الروم
Ar-Rum
The Romans
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
अलिफ़. लाम. मीम.
الٓمٓ
रोमन विजयी हुए हैं, निकटतम धरती में; परंतु अपनी विजय के बाद वे पराजित होंगे, कुछ ही वर्षों में।
غُلِبَتِ ٱلرُّومُ فِىٓ أَدْنَى ٱلْأَرْضِ وَهُم مِّنۢ بَعْدِ غَلَبِهِمْ سَيَغْلِبُونَ فِى بِضْعِ سِنِينَ
आदेश ईश्वर का है, पहले भी और बाद में भी।
لِلَّهِ ٱلْأَمْرُ مِن قَبْلُ وَمِنۢ بَعْدُ
और उस दिन विश्वास करने वाले ईश्वर की सहायता से हर्षित होंगे —
وَيَوْمَئِذٍۢ يَفْرَحُ ٱلْمُؤْمِنُونَ بِنَصْرِ ٱللَّهِ
वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसकी सहायता करता है;
يَنصُرُ مَن يَشَآءُ
और वह सर्वशक्तिमान, दयालु है।
وَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
ईश्वर का वादा: ईश्वर अपना वादा नहीं तोड़ता,
وَعْدَ ٱللَّهِ لَا يُخْلِفُ ٱللَّهُ وَعْدَهُۥ
परंतु अधिकतर लोग नहीं जानते।
وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ
वे इहलोक के जीवन का केवल वही जानते हैं जो खुला है, जबकि अंतिम जीवन से वे लापरवाह हैं।
يَعْلَمُونَ ظَٰهِرًۭا مِّنَ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا وَهُمْ عَنِ ٱلْءَاخِرَةِ هُمْ غَٰفِلُونَ
क्या उन्होंने अपने भीतर सोच-विचार नहीं किया?
أَوَلَمْ يَتَفَكَّرُوا۟ فِىٓ أَنفُسِهِم
ईश्वर ने आकाशों और धरती को, और जो उनके बीच है, केवल सत्य के साथ और नामित अवधि के लिए रचा है;
مَّا خَلَقَ ٱللَّهُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَآ إِلَّا بِٱلْحَقِّ وَأَجَلٍۢ مُّسَمًّۭى
और बहुत से लोग अपने अभिभावक से मिलन को अवश्य नकारते हैं।
وَإِنَّ كَثِيرًۭا مِّنَ ٱلنَّاسِ بِلِقَآئِ رَبِّهِمْ لَكَٰفِرُونَ
क्या उन्होंने धरती में घूमकर नज़र नहीं डाली कि उनसे पहले वालों का परिणाम कैसा रहा? वे बल में उनसे बढ़कर थे, उन्होंने धरती को उभारा था
أَوَلَمْ يَسِيرُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ فَيَنظُرُوا۟ كَيْفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ كَانُوٓا۟ أَشَدَّ مِنْهُمْ قُوَّةًۭ وَأَثَارُوا۟ ٱلْأَرْضَ
और उसे उनसे अधिक आबाद किया था जितना उन्होंने उसे आबाद किया है; और उनके संदेशवाहक उनके पास स्पष्ट प्रमाणों के साथ आए,
وَعَمَرُوهَآ أَكْثَرَ مِمَّا عَمَرُوهَا وَجَآءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِٱلْبَيِّنَٰتِ
और ईश्वर उन पर अन्याय करने वाला न था,
فَمَا كَانَ ٱللَّهُ لِيَظْلِمَهُمْ
बल्कि वे स्वयं अपने ऊपर अन्याय करते थे।
وَلَٰكِن كَانُوٓا۟ أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ
फिर बुरा करने वालों का परिणाम सबसे बुरा हुआ, इसलिए कि उन्होंने ईश्वर के संकेतों को झुठलाया और उनका मज़ाक़ उड़ाया।
ثُمَّ كَانَ عَٰقِبَةَ ٱلَّذِينَ أَسَٰٓـُٔوا۟ ٱلسُّوٓأَىٰٓ أَن كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَكَانُوا۟ بِهَا يَسْتَهْزِءُونَ
ईश्वर रचना का आरंभ करता है, फिर उसे दोहराता है, फिर वे उसी की ओर लौटाए जाएँगे।
