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القرآن

النجم

An-Najm

The Conscience Did Not Lie

Sura53
ق
पद62

Section XThe application · continuation

The return, the sworn Day, glorification and the law

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Read the section from its beginning: sura 50

53:1–4

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। तारे की शपथ, जब वह ढलता है: तुम्हारा साथी न भटका है, और न दिशाहीन हुआ है। वह भावना के प्रभाव से कुछ भी उच्चारित नहीं करता: यह एक प्रकट किए गए प्रकटीकरण के सिवा और कुछ नहीं।

بِسۡمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ وَاَلنَّجۡمِ إِذَا هَوۭيٰ مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمۡ وَمَا غَوۭيٰ وَمَا يَنطِقُ عَنِ اِ۬لۡهَوۭيٰٓ إِنۡ هُوَ إِلَّا وَحۡيٞ يُوحۭيٰ

प्रचंड बल वाले, सुदृढ़ स्फूर्ति वाले ने उसे सिखाया,

عَلَّمَهُۥ شَدِيدُ اُ۬لۡقُوۭيٰ ذُو مِرَّةٖ

फिर वह अपनी पूरी कद-काठी में सामने आया, सबसे ऊँचे क्षितिज पर।

فَاَسۡتَوۭيٰ وَهۡوَ بِالۡأُفُقِ اِ۬لۡأَعۡلۭيٰ

फिर वह निकट आया, और ऊपर आ गया, यहाँ तक कि दो धनुषों की दूरी पर था, या उससे भी निकट।

ثُمَّ دَنَا فَتَدَلّۭيٰ فَكَانَ قَابَ قَوۡسَيۡنِ أَوۡ أَدۡنۭيٰ

तब उसने अपने आज्ञाकारी पर वह प्रकट किया जो उसने प्रकट किया।

فَأَوۡحَىٰٓ إِلَىٰ عَبۡدِهِۦ مَآ أَوۡحۭيٰ

53:11

चेतना ने उस विषय में झूठ नहीं बोला जो उसने देखा।

مَا كَذَبَ اَ۬لۡفُؤَادُ مَا رَأ۪يٰٓ

53:12

तो क्या तुम उससे उस पर वाद-प्रतिवाद करोगे जो वह देखता है?

أَفَتُمَٰرُونَهُۥ عَلَىٰ مَا يَر۪يٰ

53:13–16

उसने उसे निश्चय ही एक और बार देखा, परम सीमा के बेर के पास — जिसके निकट शरण का उद्यान है — जब बेर पर वह छाया हुआ था जो छाया हुआ था।

وَلَقَدۡ رَء۪اهُ نَزۡلَةً أُخۡر۪يٰ عِندَ سِدۡرَةِ اِ۬لۡمُنتَهۭيٰ عِندَهَا جَنَّةُ اُ۬لۡمَأۡوۭيٰٓ إِذۡ يَغۡشَى اَ۬لسِّدۡرَةَ مَا يَغۡشۭيٰ

53:17

दृष्टि डिगी नहीं, और वह मर्यादा से आगे नहीं निकली।

مَا زَاغَ اَ۬لۡبَصَرُ وَمَا طَغۭيٰ

53:18

उसने निश्चय ही अपने अभिभावक के सबसे बड़े संकेतों में से एक देखा।

لَقَدۡ رَأ۪يٰ مِنۡ ءَايَٰتِ رَبِّهِ اِ۬لۡكُبۡر۪يٰٓ

53:19–21

तो क्या तुम अल-लात, अल-उज़्ज़ा, और मनात को देखते हो, जो तीसरी, अन्य है? नर तुम्हारे लिए हो, और उसके लिए मादा?

