الزخرف
Az-Zukhruf
In the Footsteps of the Ancestors
بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
हा. मीम.
حم
स्पष्ट ग्रंथ की शपथ! हमने निश्चय ही उसे एक त्रुटिहीन पाठ बनाया है, शायद तुम बुद्धि से काम लो।
وٱلكتب ٱلمبين إنا جعلنه قرءنا عربيا لعلكم تعقلون
और वह हमारे पास ग्रंथ की मूल-प्रति में अवश्य ऊँचा, प्रज्ञावान है।
وإنه في أم ٱلكتب لدينا لعلي حكيم
क्या हम तुम्हारे लिए स्मरण के पृष्ठ कई गुना करना छोड़ दें, इसलिए कि तुम अतिवादी क़ौम हो?
أفنضرب عنكم ٱلذكر صفحا أن كنتم قوما مسرفين
पहले वालों के बीच हमने कितने ही सूचनादाता भेजे!
وكم أرسلنا من نبي في ٱلأولين
और उनके पास कोई सूचनादाता नहीं आता था जिसका वे मज़ाक़ न उड़ाते।
وما يأتيهم من نبي إلا كانوا به يستهزءون
तब हमने उन्हें नष्ट कर दिया जो जकड़ में उनसे अधिक भयंकर थे,
فأهلكنآ أشد منهم بطشا
और पहले वालों का उदाहरण बीत चुका है।
ومضى مثل ٱلأولين
और यदि तुम उनसे पूछो: “आकाशों और धरती को किसने रचा?”, तो वे अवश्य कहेंगे: “सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ ने उन्हें रचा है।”
ولئن سألتهم من خلق ٱلسموت وٱلأرض ليقولن خلقهن ٱلعزيز ٱلعليم
वही जिसने तुम्हारे लिए धरती को एक सुव्यवस्थित विस्तार बनाया, और उसमें तुम्हारे लिए राहें रखीं, शायद तुम मार्गदर्शन पाओ;
ٱلذي جعل لكم ٱلأرض مهدا وجعل لكم فيها سبلا لعلكم تهتدون
और जिसने आकाश से माप के साथ पानी उतारा, जिससे हमने एक मृत भूभाग को फैलाया —
وٱلذي نزل من ٱلسمآء مآء بقدر فأنشرنا به بلدة ميتا
इसी प्रकार तुम निकाले जाओगे;
كذلك تخرجون
और जिसने सारे जोड़े रचे, और तुम्हारे लिए जलयानों और पशुधन में से वह बनाया जिस पर तुम सवार होते हो, ताकि तुम उनकी पीठ पर जम जाओ, फिर उन पर जम जाने के बाद अपने अभिभावक के उपकार का स्मरण करो, और कहो: “महिमा हो उसकी जिसने हमारे लिए इसे वश में किया, जबकि हम स्वयं इसका सामर्थ्य नहीं रखते थे; और हम अवश्य अपने अभिभावक की ओर ही पलटेंगे।”
وٱلذي خلق ٱلأزوج كلها وجعل لكم من ٱلفلك وٱلأنعم ما تركبون لتستوا على ظهوره ثم تذكروا نعمة ربكم إذا ٱستويتم عليه وتقولوا سبحن ٱلذي سخر لنا هذا وما كنا له مقرنين وإنآ إلى ربنا لمنقلبون
और उन्होंने उसके आज्ञाकारियों में से उसके लिए एक भाग ठहरा दिया।
وجعلوا له من عباده جزءا
मनुष्य अवश्य स्पष्ट रूप से बड़ा नकारने वाला है।
إن ٱلإنسن لكفور مبين
या फिर क्या उसने जो रचता है उसमें से बेटियाँ ले ली हैं, और तुम्हारे लिए बेटे रख छोड़े हैं?
أم ٱتخذ مما يخلق بنات وأصفىكم بٱلبنين
और जब उनमें से किसी को उस बात का शुभ समाचार मिलता है जिसे वह स्वयं सर्वदयालु के लिए उदाहरण के रूप में कई गुना करता है, तो उसका चेहरा स्याह पड़ा रहता है और वह खिन्नता से भरा होता है।
وإذا بشر أحدهم بما ضرب للرحمن مثلا ظل وجهه مسودا وهو كظيم
क्या फिर वह जिसे आभूषण में पाला जाता है और जो झगड़े में स्पष्टता नहीं रखता?