ٱللَّهُ يَبْدَؤُا۟ ٱلْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥ ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
और जिस दिन वह घड़ी आ खड़ी होगी, बहिष्कृत निराशा में डूब जाएँगे, और उनके साझीदारों में से उनका कोई मध्यस्थ न होगा; और अपने ही साझीदारों को वे नकार देंगे।
وَيَوْمَ تَقُومُ ٱلسَّاعَةُ يُبْلِسُ ٱلْمُجْرِمُونَ وَلَمْ يَكُن لَّهُم مِّن شُرَكَآئِهِمْ شُفَعَٰٓؤُا۟ وَكَانُوا۟ بِشُرَكَآئِهِمْ كَٰفِرِينَ
और जिस दिन वह घड़ी आ खड़ी होगी, उस दिन वे अलग हो जाएँगे:
وَيَوْمَ تَقُومُ ٱلسَّاعَةُ يَوْمَئِذٍۢ يَتَفَرَّقُونَ
जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, वे एक फूलों भरे उद्यान में हर्ष से भर दिए जाएँगे;
فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فَهُمْ فِى رَوْضَةٍۢ يُحْبَرُونَ
और जिन्होंने नकारा और हमारे संकेतों और अंतिम जीवन के मिलन को झुठलाया, वे दंड में लाए जाएँगे।
وَأَمَّا ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَكَذَّبُوا۟ بِـَٔايَٰتِنَا وَلِقَآئِ ٱلْءَاخِرَةِ فَأُو۟لَٰٓئِكَ فِى ٱلْعَذَابِ مُحْضَرُونَ
अतः ईश्वर की महिमा हो जब तुम शाम में प्रवेश करते हो और जब तुम सुबह में प्रवेश करते हो!
فَسُبْحَٰنَ ٱللَّهِ حِينَ تُمْسُونَ وَحِينَ تُصْبِحُونَ
और आकाशों और धरती में प्रशंसा उसी की है, और दिन ढलते समय, और जब तुम दोपहर में प्रवेश करते हो।
وَلَهُ ٱلْحَمْدُ فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَعَشِيًّۭا وَحِينَ تُظْهِرُونَ
वह जीवित को मृत से निकालता है, और मृत को जीवित से निकालता है, और धरती को उसकी मृत्यु के बाद पुनः जीवन देता है;
يُخْرِجُ ٱلْحَىَّ مِنَ ٱلْمَيِّتِ وَيُخْرِجُ ٱلْمَيِّتَ مِنَ ٱلْحَىِّ وَيُحْىِ ٱلْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا
और इसी प्रकार तुम निकाले जाओगे।
وَكَذَٰلِكَ تُخْرَجُونَ
और उसके संकेतों में से यह है कि उसने तुम्हें मिट्टी से रचा; फिर देखो, तुम फैलते हुए मानव हो।
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦٓ أَنْ خَلَقَكُم مِّن تُرَابٍۢ ثُمَّ إِذَآ أَنتُم بَشَرٌۭ تَنتَشِرُونَ
और उसके संकेतों में से यह है कि उसने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से जोड़ीदार रचे, ताकि तुम उनमें चैन पाओ, और उसने तुम्हारे बीच स्नेह और दया रखी;
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦٓ أَنْ خَلَقَ لَكُم مِّنْ أَنفُسِكُمْ أَزْوَٰجًۭا لِّتَسْكُنُوٓا۟ إِلَيْهَا وَجَعَلَ بَيْنَكُم مَّوَدَّةًۭ وَرَحْمَةً
इसमें अवश्य उस क़ौम के लिए संकेत हैं जो सोच-विचार करती है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يَتَفَكَّرُونَ
और उसके संकेतों में से आकाशों और धरती की रचना है, और तुम्हारी भाषाओं और तुम्हारे रंगों की विविधता;
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦ خَلْقُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَٱخْتِلَٰفُ أَلْسِنَتِكُمْ وَأَلْوَٰنِكُمْ
इसमें अवश्य जानने वालों के लिए संकेत हैं।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَٰتٍۢ لِّلْعَٰلِمِينَ
