلقرية فكلوا منها حيث شئتم رغدا وٱدخلوا ٱلباب سجدا وقولوا حطة نغفر لكم خطيكم
और भलाई करने वालों को हम और अधिक देंगे।”
وسنزيد ٱلمحسنين
किंतु जो अन्यायी थे उन्होंने उस कथन को, जो उनसे कहा गया था, किसी और कथन से बदल दिया; तब हमने उन अन्यायियों पर आकाश से एक मलिनता उतारी, इसलिए कि उन्होंने अतिक्रमण किया।
فبدل ٱلذين ظلموا قولا غير ٱلذي قيل لهم فأنزلنا على ٱلذين ظلموا رجزا من ٱلسمآء بما كانوا يفسقون
और जब मूसा ने अपनी क़ौम के लिए पानी माँगा; हमने कहा: “अपनी छड़ी से चट्टान पर मारो”;
وإذ ٱستسقى موسى لقومه فقلنا ٱضرب بعصاك ٱلحجر
और देखो, उससे बारह सोते फूट निकले:
فٱنفجرت منه ٱثنتا عشرة عينا
लोगों के हर समूह ने अपने पानी पीने का स्थान जान लिया।
قد علم كل أناس مشربهم
ईश्वर की दी हुई जीविका में से खाओ और पियो,
كلوا وٱشربوا من رزق ٱلله
और धरती पर उपद्रव न फैलाओ, बिगाड़ने वाले बनकर।
ولا تعثوا في ٱلأرض مفسدين
और जब तुमने कहा: “हे मूसा! हम एक ही भोजन पर कभी धैर्य नहीं रख पाएँगे; इसलिए हमारे लिए अपने अभिभावक को पुकारो, कि वह हमारे लिए निकाले उसमें से जो धरती उगाती है, उसकी साग-सब्ज़ी, उसके खीरे, उसका लहसुन, उसकी मसूर और उसके प्याज़।”
وإذ قلتم يموسى لن نصبر على طعام وحد فٱدع لنا ربك يخرج لنا مما تنبت ٱلأرض من بقلها وقثآئها وفومها وعدسها وبصلها
उसने कहा: “क्या तुम उसे लेना चाहोगे जो निकट का है, उसके बदले जो बेहतर है?
قال أتستبدلون ٱلذي هو أدنى بٱلذي هو خير
तो मिस्र में नीचे जाओ, क्योंकि वहाँ तुम्हें वह मिलेगा जो तुमने माँगा है।”
ٱهبطوا مصرا فإن لكم ما سألتم
और अपमान और दरिद्रता उन पर चिपका दी गई, और वे ईश्वर के क्रोध के पात्र बने।
وضربت عليهم ٱلذلة وٱلمسكنة وبآءو بغضب من ٱلله
यह इसलिए कि वे ईश्वर के संकेतों को नकारते थे, और सूचनादाताओं को बिना हक़ के मार डालते थे।
ذلك بأنهم كانوا يكفرون بايت ٱلله ويقتلون ٱلنبين بغير ٱلحق
यह इसलिए कि उन्होंने अवज्ञा की और सीमाएँ पार कीं।
ذلك بما عصوا وكانوا يعتدون
निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास किया, पुनरुन्मुख, सहायक और आकांक्षी — जिसने भी ईश्वर पर और अंतिम दिन पर विश्वास किया, और भला कर्म किया, उनका पुरस्कार उनके अभिभावक के पास उनके लिए है, उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
إن ٱلذين ءامنوا وٱلذين هادوا وٱلنصرى وٱلصبين من ءامن بٱلله وٱليوم ٱلءاخر وعمل صلحا فلهم أجرهم عند ربهم ولا خوف عليهم ولا هم يحزنون
और जब हमने तुम्हारी गंभीर प्रतिज्ञा ली, और तुम्हारे ऊपर पर्वत को ऊँचा किया:
وإذ أخذنا ميثقكم ورفعنا فوقكم ٱلطور
“जो हमने तुम्हें दिया है उसे दृढ़ता से थामो, और जो उसमें है उसे स्मरण रखो, शायद तुम सावधान रहो।”
خذوا مآ ءاتينكم بقوة وٱذكروا ما فيه لعلكم تتقون
फिर इसके बाद तुमने पीठ फेर ली;
ثم توليتم من بعد ذلك
और यदि तुम पर ईश्वर का अनुग्रह और उसकी दया न होती, तो तुम घाटा उठाने वालों में से होते।
فلولا فضل ٱلله عليكم ورحمته لكنتم من ٱلخسرين
तुम उन्हें निश्चय ही जान चुके हो जिन्होंने तुममें से विराम के दिन के विषय में सीमाएँ पार कीं; तब हमने उनसे कहा: “दुत्कारे हुए बंदर बन जाओ।”
ولقد علمتم ٱلذين ٱعتدوا منكم في ٱلسبت فقلنا لهم كونوا قردة خسين
हमने इसे उसके लिए जो इससे पहले था और जो इसके बाद था एक निवारक उदाहरण बनाया, और सावधानी बरतने वालों के लिए एक उपदेश।
فجعلنها نكلا لما بين يديها وما خلفها وموعظة للمتقين
और जब मूसा ने अपनी क़ौम से कहा: “ईश्वर तुम्हें आदेश देता है कि एक गाय का गला काटो।”
وإذ قال موسى لقومه إن ٱلله يأمركم أن تذبحوا بقرة
उन्होंने कहा: “क्या तुम हमारा मज़ाक़ उड़ाते हो?”
قالوا أتتخذنا هزوا
उसने कहा: “मैं स्वयं को ईश्वर की छत्रछाया में रखता हूँ कि मैं अज्ञानियों में से न होऊँ।”
قال أعوذ بٱلله أن أكون من ٱلجهلين
उन्होंने कहा: “हमारे लिए अपने अभिभावक को पुकारो, कि वह हमें स्पष्ट करे कि वह क्या है।”
قالوا ٱدع لنا ربك يبين لنا ما هي
उसने कहा: “वह कहता है कि वह एक गाय है, न बूढ़ी और न कुँवारी,
قال إنه يقول إنها بقرة لا فارض ولا بكر
इन दोनों के बीच मध्यम आयु की;
عوان بين ذلك
इसलिए वही करो जिसका तुम्हें आदेश दिया गया है।”
فٱفعلوا ما تؤمرون
उन्होंने कहा: “हमारे लिए अपने अभिभावक को पुकारो, कि वह हमें स्पष्ट करे कि उसका रंग क्या है।”
قالوا ٱدع لنا ربك يبين لنا ما لونها
उसने कहा: “वह कहता है कि वह एक पीली गाय है, चटक रंग की,
قال إنه يقول إنها بقرة صفرآء فاقع لونها
जो निगाहों को भा जाती है।”
تسر ٱلنظرين
उन्होंने कहा: “हमारे लिए अपने अभिभावक को पुकारो, कि वह हमें स्पष्ट करे कि वह क्या है: गायें सब हमारी दृष्टि में एक-सी हैं, और हम अवश्य, यदि ईश्वर की मर्ज़ी हो, मार्गदर्शन पाने वालों में से होंगे।”
قالوا ٱدع لنا ربك يبين لنا ما هي إن ٱلبقر تشبه علينا وإنآ إن شآء ٱلله لمهتدون
उसने कहा: “वह कहता है कि वह एक ऐसी गाय है जो भूमि को उलटने के लिए और खेत को सींचने के लिए सधाई नहीं गई,
قال إنه يقول إنها بقرة لا ذلول تثير ٱلأرض ولا تسقي ٱلحرث
सही-सलामत, जिसमें कोई दाग़ नहीं।”
مسلمة لا شية فيها
उन्होंने कहा: “अब तुम सत्य लाए हो।”
قالوا ٱلن جئت بٱلحق
तब उन्होंने उसका गला काटा, जबकि वे लगभग ऐसा न करते।
فذبحوها وما كادوا يفعلون
और जब तुमने एक स्व को मार डाला, और उसके विषय में एक-दूसरे पर टालने लगे —
وإذ قتلتم نفسا فٱدرءتم فيها
जबकि ईश्वर उसे निकालने वाला था जो तुम दबाते थे।
وٱلله مخرج ما كنتم تكتمون
तब हमने कहा: “उसे उसके एक भाग से मारो”;
فقلنا ٱضربوه ببعضها
इस प्रकार ईश्वर मृतकों को जीवन देता है, और तुम्हें अपने संकेत दिखाता है, शायद तुम बुद्धि से काम लो।
كذلك يحي ٱلله ٱلموتى ويريكم ءايته لعلكم تعقلون
फिर इसके बाद तुम्हारे मर्म सख़्त हो गए, यहाँ तक कि वे पत्थर जैसे हैं, या उससे भी अधिक कठोर।
ثم قست قلوبكم من بعد ذلك فهي كٱلحجارة أو أشد قسوة
और पत्थरों में अवश्य ऐसे हैं जिनसे नदियाँ फूट निकलती हैं;
وإن من ٱلحجارة لما يتفجر منه ٱلأنهر
और उनमें अवश्य ऐसे भी हैं जो फट जाते हैं, और उनसे पानी निकलता है;
وإن منها لما يشقق فيخرج منه ٱلمآء
और उनमें अवश्य ऐसे भी हैं जो नीचे गिर पड़ते हैं, ईश्वर का भय रखते हुए।
وإن منها لما يهبط من خشية ٱلله
और ईश्वर उससे लापरवाह नहीं जो तुम करते हो।
وما ٱلله بغفل عما تعملون
क्या तुम लालसा रखते हो कि वे तुम पर भरोसा करें, जबकि उनमें से एक भाग ईश्वर का बोल सुनता था, फिर उस पर बुद्धि से काम लेने के बाद तोड़-मरोड़ देता था, जानते हुए?
أفتطمعون أن يؤمنوا لكم وقد كان فريق منهم يسمعون كلم ٱلله ثم يحرفونه من بعد ما عقلوه وهم يعلمون
और जब वे उनसे मिलते हैं जिन्होंने विश्वास किया, तो कहते हैं: “हमने विश्वास किया”;
وإذا لقوا ٱلذين ءامنوا قالوا ءامنا
और जब वे आपस में अकेले होते हैं, तो कहते हैं: “क्या तुम उन्हें बताओगे जो ईश्वर ने तुम पर खोला है, कि वे उसे लेकर तुम्हारे अभिभावक के पास तुमसे विवाद करें?”
وإذا خلا بعضهم إلى بعض قالوا أتحدثونهم بما فتح ٱلله عليكم ليحآجوكم به عند ربكم
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
أفلا تعقلون
क्या वे नहीं जानते कि ईश्वर जानता है जो वे गुप्त रखते हैं और जो वे उजागर करते हैं?
أولا يعلمون أن ٱلله يعلم ما يسرون وما يعلنون
और उनमें कुछ ऐसे भी हैं जिनके पास पहले से कोई ग्रंथ न था, जो ग्रंथ को केवल व्यर्थ आशाओं के रूप में जानते हैं,
ومنهم أميون لا يعلمون ٱلكتب إلآ أماني
और जो केवल अनुमान लगाते हैं।
وإن هم إلا يظنون
तो हाय उन पर जो अपने हाथों से ग्रंथ लिखते हैं, फिर कहते हैं: “यह ईश्वर की ओर से है”, ताकि उसके बदले तुच्छ मूल्य ख़रीदें!
فويل للذين يكتبون ٱلكتب بأيديهم ثم يقولون هذا من عند ٱلله ليشتروا به ثمنا قليلا
हाय उन पर, उसके कारण जो उनके हाथों ने लिखा,
فويل لهم مما كتبت أيديهم
और हाय उन पर, उसके कारण जो वे कमाते हैं!
وويل لهم مما يكسبون
और उन्होंने कहा: “आग हमें केवल गिने-चुने दिनों के लिए छुएगी।”
وقالوا لن تمسنا ٱلنار إلآ أياما معدودة
कहो: “क्या तुमने ईश्वर के पास से कोई संधि ली है — ईश्वर अपनी संधि से कभी नहीं मुकरता —
قل أتخذتم عند ٱلله عهدا فلن يخلف ٱلله عهده
या तुम ईश्वर के विषय में वह कहते हो जो तुम नहीं जानते?”
أم تقولون على ٱلله ما لا تعلمون
क्यों नहीं: जो कोई बुरा कर्म कमाए, और उसकी भूल उसे घेर ले — वही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।
بلى من كسب سيئة وأحطت به خطيته فأولئك أصحب ٱلنار هم فيها خلدون
और जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए — वही उद्यान वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।
وٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت أولئك أصحب ٱلجنة هم فيها خلدون
और जब हमने इसराईल की संतान की गंभीर प्रतिज्ञा ली: “तुम ईश्वर के अतिरिक्त किसी की आज्ञा का पालन नहीं करोगे,
وإذ أخذنا ميثق بني إسرءيل لا تعبدون إلا ٱلله
और माता-पिता, निकट-संबंधियों, अनाथों और दरिद्रों के प्रति भलाई करोगे;
وبٱلولدين إحسانا وذي ٱلقربى وٱليتمى وٱلمسكين
और लोगों से वह कहो जो सुंदर है;
وقولوا للناس حسنا
और संपर्क बनाए रखो, और शुद्ध उदारता दो”;
وأقيموا ٱلصلوة وءاتوا ٱلزكوة
फिर तुमने पीठ फेर ली, तुममें से थोड़े-से को छोड़कर, टालमटोल करते हुए।
ثم توليتم إلا قليلا منكم وأنتم معرضون
और जब हमने तुम्हारी गंभीर प्रतिज्ञा ली: “तुम अपना रक्त नहीं बहाओगे, और अपने ठिकानों से एक-दूसरे को नहीं निकालोगे”; फिर तुमने उसे स्वीकार किया, और तुम साक्षी हो।
وإذ أخذنا ميثقكم لا تسفكون دمآءكم ولا تخرجون أنفسكم من ديركم ثم أقررتم وأنتم تشهدون
फिर भी देखो तुम एक-दूसरे को मारते हो, और अपनों में से एक भाग को उनके ठिकानों से निकालते हो, अपराध और वैर में उनके विरुद्ध एक-दूसरे का साथ देते हुए;
ثم أنتم هؤلآء تقتلون أنفسكم وتخرجون فريقا منكم من ديرهم تظهرون عليهم بٱلإثم وٱلعدون
और यदि वे बंदी बनकर तुम्हारे पास आएँ, तो तुम उनकी अदला-बदली करते हो, जबकि उनका निकाला जाना तुम पर वर्जित था।
وإن يأتوكم أسرى تفدوهم وهو محرم عليكم إخراجهم
क्या तुम ग्रंथ के एक भाग पर विश्वास करते हो, और दूसरे भाग को नकारते हो?
أفتؤمنون ببعض ٱلكتب وتكفرون ببعض
तो तुममें से जो ऐसा करे, उसका प्रतिफल इहलोक के जीवन में लज्जा के सिवा और क्या है?
فما جزآء من يفعل ذلك منكم إلا خزي في ٱلحيوة ٱلدنيا
और पेशी के दिन वे सबसे कठोर दंड की ओर वापस लाए जाएँगे।
ويوم ٱلقيمة يردون إلى أشد ٱلعذاب
और ईश्वर उससे लापरवाह नहीं जो वे करते हैं।
وما ٱلله بغفل عما تعملون
यही वे हैं जिन्होंने अंतिम जीवन के बदले इहलोक का जीवन ख़रीदा; इसलिए उनका दंड हल्का नहीं किया जाएगा, और उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
أولئك ٱلذين ٱشتروا ٱلحيوة ٱلدنيا بٱلءاخرة فلا يخفف عنهم ٱلعذاب ولا هم ينصرون
हमने निश्चय ही मूसा को ग्रंथ दिया, और उसके बाद संदेशवाहकों को क्रम से भेजा।
ولقد ءاتينا موسى ٱلكتب وقفينا من بعده بٱلرسل
और हमने मरयम के पुत्र ईसा को स्पष्ट प्रमाण दिए, और उसे पवित्र प्रवाह से सुदृढ़ किया।
وءاتينا عيسى ٱبن مريم ٱلبينت وأيدنه بروح ٱلقدس
तो जब भी कोई संदेशवाहक तुम्हारे पास वह लेकर आया जिसकी ओर तुम्हारे अपने स्व नहीं झुकते थे, क्या तुम घमंड से नहीं फूल गए?
أفكلما جآءكم رسول بما لا تهوى أنفسكم ٱستكبرتم
तुमने उनमें से एक भाग को झुठलाया, और दूसरे भाग को तुम मार डालते हो।
ففريقا كذبتم وفريقا تقتلون
और उन्होंने कहा: “हमारे मर्म ढके हुए हैं”;
وقالوا قلوبنا غلف
नहीं, ईश्वर ने उन्हें उनके नकार के कारण धिक्कारा, और वे थोड़ा ही विश्वास करते हैं।
بل لعنهم ٱلله بكفرهم فقليلا ما يؤمنون
और जब उनके पास ईश्वर की ओर से एक ग्रंथ आया, जो उसकी पुष्टि करता है जो उनके पास है — जबकि इससे पहले वे नकारने वालों के विरुद्ध उद्घाटन माँगा करते थे —
ولما جآءهم كتب من عند ٱلله مصدق لما معهم وكانوا من قبل يستفتحون على ٱلذين كفروا
तो जब उनके पास वह आया जिसे वे पहचानते थे, उन्होंने उसे नकार दिया।
فلما جآءهم ما عرفوا كفروا به
इसलिए नकारने वालों पर ईश्वर का धिक्कार है।
فلعنة ٱلله على ٱلكفرين
कितना भयानक है वह जिसके बदले उन्होंने अपना स्व ख़रीदा: उसे नकारना जो ईश्वर ने उतारा है, ज़्यादती से, इसलिए कि ईश्वर अपने आज्ञाकारियों में से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उस पर अपना अनुग्रह उतारता है!
