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القرآن

الانعام

Al-An'am

The Guardian of Every Thing

अध्याय 6 · 165 पद

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

ईश्वर के नाम से, जो सर्वदयालु, दयालु है।

6:1

प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जिसने आकाशों और धरती को रचा, और अँधेरे और प्रकाश को बनाया; फिर भी जो नकारते हैं वे अपने अभिभावक के बराबर प्रतिभार ठहराते हैं।

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ ٱلَّذِى خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَجَعَلَ ٱلظُّلُمَٰتِ وَٱلنُّورَ ثُمَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِرَبِّهِمْ يَعْدِلُونَ

6:2

वही है जिसने तुम्हें मिट्टी से रचा, फिर एक अवधि तय की —

هُوَ ٱلَّذِى خَلَقَكُم مِّن طِينٍۢ ثُمَّ قَضَىٰٓ أَجَلًۭا

6:2

और उसके यहाँ एक नामित अवधि है।

وَأَجَلٌۭ مُّسَمًّى عِندَهُۥ

6:2

फिर भी तुम अब भी वाद-प्रतिवाद में पड़ते हो।

ثُمَّ أَنتُمْ تَمْتَرُونَ

और वही ईश्वर है,

وَهُوَ ٱللَّهُ

आकाशों में और धरती पर; वह तुम्हारा रहस्य और जो तुम ऊँचे स्वर में कहते हो जानता है, और वह जानता है जो तुम कमाते हो।

فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَفِى ٱلْأَرْضِ يَعْلَمُ سِرَّكُمْ وَجَهْرَكُمْ وَيَعْلَمُ مَا تَكْسِبُونَ

उनके अभिभावक के संकेतों में से कोई संकेत उनके पास नहीं आता, जिससे वे कतरा न जाएँ।

وَمَا تَأْتِيهِم مِّنْ ءَايَةٍۢ مِّنْ ءَايَٰتِ رَبِّهِمْ إِلَّا كَانُوا۟ عَنْهَا مُعْرِضِينَ

तो उन्होंने सत्य को झुठला दिया, जब वह उनके पास आया;

فَقَدْ كَذَّبُوا۟ بِٱلْحَقِّ لَمَّا جَآءَهُمْ

जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे उसकी सूचनाएँ शीघ्र ही उन तक पहुँचेंगी।

فَسَوْفَ يَأْتِيهِمْ أَنۢبَٰٓؤُا۟ مَا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَ

क्या वे नहीं देखते कि हमने उनसे पहले कितनी पीढ़ियाँ नष्ट कीं, जिन्हें हमने धरती पर वैसे स्थापित किया जैसे तुम्हें स्थापित नहीं किया,

أَلَمْ يَرَوْا۟ كَمْ أَهْلَكْنَا مِن قَبْلِهِم مِّن قَرْنٍۢ مَّكَّنَّٰهُمْ فِى ٱلْأَرْضِ مَا لَمْ نُمَكِّن لَّكُمْ

और जिन पर हमने बरसता हुआ आकाश भेजा,

وَأَرْسَلْنَا ٱلسَّمَآءَ عَلَيْهِم مِّدْرَارًۭا

और हमने उनके नीचे नदियाँ बहा दीं; फिर हमने उन्हें उनके दोषों के कारण नष्ट कर दिया,

وَجَعَلْنَا ٱلْأَنْهَٰرَ تَجْرِى مِن تَحْتِهِمْ فَأَهْلَكْنَٰهُم بِذُنُوبِهِمْ

और हमने उनके बाद एक और पीढ़ी उत्पन्न की।

وَأَنشَأْنَا مِنۢ بَعْدِهِمْ قَرْنًا ءَاخَرِينَ

6:7

और यदि हम तुम पर चर्मपत्र पर एक लेख उतारते, और वे उसे अपने हाथों से छू लेते, तो जिन्होंने नकारा वे ज़रूर कहते: “यह तो केवल स्पष्ट भ्रम है।”

وَلَوْ نَزَّلْنَا عَلَيْكَ كِتَٰبًۭا فِى قِرْطَاسٍۢ فَلَمَسُوهُ بِأَيْدِيهِمْ لَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ إِنْ هَٰذَآ إِلَّا سِحْرٌۭ مُّبِينٌۭ

6:8

और वे कहते हैं: “उस पर कोई अभिकर्ता क्यों नहीं उतारा गया!”

وَقَالُوا۟ لَوْلَآ أُنزِلَ عَلَيْهِ مَلَكٌۭ

6:8

और यदि हम अभिकर्ता उतारते, तो मामले का फ़ैसला हो चुका होता, और उन्हें कोई मोहलत न दी जाती।

وَلَوْ أَنزَلْنَا مَلَكًۭا لَّقُضِىَ ٱلْأَمْرُ ثُمَّ لَا يُنظَرُونَ

6:9

और यदि हम उसे अभिकर्ता बनाते, तो हम उसे पुरुष बनाते, और हम उनके लिए वही उलझा देते जो वे स्वयं उलझाते हैं।

وَلَوْ جَعَلْنَٰهُ مَلَكًۭا لَّجَعَلْنَٰهُ رَجُلًۭا وَلَلَبَسْنَا عَلَيْهِم مَّا يَلْبِسُونَ

तुमसे पहले संदेशवाहकों का निश्चय ही मज़ाक़ उड़ाया गया; तब जिसका वे मज़ाक़ उड़ाते थे उसने उनमें से उपहास करने वालों को लपेट लिया।

وَلَقَدِ ٱسْتُهْزِئَ بِرُسُلٍۢ مِّن قَبْلِكَ فَحَاقَ بِٱلَّذِينَ سَخِرُوا۟ مِنْهُم مَّا كَانُوا۟ بِهِۦ يَسْتَهْزِءُونَ

कहो: “धरती में चलो-फिरो, फिर नज़र डालो कि झुठलाने वालों का परिणाम कैसा रहा।”

قُلْ سِيرُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ ثُمَّ ٱنظُرُوا۟ كَيْفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلْمُكَذِّبِينَ

6:12

कहो: “जो आकाशों में और धरती पर है वह किसका है?” कहो: “ईश्वर का।

قُل لِّمَن مَّا فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ قُل لِّلَّهِ

6:12

उसने स्वयं पर दया विहित कर ली है।

كَتَبَ عَلَىٰ نَفْسِهِ ٱلرَّحْمَةَ

6:12

वह तुम्हें पेशी के दिन अवश्य एकत्र करेगा, जिसमें कोई संदेह नहीं।

لَيَجْمَعَنَّكُمْ إِلَىٰ يَوْمِ ٱلْقِيَٰمَةِ لَا رَيْبَ فِيهِ

जिन्होंने अपने स्व को घाटे में डाला, वही विश्वास नहीं करते।”

ٱلَّذِينَ خَسِرُوٓا۟ أَنفُسَهُمْ فَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ

और उसी का है जो रात और दिन में ठहरा हुआ है;

وَلَهُۥ مَا سَكَنَ فِى ٱلَّيْلِ وَٱلنَّهَارِ

और वही सुनने वाला, सर्वज्ञ है।

وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ

6:14

कहो: “क्या मैं ईश्वर के अतिरिक्त किसी को आश्रयदाता बनाऊँ, जो आकाशों और धरती का मूल है,

قُلْ أَغَيْرَ ٱللَّهِ أَتَّخِذُ وَلِيًّۭا فَاطِرِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ

6:14

वही भोजन कराता है और उसे भोजन नहीं कराया जाता।”

وَهُوَ يُطْعِمُ وَلَا يُطْعَمُ

कहो: “मुझे आदेश दिया गया है कि मैं ईश्वर के प्रति खरों में सबसे पहला बनूँ”,

قُلْ إِنِّىٓ أُمِرْتُ أَنْ أَكُونَ أَوَّلَ مَنْ أَسْلَمَ

और कभी साझी ठहराने वालों में से न होना।

وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ

कहो: “यदि मैं अपने अभिभावक की अवज्ञा करूँ, तो मुझे निश्चय ही एक विशाल दिन के दंड का डर है।”

قُلْ إِنِّىٓ أَخَافُ إِنْ عَصَيْتُ رَبِّى عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍۢ

6:16

जिससे उस दिन वह दंड हटा दिया गया, उसके प्रति उसने दया कर दी होगी,

مَّن يُصْرَفْ عَنْهُ يَوْمَئِذٍۢ فَقَدْ رَحِمَهُۥ

और यही स्पष्ट विजय है।

وَذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْمُبِينُ

और यदि ईश्वर तुम्हें किसी हानि से छुए, तो उसके सिवा कोई उससे तुम्हें राहत नहीं दे सकता;

وَإِن يَمْسَسْكَ ٱللَّهُ بِضُرٍّۢ فَلَا كَاشِفَ لَهُۥٓ إِلَّا هُوَ

और यदि वह तुम्हें किसी अच्छाई से छुए, तो वह हर चीज़ का सामर्थ्य रखता है।

وَإِن يَمْسَسْكَ بِخَيْرٍۢ فَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ قَدِيرٌۭ

वह अपने आज्ञाकारियों के ऊपर वर्चस्व रखता है,

وَهُوَ ٱلْقَاهِرُ فَوْقَ عِبَادِهِۦ

और वह प्रज्ञावान, पूरी ख़बर रखने वाला है।

وَهُوَ ٱلْحَكِيمُ ٱلْخَبِيرُ

6:19

कहो: “साक्ष्य में सबसे बड़ी चीज़ कौन-सी है?” कहो: “ईश्वर,

قُلْ أَىُّ شَىْءٍ أَكْبَرُ شَهَٰدَةًۭ قُلِ ٱللَّهُ

6:19

मेरे और तुम्हारे बीच साक्षी है।

شَهِيدٌۢ بَيْنِى وَبَيْنَكُمْ

6:19

और यह पाठ मुझ पर इसलिए प्रकट किया गया कि मैं इसके द्वारा तुम्हें और जिस किसी तक यह पहुँचे उसे चेतावनी दूँ।

وَأُوحِىَ إِلَىَّ هَٰذَا ٱلْقُرْءَانُ لِأُنذِرَكُم بِهِۦ وَمَنۢ بَلَغَ

6:19

क्या तुम सचमुच साक्ष्य देते हो कि ईश्वर के साथ अन्य देवता भी हैं?” कहो: “मैं साक्ष्य नहीं देता।”

أَئِنَّكُمْ لَتَشْهَدُونَ أَنَّ مَعَ ٱللَّهِ ءَالِهَةً أُخْرَىٰ قُل لَّآ أَشْهَدُ

कहो: “वह केवल एक ही देवता है,

قُلْ إِنَّمَا هُوَ إِلَٰهٌۭ وَٰحِدٌۭ

और मैं निश्चय ही उससे बरी हूँ जिसे तुम साझी ठहराते हो।”

وَإِنَّنِى بَرِىٓءٌۭ مِّمَّا تُشْرِكُونَ

6:20

जिन्हें हमने ग्रंथ दिया, वे उसे वैसे ही पहचानते हैं जैसे अपने ही पुत्रों को पहचानते हैं;

ٱلَّذِينَ ءَاتَيْنَٰهُمُ ٱلْكِتَٰبَ يَعْرِفُونَهُۥ كَمَا يَعْرِفُونَ أَبْنَآءَهُمُ

जिन्होंने अपने स्व को घाटे में डाला, वही विश्वास नहीं करते।

ٱلَّذِينَ خَسِرُوٓا۟ أَنفُسَهُمْ فَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ

और उससे बढ़कर अन्यायी कौन है जो ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़ता है, या उसके संकेतों को झुठलाता है?

وَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنِ ٱفْتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ كَذِبًا أَوْ كَذَّبَ بِـَٔايَٰتِهِۦٓ

अन्यायी निश्चय ही सफल नहीं होते।

إِنَّهُۥ لَا يُفْلِحُ ٱلظَّٰلِمُونَ

और जिस दिन हम उन सबको इकट्ठा करेंगे, फिर जिन्होंने साझी ठहराया उनसे कहेंगे: “तुम्हारे साझीदार कहाँ हैं, जिनका तुम दावा करते थे?”

وَيَوْمَ نَحْشُرُهُمْ جَمِيعًۭا ثُمَّ نَقُولُ لِلَّذِينَ أَشْرَكُوٓا۟ أَيْنَ شُرَكَآؤُكُمُ ٱلَّذِينَ كُنتُمْ تَزْعُمُونَ

6:23

फिर उनकी एकमात्र परीक्षा यही रही होगी कि वे कहें: “हमारे अभिभावक ईश्वर की शपथ, हम साझी ठहराने वालों में से नहीं थे।”

ثُمَّ لَمْ تَكُن فِتْنَتُهُمْ إِلَّآ أَن قَالُوا۟ وَٱللَّهِ رَبِّنَا مَا كُنَّا مُشْرِكِينَ

नज़र डालो, वे अपने ही विरुद्ध कैसे झूठ बोलते हैं! और जो वे गढ़ते थे, वह उनसे दूर भटक गया होगा।

ٱنظُرْ كَيْفَ كَذَبُوا۟ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمْ وَضَلَّ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يَفْتَرُونَ

और उनमें से कुछ ऐसे हैं जो तुम्हें कान लगाकर सुनते हैं,

وَمِنْهُم مَّن يَسْتَمِعُ إِلَيْكَ

6:25

परंतु हमने उनके मर्मों पर आवरण रखे हैं, ताकि वे उसे न समझें, और उनके कानों में बहरापन।

وَجَعَلْنَا عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ أَكِنَّةً أَن يَفْقَهُوهُ وَفِىٓ ءَاذَانِهِمْ وَقْرًۭا

और यदि वे हर संकेत देख भी लेते, तो भी उस पर विश्वास न करते,

وَإِن يَرَوْا۟ كُلَّ ءَايَةٍۢ لَّا يُؤْمِنُوا۟ بِهَا

यहाँ तक कि जब वे तुम्हारे पास बहस करने आते हैं, तो नकारने वाले कहते हैं: “ये तो केवल प्राचीनों की दंतकथाएँ हैं।”

حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءُوكَ يُجَٰدِلُونَكَ يَقُولُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓا۟ إِنْ هَٰذَآ إِلَّآ أَسَٰطِيرُ ٱلْأَوَّلِينَ

और वे उसका निषेध करते हैं, और उससे दूर हट जाते हैं;

وَهُمْ يَنْهَوْنَ عَنْهُ وَيَنْـَٔوْنَ عَنْهُ

और वे केवल स्वयं को ही नष्ट करते हैं, और उन्हें इसका आभास नहीं।

وَإِن يُهْلِكُونَ إِلَّآ أَنفُسَهُمْ وَمَا يَشْعُرُونَ

6:27

और यदि तुम देखते, जब वे आग के सामने रखे जाएँगे, और कहेंगे: “काश, हमें वापस लाया जाता,

وَلَوْ تَرَىٰٓ إِذْ وُقِفُوا۟ عَلَى ٱلنَّارِ فَقَالُوا۟ يَٰلَيْتَنَا نُرَدُّ

6:27

और हम अपने अभिभावक के संकेतों को फिर नहीं झुठलाएँगे, और विश्वास करने वालों में से होंगे!”