और उसके संकेतों में से रात और दिन में तुम्हारी नींद है, और उसके अनुग्रह की तुम्हारी खोज;
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦ مَنَامُكُم بِٱلَّيْلِ وَٱلنَّهَارِ وَٱبْتِغَآؤُكُم مِّن فَضْلِهِۦٓ
इसमें अवश्य उस क़ौम के लिए संकेत हैं जो सुनती है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يَسْمَعُونَ
और उसके संकेतों में से यह है कि वह तुम्हें बिजली की कौंध दिखाता है, जिससे डरा जाता है और जिसकी आशा की जाती है, और आकाश से पानी उतारता है, जिससे वह धरती को उसकी मृत्यु के बाद पुनः जीवन देता है;
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦ يُرِيكُمُ ٱلْبَرْقَ خَوْفًۭا وَطَمَعًۭا وَيُنَزِّلُ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءًۭ فَيُحْىِۦ بِهِ ٱلْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَآ
इसमें अवश्य उस क़ौम के लिए संकेत हैं जो बुद्धि से काम लेती है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يَعْقِلُونَ
और उसके संकेतों में से यह है कि आकाश और धरती उसके आदेश से बने रहते हैं;
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦٓ أَن تَقُومَ ٱلسَّمَآءُ وَٱلْأَرْضُ بِأَمْرِهِۦ
फिर जब वह तुम्हें धरती से एक ही बुलावे से बुलाएगा, तब देखो, तुम निकल आओगे।
ثُمَّ إِذَا دَعَاكُمْ دَعْوَةًۭ مِّنَ ٱلْأَرْضِ إِذَآ أَنتُمْ تَخْرُجُونَ
और जो कोई आकाशों और धरती में है, वह उसी का है;
وَلَهُۥ مَن فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ
सब उसके प्रति समर्पित हैं।
كُلٌّۭ لَّهُۥ قَٰنِتُونَ
और वही है जो रचना का आरंभ करता है, फिर उसे दोहराता है — यह उसके लिए और भी सरल चीज़ है;
وَهُوَ ٱلَّذِى يَبْدَؤُا۟ ٱلْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥ وَهُوَ أَهْوَنُ عَلَيْهِ
और आकाशों और धरती में सबसे ऊँचा उदाहरण उसी का है;
وَلَهُ ٱلْمَثَلُ ٱلْأَعْلَىٰ فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ
और वह सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْحَكِيمُ
उसने तुम्हारे लिए तुम्हीं में से एक उदाहरण कई गुना किया है: क्या तुम्हारे शपथ से बँधों में से कोई उसमें साझीदार हैं जिसकी जीविका हमने तुम्हें दी है, कि तुम उसमें बराबर हो जाओ, उनसे ऐसे डरते हुए जैसे तुम एक-दूसरे से डरते हो?
ضَرَبَ لَكُم مَّثَلًۭا مِّنْ أَنفُسِكُمْ هَل لَّكُم مِّن مَّا مَلَكَتْ أَيْمَٰنُكُم مِّن شُرَكَآءَ فِى مَا رَزَقْنَٰكُمْ فَأَنتُمْ فِيهِ سَوَآءٌۭ تَخَافُونَهُمْ كَخِيفَتِكُمْ أَنفُسَكُمْ
इसी प्रकार हम उस क़ौम के लिए संकेतों का विस्तार से वर्णन करते हैं जो बुद्धि से काम लेती है।
كَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلْءَايَٰتِ لِقَوْمٍۢ يَعْقِلُونَ
जिन्होंने अन्याय किया, उन्होंने बल्कि बिना जाने अपनी भावनाओं का अनुसरण किया।
بَلِ ٱتَّبَعَ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوٓا۟ أَهْوَآءَهُم بِغَيْرِ عِلْمٍۢ
अब उसे मार्ग कौन दिखाएगा जिसे ईश्वर ने भटकाया है?
