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القرآن

الانبياء

Al-Anbiya

We Answered Him

अध्याय 21 · 112 पद

بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

21:1

लोगों का हिसाब निकट आ गया है, जबकि वे लापरवाही में हैं, कतराते हुए।

ٱقترب للناس حسابهم وهم في غفلة معرضون

21:2–3

उनके अभिभावक की ओर से ऐसा कोई नया स्मरण उनके पास नहीं आता जिसे वे खेलते हुए न सुनें, उनके मर्म ध्यान से हटे हुए।

ما يأتيهم من ذكر من ربهم محدث إلا ٱستمعوه وهم يلعبون لاهية قلوبهم

21:2–3

और जिन्होंने अन्याय किया था उन्होंने अपनी गुप्त मंत्रणा छिपाए रखी: “क्या यह तुम्हारे जैसा केवल एक मानव नहीं है?

وأسروا ٱلنجوى ٱلذين ظلموا هل هذآ إلا بشر مثلكم

21:2–3

तो क्या तुम भ्रम के पास जाते हो, जबकि तुम साफ़ देख रहे हो?”

أفتأتون ٱلسحر وأنتم تبصرون

21:4

कहो: “मेरा अभिभावक आकाश और धरती में कथन को जानता है,

قال ربي يعلم ٱلقول في ٱلسمآء وٱلأرض

और वही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।”

وهو ٱلسميع ٱلعليم

21:5

बल्कि उन्होंने कहा: “उलझे हुए सपनों का ढेर! बल्कि उसने इसे गढ़ा है! बल्कि वह एक लुभावना वक्ता है!

بل قالوا أضغث أحلم بل ٱفترىه بل هو شاعر

21:5

वह हमारे पास कोई संकेत ले आए, जैसे पहले वाले भेजे गए थे!”

فليأتنا باية كمآ أرسل ٱلأولون

उनसे पहले हमने जिस बस्ती को भी नष्ट किया, उसने विश्वास नहीं किया।

مآ ءامنت قبلهم من قرية أهلكنهآ

तो क्या ये विश्वास करेंगे?

أفهم يؤمنون

21:7

और हमने तुमसे पहले केवल पुरुषों को ही भेजा जिन पर हम प्रकट करते थे: इसलिए स्मरण वालों से पूछो, यदि तुम नहीं जानते।

ومآ أرسلنا قبلك إلا رجالا نوحي إليهم فسلوا أهل ٱلذكر إن كنتم لا تعلمون

21:8

हमने उन्हें ऐसे शरीर नहीं बनाया जो भोजन नहीं खाते थे,

وما جعلنهم جسدا لا يأكلون ٱلطعام

21:8

और वे शाश्वत नहीं थे।

وما كانوا خلدين

फिर हमने उनके लिए वादा निभाया: हमने उन्हें उबारा, और जिस पर हमारी मर्ज़ी थी, उसे भी, और हमने अतिवादियों को नष्ट कर दिया।

ثم صدقنهم ٱلوعد فأنجينهم ومن نشآء وأهلكنا ٱلمسرفين

21:10

हमने निश्चय ही तुम्हारी ओर एक ग्रंथ उतारा है जिसमें तुम्हारा स्मरण है।

لقد أنزلنآ إليكم كتبا فيه ذكركم

21:10

तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?

أفلا تعقلون

हमने कितनी बस्तियाँ तोड़ डालीं, जो अन्याय करती थीं, और उनके बाद हमने एक और क़ौम उत्पन्न की!

وكم قصمنا من قرية كانت ظالمة وأنشأنا بعدها قوما ءاخرين

21:12

फिर जब उन्होंने हमारी कठोरता को भाँप लिया, तो वे उससे दूर भाग खड़े हुए।

فلمآ أحسوا بأسنآ إذا هم منها يركضون

21:13

“भागो मत, और उसी में लौटो जिसमें तुम ठाठ-बाट से रहते थे, और अपने आवासों में — शायद तुमसे पूछा जाए!”

لا تركضوا وٱرجعوا إلى مآ أترفتم فيه ومسكنكم لعلكم تسلون

21:14

उन्होंने कहा: “हाय हम पर, हम निश्चय ही अन्यायी रहे हैं!”

