الحج
Al-Hajj
Neither Their Flesh nor Their Blood
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
हे लोगो! अपने अभिभावक के प्रति सावधान रहो,
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ ٱتَّقُوا۟ رَبَّكُمْ
क्योंकि घड़ी का कंपन एक विशाल चीज़ है।
إِنَّ زَلْزَلَةَ ٱلسَّاعَةِ شَىْءٌ عَظِيمٌۭ
जिस दिन तुम उसे देखोगे, हर वह स्त्री जिसके ज़िम्मे बच्चे की देखभाल है, उस बच्चे की स्मृति से रहित होगी जिसकी देखभाल उसके ज़िम्मे थी, हर गर्भवती स्त्री अपना गट्ठर डाल देगी, और तुम लोगों को नशे में देखोगे जबकि वे नशे में न होंगे — पर ईश्वर का दंड कठोर है।
يَوْمَ تَرَوْنَهَا تَذْهَلُ كُلُّ مُرْضِعَةٍ عَمَّآ أَرْضَعَتْ وَتَضَعُ كُلُّ ذَاتِ حَمْلٍ حَمْلَهَا وَتَرَى ٱلنَّاسَ سُكَٰرَىٰ وَمَا هُم بِسُكَٰرَىٰ وَلَٰكِنَّ عَذَابَ ٱللَّهِ شَدِيدٌۭ
और लोगों में से कोई एक है जो बिना ज्ञान के ईश्वर के विषय में बहस करता है और हर विद्रोही बहकाने वाले का अनुसरण करता है, जिसके लिए यह लिख दिया गया है कि जो कोई उसे अपना हिमायती बनाएगा, वह उसे भटकाएगा और उसे दहकते अंगारों के दंड की ओर मार्ग दिखाएगा।
وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يُجَٰدِلُ فِى ٱللَّهِ بِغَيْرِ عِلْمٍۢ وَيَتَّبِعُ كُلَّ شَيْطَٰنٍۢ مَّرِيدٍۢ كُتِبَ عَلَيْهِ أَنَّهُۥ مَن تَوَلَّاهُ فَأَنَّهُۥ يُضِلُّهُۥ وَيَهْدِيهِ إِلَىٰ عَذَابِ ٱلسَّعِيرِ
हे लोगो! यदि तुम उठाए जाने के विषय में संदेह में हो, तो हमने निश्चय ही तुम्हें मिट्टी से रचा है, फिर एक बूँद से, फिर एक चिपकाव से, फिर एक भ्रूण से, आकारयुक्त या आकारहीन, ताकि हम तुम्हारे लिए बातें स्पष्ट करें।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِن كُنتُمْ فِى رَيْبٍۢ مِّنَ ٱلْبَعْثِ فَإِنَّا خَلَقْنَٰكُم مِّن تُرَابٍۢ ثُمَّ مِن نُّطْفَةٍۢ ثُمَّ مِنْ عَلَقَةٍۢ ثُمَّ مِن مُّضْغَةٍۢ مُّخَلَّقَةٍۢ وَغَيْرِ مُخَلَّقَةٍۢ لِّنُبَيِّنَ لَكُمْ
और हम गर्भाशयों में जो हमारी मर्ज़ी हो, उसे एक नामित अवधि तक स्थिर करते हैं,
وَنُقِرُّ فِى ٱلْأَرْحَامِ مَا نَشَآءُ إِلَىٰٓ أَجَلٍۢ مُّسَمًّۭى
फिर हम तुम्हें उनसे बच्चे के रूप में निकालते हैं, ताकि फिर तुम अपनी पूर्ण परिपक्वता तक पहुँचो।
ثُمَّ نُخْرِجُكُمْ طِفْلًۭا ثُمَّ لِتَبْلُغُوٓا۟ أَشُدَّكُمْ
और तुममें से कुछ ऐसे हैं जो निष्ठापूर्वक सँभाले जाते हैं, और तुममें से कुछ ऐसे हैं जो निम्नतम आयु तक वापस पहुँचा दिए जाते हैं, ताकि जानने के बाद कुछ भी न जानें।
وَمِنكُم مَّن يُتَوَفَّىٰ وَمِنكُم مَّن يُرَدُّ إِلَىٰٓ أَرْذَلِ ٱلْعُمُرِ لِكَيْلَا يَعْلَمَ مِنۢ بَعْدِ عِلْمٍۢ شَيْـًۭٔا
और तुम धरती को निष्प्राण देखते हो; फिर जब हम उस पर पानी उतारते हैं, वह काँपती है, फूलती है और हर शोभायमान जोड़ा उगाती है।
وَتَرَى ٱلْأَرْضَ هَامِدَةًۭ فَإِذَآ أَنزَلْنَا عَلَيْهَا ٱلْمَآءَ ٱهْتَزَّتْ وَرَبَتْ وَأَنۢبَتَتْ مِن كُلِّ زَوْجٍۭ بَهِيجٍۢ
यह इसलिए कि ईश्वर सत्य है, कि वह मृतकों को पुनः जीवन देता है, कि वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है, कि घड़ी आने वाली है — उसके विषय में कोई संदेह नहीं — और कि ईश्वर उन्हें उठाएगा जो क़ब्रों में हैं।
ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلْحَقُّ وَأَنَّهُۥ يُحْىِ ٱلْمَوْتَىٰ وَأَنَّهُۥ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرٌۭ وَأَنَّ ٱلسَّاعَةَ ءَاتِيَةٌۭ لَّا رَيْبَ فِيهَا وَأَنَّ ٱللَّهَ يَبْعَثُ مَن فِى ٱلْقُبُورِ
और लोगों में से कोई एक है जो ईश्वर के विषय में बहस करता है, बिना ज्ञान के, बिना मार्गदर्शन के, बिना उजाला देने वाले ग्रंथ के, अपना पहलू मोड़ते हुए, ईश्वर की राह से भटकाने के लिए।
وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يُجَٰدِلُ فِى ٱللَّهِ بِغَيْرِ عِلْمٍۢ وَلَا هُدًۭى وَلَا كِتَٰبٍۢ مُّنِيرٍۢ ثَانِىَ عِطْفِهِۦ لِيُضِلَّ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ
उसके लिए इहलोक में एक लज्जा है,
لَهُۥ فِى ٱلدُّنْيَا خِزْىٌۭ
और हम उसे पेशी के दिन दाह के दंड का स्वाद चखाएँगे।
وَنُذِيقُهُۥ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ عَذَابَ ٱلْحَرِيقِ
यह उसके कारण है जो तुम्हारे हाथों ने आगे बढ़ाया; और ईश्वर बाध्य आज्ञाकारियों पर ज़रा भी अन्याय नहीं करता।
ذَٰلِكَ بِمَا قَدَّمَتْ يَدَاكَ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَيْسَ بِظَلَّٰمٍۢ لِّلْعَبِيدِ
और लोगों में से कोई एक है जो ईश्वर की आज्ञा का पालन तोड़-मरोड़ कर करता है: यदि उसे कोई अच्छाई पहुँचती है तो उसमें उसे चैन मिलता है, पर यदि कोई परीक्षा पहुँचती है तो वह पलट जाता है — इहलोक और अंतिम जीवन को खोते हुए।
وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يَعْبُدُ ٱللَّهَ عَلَىٰ حَرْفٍۢ فَإِنْ أَصَابَهُۥ خَيْرٌ ٱطْمَأَنَّ بِهِۦ وَإِنْ أَصَابَتْهُ فِتْنَةٌ ٱنقَلَبَ عَلَىٰ وَجْهِهِۦ خَسِرَ ٱلدُّنْيَا وَٱلْءَاخِرَةَ
यही स्पष्ट घाटा है।
ذَٰلِكَ هُوَ ٱلْخُسْرَانُ ٱلْمُبِينُ
वह ईश्वर के अतिरिक्त उसे पुकारता है जो न उसे हानि पहुँचाता है न लाभ।
يَدْعُوا۟ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُۥ وَمَا لَا يَنفَعُهُۥ
यही दूर का भटकाव है — वह पुकारता है
ذَٰلِكَ هُوَ ٱلضَّلَٰلُ ٱلْبَعِيدُ يَدْعُوا۟
उसका जिसकी हानि लाभ से अधिक निकट है। कितना निकृष्ट ज़ामिन, और कितना निकृष्ट साथी!
لَمَن ضَرُّهُۥٓ أَقْرَبُ مِن نَّفْعِهِۦ لَبِئْسَ ٱلْمَوْلَىٰ وَلَبِئْسَ ٱلْعَشِيرُ
निश्चय ही, ईश्वर उन्हें जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए ऐसे उद्यानों में प्रवेश देता है जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं,
إِنَّ ٱللَّهَ يُدْخِلُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ جَنَّٰتٍۢ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَٰرُ
क्योंकि ईश्वर वही करता है जो वह चाहता है।
إِنَّ ٱللَّهَ يَفْعَلُ مَا يُرِيدُ
जो कोई यह अनुमान लगाता है कि ईश्वर इहलोक और अंतिम जीवन में कभी उसकी सहायता नहीं करेगा, वह आकाश की ओर एक कड़ी तान ले, फिर उससे अलग हो जाए, फिर प्रतीक्षा करे और नज़र डाले कि क्या उसकी चाल उसे झुँझलाने वाली चीज़ को दूर ले जाती है।
مَن كَانَ يَظُنُّ أَن لَّن يَنصُرَهُ ٱللَّهُ فِى ٱلدُّنْيَا وَٱلْءَاخِرَةِ فَلْيَمْدُدْ بِسَبَبٍ إِلَى ٱلسَّمَآءِ ثُمَّ لْيَقْطَعْ فَلْيَنظُرْ هَلْ يُذْهِبَنَّ كَيْدُهُۥ مَا يَغِيظُ
इस प्रकार हमने इसे स्पष्ट संकेतों में उतारा,
وَكَذَٰلِكَ أَنزَلْنَٰهُ ءَايَٰتٍۭ بَيِّنَٰتٍۢ
और इस कारण कि ईश्वर जिसे चाहता है मार्ग दिखाता है।
وَأَنَّ ٱللَّهَ يَهْدِى مَن يُرِيدُ
जिन्होंने विश्वास किया, पुनरुन्मुख, आकांक्षी, सहायक, मजूसी, और जो ईश्वर के साथ साझी ठहराते हैं — ईश्वर निश्चय ही पेशी के दिन उनके बीच अलगाव करेगा;
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَٱلَّذِينَ هَادُوا۟ وَٱلصَّٰبِـِٔينَ وَٱلنَّصَٰرَىٰ وَٱلْمَجُوسَ وَٱلَّذِينَ أَشْرَكُوٓا۟ إِنَّ ٱللَّهَ يَفْصِلُ بَيْنَهُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ
क्योंकि ईश्वर हर चीज़ का साक्षी है।
إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ شَهِيدٌ
क्या तुमने नहीं देखा कि ईश्वर के सामने माथा टेकते हैं वे सब जो आकाशों और धरती में हैं, सूर्य, चंद्रमा, तारे, पहाड़, वृक्ष, चलने-फिरने वाले, और बहुत-से लोग?
