الاحزاب
Al-Ahzab
The Parties
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।
हे सूचनादाता, ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ ٱتَّقِ ٱللَّهَ
और नकारने वालों और पाखंडियों की बात मत मानो,
وَلَا تُطِعِ ٱلْكَٰفِرِينَ وَٱلْمُنَٰفِقِينَ
क्योंकि ईश्वर सर्वज्ञ, प्रज्ञावान है।
إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ عَلِيمًا حَكِيمًۭا
और उसका अनुसरण करो जो तुम पर तुम्हारे अभिभावक की ओर से प्रकट किया जाता है।
وَٱتَّبِعْ مَا يُوحَىٰٓ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ
ईश्वर निश्चय ही वे जो करते हैं उसकी पूरी ख़बर रखता है।
إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرًۭا
और ईश्वर को मुख़्तार बनाओ।
وَتَوَكَّلْ عَلَى ٱللَّهِ
और ईश्वर मुख़्तार के रूप में पर्याप्त है।
وَكَفَىٰ بِٱللَّهِ وَكِيلًۭا
ईश्वर ने किसी पुरुष के लिए उसके भीतर दो मर्म नहीं ठहराए।
مَّا جَعَلَ ٱللَّهُ لِرَجُلٍۢ مِّن قَلْبَيْنِ فِى جَوْفِهِۦ
और उसने तुम्हारी जोड़ीदारों को — जिनकी ओर तुम पीठ फेर लेते हो — तुम्हारी माताएँ नहीं बनाया,
وَمَا جَعَلَ أَزْوَٰجَكُمُ ٱلَّٰٓـِٔى تُظَٰهِرُونَ مِنْهُنَّ أُمَّهَٰتِكُمْ
और उसने तुम्हारे दत्तक पुत्रों को तुम्हारे पुत्र नहीं बनाया।
وَمَا جَعَلَ أَدْعِيَآءَكُمْ أَبْنَآءَكُمْ
यह तुम्हारा कथन है, तुम्हारे मुँह से;
ذَٰلِكُمْ قَوْلُكُم بِأَفْوَٰهِكُمْ
और ईश्वर सत्य कहता है, और वही राह की ओर मार्ग दिखाता है।
وَٱللَّهُ يَقُولُ ٱلْحَقَّ وَهُوَ يَهْدِى ٱلسَّبِيلَ
उन्हें उनके पिताओं के नाम से पुकारो: यह ईश्वर के पास अधिक निष्पक्ष है।
ٱدْعُوهُمْ لِءَابَآئِهِمْ هُوَ أَقْسَطُ عِندَ ٱللَّهِ
और यदि तुम उनके पिताओं को नहीं जानते, तो वे विधान में तुम्हारे भाई और तुम्हारे हिमायती हैं।
فَإِن لَّمْ تَعْلَمُوٓا۟ ءَابَآءَهُمْ فَإِخْوَٰنُكُمْ فِى ٱلدِّينِ وَمَوَٰلِيكُمْ
और उसमें तुम पर कोई आक्षेप नहीं जो तुमने भूल से किया हो,
وَلَيْسَ عَلَيْكُمْ جُنَاحٌۭ فِيمَآ أَخْطَأْتُم بِهِۦ
बल्कि उसमें जो तुम्हारे मर्मों ने जानबूझकर ठाना।
وَلَٰكِن مَّا تَعَمَّدَتْ قُلُوبُكُمْ
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورًۭا رَّحِيمًا
सूचनादाता विश्वास करने वालों के उससे अधिक निकट है जितने वे स्वयं अपने निकट हैं,
ٱلنَّبِىُّ أَوْلَىٰ بِٱلْمُؤْمِنِينَ مِنْ أَنفُسِهِمْ
और उसकी जोड़ीदार उनकी माताएँ हैं।
وَأَزْوَٰجُهُۥٓ أُمَّهَٰتُهُمْ
और नातेदार, ईश्वर की संहिता के अनुसार, विश्वास करने वालों और प्रवासियों से एक-दूसरे के अधिक निकट हैं — सिवा इसके कि तुम अपने हिमायतियों के साथ वह करो जो मान्य है।
وَأُو۟لُوا۟ ٱلْأَرْحَامِ بَعْضُهُمْ أَوْلَىٰ بِبَعْضٍۢ فِى كِتَٰبِ ٱللَّهِ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُهَٰجِرِينَ إِلَّآ أَن تَفْعَلُوٓا۟ إِلَىٰٓ أَوْلِيَآئِكُم مَّعْرُوفًۭا
यह ग्रंथ में दर्ज था।
كَانَ ذَٰلِكَ فِى ٱلْكِتَٰبِ مَسْطُورًۭا
और जब हमने सूचनादाताओं से उनकी गंभीर प्रतिज्ञा ली, और तुमसे, और नूह, इब्राहीम, मूसा और मरयम के पुत्र ईसा से —
وَإِذْ أَخَذْنَا مِنَ ٱلنَّبِيِّـۧنَ مِيثَٰقَهُمْ وَمِنكَ وَمِن نُّوحٍۢ وَإِبْرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ وَعِيسَى ٱبْنِ مَرْيَمَ
और हमने उनसे एक गंभीर और दृढ़ प्रतिज्ञा ली, ताकि वह सच्चों से उनके सच के विषय में पूछे;
وَأَخَذْنَا مِنْهُم مِّيثَٰقًا غَلِيظًۭا لِّيَسْـَٔلَ ٱلصَّٰدِقِينَ عَن صِدْقِهِمْ
और उसने नकारने वालों के लिए पीड़ादायक दंड तैयार किया है।
وَأَعَدَّ لِلْكَٰفِرِينَ عَذَابًا أَلِيمًۭا
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर के उपकार का स्मरण करो जो तुम पर है, जब तुम्हारे विरुद्ध सेनाएँ आईं, और हमने उन पर एक हवा भेजी, और ऐसी सेनाएँ जिन्हें तुम नहीं देखते थे।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱذْكُرُوا۟ نِعْمَةَ ٱللَّهِ عَلَيْكُمْ إِذْ جَآءَتْكُمْ جُنُودٌۭ فَأَرْسَلْنَا عَلَيْهِمْ رِيحًۭا وَجُنُودًۭا لَّمْ تَرَوْهَا
और ईश्वर तुम जो करते हो उस पर दृष्टि रखता है।
