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القرآن

ال عمران

Al-Imran

The Rope of God

अध्याय 3 · 200 पद

3:1

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। अलिफ़. लाम. मीम.

بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ الٓمٓۚ

3:2

ईश्वर, उसके सिवा कोई देवता नहीं,

ٱللَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ

3:3

जीवित, अपने आप बना रहने वाला। उसने तुम पर ग्रंथ उतारा, पूर्ण सत्य के साथ, उसकी पुष्टि करता हुआ जो उससे पहले है,

ٱلۡحَيُّ ٱلۡقَيُّومُ نَزَّلَ عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ بِٱلۡحَقِّ مُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِۦ

3:4

और उसने पहले तौरात और इंजील उतारीं, लोगों के लिए मार्गदर्शन, और उसने विवेक उतारा।

وَأَنزَلَ ٱلتَّوۡرَىٰةَ وَٱلۡإِنجِيلَ مِن قَبۡلُ هُدٗى لِّلنَّاسِ وَأَنزَلَ ٱلۡفُرۡقَانَ

निश्चय ही, जिन्होंने ईश्वर के संकेतों को नकारा, उनके लिए कठोर दंड होगा।

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ لَهُمُۥ عَذَابٞ شَدِيدٞۗ

ईश्वर सर्वशक्तिमान, प्रतिशोध वाला है।

وَٱللَّهُ عَزِيزٞ ذُو ٱنتِقَامٍ

निश्चय ही ईश्वर से कुछ भी छिपा नहीं है, न धरती पर और न आकाश में।

إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَخۡفَىٰ عَلَيۡهِۦ شَيۡءٞ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا فِي ٱلسَّمَآءِ

वही है जो गर्भाशयों में तुम्हें रूप देता है जैसी उसकी मर्ज़ी हो।

هُوَ ٱلَّذِي يُصَوِّرُكُمُۥ فِي ٱلۡأَرۡحَامِ كَيۡفَ يَشَآءُۚ

उसके सिवा कोई देवता नहीं,

لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ

सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान।

ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ

3:7

वही है जिसने तुम पर ग्रंथ उतारा;

هُوَ ٱلَّذِي أَنزَلَ عَلَيۡكَ ٱلۡكِتَٰبَ مِنۡهُۥ

3:7

उसमें कुछ एकार्थक संकेत हैं, जो ग्रंथ की मूल-प्रति हैं, और दूसरे, समरूपता के अधीन।

ءَايَٰتٞ مُّحۡكَمَٰتٌ هُنَّ أُمُّ ٱلۡكِتَٰبِ وَأُخَرُ مُتَشَٰبِهَٰتٞۖ

3:7

रही बात उनकी जिनके मर्मों में टेढ़ापन है, वे ग्रंथ में उसी का अनुसरण करते हैं जो समरूपता वाला है, परीक्षा की खोज में और उसकी व्याख्या की खोज में;

فَأَمَّا ٱلَّذِينَ فِي قُلُوبِهِمُۥ زَيۡغٞ فَيَتَّبِعُونَ مَا تَشَٰبَهَ مِنۡهُ ٱبۡتِغَآءَ ٱلۡفِتۡنَةِ وَٱبۡتِغَآءَ تَأۡوِيلِهِۦۖ

3:7

जबकि उसकी व्याख्या ईश्वर के सिवा कोई नहीं जानता।

وَمَا يَعۡلَمُ تَأۡوِيلَهُۥ إِلَّا ٱللَّهُۗ

3:7

और जो ज्ञान में जड़ जमाए हुए हैं वे कहते हैं: “हम उस पर विश्वास करते हैं; सब कुछ हमारे अभिभावक की ओर से है”;

وَٱلرَّٰسِخُونَ فِي ٱلۡعِلۡمِ يَقُولُونَ ءَامَنَّا بِهِۦ كُلّٞ مِّنۡ عِندِ رَبِّنَاۗ

3:7

और इसे केवल मेधा रखने वाले ही स्मरण करते हैं।

وَمَا يَذَّكَّرُ إِلَّا أُوْلُواْ ٱلۡأَلۡبَٰبِ

“हमारे अभिभावक, हमें मार्ग दिखा देने के बाद हमारे मर्मों को टेढ़ा न कीजिए, और अपनी ओर से हमें दया प्रदान कीजिए;

رَبَّنَا لَا تُزِغۡ قُلُوبَنَا بَعۡدَ إِذۡ هَدَيۡتَنَا وَهَبۡ لَنَا مِن لَّدُنكَ رَحۡمَةًۚ

क्योंकि आप ही प्रदाता हैं।

إِنَّكَ أَنتَ ٱلۡوَهَّابُ

हमारे अभिभावक, आप लोगों को एक ऐसे दिन के लिए एकत्र करने वाले हैं जिसमें कोई संदेह नहीं,

رَبَّنَا إِنَّكَ جَامِعُ ٱلنَّاسِ لِيَوۡمٖ لَّا رَيۡبَ فِيهِۦۚ

क्योंकि ईश्वर अपने वादे से नहीं चूकता।”

إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُخۡلِفُ ٱلۡمِيعَادَ

निश्चय ही, जो नकारते हैं, न उनकी संपत्ति और न उनके बच्चे ईश्वर के सामने उनके किसी काम आएँगे।

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَن تُغۡنِيَ عَنۡهُمُۥ أَمۡوَٰلُهُمُۥ وَلَا أَوۡلَٰدُهُمُۥ مِنَ ٱللَّهِ شَيۡـٔٗاۖ

3:11

और वही आग का ईंधन हैं, फ़िरऔन के कुल के बर्ताव की तरह,

وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُۥ وَقُودُ ٱلنَّارِ كَدَأۡبِ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ

3:11

और उनके भी जो उनसे पहले थे, जिन्होंने हमारे संकेतों को झुठलाया; तब ईश्वर ने उन्हें उनके दोषों के कारण पकड़ लिया।

وَٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمُۥۚ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا فَأَخَذَهُمُ ٱللَّهُ بِذُنُوبِهِمُۥۗ

ईश्वर सज़ा देने में कठोर है।

وَٱللَّهُ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ

नकारने वालों से कहो: “तुम पराजित किए जाओगे, और जहन्नम की ओर इकट्ठा किए जाओगे।”

قُل لِّلَّذِينَ كَفَرُواْ سَتُغۡلَبُونَ وَتُحۡشَرُونَ إِلَىٰ جَهَنَّمَۖ

और कितना भयानक बिछौना!

وَبِئۡسَ ٱلۡمِهَادُ

3:13

तुम्हारे लिए इन दो टुकड़ियों में एक संकेत था, जो एक-दूसरे से मिलीं:

قَدۡ كَانَ لَكُمُۥ ءَايَةٞ فِي فِئَتَيۡنِ ٱلۡتَقَتَاۖ

3:13

एक ईश्वर की राह में लड़ रही थी, और दूसरी नकार रही थी; तुम उन्हें, नंगी आँख से, जितने वे थे उससे दुगुना देखते थे।

فِئَةٞ تُقَٰتِلُ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ وَأُخۡرَىٰ كَافِرَةٞ يَرَوۡنَهُمُۥ مِثۡلَيۡهِمُۥ رَأۡيَ ٱلۡعَيۡنِۚ

3:13

ईश्वर अपनी सहायता से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे सुदृढ़ करता है।

وَٱللَّهُ يُؤَيِّدُ بِنَصۡرِهِۦ مَن يَشَآءُۚ

3:13

इसमें अवश्य दृष्टियों वालों के लिए एक सीख है।

اِ۪نَّ فِي ذَٰلِكَ لَعِبۡرَةٗ لِّأُوْلِي ٱلۡأَبۡصَٰرِ

3:14

लोगों के लिए कामनाओं का प्रेम सजाया गया है: स्त्रियाँ, बेटे, सोने और चाँदी के ढेर लगे क्विंटल, निशान लगे घोड़े, पशुधन और खेती।

زُيِّنَ لِلنَّاسِ حُبُّ ٱلشَّهَوَٰتِ مِنَ ٱلنِّسَآءِ وَٱلۡبَنِينَ وَٱلۡقَنَٰطِيرِ ٱلۡمُقَنطَرَةِ مِنَ ٱلذَّهَبِ وَٱلۡفِضَّةِ وَٱلۡخَيۡلِ ٱلۡمُسَوَّمَةِ وَٱلۡأَنۡعَٰمِ وَٱلۡحَرۡثِۗ

3:14

यह इहलोक के जीवन का उपभोग है;

ذَٰلِكَ مَتَٰعُ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ

3:14

जबकि ईश्वर के पास ही पुनरागमन का सुंदर स्थान है।

وَٱللَّهُ عِندَهُۥ حُسۡنُ ٱلۡمَـَٔابِ

3:15

कहो: “क्या मैं तुम्हें इससे बेहतर किसी चीज़ के बारे में सूचित करूँ?

۞ قُلۡ أَو۬نَبِّئُكُمُۥ بِخَيۡرٖ مِّن ذَٰلِكُمُۥۖ

3:15

सावधानी बरतने वालों के लिए उनके अभिभावक के पास ऐसे उद्यान हैं जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, जिनमें वे सदा रहेंगे, स्वच्छ किए हुए जोड़ीदार, और ईश्वर की ओर से एक प्रसन्नता।”

لِلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ عِندَ رَبِّهِمُۥ جَنَّٰتٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَا وَأَزۡوَٰجٞ مُّطَهَّرَةٞ وَرِضۡوَٰنٞ مِّنَ ٱللَّهِۗ

ईश्वर अपने आज्ञाकारियों पर दृष्टि रखता है,

وَٱللَّهُ بَصِيرُۢ بِٱلۡعِبَادِ

जो कहते हैं: “हमारे अभिभावक, हमने निश्चय ही विश्वास किया है; तो हमारे दोष क्षमा कीजिए, और हमें आग के दंड से बचाइए”,

ٱلَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا إِنَّنَا ءَامَنَّا فَٱغۡفِرۡ لَنَا ذُنُوبَنَا وَقِنَا عَذَابَ ٱلنَّارِ

धैर्यवान, सच्चे, समर्पित, ख़र्च करने वाले, और रात के अंतिम पहरों में क्षमा माँगने वाले।

ٱلصَّٰبِرِينَ وَٱلصَّٰدِقِينَ وَٱلۡقَٰنِتِينَ وَٱلۡمُنفِقِينَ وَٱلۡمُسۡتَغۡفِرِينَ بِٱلۡأَسۡحَارِ

3:18

ईश्वर साक्ष्य देता है, और अभिकर्ता तथा ज्ञान वाले भी, कि उसके सिवा कोई देवता नहीं, वह निष्पक्षता को बनाए रखता हुआ।

شَهِدَ ٱللَّهُ أَنَّهُۥ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَأُوْلُواْ ٱلۡعِلۡمِ قَآئِمَۢا بِٱلۡقِسۡطِۚ

3:18

उसके सिवा कोई देवता नहीं,

لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ

3:18

सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान।

ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ

3:19

निश्चय ही ईश्वर के पास विधान उसके प्रति खरापन है।

إِنَّ ٱلدِّينَ عِندَ ٱللَّهِ ٱلۡإِسۡلَٰمُۗ

3:19

और जिन्हें ग्रंथ दिया गया, उन्होंने मतभेद केवल इसके बाद ही किया कि उनके पास ज्ञान आ गया,

وَمَا ٱخۡتَلَفَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ إِلَّا مِنۢ بَعۡدِ مَا جَآءَهُمُ ٱلۡعِلۡمُ

3:19

आपस की ज़्यादती के कारण।

بَغۡيَۢا بَيۡنَهُمُۥۗ

3:19

और जो ईश्वर के संकेतों को नकारे — ईश्वर निश्चय ही हिसाब में शीघ्र है।

وَمَن يَكۡفُرۡ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ فَإِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلۡحِسَابِ

3:20

यदि वे तुमसे विवाद करें, तो कहो: “मैं अपनी दिशा ईश्वर के प्रति खरी करता हूँ, और वे भी जिन्होंने मेरा अनुसरण किया है।”

فَإِنۡ حَآجُّوكَ فَقُلۡ أَسۡلَمۡتُ وَجۡهِي لِلَّهِ وَمَنِ ٱتَّبَعَنِۗ

3:20

और उनसे कहो जिन्हें ग्रंथ दिया गया, और उनसे जिनके पास पहले से कोई ग्रंथ न था: “क्या तुम ईश्वर के प्रति खरे हो गए हो?”

وَقُل لِّلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡأُمِّيِّـۧنَ ءَا۬سۡلَمۡتُمُۥۚ

यदि वे ऐसे हो जाएँ, तो वे मार्गदर्शन पा लेते हैं;

فَإِنۡ أَسۡلَمُواْ فَقَدِ ٱهۡتَدَواْۖ

और यदि वे पीठ फेर लें, तो तुम पर केवल संप्रेषण का दायित्व है।

وَّإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّمَا عَلَيۡكَ ٱلۡبَلَٰغُۗ

ईश्वर अपने आज्ञाकारियों पर दृष्टि रखता है।

وَٱللَّهُ بَصِيرُۢ بِٱلۡعِبَادِ

3:21

निश्चय ही, जो ईश्वर के संकेतों को नकारते हैं, सूचनादाताओं को बिना हक़ के मार डालते हैं, और लोगों में से उन्हें मार डालते हैं जो निष्पक्षता का आदेश देते हैं — उन्हें पीड़ादायक दंड का शुभ समाचार दो।

إِنَّ ٱلَّذِينَ يَكۡفُرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَيَقۡتُلُونَ ٱلنَّبِيِّـۧنَ بِغَيۡرِ حَقّٖ وَيَقۡتُلُونَ ٱلَّذِينَ يَأۡمُرُونَ بِٱلۡقِسۡطِ مِنَ ٱلنَّاسِ فَبَشِّرۡهُمُۥ بِعَذَابٍ أَلِيمٍ

वही हैं जिनके कर्म इहलोक में और अंतिम जीवन में ढह गए,

أُوْلَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ حَبِطَتۡ أَعۡمَٰلُهُمُۥ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِ

और उन्हें कोई सहायता नहीं मिलेगी।

وَمَا لَهُمُۥ مِن نَّٰصِرِينَ

3:23

क्या तुमने उन्हें नहीं देखा जिन्हें ग्रंथ का एक अंश दिया गया, जिन्हें ईश्वर के ग्रंथ की ओर बुलाया जाता है ताकि वह उनके बीच निर्णय करे, फिर उनमें से एक भाग पीठ फेर लेता है, कतराते हुए?

أَلَمۡ تَرَ إِلَى ٱلَّذِينَ أُوتُواْ نَصِيبٗا مِّنَ ٱلۡكِتَٰبِ يُدۡعَوۡنَ إِلَىٰ كِتَٰبِ ٱللَّهِ لِيَحۡكُمَ بَيۡنَهُمُۥ ثُمَّ يَتَوَلَّىٰ فَرِيقٞ مِّنۡهُمُۥ وَهُمُۥ مُعۡرِضُونَ

यह इसलिए कि उन्होंने कहा: “आग हमें केवल गिने हुए दिनों के लिए ही छुएगी”; और जो वे गढ़ते थे उसने उन्हें उनके विधान में छल लिया।

ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥ قَالُواْ لَن تَمَسَّنَا ٱلنَّارُ إِلَّا أَيَّامٗا مَّعۡدُودَٰتٖۖ وَغَرَّهُمُۥ فِي دِينِهِمُۥ مَا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ

फिर कैसा होगा, जब हम उन्हें एक ऐसे दिन के लिए एकत्र कर लेंगे जिसमें कोई संदेह नहीं, और हर स्व वह पूरा-पूरा पाएगा जो उसने कमाया, और उस पर अन्याय नहीं किया जाएगा?