أَفَرَءَيۡتُمُ اُ۬للَّٰتَ وَاَلۡعُزّۭيٰ وَمَنَوٰةَ اَ۬لثَّالِثَةَ اَ۬لۡأُخۡر۪يٰٓ أَلَكُمُ اُ۬لذَّكَرُ وَلَهُ اُ۬لۡأُنثۭيٰ

53:22

तब तो यह एक अनुचित बँटवारा होगा।

تِلۡكَ إِذٗا قِسۡمَةٞ ضِيزۭيٰٓ

53:23

ये केवल गुण हैं जिनके नाम तुमने और तुम्हारे पूर्वजों ने रखे; ईश्वर ने उनके विषय में कोई अधिकार नहीं उतारा।

إِنۡ هِيَ إِلَّآ أَسۡمَآءٞ سَمَّيۡتُمُوهَآ أَنتُمۡ وَءَابَآؤُكُم مَّآ أَنزَلَ اَ۬للَّهُ بِهَا مِن سُلۡطَٰنٍۚ

53:23

वे केवल अनुमान का अनुसरण करते हैं, और उसका जिस ओर स्वों का झुकाव है।

إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا اَ۬لظَّنَّ وَمَا تَهۡوَى اَ۬لۡأَنفُسُۖ

जबकि उनके अभिभावक की ओर से उनके पास मार्गदर्शन आ चुका है।

وَلَقَد جَّآءَهُم مِّن رَّبِّهِمِ اِ۬لۡهُدۭيٰٓ

53:24

या फिर क्या मनुष्य को वह सब मिल जाएगा जिसकी वह इच्छा करे?

أَمۡ لِلۡإِنسَٰنِ مَا تَمَنّۭيٰ

जबकि अंतिम जीवन और पहला जीवन ईश्वर का ही है।

فَلِلَّهِ اِ۬لۡأٓخِرَةُ وَاَلۡأُولۭيٰ

53:26

आकाशों में कितने ही अभिकर्ता हैं जिनकी मध्यस्थता कुछ काम नहीं आती, जब तक कि ईश्वर उसके लिए अनुमति न दे दे जिस पर उसकी मर्ज़ी हो और जिससे वह प्रसन्न हो।

۞ وَكَم مِّن مَّلَكٖ فِي اِ۬لسَّمَٰوَٰتِ لَا تُغۡنِي شَفَٰعَتُهُمۡ شَيۡـًٔا إِلَّا مِنۢ بَعۡدِ أَن يَأۡذَنَ اَ۬للَّهُ لِمَن يَشَآءُ وَيَرۡضۭيٰٓ

53:27

जो अंतिम जीवन में विश्वास नहीं करते, वे अवश्य अभिकर्ताओं को स्त्रीलिंग का गुण देते हैं।

إِنَّ اَ۬لَّذِينَ لَا يُؤۡمِنُونَ بِالۡأٓخِرَةِ لَيُسَمُّونَ اَ۬لۡمَلَٰٓئِكَةَ تَسۡمِيَةَ اَ۬لۡأُنثۭيٰ

जबकि उन्हें इसका कोई ज्ञान नहीं।

وَمَا لَهُم بِهِۦ مِنۡ عِلۡمٍۖ

वे केवल अनुमान का अनुसरण करते हैं।

إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا اَ۬لظَّنَّۖ

और अनुमान सत्य के सामने कुछ काम नहीं आता।

وَإِنَّ اَ۬لظَّنَّ لَا يُغۡنِي مِنَ اَ۬لۡحَقِّ شَيۡـٔٗاۚ

तो उससे कतराओ जिसने हमारे स्मरण से पीठ फेरी और केवल निकट जीवन चाहा।

فَأَعۡرِضۡ عَن مَّن تَوَلَّىٰ عَن ذِكۡرِنَا وَلَمۡ يُرِدۡ إِلَّا اَ۬لۡحَيَوٰةَ اَ۬لدُّنۡيۭا

यही उनके ज्ञान की पहुँच है।

ذَٰلِكَ مَبۡلَغُهُم مِّنَ اَ۬لۡعِلۡمِۚ

53:30

तुम्हारा अभिभावक सबसे अच्छी तरह जानता है कि कौन उसकी राह से भटक गया,

إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعۡلَمُ بِمَن ضَلَّ عَن سَبِيلِهِۦ

