الصافات
As-Saffat
Peace upon the Envoys
بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
पंक्ति बाँधकर खड़ी होने वालियों की शपथ, प्रबलता से गरजने वालियों की शपथ, स्मरण सुनाने वालियों की शपथ: तुम्हारा देवता अवश्य एक ही है,
وٱلصفت صفا فٱلزجرت زجرا فٱلتليت ذكرا إن إلهكم لوحد
आकाशों और धरती और उनके बीच जो कुछ है, उसका अभिभावक, और उदय-स्थानों का अभिभावक।
رب ٱلسموت وٱلأرض وما بينهما ورب ٱلمشرق
हमने सबसे निकट के आकाश को नक्षत्रों के शृंगार से सजाया,
إنا زينا ٱلسمآء ٱلدنيا بزينة ٱلكواكب
और उसे हर विद्रोही बहकाने वाले से सुरक्षित रखा,
وحفظا من كل شيطن مارد
जो उच्च दरबार की ओर कान लगाकर सुन नहीं सकते, और चारों ओर से उन पर गोले बरसाए जाते हैं,
لا يسمعون إلى ٱلملإ ٱلأعلى ويقذفون من كل جانب
बलपूर्वक खदेड़े हुए;
دحورا
और उनके लिए निरंतर दंड है — सिवा उसके जो झपटकर एक टुकड़ा ले उड़ता है: तब एक दहकता हुआ, बेधता हुआ प्रक्षेप्य उसका पीछा करता है।
ولهم عذاب واصب إلا من خطف ٱلخطفة فأتبعه شهاب ثاقب
अतः उनसे परामर्श लो: क्या वे रचने में अधिक कठिन हैं, या वे जिन्हें हमने रचा?
فٱستفتهم أهم أشد خلقا أم من خلقنآ
हमने उन्हें निश्चय ही चिपकने वाली चिकनी मिट्टी से रचा।
إنا خلقنهم من طين لازب
पर तुम चकित होते हो, और वे उपहास करते हैं;
بل عجبت ويسخرون
और जब उन्हें स्मरण कराया जाता है, तो वे स्मरण नहीं करते;
وإذا ذكروا لا يذكرون
और जब वे कोई संकेत देखते हैं, तो उपहास को दुगुना कर देते हैं,
وإذا رأوا ءاية يستسخرون
और कहते हैं: “यह तो बस एक स्पष्ट भ्रम है। क्या जब हम मर जाएँगे, मिट्टी और हड्डियाँ हो जाएँगे, तो सचमुच हमें उठाया जाएगा? और हमारे पहले पूर्वजों को भी?”
وقالوا إن هذآ إلا سحر مبين أءذا متنا وكنا ترابا وعظما أءنا لمبعوثون أوءابآؤنا ٱلأولون
कहो: “हाँ, और तुम नतमस्तक होगे।”
قل نعم وأنتم دخرون
वह केवल एक ही गर्जन होगा, और देखो, वे नज़र डाल रहे हैं,
فإنما هي زجرة وحدة فإذا هم ينظرون
और वे कहेंगे: “हाय हम पर, यही चुकौती का दिन है!”
وقالوا يويلنا هذا يوم ٱلدين
“यही पृथक्करण का दिन है, जिसे तुम झुठलाते थे।”
هذا يوم ٱلفصل ٱلذي كنتم به تكذبون
“उन्हें इकट्ठा करो जो अन्यायी रहे, और उनके जोड़ीदारों को, और उसे जिसकी आज्ञा का पालन वे ईश्वर के अतिरिक्त करते थे, फिर उन्हें भट्ठी के पथ की ओर मार्ग दिखाओ,
ٱحشروا ٱلذين ظلموا وأزوجهم وما كانوا يعبدون من دون ٱلله فٱهدوهم إلى صرط ٱلجحيم
और उन्हें ठहरा लो: निश्चय ही उनसे पूछा जाएगा।”
وقفوهم إنهم مسولون
“तुम्हें क्या हुआ है कि तुम एक-दूसरे की सहायता नहीं करते?”