فَكَيۡفَ إِذَا جَمَعۡنَٰهُمُۥ لِيَوۡمٖ لَّا رَيۡبَ فِيهِۦ وَوُفِّيَتۡ كُلُّ نَفۡسٖ مَّا كَسَبَتۡ وَهُمُۥ لَا يُظۡلَمُونَ

3:26

कहो: “हे ईश्वर, राजत्व के अधिराज! आप जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे राजत्व देते हैं, और जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उससे राजत्व छीन लेते हैं; आप जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे सशक्त बनाते हैं, और जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे अपमानित करते हैं; अच्छाई आपके हाथ में है;

قُلِ ٱللَّهُمَّ مَٰلِكَ ٱلۡمُلۡكِ تُؤۡتِي ٱلۡمُلۡكَ مَن تَشَآءُ وَتَنزِعُ ٱلۡمُلۡكَ مِمَّن تَشَآءُ وَتُعِزُّ مَن تَشَآءُ وَتُذِلُّ مَن تَشَآءُۖ بِيَدِكَ ٱلۡخَيۡرُۖ

3:26

क्योंकि आप हर चीज़ का सामर्थ्य रखते हैं।

إِنَّكَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ

3:27

आप रात को दिन में प्रविष्ट कराते हैं, और दिन को रात में प्रविष्ट कराते हैं; आप जीवित को मृत से निकालते हैं, और मृत को जीवित से निकालते हैं; और आप जिस पर आपकी मर्ज़ी हो, उसे बिना गिने जीविका देते हैं।”

تُولِجُ ٱلَّيۡلَ فِي ٱلنَّهَارِ وَتُولِجُ ٱلنَّهَارَ فِي ٱلَّيۡلِۖ وَتُخۡرِجُ ٱلۡحَيَّ مِنَ ٱلۡمَيۡتِ وَتُخۡرِجُ ٱلۡمَيۡتَ مِنَ ٱلۡحَيِّۖ وَتَرۡزُقُ مَن تَشَآءُ بِغَيۡرِ حِسَابٖ

विश्वास करने वाले नकारने वालों को हिमायती न बनाएँ, विश्वास करने वालों के अतिरिक्त;

لَّا يَتَّخِذِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ ٱلۡكَٰفِرِينَ أَوۡلِيَآءَ مِن دُونِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَۖ

और जो ऐसा करे उसका ईश्वर से कुछ भी संबंध नहीं रहता — सिवा इसके कि तुम उनसे पूर्व-सावधानी के तौर पर सावधान रहो।

وَمَن يَفۡعَلۡ ذَٰلِكَ فَلَيۡسَ مِنَ ٱللَّهِ فِي شَيۡءٍ إِلَّا أَن تَتَّقُواْ مِنۡهُمُۥ تُقَىٰةٗۗ

और ईश्वर तुम्हें स्वयं के प्रति सतर्क करता है,

وَيُحَذِّرُكُمُ ٱللَّهُ نَفۡسَهُۥۗ

और ईश्वर की ओर ही गंतव्य है।

وَإِلَى ٱللَّهِ ٱلۡمَصِيرُ

कहो: “तुम अपने सीनों में जो है उसे छिपाओ, या उसे सामने लाओ, ईश्वर उसे जानता है।

قُلۡ إِن تُخۡفُواْ مَا فِي صُدُورِكُمُۥ أَوۡ تُبۡدُوهُۥ يَعۡلَمۡهُ ٱللَّهُۗ

और वह जानता है जो आकाशों में है और जो धरती पर है।

وَيَعۡلَمُ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۗ

और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।”

وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ

जिस दिन हर स्व अपने द्वारा की गई अच्छाई को उपस्थित पाएगा,

يَوۡمَ تَجِدُ كُلُّ نَفۡسٖ مَّا عَمِلَتۡ مِنۡ خَيۡرٖ مُّحۡضَرٗا

और जो बुराई उसने की, वह चाहेगा कि उस बुराई और उसके बीच एक दूर का अंतराल होता।

وَمَا عَمِلَتۡ مِن سُوٓءٖ تَوَدُّ لَوۡ أَنَّ بَيۡنَهَا وَبَيۡنَهُۥ أَمَدَۢا بَعِيدٗاۗ

और ईश्वर तुम्हें स्वयं के प्रति सतर्क करता है।

وَيُحَذِّرُكُمُ ٱللَّهُ نَفۡسَهُۥۗ

3:30

ईश्वर अपने आज्ञाकारियों के प्रति करुणामय है।

وَٱللَّهُ رَءُوفُۢ بِٱلۡعِبَادِ

3:31

कहो: “यदि तुम ईश्वर से प्रेम करते हो, तो मेरा अनुसरण करो: ईश्वर तुमसे प्रेम करेगा और तुम्हारे दोष क्षमा करेगा।

قُلۡ إِن كُنتُمُۥ تُحِبُّونَ ٱللَّهَ فَٱتَّبِعُونِي يُحۡبِبۡكُمُ ٱللَّهُ وَيَغۡفِرۡ لَكُمُۥ ذُنُوبَكُمُۥۚ

3:31

और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।”

وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

3:32

कहो: “ईश्वर की और संदेशवाहक की बात मानो”;

قُلۡ أَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَٱلرَّسُولَۖ

3:32

और यदि वे पीठ फेर लें, तो ईश्वर निश्चय ही नकारने वालों से प्रेम नहीं करता।

فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ ٱلۡكَٰفِرِينَ

3:33–34

ईश्वर ने आदम, नूह, इब्राहीम के कुल और इमरान के कुल को सभी प्राणियों से ऊपर चुना, एक-दूसरे की संतति।

۞ إِنَّ ٱللَّهَ ٱصۡطَفَىٰ ءَادَمَ وَنُوحٗا وَءَالَ إِبۡرَٰهِيمَ وَءَالَ عِمۡرَٰنَ عَلَى ٱلۡعَٰلَمِينَ ذُرِّيَّةَۢ بَعۡضُهَا مِنۢ بَعۡضٖۗ

ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।

وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

3:35

जब इमरान की स्त्री ने कहा: “मेरे अभिभावक, जो मेरे पेट में है उसे मैं आपके लिए मन्नत मानती हूँ, हर चीज़ से स्वतंत्र किया हुआ; तो उसे मुझसे स्वीकार कीजिए;

إِذۡ قَالَتِ ٱمۡرَأَتُ عِمۡرَٰنَ رَبِّ إِنِّي نَذَرۡتُ لَكَ مَا فِي بَطۡنِي مُحَرَّرٗا فَتَقَبَّلۡ مِنِّيۖ

3:35

क्योंकि आप ही सुनने वाले, सर्वज्ञ हैं।”

إِنَّكَ أَنتَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ

3:36

फिर जब उसने उसे जन्म दिया, तो उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मैंने निश्चय ही उसे जन्म दिया है, एक लड़की” — जबकि ईश्वर उसे सबसे अच्छी तरह जानता था जिसे उसने जन्म दिया था —

فَلَمَّا وَضَعَتۡهَا قَالَتۡ رَبِّ إِنِّي وَضَعۡتُهَا أُنثَىٰ وَٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا وَضَعَتۡ

3:36

“और नर मादा जैसा नहीं है;

وَلَيۡسَ ٱلذَّكَرُ كَٱلۡأُنثَىٰۖ

3:36

मैंने उसका गुण मरयम रखा है,

وَإِنِّي سَمَّيۡتُهَا مَرۡيَمَ

3:36

और मैं उसे और उसकी संतति को आपकी छत्रछाया में रखती हूँ, निष्कासित बहकाने वाले के विरुद्ध।”

وَإِنِّي أُعِيذُهَا بِكَ وَذُرِّيَّتَهَا مِنَ ٱلشَّيۡطَٰنِ ٱلرَّجِيمِ

3:37

उसके अभिभावक ने उसे सुंदर स्वागत के साथ अपनाया, और उसे सुंदर वृद्धि के साथ बढ़ाया,

فَتَقَبَّلَهَا رَبُّهَا بِقَبُولٍ حَسَنٖ وَأَنۢبَتَهَا نَبَاتًا حَسَنٗا

3:37

और उसकी देखभाल का ज़िम्मा ज़करिया को सौंपा।

وَكَفَلَهَا زَكَرِيَّآءُۖ

3:37

जब-जब ज़करिया संपर्क-कक्ष में उसके यहाँ प्रवेश करता, वह उसके पास जीविका पाता।

كُلَّمَا دَخَلَ عَلَيۡهَا زَكَرِيَّآءُ ٱلۡمِحۡرَابَ وَجَدَ عِندَهَا رِزۡقٗاۖ

3:37

उसने कहा: “हे मरयम! यह तुम्हारे पास कहाँ से आया?”

قَالَ يَٰمَرۡيَمُ أَنَّىٰ لَكِ هَٰذَاۖ

उसने कहा: “यह ईश्वर की ओर से है।

قَالَتۡ هُوَ مِنۡ عِندِ ٱللَّهِۖ

ईश्वर जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे बिना गिने जीविका देता है।”

إِنَّ ٱللَّهَ يَرۡزُقُ مَن يَشَآءُ بِغَيۡرِ حِسَابٍ

3:38

वहीं, ज़करिया ने अपने अभिभावक को पुकारा।

هُنَالِكَ دَعَا زَكَرِيَّآءُ رَبَّهُۥۖ

3:38

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, अपनी ओर से मुझे एक अच्छी संतति प्रदान कीजिए; क्योंकि आप पुकार सुनने वाले हैं।”

قَالَ رَبِّ هَبۡ لِي مِن لَّدُنكَ ذُرِّيَّةٗ طَيِّبَةًۖ إِنَّكَ سَمِيعُ ٱلدُّعَآءِ

3:39

अभिकर्ताओं ने उसे आवाज़ दी, जब वह संपर्क-कक्ष में संपर्क बाँध रहा था: “ईश्वर तुम्हें यह्या का शुभ समाचार देता है, जो ईश्वर की ओर से आए एक बोल की पुष्टि करता हुआ, एक सरदार, पूर्ण निग्रह वाला पुरुष, और एक सूचनादाता होगा, उनमें से जो भले हैं।”

فَنَادَتۡهُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ وَهُوَ قَآئِمٞ يُصَلِّي فِي ٱلۡمِحۡرَابِ أَنَّ ٱللَّهَ يُبَشِّرُكَ بِيَحۡيَىٰ مُصَدِّقَۢا بِكَلِمَةٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَسَيِّدٗا وَحَصُورٗا وَنَبِيّٗا مِّنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

3:40

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरा लड़का कैसे होगा, जबकि बुढ़ापा मुझ तक पहुँच चुका है, और मेरी स्त्री बाँझ है?”

قَالَ رَبِّ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي غُلَٰمٞ وَقَدۡ بَلَغَنِيَ ٱلۡكِبَرُ وَٱمۡرَأَتِي عَاقِرٞۖ

3:40

उसने कहा: “ऐसा ही है:

قَالَ كَذَٰلِكَ

3:40

ईश्वर वह करता है जो उसकी मर्ज़ी हो।”

ٱللَّهُ يَفۡعَلُ مَا يَشَآءُ

3:41

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरे लिए एक संकेत निर्धारित कीजिए।”

قَالَ رَبِّ ٱجۡعَل لِّي ءَايَةٗۖ

3:41

उसने कहा: “तुम्हारा संकेत यह होगा कि तुम तीन दिन तक लोगों से केवल इशारों से ही बोलोगे।

قَالَ ءَايَتُكَ أَلَّا تُكَلِّمَ ٱلنَّاسَ ثَلَٰثَةَ أَيَّامٍ إِلَّا رَمۡزٗاۗ

3:41

और अपने अभिभावक का बहुत स्मरण करो, और संध्या और भोर में महिमा गाओ।”

وَٱذۡكُر رَّبَّكَ كَثِيرٗا وَسَبِّحۡ بِٱلۡعَشِيِّ وَٱلۡإِبۡكَٰرِ

3:42

और जब अभिकर्ताओं ने कहा: “हे मरयम! ईश्वर ने तुम्हें चुना, तुम्हें स्वच्छ किया, और सभी प्राणियों की स्त्रियों से ऊपर तुम्हें चुना।

وَإِذۡ قَالَتِ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ يَٰمَرۡيَمُ إِنَّ ٱللَّهَ ٱصۡطَفَىٰكِ وَطَهَّرَكِ وَٱصۡطَفَىٰكِ عَلَىٰ نِسَآءِ ٱلۡعَٰلَمِينَ

3:43

हे मरयम! अपने अभिभावक के प्रति समर्पित रहो, माथा टेको, और घुटने टेकने वालों के साथ घुटने टेको।”

يَٰمَرۡيَمُ ٱقۡنُتِي لِرَبِّكِ وَٱسۡجُدِي وَٱرۡكَعِي مَعَ ٱلرَّٰكِعِينَ

3:44

यह उसकी सूचनाओं में से है जो इंद्रियों से परे है, जिन्हें हम तुम पर प्रकट करते हैं।

ذَٰلِكَ مِنۡ أَنۢبَآءِ ٱلۡغَيۡبِ نُوحِيهِۦ إِلَيۡكَۚ

3:44

तुम उनके पास नहीं थे जब वे अपने सरकंडे डाल रहे थे: उनमें से कौन मरयम की देखभाल का ज़िम्मा लेगा,

وَمَا كُنتَ لَدَيۡهِمُۥ إِذۡ يُلۡقُونَ أَقۡلَٰمَهُمُۥ أَيُّهُمُۥ يَكۡفُلُ مَرۡيَمَ

3:45

और तुम उनके पास नहीं थे जब वे झगड़ रहे थे। जब अभिकर्ताओं ने कहा: “हे मरयम! ईश्वर तुम्हें अपनी ओर से आए एक बोल का शुभ समाचार देता है,

وَمَا كُنتَ لَدَيۡهِمُۥ إِذۡ يَخۡتَصِمُونَ إِذۡ قَالَتِ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ يَٰمَرۡيَمُ إِنَّ ٱللَّهَ يُبَشِّرُكِ بِكَلِمَةٖ مِّنۡهُ

3:45

जिसका गुण अल-मसीह होगा, ईसा, मरयम का पुत्र, इहलोक और अंतिम जीवन में उच्च प्रतिष्ठा वाला, और निकट किए गए जनों में से।

ٱسۡمُهُ ٱلۡمَسِيحُ عِيسَى ٱبۡنُ مَرۡيَمَ وَجِيهٗا فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِ وَمِنَ ٱلۡمُقَرَّبِينَ

और वह लोगों से पालने में और प्रौढ़ अवस्था में बोलेगा,

وَيُكَلِّمُ ٱلنَّاسَ فِي ٱلۡمَهۡدِ وَكَهۡلٗا

और उनमें से होगा जो भले हैं।”

وَمِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

उसने कहा: “मेरे अभिभावक, मेरा बच्चा कैसे होगा, जबकि किसी मानव ने मुझे छुआ नहीं?”

قَالَتۡ رَبِّ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي وَلَدٞ وَلَمۡ يَمۡسَسۡنِي بَشَرٞۖ

उसने कहा: “ऐसा ही है:

قَالَ كَذَٰلِكِ

ईश्वर वह रचता है जो उसकी मर्ज़ी हो।

ٱللَّهُ يَخۡلُقُ مَا يَشَآءُۚ

जब वह किसी चीज़ को तय करता है, तो उससे केवल इतना कहता है: ‘हो जा’,

اِ۪ذَا قَضَىٰ أَمۡرٗا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُۥ كُن

और वह हो जाती है।”

فَيَكُونُ

3:48–49

“और वह उसे संहिता, प्रज्ञा, तौरात और इंजील सिखाएगा, और इसराईल की संतान के लिए संदेशवाहक: मैं तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास एक संकेत लाया हूँ:

وَنُعَلِّمُهُ ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡحِكۡمَةَ وَٱلتَّوۡرَىٰةَ وَٱلۡإِنجِيلَ وَرَسُولًا إِلَىٰ بَنِي إِسۡرَٰٓءِيلَ أَنِّي قَدۡ جِئۡتُكُمُۥ بِـَٔايَةٖ مِّن رَّبِّكُمُۥ

3:48–49

मैं तुम्हारे लिए चिकनी मिट्टी से एक पक्षी का रूप रचता हूँ, फिर उसमें फूँकता हूँ, और वह पक्षी बन जाता है, ईश्वर की अनुमति से।

أَنِّيَ أَخۡلُقُ لَكُمُۥ مِنَ ٱلطِّينِ كَهَيۡـَٔةِ ٱلطَّيۡرِ فَأَنفُخُ فِيهِۦ فَيَكُونُ طَيۡرَۢا بِإِذۡنِ ٱللَّهِۖ

3:48–49

और मैं जन्म से अंधे और कोढ़ी को स्वस्थ करता हूँ, और मृतकों को पुनः जीवन देता हूँ, ईश्वर की अनुमति से।

وَأُبۡرِئُ ٱلۡأَكۡمَهَ وَٱلۡأَبۡرَصَ وَأُحۡيِ ٱلۡمَوۡتَىٰ بِإِذۡنِ ٱللَّهِۖ

3:48–49

और मैं तुम्हें उसके बारे में सूचित करता हूँ जो तुम खाते हो और जो तुम अपने घरों में जमा करते हो।

وَأُنَبِّئُكُمُۥ بِمَا تَأۡكُلُونَ وَمَا تَدَّخِرُونَ فِي بِيُوتِكُمُۥۚ

3:48–49

उसमें अवश्य तुम्हारे लिए एक संकेत है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।

إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗ لَّكُمُۥ إِن كُنتُمُۥ مُؤۡمِنِينَ

और तौरात का जो भाग मुझसे पहले है उसकी पुष्टि करता हुआ, और इसलिए कि तुम्हारे लिए उसका कुछ भाग वैध ठहराऊँ जो तुम पर वर्जित किया गया था।

وَمُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيَّ مِنَ ٱلتَّوۡرَىٰةِ وَلِأُحِلَّ لَكُمُۥ بَعۡضَ ٱلَّذِي حُرِّمَ عَلَيۡكُمُۥۚ

और मैं तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास एक संकेत लाया हूँ;

وَجِئۡتُكُمُۥ بِـَٔايَةٖ مِّن رَّبِّكُمُۥ

इसलिए ईश्वर के प्रति सावधान रहो और मेरी बात मानो,

فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ

क्योंकि ईश्वर मेरा अभिभावक और तुम्हारा अभिभावक है; तो उसकी आज्ञा का पालन करो।

إِنَّ ٱللَّهَ رَبِّي وَرَبُّكُمُۥ فَٱعۡبُدُوهُۥۚ

यह एक सीधा पथ है।”

هَٰذَا صِۜرَٰطٞ مُّسۡتَقِيمٞ

3:52

जब ईसा ने उनकी ओर से नकार भाँप लिया, तो उसने कहा: “ईश्वर की ओर मेरे सहायक कौन हैं?”