قالوا يويلنآ إنا كنا ظلمين

21:15

यह आर्तनाद तब तक थमा नहीं, जब तक हमने उन्हें एक कटी फ़सल बना न दिया, बुझे हुए।

فما زالت تلك دعوىهم حتى جعلنهم حصيدا خمدين

21:16

हमने आकाश, धरती और जो उनके बीच है उसे खेलते हुए नहीं रचा।

وما خلقنا ٱلسمآء وٱلأرض وما بينهما لعبين

21:17

यदि हम कोई मनोरंजन अपनाना चाहते, तो उसे अपने ही पास से अपनाते,

لو أردنآ أن نتخذ لهوا لٱتخذنه من لدنآ

यदि हमें ऐसा करना ही होता।

إن كنا فعلين

21:18

बल्कि हम सत्य को असत्य पर फेंकते हैं: वह उसे कुचल देता है, और देखो, वह मिट गया।

بل نقذف بٱلحق على ٱلبطل فيدمغه فإذا هو زاهق

और हाय तुम पर उसके लिए जो तुम वर्णन करते हो!

ولكم ٱلويل مما تصفون

और उसी के हैं वे सब जो आकाशों और धरती में हैं।

وله من في ٱلسموت وٱلأرض

और जो उसके पास हैं वे घमंड से फूलकर उसकी आज्ञा का पालन करने से इनकार नहीं करते, और हाँफते नहीं।

ومن عنده لا يستكبرون عن عبادته ولا يستحسرون

वे रात-दिन उसकी महिमा गाते हैं, कभी ढीले पड़े बिना।

يسبحون ٱليل وٱلنهار لا يفترون

21:21

या क्या उन्होंने धरती से ऐसे देवता बना लिए हैं जो स्वयं फैलाव करते हैं?

أم ٱتخذوا ءالهة من ٱلأرض هم ينشرون

21:22

यदि आकाशों और धरती में ईश्वर के अतिरिक्त देवता होते, तो दोनों बिगड़ जाते।

لو كان فيهمآ ءالهة إلا ٱلله لفسدتا

21:22

इसलिए ईश्वर की महिमा हो, भवन के अभिभावक, उससे ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!

فسبحن ٱلله رب ٱلعرش عما يصفون

21:23

उससे उसके किए के विषय में पूछा नहीं जाता,

لا يسل عما يفعل

21:23

जबकि उनसे पूछा जाएगा।

وهم يسلون

या क्या उन्होंने उसके अतिरिक्त देवता बना लिए हैं?

أم ٱتخذوا من دونه ءالهة

कहो: “अपना प्रमाण लाओ!

قل هاتوا برهنكم

यह उसका स्मरण है जो मेरे साथ है, और उसका स्मरण है जो मुझसे पहले हुआ।”

هذا ذكر من معي وذكر من قبلي

पर उनमें से अधिकतर सत्य को नहीं जानते, और वे उससे कतराते हैं।

بل أكثرهم لا يعلمون ٱلحق فهم معرضون

हमने तुमसे पहले कोई संदेशवाहक नहीं भेजा जिस पर हमने यह प्रकट न किया हो: “मेरे सिवा कोई देवता नहीं, इसलिए मेरी आज्ञा का पालन करो।”

ومآ أرسلنا من قبلك من رسول إلا نوحي إليه أنه لآ إله إلآ أنا فٱعبدون

21:26

और उन्होंने कहा: “सर्वदयालु ने अपने लिए संतान बना ली है।”

وقالوا ٱتخذ ٱلرحمن ولدا

21:26

उसकी महिमा हो!

سبحنه

21:26

ये तो बल्कि सम्मानित आज्ञाकारी हैं,

بل عباد مكرمون

21:27

जो उसके कथन से आगे नहीं बढ़ते, और उसके आदेश के अनुसार कार्य करते हैं।

لا يسبقونه بٱلقول وهم بأمره يعملون

21:28

वह जानता है जो उनके सामने है और जो उनके पीछे है,

يعلم ما بين أيديهم وما خلفهم

21:28

और वे केवल उसी के लिए मध्यस्थता करते हैं जिसे वह स्वीकार करता है, जबकि वे, उसका भय रखते हुए, आशंका से भरे हैं।

ولا يشفعون إلا لمن ٱرتضى وهم من خشيته مشفقون

और उनमें से जो कोई कहे: “मैं उसके अतिरिक्त एक देवता हूँ”, उसे हम जहन्नम का प्रतिफल देंगे —

ومن يقل منهم إني إله من دونه فذلك نجزيه جهنم

इसी प्रकार हम अन्यायियों को प्रतिफल देते हैं।

كذلك نجزي ٱلظلمين

21:30

क्या जिन्होंने नकारा उन्होंने नहीं देखा कि आकाश और धरती एक ठोस पिंड थे, और हमने उन्हें पृथक कर दिया?