بئسما ٱشتروا به أنفسهم أن يكفروا بمآ أنزل ٱلله بغيا أن ينزل ٱلله من فضله على من يشآء من عباده
इसलिए वे क्रोध पर क्रोध के पात्र बने।
فبآءو بغضب على غضب
और नकारने वालों के लिए हीन करने वाला दंड है।
وللكفرين عذاب مهين
और जब उनसे कहा जाता है: “उस पर विश्वास करो जो ईश्वर ने उतारा है”, तो वे कहते हैं: “हम उस पर विश्वास करते हैं जो हम पर उतारा गया”; और वे उसे नकारते हैं जो उसके परे है,
وإذا قيل لهم ءامنوا بمآ أنزل ٱلله قالوا نؤمن بمآ أنزل علينا ويكفرون بما ورآءه
जबकि वही सत्य है, उसकी पुष्टि करता हुआ जो उनके पास है।
وهو ٱلحق مصدقا لما معهم
कहो: “तो फिर तुमने इससे पहले ईश्वर के सूचनादाताओं को क्यों मार डाला, यदि तुम विश्वास करने वाले थे?”
قل فلم تقتلون أنبيآء ٱلله من قبل إن كنتم مؤمنين
मूसा तुम्हारे पास निश्चय ही स्पष्ट प्रमाणों के साथ आया; फिर उसके बाद तुमने बछड़े को अपना लिया, और तुम अन्याय करने वाले थे।
ولقد جآءكم موسى بٱلبينت ثم ٱتخذتم ٱلعجل من بعده وأنتم ظلمون
और जब हमने तुम्हारी गंभीर प्रतिज्ञा ली, और तुम्हारे ऊपर पर्वत को ऊँचा किया:
وإذ أخذنا ميثقكم ورفعنا فوقكم ٱلطور
“जो हमने तुम्हें दिया है उसे दृढ़ता से थामो, और सुनो।”
خذوا مآ ءاتينكم بقوة وٱسمعوا
उन्होंने कहा: “हमने सुना और अवज्ञा की”;
قالوا سمعنا وعصينا
और उनके मर्मों को उनके नकार के कारण बछड़ा पिला दिया गया।
وأشربوا في قلوبهم ٱلعجل بكفرهم
कहो: “कितना भयानक है वह जिसका आदेश तुम्हारा विश्वास तुम्हें देता है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो!”
قل بئسما يأمركم به إيمنكم إن كنتم مؤمنين
कहो: “यदि ईश्वर के पास अंतिम ठिकाना केवल तुम्हारे लिए है, लोगों को छोड़कर, तो मृत्यु की इच्छा करो, यदि तुम सच्चे हो।”
قل إن كانت لكم ٱلدار ٱلءاخرة عند ٱلله خالصة من دون ٱلناس فتمنوا ٱلموت إن كنتم صدقين
किंतु वे उसकी इच्छा कभी नहीं करेंगे, उसके कारण जो उनके हाथों ने आगे बढ़ाया।
ولن يتمنوه أبدا بما قدمت أيديهم
और ईश्वर अन्यायियों के विषय में सर्वज्ञ है।
وٱلله عليم بٱلظلمين
और तुम उन्हें अवश्य सब लोगों में जीवन से सबसे अधिक चिपके हुए पाओगे,
ولتجدنهم أحرص ٱلناس على حيوة
उनसे भी अधिक जिन्होंने साझी ठहराया; उनमें से एक हज़ार वर्ष जीना चाहेगा,
ومن ٱلذين أشركوا يود أحدهم لو يعمر ألف سنة
किंतु यह उसे दंड से किसी तरह बचा नहीं पाएगा, भले ही वह उतना ही लंबा जिए।
وما هو بمزحزحه من ٱلعذاب أن يعمر
ईश्वर उस पर दृष्टि रखता है जो वे करते हैं।
وٱلله بصير بما يعملون
कहो: “जो कोई जिब्रील का शत्रु है, वह जान ले कि उसी ने उसे तुम्हारे मर्म पर उतारा है, ईश्वर की अनुमति से, उसकी पुष्टि करता हुआ जो उससे पहले है, और विश्वास करने वालों के लिए मार्गदर्शन और शुभ समाचार के रूप में।”
قل من كان عدوا لجبريل فإنه نزله على قلبك بإذن ٱلله مصدقا لما بين يديه وهدى وبشرى للمؤمنين
जो कोई ईश्वर का, उसके अभिकर्ताओं का, उसके संदेशवाहकों का, जिब्रील का और मीकाल का शत्रु है, वह जान ले कि ईश्वर निश्चय ही नकारने वालों का शत्रु है।
من كان عدوا لله وملئكته ورسله وجبريل وميكىل فإن ٱلله عدو للكفرين
हमने निश्चय ही तुम्हारी ओर स्पष्ट संकेत उतारे हैं,
ولقد أنزلنآ إليك ءايت بينت
और उन्हें केवल अतिक्रमणकारी ही नकारते हैं।
وما يكفر بهآ إلا ٱلفسقون
क्या ऐसा है कि जब भी वे कोई संधि करते हैं, उनमें से एक भाग उसे ठुकरा देता है?
أوكلما عهدوا عهدا نبذه فريق منهم
बल्कि उनमें से अधिकतर विश्वास नहीं करते।
بل أكثرهم لا يؤمنون
और जब उनके पास ईश्वर की ओर से एक संदेशवाहक आया, उसकी पुष्टि करता हुआ जो उनके पास है, तो जिन्हें ग्रंथ दिया गया था उनमें से एक भाग ने ईश्वर के ग्रंथ को अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया, मानो वे जानते ही न हों।
ولما جآءهم رسول من عند ٱلله مصدق لما معهم نبذ فريق من ٱلذين أوتوا ٱلكتب كتب ٱلله ورآء ظهورهم كأنهم لا يعلمون
और उन्होंने उसका अनुसरण किया जो बहकाने वाले सुलैमान के राजत्व के विषय में सुनाते थे।
وٱتبعوا ما تتلوا ٱلشيطين على ملك سليمن
जबकि सुलैमान ने कभी नहीं नकारा,
وما كفر سليمن
बल्कि बहकाने वालों ने नकारा, जो लोगों को भ्रम सिखाते थे, और उसे भी जो बाबिल में दो राजाओं, हारूत और मारूत, पर उतारा गया;
ولكن ٱلشيطين كفروا يعلمون ٱلناس ٱلسحر ومآ أنزل على ٱلملكين ببابل هروت ومروت
और वे दोनों किसी को तब तक नहीं सिखाते थे जब तक पहले यह न कह दें: “हम तो केवल एक परीक्षा हैं, इसलिए नकारो मत।”
وما يعلمان من أحد حتى يقولآ إنما نحن فتنة فلا تكفر
फिर वे उनसे वह सीखते जिससे वे व्यक्ति को उसके जोड़ीदार से अलग करते हैं;
فيتعلمون منهما ما يفرقون به بين ٱلمرء وزوجه
किंतु वे उससे किसी को हानि नहीं पहुँचाते, ईश्वर की अनुमति के बिना।
وما هم بضآرين به من أحد إلا بإذن ٱلله
और वे वह सीखते हैं जो उन्हें हानि पहुँचाता है और लाभ नहीं देता।
ويتعلمون ما يضرهم ولا ينفعهم
वे निश्चय ही जानते थे कि जो कोई उसे ख़रीदे, उसका अंतिम जीवन में कोई हिस्सा न होगा।
ولقد علموا لمن ٱشترىه ما له في ٱلءاخرة من خلق
और कितना भयानक है वह जिसके बदले उन्होंने अपना स्व बेच दिया, काश वे जानते!
ولبئس ما شروا به أنفسهم لو كانوا يعلمون
और यदि वे विश्वास करते और सावधान रहते, तो ईश्वर की ओर से मिलने वाला प्रतिदान निश्चय ही बेहतर होता, काश वे जानते।
ولو أنهم ءامنوا وٱتقوا لمثوبة من عند ٱلله خير لو كانوا يعلمون
हे विश्वास करने वालो! “हमारी उपेक्षा करो” न कहो, बल्कि कहो “हम पर नज़र डालो”, और सुनो।
يأيها ٱلذين ءامنوا لا تقولوا رعنا وقولوا ٱنظرنا وٱسمعوا
और नकारने वालों के लिए पीड़ादायक दंड है।
وللكفرين عذاب أليم
ग्रंथ वालों में से जो नकारते हैं, वे और साझी ठहराने वाले नहीं चाहते कि तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम पर कोई अच्छाई उतारी जाए;
ما يود ٱلذين كفروا من أهل ٱلكتب ولا ٱلمشركين أن ينزل عليكم من خير من ربكم
किंतु ईश्वर अपनी दया जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए विशेष रखता है।
وٱلله يختص برحمته من يشآء
और ईश्वर विशाल अनुग्रह वाला है।
وٱلله ذو ٱلفضل ٱلعظيم
हम जिस भी संकेत की प्रतिलिपि बनाते हैं, या जिसे भुला देते हैं, उससे बेहतर या उसके जैसा ले आते हैं।
ما ننسخ من ءاية أو ننسها نأت بخير منهآ أو مثلهآ
क्या तुम नहीं जानते कि ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है?
ألم تعلم أن ٱلله على كل شىء قدير
क्या तुम नहीं जानते कि ईश्वर का है आकाशों और धरती का राजत्व, और यह कि ईश्वर के अतिरिक्त तुम्हारा न कोई आश्रयदाता है न कोई सहायता?
ألم تعلم أن ٱلله له ملك ٱلسموت وٱلأرض وما لكم من دون ٱلله من ولي ولا نصير
या क्या तुम अपने संदेशवाहक से वैसे प्रश्न करना चाहोगे जैसे मूसा से पहले प्रश्न किए गए?
أم تريدون أن تسلوا رسولكم كما سئل موسى من قبل
और जो कोई विश्वास के बदले नकार को अपनाए, वह ठीक राह से भटक गया।
ومن يتبدل ٱلكفر بٱلإيمن فقد ضل سوآء ٱلسبيل
ग्रंथ वालों में से बहुत-से चाहते हैं कि तुम्हारे विश्वास के बाद तुम्हें फिर एक नकार की ओर वापस ले जाएँ,
ود كثير من أهل ٱلكتب لو يردونكم من بعد إيمنكم كفارا
ईर्ष्या से, अपनी ओर से, इसके बाद कि सत्य उन पर स्पष्ट हो चुका है।
حسدا من عند أنفسهم من بعد ما تبين لهم ٱلحق
इसलिए दरगुज़र करो और पन्ना पलट दो, जब तक ईश्वर अपना आदेश न ले आए,
فٱعفوا وٱصفحوا حتى يأتي ٱلله بأمره
क्योंकि ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
إن ٱلله على كل شىء قدير
और संपर्क बनाए रखो, और शुद्ध उदारता दो।
وأقيموا ٱلصلوة وءاتوا ٱلزكوة
और जो भी अच्छाई तुम अपने लिए आगे बढ़ाते हो, उसे तुम ईश्वर के पास पाओगे,
وما تقدموا لأنفسكم من خير تجدوه عند ٱلله
क्योंकि ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।
إن ٱلله بما تعملون بصير
और उन्होंने कहा: “उद्यान में कोई प्रवेश नहीं करेगा, सिवा उसके जो पुनरुन्मुखों या सहायकों में से हो।”
وقالوا لن يدخل ٱلجنة إلا من كان هودا أو نصرى
ये उनकी व्यर्थ आशाएँ हैं।
تلك أمانيهم
कहो: “अपना प्रमाण लाओ, यदि तुम सच्चे हो।”
قل هاتوا برهنكم إن كنتم صدقين
क्यों नहीं: जो कोई भलाई करते हुए अपनी दिशा ईश्वर के प्रति खरी कर दे, उसका पुरस्कार उसके अभिभावक के पास है; उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
بلى من أسلم وجهه لله وهو محسن فله أجره عند ربه ولا خوف عليهم ولا هم يحزنون
और पुनरुन्मुखों ने कहा: “सहायक किसी आधार पर नहीं हैं”; और सहायकों ने कहा: “पुनरुन्मुख किसी आधार पर नहीं हैं”; जबकि वे ग्रंथ सुनाते हैं।
وقالت ٱليهود ليست ٱلنصرى على شىء وقالت ٱلنصرى ليست ٱليهود على شىء وهم يتلون ٱلكتب
इसी प्रकार उन्होंने कहा जो नहीं जानते, उनके कथन जैसा कथन कहते हुए।
كذلك قال ٱلذين لا يعلمون مثل قولهم
ईश्वर पेशी के दिन उनके बीच उस विषय में निर्णय करेगा जिसमें वे मतभेद रखते थे।
فٱلله يحكم بينهم يوم ٱلقيمة فيما كانوا فيه يختلفون
और उससे बढ़कर अन्यायी कौन है जो ईश्वर के माथा टेकने के स्थानों में उसके नाम का स्मरण किए जाने से रोकता है, और उन्हें उजाड़ने में लगा रहता है?
ومن أظلم ممن منع مسجد ٱلله أن يذكر فيها ٱسمه وسعى في خرابهآ
उन्हें वहाँ केवल डरते हुए प्रवेश करना चाहिए।
أولئك ما كان لهم أن يدخلوهآ إلا خآئفين
उनके लिए इहलोक में लज्जा है,
لهم في ٱلدنيا خزي
और अंतिम जीवन में उनके लिए विशाल दंड होगा।
ولهم في ٱلءاخرة عذاب عظيم
और ईश्वर के हैं पूर्व और पश्चिम:
ولله ٱلمشرق وٱلمغرب
तुम जिधर भी मुड़ो, वहीं ईश्वर की दिशा है,
فأينما تولوا فثم وجه ٱلله
क्योंकि ईश्वर विस्तृत, सर्वज्ञ है।
إن ٱلله وسع عليم
और उन्होंने कहा: “ईश्वर ने अपने लिए संतान बना ली है।”
وقالوا ٱتخذ ٱلله ولدا
उसकी महिमा हो!
سبحنه
बल्कि उसी का है जो आकाशों और धरती में है;
بل له ما في ٱلسموت وٱلأرض
सब उसके प्रति समर्पित हैं।
كل له قنتون
आकाशों और धरती का अपूर्व रचयिता।
بديع ٱلسموت وٱلأرض
जब वह किसी चीज़ को तय करता है, तो उससे केवल इतना कहता है: “हो जा”,
وإذا قضى أمرا فإنما يقول له كن
और वह हो जाती है।
فيكون
और जो नहीं जानते उन्होंने कहा: “ईश्वर हमसे बोलता क्यों नहीं, या हमारे पास कोई संकेत क्यों नहीं आता!”
وقال ٱلذين لا يعلمون لولا يكلمنا ٱلله أو تأتينآ ءاية
इसी प्रकार उनसे पहले वालों ने कहा, उनके कथन जैसा कथन कहते हुए;
كذلك قال ٱلذين من قبلهم مثل قولهم
उनके मर्म एक-से हैं।
تشبهت قلوبهم
हमने उस क़ौम के लिए संकेत स्पष्ट कर दिए हैं जिसे यक़ीन है।
قد بينا ٱلءايت لقوم يوقنون
हमने तुम्हें पूर्ण सत्य के साथ भेजा है, शुभ समाचार देने वाला और चेतावनी देने वाला,
إنآ أرسلنك بٱلحق بشيرا ونذيرا
और तुमसे भट्ठी वालों के विषय में नहीं पूछा जाएगा।
ولا تسل عن أصحب ٱلجحيم
और न पुनरुन्मुख और न सहायक कभी तुमसे संतुष्ट होंगे, जब तक तुम उनके मत का अनुसरण न करो।
ولن ترضى عنك ٱليهود ولا ٱلنصرى حتى تتبع ملتهم
कहो: “ईश्वर का मार्गदर्शन ही मार्गदर्शन है।”
قل إن هدى ٱلله هو ٱلهدى
और यदि तुम उनकी भावनाओं का अनुसरण करो, इसके बाद कि तुम्हारे पास ज्ञान आ चुका है, तो ईश्वर के विरुद्ध तुम्हारा न कोई आश्रयदाता होगा न कोई सहायता।
ولئن ٱتبعت أهوآءهم بعد ٱلذي جآءك من ٱلعلم ما لك من ٱلله من ولي ولا نصير
जिन्हें हमने ग्रंथ दिया, और जो उसे वैसे सुनाते हैं जैसे उसे सुनाया जाना चाहिए, वही उस पर विश्वास करते हैं।
ٱلذين ءاتينهم ٱلكتب يتلونه حق تلاوته أولئك يؤمنون به
और जो कोई उसे नकारे — वही घाटा उठाने वाले हैं।
ومن يكفر به فأولئك هم ٱلخسرون
हे इसराईल की संतान! मेरे उपकार का स्मरण करो, वह जिससे मैंने तुम्हें भर दिया, और यह कि मैंने तुम्हें सभी प्राणियों से ऊपर वरीयता दी।
يبني إسرءيل ٱذكروا نعمتي ٱلتي أنعمت عليكم وأني فضلتكم على ٱلعلمين
और उस दिन से सावधान रहो जब कोई स्व किसी दूसरे स्व के कुछ भी काम नहीं आएगा, जब उससे कोई प्रतिकर स्वीकार नहीं किया जाएगा, जब कोई सिफ़ारिश उसे लाभ नहीं देगी, और जब उनकी सहायता नहीं की जाएगी।
وٱتقوا يوما لا تجزي نفس عن نفس شيا ولا يقبل منها عدل ولا تنفعها شفعة ولا هم ينصرون
और जब इब्राहीम के अभिभावक ने उसे कुछ बोलों से परखा, जिन्हें उसने पूरा किया।
وإذ ٱبتلى إبرهم ربه بكلمت فأتمهن
उसने कहा: “मैं निश्चय ही तुम्हें लोगों के लिए मार्गदर्शक बनाने वाला हूँ।”
قال إني جاعلك للناس إماما
उसने कहा: “और मेरी संतति में से?”