ما لكم لا تناصرون
नहीं, उस दिन वे अधीन हैं, समर्पण कर चुके हैं।
بل هم ٱليوم مستسلمون
और वे एक-दूसरे के सामने आते हैं, एक-दूसरे से पूछते हुए।
وأقبل بعضهم على بعض يتسآءلون
वे कहते हैं: “तुम्हीं तो हमारे पास दाहिनी ओर से आया करते थे।”
قالوا إنكم كنتم تأتوننا عن ٱليمين
वे कहते हैं: “नहीं, बल्कि तुम ही विश्वास करने वाले नहीं थे;
قالوا بل لم تكونوا مؤمنين
तुम पर हमारा कोई अधिकार नहीं था — बल्कि तुम एक क़ौम थे जो हर मर्यादा से आगे निकल जाती थी।
وما كان لنا عليكم من سلطن بل كنتم قوما طغين
हमारे अभिभावक का कथन हम पर सिद्ध हो गया: हम अवश्य चखने वाले हैं। हमने तुम्हें दिशाहीन किया — हम स्वयं दिशाहीन थे।”
فحق علينا قول ربنآ إنا لذآئقون فأغوينكم إنا كنا غوين
उस दिन वे निश्चय ही दंड में साझीदार हैं।
فإنهم يومئذ في ٱلعذاب مشتركون
इसी प्रकार हम बहिष्कृतों के साथ व्यवहार करते हैं।
إنا كذلك نفعل بٱلمجرمين
वे घमंड से फूल जाते थे जब उनसे कहा जाता: “ईश्वर के सिवा कोई देवता नहीं”, और कहते: “क्या हम सचमुच अपने देवताओं को एक विक्षिप्त लुभावने वक्ता के लिए छोड़ देंगे?”
إنهم كانوا إذا قيل لهم لآ إله إلا ٱلله يستكبرون ويقولون أئنا لتاركوا ءالهتنا لشاعر مجنون
नहीं, वह सत्य के साथ आया है, और उसने भेजे गए जनों को सच्चा ठहराया है।
بل جآء بٱلحق وصدق ٱلمرسلين
तुम अवश्य पीड़ादायक दंड चखने वाले हो,
إنكم لذآئقوا ٱلعذاب ٱلأليم
और तुम्हें केवल उसी के अनुसार प्रतिफल दिया जाएगा जो तुम करते थे — सिवा ईश्वर के निर्मल किए हुए आज्ञाकारियों के:
وما تجزون إلا ما كنتم تعملون إلا عباد ٱلله ٱلمخلصين
उन्हीं के लिए ज्ञात जीविका है, स्वाद हैं,
أولئك لهم رزق معلوم فوكه
और वे उपकार के उद्यानों में सम्मानित हैं, तख़्तों पर, एक-दूसरे के सामने होकर।
وهم مكرمون في جنت ٱلنعيم على سرر متقبلين
उनके बीच सोते के जल का एक प्याला घुमाया जाएगा, श्वेत, पीने वालों के लिए स्वादिष्ट, जिसमें न सिरदर्द है, और न वे उससे मदहोश किए जाएँगे,
يطاف عليهم بكأس من معين بيضآء لذة للشربين لا فيها غول ولا هم عنها ينزفون
और उनके पास, उनकी बगल में, संयमित पलकों वाली, सहारा देने वाली साथिनें होंगी, जैसे भली-भाँति आड़ में रखे अंडे।
وعندهم قصرت ٱلطرف عين كأنهن بيض مكنون
और वे एक-दूसरे के सामने आते हैं, एक-दूसरे से पूछते हुए।
فأقبل بعضهم على بعض يتسآءلون
उनमें से एक कहता है: “मेरा एक सहचर था जो कहता था: ‘क्या तुम सचमुच उनमें से हो जो इसे सच्चा ठहराते हैं? क्या जब हम मर जाएँगे, मिट्टी और हड्डियाँ हो जाएँगे, तो सचमुच हम देनदार होंगे?’”
قال قآئل منهم إني كان لي قرين يقول أءنك لمن ٱلمصدقين أءذا متنا وكنا ترابا وعظما أءنا لمدينون
उसने कहा: “क्या तुम नज़र डालना चाहते हो?” तब उसने नज़र डाली, और उसे भट्ठी के बीच देखा।
قال هل أنتم مطلعون فٱطلع فرءاه في سوآء ٱلجحيم
उसने कहा: “ईश्वर की शपथ, तुम अवश्य मेरे पतन का कारण बनने के निकट थे; और यदि मेरे अभिभावक का उपकार न होता, तो मैं लाए गए जनों में से होता।
قال تٱلله إن كدت لتردين ولولا نعمة ربي لكنت من ٱلمحضرين
तो क्या हम मरने वाले नहीं हैं, सिवा अपनी पहली मृत्यु के, और क्या हमें दंड नहीं दिया जाएगा?”