53:30

और वह सबसे अच्छी तरह जानता है कि किसने मार्गदर्शन पाया।

وَهۡوَ أَعۡلَمُ بِمَنِ اِ۪هۡتَدۭيٰ

और ईश्वर का ही है जो आकाशों में है और जो धरती पर है, ताकि वह बुरा आचरण करने वालों को उनके किए के अनुसार प्रतिफल दे, और भलाई करने वालों को सबसे सुंदर से प्रतिफल दे।

وَلِلَّهِ مَا فِي اِ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي اِ۬لۡأَرۡضِ لِيَجۡزِيَ اَ۬لَّذِينَ أَسَٰٓـُٔواْ بِمَا عَمِلُواْ وَيَجۡزِيَ اَ۬لَّذِينَ أَحۡسَنُواْ بِالۡحُسۡنَى

जो बड़े अपराधों और निर्लज्जताओं से बचते हैं, छोटी फिसलनों को छोड़कर,

اَ۬لَّذِينَ يَجۡتَنِبُونَ كَبَٰٓئِرَ اَ۬لۡإِثۡمِ وَاَلۡفَوَٰحِشَ إِلَّا اَ۬للَّمَمَۚ

क्योंकि तुम्हारा अभिभावक क्षमा में व्यापक है।

إِنَّ رَبَّكَ وَٰسِعُ اُ۬لۡمَغۡفِرَةِۚ

53:32

वह तुम्हें सबसे अच्छी तरह जानता है, जब उसने तुम्हें धरती से उत्पन्न किया, और जब तुम अपनी माताओं के पेटों में भ्रूण थे।

هُوَ أَعۡلَمُ بِكُمۡ إِذۡ أَنشَأَكُم مِّنَ اَ۬لۡأَرۡضِ وَإِذۡ أَنتُمۡ أَجِنَّةٞ فِي بُطُونِ أُمَّهَٰتِكُمۡۖ

53:32

तो स्वयं को शुद्ध घोषित न करो।

فَلَا تُزَكُّوٓاْ أَنفُسَكُمۡۖ

53:32

वह सबसे अच्छी तरह जानता है कि किसने सावधानी बरती।

هُوَ أَعۡلَمُ بِمَنِ اِ۪تَّقۭيٰٓ

तो क्या तुमने उसे देखा जिसने पीठ फेरी, थोड़ा सौंपा, फिर सूख गया?

أَفَرَءَيۡتَ اَ۬لَّذِي تَوَلّۭيٰ وَأَعۡطَىٰ قَلِيلٗا وَأَكۡدۭيٰٓ

53:35

क्या उसके पास उसका ज्ञान है जो इंद्रियों से परे है, इसलिए वह देखता है?

أَعِندَهُۥ عِلۡمُ اُ۬لۡغَيۡبِ فَهۡوَ يَر۪يٰٓ

53:36–38

या फिर क्या उसे उसकी सूचना नहीं दी गई जो मूसा के इतिवृत्तों में है, और इब्राहीम के, जो निष्ठावान था: कि कोई बोझ वहन करने वाला दूसरे का बोझ वहन नहीं करेगा,

أَمۡ لَمۡ يُنَبَّأۡ بِمَا فِي صُحُفِ مُوسۭيٰ وَإِبۡرَٰهِيمَ اَ۬لَّذِي وَفّۭيٰٓ أَلَّا تَزِرُ وَازِرَةٞ وِزۡرَ أُخۡر۪يٰ