فَمَن يَهْدِى مَنْ أَضَلَّ ٱللَّهُ
और उन्हें कोई सहायता न मिलेगी।
وَمَا لَهُم مِّن نَّٰصِرِينَ
इसलिए विधान की ओर अपनी दिशा बनाए रखो, पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़े हुए — वह मूल प्रकृति जो ईश्वर ने लोगों को दी है, वैसी ही जैसी उसने उन्हें मूलतः रचा। ईश्वर की रचना में कोई परिवर्तन नहीं: यही सीधा विधान है, परंतु अधिकतर लोग नहीं जानते — निरंतर उसका आसरा लेते हुए, उसके प्रति सावधान रहो, संपर्क बनाए रखो, और साझी ठहराने वालों में से मत होओ, उनमें से जिन्होंने अपना विधान बाँट दिया और जो गुट बन गए,
فَأَقِمْ وَجْهَكَ لِلدِّينِ حَنِيفًۭا فِطْرَتَ ٱللَّهِ ٱلَّتِى فَطَرَ ٱلنَّاسَ عَلَيْهَا لَا تَبْدِيلَ لِخَلْقِ ٱللَّهِ ذَٰلِكَ ٱلدِّينُ ٱلْقَيِّمُ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ مُنِيبِينَ إِلَيْهِ وَٱتَّقُوهُ وَأَقِيمُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَلَا تَكُونُوا۟ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ مِنَ ٱلَّذِينَ فَرَّقُوا۟ دِينَهُمْ وَكَانُوا۟ شِيَعًۭا
हर दल उससे प्रसन्न होता हुआ जो उसके पास है।
كُلُّ حِزْبٍۭ بِمَا لَدَيْهِمْ فَرِحُونَ
और जब लोगों को कोई हानि पहुँचती है, तो वे अपने अभिभावक को पुकारते हैं, उसका आसरा लेते हुए;
وَإِذَا مَسَّ ٱلنَّاسَ ضُرٌّۭ دَعَوْا۟ رَبَّهُم مُّنِيبِينَ إِلَيْهِ
फिर जब वह उन्हें अपनी ओर से दया का स्वाद चखाता है, तो देखो, उनमें से एक भाग अपने अभिभावक के साथ साझी ठहराता है,
ثُمَّ إِذَآ أَذَاقَهُم مِّنْهُ رَحْمَةً إِذَا فَرِيقٌۭ مِّنْهُم بِرَبِّهِمْ يُشْرِكُونَ
ताकि जो हमने उन्हें दिया उसे नकारें।
لِيَكْفُرُوا۟ بِمَآ ءَاتَيْنَٰهُمْ
तो उपभोग कर लो: शीघ्र ही तुम जान लोगे।
فَتَمَتَّعُوا۟ فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ
या क्या हमने उन पर कोई अधिकार उतारा है जो उसके पक्ष में बोले जिसे वे उसके साथ साझी ठहराते हैं?
أَمْ أَنزَلْنَا عَلَيْهِمْ سُلْطَٰنًۭا فَهُوَ يَتَكَلَّمُ بِمَا كَانُوا۟ بِهِۦ يُشْرِكُونَ
और जब हम लोगों को दया का स्वाद चखाते हैं, तो वे उससे हर्षित होते हैं;
وَإِذَآ أَذَقْنَا ٱلنَّاسَ رَحْمَةًۭ فَرِحُوا۟ بِهَا
और यदि उन पर कोई बुराई आ पड़े, उसके कारण जो उनके हाथों ने आगे बढ़ाया, तो देखो, वे हिम्मत हार जाते हैं।
وَإِن تُصِبْهُمْ سَيِّئَةٌۢ بِمَا قَدَّمَتْ أَيْدِيهِمْ إِذَا هُمْ يَقْنَطُونَ
क्या उन्होंने नहीं देखा कि ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए जीविका फैला देता है, और नापकर देता है?