وَلَا نُكَذِّبَ بِـَٔايَٰتِ رَبِّنَا وَنَكُونَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ

6:28

नहीं! जो वे पहले छिपाते थे, वह उनके सामने आ गया है।

بَلْ بَدَا لَهُم مَّا كَانُوا۟ يُخْفُونَ مِن قَبْلُ

6:28

और यदि उन्हें वापस लाया जाता, तो वे ज़रूर वही दोहराते जिसका उनके लिए निषेध किया गया था,

وَلَوْ رُدُّوا۟ لَعَادُوا۟ لِمَا نُهُوا۟ عَنْهُ

6:28

और वे अवश्य झूठे हैं।

وَإِنَّهُمْ لَكَٰذِبُونَ

और वे कहते हैं: “केवल हमारा इहलोक का जीवन है, और हम उठाए नहीं जाएँगे।”

وَقَالُوٓا۟ إِنْ هِىَ إِلَّا حَيَاتُنَا ٱلدُّنْيَا وَمَا نَحْنُ بِمَبْعُوثِينَ

और यदि तुम देखते, जब वे अपने अभिभावक के सामने रखे जाएँगे! वह कहेगा: “क्या यह सत्य नहीं है?”

وَلَوْ تَرَىٰٓ إِذْ وُقِفُوا۟ عَلَىٰ رَبِّهِمْ قَالَ أَلَيْسَ هَٰذَا بِٱلْحَقِّ

वे कहेंगे: “क्यों नहीं, हमारे अभिभावक की शपथ!”

قَالُوا۟ بَلَىٰ وَرَبِّنَا

वह कहेगा: “तो दंड चखो, नकारने के कारण।”

قَالَ فَذُوقُوا۟ ٱلْعَذَابَ بِمَا كُنتُمْ تَكْفُرُونَ

घाटा उठाने वाले हैं वे, जिन्होंने ईश्वर से मिलन को झुठलाया, यहाँ तक कि जब वह घड़ी अचानक उन पर आ जाती है, तो वे कहते हैं: “कैसा संताप है हम पर, उसके लिए जिसकी हमने उसमें उपेक्षा की!” वे अपने बोझ अपनी पीठ पर वहन करेंगे।

قَدْ خَسِرَ ٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ بِلِقَآءِ ٱللَّهِ حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءَتْهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغْتَةًۭ قَالُوا۟ يَٰحَسْرَتَنَا عَلَىٰ مَا فَرَّطْنَا فِيهَا وَهُمْ يَحْمِلُونَ أَوْزَارَهُمْ عَلَىٰ ظُهُورِهِمْ

कितना बुरा है वह बोझ जो वे वहन करते हैं!

أَلَا سَآءَ مَا يَزِرُونَ

इहलोक का जीवन तो केवल खेल और मनबहलाव है;

وَمَا ٱلْحَيَوٰةُ ٱلدُّنْيَآ إِلَّا لَعِبٌۭ وَلَهْوٌۭ

और अंतिम ठिकाना निश्चय ही उनके लिए बेहतर है जो सावधान रहते हैं।

وَلَلدَّارُ ٱلْءَاخِرَةُ خَيْرٌۭ لِّلَّذِينَ يَتَّقُونَ

6:32

तो क्या तुम बुद्धि से काम नहीं लेते?

أَفَلَا تَعْقِلُونَ

6:33

हम निश्चय ही जानेंगे कि जो वे कहते हैं वह तुम्हें अवश्य दुख देता है;

قَدْ نَعْلَمُ إِنَّهُۥ لَيَحْزُنُكَ ٱلَّذِى يَقُولُونَ

6:33

जबकि तुम्हें वे नहीं झुठलाते,

فَإِنَّهُمْ لَا يُكَذِّبُونَكَ

6:33

परंतु अन्यायी तो ईश्वर के संकेतों को ही हठपूर्वक अस्वीकार करते हैं।

وَلَٰكِنَّ ٱلظَّٰلِمِينَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ يَجْحَدُونَ

तुमसे पहले संदेशवाहक निश्चय ही झुठलाए गए; झुठलाए जाकर और तंग किए जाकर, उन्होंने धैर्य रखा जब तक कि हमारी सहायता उनके पास नहीं आ गई।

وَلَقَدْ كُذِّبَتْ رُسُلٌۭ مِّن قَبْلِكَ فَصَبَرُوا۟ عَلَىٰ مَا كُذِّبُوا۟ وَأُوذُوا۟ حَتَّىٰٓ أَتَىٰهُمْ نَصْرُنَا

और ईश्वर के बोलों को कोई बदल नहीं सकता।

وَلَا مُبَدِّلَ لِكَلِمَٰتِ ٱللَّهِ

भेजे गए जनों की सूचना का एक भाग निश्चय ही तुम्हारे पास पहुँचा है।

وَلَقَدْ جَآءَكَ مِن نَّبَإِى۟ ٱلْمُرْسَلِينَ

6:35

और यदि उनका कतराना तुम्हें भारी पड़ता है, तो यदि तुम में क्षमता हो, तो धरती में कोई सुरंग खोज लो, या आकाश में कोई सीढ़ी, उनके लिए कोई संकेत ले आने को।

وَإِن كَانَ كَبُرَ عَلَيْكَ إِعْرَاضُهُمْ فَإِنِ ٱسْتَطَعْتَ أَن تَبْتَغِىَ نَفَقًۭا فِى ٱلْأَرْضِ أَوْ سُلَّمًۭا فِى ٱلسَّمَآءِ فَتَأْتِيَهُم بِـَٔايَةٍۢ

6:35

और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वह उन्हें मार्गदर्शन पर एकत्र कर देता;

وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ لَجَمَعَهُمْ عَلَى ٱلْهُدَىٰ

6:35

इसलिए कभी अज्ञानियों में से न होना।

فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلْجَٰهِلِينَ

केवल वही उत्तर देते हैं जो सुनते हैं।

إِنَّمَا يَسْتَجِيبُ ٱلَّذِينَ يَسْمَعُونَ

मृतकों को तो ईश्वर उठाएगा,

وَٱلْمَوْتَىٰ يَبْعَثُهُمُ ٱللَّهُ

फिर उसी की ओर वे लौटाए जाएँगे।

ثُمَّ إِلَيْهِ يُرْجَعُونَ

और वे कहते हैं: “उस पर उसके अभिभावक की ओर से कोई संकेत क्यों नहीं उतारा गया!”

وَقَالُوا۟ لَوْلَا نُزِّلَ عَلَيْهِ ءَايَةٌۭ مِّن رَّبِّهِۦ

6:37

कहो: “ईश्वर निश्चय ही संकेत उतारने का सामर्थ्य रखता है”,

قُلْ إِنَّ ٱللَّهَ قَادِرٌ عَلَىٰٓ أَن يُنَزِّلَ ءَايَةًۭ

परंतु उनमें से अधिकतर नहीं जानते।

وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ

6:38

धरती पर चलने-फिरने वाला कोई प्राणी नहीं, और न अपने दो पंखों से उड़ने वाला कोई पक्षी, जो तुम्हारे जैसे समुदाय न बनाता हो।

وَمَا مِن دَآبَّةٍۢ فِى ٱلْأَرْضِ وَلَا طَٰٓئِرٍۢ يَطِيرُ بِجَنَاحَيْهِ إِلَّآ أُمَمٌ أَمْثَالُكُم

6:38

हमने संहिता की किसी चीज़ की उपेक्षा नहीं की।

مَّا فَرَّطْنَا فِى ٱلْكِتَٰبِ مِن شَىْءٍۢ

फिर अपने अभिभावक की ओर ही वे इकट्ठा किए जाएँगे।

ثُمَّ إِلَىٰ رَبِّهِمْ يُحْشَرُونَ

और जिन्होंने हमारे संकेतों को झुठलाया, वे बहरे और गूँगे हैं, अँधेरों में हैं।

وَٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَٰتِنَا صُمٌّۭ وَبُكْمٌۭ فِى ٱلظُّلُمَٰتِ

जिसे भटकाने की ईश्वर की मर्ज़ी हो, उसे वह भटका देता है;

مَن يَشَإِ ٱللَّهُ يُضْلِلْهُ

और जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे वह सीधे पथ पर रख देता है।

وَمَن يَشَأْ يَجْعَلْهُ عَلَىٰ صِرَٰطٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ

कहो: “क्या तुम देखते हो? यदि ईश्वर का दंड तुम पर आए, या वह घड़ी तुम पर आए, तो क्या तुम ईश्वर के अतिरिक्त किसी और को पुकारोगे, यदि तुम सच्चे हो?”

قُلْ أَرَءَيْتَكُمْ إِنْ أَتَىٰكُمْ عَذَابُ ٱللَّهِ أَوْ أَتَتْكُمُ ٱلسَّاعَةُ أَغَيْرَ ٱللَّهِ تَدْعُونَ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ

वास्तव में, तुम उसी को पुकारोगे; तब वह, यदि उसकी मर्ज़ी हो, तुम्हें उससे राहत देगा जिसके लिए तुम उसे पुकारते थे, और जिसे तुम साझी ठहराते हो उसे भूल जाओगे।

بَلْ إِيَّاهُ تَدْعُونَ فَيَكْشِفُ مَا تَدْعُونَ إِلَيْهِ إِن شَآءَ وَتَنسَوْنَ مَا تُشْرِكُونَ

हमने निश्चय ही तुमसे पहले समुदायों की ओर भेजा, और उन्हें विपत्ति और हानि से पकड़ा, शायद वे गिड़गिड़ाएँ।

وَلَقَدْ أَرْسَلْنَآ إِلَىٰٓ أُمَمٍۢ مِّن قَبْلِكَ فَأَخَذْنَٰهُم بِٱلْبَأْسَآءِ وَٱلضَّرَّآءِ لَعَلَّهُمْ يَتَضَرَّعُونَ

जब हमारी कठोरता उन पर आई, तब वे क्यों नहीं गिड़गिड़ाए!

فَلَوْلَآ إِذْ جَآءَهُم بَأْسُنَا تَضَرَّعُوا۟

6:43

परंतु उनके मर्म सख़्त हो गए, और बहकाने वाले ने उनके लिए सुंदर बना दिया जो वे करते थे।

وَلَٰكِن قَسَتْ قُلُوبُهُمْ وَزَيَّنَ لَهُمُ ٱلشَّيْطَٰنُ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

फिर जब उन्होंने भुला दिया जो उन्हें स्मरण कराया गया था, तो हमने उन पर हर चीज़ के द्वार खोल दिए,

فَلَمَّا نَسُوا۟ مَا ذُكِّرُوا۟ بِهِۦ فَتَحْنَا عَلَيْهِمْ أَبْوَٰبَ كُلِّ شَىْءٍ

यहाँ तक कि जब वे उससे प्रसन्न हुए जो उन्हें दिया गया था, तो हमने उन्हें अचानक पकड़ लिया, और देखो, वे निराश हैं।

حَتَّىٰٓ إِذَا فَرِحُوا۟ بِمَآ أُوتُوٓا۟ أَخَذْنَٰهُم بَغْتَةًۭ فَإِذَا هُم مُّبْلِسُونَ

6:45

इस प्रकार उस क़ौम का, जो अन्यायी थी, अंतिम अवशेष तक काट दिया गया।

فَقُطِعَ دَابِرُ ٱلْقَوْمِ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟

6:45

और प्रशंसा ईश्वर के लिए है, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है।

وَٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ

कहो: “क्या तुम देखते हो? यदि ईश्वर तुम्हारा श्रवण और तुम्हारी दृष्टियाँ ले ले, और तुम्हारे मर्मों पर मुहर लगा दे, तो ईश्वर के अतिरिक्त कौन-सा देवता तुम्हें वे वापस देगा?”

قُلْ أَرَءَيْتُمْ إِنْ أَخَذَ ٱللَّهُ سَمْعَكُمْ وَأَبْصَٰرَكُمْ وَخَتَمَ عَلَىٰ قُلُوبِكُم مَّنْ إِلَٰهٌ غَيْرُ ٱللَّهِ يَأْتِيكُم بِهِ

नज़र डालो कि हम संकेतों को कैसे विविध करते हैं, और फिर भी वे उनसे बच निकलते हैं।

ٱنظُرْ كَيْفَ نُصَرِّفُ ٱلْءَايَٰتِ ثُمَّ هُمْ يَصْدِفُونَ

कहो: “क्या तुम देखते हो? यदि ईश्वर का दंड तुम पर अचानक या खुलेआम आए, तो अन्यायी क़ौम के सिवा कौन नष्ट किया जाएगा?”

قُلْ أَرَءَيْتَكُمْ إِنْ أَتَىٰكُمْ عَذَابُ ٱللَّهِ بَغْتَةً أَوْ جَهْرَةً هَلْ يُهْلَكُ إِلَّا ٱلْقَوْمُ ٱلظَّٰلِمُونَ

हम भेजे गए जनों को केवल शुभ समाचार देने वालों और चेतावनी देने वालों के रूप में भेजते हैं।

وَمَا نُرْسِلُ ٱلْمُرْسَلِينَ إِلَّا مُبَشِّرِينَ وَمُنذِرِينَ

जो विश्वास करे और स्वयं को सुधार ले, उन पर कोई डर नहीं, और न वे दुखी होंगे।

فَمَنْ ءَامَنَ وَأَصْلَحَ فَلَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ

और जिन्होंने हमारे संकेतों को झुठलाया, दंड उन्हें छुएगा, अतिक्रमण करने के कारण।

وَٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَٰتِنَا يَمَسُّهُمُ ٱلْعَذَابُ بِمَا كَانُوا۟ يَفْسُقُونَ

6:50

कहो: “मैं तुमसे नहीं कहता कि मेरे पास ईश्वर के भंडार हैं, और न यह कि मैं वह जानता हूँ जो इंद्रियों से परे है, और न तुमसे कहता हूँ कि मैं एक अभिकर्ता हूँ;

قُل لَّآ أَقُولُ لَكُمْ عِندِى خَزَآئِنُ ٱللَّهِ وَلَآ أَعْلَمُ ٱلْغَيْبَ وَلَآ أَقُولُ لَكُمْ إِنِّى مَلَكٌ

मैं तो केवल उसी का अनुसरण करता हूँ जो मुझ पर प्रकट किया जाता है।”

إِنْ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَىٰٓ إِلَىَّ

कहो: “क्या अंधा और दृष्टिवान बराबर हैं?”

قُلْ هَلْ يَسْتَوِى ٱلْأَعْمَىٰ وَٱلْبَصِيرُ

तो क्या तुम सोच-विचार नहीं करते?

