Al-Jumu'a الجمعة
Day of reunion يوم الجمعة
The section and its links
The return judged far-fetched, the sworn Day, then the community (50, then 51-67)
Read the section from its beginning: sura 50
What was shown before: The return judged far-fetched is set out in 50. 50
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। जो कुछ आकाशों और धरती में है, वह ईश्वर की महिमा गाता है, जो अधिराज, परम पवित्र, सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ يُسَبِّحُ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِ ٱلۡمَلِكِ ٱلۡقُدُّوسِ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡحَكِيمِ
वही है जिसने उनमें, जिनके पास पहले से कोई ग्रंथ न था, उन्हीं में से एक संदेशवाहक उठाया, जो उन्हें उसके संकेत सुनाता है, उन्हें शुद्ध करता है और उन्हें ग्रंथ और प्रज्ञा सिखाता है, जबकि वे इससे पहले अवश्य स्पष्ट भटकाव में थे — और उनमें से दूसरों को भी जो अभी उनसे नहीं मिले हैं।
هُوَ ٱلَّذِي بَعَثَ فِي ٱلۡأُمِّيِّـۧنَ رَسُولٗا مِّنۡهُمُۥ يَتۡلُواْ عَلَيۡهِمُۥ ءَايَٰتِهِۦ وَيُزَكِّيهِمُۥ وَيُعَلِّمُهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡحِكۡمَةَ وَإِن كَانُواْ مِن قَبۡلُ لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٖ وَءَاخَرِينَ مِنۡهُمُۥ لَمَّا يَلۡحَقُواْ بِهِمُۥۚ
और वह सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।
وَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ
यही ईश्वर का अनुग्रह है, जिसे वह उसे सौंपता है जिस पर उसकी मर्ज़ी हो।
ذَٰلِكَ فَضۡلُ ٱللَّهِ يُؤۡتِيهِۦ مَن يَشَآءُۚ
और ईश्वर विशाल अनुग्रह वाला है।
وَٱللَّهُ ذُو ٱلۡفَضۡلِ ٱلۡعَظِيمِ
जिन्हें तौरात सौंपी गई और जिन्होंने फिर उसे वहन नहीं किया, उनका उदाहरण उस गधे का है जो यात्रा का सामान वहन करता है।
مَثَلُ ٱلَّذِينَ حُمِّلُواْ ٱلتَّوۡرَىٰةَ ثُمَّ لَمۡ يَحۡمِلُوهَا كَمَثَلِ ٱلۡحِمَارِ يَحۡمِلُ أَسۡفَارَۢاۚ
कितना निकृष्ट उदाहरण है उस क़ौम का जिसने ईश्वर के संकेतों को झुठलाया!
بِئۡسَ مَثَلُ ٱلۡقَوۡمِ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِۚ
और ईश्वर अन्यायी क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।
وَٱللَّهُ لَا يَهۡدِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّٰلِمِينَ
कहो: “हे पुनरुन्मुखो! यदि तुम दावा करते हो कि अन्य लोगों को छोड़कर तुम ईश्वर के हिमायती हो, तो मृत्यु की अभिलाषा करो, यदि तुम सच्चे हो।”
قُلۡ يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ هَادُواْ إِن زَعَمۡتُمُۥ أَنَّكُمُۥ أَوۡلِيَآءُ لِلَّهِ مِن دُونِ ٱلنَّاسِ فَتَمَنَّوُاْ ٱلۡمَوۡتَ إِن كُنتُمُۥ صَٰدِقِينَ
परंतु वे उसकी अभिलाषा कभी नहीं करेंगे, उसके कारण जो उनके हाथों ने आगे बढ़ाया।
وَلَا يَتَمَنَّوۡنَهُۥ أَبَدَۢا بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيهِمُۥۚ
और ईश्वर अन्यायियों के विषय में सर्वज्ञ है।
وَٱللَّهُ عَلِيمُۢ بِٱلظَّٰلِمِينَ
कहो: “जिस मृत्यु से तुम भागते हो वह निश्चय ही तुमसे मिलेगी; फिर तुम उसकी ओर वापस लाए जाओगे जो उसे जानता है जो इंद्रियों से परे है और जो साक्ष्य में है, और वह तुम्हें सूचित करेगा कि तुम क्या करते थे।”
قُلۡ إِنَّ ٱلۡمَوۡتَ ٱلَّذِي تَفِرُّونَ مِنۡهُۥ فَإِنَّهُۥ مُلَٰقِيكُمُۥۖ ثُمَّ تُرَدُّونَ إِلَىٰ عَٰلِمِ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ فَيُنَبِّئُكُمُۥ بِمَا كُنتُمُۥ تَعۡمَلُونَ
हे विश्वास करने वालो! जब एकत्र होने के उस दिन संपर्क के लिए पुकार लगाई जाए, तो ईश्वर के स्मरण की ओर क़दम तेज़ करो, और बिक्री छोड़ दो।
يَٰأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ إِذَا نُودِيَ لِلصَّلَوٰةِ مِن يَوۡمِ ٱلۡجُمُعَةِ فَٱسۡعَوۡاْ إِلَىٰ ذِكۡرِ ٱللَّهِ وَذَرُواْ ٱلۡبَيۡعَۚ
यह तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम जानते।
ذَٰلِكُمُۥ خَيۡرٞ لَّكُمُۥ إِن كُنتُمُۥ تَعۡلَمُونَ
फिर जब संपर्क पूरा हो जाए, तो धरती पर फैल जाओ, ईश्वर का अनुग्रह खोजो, और ईश्वर का बहुत स्मरण करो, शायद तुम सफल हो जाओ।
فَإِذَا قُضِيَتِ ٱلصَّلَوٰةُ فَٱنتَشِرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَٱبۡتَغُواْ مِن فَضۡلِ ٱللَّهِ وَٱذۡكُرُواْ ٱللَّهَ كَثِيرٗا لَّعَلَّكُمُۥ تُفۡلِحُونَ
और जब वे कोई व्यापार या कोई बहलाव देखते हैं, तो उसकी ओर बिखर जाते हैं और तुम्हें खड़ा छोड़ देते हैं।
وَإِذَا رَأَوۡاْ تِجَٰرَةً أَوۡ لَهۡوًا ٱنفَضُّواْ إِلَيۡهَا وَتَرَكُوكَ قَآئِمٗاۚ
कहो: “जो ईश्वर के पास है वह बहलाव और व्यापार से बेहतर है।
قُلۡ مَا عِندَ ٱللَّهِ خَيۡرٞ مِّنَ ٱللَّهۡوِ وَمِنَ ٱلتِّجَٰرَةِۚ
और ईश्वर जीविका देने वालों में सबसे बेहतर है।”
وَٱللَّهُ خَيۡرُ ٱلرَّٰزِقِينَ