قال ومن ذريتي
उसने कहा: “मेरी संधि अन्यायियों को नहीं मिलती।”
قال لا ينال عهدي ٱلظلمين
और जब हमने घर को लोगों के लिए बार-बार आने का स्थान और सुरक्षा बनाया; और उन्होंने इब्राहीम के ठहराव-स्थल को संपर्क का स्थान बना लिया।
وإذ جعلنا ٱلبيت مثابة للناس وأمنا وٱتخذوا من مقام إبرهم مصلى
और हमने इब्राहीम और इस्माईल को एक संधि से बाँधा: “मेरे घर को आने-जाने वालों, वहाँ ठहरने वालों, और सेवा में घुटने टेकने वालों और निष्ठा में माथा टेकने वालों के लिए स्वच्छ करो।”
وعهدنآ إلى إبرهم وإسمعيل أن طهرا بيتي للطآئفين وٱلعكفين وٱلركع ٱلسجود
और जब इब्राहीम ने कहा: “मेरे अभिभावक, इसे एक सुरक्षित भूभाग बनाइए, और इसके निवासियों को फलों की जीविका दीजिए, उन्हें जो उनमें से ईश्वर पर और अंतिम दिन पर विश्वास करते हैं।”
وإذ قال إبرهم رب ٱجعل هذا بلدا ءامنا وٱرزق أهله من ٱلثمرت من ءامن منهم بٱلله وٱليوم ٱلءاخر
उसने कहा: “और जो कोई नकारे, उसे मैं थोड़ा उपभोग दूँगा, फिर उसे आग के दंड की ओर धकेल दूँगा।”
قال ومن كفر فأمتعه قليلا ثم أضطره إلى عذاب ٱلنار
और कितना भयानक गंतव्य!
وبئس ٱلمصير
और जब इब्राहीम इस्माईल के साथ घर की नींव ऊँची कर रहा था:
وإذ يرفع إبرهم ٱلقواعد من ٱلبيت وإسمعيل
“हमारे अभिभावक, हमसे इसे स्वीकार कीजिए; निश्चय ही आप ही सुनने वाले, सर्वज्ञ हैं।
ربنا تقبل منآ إنك أنت ٱلسميع ٱلعليم
हमारे अभिभावक, हम दोनों को अपने प्रति खरा बना दीजिए, और हमारी संतति में से अपने प्रति खरा एक समुदाय।
ربنا وٱجعلنا مسلمين لك ومن ذريتنآ أمة مسلمة لك
और हमें हमारे हितकारी आचरण दिखाइए।
وأرنا مناسكنا
और अनुकंपा के साथ हमारी ओर पलटिए,
وتب علينآ
क्योंकि आप ही निरंतर पश्चात्ताप स्वीकार करने वाले, दयालु हैं।
إنك أنت ٱلتواب ٱلرحيم
हमारे अभिभावक, और उनके बीच उन्हीं में से एक संदेशवाहक उठाइए, जो उन्हें आपके संकेत सुनाए, उन्हें ग्रंथ और प्रज्ञा सिखाए, और उन्हें शुद्ध करे;
ربنا وٱبعث فيهم رسولا منهم يتلوا عليهم ءايتك ويعلمهم ٱلكتب وٱلحكمة ويزكيهم
क्योंकि आप ही सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान हैं।”
إنك أنت ٱلعزيز ٱلحكيم
और इब्राहीम के मत से कौन मुँह मोड़ता है, सिवा उसके जो अपने स्व को मूर्ख बनाता है?
ومن يرغب عن ملة إبرهم إلا من سفه نفسه
हमने उसे इहलोक में निश्चय ही चुना है,
ولقد ٱصطفينه في ٱلدنيا
और अंतिम जीवन में वह अवश्य भलों में से होगा।
وإنه في ٱلءاخرة لمن ٱلصلحين
जब उसके अभिभावक ने उससे कहा: “मेरे प्रति खरे हो जाओ”;
إذ قال له ربه أسلم
उसने कहा: “मैं सभी प्राणियों के अभिभावक के प्रति खरा हूँ।”
قال أسلمت لرب ٱلعلمين
और इब्राहीम ने अपने बेटों को इसकी अनुशंसा की,
ووصى بهآ إبرهم بنيه
तथा याक़ूब ने: “हे मेरे बेटो! ईश्वर ने तुम्हारे लिए यह विधान चुना है; इसलिए उसके प्रति खरे रहते हुए ही मरना।”
ويعقوب يبني إن ٱلله ٱصطفى لكم ٱلدين فلا تموتن إلا وأنتم مسلمون
या क्या तुम साक्षी थे, जब याक़ूब के पास मृत्यु आ पहुँची, जब उसने अपने बेटों से कहा: “मेरे बाद तुम किसकी आज्ञा का पालन करोगे?”
أم كنتم شهدآء إذ حضر يعقوب ٱلموت إذ قال لبنيه ما تعبدون من بعدي
उन्होंने कहा: “हम तुम्हारे देवता की आज्ञा का पालन करेंगे, तुम्हारे पूर्वजों इब्राहीम, इस्माईल और इसहाक़ के देवता की, एक ही देवता की, और हम उसके प्रति खरे हैं।”
قالوا نعبد إلهك وإله ءابآئك إبرهم وإسمعيل وإسحق إلها وحدا ونحن له مسلمون
वह एक समुदाय है जो बीत चुका:
تلك أمة قد خلت
उसके लिए वह जो उसने कमाया,
لها ما كسبت
और तुम्हारे लिए वह जो तुमने कमाया;
ولكم ما كسبتم
और तुमसे उसके विषय में नहीं पूछा जाएगा जो वे करते थे।
ولا تسلون عما كانوا يعملون
और उन्होंने कहा: “पुनरुन्मुख या सहायक हो जाओ, तुम मार्गदर्शन पा लोगे।”
وقالوا كونوا هودا أو نصرى تهتدوا
कहो: “नहीं, बल्कि इब्राहीम का मत, जो पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़ा हुआ था”,
قل بل ملة إبرهم حنيفا
और वह साझी ठहराने वालों में से न था।
وما كان من ٱلمشركين
कहो: “हम ईश्वर पर विश्वास करते हैं, उस पर जो हम पर उतारा गया, उस पर जो इब्राहीम, इस्माईल, इसहाक़, याक़ूब और वंश-शाखाओं पर उतारा गया, और उस पर जो मूसा और ईसा को दिया गया, और उस पर जो सूचनादाताओं को उनके अभिभावक की ओर से दिया गया; हम उनके बीच कोई भेद नहीं करते, और हम उसके प्रति खरे हैं।”
قولوا ءامنا بٱلله ومآ أنزل إلينا ومآ أنزل إلى إبرهم وإسمعيل وإسحق ويعقوب وٱلأسباط ومآ أوتي موسى وعيسى ومآ أوتي ٱلنبيون من ربهم لا نفرق بين أحد منهم ونحن له مسلمون
यदि वे उस पर विश्वास करें जिस पर तुमने विश्वास किया, तो वे मार्गदर्शन पा गए;
فإن ءامنوا بمثل مآ ءامنتم به فقد ٱهتدوا
और यदि वे पीठ फेर लें, तो वे केवल एक दरार में हैं;
وإن تولوا فإنما هم في شقاق
उनके विरुद्ध ईश्वर तुम्हारे लिए शीघ्र पर्याप्त होगा:
فسيكفيكهم ٱلله
और वह सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وهو ٱلسميع ٱلعليم
ईश्वर का रंग —
صبغة ٱلله
और ईश्वर से बेहतर रंगने वाला कौन है? —
ومن أحسن من ٱلله صبغة
और हम उसी की आज्ञा का पालन करते हैं।
ونحن له عبدون
कहो: “क्या तुम ईश्वर के विषय में हमसे विवाद करते हो, जबकि वह हमारा अभिभावक है और तुम्हारा अभिभावक? हमारे लिए हमारे कर्म, तुम्हारे लिए तुम्हारे कर्म;
قل أتحآجوننا في ٱلله وهو ربنا وربكم ولنآ أعملنا ولكم أعملكم
और हम अनन्य रूप से उसी को समर्पित हैं।”
ونحن له مخلصون
या तुम कहते हो: “इब्राहीम, इस्माईल, इसहाक़, याक़ूब और वंश-शाखाएँ पुनरुन्मुख या सहायक थे”?
أم تقولون إن إبرهم وإسمعيل وإسحق ويعقوب وٱلأسباط كانوا هودا أو نصرى
कहो: “क्या तुम अधिक जानते हो, या ईश्वर?”
قل ءأنتم أعلم أم ٱلله
और उससे बढ़कर अन्यायी कौन है जो ईश्वर की ओर से अपने पास के साक्ष्य को दबाता है?
ومن أظلم ممن كتم شهدة عنده من ٱلله
और ईश्वर उससे लापरवाह नहीं जो तुम करते हो।
وما ٱلله بغفل عما تعملون
वह एक समुदाय है जो बीत चुका:
تلك أمة قد خلت
उसके लिए वह जो उसने कमाया,
لها ما كسبت
और तुम्हारे लिए वह जो तुमने कमाया;
ولكم ما كسبتم
और तुमसे उसके विषय में नहीं पूछा जाएगा जो वे करते थे।
ولا تسلون عما كانوا يعملون
लोगों में से मूर्ख कहेंगे: “उन्हें उनके उस मिलन-बिंदु से किस बात ने मोड़ दिया, जिस पर वे थे?”
سيقول ٱلسفهآء من ٱلناس ما ولىهم عن قبلتهم ٱلتي كانوا عليها
कहो: “ईश्वर के हैं पूर्व और पश्चिम;
قل لله ٱلمشرق وٱلمغرب
वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे सीधे पथ की ओर मार्ग दिखाता है।”
يهدي من يشآء إلى صرط مستقيم
और इसी प्रकार हमने तुम्हें एक आदर्श समुदाय बनाया,
وكذلك جعلنكم أمة وسطا
ताकि तुम लोगों के विरुद्ध साक्षी बनो, और संदेशवाहक तुम्हारे विरुद्ध साक्षी हो।
لتكونوا شهدآء على ٱلناس ويكون ٱلرسول عليكم شهيدا
और हमने वह मिलन-बिंदु, जिस पर तुम थे, केवल यह अलग दिखाने के लिए रखा था कि कौन संदेशवाहक का अनुसरण करता है और कौन एड़ियों के बल पलट जाता है।
وما جعلنا ٱلقبلة ٱلتي كنت عليهآ إلا لنعلم من يتبع ٱلرسول ممن ينقلب على عقبيه
यह अवश्य भारी था, सिवा उनके जिन्हें ईश्वर ने मार्ग दिखाया।
وإن كانت لكبيرة إلا على ٱلذين هدى ٱلله
और ईश्वर को यह शोभा नहीं देता कि वह तुम्हारे विश्वास को व्यर्थ जाने दे।
وما كان ٱلله ليضيع إيمنكم
ईश्वर अवश्य लोगों के प्रति करुणामय, दयालु है।
إن ٱلله بٱلناس لرءوف رحيم
हम निश्चय ही तुम्हारा चेहरा आकाश में इधर-उधर मुड़ता देखेंगे; इसलिए हम तुम्हें अवश्य रुख़ के रूप में एक ऐसा मिलन-बिंदु देंगे जो तुम्हें संतुष्ट करे।
قد نرى تقلب وجهك في ٱلسمآء فلنولينك قبلة ترضىها
इसलिए अपना रुख़ माथा टेकने के अलंघनीय स्थान की ओर करो,
فول وجهك شطر ٱلمسجد ٱلحرام
और जहाँ भी तुम हो, अपना रुख़ उसी की ओर करो।
وحيث ما كنتم فولوا وجوهكم شطره
और जिन्हें ग्रंथ दिया गया है वे अवश्य जानते हैं कि यह उनके अभिभावक की ओर से सत्य है।
وإن ٱلذين أوتوا ٱلكتب ليعلمون أنه ٱلحق من ربهم
और ईश्वर उससे लापरवाह नहीं जो वे करते हैं।
وما ٱلله بغفل عما يعملون
और यदि तुम उन्हें, जिन्हें ग्रंथ दिया गया है, हर संकेत ले भी आओ, तब भी वे तुम्हारे मिलन-बिंदु का अनुसरण नहीं करेंगे।
ولئن أتيت ٱلذين أوتوا ٱلكتب بكل ءاية ما تبعوا قبلتك
और तुम उनके मिलन-बिंदु का अनुसरण नहीं करोगे;
ومآ أنت بتابع قبلتهم
और वे आपस में भी एक-दूसरे के मिलन-बिंदु का अनुसरण नहीं करते।
وما بعضهم بتابع قبلة بعض
और यदि तुम उनकी भावनाओं का अनुसरण करो, इसके बाद कि तुम्हारे पास ज्ञान आ चुका है, तो तुम तब अवश्य अन्यायियों में से होगे।
ولئن ٱتبعت أهوآءهم من بعد ما جآءك من ٱلعلم إنك إذا لمن ٱلظلمين
जिन्हें हमने ग्रंथ दिया वे उसे वैसे पहचानते हैं जैसे अपने बेटों को पहचानते हैं,
ٱلذين ءاتينهم ٱلكتب يعرفونه كما يعرفون أبنآءهم
और उनमें से एक भाग अवश्य सत्य को दबाता है, जानते हुए।
وإن فريقا منهم ليكتمون ٱلحق وهم يعلمون
सत्य तुम्हारे अभिभावक की ओर से है;
ٱلحق من ربك
इसलिए कभी वाद-प्रतिवाद में पड़ने वालों में से न होना।
فلا تكونن من ٱلممترين
और हर एक की एक दिशा है जो उसे रुख़ के रूप में दी गई है; तो जो सबसे बेहतर है उसमें एक-दूसरे से आगे निकलो।
ولكل وجهة هو موليها فٱستبقوا ٱلخيرت
तुम जहाँ कहीं भी हो, ईश्वर तुम सबको वापस ले आएगा,
أين ما تكونوا يأت بكم ٱلله جميعا
क्योंकि ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
إن ٱلله على كل شىء قدير
और तुम जहाँ से भी निकलो, अपना रुख़ माथा टेकने के अलंघनीय स्थान की ओर करो:
ومن حيث خرجت فول وجهك شطر ٱلمسجد ٱلحرام
यह अवश्य तुम्हारे अभिभावक की ओर से आया सत्य है।
وإنه للحق من ربك
और ईश्वर उससे लापरवाह नहीं जो तुम करते हो।
وما ٱلله بغفل عما تعملون
और तुम जहाँ से भी निकलो, अपना रुख़ माथा टेकने के अलंघनीय स्थान की ओर करो,
ومن حيث خرجت فول وجهك شطر ٱلمسجد ٱلحرام
और तुम जहाँ कहीं भी हो, अपना रुख़ उसकी ओर करो, ताकि लोगों के पास तुम्हारे विरुद्ध कोई तर्क न रहे — सिवा उनमें से उनके जो अन्यायी हैं; तो उनसे भय मत रखो, बल्कि मुझसे भय रखो —
وحيث ما كنتم فولوا وجوهكم شطره لئلا يكون للناس عليكم حجة إلا ٱلذين ظلموا منهم فلا تخشوهم وٱخشوني
और ताकि मैं तुम पर अपना उपकार पूर्ण करूँ, और शायद तुम मार्गदर्शन पाओ,
ولأتم نعمتي عليكم ولعلكم تهتدون
जैसे हमने तुम्हारे बीच, तुम्हीं में से, एक संदेशवाहक भेजा, जो तुम्हें हमारे संकेत सुनाता है, तुम्हें शुद्ध करता है, तुम्हें ग्रंथ और प्रज्ञा सिखाता है, और तुम्हें वह सिखाता है जो तुम नहीं जानते थे। तो मेरा स्मरण करो, मैं तुम्हारा स्मरण करूँगा; मेरे प्रति कृतज्ञ रहो, और मुझे मत नकारो।
كمآ أرسلنا فيكم رسولا منكم يتلوا عليكم ءايتنا ويزكيكم ويعلمكم ٱلكتب وٱلحكمة ويعلمكم ما لم تكونوا تعلمون فٱذكروني أذكركم وٱشكروا لي ولا تكفرون
हे विश्वास करने वालो! धैर्य और संपर्क से मदद माँगो,
يأيها ٱلذين ءامنوا ٱستعينوا بٱلصبر وٱلصلوة
क्योंकि ईश्वर धैर्य रखने वालों के साथ है।
إن ٱلله مع ٱلصبرين
और जो ईश्वर की राह में मार डाले जाते हैं उनके विषय में मत कहो कि वे मृत हैं।
ولا تقولوا لمن يقتل في سبيل ٱلله أموت
नहीं, वे जीवित हैं, परंतु तुम्हें इसका आभास नहीं।
بل أحيآء ولكن لا تشعرون
और अवश्य हम थोड़े डर और भूख से, और संपत्ति, स्व और फलों की कमी से तुम्हें परखेंगे;
ولنبلونكم بشىء من ٱلخوف وٱلجوع ونقص من ٱلأمول وٱلأنفس وٱلثمرت
और धैर्य रखने वालों को शुभ समाचार दो, जो, जब उन पर कोई विपत्ति आ पड़ती है, कहते हैं: “हम निश्चय ही ईश्वर के हैं, और उसी की ओर हम लौटते हैं।”
وبشر ٱلصبرين ٱلذين إذآ أصبتهم مصيبة قالوا إنا لله وإنآ إليه رجعون
