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القرآن

الشمس

Ash-Shams

He Who Purifies It

अध्याय 91 · 15 पद

91:1–10

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। सूर्य की और उसकी पूर्वाह्न की उजास की शपथ! चंद्रमा की जब वह उसके पीछे आता है! दिन की जब वह उसे उजागर करता है! रात की जब वह उसे ढक लेती है! आकाश की और उसकी जिसने उसे बनाया! धरती की और उसकी जिसने उसे फैलाया! एक स्व की, और उसकी जिसने उसे सँवारा, फिर उसके मन में उसका दुराचार और उसकी सावधानी प्रकट की! सफल हुआ निश्चय ही वह जो उसे शुद्ध करता है, और असफल हुआ निश्चय ही वह जो उसे दबा देता है।

ٮسم الله الرحمں الرحٮم والسمس وصحٮها والڡمر ادا ٮلٮها والٮهار ادا حلٮها والٮل ادا ٮعسٮها والسما وما ٮٮٮها والارص وما طحٮها وٮڡس وما سوٮها ڡالهمها ڡحورها وٮڡوٮها ڡد اڡلح مں ركٮها وڡد حاٮ مں دسٮها

91:11–14

समूद ने अपनी मर्यादाहीनता से झुठलाया, जब उनमें का सबसे अभागा उठाया गया। तब ईश्वर के संदेशवाहक ने उनसे कहा: “ईश्वर की ऊँटनी, और उसका पानी पीना!” परंतु उन्होंने उसे झुठलाया और उसका अंग-भंग कर दिया। तब उनके अभिभावक ने उनके दोष के कारण उन्हें कुचल दिया, और उन्हें समतल कर दिया।

كدٮٮ ٮمود ٮطعوٮها اد اٮٮعٮ اسڡٮها ڡڡال لهم رسول الله ٮاڡه الله وسڡٮها ڡكدٮوه ڡعڡروها ڡدمدم علٮهم رٮهم ٮدٮٮهم ڡسوٮها

91:15

तो वह उसके परिणाम से नहीं डरता।

ولا ٮحاڡ عڡٮها

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