أولم ير ٱلذين كفروا أن ٱلسموت وٱلأرض كانتا رتقا ففتقنهما

21:30

और हमने पानी से हर जीवित वस्तु बनाई।

وجعلنا من ٱلمآء كل شىء حى

21:30

तो क्या वे विश्वास नहीं करेंगे?

أفلا يؤمنون

और हमने धरती पर दृढ़ खूँटे रखे, ताकि वह उनके साथ डगमगा न जाए,

وجعلنا في ٱلأرض روسي أن تميد بهم

और हमने उसमें गलियारे, राहें रखीं, शायद वे मार्गदर्शन पाएँ।

وجعلنا فيها فجاجا سبلا لعلهم يهتدون

21:32

और हमने आकाश को एक रक्षित छत बनाया,

وجعلنا ٱلسمآء سقفا محفوظا

जबकि वे उसके संकेतों से कतराते हैं।

وهم عن ءايتها معرضون

21:33

वही है जिसने रात और दिन, सूर्य और चंद्रमा को रचा:

وهو ٱلذي خلق ٱليل وٱلنهار وٱلشمس وٱلقمر

21:33

प्रत्येक एक कक्षा में तैरता है।

كل في فلك يسبحون

21:34

हमने तुमसे पहले किसी मानव को शाश्वतता नहीं दी।

وما جعلنا لبشر من قبلك ٱلخلد

21:34

तो यदि तुम मर जाओ, तो क्या वे ही शाश्वत होंगे?

أفإين مت فهم ٱلخلدون

21:35

हर स्व मृत्यु का स्वाद चखेगा,

كل نفس ذآئقة ٱلموت

21:35

और हम तुम्हें परखते हैं, बुराई और अच्छाई से, परीक्षा के रूप में;

ونبلوكم بٱلشر وٱلخير فتنة

21:35

और हमारी ही ओर तुम लौटाए जाओगे।

وإلينا ترجعون

और जब जिन्होंने नकारा तुम्हें देखते हैं, तो वे तुम्हें केवल मज़ाक़ का पात्र बनाते हैं:

وإذا رءاك ٱلذين كفروا إن يتخذونك إلا هزوا

“क्या यही है जो तुम्हारे देवताओं का उल्लेख करता है?” — जबकि वे स्वयं सर्वदयालु के स्मरण को नकारते हैं।

أهذا ٱلذي يذكر ءالهتكم وهم بذكر ٱلرحمن هم كفرون

21:37

मनुष्य जल्दबाज़ी से रचा गया है।

خلق ٱلإنسن من عجل

21:37

मैं तुम्हें अपने संकेत दिखाऊँगा; इसलिए उन्हें जल्दी करवाने को मुझसे न कहो।

سأوريكم ءايتي فلا تستعجلون

21:38

और वे कहते हैं: “यह वादा कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?”

ويقولون متى هذا ٱلوعد إن كنتم صدقين

काश नकारने वाले जानते, उस क्षण को जब वे आग को न अपने चेहरों से दूर रोक सकेंगे न अपनी पीठों से, और उनकी सहायता नहीं की जाएगी...

لو يعلم ٱلذين كفروا حين لا يكفون عن وجوههم ٱلنار ولا عن ظهورهم ولا هم ينصرون

बल्कि वह उन पर अचानक आ पड़ेगी और उन्हें स्तब्ध कर देगी; वे उसे पलट नहीं सकेंगे, और उन्हें कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।

بل تأتيهم بغتة فتبهتهم فلا يستطيعون ردها ولا هم ينظرون

निश्चय ही तुमसे पहले संदेशवाहकों का मज़ाक़ उड़ाया गया; तब जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे उसने उनमें से उपहास करने वालों को लपेट लिया।

ولقد ٱستهزئ برسل من قبلك فحاق بٱلذين سخروا منهم ما كانوا به يستهزءون

कहो: “रात और दिन सर्वदयालु के विरुद्ध तुम्हारी निगरानी कौन करता है?”