यही वे हैं जिन पर उनके अभिभावक के संपर्क टिके हैं, और दया,
أولئك عليهم صلوت من ربهم ورحمة
और यही वे हैं जो मार्गदर्शन पाते हैं।
وأولئك هم ٱلمهتدون
सफ़ा और मरवा निश्चय ही ईश्वर के प्रत्यक्ष चिह्नों में से हैं।
إن ٱلصفا وٱلمروة من شعآئر ٱلله
जो कोई घर का हज करे या उमरा करे, उन दोनों तक आने-जाने में उस पर कोई आक्षेप नहीं।
فمن حج ٱلبيت أو ٱعتمر فلا جناح عليه أن يطوف بهما
और जो कोई स्वेच्छा से अच्छाई करे — ईश्वर निश्चय ही कृतज्ञ, सर्वज्ञ है।
ومن تطوع خيرا فإن ٱلله شاكر عليم
निश्चय ही, जो उसे दबाते हैं जो हमने स्पष्ट प्रमाणों और मार्गदर्शन में से उतारा है, इसके बाद कि हमने उसे ग्रंथ में लोगों के लिए स्पष्ट कर दिया — यही वे हैं जिन्हें ईश्वर धिक्कारता है, और जिन्हें धिक्कारने वाले धिक्कारते हैं,
إن ٱلذين يكتمون مآ أنزلنا من ٱلبينت وٱلهدى من بعد ما بينه للناس في ٱلكتب أولئك يلعنهم ٱلله ويلعنهم ٱللعنون
सिवा उनके जो पलट आते हैं, स्वयं को सुधारते हैं और स्पष्ट करते हैं: यही वे हैं जिनकी ओर मैं अनुकंपा के साथ पलटता हूँ; मैं निरंतर पश्चात्ताप स्वीकार करने वाला, दयालु हूँ।
إلا ٱلذين تابوا وأصلحوا وبينوا فأولئك أتوب عليهم وأنا ٱلتواب ٱلرحيم
निश्चय ही, जो नकारते हैं और नकारते हुए मरते हैं — यही वे हैं जिन पर ईश्वर का, अभिकर्ताओं का, और लोगों का, सब मिलकर, धिक्कार पड़ता है, जिसमें वे सदा रहेंगे;
إن ٱلذين كفروا وماتوا وهم كفار أولئك عليهم لعنة ٱلله وٱلملئكة وٱلناس أجمعين خلدين فيها
उनके लिए दंड हल्का नहीं किया जाएगा, और उन्हें मोहलत नहीं दी जाएगी।
لا يخفف عنهم ٱلعذاب ولا هم ينظرون
और तुम्हारा देवता एक ही देवता है;
وإلهكم إله وحد
उसके सिवा कोई देवता नहीं,
لآ إله إلا هو
सर्वदयालु, दयालु।
ٱلرحمن ٱلرحيم
अवश्य, आकाशों और धरती की रचना में, रात और दिन की अदला-बदली में, उस जलयान में जो लोगों को लाभ पहुँचाता है उसे लादे हुए समुद्र में चलता है, उस पानी में जो ईश्वर आकाश से उतारता है और जिससे वह धरती को उसकी मृत्यु के बाद पुनः जीवन देता है, उसमें हर प्रकार के चलने-फिरने वाले को बिखेरते हुए, हवाओं की विविधता में, और आकाश और धरती के बीच वशीभूत बादल में — बुद्धि से काम लेने वाली क़ौम के लिए संकेत हैं।
إن في خلق ٱلسموت وٱلأرض وٱختلف ٱليل وٱلنهار وٱلفلك ٱلتي تجري في ٱلبحر بما ينفع ٱلناس ومآ أنزل ٱلله من ٱلسمآء من مآء فأحيا به ٱلأرض بعد موتها وبث فيها من كل دآبة وتصريف ٱلريح وٱلسحاب ٱلمسخر بين ٱلسمآء وٱلأرض لءايت لقوم يعقلون
और लोगों में से कुछ ऐसे हैं जो ईश्वर के अतिरिक्त प्रतिद्वंद्वी बना लेते हैं, जिनसे वे वैसा प्रेम करते हैं जैसा ईश्वर से किया जाता है;
ومن ٱلناس من يتخذ من دون ٱلله أندادا يحبونهم كحب ٱلله
परंतु जिन्होंने विश्वास किया वे ईश्वर के प्रेम में और भी अधिक प्रबल हैं।
وٱلذين ءامنوا أشد حبا لله
और यदि अन्यायी देख लेते, जब वे दंड को देखेंगे, कि सारा बल ईश्वर का है, और कि ईश्वर दंड देने में कठोर है —
ولو يرى ٱلذين ظلموا إذ يرون ٱلعذاب أن ٱلقوة لله جميعا وأن ٱلله شديد ٱلعذاب
जब वे जिनका अनुसरण किया गया, उनसे जिन्होंने उनका अनुसरण किया, स्वयं को बरी घोषित कर देंगे, और वे दंड देखेंगे, और उनके बीच की कड़ियाँ टूट जाएँगी।
إذ تبرأ ٱلذين ٱتبعوا من ٱلذين ٱتبعوا ورأوا ٱلعذاب وتقطعت بهم ٱلأسباب
और जिन्होंने अनुसरण किया वे कहेंगे: “काश हमें पलटवार का अवसर मिलता, तो हम उनसे स्वयं को बरी घोषित कर देते जैसे उन्होंने हमसे स्वयं को बरी घोषित किया।”
وقال ٱلذين ٱتبعوا لو أن لنا كرة فنتبرأ منهم كما تبرءوا منا
इस प्रकार ईश्वर उन्हें उनके कर्म दिखाता है, उनके लिए संताप के रूप में,
كذلك يريهم ٱلله أعملهم حسرت عليهم
और वे आग से कभी नहीं निकलेंगे।
وما هم بخرجين من ٱلنار
हे लोगो! धरती पर जो है उसमें से खाओ, जो वैध और अच्छा है,
يأيها ٱلناس كلوا مما في ٱلأرض حللا طيبا
और बहकाने वाले के क़दमों का अनुसरण मत करो,
ولا تتبعوا خطوت ٱلشيطن
क्योंकि वह तुम्हारे लिए एक स्पष्ट शत्रु है।
إنه لكم عدو مبين
वह तुम्हें केवल बुराई और निर्लज्जता का आदेश देता है, और यह कि तुम ईश्वर के विषय में वह कहो जो तुम नहीं जानते।
إنما يأمركم بٱلسوء وٱلفحشآء وأن تقولوا على ٱلله ما لا تعلمون
और जब उनसे कहा जाता है: “उसका अनुसरण करो जो ईश्वर ने उतारा है”, तो वे कहते हैं: “नहीं, हम उसका अनुसरण करते हैं जिस पर हमने अपने पूर्वजों को पाया।”
وإذا قيل لهم ٱتبعوا مآ أنزل ٱلله قالوا بل نتبع مآ ألفينا عليه ءابآءنآ
क्या! भले ही उनके पूर्वज किसी चीज़ में बुद्धि से काम न लेते हों और मार्गदर्शन न पाते हों?
أولو كان ءابآؤهم لا يعقلون شيا ولا يهتدون
और नकारने वालों का उदाहरण उस व्यक्ति के उदाहरण जैसा है जो उस पर चिल्लाता है जो बुलावे और चीख़ के सिवा कुछ नहीं सुनता।
ومثل ٱلذين كفروا كمثل ٱلذي ينعق بما لا يسمع إلا دعآء وندآء
बहरे, गूँगे, अंधे, इसलिए वे बुद्धि से काम नहीं लेते।
صم بكم عمي فهم لا يعقلون
हे विश्वास करने वालो! उन अच्छी चीज़ों में से खाओ जिनकी जीविका हमने तुम्हें दी है, और ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहो, यदि तुम उसी की आज्ञा का पालन करते हो।
يأيها ٱلذين ءامنوا كلوا من طيبت ما رزقنكم وٱشكروا لله إن كنتم إياه تعبدون
उसने तुम पर केवल मृत पशु, रक्त, सूअर का मांस, और वह जो ईश्वर के अतिरिक्त किसी और के लिए समर्पित किया गया हो, वर्जित किया है।
إنما حرم عليكم ٱلميتة وٱلدم ولحم ٱلخنزير ومآ أهل به لغير ٱلله
परंतु जो कोई विवश हो जाए, बिना विद्रोही हुए और बिना सीमाएँ पार किए, उस पर कोई अपराध नहीं ठहरता,
فمن ٱضطر غير باغ ولا عاد فلآ إثم عليه
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
إن ٱلله غفور رحيم
निश्चय ही, जो उसे दबाते हैं जो ईश्वर ने ग्रंथ में से उतारा है, और उसके बदले तुच्छ मूल्य ख़रीदते हैं — यही वे हैं जो अपने पेटों में केवल आग निगलते हैं; पेशी के दिन ईश्वर उनसे बोलेगा नहीं, और उन्हें शुद्ध नहीं करेगा,
إن ٱلذين يكتمون مآ أنزل ٱلله من ٱلكتب ويشترون به ثمنا قليلا أولئك ما يأكلون في بطونهم إلا ٱلنار ولا يكلمهم ٱلله يوم ٱلقيمة ولا يزكيهم
और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।
ولهم عذاب أليم
यही वे हैं जिन्होंने मार्गदर्शन के मूल्य पर भटकाव ख़रीदा, और क्षमा के मूल्य पर दंड। आख़िर क्या उन्हें आग के सामने इतना सहने वाला बना रहा है!
أولئك ٱلذين ٱشتروا ٱلضللة بٱلهدى وٱلعذاب بٱلمغفرة فمآ أصبرهم على ٱلنار
यह इसलिए कि ईश्वर ने ग्रंथ को पूर्ण सत्य के साथ उतारा है,
ذلك بأن ٱلله نزل ٱلكتب بٱلحق
और जो ग्रंथ के विषय में मतभेद करते हैं वे अवश्य दूर की दरार में हैं।
وإن ٱلذين ٱختلفوا في ٱلكتب لفي شقاق بعيد
सद्गुण यह नहीं कि तुम अपने चेहरे पूर्व या पश्चिम की ओर फेरो,
ليس ٱلبر أن تولوا وجوهكم قبل ٱلمشرق وٱلمغرب
परंतु सद्गुण वह है जो ईश्वर पर, अंतिम दिन पर, अभिकर्ताओं पर, ग्रंथ पर और सूचनादाताओं पर विश्वास करता है, और जो अपनी संपत्ति में से, उसके प्रति अपने प्रेम के होते हुए भी, निकट संबंधियों, अनाथों, दरिद्रों, राह के मुसाफ़िर, माँगने वालों को देता है, और ऋण के भार तले दबे हुओं को मुक्त कराने के लिए देता है, जो संपर्क बनाए रखता है और शुद्ध उदारता देता है,
ولكن ٱلبر من ءامن بٱلله وٱليوم ٱلءاخر وٱلملئكة وٱلكتب وٱلنبين وءاتى ٱلمال على حبه ذوي ٱلقربى وٱليتمى وٱلمسكين وٱبن ٱلسبيل وٱلسآئلين وفي ٱلرقاب وأقام ٱلصلوة وءاتى ٱلزكوة
जो अपनी संधि के प्रति निष्ठावान हैं जब वे संधि करते हैं,
وٱلموفون بعهدهم إذا عهدوا
और संकट, हानि और हिंसा के क्षण में धैर्य रखने वाले:
وٱلصبرين في ٱلبأسآء وٱلضرآء وحين ٱلبأس
यही वे हैं जो सच्चे रहे,
أولئك ٱلذين صدقوا
और यही सावधानी बरतने वाले हैं।
وأولئك هم ٱلمتقون
हे विश्वास करने वालो! मार डाले गए जनों के विषय में जाँच तुम्हारे लिए विहित की गई है:
يأيها ٱلذين ءامنوا كتب عليكم ٱلقصاص في ٱلقتلى
स्वतंत्र के साथ स्वतंत्र, आज्ञाकारी के साथ आज्ञाकारी, और स्त्री के साथ स्त्री।
ٱلحر بٱلحر وٱلعبد بٱلعبد وٱلأنثى بٱلأنثى
परंतु जिसके पक्ष में उसका भाई किसी चीज़ से दरगुज़र करे: मान्य के अनुसार अनुगमन, और सहर्ष भुगतान।
فمن عفي له من أخيه شىء فٱتباع بٱلمعروف وأدآء إليه بإحسن
यह तुम्हारे अभिभावक की ओर से राहत है, और दया।
ذلك تخفيف من ربكم ورحمة
और जो कोई इसके बाद आक्रमण करे, उसके लिए पीड़ादायक दंड होगा।
فمن ٱعتدى بعد ذلك فله عذاب أليم
और तुम्हारे लिए जाँच में एक जीवन है, हे मेधा रखने वालो, शायद तुम सावधान रहो।
ولكم في ٱلقصاص حيوة يأولي ٱلألبب لعلكم تتقون
तुम पर विहित किया गया है, जब तुममें से किसी के पास मृत्यु आए, यदि वह कुछ संपत्ति छोड़े,
كتب عليكم إذا حضر أحدكم ٱلموت إن ترك خيرا
माता-पिता और निकट संबंधियों के पक्ष में वसीयत, मान्य के अनुसार:
ٱلوصية للولدين وٱلأقربين بٱلمعروف
सावधानी बरतने वालों के लिए एक कर्तव्य।
حقا على ٱلمتقين
और जो कोई उसे सुनने के बाद उसे बदल दे, उसका अपराध केवल उन्हीं पर है जो उसे बदलते हैं,
فمن بدله بعدما سمعه فإنمآ إثمه على ٱلذين يبدلونه
क्योंकि ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
إن ٱلله سميع عليم
परंतु जो कोई किसी वसीयत करने वाले की ओर से पक्षपात या अपराध से डरे, और उनमें सुलह करा दे, उस पर कोई अपराध नहीं ठहरता;
فمن خاف من موص جنفا أو إثما فأصلح بينهم فلآ إثم عليه
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
إن ٱلله غفور رحيم
हे विश्वास करने वालो! तुम पर संयम विहित किया गया है, जैसे वह उन पर विहित किया गया था जो तुमसे पहले थे, शायद तुम सावधान रहो, गिने-चुने दिनों तक।
يأيها ٱلذين ءامنوا كتب عليكم ٱلصيام كما كتب على ٱلذين من قبلكم لعلكم تتقون أياما معدودت
और तुममें से जो कोई बीमार हो, या यात्रा में, तो अन्य दिनों की गिनती;
فمن كان منكم مريضا أو على سفر فعدة من أيام أخر
और जिनमें इसकी क्षमता है, उनके लिए एक प्रतिपूर्ति, एक दरिद्र का भोजन।
وعلى ٱلذين يطيقونه فدية طعام مسكين
और जो कोई स्वेच्छा से अच्छाई करे, वह उसके लिए बेहतर है;
فمن تطوع خيرا فهو خير له
और तुम्हारा संयम करना तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम जानते।
وأن تصوموا خير لكم إن كنتم تعلمون
ताज़गी का महीना, जिसमें यह पाठ उतारा गया, लोगों के लिए मार्गदर्शन, और मार्गदर्शन और विवेक के स्पष्ट प्रमाण।
شهر رمضان ٱلذي أنزل فيه ٱلقرءان هدى للناس وبينت من ٱلهدى وٱلفرقان
तुममें से जो कोई इस महीने के आरंभ को प्रमाणित करे, वह इसमें संयम करे;
فمن شهد منكم ٱلشهر فليصمه
और जो कोई बीमार हो, या यात्रा में, तो अन्य दिनों की गिनती।
ومن كان مريضا أو على سفر فعدة من أيام أخر
ईश्वर तुम्हारे लिए सुगमता चाहता है, वह तुम्हारे लिए कठिनाई नहीं चाहता,
يريد ٱلله بكم ٱليسر ولا يريد بكم ٱلعسر
और यह कि तुम दिनों की गिनती पूरी करो, और यह कि तुम ईश्वर की बड़ाई की घोषणा करो कि उसने तुम्हें मार्ग दिखाया, शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
ولتكملوا ٱلعدة ولتكبروا ٱلله على ما هدىكم ولعلكم تشكرون
और जब मेरे आज्ञाकारी तुमसे मेरे विषय में पूछें, मैं निकट हूँ:
وإذا سألك عبادي عني فإني قريب
जो मुझे बुलाता है, जब वह मुझे बुलाता है, मैं उसके बुलावे का उत्तर देता हूँ।
أجيب دعوة ٱلداع إذا دعان
तो वे मेरे बुलावे का उत्तर दें, और मुझ पर विश्वास करें, शायद वे सुबुद्धि तक पहुँचें।
فليستجيبوا لي وليؤمنوا بي لعلهم يرشدون
संयम की रात में अपनी स्त्रियों से अंतरंगता तुम्हारे लिए वैध की गई है:
أحل لكم ليلة ٱلصيام ٱلرفث إلى نسآئكم
वे तुम्हारे लिए वस्त्र हैं, और तुम उनके लिए वस्त्र हो।