أومن ينشؤا في ٱلحلية وهو في ٱلخصام غير مبين
और अभिकर्ता, जो सर्वदयालु के आज्ञाकारी हैं, उन्होंने उन्हें स्त्रीरूप बना दिया है।
وجعلوا ٱلملئكة ٱلذين هم عبد ٱلرحمن إنثا
क्या वे उनकी रचना के समय उपस्थित थे?
أشهدوا خلقهم
उनका साक्ष्य लिख लिया जाएगा, और उनसे प्रश्न किए जाएँगे।
ستكتب شهدتهم ويسلون
और वे कहते हैं: “यदि सर्वदयालु की मर्ज़ी होती, तो हम उनकी आज्ञा का पालन न करते।”
وقالوا لو شآء ٱلرحمن ما عبدنهم
उन्हें इसका कोई ज्ञान नहीं;
ما لهم بذلك من علم
वे केवल अटकल लगाते हैं।
إن هم إلا يخرصون
या फिर क्या हमने उन्हें इससे पहले कोई ग्रंथ दिया था जिसे वे दृढ़ता से थामे रहते?
أم ءاتينهم كتبا من قبله فهم به مستمسكون
बल्कि वे कहते हैं: “हमने निश्चय ही अपने पूर्वजों को एक राह पर पाया है, और हम उन्हीं के पदचिह्नों पर मार्गदर्शन पा रहे हैं।”
بل قالوا إنا وجدنآ ءابآءنا على أمة وإنا على ءاثرهم مهتدون
इसी प्रकार हमने तुमसे पहले किसी बस्ती में कभी कोई चेतावनी देने वाला नहीं भेजा, जिसके संपन्नों ने यह न कहा हो: “हमने निश्चय ही अपने पूर्वजों को एक राह पर पाया है, और हम उन्हीं के पदचिह्नों पर ढल रहे हैं।”
وكذلك مآ أرسلنا من قبلك في قرية من نذير إلا قال مترفوهآ إنا وجدنآ ءابآءنا على أمة وإنا على ءاثرهم مقتدون
उसने कहा: “और यदि मैं तुम्हारे पास उससे बेहतर मार्ग दिखाने वाला कुछ ले आऊँ जिस पर तुमने अपने पूर्वजों को पाया?”
قل أولو جئتكم بأهدى مما وجدتم عليه ءابآءكم
उन्होंने कहा: “जिसके साथ तुम भेजे गए हो, हम उसे निश्चय ही नकारते हैं।”
قالوا إنا بمآ أرسلتم به كفرون
तब हमने उनसे प्रतिशोध लिया; तो नज़र डालो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा रहा।
فٱنتقمنا منهم فٱنظر كيف كان عقبة ٱلمكذبين
और जब इब्राहीम ने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “जिसकी तुम आज्ञा का पालन करते हो उससे मैं निश्चय ही बरी हूँ, सिवा उसके जिसने मुझे मूलतः रचा, क्योंकि वही मुझे मार्ग दिखाएगा।” —
وإذ قال إبرهيم لأبيه وقومه إنني برآء مما تعبدون إلا ٱلذي فطرني فإنه سيهدين
और उसने उसे अपनी संतति के भीतर एक स्थायी बोल बना दिया, शायद वे लौटें।
وجعلها كلمة باقية في عقبه لعلهم يرجعون
परंतु मैंने इन्हें और इनके पूर्वजों को उपभोग दिया, यहाँ तक कि उनके पास सत्य और एक स्पष्ट संदेशवाहक आ गया।
بل متعت هؤلآء وءابآءهم حتى جآءهم ٱلحق ورسول مبين
और जब सत्य उनके पास आया, उन्होंने कहा: “यह एक भ्रम है, और हम इसे निश्चय ही नकारते हैं।”
ولما جآءهم ٱلحق قالوا هذا سحر وإنا به كفرون
और उन्होंने कहा: “यह पाठ दोनों बस्तियों में से किसी एक महत्वपूर्ण व्यक्ति पर क्यों न उतारा गया!”