وَكَانَ ٱللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرًا
जब वे तुम्हारे पास ऊपर से और नीचे से आईं,
إِذْ جَآءُوكُم مِّن فَوْقِكُمْ وَمِنْ أَسْفَلَ مِنكُمْ
और जब दृष्टियाँ फिर गईं, मर्म गलों तक आ पहुँचे, और तुम ईश्वर के विषय में तरह-तरह के अनुमान लगा रहे थे।
وَإِذْ زَاغَتِ ٱلْأَبْصَٰرُ وَبَلَغَتِ ٱلْقُلُوبُ ٱلْحَنَاجِرَ وَتَظُنُّونَ بِٱللَّهِ ٱلظُّنُونَا۠
वहीं विश्वास करने वाले परखे गए, और प्रचंड झटके से झकझोरे गए।
هُنَالِكَ ٱبْتُلِىَ ٱلْمُؤْمِنُونَ وَزُلْزِلُوا۟ زِلْزَالًۭا شَدِيدًۭا
और जब पाखंडी, और वे जिनके मर्मों में रोग है, कह रहे थे: “ईश्वर और उसके संदेशवाहक ने हमसे केवल छल का वादा किया था”,
وَإِذْ يَقُولُ ٱلْمُنَٰفِقُونَ وَٱلَّذِينَ فِى قُلُوبِهِم مَّرَضٌۭ مَّا وَعَدَنَا ٱللَّهُ وَرَسُولُهُۥٓ إِلَّا غُرُورًۭا
और जब उनमें से एक समूह ने कहा: “हे यसरिब वालो, तुम्हारे लिए कोई ठहरने का स्थान नहीं; लौट जाओ”,
وَإِذْ قَالَت طَّآئِفَةٌۭ مِّنْهُمْ يَٰٓأَهْلَ يَثْرِبَ لَا مُقَامَ لَكُمْ فَٱرْجِعُوا۟
और जब उनमें से एक भाग सूचनादाता से अनुमति माँग रहा था, कहते हुए: “हमारे घर निश्चय ही निजता से रहित हैं” — जबकि वे ऐसे न थे:
وَيَسْتَـْٔذِنُ فَرِيقٌۭ مِّنْهُمُ ٱلنَّبِىَّ يَقُولُونَ إِنَّ بُيُوتَنَا عَوْرَةٌۭ وَمَا هِىَ بِعَوْرَةٍ
वे केवल भागना चाहते थे।
إِن يُرِيدُونَ إِلَّا فِرَارًۭا
और यदि उसमें चारों ओर से प्रवेश किया गया होता, फिर उनसे परीक्षा माँगी जाती, तो वे उसके लिए तैयार हो जाते, और उसमें केवल क्षण भर ही देर करते।
وَلَوْ دُخِلَتْ عَلَيْهِم مِّنْ أَقْطَارِهَا ثُمَّ سُئِلُوا۟ ٱلْفِتْنَةَ لَءَاتَوْهَا وَمَا تَلَبَّثُوا۟ بِهَآ إِلَّا يَسِيرًۭا
और उन्होंने इससे पहले ईश्वर से संधि की थी कि वे पीठ नहीं फेरेंगे;
وَلَقَدْ كَانُوا۟ عَٰهَدُوا۟ ٱللَّهَ مِن قَبْلُ لَا يُوَلُّونَ ٱلْأَدْبَٰرَ
और ईश्वर की संधि के विषय में पूछा जाएगा।
وَكَانَ عَهْدُ ٱللَّهِ مَسْـُٔولًۭا
कहो: “भागना तुम्हारे किसी काम न आएगा यदि तुम मृत्यु या हत्या से भागो,
قُل لَّن يَنفَعَكُمُ ٱلْفِرَارُ إِن فَرَرْتُم مِّنَ ٱلْمَوْتِ أَوِ ٱلْقَتْلِ
और तब तुम बहुत कम उपभोग करोगे।”
وَإِذًۭا لَّا تُمَتَّعُونَ إِلَّا قَلِيلًۭا
कहो: “तुम्हें ईश्वर से कौन सुरक्षित रखेगा, यदि वह तुम्हारे लिए बुराई चाहे, या यदि वह तुम्हारे लिए दया चाहे?”
قُلْ مَن ذَا ٱلَّذِى يَعْصِمُكُم مِّنَ ٱللَّهِ إِنْ أَرَادَ بِكُمْ سُوٓءًا أَوْ أَرَادَ بِكُمْ رَحْمَةًۭ
और वे ईश्वर के अतिरिक्त न कोई आश्रयदाता पाएँगे, न सहायता।
وَلَا يَجِدُونَ لَهُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ وَلِيًّۭا وَلَا نَصِيرًۭا
ईश्वर तुममें से उन्हें निश्चय ही अलग पहचान लेगा जो दूसरों को पीछे खींचते हैं, और जो अपने भाइयों से कहते हैं: “हमारे पास आओ” — और जो युद्ध में बहुत कम आते हैं, तुम्हारे प्रति लालची होकर।
قَدْ يَعْلَمُ ٱللَّهُ ٱلْمُعَوِّقِينَ مِنكُمْ وَٱلْقَآئِلِينَ لِإِخْوَٰنِهِمْ هَلُمَّ إِلَيْنَا وَلَا يَأْتُونَ ٱلْبَأْسَ إِلَّا قَلِيلًا أَشِحَّةً عَلَيْكُمْ
फिर जब डर आता है, तुम उन्हें अपनी ओर नज़र डालते हुए देखते हो, उनकी आँखें घूमती हुई, जैसे उसकी जिस पर मृत्यु की बेहोशी छा रही हो।
فَإِذَا جَآءَ ٱلْخَوْفُ رَأَيْتَهُمْ يَنظُرُونَ إِلَيْكَ تَدُورُ أَعْيُنُهُمْ كَٱلَّذِى يُغْشَىٰ عَلَيْهِ مِنَ ٱلْمَوْتِ
फिर जब डर चला जाता है, वे तीखी ज़बानों से तुम पर टूट पड़ते हैं, अच्छाई के लालची।
فَإِذَا ذَهَبَ ٱلْخَوْفُ سَلَقُوكُم بِأَلْسِنَةٍ حِدَادٍ أَشِحَّةً عَلَى ٱلْخَيْرِ
वही हैं जिन्होंने विश्वास नहीं किया; इसलिए ईश्वर ने उनके कर्म निष्फल कर दिए,
أُو۟لَٰٓئِكَ لَمْ يُؤْمِنُوا۟ فَأَحْبَطَ ٱللَّهُ أَعْمَٰلَهُمْ
और यह ईश्वर के लिए सरल चीज़ है।
وَكَانَ ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرًۭا
वे समझते हैं कि दल चले नहीं गए हैं;
يَحْسَبُونَ ٱلْأَحْزَابَ لَمْ يَذْهَبُوا۟
और यदि दल आ जाएँ, तो वे चाहेंगे कि वे प्रतिष्ठित जनों के बीच हट गए होते,