أَوَلَمْ يَرَوْا۟ أَنَّ ٱللَّهَ يَبْسُطُ ٱلرِّزْقَ لِمَن يَشَآءُ وَيَقْدِرُ
इसमें अवश्य उस क़ौम के लिए संकेत हैं जो विश्वास करती है।
إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَءَايَٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يُؤْمِنُونَ
अतः निकटवर्ती को उसका देय दो, और दरिद्र को और राह के मुसाफ़िर को भी;
فَـَٔاتِ ذَا ٱلْقُرْبَىٰ حَقَّهُۥ وَٱلْمِسْكِينَ وَٱبْنَ ٱلسَّبِيلِ
यह उनके लिए बेहतर है जो ईश्वर की दिशा चाहते हैं,
ذَٰلِكَ خَيْرٌۭ لِّلَّذِينَ يُرِيدُونَ وَجْهَ ٱللَّهِ
और वही सफल होने वाले हैं।
وَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُفْلِحُونَ
और जो तुम बढ़ाने वाले उधार के रूप में देते हो, ताकि वह लोगों की संपत्ति में बढ़े, वह ईश्वर के पास नहीं बढ़ता;
وَمَآ ءَاتَيْتُم مِّن رِّبًۭا لِّيَرْبُوَا۟ فِىٓ أَمْوَٰلِ ٱلنَّاسِ فَلَا يَرْبُوا۟ عِندَ ٱللَّهِ
परंतु जो तुम शुद्ध उदारता के रूप में देते हो, ईश्वर की दिशा चाहते हुए — वही दोगुना करने वाले हैं।
وَمَآ ءَاتَيْتُم مِّن زَكَوٰةٍۢ تُرِيدُونَ وَجْهَ ٱللَّهِ فَأُو۟لَٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُضْعِفُونَ
ईश्वर वही है जिसने तुम्हें रचा, फिर तुम्हें जीविका दी, फिर तुम्हें मृत्यु देता है, फिर तुम्हें पुनः जीवन देता है।
ٱللَّهُ ٱلَّذِى خَلَقَكُمْ ثُمَّ رَزَقَكُمْ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيكُمْ
क्या तुम्हारे साझीदारों में कोई है जो इन सबमें से कुछ भी करे?
هَلْ مِن شُرَكَآئِكُم مَّن يَفْعَلُ مِن ذَٰلِكُم مِّن شَىْءٍۢ
उसकी महिमा हो, और वह उससे बहुत ऊपर है जिसे तुम उसके साथ साझी ठहराते हो।
سُبْحَٰنَهُۥ وَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
बिगाड़ थल और समुद्र में सामने आ गया है, उसके कारण जो लोगों के हाथों ने कमाया, ताकि वह उन्हें उसका एक भाग चखाए जो उन्होंने किया, शायद वे लौटें।
ظَهَرَ ٱلْفَسَادُ فِى ٱلْبَرِّ وَٱلْبَحْرِ بِمَا كَسَبَتْ أَيْدِى ٱلنَّاسِ لِيُذِيقَهُم بَعْضَ ٱلَّذِى عَمِلُوا۟ لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ
कहो: “धरती में घूमो, और नज़र डालो कि पहले वालों का परिणाम कैसा रहा।”
قُلْ سِيرُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ فَٱنظُرُوا۟ كَيْفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلُ
उनमें से अधिकतर साझी ठहराने वाले थे।
كَانَ أَكْثَرُهُم مُّشْرِكِينَ
अतः सीधे विधान की ओर अपनी दिशा बनाए रखो, इससे पहले कि ईश्वर की ओर से एक ऐसा दिन आए जो रद्द नहीं किया जा सकता:
فَأَقِمْ وَجْهَكَ لِلدِّينِ ٱلْقَيِّمِ مِن قَبْلِ أَن يَأْتِىَ يَوْمٌۭ لَّا مَرَدَّ لَهُۥ مِنَ ٱللَّهِ
उस दिन वे दो फाड़ हो जाएँगे।
يَوْمَئِذٍۢ يَصَّدَّعُونَ
जो नकारता है, उसका नकार उसी पर आ पड़ता है;
مَن كَفَرَ فَعَلَيْهِ كُفْرُهُۥ