وقالوا لولا نزل هذا ٱلقرءان على رجل من ٱلقريتين عظيم
क्या वही तुम्हारे अभिभावक की दया बाँटते हैं?
أهم يقسمون رحمت ربك
हमीं ने इहलोक के जीवन में उनके बीच उनके जीवन-साधन बाँटे हैं, और हमने एक को दूसरे से श्रेणियों में ऊँचा किया है, ताकि वे एक-दूसरे को अपनी सेवा में लें;
نحن قسمنا بينهم معيشتهم في ٱلحيوة ٱلدنيا ورفعنا بعضهم فوق بعض درجت ليتخذ بعضهم بعضا سخريا
और तुम्हारे अभिभावक की दया उससे बेहतर है जो वे बटोरते हैं।
ورحمت ربك خير مما يجمعون
और यदि यह न होता कि लोग एक ही समुदाय बन जाएँगे, तो हम सर्वदयालु को नकारने वालों के लिए उनके घरों की छतें चाँदी की बनाते, और सीढ़ियाँ जिन पर वे चढ़ते हैं, और उनके घरों के लिए द्वार, और दीवान जिन पर वे टेक लगाते हैं, और सुनहरी सजावट।
ولولآ أن يكون ٱلناس أمة وحدة لجعلنا لمن يكفر بٱلرحمن لبيوتهم سقفا من فضة ومعارج عليها يظهرون ولبيوتهم أبوبا وسررا عليها يتكون وزخرفا
और यह सब इहलोक के जीवन का उपभोग मात्र है;
وإن كل ذلك لما متع ٱلحيوة ٱلدنيا
जबकि तुम्हारे अभिभावक के पास अंतिम जीवन सावधानी बरतने वालों के लिए है।
وٱلءاخرة عند ربك للمتقين
और जो कोई सर्वदयालु के स्मरण की ओर से अपनी दृष्टि धुँधली होने देता है, हम उसके लिए एक बहकाने वाला तैनात कर देते हैं जो उसका सहचर बन जाता है;
ومن يعش عن ذكر ٱلرحمن نقيض له شيطنا فهو له قرين
और ये अवश्य उन्हें राह से रोकते हैं, जबकि वे समझते हैं कि वे मार्गदर्शन पाने वालों में से हैं;
وإنهم ليصدونهم عن ٱلسبيل ويحسبون أنهم مهتدون
यहाँ तक कि जब वे दोनों हमारे पास आते हैं, तो वह कहता है: “काश, मेरे और तुम्हारे बीच दो उदय-स्थानों की दूरी होती!”
حتى إذا جآءنا قال يليت بيني وبينك بعد ٱلمشرقين
कितना निकृष्ट सहचर!
فبئس ٱلقرين
और आज, चूँकि तुम अन्यायी रहे, तुम्हें यह लाभ न देगा कि तुम दंड में साझीदार हो।
ولن ينفعكم ٱليوم إذ ظلمتم أنكم في ٱلعذاب مشتركون
क्या तुम बहरों को सुनवाओगे, या अंधों को और उन्हें जो स्पष्ट भटकाव में हैं मार्ग दिखाओगे?
أفأنت تسمع ٱلصم أو تهدي ٱلعمي ومن كان في ضلل مبين
यदि हम तुम्हें ले जाएँ, तो भी हम उनसे निश्चय ही प्रतिशोध लेंगे; या हम तुम्हें वह दिखा दें जिसका हमने उनसे वादा किया है, हमें तो हर हाल में उन पर पूरा वर्चस्व है।
فإما نذهبن بك فإنا منهم منتقمون أو نرينك ٱلذي وعدنهم فإنا عليهم مقتدرون
इसलिए जो तुम्हारी ओर प्रकट किया गया है उसे दृढ़ता से थामो;
فٱستمسك بٱلذي أوحي إليك
तुम निश्चय ही सीधे पथ पर हो।
إنك على صرط مستقيم
और वह अवश्य तुम्हारे और तुम्हारी क़ौम के लिए स्मरण है;
وإنه لذكر لك ولقومك
और शीघ्र ही तुमसे प्रश्न किए जाएँगे।
وسوف تسلون
और हमारे उन संदेशवाहकों से प्रश्न करो जिन्हें हमने तुमसे पहले भेजा:
وسل من أرسلنا من قبلك من رسلنآ
क्या हमने सर्वदयालु के अतिरिक्त ऐसे देवता स्थापित किए हैं जिनकी आज्ञा का पालन किया जाए?