أَفَلَا تَتَفَكَّرُونَ

और इसके द्वारा उन्हें चेतावनी दो जो डरते हैं कि वे अपने अभिभावक की ओर इकट्ठा किए जाएँगे — उनके लिए उसके अतिरिक्त न कोई आश्रयदाता है न सिफ़ारिशी — शायद वे सावधान रहें।

وَأَنذِرْ بِهِ ٱلَّذِينَ يَخَافُونَ أَن يُحْشَرُوٓا۟ إِلَىٰ رَبِّهِمْ لَيْسَ لَهُم مِّن دُونِهِۦ وَلِىٌّۭ وَلَا شَفِيعٌۭ لَّعَلَّهُمْ يَتَّقُونَ

6:52

और उन्हें न ठुकराओ जो सुबह और शाम अपने अभिभावक को पुकारते हैं, उसकी दिशा चाहते हुए। तुम्हारे ज़िम्मे उनके हिसाब का कुछ भी नहीं, और उनके ज़िम्मे तुम्हारे हिसाब का कुछ भी नहीं, कि तुम उन्हें ठुकराओ और तब अन्यायियों में से हो जाओ।

وَلَا تَطْرُدِ ٱلَّذِينَ يَدْعُونَ رَبَّهُم بِٱلْغَدَوٰةِ وَٱلْعَشِىِّ يُرِيدُونَ وَجْهَهُۥ مَا عَلَيْكَ مِنْ حِسَابِهِم مِّن شَىْءٍۢ وَمَا مِنْ حِسَابِكَ عَلَيْهِم مِّن شَىْءٍۢ فَتَطْرُدَهُمْ فَتَكُونَ مِنَ ٱلظَّٰلِمِينَ

6:53

और इस प्रकार हमने उन्हें एक-दूसरे के द्वारा परीक्षा में डाला, ताकि वे कहें: “क्या ये वे हैं जिन पर ईश्वर ने हमारे बीच कृपा की?”

وَكَذَٰلِكَ فَتَنَّا بَعْضَهُم بِبَعْضٍۢ لِّيَقُولُوٓا۟ أَهَٰٓؤُلَآءِ مَنَّ ٱللَّهُ عَلَيْهِم مِّنۢ بَيْنِنَآ

6:53

क्या ईश्वर कृतज्ञों को सबसे अच्छी तरह नहीं जानता?

أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَعْلَمَ بِٱلشَّٰكِرِينَ

और जब हमारे संकेतों पर विश्वास करने वाले तुम्हारे पास आएँ, तो कहो: “तुम पर शांति हो।

وَإِذَا جَآءَكَ ٱلَّذِينَ يُؤْمِنُونَ بِـَٔايَٰتِنَا فَقُلْ سَلَٰمٌ عَلَيْكُمْ

6:54

तुम्हारे अभिभावक ने स्वयं पर दया विहित कर ली है: तुममें से जो कोई अज्ञानता से कोई बुराई कर बैठे, फिर इसके बाद पश्चात्ताप करे और स्वयं को सुधार ले — तो वह निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।”

كَتَبَ رَبُّكُمْ عَلَىٰ نَفْسِهِ ٱلرَّحْمَةَ أَنَّهُۥ مَنْ عَمِلَ مِنكُمْ سُوٓءًۢا بِجَهَٰلَةٍۢ ثُمَّ تَابَ مِنۢ بَعْدِهِۦ وَأَصْلَحَ فَأَنَّهُۥ غَفُورٌۭ رَّحِيمٌۭ

6:55

इस प्रकार हम संकेतों का विवरण देते हैं, ताकि बहिष्कृतों की राह स्पष्ट हो जाए।

وَكَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلْءَايَٰتِ وَلِتَسْتَبِينَ سَبِيلُ ٱلْمُجْرِمِينَ

कहो: “मेरे लिए निश्चय ही उनकी आज्ञा का पालन करना निषिद्ध किया गया है जिन्हें तुम ईश्वर के अतिरिक्त पुकारते हो।”

قُلْ إِنِّى نُهِيتُ أَنْ أَعْبُدَ ٱلَّذِينَ تَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ

6:56

कहो: “मैं तुम्हारी भावनाओं का अनुसरण नहीं करता;

قُل لَّآ أَتَّبِعُ أَهْوَآءَكُمْ

तब तो मैं भटक जाता, और मार्गदर्शन पाने वालों में से न होता।”

قَدْ ضَلَلْتُ إِذًۭا وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلْمُهْتَدِينَ

कहो: “मैं निश्चय ही अपने अभिभावक की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण पर टिका हूँ, और तुमने उसे झुठलाया है।

قُلْ إِنِّى عَلَىٰ بَيِّنَةٍۢ مِّن رَّبِّى وَكَذَّبْتُم بِهِۦ

मेरे पास वह नहीं है जिसे तुम शीघ्र बुलाने का प्रयास करते हो।

مَا عِندِى مَا تَسْتَعْجِلُونَ بِهِۦٓ

निर्णय केवल ईश्वर का है।

إِنِ ٱلْحُكْمُ إِلَّا لِلَّهِ

6:57

वह सत्य को तय करता है,

يَقُصُّ ٱلْحَقَّ

और वह अलगाव करने वालों में सबसे बेहतर है।”

وَهُوَ خَيْرُ ٱلْفَٰصِلِينَ

कहो: “यदि मेरे पास वह होता जिसे तुम शीघ्र बुलाने का प्रयास करते हो, तो मेरे और तुम्हारे बीच मामले का कब का फ़ैसला हो चुका होता।”

قُل لَّوْ أَنَّ عِندِى مَا تَسْتَعْجِلُونَ بِهِۦ لَقُضِىَ ٱلْأَمْرُ بَيْنِى وَبَيْنَكُمْ

ईश्वर अन्यायियों को सबसे अच्छी तरह जानता है।

وَٱللَّهُ أَعْلَمُ بِٱلظَّٰلِمِينَ

6:59

और जो इंद्रियों से परे है उसकी कुंजियाँ उसके पास हैं: उन्हें उसके सिवा कोई नहीं जानता।

وَعِندَهُۥ مَفَاتِحُ ٱلْغَيْبِ لَا يَعْلَمُهَآ إِلَّا هُوَ

6:59

और वह जानता है जो थल पर और समुद्र में है।

وَيَعْلَمُ مَا فِى ٱلْبَرِّ وَٱلْبَحْرِ

6:59

कोई पत्ता नहीं गिरता जिसे वह न जानता हो; और न कोई दाना, धरती के अँधेरों में, न कोई गीली चीज़ और न कोई सूखी चीज़, जो एक स्पष्ट बही में न हो।

وَمَا تَسْقُطُ مِن وَرَقَةٍ إِلَّا يَعْلَمُهَا وَلَا حَبَّةٍۢ فِى ظُلُمَٰتِ ٱلْأَرْضِ وَلَا رَطْبٍۢ وَلَا يَابِسٍ إِلَّا فِى كِتَٰبٍۢ مُّبِينٍۢ

वही है जो रात में तुम्हें निष्ठापूर्वक सँभालता है, और जानता है जो तुमने दिन में कर डाला, फिर वह तुम्हें उसमें उठाता है, ताकि एक नामित अवधि पूरी हो;

وَهُوَ ٱلَّذِى يَتَوَفَّىٰكُم بِٱلَّيْلِ وَيَعْلَمُ مَا جَرَحْتُم بِٱلنَّهَارِ ثُمَّ يَبْعَثُكُمْ فِيهِ لِيُقْضَىٰٓ أَجَلٌۭ مُّسَمًّۭى

फिर उसी की ओर तुम्हारा लौटना होगा, और वह तुम्हें सूचित करेगा कि तुम क्या करते थे।

ثُمَّ إِلَيْهِ مَرْجِعُكُمْ ثُمَّ يُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ

वह अपने आज्ञाकारियों के ऊपर वर्चस्व रखता है,

وَهُوَ ٱلْقَاهِرُ فَوْقَ عِبَادِهِۦ

और वह तुम पर रक्षक भेजता है,

وَيُرْسِلُ عَلَيْكُمْ حَفَظَةً

6:61

यहाँ तक कि जब तुममें से किसी के पास मृत्यु आती है, तो हमारे भेजे गए जन उसे निष्ठापूर्वक सँभाल लेते हैं, उपेक्षा किए बिना।

حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءَ أَحَدَكُمُ ٱلْمَوْتُ تَوَفَّتْهُ رُسُلُنَا وَهُمْ لَا يُفَرِّطُونَ

फिर वे ईश्वर की ओर वापस लाए जाते हैं, जो उनका वास्तविक, सबसे निकट का ज़ामिन है।

ثُمَّ رُدُّوٓا۟ إِلَى ٱللَّهِ مَوْلَىٰهُمُ ٱلْحَقِّ

क्या निर्णय उसी का नहीं है?

أَلَا لَهُ ٱلْحُكْمُ

वह हिसाब रखने वालों में सबसे शीघ्र है।

وَهُوَ أَسْرَعُ ٱلْحَٰسِبِينَ

6:63

कहो: “कौन तुम्हें थल और समुद्र के अँधेरों से उबारता है?” — तुम उसे गिड़गिड़ाकर और चुपके से पुकारते हो: “यदि आप हमें इससे उबार लें, तो हम अवश्य कृतज्ञों में से होंगे।”

قُلْ مَن يُنَجِّيكُم مِّن ظُلُمَٰتِ ٱلْبَرِّ وَٱلْبَحْرِ تَدْعُونَهُۥ تَضَرُّعًۭا وَخُفْيَةًۭ لَّئِنْ أَنجَىٰنَا مِنْ هَٰذِهِۦ لَنَكُونَنَّ مِنَ ٱلشَّٰكِرِينَ

6:64

कहो: “ईश्वर तुम्हें उससे उबारता है, और हर संकट से भी; फिर भी तुम साझी ठहराते हो।”

قُلِ ٱللَّهُ يُنَجِّيكُم مِّنْهَا وَمِن كُلِّ كَرْبٍۢ ثُمَّ أَنتُمْ تُشْرِكُونَ

कहो: “वह तुम पर दंड उठाने का सामर्थ्य रखता है, तुम्हारे ऊपर से या तुम्हारे पैरों के नीचे से, या तुम्हें गुटों में उलझा देने का, और एक को दूसरे की हिंसा चखाने का।”

قُلْ هُوَ ٱلْقَادِرُ عَلَىٰٓ أَن يَبْعَثَ عَلَيْكُمْ عَذَابًۭا مِّن فَوْقِكُمْ أَوْ مِن تَحْتِ أَرْجُلِكُمْ أَوْ يَلْبِسَكُمْ شِيَعًۭا وَيُذِيقَ بَعْضَكُم بَأْسَ بَعْضٍ

नज़र डालो कि हम संकेतों को कैसे विविध करते हैं, शायद वे समझें।

ٱنظُرْ كَيْفَ نُصَرِّفُ ٱلْءَايَٰتِ لَعَلَّهُمْ يَفْقَهُونَ

और तुम्हारी क़ौम ने उसे झुठलाया, जबकि वह सत्य है।

وَكَذَّبَ بِهِۦ قَوْمُكَ وَهُوَ ٱلْحَقُّ

6:66

कहो: “मैं तुम्हारे लिए मुख़्तार नहीं हूँ।

قُل لَّسْتُ عَلَيْكُم بِوَكِيلٍۢ

हर सूचना का अपना स्थिर स्थान है,

لِّكُلِّ نَبَإٍۢ مُّسْتَقَرٌّۭ

और तुम शीघ्र जान जाओगे।”

وَسَوْفَ تَعْلَمُونَ

और जब तुम उन्हें देखो जो हमारे संकेतों में डूबते हैं, तो उनसे कतराओ, जब तक वे किसी और वार्ता में न डूब जाएँ।

وَإِذَا رَأَيْتَ ٱلَّذِينَ يَخُوضُونَ فِىٓ ءَايَٰتِنَا فَأَعْرِضْ عَنْهُمْ حَتَّىٰ يَخُوضُوا۟ فِى حَدِيثٍ غَيْرِهِۦ

6:68

और यदि बहकाने वाला तुम्हें भुला दे, तो इस स्मरण के बाद अन्यायी क़ौम के साथ न बैठे रहो।

وَإِمَّا يُنسِيَنَّكَ ٱلشَّيْطَٰنُ فَلَا تَقْعُدْ بَعْدَ ٱلذِّكْرَىٰ مَعَ ٱلْقَوْمِ ٱلظَّٰلِمِينَ

और जो सावधान रहते हैं, उनके ज़िम्मे उनके हिसाब का कुछ भी नहीं,

وَمَا عَلَى ٱلَّذِينَ يَتَّقُونَ مِنْ حِسَابِهِم مِّن شَىْءٍۢ

सिवा एक स्मरण के, शायद वे सावधान रहें।

وَلَٰكِن ذِكْرَىٰ لَعَلَّهُمْ يَتَّقُونَ

और उन्हें छोड़ दो जिन्होंने अपने विधान को मनबहलाव और खेल बना लिया, और जिन्हें इहलोक के जीवन ने छल लिया।

وَذَرِ ٱلَّذِينَ ٱتَّخَذُوا۟ دِينَهُمْ لَعِبًۭا وَلَهْوًۭا وَغَرَّتْهُمُ ٱلْحَيَوٰةُ ٱلدُّنْيَا

और इसके द्वारा स्मरण कराओ, कहीं ऐसा न हो कि कोई स्व उसके कारण सौंप दिया जाए जो उसने कमाया, जबकि उसके लिए ईश्वर के अतिरिक्त न कोई आश्रयदाता हो न सिफ़ारिशी;

وَذَكِّرْ بِهِۦٓ أَن تُبْسَلَ نَفْسٌۢ بِمَا كَسَبَتْ لَيْسَ لَهَا مِن دُونِ ٱللَّهِ وَلِىٌّۭ وَلَا شَفِيعٌۭ

और यदि वह हर प्रतिकर भी देता, तो भी वह उससे न लिया जाता।

وَإِن تَعْدِلْ كُلَّ عَدْلٍۢ لَّا يُؤْخَذْ مِنْهَآ

यही वे हैं जो उसके कारण सौंप दिए गए होंगे जो उन्होंने कमाया; उनके लिए खौलते पानी का पेय और पीड़ादायक दंड होगा, नकारने के कारण।

أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ أُبْسِلُوا۟ بِمَا كَسَبُوا۟ لَهُمْ شَرَابٌۭ مِّنْ حَمِيمٍۢ وَعَذَابٌ أَلِيمٌۢ بِمَا كَانُوا۟ يَكْفُرُونَ

6:71

कहो: “क्या हम ईश्वर के अतिरिक्त उसे पुकारें जो न हमें लाभ देता है न हानि पहुँचाता है, और अपनी एड़ियों पर वापस लाए जाएँ, इसके बाद कि ईश्वर हमें मार्ग दिखा चुका, उसके जैसे जिसे बहकाने वालों ने धरती पर खींच लिया, भौंचक्का,

قُلْ أَنَدْعُوا۟ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَنفَعُنَا وَلَا يَضُرُّنَا وَنُرَدُّ عَلَىٰٓ أَعْقَابِنَا بَعْدَ إِذْ هَدَىٰنَا ٱللَّهُ كَٱلَّذِى ٱسْتَهْوَتْهُ ٱلشَّيَٰطِينُ فِى ٱلْأَرْضِ حَيْرَانَ

जबकि उसके कुछ साथी हैं जो उसे मार्गदर्शन की ओर बुलाते हैं: ‘हमारे पास आओ’?”