أَلَمْ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ يَسْجُدُ لَهُۥ مَن فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَن فِى ٱلْأَرْضِ وَٱلشَّمْسُ وَٱلْقَمَرُ وَٱلنُّجُومُ وَٱلْجِبَالُ وَٱلشَّجَرُ وَٱلدَّوَآبُّ وَكَثِيرٌۭ مِّنَ ٱلنَّاسِ
और बहुतों पर दंड सिद्ध हो चुका है।
وَكَثِيرٌ حَقَّ عَلَيْهِ ٱلْعَذَابُ
और जिसे ईश्वर नीचा करता है, उसका सम्मान करने वाला कोई नहीं,
وَمَن يُهِنِ ٱللَّهُ فَمَا لَهُۥ مِن مُّكْرِمٍ
क्योंकि ईश्वर वही करता है जो उसकी मर्ज़ी हो।
إِنَّ ٱللَّهَ يَفْعَلُ مَا يَشَآءُ
ये दो विरोधी पक्ष हैं, जिन्होंने अपने अभिभावक के विषय में झगड़ा किया।
هَٰذَانِ خَصْمَانِ ٱخْتَصَمُوا۟ فِى رَبِّهِمْ
जिन्होंने नकारा, उनके लिए आग के वस्त्र काटे जाएँगे; उनके सिरों पर खौलता पानी उँडेला जाएगा, जो उनके पेटों में जो है उसे और उनकी त्वचाओं को गला देगा।
فَٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ قُطِّعَتْ لَهُمْ ثِيَابٌۭ مِّن نَّارٍۢ يُصَبُّ مِن فَوْقِ رُءُوسِهِمُ ٱلْحَمِيمُ يُصْهَرُ بِهِۦ مَا فِى بُطُونِهِمْ وَٱلْجُلُودُ
और उनके लिए लोहे के हथौड़े।
وَلَهُم مَّقَٰمِعُ مِنْ حَدِيدٍۢ
जब भी वे व्यथा से दबे हुए उससे निकलना चाहेंगे, वे उसमें वापस डाल दिए जाएँगे:
كُلَّمَآ أَرَادُوٓا۟ أَن يَخْرُجُوا۟ مِنْهَا مِنْ غَمٍّ أُعِيدُوا۟ فِيهَا
“दाह के दंड का स्वाद चखो!”
وَذُوقُوا۟ عَذَابَ ٱلْحَرِيقِ
निश्चय ही, ईश्वर उन्हें जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए ऐसे उद्यानों में प्रवेश देता है जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं; वहाँ वे सोने और मोतियों के कंगनों से सजाए जाएँगे,
إِنَّ ٱللَّهَ يُدْخِلُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ جَنَّٰتٍۢ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَٰرُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٍۢ وَلُؤْلُؤًۭا
और वहाँ उनका वस्त्र रेशम का होगा।
وَلِبَاسُهُمْ فِيهَا حَرِيرٌۭ
और उन्हें कथन में जो अच्छा है उसकी ओर मार्ग दिखाया गया होगा,
وَهُدُوٓا۟ إِلَى ٱلطَّيِّبِ مِنَ ٱلْقَوْلِ
और उन्हें प्रशंसनीय के पथ की ओर मार्ग दिखाया गया होगा।
وَهُدُوٓا۟ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلْحَمِيدِ
निश्चय ही, जो नकारते हैं और ईश्वर की राह को तथा उस माथा टेकने के अलंघनीय स्थान को रोकते हैं जिसे हमने लोगों के लिए रखा, सब बराबर, चाहे ठहरे हुए हों या गुज़रते हुए —
إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَيَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَٱلْمَسْجِدِ ٱلْحَرَامِ ٱلَّذِى جَعَلْنَٰهُ لِلنَّاسِ سَوَآءً ٱلْعَٰكِفُ فِيهِ وَٱلْبَادِ
और जो कोई वहाँ अन्यायपूर्ण कुटिलता करना चाहे, हम उसे पीड़ादायक दंड का स्वाद चखाएँगे।
وَمَن يُرِدْ فِيهِ بِإِلْحَادٍۭ بِظُلْمٍۢ نُّذِقْهُ مِنْ عَذَابٍ أَلِيمٍۢ
और जब हमने इब्राहीम के लिए घर का स्थान स्थापित किया: “मेरे साथ कोई साझी मत ठहराओ,
وَإِذْ بَوَّأْنَا لِإِبْرَٰهِيمَ مَكَانَ ٱلْبَيْتِ أَن لَّا تُشْرِكْ بِى شَيْـًۭٔا
और मेरे घर को आने-जाने वालों, बनाए रखने वालों, और सेवा में घुटने टेकने वालों तथा निष्ठा में माथा टेकने वालों के लिए स्वच्छ करो।”
وَطَهِّرْ بَيْتِىَ لِلطَّآئِفِينَ وَٱلْقَآئِمِينَ وَٱلرُّكَّعِ ٱلسُّجُودِ
और लोगों में हज की सार्वजनिक घोषणा करो: वे पैदल तुम्हारे पास आएँगे, और हर दुबली सवारी पर, हर गहरे और दूर के रास्ते से आकर, ताकि वे अपने लिए लाभों के साक्षी बनें, और ज्ञात दिनों में, रेवड़ के उन पशुओं पर जिनकी जीविका उसने उन्हें दी है, ईश्वर का नाम स्मरण करें।