هن لباس لكم وأنتم لباس لهن
ईश्वर जानता था कि तुम स्वयं को धोखा दे रहे थे; तब वह अनुकंपा के साथ तुम्हारी ओर पलटा, और उसने तुमसे दरगुज़र किया।
علم ٱلله أنكم كنتم تختانون أنفسكم فتاب عليكم وعفا عنكم
अब तो उनसे मिलन करो,
فٱلن بشروهن
और वह खोजो जो ईश्वर ने तुम्हारे लिए विहित किया है।
وٱبتغوا ما كتب ٱلله لكم
और खाओ और पियो जब तक तुम्हारे लिए भोर का सफ़ेद धागा काले धागे से अलग स्पष्ट न हो जाए,
وكلوا وٱشربوا حتى يتبين لكم ٱلخيط ٱلأبيض من ٱلخيط ٱلأسود من ٱلفجر
फिर रात तक संयम पूर्ण करो।
ثم أتموا ٱلصيام إلى ٱليل
और उनसे मिलन मत करो, जबकि तुम माथा टेकने के स्थानों में ठहरे हुए हो।
ولا تبشروهن وأنتم عكفون في ٱلمسجد
ये ईश्वर की सीमाएँ हैं,
تلك حدود ٱلله
तो उनके निकट मत जाओ।
فلا تقربوها
इस प्रकार ईश्वर लोगों के लिए अपने संकेत स्पष्ट करता है, शायद वे सावधान रहें।
كذلك يبين ٱلله ءايته للناس لعلهم يتقون
और आपस में अपनी संपत्ति असत्य से मत हड़पो, और उसे निर्णयकर्ताओं के सामने इसलिए मत रखो कि लोगों की संपत्ति का एक भाग अपराध द्वारा हड़प लो, जबकि तुम जानते हो।
ولا تأكلوا أمولكم بينكم بٱلبطل وتدلوا بهآ إلى ٱلحكام لتأكلوا فريقا من أمول ٱلناس بٱلإثم وأنتم تعلمون
वे तुमसे सार्वजनिक घोषणाओं के विषय में पूछते हैं।
يسلونك عن ٱلأهلة
कहो: “वे लोगों के लिए निर्धारित वादे के समय हैं, और हज के लिए भी।
قل هي موقيت للناس وٱلحج
और सद्गुण यह नहीं कि तुम घरों में उनके पिछवाड़े से आओ,
وليس ٱلبر بأن تأتوا ٱلبيوت من ظهورها
परंतु सद्गुण वह है जो सावधान रहता है।
ولكن ٱلبر من ٱتقى
तो घरों में उनके द्वारों से आओ,
وأتوا ٱلبيوت من أبوبها
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, शायद तुम सफल हो जाओ।”
وٱتقوا ٱلله لعلكم تفلحون
और ईश्वर की राह में उनसे लड़ो जो तुमसे लड़ते हैं, परंतु आक्रमण मत करो,
وقتلوا في سبيل ٱلله ٱلذين يقتلونكم ولا تعتدوا
क्योंकि ईश्वर आक्रमणकारियों से प्रेम नहीं करता।
إن ٱلله لا يحب ٱلمعتدين
और उन्हें जहाँ कहीं अचानक पाओ मार डालो, और उन्हें वहाँ से निकाल दो जहाँ से उन्होंने तुम्हें निकाला:
وٱقتلوهم حيث ثقفتموهم وأخرجوهم من حيث أخرجوكم
परीक्षा हत्या से अधिक कठोर है।
وٱلفتنة أشد من ٱلقتل
और माथा टेकने के अलंघनीय स्थान के निकट उनसे मत लड़ो, जब तक वे वहाँ तुमसे न लड़ें;
ولا تقتلوهم عند ٱلمسجد ٱلحرام حتى يقتلوكم فيه
परंतु यदि वे तुमसे लड़ें, तो उन्हें मार डालो:
فإن قتلوكم فٱقتلوهم
नकारने वालों का प्रतिफल यही है।
كذلك جزآء ٱلكفرين
परंतु यदि वे रुक जाएँ, तो ईश्वर निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
فإن ٱنتهوا فإن ٱلله غفور رحيم
और उनसे तब तक लड़ो जब तक कोई परीक्षा न रहे, और विधान ईश्वर के लिए हो;
وقتلوهم حتى لا تكون فتنة ويكون ٱلدين لله
और यदि वे रुक जाएँ, तो कोई शत्रुता नहीं, सिवा अन्यायियों के विरुद्ध।
فإن ٱنتهوا فلا عدون إلا على ٱلظلمين
अलंघनीय महीना अलंघनीय महीने के बदले, और अलंघनीय वस्तुओं के लिए, जाँच।
ٱلشهر ٱلحرام بٱلشهر ٱلحرام وٱلحرمت قصاص
जिसने तुम पर आक्रमण किया, उस पर उसके तुम पर किए गए आक्रमण के बराबर आक्रमण करो,
فمن ٱعتدى عليكم فٱعتدوا عليه بمثل ما ٱعتدى عليكم
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और जान लो कि ईश्वर सावधानी बरतने वालों के साथ है।
وٱتقوا ٱلله وٱعلموا أن ٱلله مع ٱلمتقين
और ईश्वर की राह में ख़र्च करो, परंतु अपने हाथ में जो है उसे विनाश में मत डालो; और भलाई करो,
وأنفقوا في سبيل ٱلله ولا تلقوا بأيديكم إلى ٱلتهلكة وأحسنوا
क्योंकि ईश्वर भलाई करने वालों से प्रेम करता है।
إن ٱلله يحب ٱلمحسنين
और हज और उमरा ईश्वर के लिए पूर्ण करो।
وأتموا ٱلحج وٱلعمرة لله
और यदि तुम रोक दिए जाओ, तो उपहार के रूप में जो सहज मिल जाए।
فإن أحصرتم فما ٱستيسر من ٱلهدي
और अपने सिर तब तक मत मुँड़ाओ जब तक उपहार अपने मोचन-स्थान तक न पहुँच जाए;
ولا تحلقوا رءوسكم حتى يبلغ ٱلهدي محله
और तुममें से जो कोई बीमार हो, या सिर में कष्ट से पीड़ित हो, तो संयम, दान, या हितकारी आचरण द्वारा प्रतिपूर्ति।
فمن كان منكم مريضا أو به أذى من رأسه ففدية من صيام أو صدقة أو نسك
और जब तुम सुरक्षित हो जाओ, तो जो कोई हज तक उमरा का उपभोग करे, तो उपहार के रूप में जो सहज मिल जाए।
فإذآ أمنتم فمن تمتع بٱلعمرة إلى ٱلحج فما ٱستيسر من ٱلهدي
और जिसे इसके साधन न मिलें, तो हज के दौरान तीन दिन का संयम, और सात जब तुम लौट चुके होगे: ये पूरे दस दिन हैं।
فمن لم يجد فصيام ثلثة أيام في ٱلحج وسبعة إذا رجعتم تلك عشرة كاملة
यह उसके लिए है जिसका परिवार माथा टेकने के अलंघनीय स्थान में उपस्थित नहीं है।
ذلك لمن لم يكن أهله حاضري ٱلمسجد ٱلحرام
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और जान लो कि ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।
وٱتقوا ٱلله وٱعلموا أن ٱلله شديد ٱلعقاب
हज जाने-पहचाने महीनों में होता है।
ٱلحج أشهر معلومت
जो कोई उनमें हज का संकल्प करे, तो हज के दौरान न अश्लीलता, न अतिक्रमण, और न बहस।
فمن فرض فيهن ٱلحج فلا رفث ولا فسوق ولا جدال في ٱلحج
और तुम जो भी अच्छाई करो, ईश्वर उसे जानता है।
وما تفعلوا من خير يعلمه ٱلله
और अपनी रसद ले लो;
وتزودوا
क्योंकि सबसे बेहतर रसद सावधानी है।
فإن خير ٱلزاد ٱلتقوى
और मेरे प्रति सावधान रहो, हे मेधा रखने वालो।
وٱتقون يأولي ٱلألبب
अपने अभिभावक का अनुग्रह खोजने में तुम पर कोई आक्षेप नहीं।
ليس عليكم جناح أن تبتغوا فضلا من ربكم
और जब तुम अरफ़ात से उमड़ो, तो अलंघनीय प्रत्यक्ष चिह्न के निकट ईश्वर का स्मरण करो,
فإذآ أفضتم من عرفت فٱذكروا ٱلله عند ٱلمشعر ٱلحرام
और उसका स्मरण करो, जैसे उसने तुम्हें मार्ग दिखाया, जबकि तुम इससे पहले अवश्य भटके हुओं में से थे।
وٱذكروه كما هدىكم وإن كنتم من قبله لمن ٱلضآلين
फिर वहाँ से उमड़ो जहाँ से लोग उमड़ते हैं,
ثم أفيضوا من حيث أفاض ٱلناس
और ईश्वर से क्षमा माँगो,
وٱستغفروا ٱلله
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
إن ٱلله غفور رحيم
और जब तुम अपने हितकारी आचरण संपन्न कर चुको, तो ईश्वर का स्मरण करो जैसे तुम अपने पूर्वजों का स्मरण करते हो, या उससे भी अधिक तीव्र स्मरण के साथ।
فإذا قضيتم منسككم فٱذكروا ٱلله كذكركم ءابآءكم أو أشد ذكرا
और लोगों में से कोई ऐसा है जो कहता है: “हमारे अभिभावक, हमें इहलोक में दीजिए” — और अंतिम जीवन में उसका कोई हिस्सा नहीं होगा।
فمن ٱلناس من يقول ربنآ ءاتنا في ٱلدنيا وما له في ٱلءاخرة من خلق
और उनमें से कोई ऐसा है जो कहता है: “हमारे अभिभावक, हमें इहलोक में एक सुंदर अंश दीजिए, और अंतिम जीवन में एक सुंदर अंश, और हमें आग के दंड से बचाइए।”
ومنهم من يقول ربنآ ءاتنا في ٱلدنيا حسنة وفي ٱلءاخرة حسنة وقنا عذاب ٱلنار
यही वे हैं जिनके लिए उसमें से एक हिस्सा है जो उन्होंने कमाया।
أولئك لهم نصيب مما كسبوا
ईश्वर हिसाब में शीघ्र है।
وٱلله سريع ٱلحساب
और गिने हुए दिनों में ईश्वर का स्मरण करो।
وٱذكروا ٱلله في أيام معدودت
और जो कोई दो दिन में जल्दी करे, उस पर कोई अपराध नहीं ठहरता;
فمن تعجل في يومين فلآ إثم عليه
और जो कोई देर करे, उस पर कोई अपराध नहीं ठहरता, उसके लिए जो सावधान रहता है।
ومن تأخر فلآ إثم عليه لمن ٱتقى
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और जान लो कि तुम उसी की ओर इकट्ठा किए जाओगे।
وٱتقوا ٱلله وٱعلموا أنكم إليه تحشرون
और लोगों में से कोई ऐसा है जिसका कथन, इहलोक के जीवन के विषय में, तुम्हें चकाचौंध कर देता है, और जो अपने मर्म में जो है उस पर ईश्वर को साक्षी बनाता है, जबकि वह झगड़ने वालों में सबसे हठी है।
ومن ٱلناس من يعجبك قوله في ٱلحيوة ٱلدنيا ويشهد ٱلله على ما في قلبه وهو ألد ٱلخصام
और जब वह पीठ फेरता है, तो वह धरती पर वहाँ बिगाड़ फैलाने, और खेती और संतति को नष्ट करने में लगा रहता है।
وإذا تولى سعى في ٱلأرض ليفسد فيها ويهلك ٱلحرث وٱلنسل
ईश्वर बिगाड़ से प्रेम नहीं करता।
وٱلله لا يحب ٱلفساد
और जब उससे कहा जाता है: “ईश्वर के प्रति सावधान रहो”, तो शक्ति उसे अपराध में जकड़ लेती है; तो जहन्नम उसके लिए पर्याप्त है।
وإذا قيل له ٱتق ٱلله أخذته ٱلعزة بٱلإثم فحسبه جهنم
और कितना भयानक बिछौना!
ولبئس ٱلمهاد
और लोगों में से कोई ऐसा है जो ईश्वर की प्रसन्नता खोजते हुए अपना स्व बेच देता है।
ومن ٱلناس من يشري نفسه ٱبتغآء مرضات ٱلله
ईश्वर अपने आज्ञाकारियों के प्रति करुणामय है।
وٱلله رءوف بٱلعباد
हे विश्वास करने वालो! शांति में प्रवेश करो, पूर्णतः,
يأيها ٱلذين ءامنوا ٱدخلوا في ٱلسلم كآفة
और बहकाने वाले के क़दमों का अनुसरण मत करो,
ولا تتبعوا خطوت ٱلشيطن
क्योंकि वह तुम्हारे लिए एक स्पष्ट शत्रु है।
إنه لكم عدو مبين
और यदि तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण आ जाने के बाद तुम डगमगाओ, तो जान लो कि ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
فإن زللتم من بعد ما جآءتكم ٱلبينت فٱعلموا أن ٱلله عزيز حكيم
क्या वे केवल इसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं कि ईश्वर बादलों के चँदोवों में उनके पास आए,
هل ينظرون إلآ أن يأتيهم ٱلله في ظلل من ٱلغمام
अभिकर्ताओं के साथ, और मामले का फ़ैसला कर दिया जाए?
وٱلملئكة وقضي ٱلأمر
और सारे मामले ईश्वर की ओर लौटते हैं।
وإلى ٱلله ترجع ٱلأمور
इसराईल की संतान से पूछो कि हमने उन्हें कितने स्पष्ट संकेत दिए।
سل بني إسرءيل كم ءاتينهم من ءاية بينة
और जो कोई ईश्वर के उपकार को, उसके पास आ जाने के बाद, बदल दे — ईश्वर निश्चय ही सज़ा देने में कठोर है।
ومن يبدل نعمة ٱلله من بعد ما جآءته فإن ٱلله شديد ٱلعقاب
जो नकारते हैं उनके लिए इहलोक का जीवन सुशोभित कर दिया गया है, और वे उनका उपहास करते हैं जिन्होंने विश्वास किया;
زين للذين كفروا ٱلحيوة ٱلدنيا ويسخرون من ٱلذين ءامنوا
परंतु सावधानी बरतने वाले पेशी के दिन उनके ऊपर होंगे।
وٱلذين ٱتقوا فوقهم يوم ٱلقيمة
और ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे बिना गिने जीविका देता है।
وٱلله يرزق من يشآء بغير حساب
लोग एक ही समुदाय थे; तब ईश्वर ने सूचनादाताओं को उठाया, शुभ समाचार देने वाले और चेतावनी देने वाले, और उनके साथ ग्रंथ को पूर्ण सत्य के साथ उतारा, ताकि वह लोगों के बीच उस विषय में निर्णय करे जिसमें वे मतभेद करते थे।
كان ٱلناس أمة وحدة فبعث ٱلله ٱلنبين مبشرين ومنذرين وأنزل معهم ٱلكتب بٱلحق ليحكم بين ٱلناس فيما ٱختلفوا فيه
और उसमें मतभेद केवल उन्होंने किया जिन्हें वह दिया गया,
وما ٱختلف فيه إلا ٱلذين أوتوه
उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ जाने के बाद, आपस की ज़्यादती के कारण।
من بعد ما جآءتهم ٱلبينت بغيا بينهم
तब ईश्वर ने उन्हें, जिन्होंने विश्वास किया, उस सत्य की ओर मार्ग दिखाया जिसमें वे मतभेद करते थे, अपनी अनुमति से।
فهدى ٱلله ٱلذين ءامنوا لما ٱختلفوا فيه من ٱلحق بإذنه
और ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे सीधे पथ की ओर मार्ग दिखाता है।
وٱلله يهدي من يشآء إلى صرط مستقيم
या फिर क्या तुम सोचते थे कि तुम उद्यान में प्रवेश करोगे, जबकि तुम्हारे पास अभी तक उसके जैसा नहीं आया जो तुमसे पहले गुज़रे जनों ने झेला? उन्हें संकट और हानि ने छुआ, और वे इतना हिला दिए गए कि संदेशवाहक और जिन्होंने उसके साथ विश्वास किया था उन्होंने कहा: “ईश्वर की सहायता कब?”
أم حسبتم أن تدخلوا ٱلجنة ولما يأتكم مثل ٱلذين خلوا من قبلكم مستهم ٱلبأسآء وٱلضرآء وزلزلوا حتى يقول ٱلرسول وٱلذين ءامنوا معه متى نصر ٱلله
क्या ऐसा नहीं है: ईश्वर की सहायता निश्चय ही निकट है!
ألآ إن نصر ٱلله قريب
वे तुमसे पूछते हैं: उन्हें क्या ख़र्च करना चाहिए?
