الشعراء
Ash-Shu'ara
The Rhetoricians
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
ता. सीन. मीम.
طسٓمٓ
ये स्पष्ट ग्रंथ के संकेत हैं।
تِلْكَ ءَايَٰتُ ٱلْكِتَٰبِ ٱلْمُبِينِ
शायद तुम अपने आप को इसलिए घुलाकर नष्ट कर लो कि वे विश्वास करने वाले नहीं हैं।
لَعَلَّكَ بَٰخِعٌۭ نَّفْسَكَ أَلَّا يَكُونُوا۟ مُؤْمِنِينَ
यदि हमारी मर्ज़ी होती, तो हम उन पर आकाश से एक संकेत उतारते जिसके सामने उनकी गर्दनें झुकी रह जातीं।
إِن نَّشَأْ نُنَزِّلْ عَلَيْهِم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ ءَايَةًۭ فَظَلَّتْ أَعْنَٰقُهُمْ لَهَا خَٰضِعِينَ
और सर्वदयालु की ओर से उनके पास कोई नया स्मरण नहीं आता जिससे वे मुँह न फेर लें।
وَمَا يَأْتِيهِم مِّن ذِكْرٍۢ مِّنَ ٱلرَّحْمَٰنِ مُحْدَثٍ إِلَّا كَانُوا۟ عَنْهُ مُعْرِضِينَ
उन्होंने झुठला दिया है; शीघ्र ही उनके पास उसकी सूचनाएँ आएँगी जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे।
فَقَدْ كَذَّبُوا۟ فَسَيَأْتِيهِمْ أَنۢبَٰٓؤُا۟ مَا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَ
क्या उन्होंने धरती को नहीं देखा, हमने उसमें हर उदार जोड़े में से कितना उगाया?
أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَى ٱلْأَرْضِ كَمْ أَنۢبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍۢ كَرِيمٍ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और जब तुम्हारे अभिभावक ने मूसा को पुकारा: “अन्यायी क़ौम के पास जाओ, फ़िरऔन की क़ौम के पास।
وَإِذْ نَادَىٰ رَبُّكَ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱئْتِ ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَ قَوْمَ فِرْعَوْنَ
क्या वे सावधानी नहीं बरतेंगे?”
أَلَا يَتَّقُونَ
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मुझे डर है कि वे मुझे झुठलाएँगे; और मेरा सीना तंग होता है, और मेरी ज़बान नहीं खुलती: इसलिए हारून की ओर भेज दीजिए। उनका मुझ पर एक दोष है, और मुझे डर है कि वे मुझे मार डालेंगे।”
قَالَ رَبِّ إِنِّىٓ أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ وَيَضِيقُ صَدْرِى وَلَا يَنطَلِقُ لِسَانِى فَأَرْسِلْ إِلَىٰ هَٰرُونَ وَلَهُمْ عَلَىَّ ذَنۢبٌۭ فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِ
उसने कहा: “कदापि नहीं!
قَالَ كَلَّا
तुम दोनों हमारे संकेतों के साथ जाओ; हम निश्चय ही तुम्हारे साथ हैं, सुन रहे हैं।
فَٱذْهَبَا بِـَٔايَٰتِنَآ إِنَّا مَعَكُم مُّسْتَمِعُونَ
इसलिए फ़िरऔन के पास जाओ और उससे कहो: ‘हम निश्चय ही सभी प्राणियों के अभिभावक के संदेशवाहक हैं; इसराईल की संतान को हमारे साथ जाने दो।’”
فَأْتِيَا فِرْعَوْنَ فَقُولَآ إِنَّا رَسُولُ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ أَنْ أَرْسِلْ مَعَنَا بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ
उसने कहा: “क्या हमने तुम्हें बचपन में अपने बीच नहीं पाला, और क्या तुमने अपने जीवन के कई वर्ष हमारे बीच नहीं बिताए? तुमने वह काम किया जो तुमने किया, और तुम नकारने वालों में से हो।”
قَالَ أَلَمْ نُرَبِّكَ فِينَا وَلِيدًۭا وَلَبِثْتَ فِينَا مِنْ عُمُرِكَ سِنِينَ وَفَعَلْتَ فَعْلَتَكَ ٱلَّتِى فَعَلْتَ وَأَنتَ مِنَ ٱلْكَٰفِرِينَ
उसने कहा: “मैंने उसे उस समय किया जब मैं भटके हुओं में से था।
قَالَ فَعَلْتُهَآ إِذًۭا وَأَنَا۠ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ
फिर मैं तुमसे भागा जब मुझे तुमसे डर लगा; फिर मेरे अभिभावक ने मुझे निर्णय प्रदान किया और मुझे भेजे गए जनों में से एक बनाया।
فَفَرَرْتُ مِنكُمْ لَمَّا خِفْتُكُمْ فَوَهَبَ لِى رَبِّى حُكْمًۭا وَجَعَلَنِى مِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ
और यह उपकार, जिससे तुम समझते हो कि मुझ पर कृपा कर रहे हो, यह है कि तुमने इसराईल की संतान को पराधीन कर लिया!”
وَتِلْكَ نِعْمَةٌۭ تَمُنُّهَا عَلَىَّ أَنْ عَبَّدتَّ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ
फ़िरऔन ने कहा: “और सभी प्राणियों का अभिभावक क्या है?”