وَإِن يَأْتِ ٱلْأَحْزَابُ يَوَدُّوا۟ لَوْ أَنَّهُم بَادُونَ فِى ٱلْأَعْرَابِ
तुम्हारे विषय में सूचनाएँ माँगते हुए; और यदि वे तुम्हारे बीच होते, तो बहुत कम लड़ते।
يَسْـَٔلُونَ عَنْ أَنۢبَآئِكُمْ وَلَوْ كَانُوا۟ فِيكُم مَّا قَٰتَلُوٓا۟ إِلَّا قَلِيلًۭا
तुम्हारे लिए ईश्वर के संदेशवाहक में निश्चय ही एक सुंदर नमूना रहा, उसके लिए जो ईश्वर और अंतिम दिन की आशा रखता है, और ईश्वर का बहुत स्मरण करता है।
لَّقَدْ كَانَ لَكُمْ فِى رَسُولِ ٱللَّهِ أُسْوَةٌ حَسَنَةٌۭ لِّمَن كَانَ يَرْجُوا۟ ٱللَّهَ وَٱلْيَوْمَ ٱلْءَاخِرَ وَذَكَرَ ٱللَّهَ كَثِيرًۭا
और जब विश्वास करने वालों ने दलों को देखा, उन्होंने कहा: “यही है जिसका ईश्वर और उसके संदेशवाहक ने हमसे वादा किया था, और ईश्वर और उसके संदेशवाहक ने सच कहा”,
وَلَمَّا رَءَا ٱلْمُؤْمِنُونَ ٱلْأَحْزَابَ قَالُوا۟ هَٰذَا مَا وَعَدَنَا ٱللَّهُ وَرَسُولُهُۥ وَصَدَقَ ٱللَّهُ وَرَسُولُهُۥ
और इसने उनके विश्वास और उनकी पूर्णतः खरी स्वीकृति को ही बढ़ाया।
وَمَا زَادَهُمْ إِلَّآ إِيمَٰنًۭا وَتَسْلِيمًۭا
विश्वास करने वालों में ऐसे पुरुष हैं जो उस संधि के प्रति सच्चे रहे जो उन्होंने ईश्वर से की थी:
مِّنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ رِجَالٌۭ صَدَقُوا۟ مَا عَٰهَدُوا۟ ٱللَّهَ عَلَيْهِ
उनमें से कुछ ने अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर ली, और कुछ प्रतीक्षा कर रहे हैं,
فَمِنْهُم مَّن قَضَىٰ نَحْبَهُۥ وَمِنْهُم مَّن يَنتَظِرُ
और उन्होंने कुछ भी नहीं बदला — ताकि ईश्वर सच्चों को उनकी सच्चाई का प्रतिफल दे, और पाखंडियों को दंड दे, यदि उसकी मर्ज़ी हो, या अनुकंपा के साथ उनकी ओर पलटे,
وَمَا بَدَّلُوا۟ تَبْدِيلًۭا لِّيَجْزِىَ ٱللَّهُ ٱلصَّٰدِقِينَ بِصِدْقِهِمْ وَيُعَذِّبَ ٱلْمُنَٰفِقِينَ إِن شَآءَ أَوْ يَتُوبَ عَلَيْهِمْ
क्योंकि ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ غَفُورًۭا رَّحِيمًۭا
और ईश्वर ने नकारने वालों को उनके रोष में वापस फेर दिया, बिना इसके कि उन्हें कोई अच्छाई प्राप्त हो;
وَرَدَّ ٱللَّهُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِغَيْظِهِمْ لَمْ يَنَالُوا۟ خَيْرًۭا
और ईश्वर ने विश्वास करने वालों पर लड़ाई की नौबत नहीं आने दी।
وَكَفَى ٱللَّهُ ٱلْمُؤْمِنِينَ ٱلْقِتَالَ
और ईश्वर बलवान, सर्वशक्तिमान है।
وَكَانَ ٱللَّهُ قَوِيًّا عَزِيزًۭا
और उसने ग्रंथ वालों में से उन्हें, जिन्होंने उनका साथ दिया था, उनके दुर्गों से नीचे उतारा, और उनके मर्मों में आतंक डाल दिया:
وَأَنزَلَ ٱلَّذِينَ ظَٰهَرُوهُم مِّنْ أَهْلِ ٱلْكِتَٰبِ مِن صَيَاصِيهِمْ وَقَذَفَ فِى قُلُوبِهِمُ ٱلرُّعْبَ
एक भाग को तुम मारते थे, और एक भाग को तुम बंदी बनाते थे;
فَرِيقًۭا تَقْتُلُونَ وَتَأْسِرُونَ فَرِيقًۭا
और उसने तुम्हें उनकी धरती, उनके ठिकानों, उनकी संपत्ति का, और ऐसी धरती का उत्तराधिकारी बनाया जिस पर तुमने पाँव नहीं रखा था।
وَأَوْرَثَكُمْ أَرْضَهُمْ وَدِيَٰرَهُمْ وَأَمْوَٰلَهُمْ وَأَرْضًۭا لَّمْ تَطَـُٔوهَا
और ईश्वर हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।
وَكَانَ ٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرًۭا
हे सूचनादाता, अपनी जोड़ीदारों से कहो: “यदि तुम इहलोक का जीवन और उसकी शोभा चाहती हो, तो आओ, मैं तुम्हें उपभोग दूँगा और तुम्हें एक गरिमापूर्ण मुक्ति से मुक्त कर दूँगा;
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ قُل لِّأَزْوَٰجِكَ إِن كُنتُنَّ تُرِدْنَ ٱلْحَيَوٰةَ ٱلدُّنْيَا وَزِينَتَهَا فَتَعَالَيْنَ أُمَتِّعْكُنَّ وَأُسَرِّحْكُنَّ سَرَاحًۭا جَمِيلًۭا
और यदि तुम ईश्वर को, उसके संदेशवाहक को और अंतिम ठिकाने को चाहती हो, तो ईश्वर ने तुममें से भलाई करने वालियों के लिए निश्चय ही एक विशाल पुरस्कार तैयार किया है।”
وَإِن كُنتُنَّ تُرِدْنَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَٱلدَّارَ ٱلْءَاخِرَةَ فَإِنَّ ٱللَّهَ أَعَدَّ لِلْمُحْسِنَٰتِ مِنكُنَّ أَجْرًا عَظِيمًۭا
हे सूचनादाता की स्त्रियो, तुममें से जो कोई स्पष्ट निर्लज्जता करे, हम उसका दंड दुगुना कर देंगे, दो बार;