۞ فَلَمَّا أَحَسَّ عِيسَىٰ مِنۡهُمُ ٱلۡكُفۡرَ قَالَ مَنۡ أَنصَارِي إِلَى ٱللَّهِۖ

3:52

शिष्यों ने कहा: “हम ईश्वर के सहायक हैं।

قَالَ ٱلۡحَوَارِيُّونَ نَحۡنُ أَنصَارُ ٱللَّهِ

हम ईश्वर पर विश्वास करते हैं, और साक्षी रहो कि हम उसके प्रति खरे हैं।

ءَامَنَّا بِٱللَّهِ وَٱشۡهَدۡ بِأَنَّا مُسۡلِمُونَ

हमारे अभिभावक, आपने जो उतारा उस पर हमने विश्वास किया, और हमने संदेशवाहक का अनुसरण किया; तो हमें साक्षियों में लिख लीजिए।”

رَبَّنَا ءَامَنَّا بِمَا أَنزَلۡتَ وَٱتَّبَعۡنَا ٱلرَّسُولَ فَٱكۡتُبۡنَا مَعَ ٱلشَّٰهِدِينَ

3:54

और उन्होंने षड्यंत्र किया, और ईश्वर ने षड्यंत्र किया,

وَمَكَرُواْ وَمَكَرَ ٱللَّهُۖ

3:54

और ईश्वर षड्यंत्र करने वालों में सबसे बेहतर है।

وَٱللَّهُ خَيۡرُ ٱلۡمَٰكِرِينَ

3:55

जब ईश्वर ने कहा: “हे ईसा! मैं निश्चय ही तुम्हें निष्ठापूर्वक सँभालूँगा, तुम्हें अपनी ओर ऊँचा करूँगा, और तुम्हें उनसे स्वच्छ करूँगा जिन्होंने नकारा,

إِذۡ قَالَ ٱللَّهُ يَٰعِيسَىٰ إِنِّي مُتَوَفِّيكَ وَرَافِعُكَ إِلَيَّ وَمُطَهِّرُكَ مِنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ

3:55

और जिन्होंने तुम्हारा अनुसरण किया उन्हें उनके ऊपर रखूँगा जिन्होंने नकारा, पेशी के दिन तक।

وَجَاعِلُ ٱلَّذِينَ ٱتَّبَعُوكَ فَوۡقَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ إِلَىٰ يَوۡمِ ٱلۡقِيَٰمَةِۖ

3:55

फिर मेरी ही ओर तुम्हारा लौटना है, और मैं तुम्हारे बीच उस विषय में निर्णय करूँगा जिसमें तुम मतभेद करते थे।

ثُمَّ إِلَيَّ مَرۡجِعُكُمُۥ فَأَحۡكُمُ بَيۡنَكُمُۥ فِيمَا كُنتُمُۥ فِيهِۦ تَخۡتَلِفُونَ

3:56

रही बात उनकी जिन्होंने नकारा, मैं उन्हें इहलोक में और अंतिम जीवन में कठोर दंड दूँगा,

فَأَمَّا ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فَأُعَذِّبُهُمُۥ عَذَابٗا شَدِيدٗا فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِ

3:56

और उन्हें कोई सहायता नहीं मिलेगी।

وَمَا لَهُمُۥ مِن نَّٰصِرِينَ

3:57

और रही बात उनकी जिन्होंने विश्वास किया और भले कर्म किए, वह उन्हें उनके पुरस्कार पूरे-पूरे चुकाएगा।

وَأَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فَنُوَفِّيهِمُۥ أُجُورَهُمُۥۗ

3:57

ईश्वर अन्यायियों से प्रेम नहीं करता।”

وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ ٱلظَّٰلِمِينَ

यह वह है जो हम तुम्हें संकेतों में से और प्रज्ञा से भरे स्मरण में से सुनाते हैं।

ذَٰلِكَ نَتۡلُوهُۥ عَلَيۡكَ مِنَ ٱلۡأٓيَٰتِ وَٱلذِّكۡرِ ٱلۡحَكِيمِ

3:59

निश्चय ही ईश्वर के पास ईसा का उदाहरण आदम के उदाहरण जैसा है:

إِنَّ مَثَلَ عِيسَىٰ عِندَ ٱللَّهِ كَمَثَلِ ءَادَمَۖ

3:59

उसने उसे मिट्टी से रचा, फिर उससे कहा: “हो जा”,

خَلَقَهُۥ مِن تُرَابٖ ثُمَّ قَالَ لَهُۥ كُن

3:59

और वह हो गया।

فَيَكُونُ

3:60

सत्य तुम्हारे अभिभावक की ओर से है;

ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكَ

3:60

तो वाद-प्रतिवाद में पड़ने वालों में से न होना।

فَلَا تَكُن مِّنَ ٱلۡمُمۡتَرِينَ

3:61

जो कोई इस विषय में तुमसे विवाद करे, इसके बाद कि तुम्हारे पास ज्ञान आ चुका है, उससे कहो: “आओ, हम अपने बेटों को और तुम्हारे बेटों को बुलाएँ, अपनी स्त्रियों को और तुम्हारी स्त्रियों को, हम स्वयं को और तुम स्वयं को, फिर गिड़गिड़ाएँ, और झूठों पर ईश्वर का धिक्कार बुलाएँ।”

فَمَنۡ حَآجَّكَ فِيهِۦ مِنۢ بَعۡدِ مَا جَآءَكَ مِنَ ٱلۡعِلۡمِ فَقُلۡ تَعَالَوۡاْ نَدۡعُ أَبۡنَآءَنَا وَأَبۡنَآءَكُمُۥ وَنِسَآءَنَا وَنِسَآءَكُمُۥ وَأَنفُسَنَا وَأَنفُسَكُمُۥ ثُمَّ نَبۡتَهِلۡ فَنَجۡعَل لَّعۡنَتَ ٱللَّهِ عَلَى ٱلۡكَٰذِبِينَ

3:62

यही अवश्य सच्चा वृत्तांत है,

إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡقَصَصُ ٱلۡحَقُّۚ

और ईश्वर के सिवा कोई देवता नहीं।

وَمَا مِنۡ إِلَٰهٍ إِلَّا ٱللَّهُۚ

और ईश्वर अवश्य सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।

وَإِنَّ ٱللَّهَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ

यदि वे पीठ फेर लें, तो ईश्वर निश्चय ही बिगाड़ने वालों के विषय में सर्वज्ञ है।

فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمُۢ بِٱلۡمُفۡسِدِينَ

3:64

कहो: “हे ग्रंथ वालो! हमारे और तुम्हारे बीच एक निष्पक्ष बोल की ओर आओ: कि हम ईश्वर के सिवा किसी की आज्ञा का पालन न करें, कि हम उसके साथ किसी को साझी न ठहराएँ, और कि हममें से कोई दूसरों को ईश्वर के अतिरिक्त स्वामी न बनाए।”

قُلۡ يَٰأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ تَعَالَوۡاْ إِلَىٰ كَلِمَةٖ سَوَآءِۭ بَيۡنَنَا وَبَيۡنَكُمُۥ أَلَّا نَعۡبُدَ إِلَّا ٱللَّهَ وَلَا نُشۡرِكَ بِهِۦ شَيۡـٔٗا وَلَا يَتَّخِذَ بَعۡضُنَا بَعۡضًا أَرۡبَابٗا مِّن دُونِ ٱللَّهِۚ

3:64

यदि वे पीठ फेर लें, तो कहो: “साक्षी रहो कि हम ईश्वर के प्रति खरे हैं।”

فَإِن تَوَلَّوۡاْ فَقُولُواْ ٱشۡهَدُواْ بِأَنَّا مُسۡلِمُونَ

3:65

हे ग्रंथ वालो! तुम इब्राहीम के विषय में विवाद क्यों करते हो,

يَٰأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لِمَ تُحَآجُّونَ فِي إِبۡرَٰهِيمَ

जबकि तौरात और इंजील उसके बाद ही उतारी गईं?

وَمَا أُنزِلَتِ ٱلتَّوۡرَىٰةُ وَٱلۡإِنجِيلُ إِلَّا مِنۢ بَعۡدِهِۦۚ

तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?

أَفَلَا تَعۡقِلُونَ

3:66

देखो, तुम वही हो जो उस विषय में विवाद करते हो जिसका तुम्हें कुछ ज्ञान है; परंतु तुम उस विषय में विवाद क्यों करते हो जिसका तुम्हें कोई ज्ञान नहीं?

هَأَنتُمُۥ هَٰؤُلَآءِ حَٰجَجۡتُمُۥ فِيمَا لَكُمُۥ بِهِۦ عِلۡمٞ فَلِمَ تُحَآجُّونَ فِيمَا لَيۡسَ لَكُمُۥ بِهِۦ عِلۡمٞۚ

ईश्वर जानता है,

وَٱللَّهُ يَعۡلَمُ

और तुम नहीं जानते।

وَأَنتُمُۥ لَا تَعۡلَمُونَ

3:67

इब्राहीम न पुनरुन्मुख था और न सहायक, बल्कि वह पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़ा हुआ था, उसके प्रति खरा,

مَا كَانَ إِبۡرَٰهِيمُ يَهُودِيّٗا وَلَا نَصۡرَانِيّٗا وَلَٰكِن كَانَ حَنِيفٗا مُّسۡلِمٗا

और वह साझी ठहराने वालों में से नहीं था।

وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ

3:68

लोगों में इब्राहीम के सबसे निकट अवश्य वे हैं जिन्होंने उसका अनुसरण किया, तथा यह सूचनादाता और वे जिन्होंने विश्वास किया।

إِنَّ أَوۡلَى ٱلنَّاسِ بِإِبۡرَٰهِيمَ لَلَّذِينَ ٱتَّبَعُوهُۥ وَهَٰذَا ٱلنَّبِيُّ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْۗ

ईश्वर विश्वास करने वालों का आश्रयदाता है।

وَٱللَّهُ وَلِيُّ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ

3:69

ग्रंथ वालों में से एक समूह तुम्हें भटकाना चाहता था;

وَدَّت طَّآئِفَةٞ مِّنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ لَوۡ يُضِلُّونَكُمُۥ

परंतु वे केवल स्वयं को ही भटकाते हैं, और उन्हें इसका आभास नहीं।

وَمَا يُضِلُّونَ إِلَّا أَنفُسَهُمُۥ وَمَا يَشۡعُرُونَ

3:70

हे ग्रंथ वालो! तुम ईश्वर के संकेतों को क्यों नकारते हो, जबकि तुम उनके साक्षी हो?

يَٰأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لِمَ تَكۡفُرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَأَنتُمُۥ تَشۡهَدُونَ

3:71

हे ग्रंथ वालो! तुम सत्य पर असत्य का आवरण क्यों चढ़ाते हो, और सत्य को क्यों दबाते हो, जबकि तुम जानते हो?

يَٰأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لِمَ تَلۡبِسُونَ ٱلۡحَقَّ بِٱلۡبَٰطِلِ وَتَكۡتُمُونَ ٱلۡحَقَّ وَأَنتُمُۥ تَعۡلَمُونَ

3:72

और ग्रंथ वालों में से एक समूह ने कहा: “जो विश्वास करने वालों पर उतारा गया उस पर दिन के आरंभ में विश्वास करो, और उसके अंत में उसे नकार दो, शायद वे लौटें।”

وَقَالَت طَّآئِفَةٞ مِّنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ ءَامِنُواْ بِٱلَّذِي أُنزِلَ عَلَى ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَجۡهَ ٱلنَّهَارِ وَٱكۡفُرُواْ ءَاخِرَهُۥ لَعَلَّهُمُۥ يَرۡجِعُونَ

“और केवल उसी पर भरोसा करो जो तुम्हारे विधान का अनुसरण करता है।”

وَلَا تُؤۡمِنُواْ إِلَّا لِمَن تَبِعَ دِينَكُمُۥ

3:73

कहो: “मार्गदर्शन निश्चय ही ईश्वर का मार्गदर्शन है” — इस डर से कि किसी को वैसा ही न दे दिया जाए जैसा तुम्हें दिया गया, या वे तुम्हारे अभिभावक के पास तुमसे विवाद न करें।

قُلۡ إِنَّ ٱلۡهُدَىٰ هُدَى ٱللَّهِ ءَا۬ن يُؤۡتَىٰ أَحَدٞ مِّثۡلَ مَا أُوتِيتُمُۥ أَوۡ يُحَآجُّوكُمُۥ عِندَ رَبِّكُمُۥۗ

कहो: “अनुग्रह ईश्वर के हाथ में है,

قُلۡ إِنَّ ٱلۡفَضۡلَ بِيَدِ ٱللَّهِ

वह उसे उसको देता है जिस पर उसकी मर्ज़ी हो।

يُؤۡتِيهِۦ مَن يَشَآءُۗ

ईश्वर विस्तृत, सर्वज्ञ है।”

وَٱللَّهُ وَٰسِعٌ عَلِيمٞ

वह अपनी दया जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसके लिए विशेष रखता है।

يَخۡتَصُّ بِرَحۡمَتِهِۦ مَن يَشَآءُۗ

और ईश्वर विशाल अनुग्रह रखता है।

وَٱللَّهُ ذُو ٱلۡفَضۡلِ ٱلۡعَظِيمِ

3:75

और ग्रंथ वालों में कुछ ऐसे हैं जो, यदि तुम उन्हें भरोसे से एक क्विंटल सौंपो, तो उसे तुम्हारे हवाले कर देते हैं;

۞ وَمِنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ مَنۡ إِن تَأۡمَنۡهُۥ بِقِنطَارٖ يُؤَدِّهِۦ إِلَيۡكَ

3:75

और कुछ ऐसे हैं जो, यदि तुम उन्हें भरोसे से एक दीनार सौंपो, तो उसे तुम्हारे हवाले तभी तक करते हैं जब तक तुम उसकी माँग करते हुए उन पर बने रहते हो।

وَمِنۡهُمُۥ مَنۡ إِن تَأۡمَنۡهُۥ بِدِينَارٖ لَّا يُؤَدِّهِۦ إِلَيۡكَ إِلَّا مَا دُمۡتَ عَلَيۡهِۦ قَآئِمٗاۗ

3:75

यह इसलिए कि वे कहते हैं: “जिनके पास पहले से कोई ग्रंथ न था, उनके प्रति हम पर कोई दायित्व नहीं”,

ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥ قَالُواْ لَيۡسَ عَلَيۡنَا فِي ٱلۡأُمِّيِّـۧنَ سَبِيلٞ

3:75

और वे ईश्वर के विरुद्ध झूठ कहते हैं, जानते हुए।

وَيَقُولُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَ وَهُمُۥ يَعۡلَمُونَ

3:76

क्यों नहीं: जो अपनी संधि निभाए और सावधान रहे — ईश्वर निश्चय ही सावधानी बरतने वालों से प्रेम करता है।

بَلَىٰۚ مَنۡ أَوۡفَىٰ بِعَهۡدِهِۦ وَٱتَّقَىٰ فَإِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلۡمُتَّقِينَ

निश्चय ही, जो ईश्वर की संधि और अपनी शपथों के बदले एक तुच्छ मूल्य ख़रीदते हैं — वही हैं जिनका अंतिम जीवन में कोई हिस्सा नहीं होगा; ईश्वर उनसे बोलेगा नहीं, पेशी के दिन उन पर नज़र नहीं डालेगा, और उन्हें शुद्ध नहीं करेगा।

إِنَّ ٱلَّذِينَ يَشۡتَرُونَ بِعَهۡدِ ٱللَّهِ وَأَيۡمَٰنِهِمُۥ ثَمَنٗا قَلِيلًا أُوْلَٰٓئِكَ لَا خَلَٰقَ لَهُمُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ وَلَا يُكَلِّمُهُمُ ٱللَّهُ وَلَا يَنظُرُ إِلَيۡهِمُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ وَلَا يُزَكِّيهِمُۥ

और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।

وَلَهُمُۥ عَذَابٌ أَلِيمٞ

3:78

और उनमें अवश्य एक भाग है जो ग्रंथ के साथ अपनी जीभें मरोड़ता है, ताकि तुम उसे ग्रंथ का उद्धरण समझो, जबकि वह ग्रंथ का हिस्सा नहीं है,

وَإِنَّ مِنۡهُمُۥ لَفَرِيقٗا يَلۡوُۥنَ أَلۡسِنَتَهُمُۥ بِٱلۡكِتَٰبِ لِتَحۡسِبُوهُۥ مِنَ ٱلۡكِتَٰبِ وَمَا هُوَ مِنَ ٱلۡكِتَٰبِ

और वे कहते हैं: “यह ईश्वर की ओर से है”,

وَيَقُولُونَ هُوَ مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ

3:78

जबकि वह ईश्वर की ओर से नहीं है,

وَمَا هُوَ مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ

और वे ईश्वर के विरुद्ध झूठ कहते हैं, जानते हुए।

وَيَقُولُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَ وَهُمُۥ يَعۡلَمُونَ

3:79

किसी ऐसे मानव के लिए यह उचित नहीं, जिसे ईश्वर ने ग्रंथ, निर्णय और सूचना देने का दायित्व दिया हो, कि वह फिर लोगों से कहे: “ईश्वर के अतिरिक्त मेरे आज्ञाकारी बनो”; बल्कि: “आध्यात्मिक स्वामी बनो, उसके कारण जो तुम ग्रंथ में से सिखाते हो और जो तुम अध्ययन करते हो।”

مَا كَانَ لِبَشَرٍ أَن يُؤۡتِيَهُ ٱللَّهُ ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡحُكۡمَ وَٱلنُّبُوَّةَ ثُمَّ يَقُولَ لِلنَّاسِ كُونُواْ عِبَادٗا لِّي مِن دُونِ ٱللَّهِ وَلَٰكِن كُونُواْ رَبَّٰنِيِّـۧنَ بِمَا كُنتُمُۥ تَعۡلَمُونَ ٱلۡكِتَٰبَ وَبِمَا كُنتُمُۥ تَدۡرُسُونَ

3:80

और वह तुम्हें आदेश नहीं देगा कि तुम अभिकर्ताओं और सूचनादाताओं को स्वामी बनाओ।

وَلَا يَأۡمُرُكُمُۥ أَن تَتَّخِذُواْ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ وَٱلنَّبِيِّـۧنَ أَرۡبَابًاۚ

3:80

क्या वह तुम्हें नकार का आदेश देगा, इसके बाद कि तुम ईश्वर के प्रति खरे हो चुके हो?