قَالَ فِرْعَوْنُ وَمَا رَبُّ ٱلْعَٰلَمِينَ
उसने कहा: “आकाशों और धरती का और जो उनके बीच है उसका अभिभावक, यदि तुम यक़ीन रखने वालों में से हो।”
قَالَ رَبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَآ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ
उसने अपने आसपास वालों से कहा: “क्या तुम सुनते नहीं?”
قَالَ لِمَنْ حَوْلَهُۥٓ أَلَا تَسْتَمِعُونَ
उसने कहा: “तुम्हारा अभिभावक और तुम्हारे पहले पूर्वजों का अभिभावक।”
قَالَ رَبُّكُمْ وَرَبُّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ
उसने कहा: “तुम्हारा यह संदेशवाहक, जो तुम्हारी ओर भेजा गया है, अवश्य विक्षिप्त है।”
قَالَ إِنَّ رَسُولَكُمُ ٱلَّذِىٓ أُرْسِلَ إِلَيْكُمْ لَمَجْنُونٌۭ
उसने कहा: “पूरब और पश्चिम का और जो उनके बीच है उसका अभिभावक, यदि तुम बुद्धि से काम लेते।”
قَالَ رَبُّ ٱلْمَشْرِقِ وَٱلْمَغْرِبِ وَمَا بَيْنَهُمَآ إِن كُنتُمْ تَعْقِلُونَ
उसने कहा: “यदि तुमने मेरे अतिरिक्त कोई और देवता अपनाया, तो मैं तुम्हें अवश्य क़ैदियों में डाल दूँगा।”
قَالَ لَئِنِ ٱتَّخَذْتَ إِلَٰهًا غَيْرِى لَأَجْعَلَنَّكَ مِنَ ٱلْمَسْجُونِينَ
उसने कहा: “चाहे मैं तुम्हारे पास कोई स्पष्ट चीज़ ले आऊँ?”
قَالَ أَوَلَوْ جِئْتُكَ بِشَىْءٍۢ مُّبِينٍۢ
उसने कहा: “तो उसे ले आओ, यदि तुम सच्चों में से हो।”
قَالَ فَأْتِ بِهِۦٓ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ
तब उसने अपनी लाठी फेंकी, और देखो वह एक स्पष्ट सर्प हो गई; और उसने अपना हाथ निकाला, और देखो वह नज़र डालने वालों के लिए श्वेत था।
فَأَلْقَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِىَ ثُعْبَانٌۭ مُّبِينٌۭ وَنَزَعَ يَدَهُۥ فَإِذَا هِىَ بَيْضَآءُ لِلنَّٰظِرِينَ
उसने अपने आसपास के दरबार से कहा: “यह अवश्य एक ज्ञानी भ्रमकार है, जो अपने भ्रम से तुम्हें तुम्हारी धरती से निकालना चाहता है। तो तुम क्या सलाह देते हो?”
قَالَ لِلْمَلَإِ حَوْلَهُۥٓ إِنَّ هَٰذَا لَسَٰحِرٌ عَلِيمٌۭ يُرِيدُ أَن يُخْرِجَكُم مِّنْ أَرْضِكُم بِسِحْرِهِۦ فَمَاذَا تَأْمُرُونَ
उन्होंने कहा: “उसे और उसके भाई को लंबित रखो, और राजधानियों में इकट्ठा करने वाले उठाओ, जो हर बड़े ज्ञानी भ्रमकार को तुम्हारे पास ले आएँ।”
قَالُوٓا۟ أَرْجِهْ وَأَخَاهُ وَٱبْعَثْ فِى ٱلْمَدَآئِنِ حَٰشِرِينَ يَأْتُوكَ بِكُلِّ سَحَّارٍ عَلِيمٍۢ
तो भ्रमकार एक ज्ञात दिन के निश्चित वादे के समय के लिए एकत्र किए गए।
فَجُمِعَ ٱلسَّحَرَةُ لِمِيقَٰتِ يَوْمٍۢ مَّعْلُومٍۢ
और लोगों से कहा गया: “क्या तुम एकत्र होगे, इस आशा में कि हम भ्रमकारों का अनुसरण करेंगे, यदि वे विजेता हुए?”
وَقِيلَ لِلنَّاسِ هَلْ أَنتُم مُّجْتَمِعُونَ لَعَلَّنَا نَتَّبِعُ ٱلسَّحَرَةَ إِن كَانُوا۟ هُمُ ٱلْغَٰلِبِينَ
जब भ्रमकार आए, तो उन्होंने फ़िरऔन से कहा: “क्या हमारे लिए सचमुच कोई पुरस्कार होगा, यदि हम विजेता हुए?”
فَلَمَّا جَآءَ ٱلسَّحَرَةُ قَالُوا۟ لِفِرْعَوْنَ أَئِنَّ لَنَا لَأَجْرًا إِن كُنَّا نَحْنُ ٱلْغَٰلِبِينَ
उसने कहा: “हाँ, और तब तुम अवश्य निकट किए गए जनों में से होगे।”
قَالَ نَعَمْ وَإِنَّكُمْ إِذًۭا لَّمِنَ ٱلْمُقَرَّبِينَ
मूसा ने उनसे कहा: “जो तुम्हें फेंकना है फेंको।”
قَالَ لَهُم مُّوسَىٰٓ أَلْقُوا۟ مَآ أَنتُم مُّلْقُونَ
उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ फेंकीं और कहा: “फ़िरऔन की शक्ति की शपथ, हम ही अवश्य विजेता होंगे!”