أفما نحن بميتين إلا موتتنا ٱلأولى وما نحن بمعذبين
यही अवश्य विशाल विजय है!
إن هذا لهو ٱلفوز ٱلعظيم
इसी के समान चीज़ के लिए कर्म करने वालों को कर्म करना चाहिए।
لمثل هذا فليعمل ٱلعملون
क्या यह बेहतर स्वागत है, या ज़क़्क़ूम का पेड़?
أذلك خير نزلا أم شجرة ٱلزقوم
हमने उसे निश्चय ही अन्यायियों के लिए एक परीक्षा बनाया है:
إنا جعلنها فتنة للظلمين
वह एक पेड़ है जो भट्ठी की जड़ में से निकलता है, जिसके पुष्प-कोश बहकाने वालों के सिरों जैसे हैं।
إنها شجرة تخرج في أصل ٱلجحيم طلعها كأنه رءوس ٱلشيطين
वे उसमें से अवश्य खाएँगे और उससे पेट भरेंगे; फिर उसके ऊपर से उन्हें अवश्य खौलते पानी का एक मिश्रण मिलेगा।
فإنهم لءاكلون منها فمالون منها ٱلبطون ثم إن لهم عليها لشوبا من حميم
फिर उनका लौटना अवश्य भट्ठी की ओर होगा।
ثم إن مرجعهم لإلى ٱلجحيم
उन्होंने निश्चय ही अपने पूर्वजों को भटके हुए पाया, और वे उनके पदचिह्नों पर दौड़ पड़े।
إنهم ألفوا ءابآءهم ضآلين فهم على ءاثرهم يهرعون
और उनसे पहले, पहले वालों में से अधिकतर निश्चय ही भटक चुके थे,
ولقد ضل قبلهم أكثر ٱلأولين
और हमने उनके पास निश्चय ही चेतावनी देने वाले भेजे थे।
ولقد أرسلنا فيهم منذرين
तो नज़र डालो कि उनका परिणाम कैसा रहा जिन्हें चेतावनी दी गई थी — सिवा ईश्वर के निर्मल किए हुए आज्ञाकारियों के।
فٱنظر كيف كان عقبة ٱلمنذرين إلا عباد ٱلله ٱلمخلصين
और नूह ने हमें निश्चय ही पुकारा,
ولقد نادىنا نوح
और हम कितने उत्तम उत्तर देने वाले हैं!
فلنعم ٱلمجيبون
और हमने उसे और उसके परिवार को विशाल संकट से उबारा,
ونجينه وأهله من ٱلكرب ٱلعظيم
और हमने उसकी संतति को शेष रहने वाली बनाया।
وجعلنا ذريته هم ٱلباقين
और हमने उस पर, बाद की पीढ़ियों में, छोड़ा:
وتركنا عليه في ٱلءاخرين
“नूह पर शांति हो, सभी प्राणियों के बीच!”
سلم على نوح في ٱلعلمين
इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को प्रतिफल देते हैं।
إنا كذلك نجزي ٱلمحسنين
वह हमारे विश्वास करने वाले आज्ञाकारियों में से था।
إنه من عبادنا ٱلمؤمنين
फिर हमने दूसरों को डुबो दिया।
ثم أغرقنا ٱلءاخرين
और इब्राहीम अवश्य उसी के पक्ष का था, जब वह अपने अभिभावक के पास एक अक्षुण्ण मर्म लेकर आया, और उसने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “तुम किसकी आज्ञा का पालन करते हो?
وإن من شيعته لإبرهيم إذ جآء ربه بقلب سليم إذ قال لأبيه وقومه ماذا تعبدون
क्या तुम एक स्वांग चाहते हो, ईश्वर के अतिरिक्त देवता?
أئفكا ءالهة دون ٱلله تريدون
तो सभी प्राणियों के अभिभावक के विषय में तुम्हारा अनुमान क्या है?”
فما ظنكم برب ٱلعلمين
उसने तारों पर एक नज़र डाली, और कहा: “मैं अस्वस्थ हूँ”; तब उन्होंने उससे पीठ फेर ली और चल दिए।
فنظر نظرة في ٱلنجوم فقال إني سقيم فتولوا عنه مدبرين
तब वह चुपके से उनके देवताओं की ओर सरक गया और उसने कहा: “क्या तुम खाते नहीं? तुम्हें क्या हुआ है कि कुछ उच्चारण नहीं करते?”
