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القرآن

الجمعة

Al-Jumu'a

The Day of Gathering

Sura62
ق
पद11

Section XThe application · continuation

The return, the sworn Day, glorification and the law

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Read the section from its beginning: sura 50

62:1

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है। जो कुछ आकाशों और धरती में है, वह ईश्वर की महिमा गाता है, जो अधिराज, परम पवित्र, सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।

بِسۡمِ اِ۬للَّهِ اِ۬لرَّحۡمَٰنِ اِ۬لرَّحِيمِ يُسَبِّحُ لِلَّهِ مَا فِي اِ۬لسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي اِ۬لۡأَرۡضِ اِ۬لۡمَلِكِ اِ۬لۡقُدُّوسِ اِ۬لۡعَزِيزِ اِ۬لۡحَكِيمِ

62:2–3

वही है जिसने उनमें, जिनके पास पहले से कोई ग्रंथ न था, उन्हीं में से एक संदेशवाहक उठाया, जो उन्हें उसके संकेत सुनाता है, उन्हें शुद्ध करता है और उन्हें ग्रंथ और प्रज्ञा सिखाता है, जबकि वे इससे पहले अवश्य स्पष्ट भटकाव में थे — और उनमें से दूसरों को भी जो अभी उनसे नहीं मिले हैं।

هُوَ اَ۬لَّذِي بَعَثَ فِي اِ۬لۡأُمِّيِّـۧنَ رَسُولٗا مِّنۡهُمۡ يَتۡلُواْ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتِهِۦ وَيُزَكِّيهِمۡ وَيُعَلِّمُهُمُ اُ۬لۡكِتَٰبَ وَاَلۡحِكۡمَةَ وَإِن كَانُواْ مِن قَبۡلُ لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٖ وَءَاخَرِينَ مِنۡهُمۡ لَمَّا يَلۡحَقُواْ بِهِمۡۚ

और वह सर्वशक्तिमान, प्रज्ञावान है।

وَهۡوَ اَ۬لۡعَزِيزُ اُ۬لۡحَكِيمُ

यही ईश्वर का अनुग्रह है, जिसे वह उसे सौंपता है जिस पर उसकी मर्ज़ी हो।

ذَٰلِكَ فَضۡلُ اُ۬للَّهِ يُؤۡتِيهِ مَن يَشَآءُۚ

और ईश्वर विशाल अनुग्रह वाला है।

وَاَللَّهُ ذُو اُ۬لۡفَضۡلِ اِ۬لۡعَظِيمِ

62:5

जिन्हें तौरात सौंपी गई और जिन्होंने फिर उसे वहन नहीं किया, उनका उदाहरण उस गधे का है जो यात्रा का सामान वहन करता है।

مَثَلُ اُ۬لَّذِينَ حُمِّلُواْ اُ۬لتَّوۡر۪ىٰةَ ثُمَّ لَمۡ يَحۡمِلُوهَا كَمَثَلِ اِ۬لۡحِم۪ارِ يَحۡمِلُ أَسۡفَارَۢاۚ

कितना निकृष्ट उदाहरण है उस क़ौम का जिसने ईश्वर के संकेतों को झुठलाया!

بِئۡسَ مَثَلُ اُ۬لۡقَوۡمِ اِ۬لَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِ اِ۬للَّهِۚ

और ईश्वर अन्यायी क़ौम को मार्ग नहीं दिखाता।

وَاَللَّهُ لَا يَهۡدِي اِ۬لۡقَوۡمَ اَ۬لظَّٰلِمِينَ

62:6

कहो: “हे पुनरुन्मुखो! यदि तुम दावा करते हो कि अन्य लोगों को छोड़कर तुम ईश्वर के हिमायती हो, तो मृत्यु की अभिलाषा करो, यदि तुम सच्चे हो।”

قُلۡ يَٰٓأَيُّهَا اَ۬لَّذِينَ هَادُوٓاْ إِن زَعَمۡتُمۡ أَنَّكُمۡ أَوۡلِيَآءُ لِلَّهِ مِن دُونِ اِ۬لنّ۪اسِ فَتَمَنَّوُاْ اُ۬لۡمَوۡتَ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ

परंतु वे उसकी अभिलाषा कभी नहीं करेंगे, उसके कारण जो उनके हाथों ने आगे बढ़ाया।

وَلَا يَتَمَنَّوۡنَهُۥٓ أَبَدَۢا بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيهِمۡۚ

और ईश्वर अन्यायियों के विषय में सर्वज्ञ है।

وَاَللَّهُ عَلِيمُۢ بِالظَّٰلِمِينَ

62:8

कहो: “जिस मृत्यु से तुम भागते हो वह निश्चय ही तुमसे मिलेगी; फिर तुम उसकी ओर वापस लाए जाओगे जो उसे जानता है जो इंद्रियों से परे है और जो साक्ष्य में है, और वह तुम्हें सूचित करेगा कि तुम क्या करते थे।”

قُلۡ إِنَّ اَ۬لۡمَوۡتَ اَ۬لَّذِي تَفِرُّونَ مِنۡهُ فَإِنَّهُۥ مُلَٰقِيكُمۡۖ ثُمَّ تُرَدُّونَ إِلَىٰ عَٰلِمِ اِ۬لۡغَيۡبِ وَاَلشَّهَٰدَةِ فَيُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ

62:9

हे विश्वास करने वालो! जब एकत्र होने के उस दिन संपर्क के लिए पुकार लगाई जाए, तो ईश्वर के स्मरण की ओर क़दम तेज़ करो, और बिक्री छोड़ दो।

يَٰٓأَيُّهَا اَ۬لَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِذَا نُودِيَ لِلصَّلَوٰةِ مِن يَوۡمِ اِ۬لۡجُمُعَةِ فَاَسۡعَوۡاْ إِلَىٰ ذِكۡرِ اِ۬للَّهِ وَذَرُواْ اُ۬لۡبَيۡعَۚ

यह तुम्हारे लिए बेहतर है, यदि तुम जानते।

ذَٰلِكُمۡ خَيۡرٞ لَّكُمۡ إِن كُنتُمۡ تَعۡلَمُونَ

62:10

फिर जब संपर्क पूरा हो जाए, तो धरती पर फैल जाओ, ईश्वर का अनुग्रह खोजो, और ईश्वर का बहुत स्मरण करो, शायद तुम सफल हो जाओ।

فَإِذَا قُضِيَتِ اِ۬لصَّلَوٰةُ فَاَنتَشِرُواْ فِي اِ۬لۡأَرۡضِ وَاَبۡتَغُواْ مِن فَضۡلِ اِ۬للَّهِ وَاَذۡكُرُواْ اُ۬للَّهَ كَثِيرٗا لَّعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ

62:11

और जब वे कोई व्यापार या कोई बहलाव देखते हैं, तो उसकी ओर बिखर जाते हैं और तुम्हें खड़ा छोड़ देते हैं।

وَإِذَا رَأَوۡاْ تِجَٰرَةً أَوۡ لَهۡوًا اِ۪نفَضُّوٓاْ إِلَيۡهَا وَتَرَكُوكَ قَآئِمٗاۚ

62:11

कहो: “जो ईश्वर के पास है वह बहलाव और व्यापार से बेहतर है।

قُلۡ مَا عِندَ اَ۬للَّهِ خَيۡرٞ مِّنَ اَ۬للَّهۡوِ وَمِنَ اَ۬لتِّجَٰرَةِۚ

और ईश्वर जीविका देने वालों में सबसे बेहतर है।”

وَاَللَّهُ خَيۡرُ اُ۬لرَّٰزِقِينَ

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