يسلونك ماذا ينفقون
कहो: “तुम अच्छाई में से जो ख़र्च करते हो वह माता-पिता, निकट संबंधियों, अनाथों, दरिद्रों, और राह के मुसाफ़िर को जाता है।
قل مآ أنفقتم من خير فللولدين وٱلأقربين وٱليتمى وٱلمسكين وٱبن ٱلسبيل
और तुम जो भी अच्छाई करो, ईश्वर उसके विषय में निश्चय ही सर्वज्ञ है।”
وما تفعلوا من خير فإن ٱلله به عليم
तुम पर लड़ाई विहित की गई है, जबकि वह तुम्हारी अरुचि का विषय है।
كتب عليكم ٱلقتال وهو كره لكم
और हो सकता है कि तुम्हें किसी चीज़ से अरुचि हो, जबकि वह तुम्हारे लिए अच्छाई है;
وعسى أن تكرهوا شيا وهو خير لكم
और हो सकता है कि तुम किसी चीज़ से प्रेम करो, जबकि वह तुम्हारे लिए बुराई है।
وعسى أن تحبوا شيا وهو شر لكم
ईश्वर जानता है,
وٱلله يعلم
और तुम नहीं जानते।
وأنتم لا تعلمون
वे तुमसे अलंघनीय महीने के विषय में पूछते हैं, उसमें होने वाली लड़ाई के विषय में।
يسلونك عن ٱلشهر ٱلحرام قتال فيه
कहो: “उसमें लड़ना गंभीर है;
قل قتال فيه كبير
परंतु ईश्वर की राह रोकना, उसे नकारना, माथा टेकने के अलंघनीय स्थान तक पहुँच रोकना, और उसके निवासियों को वहाँ से निकाल देना, ईश्वर के पास और भी अधिक गंभीर है;
وصد عن سبيل ٱلله وكفر به وٱلمسجد ٱلحرام وإخراج أهله منه أكبر عند ٱلله
और परीक्षा हत्या से अधिक गंभीर है।
وٱلفتنة أكبر من ٱلقتل
और वे तुमसे लड़ने से तब तक नहीं रुकेंगे जब तक वे तुमसे तुम्हारा विधान छुड़वा न दें, यदि वे कर सकें।
ولا يزالون يقتلونكم حتى يردوكم عن دينكم إن ٱستطعوا
और तुममें से जो कोई अपना विधान छोड़ दे, और नकारते हुए मरे — यही वे हैं जिनके कर्म ढह गए, इहलोक में और अंतिम जीवन में,
ومن يرتدد منكم عن دينه فيمت وهو كافر فأولئك حبطت أعملهم في ٱلدنيا وٱلءاخرة
और यही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।”
وأولئك أصحب ٱلنار هم فيها خلدون
निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास किया, जिन्होंने प्रवास किया और ईश्वर की राह में संघर्ष किया — यही वे हैं जो ईश्वर की दया की आशा रखते हैं।
إن ٱلذين ءامنوا وٱلذين هاجروا وجهدوا في سبيل ٱلله أولئك يرجون رحمت ٱلله
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وٱلله غفور رحيم
वे तुमसे मदिरा और जुए के विषय में पूछते हैं।
يسلونك عن ٱلخمر وٱلميسر
कहो: “दोनों में एक बड़ा अपराध है, और लोगों के लिए लाभ भी;
قل فيهمآ إثم كبير ومنفع للناس
परंतु उनका अपराध उनके लाभ से बड़ा है।”
وإثمهمآ أكبر من نفعهما
और वे तुमसे पूछते हैं: उन्हें क्या ख़र्च करना चाहिए? कहो: “आवश्यकता से अधिक।”
ويسلونك ماذا ينفقون قل ٱلعفو
इस प्रकार ईश्वर तुम्हारे लिए संकेत स्पष्ट करता है, शायद तुम इहलोक और अंतिम जीवन पर सोच-विचार करो।
كذلك يبين ٱلله لكم ٱلءايت لعلكم تتفكرون في ٱلدنيا وٱلءاخرة
और वे तुमसे अनाथों के विषय में पूछते हैं। कहो: “उनकी स्थिति सुधारना अच्छाई है;
ويسلونك عن ٱليتمى قل إصلاح لهم خير
और यदि तुम अपने मामले उनके मामलों में मिला लो, तो वे तुम्हारे भाई हैं।
وإن تخالطوهم فإخونكم
ईश्वर बिगाड़ने वाले को सुधार करने वाले से अलग पहचानता है।
وٱلله يعلم ٱلمفسد من ٱلمصلح
और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वह तुम्हें कुचल देता,
ولو شآء ٱلله لأعنتكم
क्योंकि ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।”
إن ٱلله عزيز حكيم
और साझी ठहराने वाली स्त्रियों से विवाह मत करो, जब तक वे विश्वास न करें;
ولا تنكحوا ٱلمشركت حتى يؤمن
और आज्ञाकारी, विश्वास करने वाली स्त्री साझी ठहराने वाली स्त्री से निश्चय ही बेहतर है, भले ही वह तुम्हें चकाचौंध करे।
ولأمة مؤمنة خير من مشركة ولو أعجبتكم
और साझी ठहराने वालों को विवाह में मत दो, जब तक वे विश्वास न करें;
ولا تنكحوا ٱلمشركين حتى يؤمنوا
और आज्ञाकारी, विश्वास करने वाला पुरुष साझी ठहराने वाले पुरुष से निश्चय ही बेहतर है, भले ही वह तुम्हें चकाचौंध करे।
ولعبد مؤمن خير من مشرك ولو أعجبكم
यही वे हैं जो आग की ओर बुलाते हैं,
أولئك يدعون إلى ٱلنار
जबकि ईश्वर उद्यान और क्षमा की ओर बुलाता है, अपनी अनुमति से,
وٱلله يدعوا إلى ٱلجنة وٱلمغفرة بإذنه
और वह लोगों के लिए अपने संकेत स्पष्ट करता है, शायद वे स्मरण करें।
ويبين ءايته للناس لعلهم يتذكرون
और वे तुमसे मासिक स्राव के विषय में पूछते हैं। कहो: “यह एक कष्ट है;
ويسلونك عن ٱلمحيض قل هو أذى
तो मासिक स्राव के दौरान स्त्रियों से दूर रहो,
فٱعتزلوا ٱلنسآء في ٱلمحيض
और उनके निकट मत जाओ जब तक उन्हें कष्ट न रहे।
ولا تقربوهن حتى يطهرن
और जब उन्हें कष्ट न रहे, तो उनसे मिलन करो जहाँ से ईश्वर ने तुम्हें आदेश दिया है,
فإذا تطهرن فأتوهن من حيث أمركم ٱلله
क्योंकि ईश्वर पलट आने वालों से प्रेम करता है, और स्वच्छ रहने वालों से प्रेम करता है।”
إن ٱلله يحب ٱلتوبين ويحب ٱلمتطهرين
तुम्हारी स्त्रियाँ तुम्हारे लिए खेती हैं; तो अपनी खेती से जैसी तुम्हारी मर्ज़ी हो वैसे मिलन करो,
نسآؤكم حرث لكم فأتوا حرثكم أنى شئتم
और अपने लिए आगे बढ़ाओ;
وقدموا لأنفسكم
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
وٱتقوا ٱلله
और जान लो कि तुम उससे मिलोगे।
وٱعلموا أنكم ملقوه
और विश्वास करने वालों को शुभ समाचार दो।
وبشر ٱلمؤمنين
और अपनी शपथों में ईश्वर को एक ऐसा बहाना मत बनाओ जिसका तुम मनमाने ढंग से उपयोग करो,
ولا تجعلوا ٱلله عرضة لأيمنكم
यह प्रमाणित करने के लिए कि तुम सद्गुणी हो, कि तुम सावधान रहते हो, और कि तुम लोगों में सुलह कराते हो।
أن تبروا وتتقوا وتصلحوا بين ٱلناس
ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وٱلله سميع عليم
ईश्वर तुम्हें तुम्हारी शपथों में व्यर्थता के लिए नहीं पकड़ेगा,
لا يؤاخذكم ٱلله بٱللغو في أيمنكم
परंतु वह तुम्हें उसके कारण पकड़ेगा जो तुम्हारे मर्मों ने कमाया।
ولكن يؤاخذكم بما كسبت قلوبكم
ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, सहनशील है।
وٱلله غفور حليم
जो अपनी स्त्रियों से दूर रहने की शपथ लेते हैं, उनके लिए चार महीने की प्रतीक्षा-अवधि;
للذين يؤلون من نسآئهم تربص أربعة أشهر
और यदि वे वापस आ जाएँ, तो ईश्वर निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
فإن فآءو فإن ٱلله غفور رحيم
और यदि वे परित्याग का दृढ़ निश्चय कर लें, तो ईश्वर निश्चय ही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وإن عزموا ٱلطلق فإن ٱلله سميع عليم
और परित्यक्त स्त्रियाँ तीन चक्र तक प्रतीक्षा-अवधि में रहती हैं;
وٱلمطلقت يتربصن بأنفسهن ثلثة قروء
और उनके लिए वैध नहीं कि वे उसे दबाएँ जो ईश्वर ने उनके गर्भाशयों में रचा है, यदि वे ईश्वर पर और अंतिम दिन पर विश्वास करती हैं।
ولا يحل لهن أن يكتمن ما خلق ٱلله في أرحامهن إن كن يؤمن بٱلله وٱليوم ٱلءاخر
और उनके पति इस अवधि में उन्हें वापस ले आने का अधिक हक़ रखते हैं, यदि वे सुलह चाहें।
وبعولتهن أحق بردهن في ذلك إن أرادوا إصلحا
और उनके हक़ उनके दायित्वों के समान हैं, मान्य के अनुसार;
ولهن مثل ٱلذي عليهن بٱلمعروف
और पुरुषों की उन पर एक श्रेणी है।
وللرجال عليهن درجة
ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وٱلله عزيز حكيم
परित्याग दो बार का है।
ٱلطلق مرتان
फिर, या तो मान्य के अनुसार पुनर्ग्रहण, या सहर्ष मुक्ति।
فإمساك بمعروف أو تسريح بإحسن
और तुम्हारे लिए वैध नहीं कि जो तुमने उन्हें दिया है उसमें से कुछ भी वापस लो, सिवा इसके कि दोनों को ईश्वर की सीमाएँ बनाए न रख पाने का डर हो।
ولا يحل لكم أن تأخذوا ممآ ءاتيتموهن شيا إلآ أن يخافآ ألا يقيما حدود ٱلله
और यदि तुम्हें डर हो कि वे ईश्वर की सीमाएँ बनाए नहीं रखेंगे, तो जिसके बदले वह स्वयं को छुड़ा ले उसके विषय में उन दोनों पर कोई आक्षेप नहीं।
فإن خفتم ألا يقيما حدود ٱلله فلا جناح عليهما فيما ٱفتدت به
ये ईश्वर की सीमाएँ हैं,
تلك حدود ٱلله
तो उन्हें पार मत करो।
فلا تعتدوها
और जो कोई ईश्वर की सीमाएँ पार करे — यही अन्यायी हैं।
ومن يتعد حدود ٱلله فأولئك هم ٱلظلمون
यदि वह उसका परित्याग कर दे, तो इसके बाद वह उसके लिए वैध नहीं रहेगी, जब तक वह उससे भिन्न किसी जोड़ीदार से विवाह न कर ले।
فإن طلقها فلا تحل له من بعد حتى تنكح زوجا غيره
और यदि यह उसका परित्याग कर दे, तो उन दोनों पर फिर से जुड़ने में कोई आक्षेप नहीं, यदि वे अनुमान लगाएँ कि वे ईश्वर की सीमाएँ बनाए रखेंगे।
فإن طلقها فلا جناح عليهمآ أن يتراجعآ إن ظنآ أن يقيما حدود ٱلله
और ये ईश्वर की सीमाएँ हैं, जिन्हें वह ऐसी क़ौम के लिए स्पष्ट करता है जो जानती है।
وتلك حدود ٱلله يبينها لقوم يعلمون
और जब तुम स्त्रियों का परित्याग करो, और वे अपनी अवधि तक पहुँच जाएँ, तो उन्हें मान्य के अनुसार रखो, या उन्हें मान्य के अनुसार मुक्त करो;
وإذا طلقتم ٱلنسآء فبلغن أجلهن فأمسكوهن بمعروف أو سرحوهن بمعروف
और उन्हें हानि पहुँचाने के लिए, आक्रमण करने के लिए मत रखो।
ولا تمسكوهن ضرارا لتعتدوا
और जो कोई ऐसा करे उसने स्वयं पर अन्याय किया है।
ومن يفعل ذلك فقد ظلم نفسه
और ईश्वर के संकेतों को मज़ाक़ का विषय मत बनाओ।
ولا تتخذوا ءايت ٱلله هزوا
और अपने ऊपर ईश्वर के उपकार का स्मरण करो, और उसे भी जो उसने तुम पर ग्रंथ और प्रज्ञा में से उतारा है, जिनके द्वारा वह तुम्हें उपदेश देता है।
وٱذكروا نعمت ٱلله عليكم ومآ أنزل عليكم من ٱلكتب وٱلحكمة يعظكم به
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
وٱتقوا ٱلله
और जान लो कि ईश्वर हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
وٱعلموا أن ٱلله بكل شىء عليم
और जब तुम स्त्रियों का परित्याग करो, और वे अपनी अवधि तक पहुँच जाएँ, तो उन्हें अपने जोड़ीदारों से विवाह करने में बाधा मत डालो, जब उनके बीच मान्य के अनुसार आपसी प्रसन्नता हो।
وإذا طلقتم ٱلنسآء فبلغن أجلهن فلا تعضلوهن أن ينكحن أزوجهن إذا ترضوا بينهم بٱلمعروف
यही वह है जिसका उपदेश तुममें से हर उस व्यक्ति को दिया जाता है जो ईश्वर पर और अंतिम दिन पर विश्वास करता है।
ذلك يوعظ به من كان منكم يؤمن بٱلله وٱليوم ٱلءاخر
यह तुम्हारे लिए अधिक शुद्ध है, और अधिक स्वच्छ।
ذلكم أزكى لكم وأطهر
ईश्वर जानता है, और तुम नहीं जानते।
وٱلله يعلم وأنتم لا تعلمون
और माताएँ अपने बच्चों की देखभाल का ज़िम्मा पूरे दो बरस लेती हैं,
وٱلولدت يرضعن أولدهن حولين كاملين
उसके लिए जो इस देखभाल को पूर्ण करना चाहे।
لمن أراد أن يتم ٱلرضاعة
और जिसके लिए बच्चा जन्मा है, उस पर है कि वह मान्य के अनुसार उन्हें जीविका और पहनावा दे।
وعلى ٱلمولود له رزقهن وكسوتهن بٱلمعروف
किसी भी स्व पर उसकी क्षमता से अधिक भार नहीं डाला जाता।
لا تكلف نفس إلا وسعها
कोई माता अपने बच्चे के कारण हानि न सहे, और न वह जिसके लिए बच्चा जन्मा है, अपने बच्चे के कारण।
لا تضآر ولدة بولدها ولا مولود له بولده
और उत्तराधिकारी पर भी वैसा ही है।
وعلى ٱلوارث مثل ذلك
और यदि वे दूध छुड़ाना चाहें, आपस की प्रसन्नता और परामर्श के बाद, तो उन दोनों पर कोई आक्षेप नहीं।
فإن أرادا فصالا عن تراض منهما وتشاور فلا جناح عليهما
और यदि तुम अपने बच्चों की देखभाल का ज़िम्मा दिलवाना चाहो, तो तुम पर कोई आक्षेप नहीं, जब तुम वह सौंप दो जो तुम्हें देना है, मान्य के अनुसार।
وإن أردتم أن تسترضعوا أولدكم فلا جناح عليكم إذا سلمتم مآ ءاتيتم بٱلمعروف
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
وٱتقوا ٱلله
और जान लो कि ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।
وٱعلموا أن ٱلله بما تعملون بصير
और तुममें से जो निष्ठापूर्वक सँभाल लिए जाते हैं, जोड़ीदार छोड़ते हुए, उनकी जोड़ीदार चार महीने और दस की प्रतीक्षा-अवधि में रहती हैं;
وٱلذين يتوفون منكم ويذرون أزوجا يتربصن بأنفسهن أربعة أشهر وعشرا
और जब वे अपनी अवधि तक पहुँच जाएँ, तो वे अपने विषय में जो मान्य के अनुसार करें उसके लिए तुम पर कोई आक्षेप नहीं।
فإذا بلغن أجلهن فلا جناح عليكم فيما فعلن في أنفسهن بٱلمعروف
और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।
وٱلله بما تعملون خبير
और स्त्रियों से विवाह-प्रस्ताव के रूप में तुम जो इशारे से जताओ, या जो तुम अपने भीतर सँजोकर रखो, उसमें तुम पर कोई आक्षेप नहीं।
ولا جناح عليكم فيما عرضتم به من خطبة ٱلنسآء أو أكننتم في أنفسكم
ईश्वर जानता है कि तुम उनके विषय में सोचोगे; परंतु उनसे गुप्त रूप से कोई वादा मत करो,
علم ٱلله أنكم ستذكرونهن ولكن لا تواعدوهن سرا
सिवा इसके कि तुम मान्य कथन कहो।
إلآ أن تقولوا قولا معروفا
और विवाह-अनुबंध तब तक पक्का मत करो जब तक दस्तावेज़ अपनी अवधि तक न पहुँच जाए।
ولا تعزموا عقدة ٱلنكاح حتى يبلغ ٱلكتب أجله
और जान लो कि ईश्वर जानता है जो तुम्हारे स्व में है; तो उसके प्रति सतर्क रहो।
وٱعلموا أن ٱلله يعلم ما في أنفسكم فٱحذروه
और जान लो कि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, सहनशील है।
وٱعلموا أن ٱلله غفور حليم
तुम पर कोई आक्षेप नहीं, यदि तुम स्त्रियों का परित्याग करो जब तक तुमने उन्हें स्पर्श न किया हो, या उनके लिए कोई दायित्व निर्धारित न किया हो।
لا جناح عليكم إن طلقتم ٱلنسآء ما لم تمسوهن أو تفرضوا لهن فريضة
और उन्हें एक उपभोग दो — संपन्न अपने सामर्थ्य के अनुसार, और अल्प-साधन वाला अपने सामर्थ्य के अनुसार — मान्य के अनुसार एक उपभोग:
ومتعوهن على ٱلموسع قدره وعلى ٱلمقتر قدره متعا بٱلمعروف
भलाई करने वालों के लिए एक कर्तव्य।
حقا على ٱلمحسنين
और यदि तुम उनका परित्याग उन्हें स्पर्श करने से पहले करो, जबकि तुमने उनके लिए दायित्व निर्धारित किया था, तो जो तुमने निर्धारित किया उसका आधा, सिवा इसके कि वे दरगुज़र करें, या वह दरगुज़र करे जिसके हाथों में विवाह-अनुबंध है।
وإن طلقتموهن من قبل أن تمسوهن وقد فرضتم لهن فريضة فنصف ما فرضتم إلآ أن يعفون أو يعفوا ٱلذي بيده عقدة ٱلنكاح
और दरगुज़र करना, यह सावधानी के अधिक निकट है।
وأن تعفوا أقرب للتقوى
और आपस में अनुग्रह को मत भूलो,
ولا تنسوا ٱلفضل بينكم
क्योंकि ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।
إن ٱلله بما تعملون بصير
संपर्कों की रक्षा करो, और सबसे पूर्ण संपर्क की भी, और ईश्वर के सामने खड़े रहो, समर्पित होकर।
حفظوا على ٱلصلوت وٱلصلوة ٱلوسطى وقوموا لله قنتين
और यदि तुम डरो, तो पैदल या सवार;
فإن خفتم فرجالا أو ركبانا
और जब तुम सुरक्षित हो जाओ, तो ईश्वर का स्मरण करो जैसे उसने तुम्हें वह सिखाया जो तुम नहीं जानते थे।
فإذآ أمنتم فٱذكروا ٱلله كما علمكم ما لم تكونوا تعلمون
और तुममें से जो निष्ठापूर्वक सँभाल लिए जाते हैं, जोड़ीदार छोड़ते हुए — अपने जोड़ीदारों के पक्ष में एक अनुशंसा: बरसगाँठ तक एक उपभोग, निकाले जाने के बिना;
وٱلذين يتوفون منكم ويذرون أزوجا وصية لأزوجهم متعا إلى ٱلحول غير إخراج
परंतु यदि वे निकल जाएँ, तो वे अपने विषय में जो मान्य में करें उसके लिए तुम पर कोई आक्षेप नहीं।
فإن خرجن فلا جناح عليكم في ما فعلن في أنفسهن من معروف
ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وٱلله عزيز حكيم
और परित्यक्त स्त्रियों के लिए मान्य के अनुसार एक उपभोग:
وللمطلقت متع بٱلمعروف
सावधानी बरतने वालों के लिए एक कर्तव्य।
حقا على ٱلمتقين
इस प्रकार ईश्वर तुम्हारे लिए अपने संकेत स्पष्ट करता है, शायद तुम बुद्धि से काम लो।
كذلك يبين ٱلله لكم ءايته لعلكم تعقلون
क्या तुमने उन्हें नहीं देखा जो अपने ठिकानों से निकले, हज़ारों में, मृत्यु से सतर्क रहते हुए? तब ईश्वर ने उनसे कहा: “मर जाओ”; फिर उसने उन्हें पुनः जीवन दिया।
ألم تر إلى ٱلذين خرجوا من ديرهم وهم ألوف حذر ٱلموت فقال لهم ٱلله موتوا ثم أحيهم
ईश्वर अवश्य लोगों के प्रति अनुग्रह रखता है,
إن ٱلله لذو فضل على ٱلناس
परंतु अधिकतर लोग कृतज्ञ नहीं हैं।
ولكن أكثر ٱلناس لا يشكرون
और ईश्वर की राह में लड़ो, और जान लो कि ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وقتلوا في سبيل ٱلله وٱعلموا أن ٱلله سميع عليم
कौन है जो ईश्वर को एक सुंदर उधार देगा, जिसे वह उसके लिए अनेक बार दुगना कर देगा?