أجعلنا من دون ٱلرحمن ءالهة يعبدون
और हमने निश्चय ही मूसा को अपने संकेतों के साथ फ़िरऔन और उसके दरबार की ओर भेजा; उसने कहा: “मैं सभी प्राणियों के अभिभावक का संदेशवाहक हूँ।”
ولقد أرسلنا موسى بايتنآ إلى فرعون وملإيه فقال إني رسول رب ٱلعلمين
परंतु जब वह उनके पास हमारे संकेत लाया, तो देखो, वे उन पर हँस पड़े।
فلما جآءهم بايتنآ إذا هم منها يضحكون
और हम उन्हें जो भी संकेत दिखाते थे वह अपने जैसे से बड़ा होता था;
وما نريهم من ءاية إلا هي أكبر من أختها
और हमने उन्हें दंड से पकड़ा, शायद वे लौटें।
وأخذنهم بٱلعذاب لعلهم يرجعون
और उन्होंने कहा: “हे भ्रमकार, अपने अभिभावक को हमारे लिए उस संधि के आधार पर पुकारो जो उसने तुमसे की है; हम अवश्य मार्गदर्शन पाएँगे।”
وقالوا يأيه ٱلساحر ٱدع لنا ربك بما عهد عندك إننا لمهتدون
परंतु जब हमने उनका दंड हल्का कर दिया, तो देखो, वे मुकर गए।
فلما كشفنا عنهم ٱلعذاب إذا هم ينكثون
और फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को ऊँचे स्वर में बुलाया, कहते हुए: “हे मेरी क़ौम, क्या मिस्र का राजत्व मेरा नहीं है, और ये नदियाँ भी जो मेरे नीचे बहती हैं?
ونادى فرعون في قومه قال يقوم أليس لي ملك مصر وهذه ٱلأنهر تجري من تحتي
तो क्या तुम्हें स्पष्ट नहीं दिखता?
أفلا تبصرون
या फिर क्या मैं उससे बेहतर हूँ, जो तुच्छ है और जो लगभग स्पष्टता से व्यक्त भी नहीं कर पाता?
أم أنا خير من هذا ٱلذي هو مهين ولا يكاد يبين
उस पर सोने के कंगन क्यों न डाले गए, या उसके साथ अभिकर्ता जुलूस बनाकर क्यों न आए!”
فلولآ ألقي عليه أسورة من ذهب أو جآء معه ٱلملئكة مقترنين
उसने अपनी क़ौम को हल्का कर दिया, और उन्होंने उसकी बात मानी;
فٱستخف قومه فأطاعوه
क्योंकि वे अतिक्रमणकारी क़ौम थे।
إنهم كانوا قوما فسقين
और जब उन्होंने हमें कुपित कर दिया, तो हमने उनसे प्रतिशोध लिया: हमने उन सबको डुबो दिया, और उन्हें अतीत के जन तथा बाद की पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण बना दिया।
فلمآ ءاسفونا ٱنتقمنا منهم فأغرقنهم أجمعين فجعلنهم سلفا ومثلا للءاخرين
और जब मरयम के बेटे को उदाहरण के रूप में कई गुना किया गया, तो देखो, तुम्हारी क़ौम उस पर बिदक उठी;
ولما ضرب ٱبن مريم مثلا إذا قومك منه يصدون
और उन्होंने कहा: “क्या हमारे देवता बेहतर हैं, या वह?”