يَٰنِسَآءَ ٱلنَّبِىِّ مَن يَأْتِ مِنكُنَّ بِفَٰحِشَةٍۢ مُّبَيِّنَةٍۢ يُضَٰعَفْ لَهَا ٱلْعَذَابُ ضِعْفَيْنِ
और यह ईश्वर के लिए सरल चीज़ है।
وَكَانَ ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرًۭا
और तुममें से जो ईश्वर और उसके संदेशवाहक के प्रति समर्पित है, और भला कर्म करती है, हम उसे उसका पुरस्कार दो बार देंगे, और हमने उसके लिए एक उदार जीविका जुटा रखी है।
وَمَن يَقْنُتْ مِنكُنَّ لِلَّهِ وَرَسُولِهِۦ وَتَعْمَلْ صَٰلِحًۭا نُّؤْتِهَآ أَجْرَهَا مَرَّتَيْنِ وَأَعْتَدْنَا لَهَا رِزْقًۭا كَرِيمًۭا
हे सूचनादाता की स्त्रियो, तुम अन्य किसी स्त्री के समान नहीं हो, यदि तुम सावधान रहती हो।
يَٰنِسَآءَ ٱلنَّبِىِّ لَسْتُنَّ كَأَحَدٍۢ مِّنَ ٱلنِّسَآءِ إِنِ ٱتَّقَيْتُنَّ
तो अपने कथन का स्वर कोमल न करो, कहीं ऐसा न हो कि जिसके मर्म में रोग है वह लालच करे; मान्य कथन कहो, और अपने घरों में टिकी रहो,
فَلَا تَخْضَعْنَ بِٱلْقَوْلِ فَيَطْمَعَ ٱلَّذِى فِى قَلْبِهِۦ مَرَضٌۭ وَقُلْنَ قَوْلًۭا مَّعْرُوفًۭا وَقَرْنَ فِى بُيُوتِكُنَّ
और अपने को प्रदर्शित न करो जैसे पहली अज्ञानता प्रदर्शित करती थी।
وَلَا تَبَرَّجْنَ تَبَرُّجَ ٱلْجَٰهِلِيَّةِ ٱلْأُولَىٰ
और संपर्क बनाए रखो और शुद्ध उदारता दो,
وَأَقِمْنَ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتِينَ ٱلزَّكَوٰةَ
और ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानो।
وَأَطِعْنَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥٓ
ईश्वर तो बस यही चाहता है कि तुमसे गंदगी को दूर हटा दे, घर वालो, और तुम्हें पूरी तरह स्वच्छ करे।
إِنَّمَا يُرِيدُ ٱللَّهُ لِيُذْهِبَ عَنكُمُ ٱلرِّجْسَ أَهْلَ ٱلْبَيْتِ وَيُطَهِّرَكُمْ تَطْهِيرًۭا
और स्मरण करो जो तुम्हारे घरों में ईश्वर के संकेतों और प्रज्ञा में से सुनाया जाता है,
وَٱذْكُرْنَ مَا يُتْلَىٰ فِى بُيُوتِكُنَّ مِنْ ءَايَٰتِ ٱللَّهِ وَٱلْحِكْمَةِ
क्योंकि ईश्वर सूक्ष्म, पूरी ख़बर रखने वाला है।
إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ لَطِيفًا خَبِيرًا
ईश्वर के प्रति खरे पुरुष और ईश्वर के प्रति खरी स्त्रियाँ, विश्वास करने वाले पुरुष और विश्वास करने वाली स्त्रियाँ, समर्पित पुरुष और समर्पित स्त्रियाँ, सच्चे पुरुष और सच्ची स्त्रियाँ, धैर्यवान पुरुष और धैर्यवान स्त्रियाँ, विनीत पुरुष और विनीत स्त्रियाँ, दान करने वाले पुरुष और दान करने वाली स्त्रियाँ, संयम करने वाले पुरुष और संयम करने वाली स्त्रियाँ, अपने शील की रक्षा करने वाले पुरुष और रक्षा करने वाली स्त्रियाँ, ईश्वर का बहुत स्मरण करने वाले पुरुष और स्मरण करने वाली स्त्रियाँ — ईश्वर ने उनके लिए निश्चय ही क्षमा और एक विशाल पुरस्कार तैयार किया है।
إِنَّ ٱلْمُسْلِمِينَ وَٱلْمُسْلِمَٰتِ وَٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَٰتِ وَٱلْقَٰنِتِينَ وَٱلْقَٰنِتَٰتِ وَٱلصَّٰدِقِينَ وَٱلصَّٰدِقَٰتِ وَٱلصَّٰبِرِينَ وَٱلصَّٰبِرَٰتِ وَٱلْخَٰشِعِينَ وَٱلْخَٰشِعَٰتِ وَٱلْمُتَصَدِّقِينَ وَٱلْمُتَصَدِّقَٰتِ وَٱلصَّٰٓئِمِينَ وَٱلصَّٰٓئِمَٰتِ وَٱلْحَٰفِظِينَ فُرُوجَهُمْ وَٱلْحَٰفِظَٰتِ وَٱلذَّٰكِرِينَ ٱللَّهَ كَثِيرًۭا وَٱلذَّٰكِرَٰتِ أَعَدَّ ٱللَّهُ لَهُم مَّغْفِرَةًۭ وَأَجْرًا عَظِيمًۭا
और किसी विश्वास करने वाले पुरुष या विश्वास करने वाली स्त्री के लिए उचित नहीं कि जब ईश्वर और उसके संदेशवाहक किसी मामले का फ़ैसला कर दें, तो उनके लिए अपने मामले में कोई विकल्प रहे।
وَمَا كَانَ لِمُؤْمِنٍۢ وَلَا مُؤْمِنَةٍ إِذَا قَضَى ٱللَّهُ وَرَسُولُهُۥٓ أَمْرًا أَن يَكُونَ لَهُمُ ٱلْخِيَرَةُ مِنْ أَمْرِهِمْ
और जो कोई ईश्वर और उसके संदेशवाहक की अवज्ञा करता है, वह स्पष्ट भटकाव में भटक गया है।
وَمَن يَعْصِ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ فَقَدْ ضَلَّ ضَلَٰلًۭا مُّبِينًۭا
और जब तुम उससे कह रहे थे जिसे ईश्वर ने अपने उपकार से भर दिया था, और जिसे तुमने स्वयं उपकार से भर दिया था: “अपनी जोड़ीदार को रोके रखो, और ईश्वर के प्रति सावधान रहो” — जबकि तुम अपने अंतर में वह छिपाते थे जिसे ईश्वर सामने लाने वाला था, और तुम लोगों से भय रखते थे, जबकि ईश्वर का अधिक अधिकार है कि तुम उससे भय रखो।