من ذا ٱلذي يقرض ٱلله قرضا حسنا فيضعفه له أضعافا كثيرة
ईश्वर संकुचित करता है और प्रशस्त करता है,
وٱلله يقبض ويبصط
और तुम उसी की ओर लौटाए जाओगे।
وإليه ترجعون
क्या तुमने इसराईल की संतान में से दरबार को नहीं देखा, मूसा के बाद, जब उन्होंने अपने ही एक सूचनादाता से कहा: “हमारे लिए एक राजा उठाओ, ताकि हम ईश्वर की राह में लड़ें”?
ألم تر إلى ٱلملإ من بني إسرءيل من بعد موسى إذ قالوا لنبي لهم ٱبعث لنا ملكا نقتل في سبيل ٱلله
उसने कहा: “क्या ऐसा हो सकता है कि यदि तुम पर लड़ाई विहित की जाए, तो तुम न लड़ो?”
قال هل عسيتم إن كتب عليكم ٱلقتال ألا تقتلوا
उन्होंने कहा: “और हमें क्या हुआ है कि हम ईश्वर की राह में न लड़ें, जबकि हमें अपने ठिकानों और अपने बेटों से निकाल दिया गया है?”
قالوا وما لنآ ألا نقتل في سبيل ٱلله وقد أخرجنا من ديرنا وأبنآئنا
परंतु जब उन पर लड़ाई विहित की गई, तो उन्होंने पीठ फेर ली, सिवा उनमें से थोड़े के।
فلما كتب عليهم ٱلقتال تولوا إلا قليلا منهم
और ईश्वर अन्यायियों के विषय में सर्वज्ञ है।
وٱلله عليم بٱلظلمين
और उनके सूचनादाता ने उनसे कहा: “ईश्वर ने निश्चय ही तालूत को तुम्हारे लिए राजा के रूप में उठाया है।”
وقال لهم نبيهم إن ٱلله قد بعث لكم طالوت ملكا
उन्होंने कहा: “उसके पास हम पर राजत्व कैसे होगा, जबकि हम उसमें उससे अधिक हक़ रखते हैं, और उसे संपत्ति की संपन्नता नहीं दी गई?”
قالوا أنى يكون له ٱلملك علينا ونحن أحق بٱلملك منه ولم يؤت سعة من ٱلمال
उसने कहा: “ईश्वर ने निश्चय ही उसे तुम पर चुन लिया है, और उसे ज्ञान और काया के विस्तार में बढ़ा दिया है।”
قال إن ٱلله ٱصطفىه عليكم وزاده بسطة في ٱلعلم وٱلجسم
ईश्वर अपना राजत्व जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे देता है।
وٱلله يؤتي ملكه من يشآء
ईश्वर विस्तृत, सर्वज्ञ है।
وٱلله وسع عليم
और उनके सूचनादाता ने उनसे कहा: “उसके राजत्व का संकेत यह होगा कि संदूक तुम्हारे पास आए, जिसमें तुम्हारे अभिभावक की ओर से एक ढाढ़स है, और मूसा के कुल और हारून के कुल ने जो छोड़ा उसका अवशेष है, जो अभिकर्ताओं द्वारा वहन किया हुआ है।”
وقال لهم نبيهم إن ءاية ملكه أن يأتيكم ٱلتابوت فيه سكينة من ربكم وبقية مما ترك ءال موسى وءال هرون تحمله ٱلملئكة
इसमें अवश्य तुम्हारे लिए एक संकेत है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
إن في ذلك لءاية لكم إن كنتم مؤمنين
जब तालूत सेनाओं के साथ चला, तो उसने कहा: “ईश्वर एक नदी से तुम्हें परखेगा: जो कोई उसमें से पिएगा वह मेरे अपनों में से नहीं है, और जो कोई उसे आहार नहीं बनाता वह निश्चय ही मेरे अपनों में से है — सिवा उसके जो अपने हाथ में एक घूँट भर ले।”
فلما فصل طالوت بٱلجنود قال إن ٱلله مبتليكم بنهر فمن شرب منه فليس مني ومن لم يطعمه فإنه مني إلا من ٱغترف غرفة بيده
उन्होंने उसमें से पिया, सिवा उनमें से थोड़े के।
فشربوا منه إلا قليلا منهم
फिर जब उसने और उसके साथ विश्वास करने वालों ने उसे पार कर लिया, तो उन्होंने कहा: “आज हमारे पास जालूत और उसकी सेनाओं के विरुद्ध कोई बल नहीं।”
فلما جاوزه هو وٱلذين ءامنوا معه قالوا لا طاقة لنا ٱليوم بجالوت وجنوده
जिन्होंने अनुमान लगाया था कि वे ईश्वर से मिलेंगे उन्होंने कहा: “कितनी ही थोड़ी संख्या वाली टुकड़ियों ने बड़ी टुकड़ियों को ईश्वर की अनुमति से परास्त कर दिया है!”
قال ٱلذين يظنون أنهم ملقوا ٱلله كم من فئة قليلة غلبت فئة كثيرة بإذن ٱلله
ईश्वर धैर्य रखने वालों के साथ है।
وٱلله مع ٱلصبرين
और जब वे जालूत और उसकी सेनाओं के सामने आए, तो उन्होंने कहा: “हमारे अभिभावक, हम पर धैर्य उँडेल दीजिए, हमारे क़दम दृढ़ कीजिए, और उस क़ौम के विरुद्ध हमारी सहायता कीजिए जो नकारती है”; तब उन्होंने उन्हें ईश्वर की अनुमति से भगा दिया,
ولما برزوا لجالوت وجنوده قالوا ربنآ أفرغ علينا صبرا وثبت أقدامنا وٱنصرنا على ٱلقوم ٱلكفرين فهزموهم بإذن ٱلله
और दाऊद ने जालूत को मार डाला; ईश्वर ने उसे राजत्व और प्रज्ञा दी, और उसे वह सिखाया जो उसकी मर्ज़ी हुई।
وقتل داود جالوت وءاتىه ٱلله ٱلملك وٱلحكمة وعلمه مما يشآء
और यदि ईश्वर लोगों को एक-दूसरे के द्वारा न हटाता, तो धरती निश्चय ही बिगाड़ के हवाले कर दी गई होती;
ولولا دفع ٱلله ٱلناس بعضهم ببعض لفسدت ٱلأرض
परंतु ईश्वर सभी प्राणियों के प्रति अनुग्रह रखता है।
ولكن ٱلله ذو فضل على ٱلعلمين
ये ईश्वर के संकेत हैं, जो हम तुम्हें पूर्ण सत्य के साथ सुनाते हैं,
تلك ءايت ٱلله نتلوها عليك بٱلحق
और तुम अवश्य भेजे गए जनों में से हो।
وإنك لمن ٱلمرسلين
ये संदेशवाहक हैं:
تلك ٱلرسل
हमने उनमें से कुछ को दूसरों पर वरीयता दी।
فضلنا بعضهم على بعض
उनमें से कुछ ऐसे हैं जिनसे ईश्वर बोला,
منهم من كلم ٱلله
और उसने दूसरों को श्रेणियों में ऊँचा किया।
ورفع بعضهم درجت
और हमने मरयम के पुत्र ईसा को स्पष्ट प्रमाण दिए, और उसे पवित्र प्रवाह से सुदृढ़ किया।
وءاتينا عيسى ٱبن مريم ٱلبينت وأيدنه بروح ٱلقدس
और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो जो उनके बाद आए वे स्पष्ट प्रमाण उनके पास आ जाने के बाद आपस में एक-दूसरे को मार न डालते;
ولو شآء ٱلله ما ٱقتتل ٱلذين من بعدهم من بعد ما جآءتهم ٱلبينت
परंतु उन्होंने मतभेद किया:
ولكن ٱختلفوا
उनमें से कुछ ने विश्वास किया, और कुछ ने नकारा।
فمنهم من ءامن ومنهم من كفر
और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वे आपस में एक-दूसरे को मार न डालते;
ولو شآء ٱلله ما ٱقتتلوا
परंतु ईश्वर वही करता है जो वह चाहता है।
ولكن ٱلله يفعل ما يريد
हे विश्वास करने वालो! उसमें से ख़र्च करो जिसकी जीविका हमने तुम्हें दी है, इससे पहले कि वह दिन आए जिसमें न क्रय-विक्रय होगा, न मित्रता, न सिफ़ारिश।
يأيها ٱلذين ءامنوا أنفقوا مما رزقنكم من قبل أن يأتي يوم لا بيع فيه ولا خلة ولا شفعة
और जो नकारते हैं — यही अन्यायी हैं।
وٱلكفرون هم ٱلظلمون
ईश्वर, उसके सिवा कोई देवता नहीं,
ٱلله لآ إله إلا هو
जीवित, अपने आप बना रहने वाला।
ٱلحى ٱلقيوم
न ऊँघ उसे पकड़ती है, न नींद।
لا تأخذه سنة ولا نوم
आकाशों में जो है और धरती पर जो है, वह उसी का है।
له ما في ٱلسموت وما في ٱلأرض
कौन है जो उसके पास सिफ़ारिश करता है, उसकी अनुमति के सिवा?
من ذا ٱلذي يشفع عنده إلا بإذنه
वह जानता है जो उनके आगे है और जो उनके पीछे है,
يعلم ما بين أيديهم وما خلفهم
और वे उसके ज्ञान में से किसी भी चीज़ को नहीं घेर पाते, सिवा उतने के जितना उसकी मर्ज़ी हो।
ولا يحيطون بشىء من علمه إلا بما شآء
और उसका आसन आकाशों और धरती पर व्याप्त है,
وسع كرسيه ٱلسموت وٱلأرض
और उनकी रक्षा उसे बिल्कुल भारी नहीं पड़ती।
ولا يوده حفظهما
वह परम-उच्च, विशाल है।
وهو ٱلعلي ٱلعظيم
विधान में कोई बाध्यता नहीं:
لآ إكراه في ٱلدين
सुबुद्धि दिशाहीनता से अलग स्पष्ट हो गई है।
قد تبين ٱلرشد من ٱلغى
जो कोई मर्यादाहीन को नकारता है और ईश्वर पर विश्वास करता है, उसने सबसे भरोसेमंद कुंडे को दृढ़ता से थाम लिया है, जो कभी नहीं टूटता।
فمن يكفر بٱلطغوت ويؤمن بٱلله فقد ٱستمسك بٱلعروة ٱلوثقى لا ٱنفصام لها
ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
وٱلله سميع عليم
ईश्वर उनका आश्रयदाता है जिन्होंने विश्वास किया, वह उन्हें अँधेरों से प्रकाश की ओर निकालता है।
ٱلله ولي ٱلذين ءامنوا يخرجهم من ٱلظلمت إلى ٱلنور
और जो नकारते हैं, उनके आश्रयदाता मर्यादाहीन हैं, जो उन्हें प्रकाश से अँधेरों की ओर निकालता है।
وٱلذين كفروا أوليآؤهم ٱلطغوت يخرجونهم من ٱلنور إلى ٱلظلمت
यही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।
أولئك أصحب ٱلنار هم فيها خلدون
क्या तुमने उसे नहीं देखा जिसने इब्राहीम से उसके अभिभावक के विषय में विवाद किया, इसलिए कि ईश्वर ने उसे राजत्व दिया था? जब इब्राहीम ने कहा: “मेरा अभिभावक वह है जो जीवन देता है और मृत्यु देता है”,
ألم تر إلى ٱلذي حآج إبرهم في ربه أن ءاتىه ٱلله ٱلملك إذ قال إبرهم ربي ٱلذي يحي ويميت
उसने कहा: “मैं जीवन देता हूँ और मैं मृत्यु देता हूँ।”
قال أنا أحي وأميت
इब्राहीम ने कहा: “ईश्वर निश्चय ही सूर्य को पूर्व से लाता है; तो तुम उसे पश्चिम से ले आओ”; तब जो नकारता था उसके शब्द बिखर गए।
قال إبرهم فإن ٱلله يأتي بٱلشمس من ٱلمشرق فأت بها من ٱلمغرب فبهت ٱلذي كفر
और ईश्वर अन्यायी क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।
وٱلله لا يهدي ٱلقوم ٱلظلمين
या उस जैसा जो एक बस्ती के पास से गुज़रा जो अपने भवनों के बावजूद ख़ाली थी।
أو كٱلذي مر على قرية وهي خاوية على عروشها
उसने कहा: “ईश्वर इसे इसकी मृत्यु के बाद कैसे जीवित करेगा?” तब ईश्वर ने उसे सौ साल तक मृत्यु दी, फिर उसने उसे उठाया।
قال أنى يحي هذه ٱلله بعد موتها فأماته ٱلله مائة عام ثم بعثه
उसने कहा: “तुमने कितना समय बिताया है?”
قال كم لبثت
उसने कहा: “मैंने एक दिन बिताया, या एक दिन का एक खंड।”
قال لبثت يوما أو بعض يوم
उसने कहा: “नहीं, तुमने सौ साल बिताए हैं।
قال بل لبثت مائة عام
तो अपने भोजन और अपने पेय पर नज़र डालो: उन्होंने प्रतीक्षा नहीं की;
فٱنظر إلى طعامك وشرابك لم يتسنه
और अपने गधे पर नज़र डालो —
وٱنظر إلى حمارك
और ताकि हम तुम्हें लोगों के लिए एक संकेत बनाएँ।
ولنجعلك ءاية للناس
और हड्डियों पर नज़र डालो, कि हम उन्हें कैसे फैलाते हैं, फिर उन्हें मांस पहनाते हैं।”
وٱنظر إلى ٱلعظام كيف ننشزها ثم نكسوها لحما
जब यह उसके लिए स्पष्ट हो गया, तो उसने कहा: “मैं जानता हूँ कि ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।”
فلما تبين له قال أعلم أن ٱلله على كل شىء قدير
और जब इब्राहीम ने कहा: “मेरे अभिभावक, मुझे दिखाइए कि आप मृतकों को कैसे पुनः जीवन देते हैं।”
وإذ قال إبرهم رب أرني كيف تحي ٱلموتى
उसने कहा: “क्या तुम विश्वास नहीं करते?”