وَأَذِّن فِى ٱلنَّاسِ بِٱلْحَجِّ يَأْتُوكَ رِجَالًۭا وَعَلَىٰ كُلِّ ضَامِرٍۢ يَأْتِينَ مِن كُلِّ فَجٍّ عَمِيقٍۢ لِّيَشْهَدُوا۟ مَنَٰفِعَ لَهُمْ وَيَذْكُرُوا۟ ٱسْمَ ٱللَّهِ فِىٓ أَيَّامٍۢ مَّعْلُومَٰتٍ عَلَىٰ مَا رَزَقَهُم مِّنۢ بَهِيمَةِ ٱلْأَنْعَٰمِ
तो उनमें से खाओ, और अभावग्रस्त, निर्धन को खिलाओ।
فَكُلُوا۟ مِنْهَا وَأَطْعِمُوا۟ ٱلْبَآئِسَ ٱلْفَقِيرَ
फिर वे अपनी अस्त-व्यस्त दशा समाप्त करें, अपनी मन्नतें निभाएँ, और स्वाधीन घर में आते-जाते रहें।
ثُمَّ لْيَقْضُوا۟ تَفَثَهُمْ وَلْيُوفُوا۟ نُذُورَهُمْ وَلْيَطَّوَّفُوا۟ بِٱلْبَيْتِ ٱلْعَتِيقِ
यही बात है।
ذَٰلِكَ
और जो कोई ईश्वर की अलंघनीय चीज़ों को गरिमा देता है, वह उसके लिए अपने अभिभावक के पास बेहतर है।
وَمَن يُعَظِّمْ حُرُمَٰتِ ٱللَّهِ فَهُوَ خَيْرٌۭ لَّهُۥ عِندَ رَبِّهِۦ
और तुम्हारे लिए पशुधन वैध किया गया है, सिवा उसके जो तुम्हें सुनाया जाता है:
وَأُحِلَّتْ لَكُمُ ٱلْأَنْعَٰمُ إِلَّا مَا يُتْلَىٰ عَلَيْكُمْ
इसलिए छद्म आकृतियों की गंदगी से बचो, और जालसाज़ी के कथन से बचो, पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़े हुए, उसके साथ कुछ साझी ठहराए बिना।
فَٱجْتَنِبُوا۟ ٱلرِّجْسَ مِنَ ٱلْأَوْثَٰنِ وَٱجْتَنِبُوا۟ قَوْلَ ٱلزُّورِ حُنَفَآءَ لِلَّهِ غَيْرَ مُشْرِكِينَ بِهِۦ
और जो कोई ईश्वर के साथ साझी ठहराता है, मानो वह आकाश से गिर पड़ा: पक्षी उसे उचक ले जाते हैं, या हवा उसे किसी दूर स्थान पर गर्त में गिरा देती है।
وَمَن يُشْرِكْ بِٱللَّهِ فَكَأَنَّمَا خَرَّ مِنَ ٱلسَّمَآءِ فَتَخْطَفُهُ ٱلطَّيْرُ أَوْ تَهْوِى بِهِ ٱلرِّيحُ فِى مَكَانٍۢ سَحِيقٍۢ
यही बात है।
ذَٰلِكَ
और जो कोई ईश्वर के प्रत्यक्ष चिह्नों को गरिमा देता है, वह निश्चय ही मर्मों की सावधानी में आता है।
وَمَن يُعَظِّمْ شَعَٰٓئِرَ ٱللَّهِ فَإِنَّهَا مِن تَقْوَى ٱلْقُلُوبِ
उनमें तुम्हारे लिए एक नामित अवधि तक लाभ हैं; फिर उनके छुटकारे का स्थान स्वाधीन घर के पास है।
لَكُمْ فِيهَا مَنَٰفِعُ إِلَىٰٓ أَجَلٍۢ مُّسَمًّۭى ثُمَّ مَحِلُّهَآ إِلَى ٱلْبَيْتِ ٱلْعَتِيقِ
और हर समुदाय के लिए हमने एक हितकारी आचरण निर्धारित किया, ताकि वे रेवड़ के उन पशुओं पर, जिनकी जीविका उसने उन्हें दी है, ईश्वर का नाम स्मरण करें।
وَلِكُلِّ أُمَّةٍۢ جَعَلْنَا مَنسَكًۭا لِّيَذْكُرُوا۟ ٱسْمَ ٱللَّهِ عَلَىٰ مَا رَزَقَهُم مِّنۢ بَهِيمَةِ ٱلْأَنْعَٰمِ
तुम्हारा देवता एक ही देवता है।
فَإِلَٰهُكُمْ إِلَٰهٌۭ وَٰحِدٌۭ
तो उसी के प्रति खरे बनो।
فَلَهُۥٓ أَسْلِمُوا۟
और झुकने वालों को शुभ समाचार दो — जिनके मर्म काँपते हैं जब ईश्वर का स्मरण किया जाता है, जो धैर्य रखते हैं उस पर जो उन पर आता है, जो संपर्क बनाए रखने वाले हैं, और जो उसमें से ख़र्च करते हैं जिसकी जीविका हमने उन्हें दी है।
وَبَشِّرِ ٱلْمُخْبِتِينَ ٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِرَ ٱللَّهُ وَجِلَتْ قُلُوبُهُمْ وَٱلصَّٰبِرِينَ عَلَىٰ مَآ أَصَابَهُمْ وَٱلْمُقِيمِى ٱلصَّلَوٰةِ وَمِمَّا رَزَقْنَٰهُمْ يُنفِقُونَ
और भेंट के पशु, उन्हें हमने तुम्हारे लिए ईश्वर के प्रत्यक्ष चिह्नों में से एक बनाया है; तुम्हें उनमें अच्छाई मिलती है।
وَٱلْبُدْنَ جَعَلْنَٰهَا لَكُم مِّن شَعَٰٓئِرِ ٱللَّهِ لَكُمْ فِيهَا خَيْرٌۭ
इसलिए उन पर ईश्वर का नाम स्मरण करो, जब वे पंक्तिबद्ध हों;
فَٱذْكُرُوا۟ ٱسْمَ ٱللَّهِ عَلَيْهَا صَوَآفَّ
फिर जब उनके पहलू धरती पर ढह जाएँ, तो उनमें से खाओ और संतुष्ट रहने वाले को जो माँगता नहीं, और उसे जो सामने आता है, खिलाओ।
فَإِذَا وَجَبَتْ جُنُوبُهَا فَكُلُوا۟ مِنْهَا وَأَطْعِمُوا۟ ٱلْقَانِعَ وَٱلْمُعْتَرَّ