وَإِذْ تَقُولُ لِلَّذِىٓ أَنْعَمَ ٱللَّهُ عَلَيْهِ وَأَنْعَمْتَ عَلَيْهِ أَمْسِكْ عَلَيْكَ زَوْجَكَ وَٱتَّقِ ٱللَّهَ وَتُخْفِى فِى نَفْسِكَ مَا ٱللَّهُ مُبْدِيهِ وَتَخْشَى ٱلنَّاسَ وَٱللَّهُ أَحَقُّ أَن تَخْشَىٰهُ
फिर जब ज़ैद ने उससे हर संबंध समाप्त कर लिया, तो हमने उसे तुम्हारी जोड़ीदार बना दिया, ताकि विश्वास करने वालों के लिए अपने दत्तक पुत्रों की जोड़ीदारों के विषय में कोई बाधा न रहे, जब वे उनसे हर संबंध समाप्त कर चुके हों।
فَلَمَّا قَضَىٰ زَيْدٌۭ مِّنْهَا وَطَرًۭا زَوَّجْنَٰكَهَا لِكَىْ لَا يَكُونَ عَلَى ٱلْمُؤْمِنِينَ حَرَجٌۭ فِىٓ أَزْوَٰجِ أَدْعِيَآئِهِمْ إِذَا قَضَوْا۟ مِنْهُنَّ وَطَرًۭا
और ईश्वर का आदेश सदा पूरी हो चुकी बात है।
وَكَانَ أَمْرُ ٱللَّهِ مَفْعُولًۭا
सूचनादाता के लिए उसमें कोई बाधा नहीं जो ईश्वर ने उसके लिए निर्धारित किया —
مَّا كَانَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ مِنْ حَرَجٍۢ فِيمَا فَرَضَ ٱللَّهُ لَهُۥ
यही ईश्वर की रीति है उनके प्रति जो पहले बीत चुके हैं।
سُنَّةَ ٱللَّهِ فِى ٱلَّذِينَ خَلَوْا۟ مِن قَبْلُ
और ईश्वर का आदेश एक ठहराया हुआ माप है।
وَكَانَ أَمْرُ ٱللَّهِ قَدَرًۭا مَّقْدُورًا
जो ईश्वर के संदेश पहुँचाते हैं, और उससे भय रखते हैं, और ईश्वर के सिवा किसी से भय नहीं रखते —
ٱلَّذِينَ يُبَلِّغُونَ رِسَٰلَٰتِ ٱللَّهِ وَيَخْشَوْنَهُۥ وَلَا يَخْشَوْنَ أَحَدًا إِلَّا ٱللَّهَ
और ईश्वर हिसाब रखने वाले के रूप में पर्याप्त है।
وَكَفَىٰ بِٱللَّهِ حَسِيبًۭا
मुहम्मद तुम्हारे पुरुषों में से किसी का पिता नहीं है,
مَّا كَانَ مُحَمَّدٌ أَبَآ أَحَدٍۢ مِّن رِّجَالِكُمْ
बल्कि वह ईश्वर का संदेशवाहक और सूचनादाताओं की मुहर है।
وَلَٰكِن رَّسُولَ ٱللَّهِ وَخَاتَمَ ٱلنَّبِيِّـۧنَ
और ईश्वर हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
وَكَانَ ٱللَّهُ بِكُلِّ شَىْءٍ عَلِيمًۭا
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर का बहुत स्मरण करो, और भोर और संध्या उसकी महिमा गाओ।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱذْكُرُوا۟ ٱللَّهَ ذِكْرًۭا كَثِيرًۭا وَسَبِّحُوهُ بُكْرَةًۭ وَأَصِيلًا
वही है जो तुम्हारे साथ संपर्क में है, वह और उसके अभिकर्ता, ताकि तुम्हें अँधेरों से प्रकाश की ओर निकाले;
هُوَ ٱلَّذِى يُصَلِّى عَلَيْكُمْ وَمَلَٰٓئِكَتُهُۥ لِيُخْرِجَكُم مِّنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِ
और वह विश्वास करने वालों के प्रति दयालु है।
وَكَانَ بِٱلْمُؤْمِنِينَ رَحِيمًۭا
जिस दिन वे उससे मिलेंगे, उनका अभिवादन होगा: “शांति”।
تَحِيَّتُهُمْ يَوْمَ يَلْقَوْنَهُۥ سَلَٰمٌۭ
और उसने उनके लिए एक उदार पुरस्कार तैयार किया है।
وَأَعَدَّ لَهُمْ أَجْرًۭا كَرِيمًۭا
हे सूचनादाता, हमने तुम्हें निश्चय ही साक्षी, शुभ समाचार देने वाले और चेतावनी देने वाले के रूप में भेजा है, उसकी अनुमति से ईश्वर की ओर बुलाने वाले के रूप में, और एक प्रकाश देने वाली मशाल के रूप में।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ إِنَّآ أَرْسَلْنَٰكَ شَٰهِدًۭا وَمُبَشِّرًۭا وَنَذِيرًۭا وَدَاعِيًا إِلَى ٱللَّهِ بِإِذْنِهِۦ وَسِرَاجًۭا مُّنِيرًۭا
और विश्वास करने वालों को शुभ समाचार दो कि उनके लिए ईश्वर की ओर से एक बड़ा अनुग्रह है।
وَبَشِّرِ ٱلْمُؤْمِنِينَ بِأَنَّ لَهُم مِّنَ ٱللَّهِ فَضْلًۭا كَبِيرًۭا
और नकारने वालों और पाखंडियों की बात मत मानो,
وَلَا تُطِعِ ٱلْكَٰفِرِينَ وَٱلْمُنَٰفِقِينَ
और उनके दिए कष्टों की परवाह न करो,
وَدَعْ أَذَىٰهُمْ
और ईश्वर को मुख़्तार बनाओ।
وَتَوَكَّلْ عَلَى ٱللَّهِ
और ईश्वर मुख़्तार के रूप में पर्याप्त है।
وَكَفَىٰ بِٱللَّهِ وَكِيلًۭا
हे विश्वास करने वालो! जब तुम विश्वास करने वाली स्त्रियों से विवाह करो और फिर छूने से पहले उनका परित्याग कर दो, तो उन पर तुम्हारे लिए कोई ऐसी अवधि नहीं जिसकी गिनती रखनी पड़े।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ إِذَا نَكَحْتُمُ ٱلْمُؤْمِنَٰتِ ثُمَّ طَلَّقْتُمُوهُنَّ مِن قَبْلِ أَن تَمَسُّوهُنَّ فَمَا لَكُمْ عَلَيْهِنَّ مِنْ عِدَّةٍۢ تَعْتَدُّونَهَا