فراغ إلى ءالهتهم فقال ألا تأكلون ما لكم لا تنطقون
फिर वह उन पर पलट पड़ा, दाहिने हाथ से मारते हुए; तब वे उसके सामने आए, तेज़ क़दमों से।
فراغ عليهم ضربا بٱليمين فأقبلوا إليه يزفون
उसने कहा: “क्या तुम उसकी आज्ञा का पालन करते हो जिसे तुम तराशते हो, जबकि ईश्वर ने तुम्हें और उसे जो तुम बनाते हो रचा है?”
قال أتعبدون ما تنحتون وٱلله خلقكم وما تعملون
उन्होंने कहा: “उसके लिए एक निर्माण खड़ा करो, और उसे भट्ठी में फेंक दो!” इस प्रकार उन्होंने चाल से उसे हानि पहुँचाना चाहा, परंतु हमने उन्हें सबसे नीचा कर दिया।
قالوا ٱبنوا له بنينا فألقوه في ٱلجحيم فأرادوا به كيدا فجعلنهم ٱلأسفلين
और उसने कहा: “मैं अपने अभिभावक की ओर जा रहा हूँ, वह मुझे मार्ग दिखाएगा।
وقال إني ذاهب إلى ربي سيهدين
मेरे अभिभावक, मुझे भलों में से एक प्रदान कीजिए।”
رب هب لي من ٱلصلحين
तब हमने उसे एक सहनशील लड़के का शुभ समाचार दिया।
فبشرنه بغلم حليم
और जब वह उसके साथ काम में जुटने की आयु तक पहुँचा, तो उसने कहा: “हे मेरे नन्हे, मैं स्वप्न में देखता हूँ कि मैं तुम्हारा गला काट रहा हूँ; तो विचार करो कि तुम इस पर क्या सोचते हो।”
فلما بلغ معه ٱلسعي قال يبنى إني أرى في ٱلمنام أني أذبحك فٱنظر ماذا ترى
उसने कहा: “हे मेरे पिता, वही करो जिसका तुम्हें आदेश दिया गया है;
قال يأبت ٱفعل ما تؤمر
यदि ईश्वर की मर्ज़ी हो, तो तुम मुझे धैर्य रखने वालों में पाओगे।”
ستجدني إن شآء ٱلله من ٱلصبرين
और जब दोनों ईश्वर के प्रति खरे हो गए, और उसने उसे कनपटी के बल लिटा दिया, तब हमने उसे पुकारा: “हे इब्राहीम, तुमने स्वप्न की पुष्टि कर दी।”
فلمآ أسلما وتله للجبين وندينه أن يإبرهيم قد صدقت ٱلرءيآ
इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को प्रतिफल देते हैं।
إنا كذلك نجزي ٱلمحسنين
यही तो अवश्य वह था जो स्पष्ट रूप से परखता है।
إن هذا لهو ٱلبلؤا ٱلمبين
और हमने एक विशाल बलि के बदले उसे छुड़ा लिया।
وفدينه بذبح عظيم
और हमने उस पर, बाद की पीढ़ियों में, छोड़ा:
وتركنا عليه في ٱلءاخرين
“इब्राहीम पर शांति हो!”
سلم على إبرهيم
इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को प्रतिफल देते हैं।
كذلك نجزي ٱلمحسنين
वह हमारे विश्वास करने वाले आज्ञाकारियों में से था।
إنه من عبادنا ٱلمؤمنين
और हमने उसे इसहाक़ का शुभ समाचार दिया, जो भलों में से एक सूचनादाता है, और हमने उसे और इसहाक़ को आशीष दी।
وبشرنه بإسحق نبيا من ٱلصلحين وبركنا عليه وعلى إسحق
और उनकी संतति में कोई है जो भलाई करता है, और कोई जो स्पष्ट रूप से स्वयं पर अन्याय करने वाला है।
ومن ذريتهما محسن وظالم لنفسه مبين
और हमने निश्चय ही मूसा और हारून पर कृपा की, और उन्हें और उनकी क़ौम को विशाल संकट से उबारा;
ولقد مننا على موسى وهرون ونجينهما وقومهما من ٱلكرب ٱلعظيم
और हमने उनकी सहायता की, और वही विजेता रहे।
ونصرنهم فكانوا هم ٱلغلبين
और हमने उन्हें स्पष्ट ग्रंथ दिया,
وءاتينهما ٱلكتب ٱلمستبين
और हमने उन्हें सीधे पथ पर मार्ग दिखाया।
وهدينهما ٱلصرط ٱلمستقيم
और हमने उन दोनों पर, बाद की पीढ़ियों में, छोड़ा:
وتركنا عليهما في ٱلءاخرين
“मूसा और हारून पर शांति हो!”