और जो कोई भला कर्म करता है, वे अपने लिए बिछौना सँवार रहे हैं — ताकि वह अपने अनुग्रह से उन्हें प्रतिफल दे जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए,
وَمَنْ عَمِلَ صَٰلِحًۭا فَلِأَنفُسِهِمْ يَمْهَدُونَ لِيَجْزِىَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ مِن فَضْلِهِۦٓ
क्योंकि वह नकारने वालों से प्रेम नहीं करता।
إِنَّهُۥ لَا يُحِبُّ ٱلْكَٰفِرِينَ
और उसके संकेतों में से यह है कि वह शुभ समाचार देने वाली हवाएँ भेजता है, ताकि तुम्हें अपनी दया का स्वाद चखाए, ताकि जलयान उसके आदेश से चलें, ताकि तुम उसका अनुग्रह खोजो, और शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।
وَمِنْ ءَايَٰتِهِۦٓ أَن يُرْسِلَ ٱلرِّيَاحَ مُبَشِّرَٰتٍۢ وَلِيُذِيقَكُم مِّن رَّحْمَتِهِۦ وَلِتَجْرِىَ ٱلْفُلْكُ بِأَمْرِهِۦ وَلِتَبْتَغُوا۟ مِن فَضْلِهِۦ وَلَعَلَّكُمْ تَشْكُرُونَ
और हमने निश्चय ही तुमसे पहले संदेशवाहकों को उनकी क़ौम की ओर भेजा; वे उनके पास स्पष्ट प्रमाणों के साथ आए, और जो बहिष्कृत हुए उनसे हमने प्रतिशोध लिया;
وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا مِن قَبْلِكَ رُسُلًا إِلَىٰ قَوْمِهِمْ فَجَآءُوهُم بِٱلْبَيِّنَٰتِ فَٱنتَقَمْنَا مِنَ ٱلَّذِينَ أَجْرَمُوا۟
और विश्वास करने वालों की सहायता करना हम पर एक कर्तव्य था।
وَكَانَ حَقًّا عَلَيْنَا نَصْرُ ٱلْمُؤْمِنِينَ
ईश्वर वही है जो हवाएँ भेजता है; वे बादलों को उभारती हैं, जिन्हें वह आकाश में जैसी उसकी मर्ज़ी हो, फैलाता है, और उन्हें टुकड़ों में कर देता है; तब तुम देखते हो कि फुहार उनके भीतर से निकल रही है।
ٱللَّهُ ٱلَّذِى يُرْسِلُ ٱلرِّيَٰحَ فَتُثِيرُ سَحَابًۭا فَيَبْسُطُهُۥ فِى ٱلسَّمَآءِ كَيْفَ يَشَآءُ وَيَجْعَلُهُۥ كِسَفًۭا فَتَرَى ٱلْوَدْقَ يَخْرُجُ مِنْ خِلَٰلِهِۦ
फिर जब वह उसे अपने आज्ञाकारियों में से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उस तक पहुँचा देता है, तो देखो, वे उल्लसित हो उठते हैं,
فَإِذَآ أَصَابَ بِهِۦ مَن يَشَآءُ مِنْ عِبَادِهِۦٓ إِذَا هُمْ يَسْتَبْشِرُونَ
जबकि इससे पहले, उसके उन पर उतरने से पहले, वे अवश्य निराश थे।
وَإِن كَانُوا۟ مِن قَبْلِ أَن يُنَزَّلَ عَلَيْهِم مِّن قَبْلِهِۦ لَمُبْلِسِينَ
अतः ईश्वर की दया का अवशेष देखो: कैसे वह धरती को उसकी मृत्यु के बाद पुनः जीवन देता है;
فَٱنظُرْ إِلَىٰٓ ءَاثَٰرِ رَحْمَتِ ٱللَّهِ كَيْفَ يُحْىِ ٱلْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَآ
वही अवश्य मृतकों को पुनः जीवन देने वाला है,
إِنَّ ذَٰلِكَ لَمُحْىِ ٱلْمَوْتَىٰ
और वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرٌۭ
और यदि हम कोई हवा भेजें, और वे उसे पीला पड़ता देखें, तो उसके बाद भी वे नकारने में लगे रहेंगे।
وَلَئِنْ أَرْسَلْنَا رِيحًۭا فَرَأَوْهُ مُصْفَرًّۭا لَّظَلُّوا۟ مِنۢ بَعْدِهِۦ يَكْفُرُونَ