فَأَلْقَوْا۟ حِبَالَهُمْ وَعِصِيَّهُمْ وَقَالُوا۟ بِعِزَّةِ فِرْعَوْنَ إِنَّا لَنَحْنُ ٱلْغَٰلِبُونَ
तब मूसा ने अपनी लाठी फेंकी, और देखो वह उसे निगल रही थी जिसका वे स्वांग भरते थे।
فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِىَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ
तब भ्रमकार माथा टेके हुए गिरा दिए गए।
فَأُلْقِىَ ٱلسَّحَرَةُ سَٰجِدِينَ
उन्होंने कहा: “हम सभी प्राणियों के अभिभावक पर विश्वास करते हैं, मूसा और हारून के अभिभावक पर।”
قَالُوٓا۟ ءَامَنَّا بِرَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ رَبِّ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
उसने कहा: “तुमने मेरे तुम्हें अनुमति देने से पहले ही उस पर भरोसा कर लिया! वह अवश्य तुम सबमें सबसे बड़ा है, जिसने तुम्हें भ्रम सिखाया।
قَالَ ءَامَنتُمْ لَهُۥ قَبْلَ أَنْ ءَاذَنَ لَكُمْ إِنَّهُۥ لَكَبِيرُكُمُ ٱلَّذِى عَلَّمَكُمُ ٱلسِّحْرَ
तो तुम शीघ्र ही जान लोगे।
فَلَسَوْفَ تَعْلَمُونَ
मैं तुम्हारे हाथ और पैर विपरीत ओर से अवश्य काटूँगा, और मैं तुम सबको एक साथ अवश्य सूली पर चढ़ाऊँगा।”
لَأُقَطِّعَنَّ أَيْدِيَكُمْ وَأَرْجُلَكُم مِّنْ خِلَٰفٍۢ وَلَأُصَلِّبَنَّكُمْ أَجْمَعِينَ
उन्होंने कहा: “कोई हानि नहीं!
قَالُوا۟ لَا ضَيْرَ
हम अपने अभिभावक की ओर ही पलटते हैं।
إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ
हम आशा करते हैं कि हमारा अभिभावक हमारी भूलें क्षमा करे, क्योंकि हम विश्वास करने वालों में पहले हैं।”
إِنَّا نَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لَنَا رَبُّنَا خَطَٰيَٰنَآ أَن كُنَّآ أَوَّلَ ٱلْمُؤْمِنِينَ
और हमने मूसा पर प्रकट किया: “मेरे आज्ञाकारियों को लेकर रात में निकलो; तुम्हारा पीछा किया जाएगा।”
وَأَوْحَيْنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰٓ أَنْ أَسْرِ بِعِبَادِىٓ إِنَّكُم مُّتَّبَعُونَ
फ़िरऔन ने राजधानियों में इकट्ठा करने वाले भेजे:
فَأَرْسَلَ فِرْعَوْنُ فِى ٱلْمَدَآئِنِ حَٰشِرِينَ
“ये अवश्य एक कम संख्या वाला गिरोह हैं, और वे हमें अवश्य क्रोधित करते हैं, और हम सब अवश्य एक साथ एक सतर्क शक्ति हैं।”
إِنَّ هَٰٓؤُلَآءِ لَشِرْذِمَةٌۭ قَلِيلُونَ وَإِنَّهُمْ لَنَا لَغَآئِظُونَ وَإِنَّا لَجَمِيعٌ حَٰذِرُونَ
तो हमने उन्हें उद्यानों और सोतों से, और ख़ज़ानों और एक सम्मानित पद से निकाला।
فَأَخْرَجْنَٰهُم مِّن جَنَّٰتٍۢ وَعُيُونٍۢ وَكُنُوزٍۢ وَمَقَامٍۢ كَرِيمٍۢ
ऐसा ही।
كَذَٰلِكَ
और हमने इसराईल की संतान को उनका उत्तराधिकारी बनाया, और उन्होंने भोर होते उनका पीछा किया।
وَأَوْرَثْنَٰهَا بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ فَأَتْبَعُوهُم مُّشْرِقِينَ
और जब दोनों दल एक-दूसरे को दिखे, तो मूसा के साथियों ने कहा: “हम तो अवश्य पकड़े गए!”
فَلَمَّا تَرَٰٓءَا ٱلْجَمْعَانِ قَالَ أَصْحَٰبُ مُوسَىٰٓ إِنَّا لَمُدْرَكُونَ
उसने कहा: “कदापि नहीं!
قَالَ كَلَّآ
मेरा अभिभावक निश्चय ही मेरे साथ है; वह मुझे मार्ग दिखाएगा।”
إِنَّ مَعِىَ رَبِّى سَيَهْدِينِ
तब हमने मूसा पर प्रकट किया: “अपनी लाठी से समुद्र को मारो।” वह फट गया, और हर भाग एक विशाल चोटी जैसा हो गया।
فَأَوْحَيْنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱضْرِب بِّعَصَاكَ ٱلْبَحْرَ فَٱنفَلَقَ فَكَانَ كُلُّ فِرْقٍۢ كَٱلطَّوْدِ ٱلْعَظِيمِ
और हमने वहाँ दूसरों को निकट पहुँचाया।
وَأَزْلَفْنَا ثَمَّ ٱلْءَاخَرِينَ
और हमने मूसा को और जो उसके साथ थे उन सबको उबारा, फिर दूसरों को डुबो दिया।
وَأَنجَيْنَا مُوسَىٰ وَمَن مَّعَهُۥٓ أَجْمَعِينَ ثُمَّ أَغْرَقْنَا ٱلْءَاخَرِينَ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और उन्हें इब्राहीम की सूचना सुनाओ, जब उसने अपने पिता और अपनी क़ौम से कहा: “तुम किसकी आज्ञा का पालन करते हो?”