قل من يكلؤكم بٱليل وٱلنهار من ٱلرحمن

इतना ही नहीं, वे अपने अभिभावक के स्मरण से कतराते हैं।

بل هم عن ذكر ربهم معرضون

या क्या उनके पास ऐसे देवता हैं जो उन्हें हमसे दूर रखते हैं?

أم لهم ءالهة تمنعهم من دوننا

वे अपनी सहायता भी नहीं कर सकते, और हमारी ओर से उन्हें कोई संबल नहीं मिलता।

لا يستطيعون نصر أنفسهم ولا هم منا يصحبون

बल्कि हमने इन्हें और इनके पूर्वजों को उपभोग दिया, यहाँ तक कि उनके लिए जीवन लंबा खिंच गया।

بل متعنا هؤلآء وءابآءهم حتى طال عليهم ٱلعمر

क्या वे नहीं देखते कि हम धरती पर आते हैं, उसे उसके छोरों से घटाते हुए?

أفلا يرون أنا نأتي ٱلأرض ننقصها من أطرافهآ

तो क्या वे विजेता होंगे?

أفهم ٱلغلبون

कहो: “मैं तो तुम्हें केवल प्रकटीकरण द्वारा चेतावनी देता हूँ।”

قل إنمآ أنذركم بٱلوحي

पर बहरे पुकार नहीं सुनते जब उन्हें चेतावनी दी जाती है।

ولا يسمع ٱلصم ٱلدعآء إذا ما ينذرون

और यदि तुम्हारे अभिभावक के दंड का एक झोंका उन्हें छू जाए, तो वे अवश्य कहेंगे: “हाय हम पर, हम निश्चय ही अन्यायी रहे हैं!”

ولئن مستهم نفحة من عذاب ربك ليقولن يويلنآ إنا كنا ظلمين

21:47

और हम पेशी के दिन के लिए निष्पक्षता के तराज़ू रखेंगे; किसी स्व पर ज़रा भी अन्याय नहीं होगा,

ونضع ٱلموزين ٱلقسط ليوم ٱلقيمة فلا تظلم نفس شيا

21:47

और चाहे वह सरसों के दाने का भार हो, हम उसे ले आएँगे; और हम हिसाब रखने वाले के रूप में पर्याप्त हैं।

وإن كان مثقال حبة من خردل أتينا بها وكفى بنا حسبين

21:48–49

हमने निश्चय ही मूसा और हारून को विवेक दिया, एक उजाला और एक स्मरण, उनके लिए जो सावधानी बरतते हैं, जो अपने अभिभावक का भय रखते हैं भले ही वह उनकी इंद्रियों से परे है, और जो उस घड़ी से आशंकित हैं।

ولقد ءاتينا موسى وهرون ٱلفرقان وضيآء وذكرا للمتقين ٱلذين يخشون ربهم بٱلغيب وهم من ٱلساعة مشفقون

और यह एक आशीषित स्मरण है जिसे हमने उतारा है।

وهذا ذكر مبارك أنزلنه

तो क्या तुम इसे अमान्य ठहराते हो?

أفأنتم له منكرون

21:51

हमने निश्चय ही इब्राहीम को उसकी सुबुद्धि पहले से ही दी, और हम उसे भली-भाँति जानते थे।

ولقد ءاتينآ إبرهيم رشده من قبل وكنا به علمين

21:52

जब उसने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “ये प्रतिमाएँ क्या हैं जिनके सामने तुम डटे रहते हो?”

إذ قال لأبيه وقومه ما هذه ٱلتماثيل ٱلتي أنتم لها عكفون

21:53

उन्होंने कहा: “हमने अपने पूर्वजों को उनकी आज्ञा का पालन करते पाया।”

قالوا وجدنآ ءابآءنا لها عبدين

21:54

उसने कहा: “तुम और तुम्हारे पूर्वज निश्चय ही स्पष्ट भटकाव में थे।”

قال لقد كنتم أنتم وءابآؤكم في ضلل مبين

21:55

उन्होंने कहा: “क्या तुम हमारे पास सत्य लेकर आए हो, या खेलने वालों में से हो?”