इसी प्रकार हमने उन्हें तुम्हारे वश में किया है, शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
كَذَٰلِكَ سَخَّرْنَٰهَا لَكُمْ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
न उनका मांस और न उनका रक्त ईश्वर को मिलता है, बल्कि तुम्हारी ओर से सावधानी उसे मिलती है।
لَن يَنَالَ ٱللَّهَ لُحُومُهَا وَلَا دِمَآؤُهَا وَلَٰكِن يَنَالُهُ ٱلتَّقْوَىٰ مِنكُمْ
इसी प्रकार उसने उन्हें तुम्हारे वश में किया है, ताकि तुम ईश्वर की बड़ाई घोषित करो कि उसने तुम्हें मार्ग दिखाया।
كَذَٰلِكَ سَخَّرَهَا لَكُمْ لِتُكَبِّرُوا۟ ٱللَّهَ عَلَىٰ مَا هَدَىٰكُمْ
और भलाई करने वालों को शुभ समाचार दो,
وَبَشِّرِ ٱلْمُحْسِنِينَ
क्योंकि ईश्वर उनसे दूर हटाता है जिन्होंने विश्वास किया।
إِنَّ ٱللَّهَ يُدَٰفِعُ عَنِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟
ईश्वर किसी बड़े विश्वासघाती, बड़े नकारने वाले से प्रेम नहीं करता।
إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ كُلَّ خَوَّانٍۢ كَفُورٍ
उन्हें अनुमति दी गई है जिनसे लड़ा जाता है, इस कारण कि उन पर अन्याय किया गया —
أُذِنَ لِلَّذِينَ يُقَٰتَلُونَ بِأَنَّهُمْ ظُلِمُوا۟
और ईश्वर अवश्य उनकी सहायता करने का सामर्थ्य रखता है —
وَإِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ نَصْرِهِمْ لَقَدِيرٌ
वे जो अपने ठिकानों से बिना हक़ के निकाले गए, केवल इस कारण कि वे कहते थे: “हमारा अभिभावक ईश्वर है।”
ٱلَّذِينَ أُخْرِجُوا۟ مِن دِيَٰرِهِم بِغَيْرِ حَقٍّ إِلَّآ أَن يَقُولُوا۟ رَبُّنَا ٱللَّهُ
और यदि ईश्वर लोगों को एक-दूसरे के द्वारा न हटाता, तो एकांत-कुटियाँ, सिनेगॉग, संपर्क के स्थान और माथा टेकने के स्थान ढहा दिए जाते जहाँ ईश्वर का नाम बहुत स्मरण किया जाता है।
وَلَوْلَا دَفْعُ ٱللَّهِ ٱلنَّاسَ بَعْضَهُم بِبَعْضٍۢ لَّهُدِّمَتْ صَوَٰمِعُ وَبِيَعٌۭ وَصَلَوَٰتٌۭ وَمَسَٰجِدُ يُذْكَرُ فِيهَا ٱسْمُ ٱللَّهِ كَثِيرًۭا
और ईश्वर अवश्य उसकी सहायता करेगा जो उसकी सहायता करता है —
وَلَيَنصُرَنَّ ٱللَّهُ مَن يَنصُرُهُۥٓ
ईश्वर अवश्य बलवान, सर्वशक्तिमान है —
إِنَّ ٱللَّهَ لَقَوِىٌّ عَزِيزٌ
वे जो, यदि हम उन्हें धरती पर स्थापित करें, संपर्क बनाए रखते हैं, शुद्ध उदारता देते हैं, जो मान्य है उसका आदेश देते हैं और जो अमान्य है उसका निषेध करते हैं।
ٱلَّذِينَ إِن مَّكَّنَّٰهُمْ فِى ٱلْأَرْضِ أَقَامُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتَوُا۟ ٱلزَّكَوٰةَ وَأَمَرُوا۟ بِٱلْمَعْرُوفِ وَنَهَوْا۟ عَنِ ٱلْمُنكَرِ
और ईश्वर के पास ही मामलों का परिणाम है।
وَلِلَّهِ عَٰقِبَةُ ٱلْأُمُورِ
और यदि वे तुम्हें झुठलाएँ, तो उनसे पहले नूह की क़ौम, आद, समूद, इब्राहीम की क़ौम, लूत की क़ौम और मदयन वाले झुठला चुके हैं —
وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كَذَّبَتْ قَبْلَهُمْ قَوْمُ نُوحٍۢ وَعَادٌۭ وَثَمُودُ وَقَوْمُ إِبْرَٰهِيمَ وَقَوْمُ لُوطٍۢ وَأَصْحَٰبُ مَدْيَنَ
और मूसा को भी झुठलाया गया।
وَكُذِّبَ مُوسَىٰ
तब मैंने नकारने वालों को ढील दी, फिर मैंने उन्हें पकड़ लिया:
فَأَمْلَيْتُ لِلْكَٰفِرِينَ ثُمَّ أَخَذْتُهُمْ
और कैसा था मेरा अमान्य ठहराना!
فَكَيْفَ كَانَ نَكِيرِ
मैंने कितनी ही बस्तियों को नष्ट कर दिया जबकि वे अन्याय कर रही थीं: अब वे अपने भवनों के बावजूद ख़ाली पड़ी हैं, और एक ऐसा जलस्रोत है जिससे कोई पानी नहीं निकालता, और एक ऊँचा महल है!
فَكَأَيِّن مِّن قَرْيَةٍ أَهْلَكْنَٰهَا وَهِىَ ظَالِمَةٌۭ فَهِىَ خَاوِيَةٌ عَلَىٰ عُرُوشِهَا وَبِئْرٍۢ مُّعَطَّلَةٍۢ وَقَصْرٍۢ مَّشِيدٍ
क्या वे धरती पर घूमे नहीं, कि उनके ऐसे मर्म होते जिनसे वे बुद्धि से काम ले सकें, या ऐसे कान जिनसे वे सुन सकें?