وَٱتْلُ عَلَيْهِمْ نَبَأَ إِبْرَٰهِيمَ إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوْمِهِۦ مَا تَعْبُدُونَ
उन्होंने कहा: “हम मूर्तियों की आज्ञा का पालन करते हैं, और उनके पास डटे रहते हैं।”
قَالُوا۟ نَعْبُدُ أَصْنَامًۭا فَنَظَلُّ لَهَا عَٰكِفِينَ
उसने कहा: “क्या वे तुम्हें सुनती हैं जब तुम उन्हें पुकारते हो, या तुम्हारे काम आती हैं, या तुम्हें हानि पहुँचाती हैं?”
قَالَ هَلْ يَسْمَعُونَكُمْ إِذْ تَدْعُونَ أَوْ يَنفَعُونَكُمْ أَوْ يَضُرُّونَ
उन्होंने कहा: “नहीं, बल्कि हमने अपने पूर्वजों को ऐसा ही करते पाया।”
قَالُوا۟ بَلْ وَجَدْنَآ ءَابَآءَنَا كَذَٰلِكَ يَفْعَلُونَ
उसने कहा: “तो क्या तुमने देखा कि तुम किसकी आज्ञा का पालन करते थे, तुम और तुम्हारे सबसे दूर के पूर्वज? वे निश्चय ही मेरे शत्रु हैं,
قَالَ أَفَرَءَيْتُم مَّا كُنتُمْ تَعْبُدُونَ أَنتُمْ وَءَابَآؤُكُمُ ٱلْأَقْدَمُونَ فَإِنَّهُمْ عَدُوٌّۭ لِّىٓ
सिवा सभी प्राणियों के अभिभावक के, जिसने मुझे रचा और जो मुझे मार्ग दिखाता है,
إِلَّا رَبَّ ٱلْعَٰلَمِينَ ٱلَّذِى خَلَقَنِى فَهُوَ يَهْدِينِ
और जो मुझे खिलाता और पिलाता है, और जब मैं रोगी होता हूँ तो मुझे स्वस्थ करता है,
وَٱلَّذِى هُوَ يُطْعِمُنِى وَيَسْقِينِ وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِ
और जो मुझे मृत्यु देगा फिर मुझे पुनः जीवन देगा,
وَٱلَّذِى يُمِيتُنِى ثُمَّ يُحْيِينِ
और जिससे मैं आशा करता हूँ कि चुकौती के दिन मेरी भूल क्षमा करे।
وَٱلَّذِىٓ أَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لِى خَطِيٓـَٔتِى يَوْمَ ٱلدِّينِ
मेरे अभिभावक, मुझे निर्णय प्रदान कीजिए और मुझे भलों के साथ मिला दीजिए,
رَبِّ هَبْ لِى حُكْمًۭا وَأَلْحِقْنِى بِٱلصَّٰلِحِينَ
और मुझे बाद वालों में सच्ची ज़बान प्रदान कीजिए,
وَٱجْعَل لِّى لِسَانَ صِدْقٍۢ فِى ٱلْءَاخِرِينَ
और मुझे उपकार के उद्यान के उत्तराधिकारियों में से बना दीजिए,
وَٱجْعَلْنِى مِن وَرَثَةِ جَنَّةِ ٱلنَّعِيمِ
और मेरे पिता को क्षमा कीजिए, क्योंकि वह भटके हुओं में से था,
وَٱغْفِرْ لِأَبِىٓ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ
और जिस दिन वे उठाए जाएँगे उस दिन मुझे लज्जित न कीजिए, जिस दिन न संपत्ति काम आएगी न पुत्र, सिवा उसके जो ईश्वर के पास अक्षत मर्म के साथ आए।”
وَلَا تُخْزِنِى يَوْمَ يُبْعَثُونَ يَوْمَ لَا يَنفَعُ مَالٌۭ وَلَا بَنُونَ إِلَّا مَنْ أَتَى ٱللَّهَ بِقَلْبٍۢ سَلِيمٍۢ
और उद्यान सावधानी बरतने वालों के निकट लाया जाएगा,
وَأُزْلِفَتِ ٱلْجَنَّةُ لِلْمُتَّقِينَ
और भट्ठी दिशाहीनों को दिखाई जाएगी।
وَبُرِّزَتِ ٱلْجَحِيمُ لِلْغَاوِينَ
और उनसे कहा जाएगा: “कहाँ हैं वे जिनकी तुम ईश्वर के अतिरिक्त आज्ञा का पालन करते थे,
وَقِيلَ لَهُمْ أَيْنَ مَا كُنتُمْ تَعْبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ
क्या वे तुम्हारी सहायता करते हैं, या स्वयं की सहायता करते हैं?”