53:39

और कि मनुष्य को केवल वही मिलेगा जिसके लिए उसने प्रयास किया होगा,

وَأَن لَّيۡسَ لِلۡإِنسَٰنِ إِلَّا مَا سَعۭيٰ

53:40

और कि उसका प्रयास शीघ्र दिखाया जाएगा,

وَأَنَّ سَعۡيَهُۥ سَوۡفَ يُر۪يٰ

फिर उसे उसका सबसे निष्ठापूर्ण प्रतिफल दिया जाएगा,

ثُمَّ يُجۡزَىٰهُ اُ۬لۡجَزَآءَ اَ۬لۡأَوۡفۭيٰ

53:42

और कि तुम्हारे अभिभावक की ओर ही परम सीमा है,

وَأَنَّ إِلَىٰ رَبِّكَ اَ۬لۡمُنتَهۭيٰ

53:43

और कि वही है जो हँसाता है और रुलाता है,

۞ وَأَنَّهُۥ هُوَ أَضۡحَكَ وَأَبۡكۭيٰ

और कि वही है जो मृत्यु देता है और जीवन देता है,

وَأَنَّهُۥ هُوَ أَمَاتَ وَأَحۡيۭا

और कि उसने जोड़े के दो तत्त्व, नर और मादा, एक बूँद से रचे जब वह उँड़ेली जाती है,

وَأَنَّهُۥ خَلَقَ اَ۬لزَّوۡجَيۡنِ اِ۬لذَّكَرَ وَاَلۡأُنثۭيٰ مِن نُّطۡفَةٍ إِذَا تُمۡنۭيٰ

53:47

और कि दूसरी उत्पत्ति उसी पर है,

وَأَنَّ عَلَيۡهِ اِ۬لنَّشَآءَةَ اَ۬لۡأُخۡر۪يٰ

और कि वही है जिसने धनी कर दिया और स्थायी संपत्ति दी,

وَأَنَّهُۥ هُوَ أَغۡنَىٰ وَأَقۡنۭيٰ

और कि वही लुब्धक का अभिभावक है,

وَأَنَّهُۥ هُوَ رَبُّ اُ۬لشِّعۡر۪يٰ

53:50–52

और कि उसी ने पहले वाले आद को नष्ट किया, और समूद को भी, किसी को शेष न छोड़ा, और इससे पहले नूह की क़ौम को —

وَأَنَّهُۥٓ أَهۡلَكَ عَادٗا اَ۬لُّاولۭيٰ وَثَمُودٗا فَمَآ أَبۡقۭيٰ وَقَوۡمَ نُوحٖ مِّن قَبۡلُۖ

क्योंकि वे ही अधिक अन्यायी और अधिक मर्यादाहीन थे।

إِنَّهُمۡ كَانُواْ هُمۡ أَظۡلَمَ وَأَطۡغۭيٰ

53:53

और जो उलट दी गई थी, उसे उसने धँसा दिया।

وَاَلۡمُؤۡتَفِكَةَ أَهۡوۭيٰ

53:54

तब उस पर वह छा गया जो छा गया।

فَغَشَّىٰهَا مَا غَشّۭيٰ

तो तुम अपने अभिभावक के उपकारों में से किस पर वाद-प्रतिवाद करते हो?

فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكَ تَتَمَار۪يٰ

यह प्राचीन चेतावनी देने वालों में से एक चेतावनी देने वाला है।

هَٰذَا نَذِيرٞ مِّنَ اَ۬لنُّذُرِ اِ۬لۡأُولۭيٰٓ

आसन्न निकट आ गई है।

أَزِفَتِ اِ۬لۡأٓزِفَةُ

ईश्वर के अतिरिक्त कोई उसे दूर करने वाला नहीं।

لَيۡسَ لَهَا مِن دُونِ اِ۬للَّهِ كَاشِفَةٌ

53:59–61

तो क्या तुम इस वार्ता से आश्चर्य करते हो, हँसते हो और रोते नहीं, और लापरवाह बने रहते हो?

أَفَمِنۡ هَٰذَا اَ۬لۡحَدِيثِ تَعۡجَبُونَ وَتَضۡحَكُونَ وَلَا تَبۡكُونَ وَأَنتُمۡ سَٰمِدُونَ

तो ईश्वर के सामने माथा टेको, और आज्ञा का पालन करो।

فَاَسۡجُدُواْۤ لِلَّهِۤ وَاَعۡبُدُواْ۩

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