أَفَلَمْ يَسِيرُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ فَتَكُونَ لَهُمْ قُلُوبٌۭ يَعْقِلُونَ بِهَآ أَوْ ءَاذَانٌۭ يَسْمَعُونَ بِهَا
क्योंकि दृष्टियाँ अंधी नहीं होतीं, बल्कि वे मर्म अंधे हो जाते हैं जो सीनों में हैं।
فَإِنَّهَا لَا تَعْمَى ٱلْأَبْصَٰرُ وَلَٰكِن تَعْمَى ٱلْقُلُوبُ ٱلَّتِى فِى ٱلصُّدُورِ
और वे तुमसे माँग करते हैं कि दंड को शीघ्र लाया जाए,
وَيَسْتَعْجِلُونَكَ بِٱلْعَذَابِ
जबकि ईश्वर अपना वादा कभी नहीं तोड़ेगा,
وَلَن يُخْلِفَ ٱللَّهُ وَعْدَهُۥ
क्योंकि तुम्हारे अभिभावक के पास एक दिन उन हज़ार वर्षों के बराबर है जिन्हें वे गिनते हैं।
وَإِنَّ يَوْمًا عِندَ رَبِّكَ كَأَلْفِ سَنَةٍۢ مِّمَّا تَعُدُّونَ
मैंने कितनी ही बस्तियों को ढील दी जबकि वे अन्याय कर रही थीं, उन्हें पकड़ने से पहले —
وَكَأَيِّن مِّن قَرْيَةٍ أَمْلَيْتُ لَهَا وَهِىَ ظَالِمَةٌۭ ثُمَّ أَخَذْتُهَا
और मेरी ओर ही गंतव्य है।
وَإِلَىَّ ٱلْمَصِيرُ
कहो: “हे लोगो, मैं तुम्हारे लिए केवल एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला ही हूँ।”
قُلْ يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِنَّمَآ أَنَا۠ لَكُمْ نَذِيرٌۭ مُّبِينٌۭ
जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, उन्हें क्षमा और उदार जीविका मिलेगी।
فَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ لَهُم مَّغْفِرَةٌۭ وَرِزْقٌۭ كَرِيمٌۭ
और जिन्होंने हमें विफल करने का प्रयास करते हुए हमारे संकेतों के विरुद्ध प्रयत्न किया, वही भट्ठी वाले हैं।
وَٱلَّذِينَ سَعَوْا۟ فِىٓ ءَايَٰتِنَا مُعَٰجِزِينَ أُو۟لَٰٓئِكَ أَصْحَٰبُ ٱلْجَحِيمِ
और हमने तुमसे पहले न कोई संदेशवाहक भेजा और न कोई सूचनादाता, बिना इसके कि जब उसने कोई इच्छा व्यक्त की तो बहकाने वाले ने उसमें कुछ डाल दिया। तब ईश्वर बहकाने वाले के डाले हुए की प्रतिलिपि बनाता है, फिर वह अपने संकेतों को अनाक्रमणीय बना देता है — ईश्वर सर्वज्ञ, प्रज्ञावान है — ताकि बहकाने वाले के डाले हुए को उनके लिए परीक्षा बना दे जिनके मर्म रोगी हैं और जिनके मर्म कठोर हैं।
وَمَآ أَرْسَلْنَا مِن قَبْلِكَ مِن رَّسُولٍۢ وَلَا نَبِىٍّ إِلَّآ إِذَا تَمَنَّىٰٓ أَلْقَى ٱلشَّيْطَٰنُ فِىٓ أُمْنِيَّتِهِۦ فَيَنسَخُ ٱللَّهُ مَا يُلْقِى ٱلشَّيْطَٰنُ ثُمَّ يُحْكِمُ ٱللَّهُ ءَايَٰتِهِۦ وَٱللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌۭ لِّيَجْعَلَ مَا يُلْقِى ٱلشَّيْطَٰنُ فِتْنَةًۭ لِّلَّذِينَ فِى قُلُوبِهِم مَّرَضٌۭ وَٱلْقَاسِيَةِ قُلُوبُهُمْ
और अवश्य, अन्यायी दूर की टूटन में हैं।
وَإِنَّ ٱلظَّٰلِمِينَ لَفِى شِقَاقٍۭ بَعِيدٍۢ
और ताकि जिन्हें ज्ञान दिया गया है वे जान लें कि यह तुम्हारे अभिभावक की ओर से आया सत्य है, वे उस पर विश्वास करें, और उनके मर्म उसके सामने झुक जाएँ।
وَلِيَعْلَمَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْعِلْمَ أَنَّهُ ٱلْحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَيُؤْمِنُوا۟ بِهِۦ فَتُخْبِتَ لَهُۥ قُلُوبُهُمْ
और अवश्य, ईश्वर जिन्होंने विश्वास किया है उन्हें सीधे पथ की ओर मार्ग दिखाता है।
وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهَادِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ إِلَىٰ صِرَٰطٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ
और जो नकारते हैं वे उसके विषय में वाद-प्रतिवाद में पड़े रहेंगे, जब तक कि वह घड़ी उन पर अचानक न आ जाए, या उन पर बंजर दिन का दंड न आ जाए।
وَلَا يَزَالُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ فِى مِرْيَةٍۢ مِّنْهُ حَتَّىٰ تَأْتِيَهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغْتَةً أَوْ يَأْتِيَهُمْ عَذَابُ يَوْمٍ عَقِيمٍ
उस दिन राजत्व ईश्वर का है।
ٱلْمُلْكُ يَوْمَئِذٍۢ لِّلَّهِ
वह उनके बीच निर्णय करेगा।
يَحْكُمُ بَيْنَهُمْ
जिन्होंने विश्वास किया होगा और भले कर्म किए होंगे, वे उपकार के उद्यानों में होंगे।
فَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فِى جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ
और जिन्होंने नकारा होगा और हमारे संकेतों को झुठलाया होगा, उन्हीं के लिए अपमानजनक दंड होगा।
وَٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَكَذَّبُوا۟ بِـَٔايَٰتِنَا فَأُو۟لَٰٓئِكَ لَهُمْ عَذَابٌۭ مُّهِينٌۭ
और जिन्होंने ईश्वर की राह में प्रवास किया, फिर जो मार दिए गए या मर गए, ईश्वर उन्हें अवश्य सुंदर जीविका देगा।
وَٱلَّذِينَ هَاجَرُوا۟ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ ثُمَّ قُتِلُوٓا۟ أَوْ مَاتُوا۟ لَيَرْزُقَنَّهُمُ ٱللَّهُ رِزْقًا حَسَنًۭا
और ईश्वर अवश्य जीविका देने वालों में सबसे बेहतर है।
وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهُوَ خَيْرُ ٱلرَّٰزِقِينَ
वह उन्हें अवश्य एक ऐसे प्रवेश में प्रवेश कराएगा जिससे वे संतुष्ट होंगे।
لَيُدْخِلَنَّهُم مُّدْخَلًۭا يَرْضَوْنَهُۥ
और अवश्य, ईश्वर सर्वज्ञ, सहनशील है।
وَإِنَّ ٱللَّهَ لَعَلِيمٌ حَلِيمٌۭ
यही बात है।
ذَٰلِكَ
और जो कोई उतनी ही बराबरी का उत्तर दे जितना उसके साथ किया गया, फिर उस पर ज़्यादती की जाए, ईश्वर अवश्य उसकी सहायता करेगा।
وَمَنْ عَاقَبَ بِمِثْلِ مَا عُوقِبَ بِهِۦ ثُمَّ بُغِىَ عَلَيْهِ لَيَنصُرَنَّهُ ٱللَّهُ
ईश्वर अवश्य दरगुज़र करने वाला, अत्यंत क्षमाशील है।
إِنَّ ٱللَّهَ لَعَفُوٌّ غَفُورٌۭ
यह इस कारण कि ईश्वर रात को दिन में प्रविष्ट कराता है और दिन को रात में प्रविष्ट कराता है, और इस कारण कि ईश्वर सुनने वाला, दृष्टिवान है।
ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ يُولِجُ ٱلَّيْلَ فِى ٱلنَّهَارِ وَيُولِجُ ٱلنَّهَارَ فِى ٱلَّيْلِ وَأَنَّ ٱللَّهَ سَمِيعٌۢ بَصِيرٌۭ
यह इस कारण कि ईश्वर सत्य है, और उसके अतिरिक्त जिसे तुम पुकारते हो वह असत्य है, और इस कारण कि ईश्वर परम-उच्च, महान है।
ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلْحَقُّ وَأَنَّ مَا يَدْعُونَ مِن دُونِهِۦ هُوَ ٱلْبَٰطِلُ وَأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلْعَلِىُّ ٱلْكَبِيرُ
क्या तुमने नहीं देखा कि ईश्वर आकाश से पानी उतारता है, और तब धरती हरी-भरी हो जाती है?
أَلَمْ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءًۭ فَتُصْبِحُ ٱلْأَرْضُ مُخْضَرَّةً
क्योंकि ईश्वर सूक्ष्म, पूरी ख़बर रखने वाला है।
إِنَّ ٱللَّهَ لَطِيفٌ خَبِيرٌۭ
जो आकाशों में है और जो धरती पर है, वह उसी का है।
لَّهُۥ مَا فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ
और ईश्वर अवश्य धनी, प्रशंसनीय है।
وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهُوَ ٱلْغَنِىُّ ٱلْحَمِيدُ
क्या तुमने नहीं देखा कि ईश्वर ने तुम्हारे वश में कर दिया जो धरती पर है, और उस जलयान को जो उसके आदेश से समुद्र में चलता है?
أَلَمْ تَرَ أَنَّ ٱللَّهَ سَخَّرَ لَكُم مَّا فِى ٱلْأَرْضِ وَٱلْفُلْكَ تَجْرِى فِى ٱلْبَحْرِ بِأَمْرِهِۦ
और वह आकाश को थामे रखता है कि वह धरती पर न गिरे, सिवा उसकी अनुमति के।
وَيُمْسِكُ ٱلسَّمَآءَ أَن تَقَعَ عَلَى ٱلْأَرْضِ إِلَّا بِإِذْنِهِۦٓ
ईश्वर अवश्य लोगों के प्रति करुणामय, दयालु है।
إِنَّ ٱللَّهَ بِٱلنَّاسِ لَرَءُوفٌۭ رَّحِيمٌۭ
और वही है जिसने तुम्हें जीवन दिया, फिर तुम्हें मृत्यु देगा,
وَهُوَ ٱلَّذِىٓ أَحْيَاكُمْ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ
फिर तुम्हें पुनः जीवन देगा।
ثُمَّ يُحْيِيكُمْ
मनुष्य अवश्य बड़ा नकारने वाला है।
إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لَكَفُورٌۭ
हर समुदाय के लिए हमने एक हितकारी आचरण निर्धारित किया जिसे वह अमल में लाता है।
لِّكُلِّ أُمَّةٍۢ جَعَلْنَا مَنسَكًا هُمْ نَاسِكُوهُ
तो वे इस विषय में तुमसे खींचतान न करें,
فَلَا يُنَٰزِعُنَّكَ فِى ٱلْأَمْرِ
और अपने अभिभावक की ओर बुलाओ,
وَٱدْعُ إِلَىٰ رَبِّكَ
क्योंकि तुम अवश्य सीधे मार्गदर्शन पर हो।
إِنَّكَ لَعَلَىٰ هُدًۭى مُّسْتَقِيمٍۢ
और यदि वे तुमसे बहस करें तो कहो: “ईश्वर उसे अधिक अच्छी तरह जानता है जो तुम करते हो।
وَإِن جَٰدَلُوكَ فَقُلِ ٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَ
ईश्वर पेशी के दिन तुम्हारे बीच उस विषय में निर्णय करेगा जिसमें तुम मतभेद करते थे।”
ٱللَّهُ يَحْكُمُ بَيْنَكُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ فِيمَا كُنتُمْ فِيهِ تَخْتَلِفُونَ
क्या तुम नहीं जानते कि ईश्वर जानता है जो आकाश में और धरती पर है?