तो उन्हें उपभोग दो, और उन्हें एक गरिमापूर्ण मुक्ति से मुक्त कर दो।
فَمَتِّعُوهُنَّ وَسَرِّحُوهُنَّ سَرَاحًۭا جَمِيلًۭا
हे सूचनादाता, हमने तुम्हारे लिए तुम्हारी वे जोड़ीदार वैध कर दी हैं जिन्हें तुमने उनके पुरस्कार दिए, और वह जो शपथ से तुमसे बँधी है उनमें से जिसे ईश्वर ने तुम्हारे हाथ में पहुँचाया, तुम्हारे चाचा की बेटियाँ, तुम्हारी बुआओं की बेटियाँ, तुम्हारे मामा की बेटियाँ, तुम्हारी मौसियों की बेटियाँ जिन्होंने तुम्हारे साथ प्रवास किया, और कोई भी विश्वास करने वाली स्त्री यदि वह स्वयं को सूचनादाता को प्रदान कर दे — बशर्ते सूचनादाता उससे विवाह करना चाहे:
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ إِنَّآ أَحْلَلْنَا لَكَ أَزْوَٰجَكَ ٱلَّٰتِىٓ ءَاتَيْتَ أُجُورَهُنَّ وَمَا مَلَكَتْ يَمِينُكَ مِمَّآ أَفَآءَ ٱللَّهُ عَلَيْكَ وَبَنَاتِ عَمِّكَ وَبَنَاتِ عَمَّٰتِكَ وَبَنَاتِ خَالِكَ وَبَنَاتِ خَٰلَٰتِكَ ٱلَّٰتِى هَاجَرْنَ مَعَكَ وَٱمْرَأَةًۭ مُّؤْمِنَةً إِن وَهَبَتْ نَفْسَهَا لِلنَّبِىِّ إِنْ أَرَادَ ٱلنَّبِىُّ أَن يَسْتَنكِحَهَا
केवल तुम्हारे लिए विशेष रूप से, विश्वास करने वालों को छोड़कर।
خَالِصَةًۭ لَّكَ مِن دُونِ ٱلْمُؤْمِنِينَ
हम जानते हैं जो हमने उनके लिए उनकी जोड़ीदारों के विषय में और उनके विषय में जो उनसे शपथ से बँधी हैं, निर्धारित किया है, ताकि तुम्हारे लिए कोई बाधा न रहे;
قَدْ عَلِمْنَا مَا فَرَضْنَا عَلَيْهِمْ فِىٓ أَزْوَٰجِهِمْ وَمَا مَلَكَتْ أَيْمَٰنُهُمْ لِكَيْلَا يَكُونَ عَلَيْكَ حَرَجٌۭ
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورًۭا رَّحِيمًۭا
उनमें से जिस पर तुम्हारी मर्ज़ी हो, उसे तुम टाल सकते हो, और जिस पर तुम्हारी मर्ज़ी हो, उसे अपने पास ठहरा सकते हो;
تُرْجِى مَن تَشَآءُ مِنْهُنَّ وَتُـْٔوِىٓ إِلَيْكَ مَن تَشَآءُ
और जिसे तुम खोजो, उनमें से जिन्हें तुमने अलग कर दिया था, तुम पर कोई आक्षेप नहीं।
وَمَنِ ٱبْتَغَيْتَ مِمَّنْ عَزَلْتَ فَلَا جُنَاحَ عَلَيْكَ
यह इसके अधिक निकट है कि उनकी आँखें ठहर जाएँ, वे दुखी न हों, और जो तुम उन्हें दो उससे वे सब की सब संतुष्ट रहें।
ذَٰلِكَ أَدْنَىٰٓ أَن تَقَرَّ أَعْيُنُهُنَّ وَلَا يَحْزَنَّ وَيَرْضَيْنَ بِمَآ ءَاتَيْتَهُنَّ كُلُّهُنَّ
और ईश्वर जानता है जो तुम्हारे मर्मों में है;
وَٱللَّهُ يَعْلَمُ مَا فِى قُلُوبِكُمْ
और ईश्वर सर्वज्ञ, सहनशील है।
وَكَانَ ٱللَّهُ عَلِيمًا حَلِيمًۭا
इसके बाद स्त्रियाँ तुम्हारे लिए वैध नहीं, और न यह कि उन्हें अन्य जोड़ीदारों से बदलो, चाहे उनका सौंदर्य तुम्हें चकित कर दे — सिवा उसके जो तुमसे शपथ से बँधी है।
لَّا يَحِلُّ لَكَ ٱلنِّسَآءُ مِنۢ بَعْدُ وَلَآ أَن تَبَدَّلَ بِهِنَّ مِنْ أَزْوَٰجٍۢ وَلَوْ أَعْجَبَكَ حُسْنُهُنَّ إِلَّا مَا مَلَكَتْ يَمِينُكَ
और ईश्वर हर चीज़ पर निगरानी रखने वाला है।
وَكَانَ ٱللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ رَّقِيبًۭا
हे विश्वास करने वालो! सूचनादाता के घरों में प्रवेश न करो, सिवा इसके कि भोजन के लिए तुम्हें अनुमति दी जाए, उसके पकने की प्रतीक्षा किए बिना;
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَدْخُلُوا۟ بُيُوتَ ٱلنَّبِىِّ إِلَّآ أَن يُؤْذَنَ لَكُمْ إِلَىٰ طَعَامٍ غَيْرَ نَٰظِرِينَ إِنَىٰهُ
परंतु जब तुम्हें बुलाया जाए तो प्रवेश करो; और जब तुम भोजन कर चुको तो फैल जाओ, बातों में अपने को भुलाए बिना,
وَلَٰكِنْ إِذَا دُعِيتُمْ فَٱدْخُلُوا۟ فَإِذَا طَعِمْتُمْ فَٱنتَشِرُوا۟ وَلَا مُسْتَـْٔنِسِينَ لِحَدِيثٍ
क्योंकि यह सूचनादाता को कष्ट देता था, परंतु वह तुमसे लज्जा का अनुभव करता था,
إِنَّ ذَٰلِكُمْ كَانَ يُؤْذِى ٱلنَّبِىَّ فَيَسْتَحْىِۦ مِنكُمْ
जबकि ईश्वर सत्य के सामने लज्जा का अनुभव नहीं करता।
وَٱللَّهُ لَا يَسْتَحْىِۦ مِنَ ٱلْحَقِّ
और जब तुम उनसे कोई वस्तु माँगो, तो उनसे पर्दे के पीछे से माँगो:
وَإِذَا سَأَلْتُمُوهُنَّ مَتَٰعًۭا فَسْـَٔلُوهُنَّ مِن وَرَآءِ حِجَابٍۢ