وقالوا ءألهتنا خير أم هو
उन्होंने तुम्हारे लिए यह उदाहरण केवल बहस की रुचि से कई गुना किया।
ما ضربوه لك إلا جدلا
वे तो एक झगड़ालू क़ौम हैं।
بل هم قوم خصمون
वह तो बस एक आज्ञाकारी है जिसे हमने उपकार से भर दिया, और जिसे हमने इसराईल की संतान के लिए एक उदाहरण बनाया;
إن هو إلا عبد أنعمنا عليه وجعلنه مثلا لبني إسرءيل
और यदि हमारी मर्ज़ी होती, तो तुम्हें अभिकर्ता बना देते जो धरती पर एक-दूसरे के बाद आते।
ولو نشآء لجعلنا منكم ملئكة في ٱلأرض يخلفون
और वह अवश्य घड़ी के लिए एक ज्ञान है; इसलिए उसके विषय में वाद-प्रतिवाद में मत पड़ो,
وإنه لعلم للساعة فلا تمترن بها
और मेरा अनुसरण करो: यही सीधा पथ है।
وٱتبعون هذا صرط مستقيم
और बहकाने वाला तुम्हें हरगिज़ न रोके;
ولا يصدنكم ٱلشيطن
क्योंकि वह तुम्हारा स्पष्ट शत्रु है।
إنه لكم عدو مبين
और जब ईसा स्पष्ट प्रमाणों के साथ आया, उसने कहा: “मैं तुम्हारे पास प्रज्ञा लाया हूँ, और इसलिए कि जिस विषय में तुम मतभेद रखते हो उसका एक भाग तुम्हारे लिए स्पष्ट कर दूँ;
ولما جآء عيسى بٱلبينت قال قد جئتكم بٱلحكمة ولأبين لكم بعض ٱلذي تختلفون فيه
इसलिए ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो,
فٱتقوا ٱلله وأطيعون
क्योंकि ईश्वर मेरा अभिभावक और तुम्हारा अभिभावक है; इसलिए उसकी आज्ञा का पालन करो:
إن ٱلله هو ربي وربكم فٱعبدوه
यही सीधा पथ है।”
هذا صرط مستقيم
फिर दलों में आपस में मतभेद हो गया;
فٱختلف ٱلأحزاب من بينهم
तो हाय उन पर जिन्होंने अन्याय किया, पीड़ादायक दिन के दंड के कारण!
فويل للذين ظلموا من عذاب يوم أليم
क्या वे केवल घड़ी की प्रतीक्षा करते हैं कि वह उन पर अचानक आ पड़े, और उन्हें आभास भी न हो?
هل ينظرون إلا ٱلساعة أن تأتيهم بغتة وهم لا يشعرون
उस दिन गहरे मित्र एक-दूसरे के शत्रु होंगे, सिवा सावधानी बरतने वालों के।
ٱلأخلآء يومئذ بعضهم لبعض عدو إلا ٱلمتقين
“हे मेरे आज्ञाकारियो, आज तुम पर कोई डर नहीं, और न तुम दुखी होगे,
يعباد لا خوف عليكم ٱليوم ولآ أنتم تحزنون
तुम जिन्होंने हमारे संकेतों पर विश्वास किया और जो ईश्वर के प्रति खरे थे: उद्यान में प्रवेश करो, तुम और तुम्हारे जोड़ीदार, आनंद से भरे हुए।”
ٱلذين ءامنوا بايتنا وكانوا مسلمين ٱدخلوا ٱلجنة أنتم وأزوجكم تحبرون
उनके बीच सोने के थाल और प्याले घुमाए जाएँगे,
يطاف عليهم بصحاف من ذهب وأكواب
और वहाँ वह सब होगा जिसकी स्व कामना करता है, और जिससे आँखों को सुख मिलता है;
وفيها ما تشتهيه ٱلأنفس وتلذ ٱلأعين
और तुम वहाँ सदा रहोगे।
وأنتم فيها خلدون
और यही वह उद्यान है जिसे तुमने विरासत में पाया है, उसके बदले जो तुम करते थे।
وتلك ٱلجنة ٱلتي أورثتموها بما كنتم تعملون
तुम्हारे लिए वहाँ प्रचुर स्वाद हैं, जिनमें से तुम खाओगे।
لكم فيها فكهة كثيرة منها تأكلون
बहिष्कृत निश्चय ही जहन्नम के दंड में सदा रहेंगे,
إن ٱلمجرمين في عذاب جهنم خلدون
वह उनके लिए मंद नहीं पड़ेगा, और वे उसमें निराशा में डूबे रहेंगे।
لا يفتر عنهم وهم فيه مبلسون
हमने उन पर अन्याय नहीं किया,
وما ظلمنهم
बल्कि वे ही अन्यायी थे।
ولكن كانوا هم ٱلظلمين
और वे ऊँचे स्वर में बुलाएँगे: “हे मालिक, तुम्हारा अभिभावक हमारा अंत कर दे!”