هَلْ يَنصُرُونَكُمْ أَوْ يَنتَصِرُونَ
उसमें वे औंधे गिराए जाएँगे, वे और दिशाहीन, और इब्लीस की सेनाएँ, सब एक साथ।
فَكُبْكِبُوا۟ فِيهَا هُمْ وَٱلْغَاوُۥنَ وَجُنُودُ إِبْلِيسَ أَجْمَعُونَ
वे उसमें झगड़ते हुए कहेंगे: “ईश्वर की शपथ, हम अवश्य स्पष्ट भटकाव में थे, जब हम तुम्हें सभी प्राणियों के अभिभावक के बराबर ठहराते थे।
قَالُوا۟ وَهُمْ فِيهَا يَخْتَصِمُونَ تَٱللَّهِ إِن كُنَّا لَفِى ضَلَٰلٍۢ مُّبِينٍ إِذْ نُسَوِّيكُم بِرَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
और हमें तो केवल बहिष्कृतों ने भटकाया।
وَمَآ أَضَلَّنَآ إِلَّا ٱلْمُجْرِمُونَ
अब हमारे न कोई सिफ़ारिश करने वाले हैं, न कोई गर्मजोशी वाला मित्र।
فَمَا لَنَا مِن شَٰفِعِينَ وَلَا صَدِيقٍ حَمِيمٍۢ
काश हमें पलटवार का अवसर मिलता, तो हम विश्वास करने वालों में से होते!”
فَلَوْ أَنَّ لَنَا كَرَّةًۭ فَنَكُونَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
नूह की क़ौम ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई नूह ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كَذَّبَتْ قَوْمُ نُوحٍ ٱلْمُرْسَلِينَ إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ نُوحٌ أَلَا تَتَّقُونَ إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌۭ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।”
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
उन्होंने कहा: “क्या हम तुम पर भरोसा कर लें जबकि सबसे नीच जनों ने तुम्हारा अनुसरण किया है?”
قَالُوٓا۟ أَنُؤْمِنُ لَكَ وَٱتَّبَعَكَ ٱلْأَرْذَلُونَ
उसने कहा: “वे क्या करते थे, इसका मुझे क्या ज्ञान?
قَالَ وَمَا عِلْمِى بِمَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ
उनका हिसाब केवल मेरे अभिभावक के ज़िम्मे है, काश तुम्हें इसका आभास होता।
إِنْ حِسَابُهُمْ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّى لَوْ تَشْعُرُونَ
और मैं विश्वास करने वालों को दुत्कारने वालों में से नहीं हूँ; मैं तो केवल एक स्पष्ट चेतावनी देने वाला हूँ।”
وَمَآ أَنَا۠ بِطَارِدِ ٱلْمُؤْمِنِينَ إِنْ أَنَا۠ إِلَّا نَذِيرٌۭ مُّبِينٌۭ
उन्होंने कहा: “हे नूह, यदि तुम न रुके, तो तुम अवश्य निष्कासित किए गए जनों में होगे।”
قَالُوا۟ لَئِن لَّمْ تَنتَهِ يَٰنُوحُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمَرْجُومِينَ
उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरी क़ौम ने निश्चय ही मुझे झुठला दिया है। तो मेरे और उनके बीच एक द्वार खोल दीजिए, और मुझे तथा मेरे साथ के विश्वास करने वालों को उबार लीजिए।”
قَالَ رَبِّ إِنَّ قَوْمِى كَذَّبُونِ فَٱفْتَحْ بَيْنِى وَبَيْنَهُمْ فَتْحًۭا وَنَجِّنِى وَمَن مَّعِىَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ
तो हमने उसे और जो उसके साथ थे उन्हें भरे हुए जलयान में उबार लिया।
فَأَنجَيْنَٰهُ وَمَن مَّعَهُۥ فِى ٱلْفُلْكِ ٱلْمَشْحُونِ
फिर हमने उसके बाद शेष को डुबो दिया।
ثُمَّ أَغْرَقْنَا بَعْدُ ٱلْبَاقِينَ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
आद ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كَذَّبَتْ عَادٌ ٱلْمُرْسَلِينَ إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ هُودٌ أَلَا تَتَّقُونَ إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌۭ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
क्या तुम हर टीले पर खेल के लिए एक संकेत बनाते हो, और कारख़ाने अपनाते हो इस आशा में कि सदा रहोगे, और जब तुम पकड़ते हो तो अत्याचारियों की तरह पकड़ते हो?
أَتَبْنُونَ بِكُلِّ رِيعٍ ءَايَةًۭ تَعْبَثُونَ وَتَتَّخِذُونَ مَصَانِعَ لَعَلَّكُمْ تَخْلُدُونَ وَإِذَا بَطَشْتُم بَطَشْتُمْ جَبَّارِينَ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और उसके प्रति सावधान रहो जिसने तुम्हें उससे सुसज्जित किया जो तुम जानते हो: उसने तुम्हें पशुधन, पुत्रों, उद्यानों और सोतों से सुसज्जित किया,
وَٱتَّقُوا۟ ٱلَّذِىٓ أَمَدَّكُم بِمَا تَعْلَمُونَ أَمَدَّكُم بِأَنْعَٰمٍۢ وَبَنِينَ وَجَنَّٰتٍۢ وَعُيُونٍ
क्योंकि मैं तुम्हारे लिए एक विशाल दिन के दंड से डरता हूँ।”
إِنِّىٓ أَخَافُ عَلَيْكُمْ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍۢ
उन्होंने कहा: “हमारे लिए बराबर है, चाहे तुम उपदेश दो या उपदेश देने वालों में न रहो; यह तो केवल प्राचीनों का स्वभाव है, और हमें दंड नहीं दिया जाएगा।”
قَالُوا۟ سَوَآءٌ عَلَيْنَآ أَوَعَظْتَ أَمْ لَمْ تَكُن مِّنَ ٱلْوَٰعِظِينَ إِنْ هَٰذَآ إِلَّا خُلُقُ ٱلْأَوَّلِينَ وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَ
तो उन्होंने उसे झुठलाया, और हमने उन्हें नष्ट कर दिया।
فَكَذَّبُوهُ فَأَهْلَكْنَٰهُمْ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
समूद ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई सालेह ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كَذَّبَتْ ثَمُودُ ٱلْمُرْسَلِينَ إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ صَٰلِحٌ أَلَا تَتَّقُونَ إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌۭ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
क्या तुम्हें यहाँ सुरक्षा में छोड़ दिया जाएगा, उद्यानों और सोतों के बीच, और खेतों और नरम गुच्छों वाले खजूर के पेड़ों के बीच, जबकि तुम पहाड़ों में कुशल कारीगर बनकर घर तराशते हो?