أَلَمْ تَعْلَمْ أَنَّ ٱللَّهَ يَعْلَمُ مَا فِى ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ
यह एक बही में है:
إِنَّ ذَٰلِكَ فِى كِتَٰبٍ
यह निश्चय ही ईश्वर के लिए सरल है।
إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرٌۭ
और वे ईश्वर के अतिरिक्त उसकी आज्ञा का पालन करते हैं जिसके लिए उसने कोई अधिकार नहीं उतारा और जिसके विषय में उन्हें कोई ज्ञान नहीं।
وَيَعْبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَمْ يُنَزِّلْ بِهِۦ سُلْطَٰنًۭا وَمَا لَيْسَ لَهُم بِهِۦ عِلْمٌۭ
और अन्यायियों के लिए कोई सहायता नहीं है।
وَمَا لِلظَّٰلِمِينَ مِن نَّصِيرٍۢ
और जब उन्हें हमारे संकेत, साफ़-साफ़, सुनाए जाते हैं, तो तुम नकारने वालों के चेहरों पर अमान्यता पहचान लेते हो; वे उन पर हिंसक रूप से टूट पड़ने को हैं जो उन्हें हमारे संकेत सुनाते हैं।
وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ ءَايَٰتُنَا بَيِّنَٰتٍۢ تَعْرِفُ فِى وُجُوهِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ ٱلْمُنكَرَ يَكَادُونَ يَسْطُونَ بِٱلَّذِينَ يَتْلُونَ عَلَيْهِمْ ءَايَٰتِنَا
कहो: “क्या मैं तुम्हें उससे भी बदतर किसी चीज़ के बारे में सूचित करूँ?
قُلْ أَفَأُنَبِّئُكُم بِشَرٍّۢ مِّن ذَٰلِكُمُ
आग, जिसका वादा ईश्वर ने नकारने वालों से किया है —
ٱلنَّارُ وَعَدَهَا ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟
और कितना भयानक गंतव्य!”
وَبِئْسَ ٱلْمَصِيرُ
हे लोगो! एक उदाहरण कई गुना किया गया है, तो उसे सुनो:
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ ضُرِبَ مَثَلٌۭ فَٱسْتَمِعُوا۟ لَهُۥٓ
ईश्वर के अतिरिक्त तुम जिन्हें पुकारते हो वे कभी एक मक्खी भी नहीं रच सकेंगे, चाहे वे इसके लिए एकजुट हो जाएँ।
إِنَّ ٱلَّذِينَ تَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ لَن يَخْلُقُوا۟ ذُبَابًۭا وَلَوِ ٱجْتَمَعُوا۟ لَهُۥ
और यदि मक्खी उनसे कुछ छीन ले, तो वे उसे उससे वापस नहीं ले सकते।
وَإِن يَسْلُبْهُمُ ٱلذُّبَابُ شَيْـًۭٔا لَّا يَسْتَنقِذُوهُ مِنْهُ
कमज़ोर है माँगने वाला, और उतना ही वह भी जिससे माँगा जाए!
ضَعُفَ ٱلطَّالِبُ وَٱلْمَطْلُوبُ
उन्होंने ईश्वर को उसकी सही माप से नहीं मापा।
مَا قَدَرُوا۟ ٱللَّهَ حَقَّ قَدْرِهِۦٓ
ईश्वर अवश्य बलवान, सर्वशक्तिमान है।
إِنَّ ٱللَّهَ لَقَوِىٌّ عَزِيزٌ
ईश्वर अभिकर्ताओं में से और लोगों में से संदेशवाहक चुनता है,
ٱللَّهُ يَصْطَفِى مِنَ ٱلْمَلَٰٓئِكَةِ رُسُلًۭا وَمِنَ ٱلنَّاسِ
क्योंकि ईश्वर सुनने वाला, दृष्टिवान है।
إِنَّ ٱللَّهَ سَمِيعٌۢ بَصِيرٌۭ
वह जानता है जो उनके आगे है और जो उनके पीछे है।
يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ
और ईश्वर की ओर ही सारे मामले लौटते हैं।
وَإِلَى ٱللَّهِ تُرْجَعُ ٱلْأُمُورُ
हे विश्वास करने वालो! घुटने टेको, माथा टेको, अपने अभिभावक की आज्ञा का पालन करो, और अच्छाई करो, शायद तुम सफल हो जाओ।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱرْكَعُوا۟ وَٱسْجُدُوا۟ وَٱعْبُدُوا۟ رَبَّكُمْ وَٱفْعَلُوا۟ ٱلْخَيْرَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ
और ईश्वर के लिए उस संघर्ष से संघर्ष करो जो उसे देय है।
وَجَٰهِدُوا۟ فِى ٱللَّهِ حَقَّ جِهَادِهِۦ
उसी ने तुम्हारा चयन किया है,
هُوَ ٱجْتَبَىٰكُمْ
और उसने तुम पर विधान में कोई तंगी नहीं डाली —
وَمَا جَعَلَ عَلَيْكُمْ فِى ٱلدِّينِ مِنْ حَرَجٍۢ
तुम्हारे पिता इब्राहीम का मत।
مِّلَّةَ أَبِيكُمْ إِبْرَٰهِيمَ
उसी ने तुम्हारा नाम खरे रखा, पहले भी और इसमें भी, ताकि संदेशवाहक तुम्हारे विरुद्ध साक्षी हो, और तुम लोगों के विरुद्ध साक्षी हो।
هُوَ سَمَّىٰكُمُ ٱلْمُسْلِمِينَ مِن قَبْلُ وَفِى هَٰذَا لِيَكُونَ ٱلرَّسُولُ شَهِيدًا عَلَيْكُمْ وَتَكُونُوا۟ شُهَدَآءَ عَلَى ٱلنَّاسِ
तो संपर्क बनाए रखो, और शुद्ध उदारता दो,
فَأَقِيمُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتُوا۟ ٱلزَّكَوٰةَ
और ईश्वर से दृढ़ता से जुड़े रहो:
وَٱعْتَصِمُوا۟ بِٱللَّهِ
वह तुम्हारा सबसे निकट का ज़ामिन है —
هُوَ مَوْلَىٰكُمْ
कितना उत्तम ज़ामिन,
فَنِعْمَ ٱلْمَوْلَىٰ
और कितना उत्तम सहायक!
وَنِعْمَ ٱلنَّصِيرُ