قالوا أجئتنا بٱلحق أم أنت من ٱللعبين

उसने कहा: “तुम्हारा अभिभावक तो बल्कि आकाशों और धरती का अभिभावक है, जिसने उन्हें मूलतः रचा,

قال بل ربكم رب ٱلسموت وٱلأرض ٱلذي فطرهن

और इस पर मैं साक्षियों में से हूँ।”

وأنا على ذلكم من ٱلشهدين

21:57

और ईश्वर की शपथ, तुम्हारे पीठ फेरकर चले जाने के बाद मैं तुम्हारी मूर्तियों के विरुद्ध अवश्य कोई चाल चलूँगा।

وتٱلله لأكيدن أصنمكم بعد أن تولوا مدبرين

21:58

उसने उन्हें चूर-चूर कर दिया, सिवा एक बड़ी के जो उनकी अपनी थी, शायद वे उसकी ओर लौट आएँ।

فجعلهم جذذا إلا كبيرا لهم لعلهم إليه يرجعون

उन्होंने कहा: “हमारे देवताओं के साथ यह किसने किया? वह अवश्य अन्यायियों में से है!”

قالوا من فعل هذا بالهتنآ إنه لمن ٱلظلمين

21:60

उन्होंने कहा: “हमने एक युवक को उनका उल्लेख करते सुना; उसे इब्राहीम कहा जाता है।”

قالوا سمعنا فتى يذكرهم يقال له إبرهيم

उन्होंने कहा: “तो उसे लोगों की आँखों के सामने लाओ, शायद वे साक्ष्य दें।”

قالوا فأتوا به على أعين ٱلناس لعلهم يشهدون

21:62

उन्होंने कहा: “क्या तुमने हमारे देवताओं के साथ यह किया है, इब्राहीम?”

قالوا ءأنت فعلت هذا بالهتنا يإبرهيم

21:63

उसने कहा: “बल्कि उनमें से बड़ी ने, इसने, यह किया है; तो उनसे पूछो, यदि वे कुछ उच्चारित कर सकती हैं।”

قال بل فعله كبيرهم هذا فسلوهم إن كانوا ينطقون

21:64

तब वे अपने ही भीतर लौटे और उन्होंने कहा: “तुम ही, निश्चय ही, अन्यायी हो।”

فرجعوا إلى أنفسهم فقالوا إنكم أنتم ٱلظلمون

21:65

फिर वे अपने सिरों के बल उलट पड़े:

ثم نكسوا على رءوسهم

21:65

“तुम निश्चय ही जानते हो कि ये कुछ उच्चारित नहीं करतीं!”

لقد علمت ما هؤلآء ينطقون

उसने कहा: “तो क्या तुम ईश्वर के अतिरिक्त उसकी आज्ञा का पालन करते हो जो तुम्हें ज़रा भी लाभ नहीं देता और हानि नहीं पहुँचाता?

قال أفتعبدون من دون ٱلله ما لا ينفعكم شيا ولا يضركم

उफ़ है तुम पर, और उस पर जिसकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते हो!

أف لكم ولما تعبدون من دون ٱلله

तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?”

أفلا تعقلون

21:68

उन्होंने कहा: “उसे जला दो, और अपने देवताओं की सहायता करो, यदि तुम्हें कुछ करना है!”

قالوا حرقوه وٱنصروا ءالهتكم إن كنتم فعلين

21:69

हमने कहा: “हे आग, इब्राहीम के लिए ठंडक और शांति बन जाओ!”

قلنا ينار كوني بردا وسلما على إبرهيم

21:70

और उन्होंने उसके विरुद्ध चाल चलनी चाही, पर हमने उन्हें सबसे बढ़कर घाटा उठाने वाले बना दिया।

وأرادوا به كيدا فجعلنهم ٱلأخسرين

21:71

और हमने उसे और लूत को उस धरती की ओर उबारा जिसे हमने सभी प्राणियों के लिए आशीष दी।

ونجينه ولوطا إلى ٱلأرض ٱلتي بركنا فيها للعلمين

21:72

और हमने उसे इसहाक़ प्रदान किया,

ووهبنا له إسحق

21:72

और अतिरिक्त के रूप में याक़ूब।

ويعقوب نافلة

और सबको हमने भला बनाया।

وكلا جعلنا صلحين

और हमने उन्हें पथदर्शक बनाया जो हमारे आदेश से मार्ग दिखाते हैं,

وجعلنهم أئمة يهدون بأمرنا

और हमने उन पर प्रकट किया कि वे वह करें जो सबसे बेहतर है, संपर्क बनाए रखें और शुद्ध उदारता दें।