أَتُتْرَكُونَ فِى مَا هَٰهُنَآ ءَامِنِينَ فِى جَنَّٰتٍۢ وَعُيُونٍۢ وَزُرُوعٍۢ وَنَخْلٍۢ طَلْعُهَا هَضِيمٌۭ وَتَنْحِتُونَ مِنَ ٱلْجِبَالِ بُيُوتًۭا فَٰرِهِينَ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और उन अतिवादियों के आदेश की बात न मानो, जो धरती में बिगाड़ फैलाते हैं और कुछ सुधारते नहीं।”
وَلَا تُطِيعُوٓا۟ أَمْرَ ٱلْمُسْرِفِينَ ٱلَّذِينَ يُفْسِدُونَ فِى ٱلْأَرْضِ وَلَا يُصْلِحُونَ
उन्होंने कहा: “तुम तो केवल भ्रम के शिकारों में से हो; तुम हमारे जैसे ही एक मानव हो; तो कोई संकेत ले आओ, यदि तुम सच्चों में से हो।”
قَالُوٓا۟ إِنَّمَآ أَنتَ مِنَ ٱلْمُسَحَّرِينَ مَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٌۭ مِّثْلُنَا فَأْتِ بِـَٔايَةٍ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ
उसने कहा: “यह एक ऊँटनी है; उसके लिए पानी पीने की एक बारी है,
قَالَ هَٰذِهِۦ نَاقَةٌۭ لَّهَا شِرْبٌۭ
और तुम्हारे लिए एक ज्ञात दिन पर पानी पीने की बारी है।
وَلَكُمْ شِرْبُ يَوْمٍۢ مَّعْلُومٍۢ
और उसे किसी बुराई से न छुओ, नहीं तो एक विशाल दिन का दंड तुम्हें आ पकड़ेगा।”
وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوٓءٍۢ فَيَأْخُذَكُمْ عَذَابُ يَوْمٍ عَظِيمٍۢ
फिर भी उन्होंने उसका अंग-भंग कर दिया, फिर पछतावे से भरे हुए पाए गए, और दंड ने उन्हें आ पकड़ा।
فَعَقَرُوهَا فَأَصْبَحُوا۟ نَٰدِمِينَ فَأَخَذَهُمُ ٱلْعَذَابُ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
लूत की क़ौम ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كَذَّبَتْ قَوْمُ لُوطٍ ٱلْمُرْسَلِينَ إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ لُوطٌ أَلَا تَتَّقُونَ إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌۭ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
क्या तुम सभी प्राणियों में से नरों के पास जाते हो, और उसे छोड़ देते हो जो तुम्हारे अभिभावक ने तुम्हारे लिए जोड़ीदार के रूप में रचा?
أَتَأْتُونَ ٱلذُّكْرَانَ مِنَ ٱلْعَٰلَمِينَ وَتَذَرُونَ مَا خَلَقَ لَكُمْ رَبُّكُم مِّنْ أَزْوَٰجِكُم
बल्कि तुम तो ऐसी क़ौम हो जो सीमाएँ पार करती है।”
بَلْ أَنتُمْ قَوْمٌ عَادُونَ
उन्होंने कहा: “हे लूत, यदि तुम न रुके, तो तुम अवश्य निकाल दिए गए जनों में होगे।”
قَالُوا۟ لَئِن لَّمْ تَنتَهِ يَٰلُوطُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمُخْرَجِينَ
उसने कहा: “मैं निश्चय ही तुम्हारे कृत्य से घृणा करने वालों में से हूँ।
قَالَ إِنِّى لِعَمَلِكُم مِّنَ ٱلْقَالِينَ
मेरे अभिभावक, मुझे और मेरे परिवार को उससे उबार लीजिए जो वे करते हैं।”
رَبِّ نَجِّنِى وَأَهْلِى مِمَّا يَعْمَلُونَ
तो हमने उसे और उसके परिवार को, सबको, उबार लिया, सिवा एक बुढ़िया के जो पीछे रह जाने वालों में थी; फिर हमने दूसरों को नष्ट कर दिया।
فَنَجَّيْنَٰهُ وَأَهْلَهُۥٓ أَجْمَعِينَ إِلَّا عَجُوزًۭا فِى ٱلْغَٰبِرِينَ ثُمَّ دَمَّرْنَا ٱلْءَاخَرِينَ
और हमने उन पर एक वर्षा बरसाई;
وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِم مَّطَرًۭا
कितनी बुरी वर्षा थी उनकी जिन्हें चेतावनी दी जा चुकी थी!