तो तुम मृतकों को नहीं सुनवाते, और बहरों को बुलावा नहीं सुनवाते, जब वे पीठ फेरकर चले जाते हैं।
فَإِنَّكَ لَا تُسْمِعُ ٱلْمَوْتَىٰ وَلَا تُسْمِعُ ٱلصُّمَّ ٱلدُّعَآءَ إِذَا وَلَّوْا۟ مُدْبِرِينَ
और तुम अंधों को उनके भटकाव से निकालकर मार्ग दिखाने वाले नहीं हो;
وَمَآ أَنتَ بِهَٰدِ ٱلْعُمْىِ عَن ضَلَٰلَتِهِمْ
तुम केवल उसे सुनवाते हो जो हमारे संकेतों पर विश्वास करता है, और वही ईश्वर के प्रति खरे हैं।
إِن تُسْمِعُ إِلَّا مَن يُؤْمِنُ بِـَٔايَٰتِنَا فَهُم مُّسْلِمُونَ
ईश्वर वही है जिसने तुम्हें एक कमज़ोरी से रचा, फिर कमज़ोरी के बाद बल रखा, फिर बल के बाद कमज़ोरी और सफ़ेद बाल रखे;
ٱللَّهُ ٱلَّذِى خَلَقَكُم مِّن ضَعْفٍۢ ثُمَّ جَعَلَ مِنۢ بَعْدِ ضَعْفٍۢ قُوَّةًۭ ثُمَّ جَعَلَ مِنۢ بَعْدِ قُوَّةٍۢ ضَعْفًۭا وَشَيْبَةًۭ
वह रचता है जो उसकी मर्ज़ी हो,
يَخْلُقُ مَا يَشَآءُ
और वह सर्वज्ञ, सामर्थ्यवान है।
وَهُوَ ٱلْعَلِيمُ ٱلْقَدِيرُ
और जिस दिन वह घड़ी आ खड़ी होगी, बहिष्कृत शपथ खाएँगे कि उन्होंने एक घड़ी भर ही बिताई;
وَيَوْمَ تَقُومُ ٱلسَّاعَةُ يُقْسِمُ ٱلْمُجْرِمُونَ مَا لَبِثُوا۟ غَيْرَ سَاعَةٍۢ
इसी प्रकार वे उलटे फेरे जाते थे।
كَذَٰلِكَ كَانُوا۟ يُؤْفَكُونَ
और जिन्हें ज्ञान और विश्वास दिया गया, वे कहेंगे: “निश्चय ही तुमने ईश्वर की संहिता के अनुसार उठाए जाने के दिन तक अपना समय बिताया;
وَقَالَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْعِلْمَ وَٱلْإِيمَٰنَ لَقَدْ لَبِثْتُمْ فِى كِتَٰبِ ٱللَّهِ إِلَىٰ يَوْمِ ٱلْبَعْثِ
तो यह रहा उठाए जाने का दिन — परंतु तुम नहीं जानते थे।”
فَهَٰذَا يَوْمُ ٱلْبَعْثِ وَلَٰكِنَّكُمْ كُنتُمْ لَا تَعْلَمُونَ
उस दिन अन्यायियों की सफ़ाई उन्हें कोई लाभ न देगी, और उनसे अब खेद प्रकट करने को नहीं कहा जाएगा।
فَيَوْمَئِذٍۢ لَّا يَنفَعُ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ مَعْذِرَتُهُمْ وَلَا هُمْ يُسْتَعْتَبُونَ
और हमने निश्चय ही इस पाठ में लोगों के लिए हर प्रकार के उदाहरण कई गुना किए हैं;
وَلَقَدْ ضَرَبْنَا لِلنَّاسِ فِى هَٰذَا ٱلْقُرْءَانِ مِن كُلِّ مَثَلٍۢ
और यदि तुम उनके पास कोई संकेत लाओ, तो नकारने वाले अवश्य कहेंगे: “तुम तो केवल मिथ्या गढ़ने वाले हो।”
وَلَئِن جِئْتَهُم بِـَٔايَةٍۢ لَّيَقُولَنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ إِنْ أَنتُمْ إِلَّا مُبْطِلُونَ
इसी प्रकार ईश्वर उनके मर्मों पर मुहर लगाता है जो नहीं जानते।
كَذَٰلِكَ يَطْبَعُ ٱللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِ ٱلَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ
अतः धैर्य रखो,
فَٱصْبِرْ
क्योंकि ईश्वर का वादा सत्य है;
إِنَّ وَعْدَ ٱللَّهِ حَقٌّۭ
और जिन्हें यक़ीन नहीं, वे तुम्हें हल्का न बना दें।
وَلَا يَسْتَخِفَّنَّكَ ٱلَّذِينَ لَا يُوقِنُونَ