وأوحينآ إليهم فعل ٱلخيرت وإقام ٱلصلوة وإيتآء ٱلزكوة

और वे हमारे आज्ञाकारी थे।

وكانوا لنا عبدين

21:74

और लूत को हमने निर्णय और ज्ञान दिया,

ولوطا ءاتينه حكما وعلما

और हमने उसे उस बस्ती से उबारा जो विकृत आचरण करती थी,

ونجينه من ٱلقرية ٱلتي كانت تعمل ٱلخبئث

क्योंकि वे एक बुरी क़ौम थे, अतिक्रमणकारी।

إنهم كانوا قوم سوء فسقين

और हमने उसे अपनी दया में प्रवेश दिया,

وأدخلنه في رحمتنآ

क्योंकि वह भलों में से था।

إنه من ٱلصلحين

21:76

और नूह, जब उसने पहले पुकारा: हमने उसे उत्तर दिया, और हमने उसे और उसके परिवार को विशाल संकट से उबारा।

ونوحا إذ نادى من قبل فٱستجبنا له فنجينه وأهله من ٱلكرب ٱلعظيم

और हमने उस क़ौम के विरुद्ध उसकी सहायता की जिसने हमारे संकेतों को झुठलाया;

ونصرنه من ٱلقوم ٱلذين كذبوا بايتنآ

क्योंकि वे एक बुरी क़ौम थे, इसलिए हमने उन सबको एक साथ डुबो दिया।

إنهم كانوا قوم سوء فأغرقنهم أجمعين

21:78

और दाऊद और सुलैमान, जब वे उस जुते खेत के विषय में निर्णय करते थे, जिसमें क़ौम की भेड़ें रात में घुस आई थीं,

وداود وسليمن إذ يحكمان في ٱلحرث إذ نفشت فيه غنم ٱلقوم

21:78

और हम उनके निर्णय के साक्षी थे।

وكنا لحكمهم شهدين

21:79

उसकी समझ हमने सुलैमान को दी,

ففهمنها سليمن

21:79

और दोनों में से हर एक को हमने निर्णय और ज्ञान दिया।

وكلا ءاتينا حكما وعلما

21:79

और हमने पहाड़ों को दाऊद के साथ महिमा गाने के लिए वशीभूत किया, और पक्षियों को भी;

وسخرنا مع داود ٱلجبال يسبحن وٱلطير

और यह हम ही करने वाले थे।

وكنا فعلين

21:80

और हमने उसे तुम्हारे लिए कवच बनाना सिखाया, ताकि वह तुम्हें तुम्हारी अपनी हिंसा से आड़ दे —

وعلمنه صنعة لبوس لكم لتحصنكم من بأسكم

तो क्या तुम कृतज्ञ होगे?

فهل أنتم شكرون

21:81

और सुलैमान के लिए तेज़ हवा, जो उसके आदेश से उस धरती की ओर दौड़ती थी जिसे हमने आशीष दी,

ولسليمن ٱلريح عاصفة تجري بأمره إلى ٱلأرض ٱلتي بركنا فيها

और हम हर चीज़ को जानते थे।

وكنا بكل شىء علمين

21:82

और बहकाने वालों में से कुछ ऐसे थे जो उसके लिए गोता लगाते और इसके अलावा अन्य कार्य भी करते;

ومن ٱلشيطين من يغوصون له ويعملون عملا دون ذلك

और हम उनके रक्षक थे।

وكنا لهم حفظين

21:83

और अय्यूब, जब उसने अपने अभिभावक को पुकारा: “हानि ने मुझे छू लिया है, और आप दयालुओं में सबसे दयालु हैं!”