لَهُۥٓ أَصْحَٰبٌۭ يَدْعُونَهُۥٓ إِلَى ٱلْهُدَى ٱئْتِنَا

कहो: “ईश्वर का मार्गदर्शन, वही मार्गदर्शन है; और हमें आदेश दिया गया है कि हम सभी प्राणियों के अभिभावक के प्रति खरे रहें, और संपर्क बनाए रखें, और उसके प्रति सावधान रहें।”

قُلْ إِنَّ هُدَى ٱللَّهِ هُوَ ٱلْهُدَىٰ وَأُمِرْنَا لِنُسْلِمَ لِرَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ وَأَنْ أَقِيمُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَٱتَّقُوهُ

और वही है जिसकी ओर तुम इकट्ठा किए जाओगे।

وَهُوَ ٱلَّذِىٓ إِلَيْهِ تُحْشَرُونَ

वही है जिसने आकाशों और धरती को पूर्ण सत्य के साथ रचा,

وَهُوَ ٱلَّذِى خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ بِٱلْحَقِّ

और जिस दिन वह कहता है: “हो जा”,

وَيَوْمَ يَقُولُ كُن

वह हो जाता है।

فَيَكُونُ

उसका कथन सत्य है,

قَوْلُهُ ٱلْحَقُّ

6:73

और राजत्व उसी का है,

وَلَهُ ٱلْمُلْكُ

6:73

जिस दिन नरसिंगा में फूँका जाएगा।

يَوْمَ يُنفَخُ فِى ٱلصُّورِ

6:73

वह, जो उसे जानता है जो इंद्रियों से परे है और जो साक्ष्य में है,

عَٰلِمُ ٱلْغَيْبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ

वह प्रज्ञावान, पूरी ख़बर रखने वाला है।

وَهُوَ ٱلْحَكِيمُ ٱلْخَبِيرُ

6:74

और जब इब्राहीम ने अपने पिता आज़र से कहा: “क्या तुम मूर्तियों को देवता बना लेते हो?

وَإِذْ قَالَ إِبْرَٰهِيمُ لِأَبِيهِ ءَازَرَ أَتَتَّخِذُ أَصْنَامًا ءَالِهَةً

मैं निश्चय ही तुम्हें और तुम्हारी क़ौम को स्पष्ट भटकाव में देखता हूँ।”

إِنِّىٓ أَرَىٰكَ وَقَوْمَكَ فِى ضَلَٰلٍۢ مُّبِينٍۢ

6:75

इस प्रकार हम इब्राहीम को आकाशों और धरती का सर्वोच्च राजत्व दिखाते थे, ताकि वह उनमें से हो जो यक़ीन रखते हैं।

وَكَذَٰلِكَ نُرِىٓ إِبْرَٰهِيمَ مَلَكُوتَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَلِيَكُونَ مِنَ ٱلْمُوقِنِينَ

6:76

जब रात ने उसे आच्छादित कर लिया, तो उसने एक आकाशीय पिंड देखा; उसने कहा: “यह मेरा अभिभावक है”;

فَلَمَّا جَنَّ عَلَيْهِ ٱلَّيْلُ رَءَا كَوْكَبًۭا قَالَ هَٰذَا رَبِّى

6:76

परंतु जब वह ओझल हो गया, तो उसने कहा: “मैं उनसे प्रेम नहीं करता जो ओझल हो जाते हैं।”

فَلَمَّآ أَفَلَ قَالَ لَآ أُحِبُّ ٱلْءَافِلِينَ

6:77

फिर जब उसने चंद्रमा को उगते देखा, तो कहा: “यह मेरा अभिभावक है”;

فَلَمَّا رَءَا ٱلْقَمَرَ بَازِغًۭا قَالَ هَٰذَا رَبِّى

6:77

परंतु जब वह ओझल हो गया, तो उसने कहा: “यदि मेरा अभिभावक मुझे मार्ग न दिखाए, तो मैं अवश्य भटकी हुई क़ौम में से होऊँगा।”

فَلَمَّآ أَفَلَ قَالَ لَئِن لَّمْ يَهْدِنِى رَبِّى لَأَكُونَنَّ مِنَ ٱلْقَوْمِ ٱلضَّآلِّينَ

6:78

फिर जब उसने सूर्य को उगते देखा, तो कहा: “यह मेरा अभिभावक है, यह अधिक बड़ा है”;

فَلَمَّا رَءَا ٱلشَّمْسَ بَازِغَةًۭ قَالَ هَٰذَا رَبِّى هَٰذَآ أَكْبَرُ

6:78

परंतु जब वह ओझल हो गया, तो उसने कहा: “हे मेरी क़ौम! मैं निश्चय ही उससे बरी हूँ जिसे तुम साझी ठहराते हो।

فَلَمَّآ أَفَلَتْ قَالَ يَٰقَوْمِ إِنِّى بَرِىٓءٌۭ مِّمَّا تُشْرِكُونَ

6:79

मैंने अपनी दिशा उसकी ओर कर ली है जिसने आकाशों और धरती को मूलतः रचा, पूरी तरह उसी की ओर मुड़ा हुआ,

إِنِّى وَجَّهْتُ وَجْهِىَ لِلَّذِى فَطَرَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ حَنِيفًۭا

और मैं साझी ठहराने वालों में से नहीं हूँ।”

وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ

6:80

और उसकी क़ौम ने उससे विवाद किया।

وَحَآجَّهُۥ قَوْمُهُۥ

6:80

उसने कहा: “क्या तुम ईश्वर के विषय में मुझसे विवाद करते हो, जबकि उसने मुझे मार्ग दिखाया है?

قَالَ أَتُحَٰٓجُّوٓنِّى فِى ٱللَّهِ وَقَدْ هَدَىٰنِ

और मैं उससे नहीं डरता जिसे तुम उसके साथ साझी ठहराते हो, जब तक मेरे अभिभावक की मर्ज़ी न हो कि मुझे कुछ हो।

وَلَآ أَخَافُ مَا تُشْرِكُونَ بِهِۦٓ إِلَّآ أَن يَشَآءَ رَبِّى شَيْـًۭٔا

मेरा अभिभावक अपने ज्ञान से हर चीज़ को समेटे हुए है।

وَسِعَ رَبِّى كُلَّ شَىْءٍ عِلْمًا

तो क्या तुम स्मरण नहीं करते?

أَفَلَا تَتَذَكَّرُونَ

और मैं उससे कैसे डरूँ जिसे तुम साझी ठहराते हो,

وَكَيْفَ أَخَافُ مَآ أَشْرَكْتُمْ

6:81

जबकि तुम इस बात से नहीं डरते कि तुमने ईश्वर के साथ उसे साझी ठहराया जिसके लिए उसने तुम पर कोई अधिकार नहीं उतारा?

وَلَا تَخَافُونَ أَنَّكُمْ أَشْرَكْتُم بِٱللَّهِ مَا لَمْ يُنَزِّلْ بِهِۦ عَلَيْكُمْ سُلْطَٰنًۭا

6:81

तो दोनों भागों में से कौन सुरक्षा का अधिक हक़दार है, यदि तुम जानते हो?”

فَأَىُّ ٱلْفَرِيقَيْنِ أَحَقُّ بِٱلْأَمْنِ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ

6:82

जिन्होंने विश्वास किया और अपने विश्वास को किसी अन्याय का वस्त्र नहीं पहनाया — वही हैं जिनके पास सुरक्षा है, और वे मार्गदर्शन पाते हैं।

ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَلَمْ يَلْبِسُوٓا۟ إِيمَٰنَهُم بِظُلْمٍ أُو۟لَٰٓئِكَ لَهُمُ ٱلْأَمْنُ وَهُم مُّهْتَدُونَ

6:83

और यह हमारा तर्क है, जो हमने इब्राहीम को उसकी क़ौम के विरुद्ध दिया।

وَتِلْكَ حُجَّتُنَآ ءَاتَيْنَٰهَآ إِبْرَٰهِيمَ عَلَىٰ قَوْمِهِۦ

6:83

हम जिस पर हमारी मर्ज़ी हो, उसे श्रेणियों में ऊँचा करते हैं,

نَرْفَعُ دَرَجَٰتٍۢ مَّن نَّشَآءُ

क्योंकि तुम्हारा अभिभावक प्रज्ञावान, सर्वज्ञ है।

إِنَّ رَبَّكَ حَكِيمٌ عَلِيمٌۭ

और हमने उसे इसहाक़ और याक़ूब प्रदान किए;

وَوَهَبْنَا لَهُۥٓ إِسْحَٰقَ وَيَعْقُوبَ

हमने उन दोनों को मार्ग दिखाया।

كُلًّا هَدَيْنَا

6:84

और नूह को, हमने पहले मार्ग दिखाया था;

وَنُوحًا هَدَيْنَا مِن قَبْلُ

6:84

और उसकी संतति में से दाऊद, सुलैमान, अय्यूब, यूसुफ़, मूसा और हारून।

وَمِن ذُرِّيَّتِهِۦ دَاوُۥدَ وَسُلَيْمَٰنَ وَأَيُّوبَ وَيُوسُفَ وَمُوسَىٰ وَهَٰرُونَ

इसी प्रकार हम भलाई करने वालों को प्रतिफल देते हैं।

وَكَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ

6:85

और ज़करिया, यह्या, ईसा और इलयास —

وَزَكَرِيَّا وَيَحْيَىٰ وَعِيسَىٰ وَإِلْيَاسَ

सब भलों में से हैं।

كُلٌّۭ مِّنَ ٱلصَّٰلِحِينَ

6:86

और इस्माईल, अल-यसअ, यूनुस और लूत —

وَإِسْمَٰعِيلَ وَٱلْيَسَعَ وَيُونُسَ وَلُوطًۭا

और सबको हमने सभी प्राणियों पर वरीयता दी।

وَكُلًّۭا فَضَّلْنَا عَلَى ٱلْعَٰلَمِينَ

और उनके पूर्वजों, उनकी संततियों और उनके भाइयों में से —

وَمِنْ ءَابَآئِهِمْ وَذُرِّيَّٰتِهِمْ وَإِخْوَٰنِهِمْ

हमने उन्हें चुना, और उन्हें सीधे पथ की ओर मार्ग दिखाया।

وَٱجْتَبَيْنَٰهُمْ وَهَدَيْنَٰهُمْ إِلَىٰ صِرَٰطٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ

यह ईश्वर का मार्गदर्शन है, जिसके द्वारा वह अपने आज्ञाकारियों में से जिस पर उसकी मर्ज़ी हो, उसे मार्ग दिखाता है।

ذَٰلِكَ هُدَى ٱللَّهِ يَهْدِى بِهِۦ مَن يَشَآءُ مِنْ عِبَادِهِۦ

और यदि वे साझी ठहराते, तो जो वे करते थे वह उनके लिए ढह जाता।

وَلَوْ أَشْرَكُوا۟ لَحَبِطَ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

6:89

यही वे हैं जिन्हें हमने ग्रंथ, निर्णय और सूचना देने का दायित्व दिया।

أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ ءَاتَيْنَٰهُمُ ٱلْكِتَٰبَ وَٱلْحُكْمَ وَٱلنُّبُوَّةَ

यदि ये उसे नकारें, तो हमने उसके लिए एक ऐसी क़ौम को पहले ही मुख़्तार बना दिया है जो उसे नकारने वाली नहीं।

فَإِن يَكْفُرْ بِهَا هَٰٓؤُلَآءِ فَقَدْ وَكَّلْنَا بِهَا قَوْمًۭا لَّيْسُوا۟ بِهَا بِكَٰفِرِينَ

6:90

यही वे हैं जिन्हें ईश्वर ने मार्ग दिखाया; इसलिए उनके मार्गदर्शन का अनुकरण करो।

أُو۟لَٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ هَدَى ٱللَّهُ فَبِهُدَىٰهُمُ ٱقْتَدِهْ

6:90

कहो: “मैं इसके लिए तुमसे कोई पुरस्कार नहीं माँगता।

قُل لَّآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ أَجْرًا

6:90

यह तो केवल सभी प्राणियों के लिए एक स्मरण है।”

إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرَىٰ لِلْعَٰلَمِينَ

6:91

उन्होंने ईश्वर को उसके सही माप से नहीं मापा, जब उन्होंने कहा: “ईश्वर ने किसी मानव पर कुछ नहीं उतारा।”

وَمَا قَدَرُوا۟ ٱللَّهَ حَقَّ قَدْرِهِۦٓ إِذْ قَالُوا۟ مَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ عَلَىٰ بَشَرٍۢ مِّن شَىْءٍۢ

6:91

कहो: “उस ग्रंथ को किसने उतारा जो मूसा लाया, लोगों के लिए प्रकाश और मार्गदर्शन,

قُلْ مَنْ أَنزَلَ ٱلْكِتَٰبَ ٱلَّذِى جَآءَ بِهِۦ مُوسَىٰ نُورًۭا وَهُدًۭى لِّلنَّاسِ

6:91

जिसे वे चर्मपत्रों पर रखते हैं, कुछ को सामने लाते हुए और बहुतों को छिपाते हुए —

تَجْعَلُونَهُۥ قَرَاطِيسَ تُبْدُونَهَا وَتُخْفُونَ كَثِيرًۭا

6:91

और तुम्हें वह सिखाया गया जो तुम नहीं जानते थे, न तुम और न तुम्हारे पूर्वज?” कहो: “ईश्वर”;

وَعُلِّمْتُم مَّا لَمْ تَعْلَمُوٓا۟ أَنتُمْ وَلَآ ءَابَآؤُكُمْ قُلِ ٱللَّهُ

फिर उन्हें उनकी व्यर्थ वार्ताओं में छोड़ दो, जहाँ वे खेलते हैं।

ثُمَّ ذَرْهُمْ فِى خَوْضِهِمْ يَلْعَبُونَ

6:92

और यह एक ग्रंथ है जिसे हमने उतारा, आशीषित, उसकी पुष्टि करता हुआ जो उससे पहले है, ताकि तुम बस्तियों के महानगर को और जो उसके आसपास हैं उन्हें चेतावनी दो।

وَهَٰذَا كِتَٰبٌ أَنزَلْنَٰهُ مُبَارَكٌۭ مُّصَدِّقُ ٱلَّذِى بَيْنَ يَدَيْهِ وَلِتُنذِرَ أُمَّ ٱلْقُرَىٰ وَمَنْ حَوْلَهَا

और जो अंतिम जीवन पर विश्वास करते हैं वे इस पर विश्वास करते हैं, और वे अपने संपर्क की निरंतर रक्षा करते हैं।

وَٱلَّذِينَ يُؤْمِنُونَ بِٱلْءَاخِرَةِ يُؤْمِنُونَ بِهِۦ وَهُمْ عَلَىٰ صَلَاتِهِمْ يُحَافِظُونَ

और उससे बढ़कर अन्यायी कौन है जो ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़ता है, या कहता है: “मुझ पर प्रकट किया गया है”, जबकि उस पर कुछ प्रकट नहीं किया गया, और वह जो कहता है: “जो ईश्वर ने उतारा, मैं उसके जैसा उतारूँगा”?

وَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنِ ٱفْتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ كَذِبًا أَوْ قَالَ أُوحِىَ إِلَىَّ وَلَمْ يُوحَ إِلَيْهِ شَىْءٌۭ وَمَن قَالَ سَأُنزِلُ مِثْلَ مَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ

6:93

और यदि तुम देखते, जब अन्यायी मृत्यु की छटपटाहट में होते हैं, और अभिकर्ता हाथ बढ़ाते हैं: “अपना स्व बाहर निकालो।

وَلَوْ تَرَىٰٓ إِذِ ٱلظَّٰلِمُونَ فِى غَمَرَٰتِ ٱلْمَوْتِ وَٱلْمَلَٰٓئِكَةُ بَاسِطُوٓا۟ أَيْدِيهِمْ أَخْرِجُوٓا۟ أَنفُسَكُمُ

आज तुम्हें अपमान के दंड का प्रतिफल दिया जाएगा, इसलिए कि तुम ईश्वर के विषय में सत्य से भिन्न कुछ कहते थे, और इसलिए कि तुम उसके संकेतों के सामने घमंड से फूल उठे।”

ٱلْيَوْمَ تُجْزَوْنَ عَذَابَ ٱلْهُونِ بِمَا كُنتُمْ تَقُولُونَ عَلَى ٱللَّهِ غَيْرَ ٱلْحَقِّ وَكُنتُمْ عَنْ ءَايَٰتِهِۦ تَسْتَكْبِرُونَ

तुम निश्चय ही अकेले-अकेले हमारे पास आ गए हो, जैसे हमने तुम्हें पहली बार रचा था, और तुमने अपनी पीठ के पीछे वह छोड़ दिया जो हमने तुम्हें अनुदान दिया था;

وَلَقَدْ جِئْتُمُونَا فُرَٰدَىٰ كَمَا خَلَقْنَٰكُمْ أَوَّلَ مَرَّةٍۢ وَتَرَكْتُم مَّا خَوَّلْنَٰكُمْ وَرَآءَ ظُهُورِكُمْ

और हम तुम्हारे साथ तुम्हारे सिफ़ारिशी नहीं देखते, जिनका तुम दावा करते थे कि वे तुम्हारे बीच साझीदार हैं।

وَمَا نَرَىٰ مَعَكُمْ شُفَعَآءَكُمُ ٱلَّذِينَ زَعَمْتُمْ أَنَّهُمْ فِيكُمْ شُرَكَٰٓؤُا۟

6:94

तुम्हारे बीच की कड़ियाँ निश्चय ही टूट गई हैं, और जिसका तुम दावा करते थे वह तुमसे दूर भटक गया है।

لَقَد تَّقَطَّعَ بَيْنَكُمْ وَضَلَّ عَنكُم مَّا كُنتُمْ تَزْعُمُونَ

ईश्वर वही है जो बीज और गुठली को फाड़ता है।

إِنَّ ٱللَّهَ فَالِقُ ٱلْحَبِّ وَٱلنَّوَىٰ

6:95

वह जीवित को मृत से निकालता है, और मृत को जीवित से निकालता है।

يُخْرِجُ ٱلْحَىَّ مِنَ ٱلْمَيِّتِ وَمُخْرِجُ ٱلْمَيِّتِ مِنَ ٱلْحَىِّ

यही ईश्वर है।

ذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ

तो तुम कैसे उलटे फेरे जा रहे हो?

فَأَنَّىٰ تُؤْفَكُونَ

6:96

वह जो भोर को फाड़ता है, और जिसने रात को आराम बनाया,

فَالِقُ ٱلْإِصْبَاحِ وَجَعَلَ ٱلَّيْلَ سَكَنًۭا

और सूर्य और चंद्रमा को एक गणना।

وَٱلشَّمْسَ وَٱلْقَمَرَ حُسْبَانًۭا

यही सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ द्वारा निर्धारित माप है।

ذَٰلِكَ تَقْدِيرُ ٱلْعَزِيزِ ٱلْعَلِيمِ

और वही है जिसने तुम्हारे लिए तारे बनाए, ताकि तुम उनके द्वारा थल और समुद्र के अँधेरों में मार्गदर्शन पाओ।

وَهُوَ ٱلَّذِى جَعَلَ لَكُمُ ٱلنُّجُومَ لِتَهْتَدُوا۟ بِهَا فِى ظُلُمَٰتِ ٱلْبَرِّ وَٱلْبَحْرِ

हमने उस क़ौम के लिए संकेतों का विवरण दिया जो जानती है।

قَدْ فَصَّلْنَا ٱلْءَايَٰتِ لِقَوْمٍۢ يَعْلَمُونَ

6:98

और वही है जिसने तुम्हें एक ही स्व से उत्पन्न किया — फिर एक ठौर और एक धरोहर।

وَهُوَ ٱلَّذِىٓ أَنشَأَكُم مِّن نَّفْسٍۢ وَٰحِدَةٍۢ فَمُسْتَقَرٌّۭ وَمُسْتَوْدَعٌۭ

हमने उस क़ौम के लिए संकेतों का विवरण दिया जो समझती है।

قَدْ فَصَّلْنَا ٱلْءَايَٰتِ لِقَوْمٍۢ يَفْقَهُونَ

और वही है जिसने आकाश से एक पानी उतारा, और हमने उससे हर चीज़ की वनस्पति निकाली; हमने उससे एक हरियाली निकाली, जिससे हम ढेर लगे दाने निकालते हैं, और खजूर से, उसके खोल से, हाथ की पहुँच के गुच्छे, और अंगूरों के उद्यान, ज़ैतून और अनार, समरूप और असमरूप।

وَهُوَ ٱلَّذِىٓ أَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءًۭ فَأَخْرَجْنَا بِهِۦ نَبَاتَ كُلِّ شَىْءٍۢ فَأَخْرَجْنَا مِنْهُ خَضِرًۭا نُّخْرِجُ مِنْهُ حَبًّۭا مُّتَرَاكِبًۭا وَمِنَ ٱلنَّخْلِ مِن طَلْعِهَا قِنْوَانٌۭ دَانِيَةٌۭ وَجَنَّٰتٍۢ مِّنْ أَعْنَابٍۢ وَٱلزَّيْتُونَ وَٱلرُّمَّانَ مُشْتَبِهًۭا وَغَيْرَ مُتَشَٰبِهٍ

उसके फल पर नज़र डालो, जब वह फलता है, और उसके पकने पर।

ٱنظُرُوٓا۟ إِلَىٰ ثَمَرِهِۦٓ إِذَآ أَثْمَرَ وَيَنْعِهِۦٓ

इसमें अवश्य उस क़ौम के लिए संकेत हैं जो विश्वास करती है।

إِنَّ فِى ذَٰلِكُمْ لَءَايَٰتٍۢ لِّقَوْمٍۢ يُؤْمِنُونَ

6:100

और उन्होंने ईश्वर के लिए साझीदार ठहराए: प्रच्छन्नों को, जबकि उसने उन्हें रचा है;

وَجَعَلُوا۟ لِلَّهِ شُرَكَآءَ ٱلْجِنَّ وَخَلَقَهُمْ

6:100

और उन्होंने बिना किसी ज्ञान के उस पर पुत्र और पुत्रियाँ आरोपित कर दीं।

وَخَرَقُوا۟ لَهُۥ بَنِينَ وَبَنَٰتٍۭ بِغَيْرِ عِلْمٍۢ

उसकी महिमा हो! वह उससे कहीं ऊपर है जो वे वर्णन करते हैं।

سُبْحَٰنَهُۥ وَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يَصِفُونَ

आकाशों और धरती का अभूतपूर्व रचयिता।

بَدِيعُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ

उसकी कोई संतान कैसे हो सकती है, जबकि उसकी कोई सहचरी नहीं,

أَنَّىٰ يَكُونُ لَهُۥ وَلَدٌۭ وَلَمْ تَكُن لَّهُۥ صَٰحِبَةٌۭ

और उसने हर चीज़ रची है,

وَخَلَقَ كُلَّ شَىْءٍۢ

और वह हर चीज़ के विषय में सर्वज्ञ है?

وَهُوَ بِكُلِّ شَىْءٍ عَلِيمٌۭ

यही ईश्वर है, तुम्हारा अभिभावक।

ذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمْ

उसके सिवा कोई देवता नहीं,

لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ

हर चीज़ का रचयिता;

خَٰلِقُ كُلِّ شَىْءٍۢ

इसलिए उसकी आज्ञा का पालन करो।

فَٱعْبُدُوهُ

6:102

वह हर चीज़ पर मुख़्तार है।

وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍۢ وَكِيلٌۭ

6:103

दृष्टियाँ उसे पकड़ नहीं पातीं,

لَّا تُدْرِكُهُ ٱلْأَبْصَٰرُ

6:103

परंतु वह दृष्टियों को पकड़ लेता है।

وَهُوَ يُدْرِكُ ٱلْأَبْصَٰرَ

6:103

वह सूक्ष्म, पूरी ख़बर रखने वाला है।

وَهُوَ ٱللَّطِيفُ ٱلْخَبِيرُ

तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास दूरदृष्टियाँ आई हैं।

قَدْ جَآءَكُم بَصَآئِرُ مِن رَّبِّكُمْ

जो स्पष्ट देखता है, वह अपने ही लिए है; और जो अंधा है, वह अपने ही अहित में है।

فَمَنْ أَبْصَرَ فَلِنَفْسِهِۦ وَمَنْ عَمِىَ فَعَلَيْهَا

और मैं तुम पर रक्षक नहीं हूँ।

وَمَآ أَنَا۠ عَلَيْكُم بِحَفِيظٍۢ

6:105

और इस प्रकार हम संकेतों को विविध करते हैं; और ताकि वे कहें: “तुमने अध्ययन किया है”, और ताकि हम उसे उस क़ौम के लिए स्पष्ट कर दें जो जानती है।

وَكَذَٰلِكَ نُصَرِّفُ ٱلْءَايَٰتِ وَلِيَقُولُوا۟ دَرَسْتَ وَلِنُبَيِّنَهُۥ لِقَوْمٍۢ يَعْلَمُونَ

जो तुम पर तुम्हारे अभिभावक की ओर से प्रकट किया गया है उसका अनुसरण करो।

ٱتَّبِعْ مَآ أُوحِىَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ

उसके सिवा कोई देवता नहीं,

لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ

और साझी ठहराने वालों से कतराओ।

وَأَعْرِضْ عَنِ ٱلْمُشْرِكِينَ

और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वे साझी न ठहराते।

وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَآ أَشْرَكُوا۟

और हमने तुम्हें उनका रक्षक नहीं बनाया,

وَمَا جَعَلْنَٰكَ عَلَيْهِمْ حَفِيظًۭا

6:107

और तुम उनके लिए मुख़्तार नहीं हो।

وَمَآ أَنتَ عَلَيْهِم بِوَكِيلٍۢ

6:108

और उन्हें गाली न दो जिन्हें वे ईश्वर के अतिरिक्त पुकारते हैं, कहीं ऐसा न हो कि वे शत्रुता में बिना जाने ईश्वर को गाली दें।

وَلَا تَسُبُّوا۟ ٱلَّذِينَ يَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ فَيَسُبُّوا۟ ٱللَّهَ عَدْوًۢا بِغَيْرِ عِلْمٍۢ

6:108

इसी प्रकार हमने हर समुदाय के लिए उसका कर्म सुंदर बना दिया;

كَذَٰلِكَ زَيَّنَّا لِكُلِّ أُمَّةٍ عَمَلَهُمْ

6:108

फिर उनके अभिभावक की ओर ही उनका लौटना होगा, और वह उन्हें सूचित करेगा कि वे क्या करते थे।

ثُمَّ إِلَىٰ رَبِّهِم مَّرْجِعُهُمْ فَيُنَبِّئُهُم بِمَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

और उन्होंने ईश्वर की शपथ खाई, अपनी शपथों के पूरे बल से, कि यदि उनके पास कोई संकेत आया, तो वे उस पर अवश्य विश्वास करेंगे।

وَأَقْسَمُوا۟ بِٱللَّهِ جَهْدَ أَيْمَٰنِهِمْ لَئِن جَآءَتْهُمْ ءَايَةٌۭ لَّيُؤْمِنُنَّ بِهَا

कहो: “संकेत केवल ईश्वर के पास हैं”;

قُلْ إِنَّمَا ٱلْءَايَٰتُ عِندَ ٱللَّهِ

6:109

और तुम्हें क्या इसका आभास कराता है?

وَمَا يُشْعِرُكُمْ

6:109

निश्चय ही, जब वह आएगा, वे उस पर विश्वास नहीं करेंगे।

أَنَّهَآ إِذَا جَآءَتْ لَا يُؤْمِنُونَ

और हम उनकी चेतनाओं और उनकी दृष्टियों को पलट देते हैं, जैसे उन्होंने पहली बार उस पर विश्वास नहीं किया था, और हम उन्हें उनकी मर्यादाहीनता में छोड़ देते हैं, जहाँ वे टटोलते फिरते हैं।

وَنُقَلِّبُ أَفْـِٔدَتَهُمْ وَأَبْصَٰرَهُمْ كَمَا لَمْ يُؤْمِنُوا۟ بِهِۦٓ أَوَّلَ مَرَّةٍۢ وَنَذَرُهُمْ فِى طُغْيَٰنِهِمْ يَعْمَهُونَ

6:111

और यदि हम उनकी ओर अभिकर्ताओं को उतारते, और मृतक उनसे बोलते, और हम उनके सामने हर चीज़ को आमने-सामने इकट्ठा कर देते, तब भी वे विश्वास न करते, जब तक ईश्वर की मर्ज़ी न हो;

وَلَوْ أَنَّنَا نَزَّلْنَآ إِلَيْهِمُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةَ وَكَلَّمَهُمُ ٱلْمَوْتَىٰ وَحَشَرْنَا عَلَيْهِمْ كُلَّ شَىْءٍۢ قُبُلًۭا مَّا كَانُوا۟ لِيُؤْمِنُوٓا۟ إِلَّآ أَن يَشَآءَ ٱللَّهُ

परंतु उनमें से अधिकतर अज्ञानी हैं।

وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ يَجْهَلُونَ

6:112

और इसी प्रकार हमने हर सूचनादाता के लिए एक शत्रु नियत किया: मनुष्यों और प्रच्छन्नों में से बहकाने वाले, जो एक-दूसरे के मन में एक सुनहरा कथन प्रकट करते हैं, छलने के लिए।

وَكَذَٰلِكَ جَعَلْنَا لِكُلِّ نَبِىٍّ عَدُوًّۭا شَيَٰطِينَ ٱلْإِنسِ وَٱلْجِنِّ يُوحِى بَعْضُهُمْ إِلَىٰ بَعْضٍۢ زُخْرُفَ ٱلْقَوْلِ غُرُورًۭا

6:112

और यदि तुम्हारे अभिभावक की मर्ज़ी होती, तो वे ऐसा न करते;

وَلَوْ شَآءَ رَبُّكَ مَا فَعَلُوهُ

6:112

इसलिए उन्हें और जो वे गढ़ते हैं उसे छोड़ दो।

فَذَرْهُمْ وَمَا يَفْتَرُونَ

6:113

और ताकि जो अंतिम जीवन पर विश्वास नहीं करते उनकी चेतनाएँ उसकी ओर झुक जाएँ, वे उससे संतुष्ट हो जाएँ, और वे वह कर बैठें जो उन्हें कर बैठना है।

وَلِتَصْغَىٰٓ إِلَيْهِ أَفْـِٔدَةُ ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِٱلْءَاخِرَةِ وَلِيَرْضَوْهُ وَلِيَقْتَرِفُوا۟ مَا هُم مُّقْتَرِفُونَ

6:114

तो क्या मैं ईश्वर के अतिरिक्त कोई और निर्णयकर्ता खोजूँ, जबकि वही है जिसने तुम पर ग्रंथ उतारा, विवरण सहित?