أَيَأۡمُرُكُمُۥ بِٱلۡكُفۡرِ بَعۡدَ إِذۡ أَنتُمُۥ مُسۡلِمُونَ

3:81

और जब ईश्वर ने सूचनादाताओं से गंभीर प्रतिज्ञा ली: “जो मैंने तुम्हें ग्रंथ और प्रज्ञा में से दिया है, फिर तुम्हारे पास एक संदेशवाहक आए, जो उसकी पुष्टि करता हो जो तुम्हारे साथ है, तो तुम्हें अवश्य उस पर विश्वास करना होगा, और अवश्य उसकी सहायता करनी होगी।”

وَإِذۡ أَخَذَ ٱللَّهُ مِيثَٰقَ ٱلنَّبِيِّـۧنَ لَمَا ءَاتَيۡتُكُمُۥ مِن كِتَٰبٖ وَحِكۡمَةٖ ثُمَّ جَآءَكُمُۥ رَسُولٞ مُّصَدِّقٞ لِّمَا مَعَكُمُۥ لَتُؤۡمِنُنَّ بِهِۦ وَلَتَنصُرُنَّهُۥۚ

3:81

उसने कहा: “क्या तुमने सहमति दी, और इस शर्त पर मेरा जुआठा अपने ऊपर ले लिया?”

قَالَ ءَا۬قۡرَرۡتُمُۥ وَأَخَذۡتُمُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكُمُۥ إِصۡرِيۖ

3:81

उन्होंने कहा: “हमने सहमति दी।”

قَالُواْ أَقۡرَرۡنَاۚ

3:81

उसने कहा: “तो इसके साक्षी रहो, और मैं तुम्हारे साथ साक्षियों में से हूँ।”

قَالَ فَٱشۡهَدُواْ وَأَنَا۠ مَعَكُمُۥ مِنَ ٱلشَّٰهِدِينَ

3:82

जो इसके बाद पीठ फेर ले — वही अतिक्रमणकारी हैं।

فَمَن تَوَلَّىٰ بَعۡدَ ذَٰلِكَ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ

3:83

तो क्या वे ईश्वर के विधान के अतिरिक्त कोई अन्य विधान खोजेंगे, जबकि जो कोई आकाशों में और धरती पर है वह उसी के प्रति खरा होता है, स्वेच्छा से या विवश होकर,

أَفَغَيۡرَ دِينِ ٱللَّهِ تَبۡغُونَ وَلَهُۥ أَسۡلَمَ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ طَوۡعٗا وَكَرۡهٗا

3:83

और जबकि वे उसी की ओर लौटाए जाएँगे?

وَإِلَيۡهِۦ تُرۡجَعُونَ

3:84

कहो: “हम ईश्वर पर विश्वास करते हैं, उस पर जो हम पर उतारा गया, उस पर जो इब्राहीम, इस्माईल, इसहाक़, याक़ूब और वंशों पर उतारा गया, और उस पर जो मूसा, ईसा और सूचनादाताओं को उनके अभिभावक की ओर से दिया गया; हम उनमें से किसी के बीच भेद नहीं करते, और हम उसी के प्रति खरे हैं।”

قُلۡ ءَامَنَّا بِٱللَّهِ وَمَا أُنزِلَ عَلَيۡنَا وَمَا أُنزِلَ عَلَىٰ إِبۡرَٰهِيمَ وَإِسۡمَٰعِيلَ وَإِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَ وَٱلۡأَسۡبَاطِ وَمَا أُوتِيَ مُوسَىٰ وَعِيسَىٰ وَٱلنَّبِيُّونَ مِن رَّبِّهِمُۥ لَا نُفَرِّقُ بَيۡنَ أَحَدٖ مِّنۡهُمُۥ وَنَحۡنُ لَهُۥ مُسۡلِمُونَ

और जो ईश्वर के प्रति खरेपन के अतिरिक्त कोई अन्य विधान खोजे, वह उससे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा,

وَمَن يَبۡتَغِ غَيۡرَ ٱلۡإِسۡلَٰمِ دِينٗا فَلَن يُقۡبَلَ مِنۡهُۥ

और वह अंतिम जीवन में घाटा उठाने वालों में से होगा।

وَهُوَ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ

ईश्वर उस क़ौम को कैसे मार्ग दिखाएगा जिसने विश्वास करने के बाद नकारा, और यह साक्ष्य देने के बाद कि संदेशवाहक सच्चा है, जबकि उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ चुके थे?

كَيۡفَ يَهۡدِي ٱللَّهُ قَوۡمٗا كَفَرُواْ بَعۡدَ إِيمَٰنِهِمُۥ وَشَهِدُواْ أَنَّ ٱلرَّسُولَ حَقّٞ وَجَآءَهُمُ ٱلۡبَيِّنَٰتُۚ

और ईश्वर अन्यायी क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।

وَٱللَّهُ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّٰلِمِينَ

3:87–89

वही हैं जिनका प्रतिफल यह है कि उन पर ईश्वर का, अभिकर्ताओं का और लोगों का, सबका धिक्कार पड़ेगा, जिसमें वे सदा रहेंगे; दंड उनसे हल्का नहीं किया जाएगा, और उन्हें मोहलत नहीं दी जाएगी — सिवा उनके जो इसके बाद पलट आएँ और स्वयं को सुधार लें: ईश्वर निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।

أُوْلَٰٓئِكَ جَزَآؤُهُمُۥ أَنَّ عَلَيۡهِمُۥ لَعۡنَةَ ٱللَّهِ وَٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ وَٱلنَّاسِ أَجۡمَعِينَ خَٰلِدِينَ فِيهَا لَا يُخَفَّفُ عَنۡهُمُ ٱلۡعَذَابُ وَلَا هُمُۥ يُنظَرُونَ إِلَّا ٱلَّذِينَ تَابُواْ مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ وَأَصۡلَحُواْ فَإِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٌ

निश्चय ही, जो विश्वास करने के बाद नकारते हैं, फिर नकार में बढ़ जाते हैं, उनका पश्चात्ताप कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा,

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بَعۡدَ إِيمَٰنِهِمُۥ ثُمَّ ٱزۡدَادُواْ كُفۡرٗا لَّن تُقۡبَلَ تَوۡبَتُهُمُۥ

और वही भटके हुए हैं।

وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلضَّآلُّونَ

निश्चय ही, जो नकारते हैं और नकारते हुए मर जाते हैं, उनमें से किसी से भी सोने से भरी पूरी धरती कभी स्वीकार नहीं की जाएगी, भले ही वह उसे फिरौती में दे दे।

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَمَاتُواْ وَهُمُۥ كُفَّارٞ فَلَن يُقۡبَلَ مِنۡ أَحَدِهِمُۥ مِلۡءُ ٱلۡأَرۡضِ ذَهَبٗا وَلَوِ ٱفۡتَدَىٰ بِهِۦۗ

यही हैं जिनके लिए पीड़ादायक दंड होगा,

أُوْلَٰٓئِكَ لَهُمُۥ عَذَابٌ أَلِيمٞ

और उन्हें कोई सहायता नहीं मिलेगी।

وَمَا لَهُمُۥ مِن نَّٰصِرِينَ

3:92

तुम्हें सद्गुण केवल तभी प्राप्त होगा जब तुम उसमें से ख़र्च करो जिससे तुम प्रेम करते हो।

لَن تَنَالُواْ ٱلۡبِرَّ حَتَّىٰ تُنفِقُواْ مِمَّا تُحِبُّونَ

3:92

और तुम जो कुछ भी ख़र्च करो, ईश्वर उसके विषय में निश्चय ही सर्वज्ञ है।

وَمَا تُنفِقُواْ مِن شَيۡءٖ فَإِنَّ ٱللَّهَ بِهِۦ عَلِيمٞ

3:93

इसराईल की संतान के लिए सारा भोजन वैध था, सिवा उसके जिसे इसराईल ने स्वयं पर वर्जित कर लिया था, तौरात के उतारे जाने से पहले।

۞ كُلُّ ٱلطَّعَامِ كَانَ حِلّٗا لِّبَنِي إِسۡرَٰٓءِيلَ إِلَّا مَا حَرَّمَ إِسۡرَٰٓءِيلُ عَلَىٰ نَفۡسِهِۦ مِن قَبۡلِ أَن تُنزَلَ ٱلتَّوۡرَىٰةُۚ

कहो: “तो तौरात लाओ, और उसे सुनाओ, यदि तुम सच्चे हो।”

قُلۡ فَأۡتُواْ بِٱلتَّوۡرَىٰةِ فَٱتۡلُوهَا إِن كُنتُمُۥ صَٰدِقِينَ

तो जो इसके बाद ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़े — वही अन्यायी हैं।

فَمَنِ ٱفۡتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَ مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلظَّٰلِمُونَ

कहो: “ईश्वर ने सच कहा है।

قُلۡ صَدَقَ ٱللَّهُۗ

3:95

तो इब्राहीम के मत का अनुसरण करो, जो पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़ा हुआ था,

فَٱتَّبِعُواْ مِلَّةَ إِبۡرَٰهِيمَ حَنِيفٗاۖ

और वह साझी ठहराने वालों में से नहीं था।”

وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ

3:96–97

लोगों के लिए रखा गया पहला घर अवश्य वही है जो भीड़-भाड़ के स्थान पर है, आशीषित, और सभी प्राणियों के लिए मार्गदर्शन; उसमें स्पष्ट संकेत हैं।

إِنَّ أَوَّلَ بَيۡتٖ وُضِعَ لِلنَّاسِ لَلَّذِي بِبَكَّةَ مُبَارَكٗا وَهُدٗى لِّلۡعَٰلَمِينَ فِيهِۦ ءَايَٰتُۢ بَيِّنَٰتٞ

3:96–97

इब्राहीम का पड़ाव,

مَّقَامُ إِبۡرَٰهِيمَۖ

और जो उसमें प्रवेश करता है वह निरापद है।

وَمَن دَخَلَهُۥ كَانَ ءَامِنٗاۗ

3:96–97

और घर का हज लोगों पर ईश्वर का कर्तव्य है, उसके लिए जिसमें वहाँ की राह लेने की समाई हो;

وَلِلَّهِ عَلَى ٱلنَّاسِ حَجُّ ٱلۡبَيۡتِ مَنِ ٱسۡتَطَاعَ إِلَيۡهِۦ سَبِيلٗاۚ

और जो नकारे — ईश्वर निश्चय ही धनी है, किसी भी प्राणी पर निर्भर नहीं।

وَمَن كَفَرَ فَإِنَّ ٱللَّهَ غَنِيٌّ عَنِ ٱلۡعَٰلَمِينَ

3:98

कहो: “हे ग्रंथ वालो! तुम ईश्वर के संकेतों को क्यों नकारते हो, जबकि तुम जो करते हो ईश्वर उसका साक्षी है?”

قُلۡ يَٰأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لِمَ تَكۡفُرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَٱللَّهُ شَهِيدٌ عَلَىٰ مَا تَعۡمَلُونَ

3:99

कहो: “हे ग्रंथ वालो! तुम उसके लिए ईश्वर की राह क्यों रोकते हो जिसने विश्वास किया, उसे टेढ़ी करने की खोज में, जबकि तुम उसके साक्षी हो?”

قُلۡ يَٰأَهۡلَ ٱلۡكِتَٰبِ لِمَ تَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ مَنۡ ءَامَنَ تَبۡغُونَهَا عِوَجٗا وَأَنتُمُۥ شُهَدَآءُۗ

और ईश्वर तुम जो करते हो उससे लापरवाह नहीं है।

وَمَا ٱللَّهُ بِغَٰفِلٍ عَمَّا تَعۡمَلُونَ

3:100

हे विश्वास करने वालो! यदि तुम उनमें से, जिन्हें ग्रंथ दिया गया, एक भाग की बात मानो, तो वे तुम्हें तुम्हारे विश्वास के बाद नकार की ओर वापस ले जाएँगे।

يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ إِن تُطِيعُواْ فَرِيقٗا مِّنَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ يَرُدُّوكُمُۥ بَعۡدَ إِيمَٰنِكُمُۥ كَٰفِرِينَ

और तुम कैसे नकारोगे, जबकि तुम्हें ईश्वर के संकेत सुनाए जाते हैं, और उसका संदेशवाहक तुम्हारे बीच है?