وأيوب إذ نادى ربه أني مسني ٱلضر وأنت أرحم ٱلرحمين

21:84

हमने उसे उत्तर दिया और उस पर जो हानि थी उससे उसे राहत दी,

فٱستجبنا له فكشفنا ما به من ضر

और हमने उसे उसका परिवार फिर से दे दिया, और उनके साथ उतने ही और, अपनी ओर से दया के कारण, और आज्ञाकारियों के लिए स्मरण के रूप में।

وءاتينه أهله ومثلهم معهم رحمة من عندنا وذكرى للعبدين

21:85

और इस्माईल, और इदरीस, और ज़ुल-किफ़्ल:

وإسمعيل وإدريس وذا ٱلكفل

हर एक धैर्य रखने वालों में से था।

كل من ٱلصبرين

और हमने उन्हें अपनी दया में प्रवेश दिया,

وأدخلنهم في رحمتنآ

क्योंकि वे भलों में से थे।

إنهم من ٱلصلحين

21:87

और ज़ुन्नून, जब वह क्रोध में चल दिया और उसने अनुमान लगाया कि हम उस पर सामर्थ्य नहीं रखेंगे: उसने अँधेरों में पुकारा: “आपके सिवा कोई देवता नहीं! आपकी महिमा हो! मैं निश्चय ही अन्यायियों में से रहा हूँ!”

وذا ٱلنون إذ ذهب مغضبا فظن أن لن نقدر عليه فنادى في ٱلظلمت أن لآ إله إلآ أنت سبحنك إني كنت من ٱلظلمين

21:88

हमने उसे उत्तर दिया और उसे व्यथा से उबारा;

فٱستجبنا له ونجينه من ٱلغم

21:88

और इसी प्रकार हम विश्वास करने वालों को उबारते हैं।

وكذلك نجي ٱلمؤمنين

21:89

और ज़करिया, जब उसने अपने अभिभावक को पुकारा: “मेरे अभिभावक, मुझे अकेला न छोड़िए, जबकि आप उत्तराधिकारियों में सबसे बेहतर हैं!”

وزكريآ إذ نادى ربه رب لا تذرني فردا وأنت خير ٱلورثين

21:90

हमने उसे उत्तर दिया, उसे यह्या प्रदान किया, और उसके लिए उसकी जोड़ीदार को भला बना दिया;

فٱستجبنا له ووهبنا له يحيى وأصلحنا له زوجه

क्योंकि वे जो सबसे बेहतर है उसकी ओर दौड़ पड़ते थे, लगन और आदर से हमें पुकारते थे, और हमारे प्रति विनीत थे।

إنهم كانوا يسرعون في ٱلخيرت ويدعوننا رغبا ورهبا وكانوا لنا خشعين

21:91

और मरयम, जिसने अपने शील की रक्षा की: हमने उसमें अपने प्रवाह में से फूँका, और उसे और उसके पुत्र को सभी प्राणियों के लिए एक संकेत बनाया।

وٱلتي أحصنت فرجها فنفخنا فيها من روحنا وجعلنها وٱبنهآ ءاية للعلمين

21:92

तुम्हारा यह समुदाय निश्चय ही एक ही समुदाय है, और मैं तुम्हारा अभिभावक हूँ: इसलिए मेरी आज्ञा का पालन करो।

إن هذه أمتكم أمة وحدة وأنا ربكم فٱعبدون

21:93

परंतु उन्होंने आपस में अपना मामला टुकड़ों में बाँट दिया:

وتقطعوا أمرهم بينهم

21:93

सब हमारी ओर लौटेंगे।

كل إلينا رجعون

जो भले कर्म करता है, विश्वास करने वाला होते हुए, उसके प्रयास को कभी नकारा नहीं जाएगा;

فمن يعمل من ٱلصلحت وهو مؤمن فلا كفران لسعيه

क्योंकि हम उसके लिए उसे लिख लेते हैं।

وإنا له كتبون

21:95

और जिस बस्ती को हमने नष्ट किया उसके लिए यह वर्जित है कि वे न लौटें —

وحرم على قرية أهلكنهآ أنهم لا يرجعون

21:96–97

जब तक याजूज और माजूज खोल न दिए जाएँ, हर ऊँचाई से उमड़ते हुए, और सच्चा वादा निकट न आ जाए; तब नकारने वालों की दृष्टियाँ जम जाती हैं: “हाय हम पर! हम इस विषय में लापरवाही में थे; बल्कि हम अन्यायी रहे हैं!”