سلم على موسى وهرون
इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को प्रतिफल देते हैं।
إنا كذلك نجزي ٱلمحسنين
वे दोनों हमारे विश्वास करने वाले आज्ञाकारियों में से थे।
إنهما من عبادنا ٱلمؤمنين
और इलयास अवश्य भेजे गए जनों में से था, जब उसने अपनी क़ौम से कहा: “तो क्या तुम सावधान नहीं रहते? क्या तुम बअल को पुकारते हो, और रचयिताओं में सबसे सुंदर को छोड़ देते हो?
وإن إلياس لمن ٱلمرسلين إذ قال لقومه ألا تتقون أتدعون بعلا وتذرون أحسن ٱلخلقين
ईश्वर तुम्हारा अभिभावक है और तुम्हारे पहले पूर्वजों का अभिभावक।”
ٱلله ربكم ورب ءابآئكم ٱلأولين
तो उन्होंने उसे झुठलाया; वे अवश्य लाए गए जनों में से होंगे — सिवा ईश्वर के निर्मल किए हुए आज्ञाकारियों के।
فكذبوه فإنهم لمحضرون إلا عباد ٱلله ٱلمخلصين
और हमने उस पर, बाद की पीढ़ियों में, छोड़ा:
وتركنا عليه في ٱلءاخرين
“इलयासीन पर शांति हो!”
سلم على إل ياسين
इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को प्रतिफल देते हैं।
إنا كذلك نجزي ٱلمحسنين
वह हमारे विश्वास करने वाले आज्ञाकारियों में से था।
إنه من عبادنا ٱلمؤمنين
और लूत अवश्य भेजे गए जनों में से था, जब हमने उसे और उसके परिवार को, सबको, उबारा, सिवा एक बूढ़ी स्त्री के जो पीछे रह जाने वालों में थी; फिर हमने दूसरों को ध्वस्त कर दिया।
وإن لوطا لمن ٱلمرسلين إذ نجينه وأهله أجمعين إلا عجوزا في ٱلغبرين ثم دمرنا ٱلءاخرين
और तुम अवश्य उनके पास से गुज़रते हो, सुबह, और रात में —
وإنكم لتمرون عليهم مصبحين وبٱليل
तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?
أفلا تعقلون
और यूनुस अवश्य भेजे गए जनों में से था, जब वह भरे हुए जलयान की ओर भाग निकला; उसने चिट्ठी डालने में भाग लिया, और वह अस्वीकृत जनों में रहा; मछली ने उसे निगल लिया जबकि वह दोषारोपण के योग्य था।
وإن يونس لمن ٱلمرسلين إذ أبق إلى ٱلفلك ٱلمشحون فساهم فكان من ٱلمدحضين فٱلتقمه ٱلحوت وهو مليم
यदि वह महिमा गाने वालों में से न होता, तो वह निश्चय ही उसके पेट में इतना सारा समय बिताता, उस दिन तक जब वे उठाए जाएँगे।
فلولآ أنه كان من ٱلمسبحين للبث في بطنه إلى يوم يبعثون
हमने उसे एक नंगे भूखंड पर उगल दिया, जबकि वह अस्वस्थ था,
فنبذنه بٱلعرآء وهو سقيم
और हमने उस पर रुई जैसा पौधा उगाया।
وأنبتنا عليه شجرة من يقطين
और हमने उसे एक लाख की ओर भेजा, या उससे भी अधिक की,
وأرسلنه إلى مائة ألف أو يزيدون
और उन्होंने विश्वास किया; तब हमने उन्हें एक समय तक उपभोग करने दिया।
فامنوا فمتعنهم إلى حين
अतः उनसे परामर्श लो: क्या तुम्हारे अभिभावक की बेटियाँ हैं, और उनके बेटे?