وَكَيۡفَ تَكۡفُرُونَ وَأَنتُمُۥ تُتۡلَىٰ عَلَيۡكُمُۥ ءَايَٰتُ ٱللَّهِ وَفِيكُمُۥ رَسُولُهُۥۗ

और जो ईश्वर से दृढ़ता से जुड़ जाए, उसे सीधे पथ की ओर पहले ही मार्ग दिखाया जा चुका है।

وَمَن يَعۡتَصِم بِٱللَّهِ فَقَدۡ هُدِيَ إِلَىٰ صِۜرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ

हे विश्वास करने वालो! ईश्वर के प्रति वैसे सावधान रहो जैसे उसके प्रति सावधान रहना चाहिए,

يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱتَّقُواْ ٱللَّهَ حَقَّ تُقَاتِهِۦ

और तुम मरो तो केवल उसके प्रति खरे रहते हुए ही।

وَلَا تَمُوتُنَّ إِلَّا وَأَنتُمُۥ مُسۡلِمُونَ

3:103

और सब ईश्वर की रस्सी से दृढ़ता से जुड़ो,

وَٱعۡتَصِمُواْ بِحَبۡلِ ٱللَّهِ جَمِيعٗا

3:103

और फूट में न पड़ो।

وَلَا تَفَرَّقُواْۚ

3:103

और अपने ऊपर ईश्वर के उपकार का स्मरण करो, जब तुम शत्रु थे, और उसने तुम्हारे मर्मों में मेल करा दिया, ऐसा कि तुम उसके उपकार से भाई बन गए;

وَٱذۡكُرُواْ نِعۡمَتَ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمُۥ إِذۡ كُنتُمُۥ أَعۡدَآءٗ فَأَلَّفَ بَيۡنَ قُلُوبِكُمُۥ فَأَصۡبَحۡتُمُۥ بِنِعۡمَتِهِۦ إِخۡوَٰنٗا

3:103

और तुम आग के एक गड्ढे के किनारे पर थे, और उसने तुम्हें उससे उबार लिया।

وَكُنتُمُۥ عَلَىٰ شَفَا حُفۡرَةٖ مِّنَ ٱلنَّارِ فَأَنقَذَكُمُۥ مِنۡهَاۗ

3:103

इसी प्रकार ईश्वर तुम्हारे लिए अपने संकेत स्पष्ट करता है, शायद तुम मार्गदर्शन पाओ।

كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمُۥ ءَايَٰتِهِۦ لَعَلَّكُمُۥ تَهۡتَدُونَ

और तुममें से एक ऐसा समुदाय हो जो अच्छाई की ओर बुलाए, जो मान्य है उसका आदेश दे, और जो अमान्य है उससे मना करे।

وَلۡتَكُن مِّنكُمُۥ أُمَّةٞ يَدۡعُونَ إِلَى ٱلۡخَيۡرِ وَيَأۡمُرُونَ بِٱلۡمَعۡرُوفِ وَيَنۡهَوۡنَ عَنِ ٱلۡمُنكَرِۚ

और वही सफल होने वाले हैं।

وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُفۡلِحُونَ

और उनकी तरह न हो जाओ जो फूट में पड़ गए और मतभेद करने लगे, इसके बाद कि स्पष्ट प्रमाण उनके पास आ गए।

وَلَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ تَفَرَّقُواْ وَٱخۡتَلَفُواْ مِنۢ بَعۡدِ مَا جَآءَهُمُ ٱلۡبَيِّنَٰتُۚ

3:106

और यही हैं जिनके लिए विशाल दंड होगा, उस दिन जब कुछ चेहरे उजले होंगे और कुछ चेहरे स्याह होंगे।

وَأُوْلَٰٓئِكَ لَهُمُۥ عَذَابٌ عَظِيمٞ يَوۡمَ تَبۡيَضُّ وُجُوهٞ وَتَسۡوَدُّ وُجُوهٞۚ

3:106

रही बात उनकी जिनके चेहरे स्याह हो गए होंगे: “क्या तुमने अपने विश्वास के बाद नकारा? तो दंड चखो, नकारने के कारण।”

فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ٱسۡوَدَّتۡ وُجُوهُهُمُۥ أَكَفَرۡتُمُۥ بَعۡدَ إِيمَٰنِكُمُۥ فَذُوقُواْ ٱلۡعَذَابَ بِمَا كُنتُمُۥ تَكۡفُرُونَ

3:107

और रही बात उनकी जिनके चेहरे उजले हो गए होंगे, वे ईश्वर की दया में होंगे,

وَأَمَّا ٱلَّذِينَ ٱبۡيَضَّتۡ وُجُوهُهُمُۥ فَفِي رَحۡمَةِ ٱللَّهِۖ

जिसमें वे सदा रहेंगे।

هُمُۥ فِيهَا خَٰلِدُونَ

ये ईश्वर के संकेत हैं, जो हम तुम्हें पूर्ण सत्य के साथ सुनाते हैं।

تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱللَّهِ نَتۡلُوهَا عَلَيۡكَ بِٱلۡحَقِّۗ

और ईश्वर सभी प्राणियों के लिए कोई अन्याय नहीं चाहता।

وَمَا ٱللَّهُ يُرِيدُ ظُلۡمٗا لِّلۡعَٰلَمِينَ

और ईश्वर का है जो आकाशों में है और जो धरती पर है,

وَلِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ

और ईश्वर की ओर ही सारे मामले लौटते हैं।

وَإِلَى ٱللَّهِ تُرۡجَعُ ٱلۡأُمُورُ

तुम सबसे बेहतर समुदाय हो जिसे लोगों के लिए निकाला गया है: तुम जो मान्य है उसका आदेश देते हो, जो अमान्य है उससे मना करते हो, और ईश्वर पर विश्वास करते हो।

كُنتُمُۥ خَيۡرَ أُمَّةٍ أُخۡرِجَتۡ لِلنَّاسِ تَأۡمُرُونَ بِٱلۡمَعۡرُوفِ وَتَنۡهَوۡنَ عَنِ ٱلۡمُنكَرِ وَتُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِۗ

3:110

और यदि ग्रंथ वाले विश्वास करते, तो यह उनके लिए बेहतर होता।

وَلَوۡ ءَامَنَ أَهۡلُ ٱلۡكِتَٰبِ لَكَانَ خَيۡرٗا لَّهُمُۥۚ

उनमें विश्वास करने वाले हैं,

مِنۡهُمُ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ

परंतु उनमें से अधिकतर अतिक्रमणकारी हैं।

وَأَكۡثَرُهُمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ

वे तुम्हें कभी हानि नहीं पहुँचा पाएँगे,

لَن يَضُرُّوكُمُۥ

सिवा एक कष्ट के।

إِلَّا أَذٗىۖ

और यदि वे तुमसे लड़ें, तो तुम्हारी ओर पीठ फेर लेंगे;

وَإِن يُقَٰتِلُوكُمُۥ يُوَلُّوكُمُ ٱلۡأَدۡبَارَ

फिर उनकी सहायता नहीं की जाएगी।

ثُمَّ لَا يُنصَرُونَ

अपमान उन पर चिपका दिया गया है, जहाँ कहीं वे अचानक पाए जाएँ,

ضُرِبَتۡ عَلَيۡهِمُ ٱلذِّلَّةُ أَيۡنَ مَا ثُقِفُواْ

सिवा ईश्वर की एक रस्सी और लोगों की एक रस्सी के; वे ईश्वर के क्रोध के भागी हैं,

إِلَّا بِحَبۡلٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَحَبۡلٖ مِّنَ ٱلنَّاسِ وَبَآءُو بِغَضَبٖ مِّنَ ٱللَّهِ

और दरिद्रता उन पर चिपका दी गई है।

وَضُرِبَتۡ عَلَيۡهِمُ ٱلۡمَسۡكَنَةُۚ

3:112

यह इसलिए कि वे ईश्वर के संकेतों को नकारते थे, और सूचनादाताओं को बिना हक़ के मार डालते थे।

ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمُۥ كَانُواْ يَكۡفُرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَيَقۡتُلُونَ ٱلۡأَنۢبِيَآءَ بِغَيۡرِ حَقّٖۚ

यह इसलिए कि उन्होंने अवज्ञा की और सीमाएँ पार कीं।

ذَٰلِكَ بِمَا عَصَواْ وَّكَانُواْ يَعۡتَدُونَ

3:113

वे सब बराबर नहीं हैं:

۞ لَيۡسُواْ سَوَآءٗۗ

3:113

ग्रंथ वालों में एक सीधा समुदाय है, जो रात की घड़ियों में ईश्वर के संकेत सुनाता है, माथा टेकते हुए।

مِّنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ أُمَّةٞ قَآئِمَةٞ يَتۡلُونَ ءَايَٰتِ ٱللَّهِ ءَانَآءَ ٱلَّيۡلِ وَهُمُۥ يَسۡجُدُونَ

3:114

वे ईश्वर पर और अंतिम दिन पर विश्वास करते हैं, जो मान्य है उसका आदेश देते हैं, जो अमान्य है उससे मना करते हैं, और जो सबसे बेहतर है उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं।

يُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِ وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِ وَيَأۡمُرُونَ بِٱلۡمَعۡرُوفِ وَيَنۡهَوۡنَ عَنِ ٱلۡمُنكَرِ وَيُسَٰرِعُونَ فِي ٱلۡخَيۡرَٰتِۖ

3:114

और वे उनमें से हैं जो भले हैं।

وَأُوْلَٰٓئِكَ مِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

3:115

और वे जो भी अच्छाई करें, वह उनके लिए कभी नकारी नहीं जाएगी।

وَمَا تَفۡعَلُواْ مِنۡ خَيۡرٖ فَلَن تُكۡفَرُوهُۥۗ

3:115

ईश्वर सावधानी बरतने वालों के विषय में सर्वज्ञ है।

وَٱللَّهُ عَلِيمُۢ بِٱلۡمُتَّقِينَ

निश्चय ही, जो नकारते हैं, न उनकी संपत्ति और न उनके बच्चे ईश्वर के सामने उनके किसी काम आएँगे,

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَن تُغۡنِيَ عَنۡهُمُۥ أَمۡوَٰلُهُمُۥ وَلَا أَوۡلَٰدُهُمُۥ مِنَ ٱللَّهِ شَيۡـٔٗاۖ

और वही आग वाले हैं, वे उसमें सदा रहते हैं।

وَأُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمُۥ فِيهَا خَٰلِدُونَ

इस इहलोक के जीवन में वे जो ख़र्च करते हैं उसका उदाहरण कड़ाके की ठंडी हवा जैसा है, जो एक ऐसी क़ौम की खेती पर आ पड़ती है जिसने स्वयं पर अन्याय किया, और उसे नष्ट कर देती है।

مَثَلُ مَا يُنفِقُونَ فِي هَٰذِهِ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا كَمَثَلِ رِيحٖ فِيهَا صِرٌّ أَصَابَتۡ حَرۡثَ قَوۡمٖ ظَلَمُواْ أَنفُسَهُمُۥ فَأَهۡلَكَتۡهُۥۚ

और ईश्वर ने उन पर अन्याय नहीं किया,

وَمَا ظَلَمَهُمُ ٱللَّهُ

परंतु वे स्वयं पर ही अन्याय करते हैं।

وَلَٰكِنۡ أَنفُسَهُمُۥ يَظۡلِمُونَ

हे विश्वास करने वालो! अपनों के अतिरिक्त किसी को अंतरंग राज़दार न बनाओ: वे तुम्हें उलझन में डालने में कोई कसर नहीं छोड़ते, और चाहते हैं कि तुम त्रस्त हो।

يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَتَّخِذُواْ بِطَانَةٗ مِّن دُونِكُمُۥ لَا يَأۡلُونَكُمُۥ خَبَالٗا وَدُّواْ مَا عَنِتُّمُۥ

घृणा उनके मुँहों से पहले ही सामने आ चुकी है, और जो उनके सीने छिपाते हैं वह कहीं अधिक गंभीर है।

قَدۡ بَدَتِ ٱلۡبَغۡضَآءُ مِنۡ أَفۡوَٰهِهِمُۥ وَمَا تُخۡفِي صُدُورُهُمُۥ أَكۡبَرُۚ

हमने तुम्हारे लिए संकेत पहले ही स्पष्ट कर दिए हैं, यदि तुम बुद्धि से काम लेते हो।

قَدۡ بَيَّنَّا لَكُمُ ٱلۡأٓيَٰتِۖ إِن كُنتُمُۥ تَعۡقِلُونَ

3:119

देखो, तुम वही हो जो उनसे प्रेम करते हो, जबकि वे तुमसे प्रेम नहीं करते, और तुम पूरे ग्रंथ पर विश्वास करते हो।

هَأَنتُمُۥ أُوْلَآءِ تُحِبُّونَهُمُۥ وَلَا يُحِبُّونَكُمُۥ وَتُؤۡمِنُونَ بِٱلۡكِتَٰبِ كُلِّهِۦ

और जब वे तुमसे मिलते हैं, तो कहते हैं: “हमने विश्वास किया”;

وَإِذَا لَقُوكُمُۥ قَالُواْ ءَامَنَّا

परंतु जब वे अकेले होते हैं, तो तुम पर रोष के कारण अपनी उँगलियों के सिरे काटते हैं।

وَإِذَا خَلَوۡاْ عَضُّواْ عَلَيۡكُمُ ٱلۡأَنَامِلَ مِنَ ٱلۡغَيۡظِۚ

कहो: “अपने रोष में मर जाओ।”

قُلۡ مُوتُواْ بِغَيۡظِكُمُۥۗ

ईश्वर निश्चय ही सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।

إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ

3:120

यदि तुम्हें कोई भलाई छू जाए, तो उन्हें बुरा लगता है,

إِن تَمۡسَسۡكُمُۥ حَسَنَةٞ تَسُؤۡهُمُۥ

3:120

और यदि तुम पर कोई बुराई आ पड़े, तो वे उससे हर्षित होते हैं।

وَإِن تُصِبۡكُمُۥ سَيِّئَةٞ يَفۡرَحُواْ بِهَاۖ

3:120

परंतु यदि तुम धैर्य रखो और सावधान रहो, तो उनकी चाल तुम्हें कुछ भी हानि नहीं पहुँचाएगी,

وَإِن تَصۡبِرُواْ وَتَتَّقُواْ لَا يَضِرۡكُمُۥ كَيۡدُهُمُۥ شَيۡـًٔاۗ

3:120

क्योंकि ईश्वर उसे पूरी तरह घेरे हुए है जो वे करते हैं।

إِنَّ ٱللَّهَ بِمَا يَعۡمَلُونَ مُحِيطٞ

3:121

और जब तुम सुबह-सुबह अपने परिवार को छोड़कर निकले, विश्वास करने वालों को लड़ाई के मोर्चों पर ठहराने के लिए।

وَإِذۡ غَدَوۡتَ مِنۡ أَهۡلِكَ تُبَوِّئُ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ مَقَٰعِدَ لِلۡقِتَالِۗ

3:121

ईश्वर सुनने वाला, सर्वज्ञ है।

وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

3:122

जब तुम्हारे दो गुट पीछे हटने को हुए, जबकि ईश्वर उन दोनों का आश्रयदाता था —

إِذۡ هَمَّت طَّآئِفَتَانِ مِنكُمُۥ أَن تَفۡشَلَا وَٱللَّهُ وَلِيُّهُمَاۗ

3:122

और विश्वास करने वालों को ईश्वर को ही मुख़्तार बनाना चाहिए।

وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ

3:123

ईश्वर ने बद्र में निश्चय ही तुम्हारी सहायता की, जब तुम हीन थे।

وَلَقَدۡ نَصَرَكُمُ ٱللَّهُ بِبَدۡرٖ وَأَنتُمُۥ أَذِلَّةٞۖ

3:123

अतः ईश्वर के प्रति सावधान रहो, शायद तुम कृतज्ञ हो जाओ।

فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمُۥ تَشۡكُرُونَ

3:124

जब तुम विश्वास करने वालों से कह रहे थे: “क्या तुम्हारे लिए यह पर्याप्त नहीं कि तुम्हारा अभिभावक तीन हज़ार उतारे गए अभिकर्ताओं से तुम्हें मज़बूत करे?”

إِذۡ تَقُولُ لِلۡمُؤۡمِنِينَ أَلَن يَكۡفِيَكُمُۥ أَن يُمِدَّكُمُۥ رَبُّكُمُۥ بِثَلَٰثَةِ ءَالَٰفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ مُنزَلِينَ

3:125

क्यों नहीं: यदि तुम धैर्य रखो और सावधान रहो, और वे यहीं, उसी क्षण तुम्हारे पास आ जाएँ, तो तुम्हारा अभिभावक पाँच हज़ार अलग से अंकित अभिकर्ताओं से तुम्हें मज़बूत करेगा।

بَلَىٰۚ إِن تَصۡبِرُواْ وَتَتَّقُواْ وَيَأۡتُوكُمُۥ مِن فَوۡرِهِمُۥ هَٰذَا يُمۡدِدۡكُمُۥ رَبُّكُمُۥ بِخَمۡسَةِ ءَالَٰفٖ مِّنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةِ مُسَوِّمِينَ

और ईश्वर ने इसे तुम्हारे लिए केवल एक शुभ समाचार बनाया, और इसलिए कि तुम्हारे मर्म इससे चैन पाएँ।

وَمَا جَعَلَهُ ٱللَّهُ إِلَّا بُشۡرَىٰ لَكُمُۥ وَلِتَطۡمَئِنَّ قُلُوبُكُمُۥ بِهِۦۗ

3:127–128

और सहायता केवल ईश्वर के पास से आती है, जो सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है, ताकि वह नकारने वालों का एक भाग काट दे, या उन्हें पछाड़ दे, और वे निराश होकर चले जाएँ। इस मामले में तुम्हारा कोई प्रभाव नहीं: या तो वह अनुकंपा के साथ उनकी ओर पलटे, या उन्हें दंड दे, क्योंकि वे अन्यायी हैं।

وَمَا ٱلنَّصۡرُ إِلَّا مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَكِيمِ لِيَقۡطَعَ طَرَفٗا مِّنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ أَوۡ يَكۡبِتَهُمُۥ فَيَنقَلِبُواْ خَآئِبِينَ لَيۡسَ لَكَ مِنَ ٱلۡأَمۡرِ شَيۡءٌ أَوۡ يَتُوبَ عَلَيۡهِمُۥ أَوۡ يُعَذِّبَهُمُۥ فَإِنَّهُمُۥ ظَٰلِمُونَ

3:129

और जो आकाशों में है और जो धरती पर है, वह ईश्वर का है।

وَلِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ

3:129

वह जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे क्षमा करता है, और जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे दंड देता है।

يَغۡفِرُ لِمَن يَشَآءُ وَيُعَذِّبُ مَن يَشَآءُۚ

3:129

और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।

وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

3:130

हे विश्वास करने वालो! दोगुने पर दोगुने किए गए ब्याज को मत खाओ।

يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَأۡكُلُواْ ٱلرِّبَوٰاْ أَضۡعَٰفٗا مُّضَعَّفَةٗۖ