ونادوا يملك ليقض علينا ربك
वह कहेगा: “तुम निश्चय ही यहीं ठहरने वाले हो।”
قال إنكم مكثون
हम तुम्हारे पास निश्चय ही सत्य ले आए,
لقد جئنكم بٱلحق
परंतु तुममें से अधिकतर को सत्य से अरुचि है।
ولكن أكثركم للحق كرهون
या फिर क्या उन्होंने कोई योजना पक्की कर ली है? पक्की तो हम करते हैं।
أم أبرموا أمرا فإنا مبرمون
या फिर क्या वे समझते हैं कि हम उनका रहस्य और उनकी गुप्त मंत्रणाएँ नहीं सुनते? क्यों नहीं!
أم يحسبون أنا لا نسمع سرهم ونجوىهم بلى
और हमारे भेजे गए जन उनके पास लिखते जाते हैं।
ورسلنا لديهم يكتبون
कहो: “यदि सर्वदयालु की कोई संतान होती,
قل إن كان للرحمن ولد
तो मैं आज्ञाकारियों में सबसे पहला होता।”
فأنا أول ٱلعبدين
आकाशों और धरती के अभिभावक की महिमा हो, भवन के अभिभावक की, उससे ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!
سبحن رب ٱلسموت وٱلأرض رب ٱلعرش عما يصفون
इसलिए उन्हें छोड़ दो: वे डूबे रहें और खेलते रहें, यहाँ तक कि वे अपने उस दिन से मिलें जिसका उनसे वादा किया गया है।
فذرهم يخوضوا ويلعبوا حتى يلقوا يومهم ٱلذي يوعدون
वही है जो आकाश में देवता है, और धरती पर देवता है;
وهو ٱلذي في ٱلسمآء إله وفي ٱلأرض إله
और वही प्रज्ञावान, सर्वज्ञ है।
وهو ٱلحكيم ٱلعليم
और आशीषमय है वह जिसका आकाशों और धरती का, और जो उनके बीच है उसका राजत्व है;
وتبارك ٱلذي له ملك ٱلسموت وٱلأرض وما بينهما
और उसी के पास घड़ी का ज्ञान है;
وعنده علم ٱلساعة
और उसी की ओर तुम लौटाए जाओगे।
وإليه ترجعون
और जिन्हें वे उसके अतिरिक्त पुकारते हैं वे कोई मध्यस्थता नहीं रखते, सिवा उसके जिसने सत्य का साक्ष्य दिया, पूरी जानकारी के साथ।
ولا يملك ٱلذين يدعون من دونه ٱلشفعة إلا من شهد بٱلحق وهم يعلمون
और यदि तुम उनसे पूछो कि उन्हें किसने रचा, तो वे अवश्य कहेंगे: “ईश्वर।”
ولئن سألتهم من خلقهم ليقولن ٱلله
तो वे कैसे उलटे फेरे जा रहे हैं?
فأنى يؤفكون
और उसके कथन का भी: “हे मेरे अभिभावक, ये निश्चय ही ऐसी क़ौम हैं जो विश्वास नहीं करती।”
وقيله يرب إن هؤلآء قوم لا يؤمنون
इसलिए उनकी ओर से पृष्ठ पलट दो, और कहो: “शांति!”
فٱصفح عنهم وقل سلم
वे शीघ्र जान लेंगे।
فسوف يعلمون