فٱستفتهم ألربك ٱلبنات ولهم ٱلبنون
या फिर क्या हमने अभिकर्ताओं को स्त्रीरूप रचा, और क्या वे उसके साक्षी थे?
أم خلقنا ٱلملئكة إنثا وهم شهدون
क्या ऐसा नहीं है: वे अवश्य अपने ही स्वांग से कहते हैं: “ईश्वर ने जन्म दिया”; और वे अवश्य झूठे हैं।
ألآ إنهم من إفكهم ليقولون ولد ٱلله وإنهم لكذبون
क्या उसने बेटों के बजाय बेटियों को चुना है?
أصطفى ٱلبنات على ٱلبنين
तुम्हें क्या हुआ है?
ما لكم
तुम कैसे निर्णय करते हो?
كيف تحكمون
तो क्या तुम स्मरण नहीं करते?
أفلا تذكرون
या फिर क्या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट अधिकार है? तो अपना लेख लाओ, यदि तुम सच्चे हो।
أم لكم سلطن مبين فأتوا بكتبكم إن كنتم صدقين
और उन्होंने उसके और प्रच्छन्नों के बीच एक वंश-संबंध रख दिया;
وجعلوا بينه وبين ٱلجنة نسبا
और प्रच्छन्न भली-भाँति जानते हैं कि वे अवश्य लाए गए जनों में से होंगे —
ولقد علمت ٱلجنة إنهم لمحضرون
ईश्वर की महिमा हो, उससे ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!
سبحن ٱلله عما يصفون
सिवा ईश्वर के निर्मल किए हुए आज्ञाकारियों के।
إلا عباد ٱلله ٱلمخلصين
न तुम, और न वह जिसकी तुम आज्ञा का पालन करते हो, किसी को उसके विरुद्ध परीक्षा में डाल सकोगे, सिवा उसके जिसका भट्ठी में जलना निश्चित है।
فإنكم وما تعبدون مآ أنتم عليه بفتنين إلا من هو صال ٱلجحيم
“हममें से कोई ऐसा नहीं जिसका एक ज्ञात स्थान न हो,
وما منآ إلا له مقام معلوم
और हम अवश्य पंक्तियों में खड़े रहने वाले हैं, और हम अवश्य महिमा गाने वाले हैं।”
وإنا لنحن ٱلصآفون وإنا لنحن ٱلمسبحون
और वे अवश्य कहा करते थे: “यदि हमारे पास पहले वालों का कोई स्मरण होता, तो हम ईश्वर के निर्मल किए हुए आज्ञाकारी होते।”
وإن كانوا ليقولون لو أن عندنا ذكرا من ٱلأولين لكنا عباد ٱلله ٱلمخلصين
पर उन्होंने उसे नकारा;
فكفروا به
वे शीघ्र जान जाएँगे।
فسوف يعلمون
और हमारे भेजे गए आज्ञाकारियों के पक्ष में हमारा बोल निश्चय ही पहले हो चुका है: वही सहायता पाए हुए हैं, और हमारी सेना ही अवश्य विजयशाली है।
ولقد سبقت كلمتنا لعبادنا ٱلمرسلين إنهم لهم ٱلمنصورون وإن جندنا لهم ٱلغلبون
अतः एक समय तक के लिए उनसे पीठ फेर लो,
فتول عنهم حتى حين
और उनका निरीक्षण करो: वे शीघ्र स्पष्ट देख लेंगे।
وأبصرهم فسوف يبصرون
तो क्या वे हमारे दंड को शीघ्र करने का प्रयास कर रहे हैं?
أفبعذابنا يستعجلون
जब वह उनके अहाते में उतरेगी, तो जिन्हें चेतावनी दी गई थी उनके लिए कैसी अशुभ सुबह होगी!
فإذا نزل بساحتهم فسآء صباح ٱلمنذرين
और एक समय तक के लिए उनसे पीठ फेर लो,
وتول عنهم حتى حين
और निरीक्षण करो: वे शीघ्र स्पष्ट देख लेंगे।
وأبصر فسوف يبصرون
तुम्हारे अभिभावक की महिमा हो, शक्ति के अभिभावक की, उससे ऊपर जो वे वर्णन करते हैं!
سبحن ربك رب ٱلعزة عما يصفون
और भेजे गए जनों पर शांति हो!
وسلم على ٱلمرسلين
और प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है!
وٱلحمد لله رب ٱلعلمين