فَسَآءَ مَطَرُ ٱلْمُنذَرِينَ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
झाड़ी वालों ने भेजे गए जनों को झुठलाया, जब शुऐब ने उनसे कहा: “क्या तुम सावधान नहीं रहते? मैं निश्चय ही तुम्हारे लिए एक भरोसेमंद संदेशवाहक हूँ।
كَذَّبَ أَصْحَٰبُ لْـَٔيْكَةِ ٱلْمُرْسَلِينَ إِذْ قَالَ لَهُمْ شُعَيْبٌ أَلَا تَتَّقُونَ إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌۭ
तो ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो।
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
और मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता;
وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ
मेरा पुरस्कार केवल सभी प्राणियों के अभिभावक के ज़िम्मे है।
إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
नाप पूरा दो,
أَوْفُوا۟ ٱلْكَيْلَ
और घाटा पहुँचाने वालों में से न होओ।
وَلَا تَكُونُوا۟ مِنَ ٱلْمُخْسِرِينَ
और सीधे तराज़ू से तौलो,
وَزِنُوا۟ بِٱلْقِسْطَاسِ ٱلْمُسْتَقِيمِ
और लोगों को उनकी चीज़ों में हानि न पहुँचाओ,
وَلَا تَبْخَسُوا۟ ٱلنَّاسَ أَشْيَآءَهُمْ
और धरती पर बिगाड़ने वाले बनकर उपद्रव न मचाओ।
وَلَا تَعْثَوْا۟ فِى ٱلْأَرْضِ مُفْسِدِينَ
और उसके प्रति सावधान रहो जिसने तुम्हें और पहले वालों की बहुतायत को रचा।”
وَٱتَّقُوا۟ ٱلَّذِى خَلَقَكُمْ وَٱلْجِبِلَّةَ ٱلْأَوَّلِينَ
उन्होंने कहा: “तुम तो केवल भ्रम के शिकारों में से हो; तुम हमारे जैसे ही एक मानव हो, और हम अवश्य तुम्हारे झूठों में से होने का अनुमान लगाते हैं। तो हम पर आकाश का एक टुकड़ा गिरा दो, यदि तुम सच्चों में से हो।”
قَالُوٓا۟ إِنَّمَآ أَنتَ مِنَ ٱلْمُسَحَّرِينَ وَمَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٌۭ مِّثْلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ ٱلْكَٰذِبِينَ فَأَسْقِطْ عَلَيْنَا كِسَفًۭا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّٰدِقِينَ
उसने कहा: “मेरा अभिभावक उसे सबसे अच्छा जानता है जो तुम करते हो।”
قَالَ رَبِّىٓ أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَ
तो उन्होंने उसे झुठलाया, और छत्र वाले दिन के दंड ने उन्हें आ पकड़ा।
فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَهُمْ عَذَابُ يَوْمِ ٱلظُّلَّةِ
वह एक विशाल दिन का दंड था।
إِنَّهُۥ كَانَ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍ
इसमें अवश्य एक संकेत है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَةًۭ
परंतु उनमें से अधिकतर विश्वास करने वाले नहीं हैं।
وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
और तुम्हारा अभिभावक अवश्य सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और यह अवश्य सभी प्राणियों के अभिभावक की ओर से आया एक अवतरण है।
وَإِنَّهُۥ لَتَنزِيلُ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
इसके साथ भरोसेमंद प्रवाह तुम्हारे मर्म पर उतरा है, ताकि तुम चेतावनी देने वालों में से हो, त्रुटिहीन, स्पष्ट भाषा में।
نَزَلَ بِهِ ٱلرُّوحُ ٱلْأَمِينُ عَلَىٰ قَلْبِكَ لِتَكُونَ مِنَ ٱلْمُنذِرِينَ بِلِسَانٍ عَرَبِىٍّۢ مُّبِينٍۢ
और यह अवश्य प्राचीनों के प्रपत्रों में है।
وَإِنَّهُۥ لَفِى زُبُرِ ٱلْأَوَّلِينَ
क्या उनके लिए यह संकेत नहीं कि इसराईल की संतान के ज्ञानी इसे जानते हैं?
أَوَلَمْ يَكُن لَّهُمْ ءَايَةً أَن يَعْلَمَهُۥ عُلَمَٰٓؤُا۟ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ
और यदि हम इसे उनमें से किसी पर उतारते जिसकी भाषा त्रुटिहीन नहीं है, और वह इसे उनके सामने पढ़ता, तो वे इस पर विश्वास न करते।
وَلَوْ نَزَّلْنَٰهُ عَلَىٰ بَعْضِ ٱلْأَعْجَمِينَ فَقَرَأَهُۥ عَلَيْهِم مَّا كَانُوا۟ بِهِۦ مُؤْمِنِينَ
इसी प्रकार हमने इसे बहिष्कृतों के मर्मों में प्रविष्ट कराया; वे इस पर विश्वास नहीं करेंगे जब तक वे पीड़ादायक दंड न देख लें, जो उन पर अचानक आएगा, बिना इसके कि उन्हें उसका आभास हो, और तब वे कहेंगे: “क्या हमें मोहलत दी जाएगी?”
