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التين

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अध्याय 95 · 8 पद

بسم ٱلله ٱلرحمن ٱلرحيم

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

95:1–6

अंजीर और ज़ैतून की शपथ! और सिनाई पर्वत की! और इस सुरक्षित देश की! हमने मनुष्य को निश्चय ही सबसे सुंदर बनावट में रचा, फिर हमने उसे निम्नतम से भी निम्न तक वापस पहुँचा दिया, सिवा उनके जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए: उनके लिए एक पुरस्कार है जो उन्हें जताया नहीं जाएगा।

وٱلتين وٱلزيتون وطور سينين وهذا ٱلبلد ٱلأمين لقد خلقنا ٱلإنسن في أحسن تقويم ثم رددنه أسفل سفلين إلا ٱلذين ءامنوا وعملوا ٱلصلحت فلهم أجر غير ممنون

तो इसके बाद तुम्हें चुकौती को झुठलाने पर क्या विवश करता है?

فما يكذبك بعد بٱلدين

क्या ईश्वर निर्णय करने वालों में सबसे अधिक संतुलित नहीं है?

أليس ٱلله بأحكم ٱلحكمين

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