यह तुम्हारे मर्मों और उनके मर्मों के लिए अधिक स्वच्छ है।
ذَٰلِكُمْ أَطْهَرُ لِقُلُوبِكُمْ وَقُلُوبِهِنَّ
और तुम्हारे लिए उचित नहीं कि ईश्वर के संदेशवाहक को कष्ट दो, और न यह कि उसके बाद उसकी जोड़ीदारों से विवाह करो, कभी नहीं;
وَمَا كَانَ لَكُمْ أَن تُؤْذُوا۟ رَسُولَ ٱللَّهِ وَلَآ أَن تَنكِحُوٓا۟ أَزْوَٰجَهُۥ مِنۢ بَعْدِهِۦٓ أَبَدًا
क्योंकि यह ईश्वर के निकट विशाल है।
إِنَّ ذَٰلِكُمْ كَانَ عِندَ ٱللَّهِ عَظِيمًا
तुम किसी चीज़ को सामने लाओ या उसे छिपाओ, ईश्वर निश्चय ही हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है।
إِن تُبْدُوا۟ شَيْـًٔا أَوْ تُخْفُوهُ فَإِنَّ ٱللَّهَ كَانَ بِكُلِّ شَىْءٍ عَلِيمًۭا
उन पर कोई आक्षेप नहीं उनके पिताओं के विषय में, न उनके पुत्रों के, न उनके भाइयों के, न उनके भाइयों के पुत्रों के, न उनकी बहनों के पुत्रों के, न उनके आसपास की स्त्रियों के, और न उनके जो उनसे शपथ से बँधी हैं।
لَّا جُنَاحَ عَلَيْهِنَّ فِىٓ ءَابَآئِهِنَّ وَلَآ أَبْنَآئِهِنَّ وَلَآ إِخْوَٰنِهِنَّ وَلَآ أَبْنَآءِ إِخْوَٰنِهِنَّ وَلَآ أَبْنَآءِ أَخَوَٰتِهِنَّ وَلَا نِسَآئِهِنَّ وَلَا مَا مَلَكَتْ أَيْمَٰنُهُنَّ
और ईश्वर के प्रति सावधान रहो,
وَٱتَّقِينَ ٱللَّهَ
क्योंकि ईश्वर हर चीज़ का साक्षी है।
إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ شَهِيدًا
ईश्वर और उसके अभिकर्ता सूचनादाता के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ
हे विश्वास करने वालो! उसके साथ संपर्क में रहो, और उसका अभिवादन करो, एक अभिवादन से।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا
जो ईश्वर और उसके संदेशवाहक को कष्ट देते हैं, ईश्वर ने उन्हें इहलोक में और अंतिम जीवन में निश्चय ही धिक्कारा है, और उसने उनके लिए अपमानजनक दंड तैयार किया है।
إِنَّ ٱلَّذِينَ يُؤْذُونَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ لَعَنَهُمُ ٱللَّهُ فِى ٱلدُّنْيَا وَٱلْءَاخِرَةِ وَأَعَدَّ لَهُمْ عَذَابًۭا مُّهِينًۭا
और जो विश्वास करने वाले पुरुषों और विश्वास करने वाली स्त्रियों को कष्ट देते हैं, जबकि उन्होंने कुछ किया नहीं, वे एक लांछन और एक स्पष्ट अपराध का बोझ वहन करते हैं।
وَٱلَّذِينَ يُؤْذُونَ ٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَٰتِ بِغَيْرِ مَا ٱكْتَسَبُوا۟ فَقَدِ ٱحْتَمَلُوا۟ بُهْتَٰنًۭا وَإِثْمًۭا مُّبِينًۭا
हे सूचनादाता, अपनी जोड़ीदारों, अपनी पुत्रियों और विश्वास करने वालों की स्त्रियों से कहो कि वे अपने ऊपर अपने चोगों का एक भाग डाल लें:
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ قُل لِّأَزْوَٰجِكَ وَبَنَاتِكَ وَنِسَآءِ ٱلْمُؤْمِنِينَ يُدْنِينَ عَلَيْهِنَّ مِن جَلَٰبِيبِهِنَّ
यह इसके अधिक निकट है कि वे पहचानी जाएँ, और उन्हें कष्ट न दिया जाए।
ذَٰلِكَ أَدْنَىٰٓ أَن يُعْرَفْنَ فَلَا يُؤْذَيْنَ
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورًۭا رَّحِيمًۭا
यदि पाखंडी, जिनके मर्मों में रोग है, और राजधानी में अफ़वाहें फैलाने वाले बाज़ न आएँ, तो हम तुम्हें उनके विरुद्ध अवश्य खड़ा कर देंगे; तब वे वहाँ तुम्हारे पड़ोसी बनकर थोड़े ही समय रहेंगे, धिक्कारे हुए।
لَّئِن لَّمْ يَنتَهِ ٱلْمُنَٰفِقُونَ وَٱلَّذِينَ فِى قُلُوبِهِم مَّرَضٌۭ وَٱلْمُرْجِفُونَ فِى ٱلْمَدِينَةِ لَنُغْرِيَنَّكَ بِهِمْ ثُمَّ لَا يُجَاوِرُونَكَ فِيهَآ إِلَّا قَلِيلًۭا مَّلْعُونِينَ
वे जहाँ कहीं धर दबोचे जाएँगे, पकड़ लिए जाएँगे और संहार किए जाएँगे, पूर्ण संहार से।
أَيْنَمَا ثُقِفُوٓا۟ أُخِذُوا۟ وَقُتِّلُوا۟ تَقْتِيلًۭا
यही ईश्वर की रीति है उनके प्रति जो पहले बीत चुके हैं,
سُنَّةَ ٱللَّهِ فِى ٱلَّذِينَ خَلَوْا۟ مِن قَبْلُ
और तुम ईश्वर की रीति में कभी कोई परिवर्तन नहीं पाओगे।
وَلَن تَجِدَ لِسُنَّةِ ٱللَّهِ تَبْدِيلًۭا
लोग तुमसे उस घड़ी के विषय में पूछते हैं।
يَسْـَٔلُكَ ٱلنَّاسُ عَنِ ٱلسَّاعَةِ
कहो: “उसका ज्ञान केवल ईश्वर के पास ही है,
قُلْ إِنَّمَا عِلْمُهَا عِندَ ٱللَّهِ
और तुम्हें इसका क्या अंदाज़ा दिलाए?