أَفَغَيْرَ ٱللَّهِ أَبْتَغِى حَكَمًۭا وَهُوَ ٱلَّذِىٓ أَنزَلَ إِلَيْكُمُ ٱلْكِتَٰبَ مُفَصَّلًۭا

6:114

और जिन्हें हमने ग्रंथ दिया वे जानते हैं कि वह तुम्हारे अभिभावक की ओर से पूर्ण सत्य के साथ उतारा गया है;

وَٱلَّذِينَ ءَاتَيْنَٰهُمُ ٱلْكِتَٰبَ يَعْلَمُونَ أَنَّهُۥ مُنَزَّلٌۭ مِّن رَّبِّكَ بِٱلْحَقِّ

इसलिए कभी वाद-प्रतिवाद में पड़ने वालों में से न होना।

فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمُمْتَرِينَ

6:115

और तुम्हारे अभिभावक का बोल पूर्ण हो चुका है, पूर्ण सच्चाई और पूर्ण न्याय के साथ।

وَتَمَّتْ كَلِمَتُ رَبِّكَ صِدْقًۭا وَعَدْلًۭا

6:115

उसके बोलों को कोई बदल नहीं सकता,

لَّا مُبَدِّلَ لِكَلِمَٰتِهِۦ

और वह सुनने वाला, सर्वज्ञ है।

وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ

6:116

और यदि तुम धरती पर रहने वालों में से अधिकतर की बात मानो, तो वे तुम्हें ईश्वर की राह से भटका देंगे।

وَإِن تُطِعْ أَكْثَرَ مَن فِى ٱلْأَرْضِ يُضِلُّوكَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ

6:116

वे केवल अनुमान का अनुसरण करते हैं,

إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا ٱلظَّنَّ

6:116

और वे केवल अटकल लगाते हैं।

وَإِنْ هُمْ إِلَّا يَخْرُصُونَ

तुम्हारा अभिभावक निश्चय ही सबसे अच्छी तरह जानता है कि कौन उसकी राह से भटकता है,

إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعْلَمُ مَن يَضِلُّ عَن سَبِيلِهِۦ

और वह मार्गदर्शन पाने वालों को सबसे अच्छी तरह जानता है।

وَهُوَ أَعْلَمُ بِٱلْمُهْتَدِينَ

तो उसमें से खाओ जिस पर ईश्वर का नाम स्मरण किया गया हो, यदि तुम उसके संकेतों पर विश्वास करने वाले हो।

فَكُلُوا۟ مِمَّا ذُكِرَ ٱسْمُ ٱللَّهِ عَلَيْهِ إِن كُنتُم بِـَٔايَٰتِهِۦ مُؤْمِنِينَ

6:119

और तुम्हें क्या हुआ है कि तुम उसमें से नहीं खाते जिस पर ईश्वर का नाम स्मरण किया गया, जबकि उसने तुम्हारे लिए विवरण दे दिया है कि उसने तुम पर क्या वर्जित किया, सिवा उसके जिसके लिए तुम विवश कर दिए गए हो?

وَمَا لَكُمْ أَلَّا تَأْكُلُوا۟ مِمَّا ذُكِرَ ٱسْمُ ٱللَّهِ عَلَيْهِ وَقَدْ فَصَّلَ لَكُم مَّا حَرَّمَ عَلَيْكُمْ إِلَّا مَا ٱضْطُرِرْتُمْ إِلَيْهِ

6:119

और बहुत-से अपनी भावनाओं से, बिना जाने, अवश्य भटकाते हैं,

وَإِنَّ كَثِيرًۭا لَّيُضِلُّونَ بِأَهْوَآئِهِم بِغَيْرِ عِلْمٍ

क्योंकि तुम्हारा अभिभावक सीमाएँ पार करने वालों को सबसे अच्छी तरह जानता है।

إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعْلَمُ بِٱلْمُعْتَدِينَ

और अपराध को छोड़ दो, खुले और भीतरी,

وَذَرُوا۟ ظَٰهِرَ ٱلْإِثْمِ وَبَاطِنَهُۥٓ

क्योंकि जो अपराध कमाते हैं उन्हें उसका प्रतिफल दिया जाएगा जो वे कर बैठते थे।

إِنَّ ٱلَّذِينَ يَكْسِبُونَ ٱلْإِثْمَ سَيُجْزَوْنَ بِمَا كَانُوا۟ يَقْتَرِفُونَ

और उसमें से न खाओ जिस पर ईश्वर का नाम स्मरण नहीं किया गया: वह अवश्य एक अतिक्रमण है।

وَلَا تَأْكُلُوا۟ مِمَّا لَمْ يُذْكَرِ ٱسْمُ ٱللَّهِ عَلَيْهِ وَإِنَّهُۥ لَفِسْقٌۭ

6:121

और बहकाने वाले अपने हिमायतियों के मन में अवश्य प्रकट करते हैं कि वे तुमसे बहस करें;

وَإِنَّ ٱلشَّيَٰطِينَ لَيُوحُونَ إِلَىٰٓ أَوْلِيَآئِهِمْ لِيُجَٰدِلُوكُمْ

और यदि तुम उनकी बात मानते, तो तुम अवश्य साझी ठहराने वालों में से होते।

وَإِنْ أَطَعْتُمُوهُمْ إِنَّكُمْ لَمُشْرِكُونَ

6:122

जो मृत था, और जिसे हमने जीवन दिया, और जिसके लिए हमने एक प्रकाश बनाया जिसके साथ वह लोगों के बीच चलता है, क्या वह उसके जैसा है जिसका उदाहरण अँधेरों में होना है, जो उनसे निकल नहीं सकता?

أَوَمَن كَانَ مَيْتًۭا فَأَحْيَيْنَٰهُ وَجَعَلْنَا لَهُۥ نُورًۭا يَمْشِى بِهِۦ فِى ٱلنَّاسِ كَمَن مَّثَلُهُۥ فِى ٱلظُّلُمَٰتِ لَيْسَ بِخَارِجٍۢ مِّنْهَا

इसी प्रकार नकारने वालों के लिए सुंदर बना दिए गए वे कार्य जो वे करते थे।

كَذَٰلِكَ زُيِّنَ لِلْكَٰفِرِينَ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

और इसी प्रकार हमने हर बस्ती में उसके बहिष्कृतों के सबसे बड़ों को रखा, ताकि वे वहाँ षड्यंत्र करें;

وَكَذَٰلِكَ جَعَلْنَا فِى كُلِّ قَرْيَةٍ أَكَٰبِرَ مُجْرِمِيهَا لِيَمْكُرُوا۟ فِيهَا

परंतु वे केवल अपने ही विरुद्ध षड्यंत्र करते हैं, और उन्हें इसका आभास नहीं।

وَمَا يَمْكُرُونَ إِلَّا بِأَنفُسِهِمْ وَمَا يَشْعُرُونَ

6:124

और जब उनके पास कोई संकेत आता है, तो वे कहते हैं: “हम विश्वास नहीं करेंगे, जब तक हमें उसके जैसा न दिया जाए जो ईश्वर के संदेशवाहकों को दिया गया।”

وَإِذَا جَآءَتْهُمْ ءَايَةٌۭ قَالُوا۟ لَن نُّؤْمِنَ حَتَّىٰ نُؤْتَىٰ مِثْلَ مَآ أُوتِىَ رُسُلُ ٱللَّهِ

6:124

ईश्वर सबसे अच्छी तरह जानता है कि अपना संदेश कहाँ रखे।

ٱللَّهُ أَعْلَمُ حَيْثُ يَجْعَلُ رِسَالَتَهُۥ

जो बहिष्कृत हुए हैं उन पर ईश्वर के पास से तिरस्कार और कठोर दंड आएगा, षड्यंत्र करने के कारण।

سَيُصِيبُ ٱلَّذِينَ أَجْرَمُوا۟ صَغَارٌ عِندَ ٱللَّهِ وَعَذَابٌۭ شَدِيدٌۢ بِمَا كَانُوا۟ يَمْكُرُونَ

6:125

जिसे ईश्वर मार्ग दिखाना चाहता है, उसका सीना वह ईश्वर के प्रति खरेपन के लिए खोल देता है;

فَمَن يُرِدِ ٱللَّهُ أَن يَهْدِيَهُۥ يَشْرَحْ صَدْرَهُۥ لِلْإِسْلَٰمِ

6:125

और जिसे वह भटकाना चाहता है, उसका सीना वह तंग और घुटा हुआ कर देता है, मानो वह आकाश में ऊपर चढ़ रहा हो।

وَمَن يُرِدْ أَن يُضِلَّهُۥ يَجْعَلْ صَدْرَهُۥ ضَيِّقًا حَرَجًۭا كَأَنَّمَا يَصَّعَّدُ فِى ٱلسَّمَآءِ

इसी प्रकार ईश्वर उन पर गंदगी रखता है जो विश्वास नहीं करते।

كَذَٰلِكَ يَجْعَلُ ٱللَّهُ ٱلرِّجْسَ عَلَى ٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ

और यह तुम्हारे अभिभावक का पथ है, सीधा।

وَهَٰذَا صِرَٰطُ رَبِّكَ مُسْتَقِيمًۭا

हमने उस क़ौम के लिए संकेतों का विवरण दिया जो स्मरण करती है।

قَدْ فَصَّلْنَا ٱلْءَايَٰتِ لِقَوْمٍۢ يَذَّكَّرُونَ

उनके लिए अपने अभिभावक के पास शांति का ठिकाना है,

لَهُمْ دَارُ ٱلسَّلَٰمِ عِندَ رَبِّهِمْ

और वह उनका आश्रयदाता है, उसके कारण जो वे करते थे।

وَهُوَ وَلِيُّهُم بِمَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ

6:128

और जिस दिन वह उन सबको इकट्ठा करेगा: “हे प्रच्छन्नों की सभा! तुमने अपने लिए बहुत-से मनुष्यों को ख़ूब कमा लिया”;

وَيَوْمَ يَحْشُرُهُمْ جَمِيعًۭا يَٰمَعْشَرَ ٱلْجِنِّ قَدِ ٱسْتَكْثَرْتُم مِّنَ ٱلْإِنسِ

और मनुष्यों में से उनके हिमायती कहेंगे: “हमारे अभिभावक, हमने एक-दूसरे का उपभोग किया, और हम अपनी उस अवधि तक पहुँच गए जो आपने हमारे लिए निर्धारित की थी।”

وَقَالَ أَوْلِيَآؤُهُم مِّنَ ٱلْإِنسِ رَبَّنَا ٱسْتَمْتَعَ بَعْضُنَا بِبَعْضٍۢ وَبَلَغْنَآ أَجَلَنَا ٱلَّذِىٓ أَجَّلْتَ لَنَا

वह कहेगा: “आग तुम्हारा निवास है, तुम उसमें सदा रहने वाले हो” — सिवा उसके जो ईश्वर की मर्ज़ी होगी,

قَالَ ٱلنَّارُ مَثْوَىٰكُمْ خَٰلِدِينَ فِيهَآ إِلَّا مَا شَآءَ ٱللَّهُ

क्योंकि तुम्हारा अभिभावक प्रज्ञावान, सर्वज्ञ है।

إِنَّ رَبَّكَ حَكِيمٌ عَلِيمٌۭ

और इसी प्रकार हम अन्यायियों को एक-दूसरे का हिमायती बनाते हैं, उसके कारण जो वे कमाते थे।

وَكَذَٰلِكَ نُوَلِّى بَعْضَ ٱلظَّٰلِمِينَ بَعْضًۢا بِمَا كَانُوا۟ يَكْسِبُونَ

6:130

“हे प्रच्छन्नों और मनुष्यों की सभा! क्या तुम्हारे पास तुम्हीं में से संदेशवाहक नहीं आए, जो तुम्हें मेरे संकेतों का वर्णन करते थे और तुम्हें तुम्हारे इस दिन के मिलन की चेतावनी देते थे?”