3:130

और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, शायद तुम सफल हो जाओ।

وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمُۥ تُفۡلِحُونَ

3:131

और उस आग से सावधान रहो, जो नकारने वालों के लिए तैयार की गई है।

وَٱتَّقُواْ ٱلنَّارَ ٱلَّتِي أُعِدَّتۡ لِلۡكَٰفِرِينَ

3:132

और ईश्वर और संदेशवाहक की बात मानो, शायद तुम पर दया की जाए।

وَأَطِيعُواْ ٱللَّهَ وَٱلرَّسُولَ لَعَلَّكُمُۥ تُرۡحَمُونَ

3:133–134

और शीघ्रता करो अपने अभिभावक की क्षमा की ओर, और एक ऐसे उद्यान की ओर जिसका विस्तार आकाशों और धरती के बराबर है, जो उनके लिए तैयार किया गया है जो सावधान रहते हैं, जो सुविधा और हानि में ख़र्च करते हैं, अपना रोष रोक लेते हैं, और लोगों के प्रति दरगुज़र करते हैं।

۞ وَسَارِعُواْ إِلَىٰ مَغۡفِرَةٖ مِّن رَّبِّكُمُۥ وَجَنَّةٍ عَرۡضُهَا ٱلسَّمَٰوَٰتُ وَٱلۡأَرۡضُ أُعِدَّتۡ لِلۡمُتَّقِينَ ٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ فِي ٱلسَّرَّآءِ وَٱلضَّرَّآءِ وَٱلۡكَٰظِمِينَ ٱلۡغَيۡظَ وَٱلۡعَافِينَ عَنِ ٱلنَّاسِۗ

3:133–134

ईश्वर भलाई करने वालों से प्रेम करता है।

وَٱللَّهُ يُحِبُّ ٱلۡمُحۡسِنِينَ

3:135

और वे जो, जब कोई निर्लज्जता करते हैं या स्वयं पर अन्याय करते हैं, तो ईश्वर का स्मरण करते हैं और अपने दोषों के लिए क्षमा माँगते हैं —

وَٱلَّذِينَ إِذَا فَعَلُواْ فَٰحِشَةً أَوۡ ظَلَمُواْ أَنفُسَهُمُۥ ذَكَرُواْ ٱللَّهَ فَٱسۡتَغۡفَرُواْ لِذُنُوبِهِمُۥ

3:135

और ईश्वर के सिवा कौन दोषों को क्षमा करता है? —

وَمَن يَغۡفِرُ ٱلذُّنُوبَ إِلَّا ٱللَّهُ

3:135

और जो जानते हुए, जो उन्होंने किया उस पर डटे नहीं रहते।

وَلَمۡ يُصِرُّواْ عَلَىٰ مَا فَعَلُواْ وَهُمُۥ يَعۡلَمُونَ

ये वे हैं जिनका प्रतिफल उनके अभिभावक की ओर से क्षमा है, और ऐसे उद्यान जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, जिनमें वे सदा रहेंगे।

أُوْلَٰٓئِكَ جَزَآؤُهُمُۥ مَغۡفِرَةٞ مِّن رَّبِّهِمُۥ وَجَنَّٰتٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَاۚ

और कर्म करने वालों के लिए कितना उत्तम पुरस्कार है!

وَنِعۡمَ أَجۡرُ ٱلۡعَٰمِلِينَ

तुमसे पहले रीतियाँ बीत चुकी हैं;

قَدۡ خَلَتۡ مِن قَبۡلِكُمُۥ سُنَنٞ

अतः धरती में घूमो और नज़र डालो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा रहा।

فَسِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَٱنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُكَذِّبِينَ

यह लोगों के लिए एक स्पष्ट विवरण है, और सावधानी बरतने वालों के लिए एक मार्गदर्शन और एक उपदेश।

هَٰذَا بَيَانٞ لِّلنَّاسِ وَهُدٗى وَمَوۡعِظَةٞ لِّلۡمُتَّقِينَ

और ढीले मत पड़ो, और दुखी मत हो: यदि तुम विश्वास करने वाले हो, तो तुम सबसे ऊपर हो।

وَلَا تَهِنُواْ وَلَا تَحۡزَنُواْ وَأَنتُمُ ٱلۡأَعۡلَوۡنَ إِن كُنتُمُۥ مُؤۡمِنِينَ

3:140

यदि तुम्हें कोई घाव छू जाए, तो उस क़ौम को भी ऐसा ही घाव छू चुका है।

إِن يَمۡسَسۡكُمُۥ قَرۡحٞ فَقَدۡ مَسَّ ٱلۡقَوۡمَ قَرۡحٞ مِّثۡلُهُۥۚ

3:140

ऐसे ही चलते हैं दिन: हम उन्हें लोगों के बीच एक से दूसरे तक घुमाते हैं,

وَتِلۡكَ ٱلۡأَيَّامُ نُدَاوِلُهَا بَيۡنَ ٱلنَّاسِ

ताकि ईश्वर उन्हें छाँट ले जिन्होंने विश्वास किया, और तुममें से साक्षी ले ले —

وَلِيَعۡلَمَ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَيَتَّخِذَ مِنكُمُۥ شُهَدَآءَۗ

ईश्वर अन्यायियों से प्रेम नहीं करता —

وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ ٱلظَّٰلِمِينَ

और ताकि ईश्वर उन्हें शुद्ध करे जिन्होंने विश्वास किया, और नकारने वालों को मिटा दे।

وَلِيُمَحِّصَ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَيَمۡحَقَ ٱلۡكَٰفِرِينَ

या क्या तुमने सोचा था कि उद्यान में प्रवेश कर जाओगे, जबकि ईश्वर ने अभी तक तुममें से संघर्ष करने वालों को नहीं छाँटा, और धैर्य रखने वालों को नहीं छाँटा?

أَمۡ حَسِبۡتُمُۥ أَن تَدۡخُلُواْ ٱلۡجَنَّةَ وَلَمَّا يَعۡلَمِ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ جَٰهَدُواْ مِنكُمُۥ وَيَعۡلَمَ ٱلصَّٰبِرِينَ

तुम निश्चय ही मृत्यु की इच्छा करते थे, उससे मिलने से पहले; सो तुमने उसे देख लिया, और तुम नज़र डाल रहे थे।

وَلَقَدۡ كُنتُمُۥ تَمَنَّوۡنَ ٱلۡمَوۡتَ مِن قَبۡلِ أَن تَلۡقَوۡهُۥ فَقَدۡ رَأَيۡتُمُوهُۥ وَأَنتُمُۥ تَنظُرُونَ

3:144

मुहम्मद केवल एक संदेशवाहक है; उससे पहले संदेशवाहक बीत चुके हैं।

وَمَا مُحَمَّدٌ إِلَّا رَسُولٞ قَدۡ خَلَتۡ مِن قَبۡلِهِ ٱلرُّسُلُۚ

3:144

तो यदि वह मर जाए, या मार डाला जाए, तो क्या तुम अपनी एड़ियों के बल पलट जाओगे?

أَفَإِيْن مَّاتَ أَوۡ قُتِلَ ٱنقَلَبۡتُمُۥ عَلَىٰ أَعۡقَٰبِكُمُۥۚ

3:144

और जो अपनी एड़ियों के बल पलट जाता है, वह ईश्वर को कुछ भी हानि नहीं पहुँचाता,

وَمَن يَنقَلِبۡ عَلَىٰ عَقِبَيۡهِۦ فَلَن يَضُرَّ ٱللَّهَ شَيۡـٔٗاۚ

3:144

और ईश्वर कृतज्ञों को प्रतिफल देगा।

وَسَيَجۡزِي ٱللَّهُ ٱلشَّٰكِرِينَ

और किसी भी स्व के लिए यह उचित नहीं कि वह मरे, ईश्वर की अनुमति के सिवा,

وَمَا كَانَ لِنَفۡسٍ أَن تَمُوتَ إِلَّا بِإِذۡنِ ٱللَّهِ

3:145

निर्धारित अवधि वाली बही के अनुसार।

كِتَٰبٗا مُّؤَجَّلٗاۗ

3:145

और जो इहलोक का प्रतिदान चाहता है, उसे हम वह देते हैं;

وَمَن يُرِدۡ ثَوَابَ ٱلدُّنۡيَا نُؤۡتِهِۦ مِنۡهَا

3:145

और जो अंतिम जीवन का प्रतिदान चाहता है, उसे हम वह देते हैं।

وَمَن يُرِدۡ ثَوَابَ ٱلۡأٓخِرَةِ نُؤۡتِهِۦ مِنۡهَاۚ

और हम कृतज्ञों को प्रतिफल देंगे।

وَسَنَجۡزِي ٱلشَّٰكِرِينَ

3:146

कितने ही सूचनादाता मार डाले गए, जिनके साथ अभिभावक से जुड़े बहुत से जन थे!

وَكَآئِن مِّن نَّبِيّٖ قُتِلَ مَعَهُۥ رِبِّيُّونَ كَثِيرٞ

3:146

ईश्वर की राह में जो उन पर आ पड़ा, उससे वे ढीले नहीं पड़े, न कमज़ोर हुए, और न झुके।

فَمَا وَهَنُواْ لِمَا أَصَابَهُمُۥ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ وَمَا ضَعُفُواْ وَمَا ٱسۡتَكَانُواْۗ

3:146

ईश्वर धैर्य रखने वालों से प्रेम करता है।

وَٱللَّهُ يُحِبُّ ٱلصَّٰبِرِينَ

3:147

और उनका एकमात्र कथन यह था कि उन्होंने कहा: “हमारे अभिभावक, आप हमारे दोष और हमारे आचरण में हमारी अतियाँ क्षमा कीजिए, हमारे क़दम दृढ़ कीजिए, और नकारने वाली क़ौम के विरुद्ध हमारी सहायता कीजिए।”

وَمَا كَانَ قَوۡلَهُمُۥ إِلَّا أَن قَالُواْ رَبَّنَا ٱغۡفِرۡ لَنَا ذُنُوبَنَا وَإِسۡرَافَنَا فِي أَمۡرِنَا وَثَبِّتۡ أَقۡدَامَنَا وَٱنصُرۡنَا عَلَى ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡكَٰفِرِينَ

3:148

तब ईश्वर ने उन्हें इहलोक का प्रतिदान दिया, और अंतिम जीवन का सुंदर प्रतिदान।

فَـَٔاتَىٰهُمُ ٱللَّهُ ثَوَابَ ٱلدُّنۡيَا وَحُسۡنَ ثَوَابِ ٱلۡأٓخِرَةِۗ

3:148

ईश्वर भलाई करने वालों से प्रेम करता है।

وَٱللَّهُ يُحِبُّ ٱلۡمُحۡسِنِينَ

हे विश्वास करने वालो! यदि तुम नकारने वालों की बात मानो, तो वे तुम्हें तुम्हारी एड़ियों पर वापस ले जाएँगे, और तुम घाटा उठाने वाले बनकर चले जाओगे।

يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ إِن تُطِيعُواْ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يَرُدُّوكُمُۥ عَلَىٰ أَعۡقَٰبِكُمُۥ فَتَنقَلِبُواْ خَٰسِرِينَ

बल्कि ईश्वर तुम्हारा सबसे निकट का ज़ामिन है,

بَلِ ٱللَّهُ مَوۡلَىٰكُمُۥۖ

और वह सहायकों में सबसे बेहतर है।

وَهُوَ خَيۡرُ ٱلنَّٰصِرِينَ

3:151

हम नकारने वालों के मर्मों में आतंक डालेंगे, इस कारण कि उन्होंने ईश्वर के साथ उसे साझी ठहराया जिसके लिए उसने कोई अधिकार नहीं उतारा।

سَنُلۡقِي فِي قُلُوبِ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ ٱلرُّعۡبَ بِمَا أَشۡرَكُواْ بِٱللَّهِ مَا لَمۡ يُنزِلۡ بِهِۦ سُلۡطَٰنٗاۖ

और उनकी शरण आग होगी,

وَمَأۡوَىٰهُمُ ٱلنَّارُۖ

और अन्यायियों का निवास कितना निकृष्ट है!

وَبِئۡسَ مَثۡوَى ٱلظَّٰلِمِينَ

3:152

ईश्वर ने निश्चय ही तुम्हारे साथ अपना वादा निभाया, जब तुम उसकी अनुमति से उनका संहार कर रहे थे,

وَلَقَدۡ صَدَقَكُمُ ٱللَّهُ وَعۡدَهُۥ إِذۡ تَحُسُّونَهُمُۥ بِإِذۡنِهِۦۖ

3:152

यहाँ तक कि तुम पीछे हट गए और मामले को लेकर खींचतान में पड़ गए, और तुमने अवज्ञा की, उसके बाद कि उसने तुम्हें वह दिखा दिया जो तुम्हें प्रिय था।

حَتَّىٰ إِذَا فَشِلۡتُمُۥ وَتَنَٰزَعۡتُمُۥ فِي ٱلۡأَمۡرِ وَعَصَيۡتُمُۥ مِنۢ بَعۡدِ مَا أَرَىٰكُمُۥ مَا تُحِبُّونَۚ

3:152

तुममें कुछ ऐसे थे जो इहलोक चाहते थे, और तुममें कुछ ऐसे थे जो अंतिम जीवन चाहते थे;

مِنكُمُۥ مَن يُرِيدُ ٱلدُّنۡيَا وَمِنكُمُۥ مَن يُرِيدُ ٱلۡأٓخِرَةَۚ

3:152

फिर उसने तुम्हें उनसे हटा दिया, ताकि वह तुम्हें परखे।

ثُمَّ صَرَفَكُمُۥ عَنۡهُمُۥ لِيَبۡتَلِيَكُمُۥۖ

3:152

उसने निश्चय ही तुम्हारे प्रति दरगुज़र किया है।

وَلَقَدۡ عَفَا عَنكُمُۥۗ

3:152

ईश्वर विश्वास करने वालों के प्रति अनुग्रह रखता है।

وَٱللَّهُ ذُو فَضۡلٍ عَلَى ٱلۡمُؤۡمِنِينَ

3:153

जब तुम ऊपर चढ़ते जा रहे थे, किसी की ओर मुड़े बिना, जबकि संदेशवाहक तुम्हारी पंक्तियों के पीछे से तुम्हें बुला रहा था; तब उसने तुम्हें प्रतिदान के रूप में एक व्यथा के बाद एक व्यथा दी, ताकि तुम न उसके लिए दुखी हो जो तुमसे जाता रहा, न उसके लिए जो तुम पर आ पड़ा।

۞ إِذۡ تُصۡعِدُونَ وَلَا تَلۡوُۥنَ عَلَىٰ أَحَدٖ وَٱلرَّسُولُ يَدۡعُوكُمُۥ فِي أُخۡرَىٰكُمُۥ فَأَثَٰبَكُمُۥ غَمَّۢا بِغَمّٖ لِّكَيۡلَا تَحۡزَنُواْ عَلَىٰ مَا فَاتَكُمُۥ وَلَا مَا أَصَٰبَكُمُۥۗ

3:153

और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।

وَٱللَّهُ خَبِيرُۢ بِمَا تَعۡمَلُونَ

3:154

फिर उसने व्यथा के बाद तुम पर एक सुरक्षा उतारी, एक ऊँघ, जो तुममें से एक गुट पर छा रही थी,

ثُمَّ أَنزَلَ عَلَيۡكُمُۥ مِنۢ بَعۡدِ ٱلۡغَمِّ أَمَنَةٗ نُّعَاسٗا يَغۡشَىٰ طَآئِفَةٗ مِّنكُمُۥۖ

3:154

जबकि एक गुट, जो अपने ही स्व की चिंता में पड़ा था, ईश्वर के विषय में सत्य के विपरीत अज्ञान के युग का एक अनुमान लगा रहा था,

وَطَآئِفَةٞ قَدۡ أَهَمَّتۡهُمُۥ أَنفُسُهُمُۥ يَظُنُّونَ بِٱللَّهِ غَيۡرَ ٱلۡحَقِّ ظَنَّ ٱلۡجَٰهِلِيَّةِۖ

3:154

यह कहते हुए: “क्या मामले में हमारा तनिक भी भाग है?”