كَذَٰلِكَ سَلَكْنَٰهُ فِى قُلُوبِ ٱلْمُجْرِمِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِهِۦ حَتَّىٰ يَرَوُا۟ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَلِيمَ فَيَأْتِيَهُم بَغْتَةًۭ وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ فَيَقُولُوا۟ هَلْ نَحْنُ مُنظَرُونَ
तो क्या वे हमारे दंड को जल्दी माँग रहे हैं?
أَفَبِعَذَابِنَا يَسْتَعْجِلُونَ
क्या तुमने देखा? यदि हमने उन्हें वर्षों तक उपभोग दिया, फिर उन पर वह आ पड़ा जिसका उनसे वादा किया जाता था, तो उन्हें दिया गया वह उपभोग उनके किस काम आया?
أَفَرَءَيْتَ إِن مَّتَّعْنَٰهُمْ سِنِينَ ثُمَّ جَآءَهُم مَّا كَانُوا۟ يُوعَدُونَ مَآ أَغْنَىٰ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يُمَتَّعُونَ
और हमने किसी बस्ती को नष्ट नहीं किया जब तक उसके पास चेतावनी देने वाले न आ गए हों, स्मरण के रूप में;
وَمَآ أَهْلَكْنَا مِن قَرْيَةٍ إِلَّا لَهَا مُنذِرُونَ ذِكْرَىٰ
और हम कभी अन्यायी नहीं रहे।
وَمَا كُنَّا ظَٰلِمِينَ
और इसके साथ बहकाने वाले नहीं उतरे; यह उनके योग्य नहीं, और वे ऐसा कर भी नहीं सकते।
وَمَا تَنَزَّلَتْ بِهِ ٱلشَّيَٰطِينُ وَمَا يَنۢبَغِى لَهُمْ وَمَا يَسْتَطِيعُونَ
वे तो सुनने से अवश्य दूर रखे गए हैं।
إِنَّهُمْ عَنِ ٱلسَّمْعِ لَمَعْزُولُونَ
इसलिए ईश्वर के साथ किसी अन्य देवता को न पुकारो, नहीं तो तुम दंडित किए गए जनों में होगे।
فَلَا تَدْعُ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ فَتَكُونَ مِنَ ٱلْمُعَذَّبِينَ
और अपने निकटतम स्वजनों को चेतावनी दो, और अपने अनुयायियों में से जो विश्वास करने वाले हैं उनके लिए अपना पंख झुकाओ।
وَأَنذِرْ عَشِيرَتَكَ ٱلْأَقْرَبِينَ وَٱخْفِضْ جَنَاحَكَ لِمَنِ ٱتَّبَعَكَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ
यदि वे तुम्हारी अवज्ञा करें, तो कहो: “मैं उससे निश्चय ही बरी हूँ जो तुम करते हो।”
فَإِنْ عَصَوْكَ فَقُلْ إِنِّى بَرِىٓءٌۭ مِّمَّا تَعْمَلُونَ
और सर्वशक्तिमान, दयालु को मुख़्तार बनाओ, जो तुम्हें देखता है जब तुम खड़े होते हो, और माथा टेकने वालों के बीच तुम्हारे क़दमों का आगे-पीछे होना।
وَتَوَكَّلْ عَلَى ٱلْعَزِيزِ ٱلرَّحِيمِ ٱلَّذِى يَرَىٰكَ حِينَ تَقُومُ وَتَقَلُّبَكَ فِى ٱلسَّٰجِدِينَ
वही निश्चय ही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।
إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ
क्या मैं तुम्हें सूचित करूँ कि बहकाने वाले किस पर उतरते हैं? वे हर पक्के स्वांग भरने वाले पर उतरते हैं, जो अपराधों से लदा है। वे कान लगाते हैं, और उनमें से अधिकतर झूठे हैं।
هَلْ أُنَبِّئُكُمْ عَلَىٰ مَن تَنَزَّلُ ٱلشَّيَٰطِينُ تَنَزَّلُ عَلَىٰ كُلِّ أَفَّاكٍ أَثِيمٍۢ يُلْقُونَ ٱلسَّمْعَ وَأَكْثَرُهُمْ كَٰذِبُونَ
और लुभावने वक्ता, उनका अनुसरण तो दिशाहीन करते हैं।
وَٱلشُّعَرَآءُ يَتَّبِعُهُمُ ٱلْغَاوُۥنَ
क्या तुमने नहीं देखा कि वे हर घाटी में बड़बड़ाते फिरते हैं, और वे वह कहते हैं जो कभी करते नहीं?
أَلَمْ تَرَ أَنَّهُمْ فِى كُلِّ وَادٍۢ يَهِيمُونَ وَأَنَّهُمْ يَقُولُونَ مَا لَا يَفْعَلُونَ
सिवा उनके जिन्होंने विश्वास किया, भले कर्म किए, ईश्वर का बहुत स्मरण किया, और अन्याय सहने के बाद अपनी सहायता स्वयं की;
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ وَذَكَرُوا۟ ٱللَّهَ كَثِيرًۭا وَٱنتَصَرُوا۟ مِنۢ بَعْدِ مَا ظُلِمُوا۟
और जिन्होंने अन्याय किया वे शीघ्र जान लेंगे कि उनका पलटना किस पलटाव पर समाप्त होगा।
وَسَيَعْلَمُ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوٓا۟ أَىَّ مُنقَلَبٍۢ يَنقَلِبُونَ