يَٰمَعْشَرَ ٱلْجِنِّ وَٱلْإِنسِ أَلَمْ يَأْتِكُمْ رُسُلٌۭ مِّنكُمْ يَقُصُّونَ عَلَيْكُمْ ءَايَٰتِى وَيُنذِرُونَكُمْ لِقَآءَ يَوْمِكُمْ هَٰذَا

वे कहेंगे: “हम अपने ही विरुद्ध साक्ष्य देते हैं”;

قَالُوا۟ شَهِدْنَا عَلَىٰٓ أَنفُسِنَا

और इहलोक के जीवन ने उन्हें छल लिया, और वे अपने ही विरुद्ध साक्ष्य देंगे कि वे नकारते थे।

وَغَرَّتْهُمُ ٱلْحَيَوٰةُ ٱلدُّنْيَا وَشَهِدُوا۟ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمْ أَنَّهُمْ كَانُوا۟ كَٰفِرِينَ

ऐसा इसलिए कि तुम्हारे अभिभावक की प्रकृति नहीं कि वह बस्तियों को अन्याय से नष्ट करे, जबकि वहाँ के निवासी लापरवाह हों।

ذَٰلِكَ أَن لَّمْ يَكُن رَّبُّكَ مُهْلِكَ ٱلْقُرَىٰ بِظُلْمٍۢ وَأَهْلُهَا غَٰفِلُونَ

और हर एक के लिए श्रेणियाँ हैं, उसके अनुसार जो उन्होंने किया।

وَلِكُلٍّۢ دَرَجَٰتٌۭ مِّمَّا عَمِلُوا۟

और तुम्हारा अभिभावक उससे लापरवाह नहीं जो वे करते हैं।

وَمَا رَبُّكَ بِغَٰفِلٍ عَمَّا يَعْمَلُونَ

और तुम्हारा अभिभावक धनी है, दया वाला।

وَرَبُّكَ ٱلْغَنِىُّ ذُو ٱلرَّحْمَةِ

यदि उसकी मर्ज़ी हो, तो तुम्हें ले जाता है, और तुम्हारे बाद जो उसकी मर्ज़ी हो, उसे उत्तराधिकारी बनाता है, जैसे उसने तुम्हें किसी और क़ौम की संतति से उत्पन्न किया।

إِن يَشَأْ يُذْهِبْكُمْ وَيَسْتَخْلِفْ مِنۢ بَعْدِكُم مَّا يَشَآءُ كَمَآ أَنشَأَكُم مِّن ذُرِّيَّةِ قَوْمٍ ءَاخَرِينَ

जिसका तुमसे वादा किया गया है वह अवश्य आएगा,

إِنَّ مَا تُوعَدُونَ لَءَاتٍۢ

और तुम उसे असमर्थ नहीं कर सकोगे।

وَمَآ أَنتُم بِمُعْجِزِينَ

6:135

कहो: “हे मेरी क़ौम! अपने स्थान के अनुसार कार्य करो, क्योंकि मैं भी कार्य करता हूँ।

قُلْ يَٰقَوْمِ ٱعْمَلُوا۟ عَلَىٰ مَكَانَتِكُمْ إِنِّى عَامِلٌۭ

तुम शीघ्र जान जाओगे कि ठिकाने का परिणाम किसके हिस्से आएगा,

فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ مَن تَكُونُ لَهُۥ عَٰقِبَةُ ٱلدَّارِ

क्योंकि अन्यायी सफल नहीं होते।”

إِنَّهُۥ لَا يُفْلِحُ ٱلظَّٰلِمُونَ

6:136

और उन्होंने ईश्वर के लिए, उसमें से जो उसने खेती और पशुधन के रूप में बिखेरा, एक भाग नियत किया, यह कहते हुए: “यह ईश्वर का है” — उनके दावे के अनुसार — “और यह हमारे साझीदारों का है”;

وَجَعَلُوا۟ لِلَّهِ مِمَّا ذَرَأَ مِنَ ٱلْحَرْثِ وَٱلْأَنْعَٰمِ نَصِيبًۭا فَقَالُوا۟ هَٰذَا لِلَّهِ بِزَعْمِهِمْ وَهَٰذَا لِشُرَكَآئِنَا

6:136

और जो उनके साझीदारों के लिए है वह ईश्वर तक नहीं पहुँचता,

فَمَا كَانَ لِشُرَكَآئِهِمْ فَلَا يَصِلُ إِلَى ٱللَّهِ

6:136

जबकि जो ईश्वर के लिए है, वह उनके साझीदारों तक पहुँचता है।

وَمَا كَانَ لِلَّهِ فَهُوَ يَصِلُ إِلَىٰ شُرَكَآئِهِمْ

6:136

कितना बुरा है उनका निर्णय!

سَآءَ مَا يَحْكُمُونَ

और इसी प्रकार उनके साझीदारों ने बहुत-से साझी ठहराने वालों के लिए उनके बच्चों की हत्या सुंदर बना दी, ताकि उन्हें उनके पतन तक पहुँचाएँ और उनके लिए उनके विधान को उलझा दें।

وَكَذَٰلِكَ زَيَّنَ لِكَثِيرٍۢ مِّنَ ٱلْمُشْرِكِينَ قَتْلَ أَوْلَٰدِهِمْ شُرَكَآؤُهُمْ لِيُرْدُوهُمْ وَلِيَلْبِسُوا۟ عَلَيْهِمْ دِينَهُمْ

और यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो वे ऐसा न करते;

وَلَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَا فَعَلُوهُ

इसलिए उन्हें और जो वे गढ़ते हैं उसे छोड़ दो।

فَذَرْهُمْ وَمَا يَفْتَرُونَ

6:138

और उन्होंने कहा: “ये पशुधन और खेती निषिद्ध हैं: इनसे कोई आहार नहीं लेगा, सिवा उसके जिस पर हमारी मर्ज़ी हो” — उनके दावे के अनुसार — “और ऐसा पशुधन जिसकी पीठ वर्जित है”, और ऐसा पशुधन जिस पर वे ईश्वर का नाम स्मरण नहीं करते, उसके विरुद्ध गढ़ंत के रूप में।

وَقَالُوا۟ هَٰذِهِۦٓ أَنْعَٰمٌۭ وَحَرْثٌ حِجْرٌۭ لَّا يَطْعَمُهَآ إِلَّا مَن نَّشَآءُ بِزَعْمِهِمْ وَأَنْعَٰمٌ حُرِّمَتْ ظُهُورُهَا وَأَنْعَٰمٌۭ لَّا يَذْكُرُونَ ٱسْمَ ٱللَّهِ عَلَيْهَا ٱفْتِرَآءً عَلَيْهِ

वह उन्हें उसका प्रतिफल देगा जो वे गढ़ते थे।

سَيَجْزِيهِم بِمَا كَانُوا۟ يَفْتَرُونَ

6:139

और उन्होंने कहा: “इस पशुधन के पेट में जो है वह विशेष रूप से हमारे नरों का है, और हमारे जोड़ीदारों के लिए वर्जित है”;

وَقَالُوا۟ مَا فِى بُطُونِ هَٰذِهِ ٱلْأَنْعَٰمِ خَالِصَةٌۭ لِّذُكُورِنَا وَمُحَرَّمٌ عَلَىٰٓ أَزْوَٰجِنَا

6:139

परंतु यदि वह मृत-जन्मा हो, तो वे सब उसमें भागीदार हैं।

وَإِن يَكُن مَّيْتَةًۭ فَهُمْ فِيهِ شُرَكَآءُ

वह उन्हें उनके आरोपण का प्रतिफल देगा,

سَيَجْزِيهِمْ وَصْفَهُمْ

क्योंकि वह प्रज्ञावान, सर्वज्ञ है।

إِنَّهُۥ حَكِيمٌ عَلِيمٌۭ

6:140

घाटा उठाने वाले हैं वे, जिन्होंने अपने बच्चों की हत्या कर दी मूर्खता से, बिना जाने, और जिसकी जीविका ईश्वर ने उन्हें दी थी उसे वर्जित ठहराया, ईश्वर के विरुद्ध गढ़ंत के रूप में।

قَدْ خَسِرَ ٱلَّذِينَ قَتَلُوٓا۟ أَوْلَٰدَهُمْ سَفَهًۢا بِغَيْرِ عِلْمٍۢ وَحَرَّمُوا۟ مَا رَزَقَهُمُ ٱللَّهُ ٱفْتِرَآءً عَلَى ٱللَّهِ

वे भटक गए, और वे मार्गदर्शन पाने वाले नहीं थे।

قَدْ ضَلُّوا۟ وَمَا كَانُوا۟ مُهْتَدِينَ

6:141

और वही है जिसने उद्यान उत्पन्न किए, जाली पर चढ़ाए गए और बिना जाली के, तथा खजूर और फ़सल, विविध भोजन वाली, और ज़ैतून और अनार, समरूप और असमरूप।

وَهُوَ ٱلَّذِىٓ أَنشَأَ جَنَّٰتٍۢ مَّعْرُوشَٰتٍۢ وَغَيْرَ مَعْرُوشَٰتٍۢ وَٱلنَّخْلَ وَٱلزَّرْعَ مُخْتَلِفًا أُكُلُهُۥ وَٱلزَّيْتُونَ وَٱلرُّمَّانَ مُتَشَٰبِهًۭا وَغَيْرَ مُتَشَٰبِهٍۢ

6:141

उसका फल खाओ, जब वह फलता है, और उसका हक़ दो, उसकी कटाई के दिन,

كُلُوا۟ مِن ثَمَرِهِۦٓ إِذَآ أَثْمَرَ وَءَاتُوا۟ حَقَّهُۥ يَوْمَ حَصَادِهِۦ

परंतु अपव्यय न करो,

وَلَا تُسْرِفُوٓا۟

क्योंकि वह अपव्यय करने वालों से प्रेम नहीं करता।

إِنَّهُۥ لَا يُحِبُّ ٱلْمُسْرِفِينَ

और पशुधन में बोझ ढोने वाले पशु और ऊन वाले पशु हैं।

وَمِنَ ٱلْأَنْعَٰمِ حَمُولَةًۭ وَفَرْشًۭا

उसमें से खाओ जिसकी जीविका ईश्वर ने तुम्हें दी,

كُلُوا۟ مِمَّا رَزَقَكُمُ ٱللَّهُ

6:142

और बहकाने वाले के क़दमों का अनुसरण न करो,

وَلَا تَتَّبِعُوا۟ خُطُوَٰتِ ٱلشَّيْطَٰنِ

क्योंकि वह तुम्हारे लिए एक स्पष्ट शत्रु है।

إِنَّهُۥ لَكُمْ عَدُوٌّۭ مُّبِينٌۭ

आठ, जोड़ों में:

ثَمَٰنِيَةَ أَزْوَٰجٍۢ

6:143

भेड़ों में से दो, और बकरियों में से दो।

مِّنَ ٱلضَّأْنِ ٱثْنَيْنِ وَمِنَ ٱلْمَعْزِ ٱثْنَيْنِ

कहो: “क्या उसने दोनों नर वर्जित ठहराए, या दोनों मादाएँ, या वह जो दोनों मादाओं के गर्भाशयों में है?

قُلْ ءَآلذَّكَرَيْنِ حَرَّمَ أَمِ ٱلْأُنثَيَيْنِ أَمَّا ٱشْتَمَلَتْ عَلَيْهِ أَرْحَامُ ٱلْأُنثَيَيْنِ

मुझे पूर्ण ज्ञान के साथ सूचित करो, यदि तुम सच्चे हो।”

نَبِّـُٔونِى بِعِلْمٍ إِن كُنتُمْ صَٰدِقِينَ

6:144

और भारी-भरकम पशुओं में से दो, और गाय-बैलों में से दो।

وَمِنَ ٱلْإِبِلِ ٱثْنَيْنِ وَمِنَ ٱلْبَقَرِ ٱثْنَيْنِ

कहो: “क्या उसने दोनों नर वर्जित ठहराए, या दोनों मादाएँ, या वह जो दोनों मादाओं के गर्भाशयों में है?

قُلْ ءَآلذَّكَرَيْنِ حَرَّمَ أَمِ ٱلْأُنثَيَيْنِ أَمَّا ٱشْتَمَلَتْ عَلَيْهِ أَرْحَامُ ٱلْأُنثَيَيْنِ

या फिर तुम साक्षी थे, जब ईश्वर ने तुम्हें इसकी अनुशंसा की?”

أَمْ كُنتُمْ شُهَدَآءَ إِذْ وَصَّىٰكُمُ ٱللَّهُ بِهَٰذَا

तो उससे बढ़कर अन्यायी कौन है जो ईश्वर के विरुद्ध झूठ गढ़ता है, बिना जाने लोगों को भटकाने के लिए?

فَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنِ ٱفْتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ كَذِبًۭا لِّيُضِلَّ ٱلنَّاسَ بِغَيْرِ عِلْمٍ

ईश्वर अन्यायी क़ौम को निश्चय ही मार्ग नहीं दिखाता।

إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلظَّٰلِمِينَ

6:145

कहो: “जो मुझ पर प्रकट किया गया है उसमें मैं किसी ऐसे के लिए कुछ वर्जित नहीं पाता जो उससे आहार लेना चाहे, सिवा इसके कि वह मरा हुआ पशु हो, या बहाया हुआ रक्त, या सूअर का मांस — क्योंकि वह गंदगी है —

قُل لَّآ أَجِدُ فِى مَآ أُوحِىَ إِلَىَّ مُحَرَّمًا عَلَىٰ طَاعِمٍۢ يَطْعَمُهُۥٓ إِلَّآ أَن يَكُونَ مَيْتَةً أَوْ دَمًۭا مَّسْفُوحًا أَوْ لَحْمَ خِنزِيرٍۢ فَإِنَّهُۥ رِجْسٌ

6:145

या एक अतिक्रमण जो ईश्वर के अतिरिक्त किसी और के लिए समर्पित किया गया हो।

أَوْ فِسْقًا أُهِلَّ لِغَيْرِ ٱللَّهِ بِهِۦ

6:145

परंतु जो कोई उसके लिए विवश कर दिया जाए, बिना विद्रोही हुए और बिना सीमाएँ पार किए — तो तुम्हारा अभिभावक निश्चय ही अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।”

فَمَنِ ٱضْطُرَّ غَيْرَ بَاغٍۢ وَلَا عَادٍۢ فَإِنَّ رَبَّكَ غَفُورٌۭ رَّحِيمٌۭ

और पुनरुन्मुखों पर हमने हर बिना फटे नाख़ून वाले को वर्जित किया: और गाय-बैल और भेड़-वर्ग में से,

وَعَلَى ٱلَّذِينَ هَادُوا۟ حَرَّمْنَا كُلَّ ذِى ظُفُرٍۢ وَمِنَ ٱلْبَقَرِ وَٱلْغَنَمِ

हमने उन पर उनकी चर्बियाँ वर्जित कीं, सिवा उसके जो उनकी पीठें वहन करती हों, या आँतें, या जो हड्डी से मिला हो।

حَرَّمْنَا عَلَيْهِمْ شُحُومَهُمَآ إِلَّا مَا حَمَلَتْ ظُهُورُهُمَآ أَوِ ٱلْحَوَايَآ أَوْ مَا ٱخْتَلَطَ بِعَظْمٍۢ

इस प्रकार हमने उन्हें उनकी ज़्यादती का प्रतिफल दिया,

ذَٰلِكَ جَزَيْنَٰهُم بِبَغْيِهِمْ

और हम अवश्य सच्चे हैं।

وَإِنَّا لَصَٰدِقُونَ

यदि वे तुम्हें झुठलाएँ, तो कहो: “तुम्हारा अभिभावक व्यापक दया वाला है,

فَإِن كَذَّبُوكَ فَقُل رَّبُّكُمْ ذُو رَحْمَةٍۢ وَٰسِعَةٍۢ

और उसकी कठोरता बहिष्कृतों की क़ौम से हटाई नहीं जाएगी।”

وَلَا يُرَدُّ بَأْسُهُۥ عَنِ ٱلْقَوْمِ ٱلْمُجْرِمِينَ

जिन्होंने साझी ठहराया वे कहेंगे: “यदि ईश्वर की मर्ज़ी होती, तो न हम साझी ठहराते और न हमारे पूर्वज, और हम कुछ भी वर्जित न ठहराते।”

سَيَقُولُ ٱلَّذِينَ أَشْرَكُوا۟ لَوْ شَآءَ ٱللَّهُ مَآ أَشْرَكْنَا وَلَآ ءَابَآؤُنَا وَلَا حَرَّمْنَا مِن شَىْءٍۢ

इसी प्रकार उनसे पहले वालों ने झुठलाया, यहाँ तक कि उन्होंने हमारी कठोरता चख ली।

كَذَٰلِكَ كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ حَتَّىٰ ذَاقُوا۟ بَأْسَنَا

कहो: “क्या तुम्हारे पास कोई ज्ञान है, जिसे तुम हमारे लिए निकाल सको?