يَقُولُونَ هَل لَّنَا مِنَ ٱلۡأَمۡرِ مِن شَيۡءٖۗ

3:154

कहो: “मामला, सारा का सारा, निश्चय ही ईश्वर का है।”

قُلۡ إِنَّ ٱلۡأَمۡرَ كُلَّهُۥ لِلَّهِۗ

3:154

वे अपने भीतर वह छिपाते हैं जो वे तुम्हारे सामने आने नहीं देते,

يُخۡفُونَ فِي أَنفُسِهِمُۥ مَا لَا يُبۡدُونَ لَكَۖ

3:154

यह कहते हुए: “यदि इस मामले में हमारा कुछ भी प्रभाव होता, तो हम यहाँ मार डाले न जाते।”

يَقُولُونَ لَوۡ كَانَ لَنَا مِنَ ٱلۡأَمۡرِ شَيۡءٞ مَّا قُتِلۡنَا هَٰهُنَاۗ

3:154

कहो: “यदि तुम अपने घरों में होते, तो जिनके लिए हत्या विहित की गई थी वे ज़रूर उन स्थानों की ओर निकल पड़ते जहाँ उन्हें लेटना था” — और ताकि ईश्वर तुम्हारे सीनों में जो है उसे परखे, और तुम्हारे मर्मों में जो है उसे शुद्ध करे।

قُل لَّوۡ كُنتُمُۥ فِي بِيُوتِكُمُۥ لَبَرَزَ ٱلَّذِينَ كُتِبَ عَلَيۡهِمُ ٱلۡقَتۡلُ إِلَىٰ مَضَاجِعِهِمُۥۖ وَلِيَبۡتَلِيَ ٱللَّهُ مَا فِي صُدُورِكُمُۥ وَلِيُمَحِّصَ مَا فِي قُلُوبِكُمُۥۚ

3:154

और ईश्वर सीनों के भीतर जो है उसके विषय में सर्वज्ञ है।

وَٱللَّهُ عَلِيمُۢ بِذَاتِ ٱلصُّدُورِ

3:155

तुममें से जिन्होंने पीठ फेरी, उस दिन जब दोनों दल मिले, उन्हें केवल बहकाने वाले ने फिसलाया, उनके कमाए हुए के एक भाग के कारण।

إِنَّ ٱلَّذِينَ تَوَلَّوۡاْ مِنكُمُۥ يَوۡمَ ٱلۡتَقَى ٱلۡجَمۡعَانِ إِنَّمَا ٱسۡتَزَلَّهُمُ ٱلشَّيۡطَٰنُ بِبَعۡضِ مَا كَسَبُواْۖ

ईश्वर ने निश्चय ही उनके प्रति दरगुज़र किया है,

وَلَقَدۡ عَفَا ٱللَّهُ عَنۡهُمُۥۗ

क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, सहनशील है।

إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٌ حَلِيمٞ

हे विश्वास करने वालो! उन जैसे मत हो जिन्होंने नकारा, और जो अपने भाइयों के विषय में कहते हैं, जब वे धरती पर विचरण करते हैं या अभियान पर निकलते हैं: “यदि वे हमारे पास रहते, तो न मरते, और न मार डाले जाते” — ताकि ईश्वर इसे उनके मर्मों में एक संताप बना दे।

يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَكُونُواْ كَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَقَالُواْ لِإِخۡوَٰنِهِمُۥ إِذَا ضَرَبُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ أَوۡ كَانُواْ غُزّٗى لَّوۡ كَانُواْ عِندَنَا مَا مَاتُواْ وَمَا قُتِلُواْ لِيَجۡعَلَ ٱللَّهُ ذَٰلِكَ حَسۡرَةٗ فِي قُلُوبِهِمُۥۗ

ईश्वर जीवन देता है और मृत्यु देता है।

وَٱللَّهُ يُحۡيِۦ وَيُمِيتُۗ

3:156

और ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।

وَٱللَّهُ بِمَا يَعۡمَلُونَ بَصِيرٞ

3:157

और यदि तुम ईश्वर की राह में मार डाले जाओ, या मर जाओ, तो ईश्वर की ओर से क्षमा और दया निश्चय ही उससे बेहतर हैं जो वे जमा करते हैं।

وَلَئِن قُتِلۡتُمُۥ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ أَوۡ مُتُّمُۥ لَمَغۡفِرَةٞ مِّنَ ٱللَّهِ وَرَحۡمَةٌ خَيۡرٞ مِّمَّا تَجۡمَعُونَ

3:158

और चाहे तुम मरो, या मार डाले जाओ, ईश्वर ही की ओर तुम इकट्ठा किए जाओगे।

وَلَئِن مُّتُّمُۥ أَوۡ قُتِلۡتُمُۥ لَإِلَى ٱللَّهِ تُحۡشَرُونَ

3:159

ईश्वर की ओर से एक दया के कारण ही तुम उनके प्रति कोमल हुए;

فَبِمَا رَحۡمَةٖ مِّنَ ٱللَّهِ لِنتَ لَهُمُۥۖ

3:159

और यदि तुम रूखे, कठोर मर्म वाले होते, तो वे ज़रूर तुम्हारे पास से बिखर जाते।

وَلَوۡ كُنتَ فَظًّا غَلِيظَ ٱلۡقَلۡبِ لَٱنفَضُّواْ مِنۡ حَوۡلِكَۖ

3:159

अतः उनके प्रति दरगुज़र करो, उनके लिए क्षमा माँगो, और मामले में उनसे परामर्श करो;

فَٱعۡفُ عَنۡهُمُۥ وَٱسۡتَغۡفِرۡ لَهُمُۥ وَشَاوِرۡهُمُۥ فِي ٱلۡأَمۡرِۖ

3:159

और जब तुम्हारा संकल्प हो जाए, तो ईश्वर को मुख़्तार बनाओ,

فَإِذَا عَزَمۡتَ فَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱللَّهِۚ

3:159

क्योंकि ईश्वर मुख़्तार बनाने वालों से प्रेम करता है।

إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلۡمُتَوَكِّلِينَ

यदि ईश्वर तुम्हारी सहायता करे, तो कोई तुम्हें पराजित नहीं कर सकता;

إِن يَنصُرۡكُمُ ٱللَّهُ فَلَا غَالِبَ لَكُمُۥۖ

3:160

और यदि वह तुम्हें त्याग दे, तो उसके बाद कौन तुम्हारी सहायता कर सकता है?

وَإِن يَخۡذُلۡكُمُۥ فَمَن ذَا ٱلَّذِي يَنصُرُكُمُۥ مِنۢ بَعۡدِهِۦۗ

और विश्वास करने वालों को ईश्वर को ही मुख़्तार बनाना चाहिए।

وَعَلَى ٱللَّهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُؤۡمِنُونَ

3:161

किसी सूचनादाता के लिए यह उचित नहीं कि वह ग़बन करे;

وَمَا كَانَ لِنَبِيٍّ أَن يَغُلَّۚ

3:161

और जो ग़बन करता है, वह पेशी के दिन उसे लेकर आएगा जो उसने ग़बन से निकाला होगा,

وَمَن يَغۡلُلۡ يَأۡتِ بِمَا غَلَّ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ

3:161

फिर हर स्व वह पूरा-पूरा पाएगा जो उसने कमाया, और उस पर अन्याय नहीं किया जाएगा।

ثُمَّ تُوَفَّىٰ كُلُّ نَفۡسٖ مَّا كَسَبَتۡ وَهُمُۥ لَا يُظۡلَمُونَ

3:162

तो क्या वह जो ईश्वर की प्रसन्नता का अनुसरण करता है, उसके समान है जो ईश्वर के कोप का भागी हुआ, और जिसकी शरण जहन्नम होगी?

أَفَمَنِ ٱتَّبَعَ رِضۡوَٰنَ ٱللَّهِ كَمَنۢ بَآءَ بِسَخَطٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَمَأۡوَىٰهُۥ جَهَنَّمُۖ

और कितना भयानक गंतव्य!

وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ

ईश्वर के पास उनकी श्रेणियाँ हैं।

هُمُۥ دَرَجَٰتٌ عِندَ ٱللَّهِۗ

ईश्वर उस पर दृष्टि रखता है जो वे करते हैं।

وَٱللَّهُ بَصِيرُۢ بِمَا يَعۡمَلُونَ

3:164

ईश्वर ने विश्वास करने वालों पर निश्चय ही कृपा की, जब उसने उनके बीच एक संदेशवाहक उठाया, उन्हीं में से, जो उन्हें उसके संकेत सुनाता है, उन्हें शुद्ध करता है, और उन्हें ग्रंथ और प्रज्ञा सिखाता है, जबकि इससे पहले वे अवश्य स्पष्ट भटकाव में थे।

لَقَدۡ مَنَّ ٱللَّهُ عَلَى ٱلۡمُؤۡمِنِينَ إِذۡ بَعَثَ فِيهِمُۥ رَسُولٗا مِّنۡ أَنفُسِهِمُۥ يَتۡلُواْ عَلَيۡهِمُۥ ءَايَٰتِهِۦ وَيُزَكِّيهِمُۥ وَيُعَلِّمُهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡحِكۡمَةَ وَإِن كَانُواْ مِن قَبۡلُ لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ

3:165

तो यह कैसे, कि जब तुम पर कोई विपत्ति आ पड़ती है, जबकि तुम उसकी दोगुनी पहुँचा चुके थे, तुम कहते हो: “यह कहाँ से आया?”

أَوَلَمَّا أَصَٰبَتۡكُمُۥ مُصِيبَةٞ قَدۡ أَصَبۡتُمُۥ مِثۡلَيۡهَا قُلۡتُمُۥ أَنَّىٰ هَٰذَاۖ

3:165

कहो: “यह तुम्हारी अपनी ओर से आया है।”

قُلۡ هُوَ مِنۡ عِندِ أَنفُسِكُمُۥۗ

3:165

ईश्वर निश्चय ही हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।

إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ

और जो तुम पर आ पड़ा, उस दिन जब दोनों दल मिले, वह ईश्वर की अनुमति से था, और इसलिए कि वह विश्वास करने वालों को छाँटे, और उन्हें छाँटे जिन्होंने पाखंड किया,

وَمَا أَصَٰبَكُمُۥ يَوۡمَ ٱلۡتَقَى ٱلۡجَمۡعَانِ فَبِإِذۡنِ ٱللَّهِ وَلِيَعۡلَمَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ وَلِيَعۡلَمَ ٱلَّذِينَ نَافَقُواْۚ

और जिनसे कहा गया: “आओ, ईश्वर की राह में लड़ो, या उन्हें पीछे हटाओ”;

وَقِيلَ لَهُمُۥ تَعَالَوۡاْ قَٰتِلُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ أَوِ ٱدۡفَعُواْۖ

उन्होंने कहा: “यदि हम लड़ना जानते, तो ज़रूर तुम्हारा अनुसरण करते।”

قَالُواْ لَوۡ نَعۡلَمُ قِتَالٗا لَّٱتَّبَعۡنَٰكُمُۥۗ

उस दिन वे विश्वास की अपेक्षा नकार के अधिक निकट थे,

هُمُۥ لِلۡكُفۡرِ يَوۡمَئِذٍ أَقۡرَبُ مِنۡهُمُۥ لِلۡإِيمَٰنِۚ

अपने मुँह से वह कहते हुए जो उनके मर्मों में नहीं था।

يَقُولُونَ بِأَفۡوَٰهِهِمُۥ مَا لَيۡسَ فِي قُلُوبِهِمُۥۚ

ईश्वर उसे सबसे अच्छी तरह जानता है जो वे दबा रखते हैं।

وَٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا يَكۡتُمُونَ

जो बैठे रह गए, उन्होंने अपने भाइयों के विषय में कहा: “यदि वे हमारी बात मानते, तो मार डाले न जाते।”

ٱلَّذِينَ قَالُواْ لِإِخۡوَٰنِهِمُۥ وَقَعَدُواْ لَوۡ أَطَاعُونَا مَا قُتِلُواْۗ

कहो: “तो अपने से मृत्यु को टाल दो, यदि तुम सच्चे हो।”

قُلۡ فَٱدۡرَءُواْ عَنۡ أَنفُسِكُمُ ٱلۡمَوۡتَ إِن كُنتُمُۥ صَٰدِقِينَ

3:169

और यह कदापि न सोचो कि जो ईश्वर की राह में मार डाले गए वे मृत हैं।

وَلَا تَحۡسِبَنَّ ٱلَّذِينَ قُتِلُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ أَمۡوَٰتَۢاۚ

3:170

बल्कि वे जीवित हैं, अपने अभिभावक के पास, जीविका पाते हुए, ईश्वर ने उन्हें अपने अनुग्रह से जो दिया उससे हर्षित होते हुए, और उनके लिए उल्लसित होते हुए जो उनके पीछे रह गए और अभी उनसे आ नहीं मिले: उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।

بَلۡ أَحۡيَآءٌ عِندَ رَبِّهِمُۥ يُرۡزَقُونَ فَرِحِينَ بِمَا ءَاتَىٰهُمُ ٱللَّهُ مِن فَضۡلِهِۦ وَيَسۡتَبۡشِرُونَ بِٱلَّذِينَ لَمۡ يَلۡحَقُواْ بِهِمُۥ مِنۡ خَلۡفِهِمُۥ أَلَّا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمُۥ وَلَا هُمُۥ يَحۡزَنُونَ

3:171–172

वे ईश्वर के एक उपकार और एक अनुग्रह से उल्लसित होते हैं, और इससे कि ईश्वर विश्वास करने वालों का पुरस्कार बिखरने नहीं देता, उनका जिन्होंने घाव आ पड़ने के बाद ईश्वर और संदेशवाहक को उत्तर दिया।

۞ يَسۡتَبۡشِرُونَ بِنِعۡمَةٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَفَضۡلٖ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجۡرَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ٱلَّذِينَ ٱسۡتَجَابُواْ لِلَّهِ وَٱلرَّسُولِ مِنۢ بَعۡدِ مَا أَصَابَهُمُ ٱلۡقَرۡحُۚ

उनमें से जिन्होंने भलाई की और जो सावधान रहे, उनके लिए एक विशाल पुरस्कार है।

لِلَّذِينَ أَحۡسَنُواْ مِنۡهُمُۥ وَٱتَّقَوۡاْ أَجۡرٌ عَظِيمٌ

3:173

जिनसे लोगों ने कहा: “लोग निश्चय ही तुम्हारे विरुद्ध एकत्र हो गए हैं, अतः उनसे भय रखो” — तो इससे उनका विश्वास बढ़ गया।

ٱلَّذِينَ قَالَ لَهُمُ ٱلنَّاسُ إِنَّ ٱلنَّاسَ قَدۡ جَمَعُواْ لَكُمُۥ فَٱخۡشَوۡهُمُۥ فَزَادَهُمُۥ إِيمَٰنٗا

3:173

और उन्होंने कहा: “ईश्वर हमारे लिए पर्याप्त है; कितना उत्तम मुख़्तार!”

وَقَالُواْ حَسۡبُنَا ٱللَّهُ وَنِعۡمَ ٱلۡوَكِيلُ

3:174

तब वे ईश्वर के एक उपकार और एक अनुग्रह के साथ चले गए, इस हाल में कि उन्हें कोई बुराई नहीं छू पाई थी, और उन्होंने ईश्वर की प्रसन्नता का अनुसरण किया।

فَٱنقَلَبُواْ بِنِعۡمَةٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَفَضۡلٖ لَّمۡ يَمۡسَسۡهُمُۥ سُوٓءٞ وَٱتَّبَعُواْ رِضۡوَٰنَ ٱللَّهِۗ

3:174

ईश्वर विशाल अनुग्रह रखता है।

وَٱللَّهُ ذُو فَضۡلٍ عَظِيمٍ

3:175

यह तो केवल वही बहकाने वाला है जो तुम्हें अपने हिमायतियों से डराता है; अतः उनसे मत डरो,

إِنَّمَا ذَٰلِكُمُ ٱلشَّيۡطَٰنُ يُخَوِّفُ أَوۡلِيَآءَهُۥ فَلَا تَخَافُوهُمُۥ

3:175

परंतु मुझसे डरो, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।

وَخَافُونِ إِن كُنتُمُۥ مُؤۡمِنِينَ

3:176

और तुम्हें वे दुखी न करें जो नकार में शीघ्रता करते हैं,

وَلَا يَحۡزُنكَ ٱلَّذِينَ يُسَٰرِعُونَ فِي ٱلۡكُفۡرِۚ

क्योंकि वे ईश्वर को कुछ भी हानि नहीं पहुँचाएँगे।

إِنَّهُمُۥ لَن يَضُرُّواْ ٱللَّهَ شَيۡـٔٗاۚ

ईश्वर चाहता है कि अंतिम जीवन में उन्हें कोई भाग न दे,

يُرِيدُ ٱللَّهُ أَلَّا يَجۡعَلَ لَهُمُۥ حَظّٗا فِي ٱلۡأٓخِرَةِۖ

और उनके लिए विशाल दंड होगा।

وَلَهُمُۥ عَذَابٌ عَظِيمٌ

निश्चय ही, जिन्होंने विश्वास के बदले नकार ख़रीदा, वे ईश्वर को कुछ भी हानि नहीं पहुँचाएँगे, और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।

إِنَّ ٱلَّذِينَ ٱشۡتَرَوُاْ ٱلۡكُفۡرَ بِٱلۡإِيمَٰنِ لَن يَضُرُّواْ ٱللَّهَ شَيۡـٔٗاۖ وَلَهُمُۥ عَذَابٌ أَلِيمٞ

3:178

और नकारने वाले यह कदापि न सोचें कि जो ढील हम उन्हें देते हैं वह उनके अपने लिए कोई अच्छाई है:

وَلَا يَحۡسِبَنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ أَنَّمَا نُمۡلِي لَهُمُۥ خَيۡرٞ لِّأَنفُسِهِمُۥۚ

