القيامة
Al-Qiyama
The Appearance
بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
नहीं! मैं पेशी के दिन की शपथ लेता हूँ; और नहीं! मैं उस स्व की शपथ लेता हूँ जो स्वयं पर दोषारोपण करता है।
لآ أقسم بيوم ٱلقيمة ولآ أقسم بٱلنفس ٱللوامة
क्या मनुष्य सोचता है कि हम उसकी हड्डियों को कभी एकत्र नहीं करेंगे? क्यों नहीं!
أيحسب ٱلإنسن ألن نجمع عظامه بلى
हम उसकी उँगलियों के पोरों तक को संतुलित करने में सामर्थ्यवान हैं।
قدرين على أن نسوي بنانه
बल्कि मनुष्य चाहता है कि वह अपने आगे ही दुराचार में डटा रहे।
بل يريد ٱلإنسن ليفجر أمامه
वह पूछता है: “पेशी का दिन कब होगा?”
يسل أيان يوم ٱلقيمة
जब दृष्टि चमक से चौंधिया जाएगी, चंद्रमा ग्रहण में चला जाएगा, और सूर्य और चंद्रमा एकत्र कर दिए जाएँगे, तो मनुष्य उस दिन कहेगा: “कहाँ भागूँ?”
فإذا برق ٱلبصر وخسف ٱلقمر وجمع ٱلشمس وٱلقمر يقول ٱلإنسن يومئذ أين ٱلمفر
कदापि नहीं! कोई गढ़ नहीं।
كلا لا وزر
उस दिन तुम्हारे अभिभावक की ओर ही स्थिर ठिकाना होगा।
إلى ربك يومئذ ٱلمستقر
उस दिन मनुष्य को सूचित किया जाएगा कि उसने क्या आगे बढ़ाया और क्या पीछे डाला।
ينبؤا ٱلإنسن يومئذ بما قدم وأخر
बल्कि मनुष्य अपने ऊपर दृष्टिवान है, भले ही वह अपने बहाने आगे डाल दे।
بل ٱلإنسن على نفسه بصيرة ولو ألقى معاذيره
उसे जल्दी पाने के लिए अपनी जीभ मत हिलाओ;
لا تحرك به لسانك لتعجل به
क्योंकि उसे एकत्र करना और पढ़वाना हमारे ज़िम्मे है।
إن علينا جمعه وقرءانه
फिर जब हम उसे पढ़ते हैं, तो उसके पाठ का अनुसरण करो; उसके बाद उसे समझाना निश्चय ही हमारे ज़िम्मे है।
فإذا قرأنه فٱتبع قرءانه ثم إن علينا بيانه
कदापि नहीं! बल्कि वे तात्कालिक जीवन से प्रेम करते हैं, और अंतिम जीवन को त्याग देते हैं।
كلا بل تحبون ٱلعاجلة وتذرون ٱلءاخرة
उस दिन कुछ चेहरे दमकते होंगे, अपने अभिभावक की ओर नज़र डालते हुए।
وجوه يومئذ ناضرة إلى ربها ناظرة
और उस दिन कुछ चेहरे स्याह होंगे, यह अनुमान लगाते हुए कि उन पर कोई आपदा टूटने वाली है।
ووجوه يومئذ باسرة تظن أن يفعل بها فاقرة
कदापि नहीं! जब वह हँसली तक पहुँचेगी, और कहा जाएगा: “कौन ऊपर ले जाएगा?”, और वह अनुमान लगाएगा कि यह जुदाई है, और पिंडली पिंडली से लिपट जाएगी: उस दिन तुम्हारे अभिभावक की ओर ही प्रयाण होगा।
كلآ إذا بلغت ٱلتراقي وقيل من راق وظن أنه ٱلفراق وٱلتفت ٱلساق بٱلساق إلى ربك يومئذ ٱلمساق
उसने न सच्चा ठहराया, न संपर्क जोड़ा,
فلا صدق ولا صلى
बल्कि उसने झुठलाया और पीठ फेर ली,
ولكن كذب وتولى
फिर वह इठलाता हुआ अपने परिवार के पास गया।
ثم ذهب إلى أهله يتمطى
तुम्हारे और निकट, और निकट! फिर और भी तुम्हारे निकट, और निकट!
أولى لك فأولى ثم أولى لك فأولى
क्या मनुष्य सोचता है कि उसे बिना उद्देश्य के छोड़ दिया जाएगा?
أيحسب ٱلإنسن أن يترك سدى
क्या वह वीर्य की एक उँड़ेली गई बूँद नहीं था? फिर वह एक चिपकाव बन गया; तब उसने उसे रचा और आकार दिया, और उसमें से जोड़े के दो तत्त्व बनाए, नर और मादा।
ألم يك نطفة من مني يمنى ثم كان علقة فخلق فسوى فجعل منه ٱلزوجين ٱلذكر وٱلأنثى
क्या वही मृतकों को पुनः जीवन देने में सामर्थ्यवान नहीं है?
أليس ذلك بقدر على أن يحي ٱلموتى