قُلْ هَلْ عِندَكُم مِّنْ عِلْمٍۢ فَتُخْرِجُوهُ لَنَآ

तुम केवल अनुमान का अनुसरण करते हो,

إِن تَتَّبِعُونَ إِلَّا ٱلظَّنَّ

और तुम केवल अटकल लगाते हो।”

وَإِنْ أَنتُمْ إِلَّا تَخْرُصُونَ

कहो: “निर्णायक तर्क ईश्वर का है।

قُلْ فَلِلَّهِ ٱلْحُجَّةُ ٱلْبَٰلِغَةُ

यदि उसकी मर्ज़ी होती, तो वह तुम सबको मार्ग दिखा देता।”

فَلَوْ شَآءَ لَهَدَىٰكُمْ أَجْمَعِينَ

कहो: “अपने साक्षी लाओ, जो साक्ष्य दें कि ईश्वर ने इसे वर्जित ठहराया है।”

قُلْ هَلُمَّ شُهَدَآءَكُمُ ٱلَّذِينَ يَشْهَدُونَ أَنَّ ٱللَّهَ حَرَّمَ هَٰذَا

यदि वे साक्ष्य दें, तो उनके साथ साक्ष्य न दो,

فَإِن شَهِدُوا۟ فَلَا تَشْهَدْ مَعَهُمْ

और उनकी भावनाओं का अनुसरण न करो जिन्होंने हमारे संकेतों को झुठलाया, और जो अंतिम जीवन पर विश्वास नहीं करते, और जो अपने अभिभावक के बराबर प्रतिभार ठहराते हैं।

وَلَا تَتَّبِعْ أَهْوَآءَ ٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَٰتِنَا وَٱلَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِٱلْءَاخِرَةِ وَهُم بِرَبِّهِمْ يَعْدِلُونَ

6:151

कहो: “आओ, मैं सुनाऊँ कि तुम्हारे अभिभावक ने तुम पर क्या वर्जित किया: उसके साथ कुछ भी साझी न ठहराओ;

قُلْ تَعَالَوْا۟ أَتْلُ مَا حَرَّمَ رَبُّكُمْ عَلَيْكُمْ أَلَّا تُشْرِكُوا۟ بِهِۦ شَيْـًۭٔا

6:151

माता-पिता दोनों के प्रति भलाई;

وَبِٱلْوَٰلِدَيْنِ إِحْسَٰنًۭا

6:151

और अभाव के कारण अपने बच्चों की हत्या न करो —

وَلَا تَقْتُلُوٓا۟ أَوْلَٰدَكُم مِّنْ إِمْلَٰقٍۢ

6:151

हम ही तुम्हें जीविका देते हैं, और उन्हें भी;

نَّحْنُ نَرْزُقُكُمْ وَإِيَّاهُمْ

6:151

और निर्लज्जताओं के पास न जाओ, खुले हों या भीतरी;

وَلَا تَقْرَبُوا۟ ٱلْفَوَٰحِشَ مَا ظَهَرَ مِنْهَا وَمَا بَطَنَ

6:151

और उस स्व की हत्या न करो जिसे ईश्वर ने अलंघनीय किया है, सिवा उचित अधिकार के;

وَلَا تَقْتُلُوا۟ ٱلنَّفْسَ ٱلَّتِى حَرَّمَ ٱللَّهُ إِلَّا بِٱلْحَقِّ

6:151

यही है जिसकी उसने तुम्हें अनुशंसा की, शायद तुम बुद्धि से काम लो।

ذَٰلِكُمْ وَصَّىٰكُم بِهِۦ لَعَلَّكُمْ تَعْقِلُونَ

6:152

और अनाथ की संपत्ति के पास न जाओ, सिवा सबसे सुंदर ढंग के, जब तक वह अपनी पूर्ण परिपक्वता तक न पहुँचे;

وَلَا تَقْرَبُوا۟ مَالَ ٱلْيَتِيمِ إِلَّا بِٱلَّتِى هِىَ أَحْسَنُ حَتَّىٰ يَبْلُغَ أَشُدَّهُۥ

6:152

और माप और तराज़ू निष्ठापूर्वक दो, निष्पक्षता से —

وَأَوْفُوا۟ ٱلْكَيْلَ وَٱلْمِيزَانَ بِٱلْقِسْطِ

6:152

हम किसी स्व पर उसकी क्षमता के सिवा कुछ नहीं डालते —

لَا نُكَلِّفُ نَفْسًا إِلَّا وُسْعَهَا

6:152

और जब तुम कोई कथन कहो, तो न्यायी रहो, चाहे वह किसी निकट के संबंधी के प्रति हो;

وَإِذَا قُلْتُمْ فَٱعْدِلُوا۟ وَلَوْ كَانَ ذَا قُرْبَىٰ

6:152

और ईश्वर की संधि के प्रति निष्ठावान रहो:

وَبِعَهْدِ ٱللَّهِ أَوْفُوا۟

6:152

यही है जिसकी उसने तुम्हें अनुशंसा की, शायद तुम स्मरण करो।

ذَٰلِكُمْ وَصَّىٰكُم بِهِۦ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ

6:153

और: यह मेरा पथ है, सीधा; इसलिए इसका अनुसरण करो,

وَأَنَّ هَٰذَا صِرَٰطِى مُسْتَقِيمًۭا فَٱتَّبِعُوهُ

6:153

और राहों का अनुसरण न करो, जो तुम्हें उसकी राह से अलग कर देंगी:

وَلَا تَتَّبِعُوا۟ ٱلسُّبُلَ فَتَفَرَّقَ بِكُمْ عَن سَبِيلِهِۦ

6:153

यही है जिसकी उसने तुम्हें अनुशंसा की, शायद तुम सावधान रहो।”

ذَٰلِكُمْ وَصَّىٰكُم بِهِۦ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ

6:154

फिर हमने मूसा को ग्रंथ दिया, भलाई करने वाले के प्रति पूर्णता के रूप में, हर चीज़ के विवरण के रूप में, मार्गदर्शन और दया के रूप में, शायद वे अपने अभिभावक से मिलन पर विश्वास करें।

ثُمَّ ءَاتَيْنَا مُوسَى ٱلْكِتَٰبَ تَمَامًا عَلَى ٱلَّذِىٓ أَحْسَنَ وَتَفْصِيلًۭا لِّكُلِّ شَىْءٍۢ وَهُدًۭى وَرَحْمَةًۭ لَّعَلَّهُم بِلِقَآءِ رَبِّهِمْ يُؤْمِنُونَ

6:155–157

और यह एक ग्रंथ है जिसे हमने उतारा, आशीषित; इसलिए इसका अनुसरण करो, और सावधान रहो, शायद तुम पर दया की जाए — कहीं ऐसा न हो कि तुम कहो: “ग्रंथ तो हमसे पहले केवल दो समूहों पर उतारा गया था, और हम उनके अध्ययन से अवश्य लापरवाह थे”, या यह कि तुम कहो: “यदि ग्रंथ हम पर उतारा जाता, तो हम उनसे अधिक मार्गदर्शन पाए हुए होते।”

وَهَٰذَا كِتَٰبٌ أَنزَلْنَٰهُ مُبَارَكٌۭ فَٱتَّبِعُوهُ وَٱتَّقُوا۟ لَعَلَّكُمْ تُرْحَمُونَ أَن تَقُولُوٓا۟ إِنَّمَآ أُنزِلَ ٱلْكِتَٰبُ عَلَىٰ طَآئِفَتَيْنِ مِن قَبْلِنَا وَإِن كُنَّا عَن دِرَاسَتِهِمْ لَغَٰفِلِينَ أَوْ تَقُولُوا۟ لَوْ أَنَّآ أُنزِلَ عَلَيْنَا ٱلْكِتَٰبُ لَكُنَّآ أَهْدَىٰ مِنْهُمْ

तो तुम्हारे अभिभावक की ओर से तुम्हारे पास एक स्पष्ट प्रमाण आ गया है, तथा एक मार्गदर्शन और एक दया।

فَقَدْ جَآءَكُم بَيِّنَةٌۭ مِّن رَّبِّكُمْ وَهُدًۭى وَرَحْمَةٌۭ

तो उससे बढ़कर अन्यायी कौन है जिसने ईश्वर के संकेतों को झुठलाया और जो उनसे बच निकला?

فَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّن كَذَّبَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَصَدَفَ عَنْهَا

जो हमारे संकेतों से बच निकलते हैं, उन्हें हम बुरे दंड का प्रतिफल देंगे, उनसे बच निकलने के कारण।

سَنَجْزِى ٱلَّذِينَ يَصْدِفُونَ عَنْ ءَايَٰتِنَا سُوٓءَ ٱلْعَذَابِ بِمَا كَانُوا۟ يَصْدِفُونَ

6:158

क्या वे केवल इसकी प्रतीक्षा करते हैं कि अभिकर्ता उनके पास आएँ, या तुम्हारा अभिभावक आए, या तुम्हारे अभिभावक के कुछ संकेत आएँ?

هَلْ يَنظُرُونَ إِلَّآ أَن تَأْتِيَهُمُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةُ أَوْ يَأْتِىَ رَبُّكَ أَوْ يَأْتِىَ بَعْضُ ءَايَٰتِ رَبِّكَ

जिस दिन तुम्हारे अभिभावक के कुछ संकेत आएँगे, किसी स्व को उसका विश्वास लाभ नहीं देगा, यदि उसने पहले विश्वास न किया हो, या अपने विश्वास में कोई अच्छाई न कमाई हो।

يَوْمَ يَأْتِى بَعْضُ ءَايَٰتِ رَبِّكَ لَا يَنفَعُ نَفْسًا إِيمَٰنُهَا لَمْ تَكُنْ ءَامَنَتْ مِن قَبْلُ أَوْ كَسَبَتْ فِىٓ إِيمَٰنِهَا خَيْرًۭا

कहो: “प्रतीक्षा करो,

قُلِ ٱنتَظِرُوٓا۟

क्योंकि हम प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

إِنَّا مُنتَظِرُونَ

6:159

निश्चय ही, जिन्होंने अपने विधान में फूट डाली और जो गुट बन गए, तुम उनसे किसी भी बात में बँधे हुए नहीं हो।

إِنَّ ٱلَّذِينَ فَرَّقُوا۟ دِينَهُمْ وَكَانُوا۟ شِيَعًۭا لَّسْتَ مِنْهُمْ فِى شَىْءٍ

6:159

उनका मामला केवल ईश्वर के अधीन है,

إِنَّمَآ أَمْرُهُمْ إِلَى ٱللَّهِ

6:159

फिर वह उन्हें सूचित करेगा कि वे क्या करते थे।

ثُمَّ يُنَبِّئُهُم بِمَا كَانُوا۟ يَفْعَلُونَ

जो कोई भलाई लेकर आए, उसके लिए उसके समकक्ष का दस गुना है,

مَن جَآءَ بِٱلْحَسَنَةِ فَلَهُۥ عَشْرُ أَمْثَالِهَا

और जो कोई बुरा कर्म लेकर आए, उसे केवल उसके समकक्ष का प्रतिफल दिया जाता है, अन्याय सहे बिना।

وَمَن جَآءَ بِٱلسَّيِّئَةِ فَلَا يُجْزَىٰٓ إِلَّا مِثْلَهَا وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ

कहो: “मेरे अभिभावक ने मुझे निश्चय ही सीधे पथ की ओर मार्ग दिखाया है,

قُلْ إِنَّنِى هَدَىٰنِى رَبِّىٓ إِلَىٰ صِرَٰطٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ

6:161

एक सीधा विधान, इब्राहीम का मत, जो पूरी तरह ईश्वर की ओर मुड़ा हुआ था;

دِينًۭا قِيَمًۭا مِّلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًۭا

और वह साझी ठहराने वालों में से नहीं था।”

وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ

6:162–163

कहो: “मेरा संपर्क, मेरा हितकारी आचरण, मेरा जीवन और मेरी मृत्यु निश्चय ही ईश्वर के हैं, जो सभी प्राणियों का अभिभावक है; उसका कोई साझी नहीं।

قُلْ إِنَّ صَلَاتِى وَنُسُكِى وَمَحْيَاىَ وَمَمَاتِى لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ لَا شَرِيكَ لَهُۥ

और यही मुझे आदेश दिया गया है,

وَبِذَٰلِكَ أُمِرْتُ

और मैं ईश्वर के प्रति खरों में पहला हूँ।”

وَأَنَا۠ أَوَّلُ ٱلْمُسْلِمِينَ

6:164

कहो: “क्या मैं ईश्वर के अतिरिक्त कोई और अभिभावक खोजूँ, जबकि वह हर चीज़ का अभिभावक है?”

قُلْ أَغَيْرَ ٱللَّهِ أَبْغِى رَبًّۭا وَهُوَ رَبُّ كُلِّ شَىْءٍۢ

6:164

और हर स्व केवल अपने ही विरुद्ध कमाता है,

وَلَا تَكْسِبُ كُلُّ نَفْسٍ إِلَّا عَلَيْهَا

6:164

और कोई बोझ वहन करने वाला किसी दूसरे का बोझ वहन नहीं करेगा।

وَلَا تَزِرُ وَازِرَةٌۭ وِزْرَ أُخْرَىٰ

6:164

फिर तुम्हारे अभिभावक की ओर ही तुम्हारा लौटना है, और वह तुम्हें उस विषय में सूचित करेगा जिसमें तुम मतभेद करते थे।

ثُمَّ إِلَىٰ رَبِّكُم مَّرْجِعُكُمْ فَيُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمْ فِيهِ تَخْتَلِفُونَ

और वही है जिसने तुम्हें धरती पर उत्तराधिकारी बनाया, और तुममें से कुछ को दूसरों से श्रेणियों में ऊँचा किया, ताकि वह तुम्हें उसमें परखे जो उसने तुम्हें दिया है।

وَهُوَ ٱلَّذِى جَعَلَكُمْ خَلَٰٓئِفَ ٱلْأَرْضِ وَرَفَعَ بَعْضَكُمْ فَوْقَ بَعْضٍۢ دَرَجَٰتٍۢ لِّيَبْلُوَكُمْ فِى مَآ ءَاتَىٰكُمْ

तुम्हारा अभिभावक निश्चय ही सज़ा देने में शीघ्र है,

إِنَّ رَبَّكَ سَرِيعُ ٱلْعِقَابِ

और वह अवश्य अत्यंत क्षमाशील, दयालु है।

وَإِنَّهُۥ لَغَفُورٌۭ رَّحِيمٌۢ

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