हम उन्हें वह केवल इसलिए देते हैं कि वे अपराध में बढ़ते जाएँ,

إِنَّمَا نُمۡلِي لَهُمُۥ لِيَزۡدَادُواْ إِثۡمٗاۖ

और उनके लिए अपमानजनक दंड होगा।

وَلَهُمُۥ عَذَابٞ مُّهِينٞ

ईश्वर को यह शोभा नहीं देता कि वह विश्वास करने वालों को उस स्थिति में छोड़े रखे जिसमें तुम हो, नीच को अच्छे से छाँटे बिना,

مَّا كَانَ ٱللَّهُ لِيَذَرَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ عَلَىٰ مَا أَنتُمُۥ عَلَيۡهِۦ حَتَّىٰ يَمِيزَ ٱلۡخَبِيثَ مِنَ ٱلطَّيِّبِۗ

3:179

और ईश्वर को यह शोभा नहीं देता कि वह तुम्हें वह भेदने दे जो इंद्रियों से परे है,

وَمَا كَانَ ٱللَّهُ لِيُطۡلِعَكُمُۥ عَلَى ٱلۡغَيۡبِ

परंतु ईश्वर अपने संदेशवाहकों में से, जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे चुनता है।

وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ يَجۡتَبِي مِن رُّسُلِهِۦ مَن يَشَآءُۖ

अतः ईश्वर पर और उसके संदेशवाहकों पर विश्वास करो;

فَـَٔامِنُواْ بِٱللَّهِ وَرُسُلِهِۦۚ

और यदि तुम विश्वास करो और सावधान रहो, तो तुम्हारे लिए एक विशाल पुरस्कार होगा।

وَإِن تُؤۡمِنُواْ وَتَتَّقُواْ فَلَكُمُۥ أَجۡرٌ عَظِيمٞ

3:180

और जो उसमें कंजूसी करते हैं जो ईश्वर ने उन्हें अपने अनुग्रह से दिया, वे यह कदापि न सोचें कि यह उनके लिए कोई अच्छाई है;

وَلَا يَحۡسِبَنَّ ٱلَّذِينَ يَبۡخَلُونَ بِمَا ءَاتَىٰهُمُ ٱللَّهُ مِن فَضۡلِهِۦ هُوَ خَيۡرٗا لَّهُمُۥۖ

बल्कि यह उनके लिए एक बुराई है।

بَلۡ هُوَ شَرّٞ لَّهُمُۥۖ

पेशी के दिन उन पर उसका छल्ला कसा जाएगा जिसमें उन्होंने कंजूसी की थी।

سَيُطَوَّقُونَ مَا بَخِلُواْ بِهِۦ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۗ

और आकाशों और धरती की विरासत ईश्वर को मिलती है।

وَلِلَّهِ مِيرَٰثُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ

3:180

और ईश्वर तुम जो करते हो उसकी पूरी ख़बर रखता है।

وَٱللَّهُ بِمَا يَعۡمَلُونَ خَبِيرٞ

3:181

ईश्वर ने उनका कथन ज़रूर सुन लिया जिन्होंने कहा: “ईश्वर निर्धन है, और हम धनी हैं।”

لَّقَدۡ سَمِعَ ٱللَّهُ قَوۡلَ ٱلَّذِينَ قَالُواْ إِنَّ ٱللَّهَ فَقِيرٞ وَنَحۡنُ أَغۡنِيَآءُۘ

3:181

हम लिख लेंगे जो उन्होंने कहा, और सूचनादाताओं की उनकी हत्या भी, बिना हक़, और हम कहेंगे: “दहन के दंड का स्वाद चखो।

سَنَكۡتُبُ مَا قَالُواْ وَقَتۡلَهُمُ ٱلۡأَنۢبِيَآءَ بِغَيۡرِ حَقّٖ وَنَقُولُ ذُوقُواْ عَذَابَ ٱلۡحَرِيقِ

यह उसके बदले जो तुम्हारे हाथों ने आगे बढ़ाया; और ईश्वर बाध्य आज्ञाकारियों पर ज़रा भी अन्याय नहीं करता।”

ذَٰلِكَ بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيكُمُۥ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَيۡسَ بِظَلَّامٖ لِّلۡعَبِيدِ

जिन्होंने कहा: “ईश्वर ने हमें संधि से बाँधा है कि हम किसी संदेशवाहक पर भरोसा न करें, जब तक वह हमारे पास ऐसी भेंट न लाए जिसे आग भस्म कर दे”,

ٱلَّذِينَ قَالُواْ إِنَّ ٱللَّهَ عَهِدَ إِلَيۡنَا أَلَّا نُؤۡمِنَ لِرَسُولٍ حَتَّىٰ يَأۡتِيَنَا بِقُرۡبَانٖ تَأۡكُلُهُ ٱلنَّارُۗ

कहो: “मुझसे पहले तुम्हारे पास संदेशवाहक स्पष्ट प्रमाणों के साथ आए, और उसके साथ भी जो तुमने कहा; तो फिर तुमने उन्हें क्यों मार डाला, यदि तुम सच्चे हो?”

قُلۡ قَدۡ جَآءَكُمُۥ رُسُلٞ مِّن قَبۡلِي بِٱلۡبَيِّنَٰتِ وَبِٱلَّذِي قُلۡتُمُۥ فَلِمَ قَتَلۡتُمُوهُمُۥ إِن كُنتُمُۥ صَٰدِقِينَ

3:184

यदि वे तुम्हें झुठलाएँ, तो तुमसे पहले भी संदेशवाहक झुठलाए जा चुके हैं, जो स्पष्ट प्रमाणों, प्रपत्रों और प्रकाशमान ग्रंथ के साथ आए थे।

فَإِن كَذَّبُوكَ فَقَدۡ كُذِّبَ رُسُلٞ مِّن قَبۡلِكَ جَآءُو بِٱلۡبَيِّنَٰتِ وَٱلزُّبُرِ وَٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡمُنِيرِ

3:185

प्रत्येक स्व मृत्यु का स्वाद चखेगा,

كُلُّ نَفۡسٖ ذَآئِقَةُ ٱلۡمَوۡتِۗ

3:185

और तुम्हें तुम्हारे पुरस्कार पूरे-पूरे केवल पेशी के दिन ही दिए जाएँगे।

وَإِنَّمَا تُوَفَّوۡنَ أُجُورَكُمُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۖ

3:185

अतः जो आग से दूर किया गया और उद्यान में प्रविष्ट कराया गया, वह विजयी हो गया।

فَمَن زُحۡزِحَ عَنِ ٱلنَّارِ وَأُدۡخِلَ ٱلۡجَنَّةَ فَقَدۡ فَازَۗ

3:185

और इहलोक का जीवन केवल एक छलने वाला उपभोग है।

وَمَا ٱلۡحَيَوٰةُ ٱلدُّنۡيَا إِلَّا مَتَٰعُ ٱلۡغُرُورِ

3:186

तुम अपनी संपत्ति और अपने स्व में अवश्य परखे जाओगे, और तुम अवश्य, उनकी ओर से जिन्हें तुमसे पहले ग्रंथ दिया गया और उनकी ओर से जिन्होंने साझी ठहराया, बहुत-से कष्ट सुनोगे।

۞ لَتُبۡلَوُنَّ فِي أَمۡوَٰلِكُمُۥ وَأَنفُسِكُمُۥ وَلَتَسۡمَعُنَّ مِنَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ مِن قَبۡلِكُمُۥ وَمِنَ ٱلَّذِينَ أَشۡرَكُواْ أَذٗى كَثِيرٗاۚ

परंतु यदि तुम धैर्य रखो और सावधान रहो, तो यह निश्चय ही उन मामलों में से है जिनमें संकल्प चाहिए।

وَإِن تَصۡبِرُواْ وَتَتَّقُواْ فَإِنَّ ذَٰلِكَ مِنۡ عَزۡمِ ٱلۡأُمُورِ

3:187

और जब ईश्वर ने उनसे गंभीर प्रतिज्ञा ली जिन्हें ग्रंथ दिया गया था: “तुम इसे लोगों के लिए अवश्य स्पष्ट करोगे, और इसे दबा नहीं रखोगे”; परंतु उन्होंने इसे अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया, और इसके बदले एक तुच्छ मूल्य ख़रीदा।

وَإِذۡ أَخَذَ ٱللَّهُ مِيثَٰقَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ لَيُبَيِّنُنَّهُۥ لِلنَّاسِ وَلَا يَكۡتُمُونَهُۥ فَنَبَذُوهُۥ وَرَآءَ ظُهُورِهِمُۥ وَٱشۡتَرَوۡاْ بِهِۦ ثَمَنٗا قَلِيلٗاۖ

कितना भयानक है जो वे ख़रीदते हैं!

فَبِئۡسَ مَا يَشۡتَرُونَ

3:188

यह कदापि न सोचो कि जो अपने किए पर हर्षित होते हैं, और जिन्हें यह प्रिय है कि जो उन्होंने नहीं किया उस पर उनकी प्रशंसा हो — यह कदापि न सोचो कि वे दंड से बच निकलेंगे।

لَا يَحۡسِبَنَّ ٱلَّذِينَ يَفۡرَحُونَ بِمَا أَتَواْ وَّيُحِبُّونَ أَن يُحۡمَدُواْ بِمَا لَمۡ يَفۡعَلُواْ فَلَا يَحۡسِبُنَّهُمُۥ بِمَفَازَةٖ مِّنَ ٱلۡعَذَابِۖ

और उनके लिए पीड़ादायक दंड होगा।

وَلَهُمُۥ عَذَابٌ أَلِيمٞ

और आकाशों और धरती का राजत्व ईश्वर का है।

وَلِلَّهِ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ

और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।

وَٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ

3:190–191

आकाशों और धरती की रचना में, और रात और दिन की अदला-बदली में, मेधा रखने वालों के लिए अवश्य संकेत हैं, जो खड़े, बैठे, या करवट के बल लेटे हुए ईश्वर का स्मरण करते हैं, और आकाशों और धरती की रचना पर सोच-विचार करते हैं:

إِنَّ فِي خَلۡقِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَٱخۡتِلَٰفِ ٱلَّيۡلِ وَٱلنَّهَارِ لَأٓيَٰتٖ لِّأُوْلِي ٱلۡأَلۡبَٰبِ ٱلَّذِينَ يَذۡكُرُونَ ٱللَّهَ قِيَٰمٗا وَقُعُودٗا وَعَلَىٰ جُنُوبِهِمُۥ وَيَتَفَكَّرُونَ فِي خَلۡقِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ

3:190–191

“हमारे अभिभावक, आपने इसे व्यर्थ नहीं रचा। आपकी महिमा हो!

رَبَّنَا مَا خَلَقۡتَ هَٰذَا بَٰطِلٗا سُبۡحَٰنَكَ

3:190–191

अतः हमें आग के दंड से बचाइए।

فَقِنَا عَذَابَ ٱلنَّارِ

3:192

हमारे अभिभावक, आप जिसे आग में प्रवेश कराते हैं, उसे आपने निश्चय ही लज्जा से ढक दिया,

رَبَّنَا إِنَّكَ مَن تُدۡخِلِ ٱلنَّارَ فَقَدۡ أَخۡزَيۡتَهُۥۖ

3:192

और अन्यायियों के लिए कोई सहायता नहीं।

وَمَا لِلظَّٰلِمِينَ مِنۡ أَنصَارٖ

3:193

हमारे अभिभावक, हमने एक उद्घोषक को विश्वास की ओर बुलाते हुए सुना: अपने अभिभावक पर विश्वास करो — और हमने विश्वास किया।

رَّبَّنَا إِنَّنَا سَمِعۡنَا مُنَادِيٗا يُنَادِي لِلۡإِيمَٰنِ أَنۡ ءَامِنُواْ بِرَبِّكُمُۥ فَـَٔامَنَّاۚ

3:193

हमारे अभिभावक, अतः हमारे दोष क्षमा कीजिए, हमारे बुरे कर्म हमारे लिए ढक दीजिए, और हमें सद्गुणियों के साथ निष्ठा से सँभाल लीजिए।

رَبَّنَا فَٱغۡفِرۡ لَنَا ذُنُوبَنَا وَكَفِّرۡ عَنَّا سَيِّـَٔاتِنَا وَتَوَفَّنَا مَعَ ٱلۡأَبۡرَارِ

3:194

हमारे अभिभावक, और हमें वह दीजिए जिसका आपने अपने संदेशवाहकों के माध्यम से हमसे वादा किया, और पेशी के दिन हमें लज्जा से मत ढकिए,

رَبَّنَا وَءَاتِنَا مَا وَعَدتَّنَا عَلَىٰ رُسُلِكَ وَلَا تُخۡزِنَا يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۖ

3:194

क्योंकि आप अपने वादे से नहीं चूकते।”

إِنَّكَ لَا تُخۡلِفُ ٱلۡمِيعَادَ

3:195

तब उनके अभिभावक ने उन्हें उत्तर दिया: “मैं तुममें से कर्म करने वाले के कर्म को बिखरने नहीं देता, चाहे पुरुष हो या स्त्री —

فَٱسۡتَجَابَ لَهُمُۥ رَبُّهُمُۥ أَنِّي لَا أُضِيعُ عَمَلَ عَٰمِلٖ مِّنكُمُۥ مِن ذَكَرٍ أَوۡ أُنثَىٰۖ

3:195

तुम एक-दूसरे में से हो।

بَعۡضُكُمُۥ مِنۢ بَعۡضٖۖ

3:195

जिन्होंने प्रवास किया, अपने ठिकानों से निकाले गए, मेरी राह में कष्ट दिए गए, लड़े और मार डाले गए, उनके बुरे कर्म मैं अवश्य ढक दूँगा, और उन्हें मैं अवश्य ऐसे उद्यानों में प्रवेश कराऊँगा जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं” — ईश्वर की ओर से प्रतिदान।

فَٱلَّذِينَ هَاجَرُواْ وَأُخۡرِجُواْ مِن دِيَٰرِهِمُۥ وَأُوذُواْ فِي سَبِيلِي وَقَٰتَلُواْ وَقُتِّلُواْ لَأُكَفِّرَنَّ عَنۡهُمُۥ سَيِّـَٔاتِهِمُۥ وَلَأُدۡخِلَنَّهُمُۥ جَنَّٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ ثَوَابٗا مِّنۡ عِندِ ٱللَّهِۚ

3:195

और ईश्वर ही के पास सुंदर प्रतिदान है।

وَٱللَّهُ عِندَهُۥ حُسۡنُ ٱلثَّوَابِ

नकारने वालों का देशों में इधर-उधर फिरना तुम्हें छल न दे।

لَا يَغُرَّنَّكَ تَقَلُّبُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فِي ٱلۡبِلَٰدِ

यह थोड़ा-सा उपभोग है,

مَتَٰعٞ قَلِيلٞ

फिर उनकी शरण जहन्नम होगी,

ثُمَّ مَأۡوَىٰهُمُۥ جَهَنَّمُۖ

और कितना भयानक बिछौना!

وَبِئۡسَ ٱلۡمِهَادُ

परंतु जो अपने अभिभावक के प्रति सावधान रहे, उनके लिए ऐसे उद्यान होंगे जिनके नीचे नदियाँ बहती हैं, जिनमें वे सदा रहेंगे, ईश्वर की ओर से आतिथ्य के रूप में।

لَٰكِنِ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْ رَبَّهُمُۥ لَهُمُۥ جَنَّٰتٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَا نُزُلٗا مِّنۡ عِندِ ٱللَّهِۗ

3:198

और जो ईश्वर के पास है वह सद्गुणियों के लिए बेहतर है।

وَمَا عِندَ ٱللَّهِ خَيۡرٞ لِّلۡأَبۡرَارِ

3:199

और ग्रंथ वालों में कुछ ऐसे अवश्य हैं जो ईश्वर पर विश्वास करते हैं, और उस पर जो तुम पर उतारा गया, और उस पर जो उन पर उतारा गया, ईश्वर के प्रति विनीत होकर,

وَإِنَّ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ لَمَن يُؤۡمِنُ بِٱللَّهِ وَمَا أُنزِلَ إِلَيۡكُمُۥ وَمَا أُنزِلَ إِلَيۡهِمُۥ خَٰشِعِينَ لِلَّهِ

और ईश्वर के संकेतों के बदले तुच्छ मूल्य नहीं ख़रीदते।

لَا يَشۡتَرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ ثَمَنٗا قَلِيلًاۚ

ये वे हैं जिनका पुरस्कार उनके अभिभावक के पास है,

أُوْلَٰٓئِكَ لَهُمُۥ أَجۡرُهُمُۥ عِندَ رَبِّهِمُۥۗ

क्योंकि ईश्वर हिसाब में शीघ्र है।

إِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلۡحِسَابِ

3:200

हे विश्वास करने वालो! धैर्य रखो, धैर्य में बढ़ जाओ, दृढ़ता से तत्पर रहो, और ईश्वर के प्रति सावधान रहो, शायद तुम सफल हो जाओ।

يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ ٱصۡبِرُواْ وَصَابِرُواْ وَرَابِطُواْ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمُۥ تُفۡلِحُونَ

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