حتى إذا فتحت يأجوج ومأجوج وهم من كل حدب ينسلون وٱقترب ٱلوعد ٱلحق فإذا هي شخصة أبصر ٱلذين كفروا يويلنا قد كنا في غفلة من هذا بل كنا ظلمين

तुम, और जिसकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते हो, निश्चय ही जहन्नम का ईंधन हो; तुम उसमें पहुँचोगे।

إنكم وما تعبدون من دون ٱلله حصب جهنم أنتم لها وردون

यदि ये देवता होते, तो ये उसमें न पहुँचते;

لو كان هؤلآء ءالهة ما وردوها

और सब उसमें सदा रहेंगे।

وكل فيها خلدون

वे उसमें घरघराएँगे, और उसमें कुछ नहीं सुनेंगे।

لهم فيها زفير وهم فيها لا يسمعون

जिन्हें हम पहले ही सबसे सुंदर हिस्सा दे चुके हैं, वे उससे निश्चय ही दूर रखे जाएँगे:

إن ٱلذين سبقت لهم منا ٱلحسنى أولئك عنها مبعدون

21:102

वे उसकी ज़रा भी सनसनाहट नहीं सुनेंगे, और जिसकी उनका स्व कामना करे उसमें सदा रहेंगे।

لا يسمعون حسيسها وهم في ما ٱشتهت أنفسهم خلدون

बड़ा आतंक उन्हें दुखी नहीं करेगा,

لا يحزنهم ٱلفزع ٱلأكبر

21:103

और अभिकर्ता उनका स्वागत करेंगे: “यह तुम्हारा दिन है, जिसका तुमसे वादा किया गया था।”

وتتلقىهم ٱلملئكة هذا يومكم ٱلذي كنتم توعدون

21:104

जिस दिन हम आकाश को तह करेंगे जैसे फ़ाइल अपने भीतर के लेखों पर बंद हो जाती है,

يوم نطوي ٱلسمآء كطى ٱلسجل للكتب

21:104

उसी प्रकार जैसे हमने पहली रचना का आरंभ किया, हम उसे दोहराएँगे —

كما بدأنآ أول خلق نعيده

21:104

यह हमारे ज़िम्मे एक वादा है:

وعدا علينآ

21:104

हम इसे करेंगे, निश्चय ही।

إنا كنا فعلين

21:105

हमने निश्चय ही स्मरण के बाद प्रपत्र में लिखा है कि धरती विरासत में मेरे भले आज्ञाकारियों की होगी।

ولقد كتبنا في ٱلزبور من بعد ٱلذكر أن ٱلأرض يرثها عبادي ٱلصلحون

21:106

अवश्य इसमें आज्ञाकारियों की एक क़ौम के लिए संप्रेषण है।

إن في هذا لبلغا لقوم عبدين

21:107

और हमने तुम्हें सभी प्राणियों के लिए दया के रूप में ही भेजा है।

ومآ أرسلنك إلا رحمة للعلمين

कहो: “मुझ पर केवल यह प्रकट किया जाता है कि तुम्हारा देवता एक ही देवता है।

قل إنما يوحى إلى أنمآ إلهكم إله وحد

21:108

तो क्या तुम उसके प्रति खरे होगे?”

فهل أنتم مسلمون

21:109

यदि वे पीठ फेर लें, तो कहो: “मैंने तुम सबको समान रूप से सूचित किया,

فإن تولوا فقل ءاذنتكم على سوآء

21:109

और मुझे कोई अंदाज़ा नहीं कि जिसका तुमसे वादा किया गया है वह निकट है या दूर।

وإن أدري أقريب أم بعيد ما توعدون

21:110

वह जानता है, निश्चय ही, जो ऊँचे स्वर में कहा जाता है, और वह जानता है जो तुम दबा रखते हो।

إنه يعلم ٱلجهر من ٱلقول ويعلم ما تكتمون

21:111

और मुझे अंदाज़ा नहीं: शायद यह तुम्हारे लिए एक परीक्षा हो, और एक समय तक उपभोग।”

وإن أدري لعله فتنة لكم ومتع إلى حين

21:112

कहो: “मेरे अभिभावक, सत्य के साथ निर्णय कीजिए;

قل رب ٱحكم بٱلحق

और हमारा अभिभावक सर्वदयालु है, जिससे उसके विरुद्ध सहायता माँगी जाती है जो तुम वर्णन करते हो।”

وربنا ٱلرحمن ٱلمستعان على ما تصفون

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