التغابن
At-Taghabun
Mutual Deception
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। जो कुछ आकाशों और धरती में है, वह ईश्वर की महिमा गाता है।
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ يُسَبِّحُ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۖ
उसी का है राजत्व, और उसी की है प्रशंसा,
لَهُ ٱلۡمُلۡكُ وَلَهُ ٱلۡحَمۡدُۖ
और वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ
वही है जिसने तुम्हें रचा; तुममें कोई नकारने वाला है, और तुममें कोई विश्वास करने वाला है।
هُوَ ٱلَّذِي خَلَقَكُمُۥ فَمِنكُمُۥ كَافِرٞ وَمِنكُمُۥ مُؤۡمِنٞۚ
और ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।
وَٱللَّهُ بِمَا تَعۡمَلُونَ بَصِيرٌ
उसने आकाशों और धरती को पूर्ण सत्य के साथ रचा, और तुम्हें रूप दिया, और तुम्हारे रूप सुंदर बनाए,
خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ بِٱلۡحَقِّ وَصَوَّرَكُمُۥ فَأَحۡسَنَ صُوَرَكُمُۥۖ
और उसी की ओर गंतव्य है।
وَإِلَيۡهِ ٱلۡمَصِيرُ
वह जानता है जो आकाशों और धरती में है, और वह जानता है जो तुम गुप्त रखते हो और जो तुम उजागर करते हो।
يَعۡلَمُ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَيَعۡلَمُ مَا تُسِرُّونَ وَمَا تُعۡلِنُونَۚ
और ईश्वर सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।
وَٱللَّهُ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ
जिन्होंने पहले नकारा, उनकी सूचना क्या तुम्हारे पास नहीं पहुँची? उन्होंने अपने व्यवहार के घातक परिणाम चखे, और उनके लिए पीड़ादायक दंड है।
أَلَمۡ يَأۡتِكُمُۥ نَبَؤُاْ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِن قَبۡلُ فَذَاقُواْ وَبَالَ أَمۡرِهِمُۥ وَلَهُمُۥ عَذَابٌ أَلِيمٞ
यह इसलिए कि उनके संदेशवाहक उनके पास स्पष्ट प्रमाण लाते थे, और उन्होंने कहा: “क्या मानव हमें मार्ग दिखाएँगे?”
ذَٰلِكَ بِأَنَّهُۥ كَانَت تَّأۡتِيهِمُۥ رُسُلُهُمُۥ بِٱلۡبَيِّنَٰتِ فَقَالُواْ أَبَشَرٞ يَهۡدُونَنَا
तब उन्होंने नकारा और पीठ फेर ली, और ईश्वर उनसे निस्पृह रहा,
فَكَفَرُواْ وَتَوَلَّواْۖ وَّٱسۡتَغۡنَى ٱللَّهُۚ
और ईश्वर धनी, प्रशंसनीय है।
وَٱللَّهُ غَنِيٌّ حَمِيدٞ
नकारने वाले दावा करते हैं कि वे कभी उठाए नहीं जाएँगे।
زَعَمَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ أَن لَّن يُبۡعَثُواْۚ
कहो: “क्यों नहीं, मेरे अभिभावक की शपथ, तुम अवश्य उठाए जाओगे, फिर तुम अवश्य सूचित किए जाओगे कि तुमने क्या किया।
قُلۡ بَلَىٰ وَرَبِّي لَتُبۡعَثُنَّ ثُمَّ لَتُنَبَّؤُنَّ بِمَا عَمِلۡتُمُۥۚ
और यह ईश्वर के लिए सरल है।”
وَذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرٞ
अतः ईश्वर पर, उसके संदेशवाहक पर, और उस प्रकाश पर विश्वास करो जो हमने उतारा है।
فَـَٔامِنُواْ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ وَٱلنُّورِ ٱلَّذِي أَنزَلۡنَاۚ
और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।
وَٱللَّهُ بِمَا تَعۡمَلُونَ خَبِيرٞ
जिस दिन वह तुम्हें एकत्र होने के दिन के लिए एकत्र करेगा, वह आपसी धोखे का दिन होगा।
يَوۡمَ يَجۡمَعُكُمُۥ لِيَوۡمِ ٱلۡجَمۡعِۖ ذَٰلِكَ يَوۡمُ ٱلتَّغَابُنِۗ
और जो ईश्वर पर विश्वास करे और भला कर्म करे, हम उसके लिए उसके बुरे कर्म ढक देंगे, और उसे ऐसे उद्यानों में प्रवेश कराएँगे जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, जहाँ वे सदा, चिरकाल तक रहेंगे।
وَمَن يُؤۡمِنۢ بِٱللَّهِ وَيَعۡمَلۡ صَٰلِحٗا يُكَفِّرۡ عَنۡهُۥ سَيِّـَٔاتِهِۦ وَيُدۡخِلۡهُۥ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَا أَبَدٗاۚ
यही विशाल विजय है।
ذَٰلِكَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ
और जिन्होंने नकारा और हमारे संकेतों को झुठलाया — वही आग वाले हैं, उसमें सदा रहने वाले,
وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِ خَٰلِدِينَ فِيهَاۖ
और कितना भयानक गंतव्य!
وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ
कोई विपत्ति नहीं आती, ईश्वर की अनुमति के सिवा।
مَا أَصَابَ مِن مُّصِيبَةٍ إِلَّا بِإِذۡنِ ٱللَّهِۗ
और जो ईश्वर पर विश्वास करता है, वह उसके मर्म को मार्ग दिखाता है,
وَمَن يُؤۡمِنۢ بِٱللَّهِ يَهۡدِ قَلۡبَهُۥۚ
और ईश्वर हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
وَٱللَّهُ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمٞ
और ईश्वर की बात मानो, और संदेशवाहक की बात मानो।
وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُواْ ٱلرَّسُولَۚ
और यदि तुम पीठ फेर लो, तो हमारे संदेशवाहक पर केवल स्पष्ट संप्रेषण का दायित्व है।
فَإِن تَوَلَّيۡتُمُۥ فَإِنَّمَا عَلَىٰ رَسُولِنَا ٱلۡبَلَٰغُ ٱلۡمُبِينُ
ईश्वर, उसके सिवा कोई देवता नहीं।
ٱللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۚ
और विश्वास करने वालों को ईश्वर ही को मुख़्तार बनाना चाहिए।
وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ
हे विश्वास करने वालो! तुम्हारे जोड़ीदारों और तुम्हारे बच्चों में तुम्हारे लिए एक शत्रु है; उनसे चौकन्ने रहो।
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ إِنَّ مِنۡ أَزۡوَٰجِكُمُۥ وَأَوۡلَٰدِكُمُۥ عَدُوّٗا لَّكُمُۥ فَٱحۡذَرُوهُمُۥۚ
परंतु यदि तुम दरगुज़र करो, पन्ना पलट दो, और क्षमा करो, तो ईश्वर निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وَإِن تَعۡفُواْ وَتَصۡفَحُواْ وَتَغۡفِرُواْ فَإِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٌ
तुम्हारी संपत्ति और तुम्हारे बच्चे केवल एक परीक्षा हैं,
إِنَّمَا أَمۡوَٰلُكُمُۥ وَأَوۡلَٰدُكُمُۥ فِتۡنَةٞۚ
और ईश्वर के पास ही विशाल पुरस्कार है।
وَٱللَّهُ عِندَهُۥ أَجۡرٌ عَظِيمٞ
अतः ईश्वर के प्रति जितना तुमसे हो सके सावधान रहो, सुनो, बात मानो, और ख़र्च करो: यह तुम्हारे अपने लिए अच्छाई होगी।
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ مَا ٱسۡتَطَعۡتُمُۥ وَٱسۡمَعُواْ وَأَطِيعُواْ وَأَنفِقُواْ خَيۡرٗا لِّأَنفُسِكُمُۥۗ
और जो अपने स्व के लोभ से बचाया गया, वही सफल होने वाले हैं।
وَمَن يُوقَ شُحَّ نَفۡسِهِۦ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُفۡلِحُونَ
यदि तुम ईश्वर को एक सुंदर उधार दो, तो वह उसे तुम्हारे लिए दुगना कर देगा और तुम्हें क्षमा कर देगा,
إِن تُقۡرِضُواْ ٱللَّهَ قَرۡضًا حَسَنٗا يُضَعِّفۡهُۥ لَكُمُۥ وَيَغۡفِرۡ لَكُمُۥۚ
और ईश्वर अत्यंत कृतज्ञ, सहनशील है।
وَٱللَّهُ شَكُورٌ حَلِيمٌ
वह, जो उसे जानता है जो इंद्रियों से परे है और जो साक्ष्य में है,
عَٰلِمُ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ
सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान।
ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