قال أولم تؤمن
उसने कहा: “क्यों नहीं, परंतु यह इसलिए कि मेरे मर्म को चैन मिले।”
قال بلى ولكن ليطمئن قلبي
उसने कहा: “तो चार पक्षी लो, उन्हें अपने पास पालतू बनाओ, फिर हर पहाड़ पर उनमें से एक भाग रखो, फिर उन्हें बुलाओ: वे लपकते हुए तुम्हारे पास आएँगे।
قال فخذ أربعة من ٱلطير فصرهن إليك ثم ٱجعل على كل جبل منهن جزءا ثم ٱدعهن يأتينك سعيا
और जान लो कि ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।”
وٱعلم أن ٱلله عزيز حكيم
जो अपनी संपत्ति ईश्वर की राह में ख़र्च करते हैं, उनका उदाहरण उस दाने का उदाहरण है जो सात बालियाँ उगाता है,
مثل ٱلذين ينفقون أمولهم في سبيل ٱلله كمثل حبة أنبتت سبع سنابل
जिसकी हर बाली में सौ दाने हैं।
في كل سنبلة مائة حبة
ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए दुगुना करता है।
وٱلله يضعف لمن يشآء
ईश्वर विस्तृत, सर्वज्ञ है।
وٱلله وسع عليم
जो अपनी संपत्ति ईश्वर की राह में ख़र्च करते हैं, फिर ख़र्च किए हुए को न जताते हैं और न कष्ट देते हैं, उनका पुरस्कार उनके अभिभावक के पास है; उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
ٱلذين ينفقون أمولهم في سبيل ٱلله ثم لا يتبعون مآ أنفقوا منا ولآ أذى لهم أجرهم عند ربهم ولا خوف عليهم ولا هم يحزنون
मान्य कथन और क्षमा उस दान से बेहतर हैं जिसके पीछे कष्ट दिया जाए।
قول معروف ومغفرة خير من صدقة يتبعهآ أذى
ईश्वर धनी, सहनशील है।
وٱلله غني حليم
हे विश्वास करने वालो! अपने दानों को जताकर और कष्ट देकर व्यर्थ न करो, उसकी तरह जो लोगों को दिखाने के लिए अपनी संपत्ति ख़र्च करता है, और न ईश्वर पर विश्वास करता है और न अंतिम दिन पर।
يأيها ٱلذين ءامنوا لا تبطلوا صدقتكم بٱلمن وٱلأذى كٱلذي ينفق ماله رئآء ٱلناس ولا يؤمن بٱلله وٱليوم ٱلءاخر
उसका उदाहरण मिट्टी से ढकी एक चिकनी चट्टान जैसा है: उस पर मूसलाधार वर्षा आ पड़ती है, और उसे उघड़ा छोड़ देती है।
فمثله كمثل صفوان عليه تراب فأصابه وابل فتركه صلدا
जो उन्होंने कमाया उसमें से किसी चीज़ पर उनका अधिकार नहीं रहता।
لا يقدرون على شىء مما كسبوا
और ईश्वर नकारने वाली क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।
وٱلله لا يهدي ٱلقوم ٱلكفرين
और जो ईश्वर की प्रसन्नता खोजते हुए और अपने ही स्वों की दृढ़ता के लिए अपनी संपत्ति ख़र्च करते हैं, उनका उदाहरण ऊँची भूमि पर स्थित एक उद्यान जैसा है: उस पर मूसलाधार वर्षा आ पड़ती है, और वह अपना भोजन दुगुना देता है; और यदि उस पर कोई मूसलाधार वर्षा न आ पड़े, तो फुहार।
ومثل ٱلذين ينفقون أمولهم ٱبتغآء مرضات ٱلله وتثبيتا من أنفسهم كمثل جنة بربوة أصابها وابل فاتت أكلها ضعفين فإن لم يصبها وابل فطل
और ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।
وٱلله بما تعملون بصير
क्या तुममें से कोई चाहेगा कि उसके पास खजूरों और अंगूरों का उद्यान हो, जिसके नीचे नदियाँ बहती हों, जिसमें उसके लिए हर प्रकार के फल हों, फिर उस पर बुढ़ापा आ पड़े, जबकि उसकी संतति दुर्बल हो, और उद्यान पर एक बवंडर आ पड़े जिसमें आग हो, और वह जल जाए?
أيود أحدكم أن تكون له جنة من نخيل وأعناب تجري من تحتها ٱلأنهر له فيها من كل ٱلثمرت وأصابه ٱلكبر وله ذرية ضعفآء فأصابهآ إعصار فيه نار فٱحترقت
इसी प्रकार ईश्वर तुम्हारे लिए संकेत स्पष्ट करता है, शायद तुम सोच-विचार करो।
كذلك يبين ٱلله لكم ٱلءايت لعلكم تتفكرون
हे विश्वास करने वालो! अपनी कमाई की अच्छी चीज़ों में से और उसमें से जो हमने तुम्हारे लिए धरती से निकाला है, ख़र्च करो,
يأيها ٱلذين ءامنوا أنفقوا من طيبت ما كسبتم وممآ أخرجنا لكم من ٱلأرض
और उसमें से निकृष्ट को ख़र्च करने के लिए लक्ष्य न बनाओ, जबकि तुम स्वयं उसे केवल उस पर आँखें मूँदकर ही लोगे।
ولا تيمموا ٱلخبيث منه تنفقون ولستم باخذيه إلآ أن تغمضوا فيه
और जान लो कि ईश्वर धनी, प्रशंसनीय है।
وٱعلموا أن ٱلله غني حميد
बहकाने वाला तुमसे निर्धनता का वादा करता है, और तुम्हें निर्लज्जता का आदेश देता है,
ٱلشيطن يعدكم ٱلفقر ويأمركم بٱلفحشآء
जबकि ईश्वर तुमसे अपनी ओर से क्षमा और अनुग्रह का वादा करता है।
وٱلله يعدكم مغفرة منه وفضلا
ईश्वर विस्तृत, सर्वज्ञ है।
وٱلله وسع عليم
वह प्रज्ञा उसे देता है जिस पर उसकी मर्ज़ी हो,
يؤتي ٱلحكمة من يشآء
और जिसे प्रज्ञा दी जाए, उसे बहुत अच्छाई दी जा चुकी है।
ومن يؤت ٱلحكمة فقد أوتي خيرا كثيرا
और इसे केवल मेधा रखने वाले ही स्मरण करते हैं।
وما يذكر إلآ أولوا ٱلألبب
और तुम जो भी ख़र्च करो, या जो भी मन्नत मानो, ईश्वर उसे निश्चय ही जानता है।
ومآ أنفقتم من نفقة أو نذرتم من نذر فإن ٱلله يعلمه
और अन्यायियों के लिए कोई सहायता नहीं।
وما للظلمين من أنصار
यदि तुम दानों को सामने लाओ, तो यह उत्तम है;
إن تبدوا ٱلصدقت فنعما هي
और यदि तुम उन्हें छिपाओ और निर्धनों को दो, तो यह तुम्हारे लिए बेहतर है, और हम तुम्हारे कुछ बुरे कर्म ढक देंगे।
وإن تخفوها وتؤتوها ٱلفقرآء فهو خير لكم ويكفر عنكم من سياتكم
और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।
وٱلله بما تعملون خبير
उन्हें मार्ग दिखाना तुम्हारे ज़िम्मे नहीं है,
ليس عليك هدىهم
परंतु ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे मार्ग दिखाता है।
ولكن ٱلله يهدي من يشآء
और तुम जो भी अच्छाई ख़र्च करो, वह तुम्हारे अपने लिए है।
وما تنفقوا من خير فلأنفسكم
और तुम केवल ईश्वर की दिशा खोजते हुए ही ख़र्च करते हो।
وما تنفقون إلا ٱبتغآء وجه ٱلله
और तुम जो भी अच्छाई ख़र्च करो, वह तुम्हें पूरा-पूरा चुकाया जाएगा, और तुम पर अन्याय नहीं किया जाएगा।
وما تنفقوا من خير يوف إليكم وأنتم لا تظلمون
यह उन निर्धनों के लिए है जो ईश्वर की राह में रोक लिए गए हैं, जो धरती पर चल-फिर नहीं सकते: अज्ञानी उनके संकोच के कारण उन्हें धनी समझता है;
للفقرآء ٱلذين أحصروا في سبيل ٱلله لا يستطيعون ضربا في ٱلأرض يحسبهم ٱلجاهل أغنيآء من ٱلتعفف
तुम उन्हें उनके निशान से पहचान लेते हो: वे लोगों से आग्रहपूर्वक नहीं माँगते।
تعرفهم بسيمهم لا يسلون ٱلناس إلحافا
और तुम जो भी अच्छाई ख़र्च करो, ईश्वर निश्चय ही उसके विषय में सर्वज्ञ है।
وما تنفقوا من خير فإن ٱلله به عليم
जो अपनी संपत्ति रात और दिन, गुप्त रूप से और खुले रूप से ख़र्च करते हैं, उनका पुरस्कार उनके अभिभावक के पास है; उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
ٱلذين ينفقون أمولهم بٱليل وٱلنهار سرا وعلانية فلهم أجرهم عند ربهم ولا خوف عليهم ولا هم يحزنون
जो ब्याज खाते हैं, वे केवल वैसे ही खड़े होते हैं जैसे वह खड़ा होता है जिसे बहकाने वाला अपने स्पर्श से लड़खड़ा देता है।
ٱلذين يأكلون ٱلربوا لا يقومون إلا كما يقوم ٱلذي يتخبطه ٱلشيطن من ٱلمس
यह इसलिए कि उन्होंने कहा: “बिक्री तो केवल ब्याज जैसी ही है”;
ذلك بأنهم قالوا إنما ٱلبيع مثل ٱلربوا
जबकि ईश्वर ने बिक्री को वैध ठहराया और ब्याज को वर्जित किया।
وأحل ٱلله ٱلبيع وحرم ٱلربوا
जिसके पास उसके अभिभावक की ओर से उपदेश आ गया और वह रुक गया, तो जो बीत चुका वह उसी का है,
فمن جآءه موعظة من ربه فٱنتهى فله ما سلف
और उसका मामला ईश्वर के हवाले है;
وأمره إلى ٱلله
परंतु जो दोहराए — वही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।
ومن عاد فأولئك أصحب ٱلنار هم فيها خلدون
ईश्वर ब्याज को मिटा देता है, और दानों को बढ़ाता है।
يمحق ٱلله ٱلربوا ويربي ٱلصدقت
ईश्वर किसी भी बड़े नकारने वाले, अपराधी से प्रेम नहीं करता।
وٱلله لا يحب كل كفار أثيم
निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास किया, भले कर्म किए, संपर्क बनाए रखा और शुद्ध उदारता दी, उनका पुरस्कार उनके अभिभावक के पास है; उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।
إن ٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت وأقاموا ٱلصلوة وءاتوا ٱلزكوة لهم أجرهم عند ربهم ولا خوف عليهم ولا هم يحزنون
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और ब्याज का जो शेष रह गया है उसे छोड़ दो, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
يأيها ٱلذين ءامنوا ٱتقوا ٱلله وذروا ما بقي من ٱلربوا إن كنتم مؤمنين
यदि तुम ऐसा न करो, तो ईश्वर और उसके संदेशवाहक की ओर से युद्ध के लिए स्वयं को चेताया हुआ जानो;
فإن لم تفعلوا فأذنوا بحرب من ٱلله ورسوله
और यदि तुम पलट आओ, तो तुम्हारी संपत्ति का मूलधन तुम्हारा है, न तुम अन्यायी ठहरो और न तुम पर अन्याय किया जाए।
وإن تبتم فلكم رءوس أمولكم لا تظلمون ولا تظلمون
और यदि कोई तंगी में हो, तो सुगमता आने तक मोहलत है;
وإن كان ذو عسرة فنظرة إلى ميسرة
और तुम्हारा उसे दान कर देना तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम जानते।
وأن تصدقوا خير لكم إن كنتم تعلمون
और उस दिन से सावधान रहो जब तुम ईश्वर की ओर लौटाए जाओगे,
وٱتقوا يوما ترجعون فيه إلى ٱلله
जब हर स्व वह पूरा-पूरा पाएगा जो उसने कमाया, और उस पर अन्याय नहीं किया जाएगा।
ثم توفى كل نفس ما كسبت وهم لا يظلمون
हे विश्वास करने वालो! जब तुम आपस में किसी नामित अवधि के लिए ऋण का सौदा करो, तो उसे लिख लो।
يأيها ٱلذين ءامنوا إذا تداينتم بدين إلى أجل مسمى فٱكتبوه
और तुम्हारे बीच कोई लेखक उसे न्याय के साथ लिखे,
وليكتب بينكم كاتب بٱلعدل
और कोई लेखक लिखने से इनकार न करे,
ولا يأب كاتب أن يكتب
जैसा ईश्वर ने उसे सिखाया है; तो वह लिखे,
كما علمه ٱلله فليكتب
और जिस पर देय है वह लिखवाए, और ईश्वर, अपने अभिभावक, के प्रति सावधान रहे, और उसमें से कुछ भी कम न करे।
وليملل ٱلذي عليه ٱلحق وليتق ٱلله ربه ولا يبخس منه شيا
और यदि जिस पर देय है वह मूर्ख हो, या दुर्बल हो, या स्वयं लिखवा न सके, तो उसका विधिक उत्तरदायी न्याय के साथ लिखवाए।
فإن كان ٱلذي عليه ٱلحق سفيها أو ضعيفا أو لا يستطيع أن يمل هو فليملل وليه بٱلعدل
और अपने पुरुषों में से दो साक्षियों से उसका साक्ष्य दिलवाओ;
وٱستشهدوا شهيدين من رجالكم
और यदि दो पुरुष न हों, तो एक पुरुष और दो स्त्रियाँ, उनमें से जिनका साक्ष्य तुम स्वीकार करते हो, ताकि यदि उन दोनों में से एक भटक जाए तो दूसरी उसे स्मरण करा दे।
فإن لم يكونا رجلين فرجل وٱمرأتان ممن ترضون من ٱلشهدآء أن تضل إحدىهما فتذكر إحدىهما ٱلأخرى
और साक्षी इनकार न करें, जब उन्हें बुलाया जाए।
ولا يأب ٱلشهدآء إذا ما دعوا
और उसे लिखने से ऊब न जाओ, चाहे छोटा हो या बड़ा, उसकी अवधि तक।
ولا تسموا أن تكتبوه صغيرا أو كبيرا إلى أجله
यह ईश्वर के पास अधिक निष्पक्ष है, साक्ष्य के लिए अधिक सीधा है, और संदेह न करने के अधिक निकट है — सिवा इसके कि वह तत्काल व्यापार हो जिसे तुम आपस में चलाते हो: तब तुम पर उसे न लिखने का कोई आक्षेप नहीं।
ذلكم أقسط عند ٱلله وأقوم للشهدة وأدنى ألا ترتابوا إلآ أن تكون تجرة حاضرة تديرونها بينكم فليس عليكم جناح ألا تكتبوها
और जब तुम आपस में बिक्री करो तो साक्षी बना लो।
وأشهدوا إذا تبايعتم
और न लेखक को हानि पहुँचाई जाए और न साक्षी को।
ولا يضآر كاتب ولا شهيد
और यदि तुम ऐसा करो, तो यह निश्चय ही तुम्हारी ओर से अतिक्रमण है।
وإن تفعلوا فإنه فسوق بكم
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
وٱتقوا ٱلله
और ईश्वर तुम्हें सिखाता है।
ويعلمكم ٱلله
और ईश्वर हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
وٱلله بكل شىء عليم
और यदि तुम यात्रा पर हो और कोई लेखक न पाओ, तो क़ब्ज़े में ली हुई एक गिरवी।
وإن كنتم على سفر ولم تجدوا كاتبا فرهن مقبوضة
और यदि तुममें से कोई दूसरे पर भरोसा करे, तो जिस पर भरोसा किया गया वह अपनी धरोहर हवाले कर दे,
فإن أمن بعضكم بعضا فليؤد ٱلذي ٱؤتمن أمنته
और ईश्वर, अपने अभिभावक, के प्रति सावधान रहे।
وليتق ٱلله ربه
और साक्ष्य को मत दबाओ।
ولا تكتموا ٱلشهدة
और जो उसे दबाए, निश्चय ही उसका मर्म अपराधी है।
ومن يكتمها فإنه ءاثم قلبه
ईश्वर तुम जो करते हो उसके विषय में सर्वज्ञ है।
وٱلله بما تعملون عليم
ईश्वर का है जो आकाशों में है और जो धरती पर है।
لله ما في ٱلسموت وما في ٱلأرض
और तुम अपने भीतर जो है उसे सामने लाओ, या उसे छिपाओ, ईश्वर तुमसे उसका हिसाब लेगा; फिर वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे क्षमा करता है, और जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे दंड देता है।
وإن تبدوا ما في أنفسكم أو تخفوه يحاسبكم به ٱلله فيغفر لمن يشآء ويعذب من يشآء
और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وٱلله على كل شىء قدير
संदेशवाहक ने उस पर विश्वास किया जो उसके अभिभावक की ओर से उसके लिए उतारा गया, और विश्वास करने वालों ने भी।
ءامن ٱلرسول بمآ أنزل إليه من ربه وٱلمؤمنون
सबने ईश्वर पर, उसके अभिकर्ताओं पर, उसके ग्रंथों पर और उसके संदेशवाहकों पर विश्वास किया,
كل ءامن بٱلله وملئكته وكتبه ورسله
उसके संदेशवाहकों में से किसी के बीच भी भेद किए बिना;
لا نفرق بين أحد من رسله
और उन्होंने कहा: “हमने सुना और हमने बात मानी।
وقالوا سمعنا وأطعنا
आपकी क्षमा, हमारे अभिभावक; आपकी ओर ही गंतव्य है।”
غفرانك ربنا وإليك ٱلمصير
ईश्वर किसी स्व पर उसकी क्षमता के सिवा कुछ नहीं थोपता।
لا يكلف ٱلله نفسا إلا وسعها
उसी का है जो उसने कमाया,
لها ما كسبت
और उसी के विरुद्ध है जो उसने किया।
وعليها ما ٱكتسبت
“हमारे अभिभावक, यदि हम भूल जाएँ या ग़लती करें, तो हमें न पकड़िए।
ربنا لا تؤاخذنآ إن نسينآ أو أخطأنا
हमारे अभिभावक, और हमसे कोई जुआठा वहन न कराइए, जैसा आपने उनसे वहन कराया जो हमसे पहले थे।
ربنا ولا تحمل علينآ إصرا كما حملته على ٱلذين من قبلنا
हमारे अभिभावक, और हमसे वह वहन न कराइए जिसे वहन करने की ताक़त हममें नहीं है।
ربنا ولا تحملنا ما لا طاقة لنا به
और हमसे दरगुज़र कीजिए,
وٱعف عنا
और हमें क्षमा कीजिए,
وٱغفر لنا
और हम पर दया कीजिए।
وٱرحمنآ
आप हमारे सबसे निकट के ज़ामिन हैं; तो नकारने वाली क़ौम के विरुद्ध हमारी सहायता कीजिए।”
أنت مولىنا فٱنصرنا على ٱلقوم ٱلكفرين