وَمَا يُدْرِيكَ
संभव है कि वह घड़ी निकट हो।”
لَعَلَّ ٱلسَّاعَةَ تَكُونُ قَرِيبًا
ईश्वर ने नकारने वालों को निश्चय ही धिक्कारा है, और उनके लिए दहकते अंगार तैयार किए हैं, जिनमें वे सदा, चिरकाल तक रहेंगे, कोई आश्रयदाता और कोई सहायता नहीं पाते हुए —
إِنَّ ٱللَّهَ لَعَنَ ٱلْكَٰفِرِينَ وَأَعَدَّ لَهُمْ سَعِيرًا خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًۭا لَّا يَجِدُونَ وَلِيًّۭا وَلَا نَصِيرًۭا
जिस दिन उनके चेहरे आग में उलट दिए जाएँगे, वे कहेंगे: “अफ़सोस, काश हमने ईश्वर की बात मानी होती और संदेशवाहक की बात मानी होती!”
يَوْمَ تُقَلَّبُ وُجُوهُهُمْ فِى ٱلنَّارِ يَقُولُونَ يَٰلَيْتَنَآ أَطَعْنَا ٱللَّهَ وَأَطَعْنَا ٱلرَّسُولَا۠
और वे कहेंगे: “हमारे अभिभावक, हमने निश्चय ही अपने सरदारों और अपने बड़ों की बात मानी, और उन्होंने हमें राह से भटका दिया।
وَقَالُوا۟ رَبَّنَآ إِنَّآ أَطَعْنَا سَادَتَنَا وَكُبَرَآءَنَا فَأَضَلُّونَا ٱلسَّبِيلَا۠
हमारे अभिभावक, उन्हें दोहरा दंड दीजिए, और उन्हें एक प्रचुर धिक्कार से धिक्कारिए।”
رَبَّنَآ ءَاتِهِمْ ضِعْفَيْنِ مِنَ ٱلْعَذَابِ وَٱلْعَنْهُمْ لَعْنًۭا كَبِيرًۭا
हे विश्वास करने वालो! उनके समान न हो जाओ जिन्होंने मूसा को कष्ट दिया; ईश्वर ने उसे उससे बरी कर दिया जो वे कहते थे,
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَكُونُوا۟ كَٱلَّذِينَ ءَاذَوْا۟ مُوسَىٰ فَبَرَّأَهُ ٱللَّهُ مِمَّا قَالُوا۟
और वह ईश्वर के निकट ऊँची प्रतिष्ठा वाला था।
وَكَانَ عِندَ ٱللَّهِ وَجِيهًۭا
हे विश्वास करने वालो! ईश्वर के प्रति सावधान रहो, और सीधा कथन कहो: वह तुम्हारे कर्मों को भला कर देगा, और तुम्हारे दोष क्षमा कर देगा।
يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَقُولُوا۟ قَوْلًۭا سَدِيدًۭا يُصْلِحْ لَكُمْ أَعْمَٰلَكُمْ وَيَغْفِرْ لَكُمْ ذُنُوبَكُمْ
और जो कोई ईश्वर और उसके संदेशवाहक की बात मानता है, उसने एक विशाल विजय पाई है।
وَمَن يُطِعِ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ فَقَدْ فَازَ فَوْزًا عَظِيمًا
हमने आकाशों, धरती और पहाड़ों के सामने धरोहर प्रस्तुत की; उन्होंने उसे वहन करने से इनकार कर दिया, और उससे आशंका अनुभव की,
إِنَّا عَرَضْنَا ٱلْأَمَانَةَ عَلَى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَٱلْجِبَالِ فَأَبَيْنَ أَن يَحْمِلْنَهَا وَأَشْفَقْنَ مِنْهَا
और मनुष्य ने उसे वहन कर लिया: वह निश्चय ही अत्यंत अन्यायी और अत्यंत अज्ञानी था — ताकि ईश्वर पाखंडी पुरुषों और स्त्रियों को, साझी ठहराने वाले पुरुषों और स्त्रियों को दंड दे, और ईश्वर विश्वास करने वाले पुरुषों और विश्वास करने वाली स्त्रियों की ओर अनुकंपा के साथ पलटे।
وَحَمَلَهَا ٱلْإِنسَٰنُ إِنَّهُۥ كَانَ ظَلُومًۭا جَهُولًۭا لِّيُعَذِّبَ ٱللَّهُ ٱلْمُنَٰفِقِينَ وَٱلْمُنَٰفِقَٰتِ وَٱلْمُشْرِكِينَ وَٱلْمُشْرِكَٰتِ وَيَتُوبَ ٱللَّهُ عَلَى ٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَٰتِ
और ईश्वर अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।
وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورًۭا رَّحِيمًۢا